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चुनौतीपूर्ण दौर से गुजर रही है पत्रकारिता-चिन्मय पंडया

February 27, 2026

चुनौतीपूर्ण दौर से गुजर रही है पत्रकारिता-चिन्मय पंडया

प्रैस क्लब मंे किया व्याख्यान माला का आयोजन
हरिद्वार, 27 फरवरी। हिंदी पत्रकारिता के दौ सौ वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में प्रैस क्लब में आयोजित किया जा रहे हिंदी पत्रकारिता दिशताब्दी समारोह के तहत शुक्रवार को प्रैस क्लब सभागार में व्याख्यान माला का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथी देव संस्कृति विवि के प्रतिकुलपति डा.चिन्मय पंडया, मुख्य वक्ता नेशनल यूनियन ऑफ जर्नलिस्ट इंडिया के राष्ट्रीय महासचिव प्रदीप कुमार तिवारी, निरंजनी अखाड़े के सचिव श्रीमहंत रामरतन गिरी, प्रेस क्लब अध्यक्ष धर्मेंद्र चौधरी एवं महामंत्री दीपक मिश्रा ने दीप प्रज्वलित कर किया। वरिष्ठ पत्रकार कौशल सिखोला, रजनीकांत शुक्ला, संजय आर्य, संदीप रावत ने स्मृति चिन्ह, रूद्राक्ष की माला एवं गंगाजली भेंटकर अतिथीयों का स्वागत किया।
मुख्य अतिथि देव संस्कृति विश्वविद्यालय शांतिकुंज के प्रतिकुलपति डा.चिन्मया पंड्या ने हिंदी पत्रकारिता के दौ सौ वर्ष पूरे होने की बधाई देते हुए कहा कि पत्रकारिता चुनौतीपूर्ण दौर से गुजर रही है। अघोषित चुनौती और विषम परिस्थितियों में पत्रकारों को कार्य करना पड़ता है। पत्रकारिता के दो धर्म हैं। एक गुस्सा भड़काता और दूसरा संवेदना जगाता है। पत्रकार लोगों में संवेदना जगाएं।
एनयूजेआई के राष्ट्रीय महामंत्री प्रदीप कुमार तिवारी ने कहा कि पत्रकारों की परिस्थिति बहुत चिंताजनक है। पत्रकारिता का दमन हो रहा है। प्रिंट मीडिया तथ्य के आधार पर खबर छपता है। लेकिन सोशल मीडिया इससे बहुत दूर है और सनसनी फैलाता है। उन्होंने कहा कि सरकार पत्रकारों और उनके परिवार के प्रति गंभीर नहीं है। एआई के आने से संस्थानों पत्रकारों की संख्या घटेगी। इसलिए पत्रकारों के हितों के लिए आयोग का गठन किया जाना चाहिए। निरंजनी अखाड़ा के सचिव श्रीमहंत रामरतन गिरी ने कहा कि अच्छी पत्रकारिता कभी समाप्त नहीं हो सकती। पत्रकारों को सच दिखाना चाहिए।
प्रैस क्लब अध्यक्ष धर्मेन्द्र चौधरी एवं महामंत्री दीपक मिश्रा ने कहा कि सभी अतिथीयों का आभार व्यक्त करते हुए हिंदी पत्रकारिता के दौ सौ वर्ष पूरे होने पर आयोजित किए जा रहे द्विशताब्दी समारोह के अंतर्गत आयोजित किए जा रहे विभिन्न कार्यक्रमों में हिंदी पत्रकारिता और पत्रकारों के समक्ष चुनौतियों आदि विषयों पर गहन चिंतन मनन किया जा रहा है। जिसका लाभ पत्रकारिता और पत्रकारों को मिलेगा।
इस अवसर पर सुनील दत्त पांडे, रामचंद्र कन्नौजिया, राहुल वर्मा, काशीराम सैनी, आशु शर्मा, अविक्षित रमन, देवेंद्र शर्मा, श्रवण कुमार झा, बालकृष्ण शास्त्री, सागर जोशी, नरेश दीवान शैली, राहुल चौहान, शिवकुमार शर्मा, राधेश्याम विद्याकुल, प्रशांत शर्मा, विकास झा, डा.हिमांशु द्विवेदी, विकास चौहान, दयाशंकर वर्मा, कुमकुम शर्मा, सुनील शर्मा, प्रतिभा वर्मा, शिवा अग्रवाल, गुलशन नैयर, सुभाष कपिल, शैलेंद्र ठाकुर, विजेंद्र हर्ष, रतनमणि डोभाल, दीपक नौटियाल, आदेश त्यागी, रजनीकांत शुक्ला, महेश पारिख, तनवीर अली, रामचंद्र कन्नौजिया, अमरीश कुमार, लव कुमार शर्मा, आदि सहित बड़ी संख्या में पत्रकारों के साथ कमला जोशी, प्रदीप चौधरी, विजयपाल बघेल, डा.विशाल गर्ग, संतोष चौहान, जगदीश लाल पाहवा, अंजू द्विवेदी, ऋषि शर्मा, पार्षद परमिंदर सिंह गिल आदि अतिथी मौजूद रहे।

