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मुरादाबाद में यूजीसी के विरोध में प्रदर्शन, सवर्ण समाज के संगठनों ने कलेक्ट्रेट पर प्रदर्शन कर डीएम को ज्ञापन सौंपा

January 30, 2026

मुरादाबाद में यूजीसी के विरोध में प्रदर्शन, सवर्ण समाज के संगठनों ने कलेक्ट्रेट पर प्रदर्शन कर डीएम को ज्ञापन सौंपा

Upar Casts Rally in Moradabad due to rollback UGC Rules

यूजीसी नियमों के खिलाफ मुरादाबाद कलेक्ट्रेट में प्रदर्शन करते सवर्ण समाज के लोग
फोटो : सुहेल खां

Published on 30.01.2026, Time 10.14, Friday, Content Source : Rajesh Bhatia Moradabad, UP Web News, Image Credit: Suhail Khan

मुरादाबाद, 29 जनवरी 2026,  (उप्र समाचार सेवा)
सुप्रीम कोर्ट की रोक के बीच गुरुवार को यूजीसी के नए नियमों का जमकर विरोध हुआ। सवर्ण समाज संगठन के कार्यकर्ता अंबेडकर पार्क में एकत्रित हुए और कलेक्ट्रेट तक जुलूस निकाला। प्रदर्शनकारियों ने जमकर नारेबाजी की।इस नियम को विभाजनकारी मानते हुए सिटी मजिस्ट्रेट को ज्ञापन सौंपा।
सवर्ण समाज संगठन से जुड़े लोग यूजीसी के नए नियम के खिलाफ सड़कों पर उतरे। अखिल भारतीय ब्राह्मण महासभा, अखिल भारतीय अग्रवाल महासभा, क्षत्रिय महासभा, कायस्थ महासभा के कार्यकर्ता विरोध में उतरे और प्रदर्शन किया। सिविल लाइंस में आंबेडकर पार्क में इकट्ठा होकर कार्यकर्ताओं ने यूजीसी पर आक्रोश जताया। प्रदर्शनकारी यूजीसी गो बैक, काला कानून वापस लेने की तख्तियां लिए हुए थे। जुलूस निकालते हुए कलेक्ट्रेट पहुंचे कार्यकर्ताओं ने यूजीसी 2026 में विवादास्पद प्रावधानों पर कड़ा एतराज जताया।बाद में सिटी मजिस्ट्रेट विनय पांडेय को ज्ञापन सौंपा गया।

January 29, 2026

अक्रूर इंटर कॉलेज में लेंटर गिरने से तीन मजदूर घायल, एक की हालत गंभीर

हाथरस, 29 जनवरी (उत्तर प्रदेश समाचार सेवा)। शहर के बागला कॉलेज रोड स्थित अक्रूर इंटर कॉलेज परिसर में निर्माण कार्य के दौरान बड़ा हादसा हो गया। भगवान भोलेनाथ मंदिर के बाहर लेंटर डालते समय शटरिंग और सरिया सहित लेंटर अचानक नीचे गिर गया, जिससे मलबे में दबकर तीन मजदूर घायल हो गए। घटना से मौके पर अफरा-तफरी मच गई और क्षेत्र में हड़कंप फैल गया।
स्थानीय लोगों और अन्य मजदूरों की मदद से घायलों को मलबे से बाहर निकाला गया और तत्काल जिला अस्पताल पहुंचाया गया। घायलों की पहचान भारत पुत्र रमेश चंद्र, योगेंद्र पुत्र मनोहर लाल निवासी अमरपुर घना थाना हाथरस गेट तथा अजय पुत्र सुनील निवासी नगला इमलिया थाना हाथरस जंक्शन के रूप में हुई है। इनमें भारत की हालत गंभीर होने पर उसे अलीगढ़ मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया गया है।
घटना की सूचना मिलते ही घायलों के परिजन भी अस्पताल पहुंच गए। बताया जा रहा है कि हादसे के बाद मौके से ठेकेदार और निर्माण कार्य का मालिक फरार हो गए। थाना कोतवाली हाथरस गेट पुलिस मामले की जांच में जुटी है।

