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भारत की आजादी में हिंदी पत्रकारिता का महत्वपूर्ण योगदान-राज्यपाल

February 5, 2026

भारत की आजादी में हिंदी पत्रकारिता का महत्वपूर्ण योगदान-राज्यपाल

  • प्रेस क्लब ने किया हिंदी पत्रकारिता द्विशताब्दी समारोह का आयोजन
  • जन सरोकारों से जुड़ा है प्रेस क्लब-धर्मेंद्र चौधरी
Haridwar Samachar

हरिद्वार समाचार सेवा

हरिद्वार, 4 फरवरी। प्रेस क्लब द्वारा हिंदी पत्रकारिता द्वि शताब्दी समारोह में आजादी के बाद राष्ट्र पुनः निर्माण में हिंदी पत्रकारिता विषय संगोष्ठी का आयोजन किया गया। देवपुरा चौक स्थित भारत सेवाश्रम के सभागार में आयोजित संगोष्ठी का शुभारंभ मुख्य अतिथि राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह (से.नि.) ने दीप प्रज्वलित कर किया। प्रेस क्लब अध्यक्ष धर्मेंद्र चौधरी एवं महामंत्री दीपक मिश्रा ने राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह को बुके देकर सम्मानित किया। इस दौरान वरिष्ठ पत्रकार सुनील दत्त पांडे द्वारा राज्यपाल की उपलब्धियों एवं अनुकरणीय योगदान से अवगत कराया। मंच का संचालन वरिष्ठ पत्रकार संजय आर्य ने किया। सरस्वती शिशु मंदिर की छात्राओं ने राष्ट्रगान की प्रस्तुति दी। राज्यपाल लेफ्टिनेंट गुरमीत सिंह ने समारोह को संबोधित करते हुए कहा कि हिंदी पत्रकारिता का सामाजिक चेतना, मूल्यों और सिद्धांतों के साथ राष्ट्रहित में परिवर्तन जीवन और राष्ट्र की प्रगति, आध्यात्मिक, सामाजिक विकास के साथ भारत की आजादी में महत्वपूर्ण योगदान है। हिंदी के प्रथम समाचार पत्र उदंत मार्तंड का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि हिंदी पत्रकारिता सामाजिक सुधार, समाज की आत्मा का दर्पण, वंचितों की आवाज, लोकतंत्र की आत्मा है। उन्होंने पत्रकारों की आर्थिक स्थिति को मजबूत करने के लिए वेलफेयर सेंटर एवं प्रतियोगिताओं में पत्रकारों के बच्चों को शामिल किए जाने और उनकी सुरक्षा का प्रस्ताव रखते हुए प्रेस क्लब को तीन माह के अंदर ठोस प्रस्ताव देने के लिए कहा। मुख्य वक्ता वरिष्ठ पत्रकार निर्मल पाठक ने कहा कि मूल्य और सिद्धांतों पर चलते हुए हिंदी पत्रकारिता 200वें वर्ष में प्रवेश कर रही है और राष्ट्र निर्माण में हिंदी पत्रकारिता महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है। अंग्रेजों की हुकूमत में हिंदी पत्रकारिता ने संघर्ष किया। हिंदी अखबार सामाजिक चेतना का माध्यम बने। निर्मल पाठक ने कहा कि सामाजिक सरोकारों से जोड़ते हुए सामाजिक समरसत्ता बनाए रखने में अखबारों की अच्छी भूमिका रही। 1870-75 के बाद और 1920 के आसपास आजादी के आंदोलन में अखबारों ने तेवर दिखाने शुरू किए। आजादी के लिए संघर्ष में महात्मा गांधी के आंदोलन को धार दी। सामाजिक बिखराव और चुनौतियों का सामना भी अखबारों ने किया। निर्मल पाठक ने कहा कि देश की आधी आबादी हिंदी का इस्तेमाल करती है। इसलिए हिंदी पत्रकारिता और हिंदी अखबारों की लोकप्रियता आज भी बनी हुई है। उन्होंने प्रेस क्लब को समारोह आयोजन की बधाई भी दी। प्रेस क्लब अध्यक्ष धर्मेंद्र चौधरी ने कहा कि प्रेस क्लब जन सरोकारों से जुड़ा हुआ है। हिंदी पत्रकारिता के 200 वर्ष पूरे होने पर आयोजित किए जा रहे द्वि शताब्दी समारोह का यह द्वितीय चरण है। पांच चरणों में हिंदी पत्रकारिता को लेकर कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। उन्होंने राज्यपाल का कार्यक्रम में पहुंचने पर आभार जताया। वरिष्ठ पत्रकार कौशल सिखोला, आदेश त्यागी, गोपाल रावत, शिवशंकर जायसवाल, नरेश गुप्ता, हिमांशु द्विवेदी, शिवा अग्रवाल आदि ने गंगा जली एवं स्मृति चिन्ह भेंट कर राज्यपाल का स्वागत किया। शिवांग अग्रवाल एवं हिमांशु द्विवेदी ने अपनी लिखी पुस्तक राज्यपाल को भेंट की। अविक्षित रमन, रामचंद्र कनौजिया, राहुल वर्मा, रजनीकांत शुक्ला आदि ने शाल शॉल ओढ़ाकर मुख्य वक्ता निर्मल पाठक का स्वागत किया। इस दौरान महेश पारीख, सुभाष कपिल, गुलशन नैयर, काशीराम सैनी, रूपेश वालिया, महताब आलम, राव रियासत पुंडीर, मनोज खन्ना, राजेंद्र गोस्वामी, देवेंद्र शमार्, संदीप रावत, कुलभूषण शर्मा, रविंद्र सिंह, मनोज सिरोही, सूर्यकांत बेलवाल, विकास झा, श्रवण झा, त्रिलोकचंद भट्ट, दयाशंकर वर्मा, सुदेश आर्य, राहुल वर्मा, प्रदीप गर्ग, गोपाल पटवार, लव शर्मा, पुष्पराज धीमान, अनिरुद्ध भाटी, डा. सुशील उपाध्याय, डा.योगेश योगी, डा. परविंदर कुमार, रोहित सिखौला, मुकेश वर्मा, सुनील पाल, राजकुमार, जोगिंदर मावी सहित बड़ी संख्या में पत्रकार एवं गणमान्य लोग मौजूद रहे।
राधिका नगराथ, केके त्रिपाठी, शैलेंद्र गोदियाल, संजय चौहान, कुशलपाल चौहान, डा.शिव शंकर जायसवाल, डा.सुशील उपाध्याय, अमित शर्मा, डा.शिवा अग्रवाल, अमित गुप्ता, बालकृष्ण शास्त्री, संजीव शर्मा, संदीप शर्मा, रामेश्वर गौड़, तनवीर अली, नरेश दीवान शैली, लव शर्मा, शिवांग अग्रवाल सहित कई पत्रकारों ने कार्यक्रम के आयोजन में महत्वपूर्ण सहयोग प्रदान किया।