Journalism is going through a challenging phase – Chinmay Pandya

Posted on 27.02.2026 Friday Time 08.20 PM Report by our Correspondent Ram Chandra Kannojia, Hardwar, Uttarakhand 

Haridwar, 27 February. As part of the Hindi Journalism Dishatabdi celebrations being held at the Press Club to commemorate two hundred years of Hindi journalism, a lecture series was held at the Press Club auditorium on Friday. The programme was inaugurated by the Chief Guest, Dr. Chinmoy Pandya, Chief Speaker National Union of Journalists India National General Secretary Pradeep Kumar Tiwari, Niranjani Akhara Secretary Shri Mahant Ramratan Giri, Press Club President Dharmendra Chaudhary and General Secretary Deepak Mishra lit the lamp. Senior journalists Kaushal Sikola, Rajnikant Shukla, Sanjay Arya, Sandeep Rawat welcomed the guests by presenting mementos, garlands of Rudraksh and Gangajali. Chief Guest Dev Sanskriti Vishwavidyalaya Shantikunj Pratikul

February 5, 2026

भारत की आजादी में हिंदी पत्रकारिता का महत्वपूर्ण योगदान-राज्यपाल

  • प्रेस क्लब ने किया हिंदी पत्रकारिता द्विशताब्दी समारोह का आयोजन
  • जन सरोकारों से जुड़ा है प्रेस क्लब-धर्मेंद्र चौधरी
Haridwar Samachar