हाथरस में अलंकार अग्निहोत्री का ऐलान 1 फरवरी को भारत बंद, 7 को हाथरस से दिल्ली तक पैदल मार्च

पूर्व सिटी मजिस्ट्रेट अलंकार अग्निहोत्री बोले कानून वापस नहीं हुआ तो आंदोलन होगा तेज
Alankar Agnihotri in Hathras

हाथरस में अलंकार अग्निहोत्री सवर्ण नेताओं से वार्ता करते हुए

वार्ता करते  पूर्व सिटी मजिस्ट्रेट अलंकार अग्निहोत्री व  राष्ट्रीय सवर्ण परिषद के राष्ट्रीय अध्यक्ष पंकज धवरिया

Published on 29.01.2026, Thursday, 10:21 PM, Report by Neeraj Chakrapani, Hathras, UP Samachar Sewa
हाथरस, 29 जनवरी (यूपी समाचार सेवा)। इस्तीफा दे चुके बरेली के पूर्व सिटी मजिस्ट्रेट अलंकार अग्निहोत्री ने राष्ट्रीय सवर्ण परिषद के साथ संयुक्त रूप से हाथरस में प्रेस वार्ता कर यूजीसी कानून के विरोध में 1 फरवरी को भारत बंद तथा 7 फरवरी को हाथरस से दिल्ली पीएमओ कार्यालय तक पैदल मार्च का एलान किया।
प्रेस वार्ता के दौरान अलंकार अग्निहोत्री ने सांसदों और विधायकों पर निशाना साधते हुए कहा कि समय रहते इस कानून पर कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया, जिसके कारण सुप्रीम कोर्ट को हस्तक्षेप करना पड़ा। उन्होंने कहा कि केवल रोक लगाना पर्याप्त नहीं है, बल्कि पूरे यूजीसी कानून को वापस लिया जाना चाहिए। उन्होंने सवर्ण समाज से आंदोलन में बढ़-चढ़कर भाग लेने की अपील की।
राष्ट्रीय सवर्ण परिषद के राष्ट्रीय अध्यक्ष पंकज धवरिया ने कहा कि यह कानून सवर्ण समाज के भविष्य पर सीधा प्रहार है और इससे बच्चों का भविष्य प्रभावित होगा। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि सरकार ने कानून वापस नहीं लिया तो आंदोलन और अधिक उग्र किया जाएगा।
इससे पूर्व जिले में पहुंचने पर राष्ट्रीय सवर्ण परिषद द्वारा निलंबित सिटी मजिस्ट्रेट अलंकार अग्निहोत्री का फूल मालाओं से स्वागत किया गया। बड़ी संख्या में सवर्ण समाज के लोग मौजूद रहे।
अलंकार अग्निहोत्री ने सुप्रीम कोर्ट द्वारा यूजीसी कानून पर रोक लगाए जाने को लोकतंत्र की जीत बताया। उन्होंने कहा कि सांसद और विधायक कॉर्पोरेट कंपनियों के हित में काम कर रहे हैं और यह कानून देश को नुकसान पहुंचाने वाला है। उन्होंने शहीद पार्क में शहीद भगत सिंह की प्रतिमा पर माल्यार्पण भी किया।
पत्रकारों से बातचीत में उन्होंने कहा कि सर्वोच्च न्यायालय का धन्यवाद है जिसने इस कानून पर रोक लगाई और केंद्र सरकार को नोटिस जारी किया। उन्होंने कहा कि यूजीसी रेगुलेशन के तहत सवर्ण समाज को पहले से ही अपराधी मानकर नियम लागू किए गए, जिससे समाज के बच्चों का भविष्य संकट में पड़ सकता था।
उन्होंने कहा कि जब किसी भी जनप्रतिनिधि की ओर से इस मुद्दे पर कोई प्रतिक्रिया नहीं आई, तब उन्हें लगा कि सिस्टम के अंदर के व्यक्ति को बाहर आकर आवाज उठानी होगी। उन्होंने भरोसा जताया कि अब जनता जाग चुकी है और यह कानून किसी भी कीमत पर लागू नहीं हो पाएगा।
प्रेस वार्ता में परिषद के पदाधिकारी और कार्यकर्ता बड़ी संख्या में मौजूद रहे।