January 7, 2026

साध्वी रेणुका ने लगाया आश्रम हड़पने का आरोप


हरिद्वार, 7 जनवरी 2026 (उप्र समाचार सेवा) हरिपुर कलां स्थित राष्ट्र भक्ति आश्रम की साध्वी रेणुका ने आश्रम को हड़पने का आरोप लगाया है। प्रैस क्लब में पत्रकारों से वार्ता करते हुए साध्वी रेणुका ने बताया कि भूमािफया और असामाजिक तत्वों द्वारा आश्रम पर कब्जे का प्रयास किया गया, लेकिन पुलिस और प्रशासन ने कोई कार्रवाई नहीं की। साध्वी रेणुका ने बताया कि उन्होंने 3 नवम्बर को कई लोगों को नामजद करते हुए आश्रम पर कब्जे के प्रयास की एफआईआर दर्ज कराई थी। लेकिन कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई, जिससे आरोपियों के हौसले और बढ़ गए। उन्होंने आरोप लगाया कि 13 नवंबर 2025 को आपराधिक प्रवृत्ति के लोग आश्रम पहुंचे और आश्रम छोड़कर चले जाने और जान से मारने की धमकी दी। पुलिस को सूचना देने के बाद भी कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई। उन्होंने राज्य के प्रमुख सचिव को भी पत्र लिखा, लेकिन उस पर भी कोई कार्रवाई नहीं हुई। 20 नवम्बर को कुछ हथियारबंद बदमाशों ने आश्रम में घुसकर उन पर जानलेवा हमला किया। उन्होंने इसकी सूचना पुलिस को दी। पुलिस ने उन्हें छुड़ाया। उन्होंने आरोप लगाया कि पुलिस ने एफआईआर तो दर्ज कर ली। लेकिन न तो मेडिकल कराया और न ही जांच में कोई प्रगति हुई। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि उन्हें और उनके गुरु भाई को झूठे मुकदमों में फंसाने की धमकियां दी जा रही है। साध्वी रेणुका ने यह भी आरोप लगाया कि आश्रम से जुड़ा उत्तराधिकार का मामला न्यायालय में विचाराधीन होने के बावजूद प्रशासन ने आश्रम को खाली करा दिया। साध्वी रेणुका ने कहा कि इन हालातों के कारण वह आज देवभूमि उत्तराखंड में बिना किसी आश्रय के रहने को मजबूर हैं। उन्होंने मुख्यमंत्री से मांग क है कि पूरे मामले की निष्पक्ष एवं स्वतंत्र जांच कराई जाए, दोषियों को सख्त सजा दी जाए और उनका आश्रम उन्हें वापस दिलाया जाए।
राजेंद्र श्रमिक एवं भंवर सिंह ने कहा कि साध्वी रेणुका को न्याय दिलाने के लिए संघर्ष किया जाएगा। उन्होंने कहा कि महिलाओं का सम्मान किया जाना चाहिए लेकिन कुछ लोग आश्रम की संपत्ति को कब्जाने की नीयत से गलत हथकंडे अपना रहे हैं। जिसे किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। प्रैसवार्ता में विजयपाल, प्रवीण कुमार, मोदीमल, करुणा, सागर, बृजेश कुमार, संजीव बाबा, संजय मूलनिवासी, प्रदीप, रूपचंद एडवोकेट आदि मौजूद रहे।