हरिद्वार समाचार सेवा

हरिद्वार, 4 फरवरी। प्रेस क्लब द्वारा हिंदी पत्रकारिता द्वि शताब्दी समारोह में आजादी के बाद राष्ट्र पुनः निर्माण में हिंदी पत्रकारिता विषय संगोष्ठी का आयोजन किया गया। देवपुरा चौक स्थित भारत सेवाश्रम के सभागार में आयोजित संगोष्ठी का शुभारंभ मुख्य अतिथि राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह (से.नि.) ने दीप प्रज्वलित कर किया। प्रेस क्लब अध्यक्ष धर्मेंद्र चौधरी एवं महामंत्री दीपक मिश्रा ने राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह को बुके देकर सम्मानित किया। इस दौरान वरिष्ठ पत्रकार सुनील दत्त पांडे द्वारा राज्यपाल की उपलब्धियों एवं अनुकरणीय योगदान से अवगत कराया। मंच का संचालन वरिष्ठ पत्रकार संजय आर्य ने किया। सरस्वती शिशु मंदिर की छात्राओं ने राष्ट्रगान की प्रस्तुति दी। राज्यपाल लेफ्टिनेंट गुरमीत सिंह ने समारोह को संबोधित करते हुए कहा कि हिंदी पत्रकारिता का सामाजिक चेतना, मूल्यों और सिद्धांतों के साथ राष्ट्रहित में परिवर्तन जीवन और राष्ट्र की प्रगति, आध्यात्मिक, सामाजिक विकास के साथ भारत की आजादी में महत्वपूर्ण योगदान है। हिंदी के प्रथम समाचार पत्र उदंत मार्तंड का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि हिंदी पत्रकारिता सामाजिक सुधार, समाज की आत्मा का दर्पण, वंचितों की आवाज, लोकतंत्र की आत्मा है। उन्होंने पत्रकारों की आर्थिक स्थिति को मजबूत करने के लिए वेलफेयर सेंटर एवं प्रतियोगिताओं में पत्रकारों के बच्चों को शामिल किए जाने और उनकी सुरक्षा का प्रस्ताव रखते हुए प्रेस क्लब को तीन माह के अंदर ठोस प्रस्ताव देने के लिए कहा। मुख्य वक्ता वरिष्ठ पत्रकार निर्मल पाठक ने कहा कि मूल्य और सिद्धांतों पर चलते हुए हिंदी पत्रकारिता 200वें वर्ष में प्रवेश कर रही है और राष्ट्र निर्माण में हिंदी पत्रकारिता महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है। अंग्रेजों की हुकूमत में हिंदी पत्रकारिता ने संघर्ष किया। हिंदी अखबार सामाजिक चेतना का माध्यम बने। निर्मल पाठक ने कहा कि सामाजिक सरोकारों से जोड़ते हुए सामाजिक समरसत्ता बनाए रखने में अखबारों की अच्छी भूमिका रही। 1870-75 के बाद और 1920 के आसपास आजादी के आंदोलन में अखबारों ने तेवर दिखाने शुरू किए। आजादी के लिए संघर्ष में महात्मा गांधी के आंदोलन को धार दी। सामाजिक बिखराव और चुनौतियों का सामना भी अखबारों ने किया। निर्मल पाठक ने कहा कि देश की आधी आबादी हिंदी का इस्तेमाल करती है। इसलिए हिंदी पत्रकारिता और हिंदी अखबारों की लोकप्रियता आज भी बनी हुई है। उन्होंने प्रेस क्लब को समारोह आयोजन की बधाई भी दी। प्रेस क्लब अध्यक्ष धर्मेंद्र चौधरी ने कहा कि प्रेस क्लब जन सरोकारों से जुड़ा हुआ है। हिंदी पत्रकारिता के 200 वर्ष पूरे होने पर आयोजित किए जा रहे द्वि शताब्दी समारोह का यह द्वितीय चरण है। पांच चरणों में हिंदी पत्रकारिता को लेकर कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। उन्होंने राज्यपाल का कार्यक्रम में पहुंचने पर आभार जताया। वरिष्ठ पत्रकार कौशल सिखोला, आदेश त्यागी, गोपाल रावत, शिवशंकर जायसवाल, नरेश गुप्ता, हिमांशु द्विवेदी, शिवा अग्रवाल आदि ने गंगा जली एवं स्मृति चिन्ह भेंट कर राज्यपाल का स्वागत किया। शिवांग अग्रवाल एवं हिमांशु द्विवेदी ने अपनी लिखी पुस्तक राज्यपाल को भेंट की। अविक्षित रमन, रामचंद्र कनौजिया, राहुल वर्मा, रजनीकांत शुक्ला आदि ने शाल शॉल ओढ़ाकर मुख्य वक्ता निर्मल पाठक का स्वागत किया। इस दौरान महेश पारीख, सुभाष कपिल, गुलशन नैयर, काशीराम सैनी, रूपेश वालिया, महताब आलम, राव रियासत पुंडीर, मनोज खन्ना, राजेंद्र गोस्वामी, देवेंद्र शमार्, संदीप रावत, कुलभूषण शर्मा, रविंद्र सिंह, मनोज सिरोही, सूर्यकांत बेलवाल, विकास झा, श्रवण झा, त्रिलोकचंद भट्ट, दयाशंकर वर्मा, सुदेश आर्य, राहुल वर्मा, प्रदीप गर्ग, गोपाल पटवार, लव शर्मा, पुष्पराज धीमान, अनिरुद्ध भाटी, डा. सुशील उपाध्याय, डा.योगेश योगी, डा. परविंदर कुमार, रोहित सिखौला, मुकेश वर्मा, सुनील पाल, राजकुमार, जोगिंदर मावी सहित बड़ी संख्या में पत्रकार एवं गणमान्य लोग मौजूद रहे।
राधिका नगराथ, केके त्रिपाठी, शैलेंद्र गोदियाल, संजय चौहान, कुशलपाल चौहान, डा.शिव शंकर जायसवाल, डा.सुशील उपाध्याय, अमित शर्मा, डा.शिवा अग्रवाल, अमित गुप्ता, बालकृष्ण शास्त्री, संजीव शर्मा, संदीप शर्मा, रामेश्वर गौड़, तनवीर अली, नरेश दीवान शैली, लव शर्मा, शिवांग अग्रवाल सहित कई पत्रकारों ने कार्यक्रम के आयोजन में महत्वपूर्ण सहयोग प्रदान किया।