दुर्घटना में घायल एवं दिवंगत युवक के परिवार की हर संभव मदद की जाएगी -विधायक रामरतन


ललितपुर ML A

Published on 29.01.2026, Thursday, 09:57 PM, Report by Ajay Varya , Lalitpur, UP Samachar Sewa

ललितपुर, 29 जनवरी (उप्रससे अजय बरया)- सदर विधायक रामरतन कुशवाहा और लोकप्रिय जिलाध्यक्ष हरिश्चंद्र रावत ने बरखेरा में दुर्घटना में दिवंगत शिवेंद्र सिंह और घायलों अनुज,शंकर यादव के परिवार में जाकर ढाढस बंधाया। सभी तरह की मदद का आश्वासन दिया तथा झांसी सांसद प्रतिनिधि मनीष दीक्षित से सभी समुचित चिकित्सीय सुविधाएं दिलाने और हर संभव सहयोग करने के लिए अनुरौध किया।
भाजपा और विधायक रामरतन कुशवाहा ने कहा कि की विधान सभा का हर वोटर हमारा परिवार है।पूरी भाजपा उनके साथ है। हम हर तरीके से न्याय दिलाने का प्रयास करेंगे

एटा में यूजीसी एक्ट के विरोध में भारतीय मीडिया फाउंडेशन ने पैदल मार्च कर कलेक्ट्रेट में ज्ञापन सौंपा

एटा में यूजीसी के विरोध में प्रदर्शन

Published on 29.01.2026, Thursday, 09:45 PM, Report by Anuj Mishra , Etah, UP Samachar Sewa

एटा 29 जनवरी उप्रससे। भारतीय मीडिया फाउंडेशन के पदाधिकारियों और सैकड़ों लोगों ने यूजीसी एक्ट के विरोध में पैदल मार्च निकाला। प्रदर्शनकारियों ने नारेबाजी करते हुए कलेक्ट्रेट पहुंचकर राष्ट्रपति के नाम संबोधित एक ज्ञापन नायब तहसीलदार वाजिद हुसैन को सौंपा।

मेहता पार्क पर एकत्रित हुए प्रदर्शनकारियों ने हाथों में तख्तियां और बैनर पोस्टर थाम रखे थे। उन्होंने कानून को वापस लेने की मांग की। यह प्रदर्शन अनिल सोलंकी के नेतृत्व में किया गया, जिसमें बुद्धिजीवी और सवर्ण समाज के लोग शामिल थे।

अनिल सोलंकी ने बताया कि इस कानून में सुधार की आवश्यकता है, और यदि सुधार संभव नहीं है तो इसे वापस लिया जाना चाहिए। उन्होंने आशंका व्यक्त की कि इस कानून के तहत दलित समाज के बच्चों द्वारा सवर्ण समाज के लड़के-लड़कियों पर गलत आरोप लगाकर हरिजन एक्ट का दुरुपयोग किया जा सकता है, जिससे उनकी पढ़ाई और नौकरी प्रभावित होगी।

प्रदर्शनकारियों ने मांग की कि कानून में झूठी शिकायत करने वालों के विरुद्ध भी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। उन्होंने शिक्षा और चिकित्सा में समानता पर जोर दिया। ज्ञापन के माध्यम से यह भी कहा गया कि यदि कोई सवर्ण या ओबीसी समाज का छात्र/छात्रा दलित बच्चे के साथ भेदभाव का दोषी पाया जाता है। तो उस पर कार्रवाई हो, लेकिन यह कार्रवाई गहन जांच के बाद ही की जाए ताकि निर्दोष लोगों को न फंसाया जा सके। इस दौरान ज्ञापन सौंपने वालों में अभिषेक तोमर, संजीव गुप्ता, हीरा पाराशर, गजेंद्र चौहान, रुद्र, रोहित अजीत सिंह, राजीव सोलंकी सहित सैकड़ों समर्थक मौजूद रहे।

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