उपज के प्रदेश उपाध्यक्ष अजय चौधरी को मीडिया आइकन अवॉर्ड

Media Iconic Award to Ajay Chaudhary

उपज के प्रदेश उपाध्यक्ष अजय चौधरी को मिला मीडिया आइकन अवॉर्ड

Posted on: 05.02.2026 Thursday, Time: 06.09 PM, Meerut, Ajay Chaudhary Media Icon award, Aesthetic International 

मेरठ, 05 फरवरी 2026, उत्तर प्रदेश एसोसिएशन ऑफ जर्नलिस्ट्स (उपज) के प्रदेश उपाध्यक्ष और जनपद अध्यक्ष अजय चौधरी को मीडिया आइकन अवॉर्ड प्रदान किया गया है। उन्हें यह सम्मान एस्थेटिक इंटरनेशनल ने प्रदान किया है।

मीडिया क्षेत्र में अजय चौधरी के उल्लेखनीय योगदान और 17 वर्ष से अधिक की सक्रिय पत्रकारिता के लिए सम्मान दिया गया। एक समारोह में एस्थेटिक इंटरनेशनल के फाउंडर तन्मय शर्मा और एमआईटीई के चेयरमैन विष्णु शरण ने सम्मान स्मृति चिन्ह प्रदान किया।

इस सफलता और सम्मान के लिए उपज के प्रदेश अध्यक्ष सर्वेश कुमार सिंह, महामंत्री आनंद कर्ण ने शुभकामनाएं प्रेषित की हैं। अध्यक्ष ने कहा ये सम्मान सिर्फ प्रदेश उपाध्यक्ष अजय चौधरी का ही नहीं बल्कि पूरी उपज का है। सम्मान से पत्रकार संगठनों के बीच उपज का गौरव बढ़ गया है।

January 28, 2026

उत्तर प्रदेश एसोसिएशन ऑफ जर्नलिस्ट्स (उपज),लोकतंत्र के प्रहरी, पत्रकारों की सशक्त आवाज

AJAY CHAUDHRY, JOURNALIST MEERUT

अजय चौधरी,  उपज प्रदेश उपाध्यक्ष, अध्यक्ष जिला मेरठ

Posted on : 28.01.2026, Wednesday Time: 09:53 PM,  Source:  Ajay Chaudhry
#UPAJ #ASSOCIATION #MEDIA #UP ASSOCIATION OF JOURNALISTS
अजय चौधरी
लोकतंत्र की आत्मा स्वतंत्र और निर्भीक पत्रकारिता में बसती है। जब तक प्रेस स्वतंत्र है, तब तक सत्ता जवाबदेह है और समाज सच से जुड़ा रहता है। पत्रकार केवल समाचारों के संवाहक नहीं होते, वे सत्ता और जनता के बीच वह सेतु हैं, जो सच को सामने लाता है और अन्याय के विरुद्ध आवाज़ उठाता है। ऐसे में पत्रकारों की सुरक्षा, सम्मान और अधिकारों की रक्षा करना केवल किसी संगठन की नहीं, बल्कि पूरे लोकतंत्र की जिम्मेदारी है। इसी दायित्वबोध के साथ उत्तर प्रदेश एसोसिएशन ऑफ जर्नलिस्ट्स (उपज) राज्य में पत्रकारों के हितों के लिए एक सशक्त और प्रतिबद्ध मंच के रूप में कार्य कर रहा है।
उत्तर प्रदेश जैसे विशाल, संवेदनशील और सामाजिक-राजनीतिक दृष्टि से महत्वपूर्ण राज्य में पत्रकारिता करना आसान नहीं है। कम मानदेय, असुरक्षित कार्य परिस्थितियाँ, प्रशासनिक दबाव, उत्पीड़न और कई बार जानलेवा हमले—ये आज पत्रकारों की दैनिक चुनौतियाँ बन चुकी हैं। ऐसे समय में उपज ने पत्रकारों के लिए एक मजबूत ढाल की भूमिका निभाई है। यह संगठन न केवल समस्याओं को उजागर करता है, बल्कि उनके समाधान के लिए संगठित और निरंतर संघर्ष भी करता है।
पत्रकारों की सुरक्षा उपज के एजेंडे का केंद्र बिंदु है। संगठन राज्य में पत्रकार सुरक्षा बिल को लागू कराने के लिए सरकार पर लगातार दबाव बना रहा है। उपज का स्पष्ट और दो-टूक मत है कि बिना कानूनी संरक्षण के निर्भीक पत्रकारिता संभव नहीं है। यदि पत्रकार भय के माहौल में काम करेंगे, तो सच दबेगा और लोकतंत्र कमजोर होगा। इसलिए पत्रकारों को सुरक्षा देना किसी वर्ग विशेष का नहीं, बल्कि समाज और लोकतंत्र के हित का प्रश्न है।
उपज की सबसे बड़ी शक्ति उसकी एकता और एकजुटता है। संगठन ने प्रदेश भर के पत्रकारों को एक साझा मंच पर जोड़ने का कार्य किया है, जहाँ उनकी आवाज़ सुनी जाती है और उनके अधिकारों के लिए सामूहिक संघर्ष किया जाता है। यही कारण है कि आज उपज प्रदेश के सबसे प्रभावशाली और भरोसेमंद पत्रकार संगठनों में गिना जाता है।
व्यावसायिक स्वतंत्रता पत्रकारिता की रीढ़ है। उपज पत्रकारों को बिना किसी भय, दबाव या लालच के अपने कर्तव्यों का निर्वहन करने के लिए प्रेरित करता है। संगठन उन्हें नैतिक, वैचारिक और संगठनात्मक समर्थन प्रदान करता है और यह संदेश देता है कि सत्ता से सवाल पूछना अपराध नहीं, बल्कि पत्रकार का संवैधानिक कर्तव्य है।
आज, जब पत्रकारिता कई स्तरों पर संकट से गुजर रही है—चाहे वह आर्थिक दबाव हो, राजनीतिक हस्तक्षेप हो या बढ़ती असहिष्णुता—ऐसे दौर में उपज जैसी संस्थाओं की भूमिका और भी महत्वपूर्ण हो जाती है। यह संगठन न केवल पत्रकारों के अधिकारों की रक्षा कर रहा है, बल्कि अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता और लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा की लड़ाई भी मजबूती से लड़ रहा है।
एक सुरक्षित, सम्मानित और स्वतंत्र पत्रकार ही सशक्त लोकतंत्र की आधारशिला होता है। उत्तर प्रदेश एसोसिएशन ऑफ जर्नलिस्ट्स (उपज) उसी आधारशिला को मजबूत करने के संकल्प के साथ निरंतर आगे बढ़ रहा है—पत्रकारों के साथ, पत्रकारों के लिए और लोकतंत्र के हित में है।
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