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मुख्यमंत्री ने उत्कृष्ट कार्य करने वाली विभूतियों को ‘गोरखपुर रत्न’ से सम्मानित किया

January 13, 2026

मुख्यमंत्री ने उत्कृष्ट कार्य करने वाली विभूतियों को ‘गोरखपुर रत्न’ से सम्मानित किया

गोरखपुर महोत्सव के समापन समारोह में लोक गायिका और बिहार में भाजपा की विधायक मैथिली ठाकुर को सम्मानित करते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ

‘गोरखपुर महोत्सव’ का समापन कार्यक्रम

लखनऊ, 13 जनवरी, 2026,  उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ आज गोरखपुर में चम्पा देवी पार्क, रामगढ़ताल में आयोजित तीन दिवसीय ‘गोरखपुर महोत्सव’ के समापन कार्यक्रम में सम्मिलित हुए। उन्होंने विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट कार्य करने वाली जनपद की 06 विभूतियों को ‘गोरखपुर रत्न’ से सम्मानित किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री जी ने महोत्सव की स्मारिका ‘अभ्युदय’ का विमोचन किया।

गोरखपुर महात्सव में स्मारिका अभ्युदय का विमोचन करते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ

कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि गोरखपुर की पुरातन से आधुनिक समय तक की परम्परा, सभ्यता एवं संस्कृति को लेकर तीन दिनों से ‘गोरखपुर महोत्सव’ उत्साह व उल्लास के साथ आयोजित हुआ। महोत्सव में कला, संस्कृति, विज्ञान, शिल्पकला जैसे जीवन के प्रत्येक पक्षों का प्रदर्शन किया गया। गोरखपुर की शिल्पकला को भी इस महोत्सव के माध्यम से प्रदर्शित करने का अवसर प्राप्त हुआ। युवाओं के लिए विज्ञान प्रदर्शनी का आयोजन भी किया गया। इस महोत्सव में ग्राम पंचायत, न्याय पंचायत व जनपद स्तर पर गायन, वादन, नाटक आदि सहित कला के विविध रूपों में आयोजित प्रतिस्पर्धाओं के विजेता कलाकारों को भी मंच उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए थे। इसमें ‘गोरखपुर महोत्सव’ काफी सफल रहा है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि आज यहाँ 06 विभूतियों को ‘गोरखपुर रत्न’ दिया गया है, जिन्होंने विभिन्न क्षेत्रों में कुछ नया एवं अलग कार्य करने का प्रयास किया है। इन विभूतियों ने शिक्षा, खेल, कला तथा कृषि जैसे क्षेत्रों में गोरखपुर का नाम रोशन किया है। 65 से 70 लाख की आबादी वाले गोरखपुर से 05 से 06 लोगों का चयन करना एक कठिन कार्य है। ‘गोरखपुर रत्न’ का सम्मान प्राप्त करने वाली सभी विभूतियाँ बधाई की पात्र हैं। यह सम्मान हमारी वर्तमान पीढ़ी, कलाकारों एवं अन्य लोगों के लिए एक प्रेरणास्रोत है। समाज के प्रत्येक व्यक्ति का यह दायित्व है कि वह समाज से कुछ लेने के बजाय समाज को कुछ देने की सामर्थ्य स्वयं में विकसित करे।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि आज गोरखपुर सहित उत्तर प्रदेश विकास की नई बुलन्दियों को छू रहा है। वर्ष 2017 और आज के गोरखपुर में जमीन-आसमान का अन्तर है। वर्ष 2017 से पूर्व गोरखपुर विकास की दौड़ में पीछे छूट गया था। गोरखपुर उपेक्षित व असुरक्षित था। पूरे गोरखपुर में गुण्डागर्दी व उपद्रव का माहौल था, विकास का अभाव था, गन्दगी के कारण इंसेफेलाइटिस जैसी बीमारियाँ होती थीं। जब समाज स्वच्छता के प्रति जागरूक नहीं होता है, तब उसका दुष्परिणाम भी वह भोगता है। वर्ष 2017 से पूर्व उत्तर प्रदेश व गोरखपुर में अराजकता थी। हर दूसरे रोज दंगा होता था, तब न व्यापारी सुरक्षित थे और न ही बेटियाँ सुरक्षित थीं। उद्यमी गुण्डा टैक्स देने के लिए मजबूर थे, विकास के सभी कार्य ठप थे। नौजवानों को रोजगार के लिए पलायन करना पड़ता था।

गोरखपुर महोत्सव में लोकगीत प्रस्तुत करती हुईं मैथिली ठाकुर

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी के नेतृत्व में डबल इंजन सरकार गोरखपुर के साथ ही पूर्वी उत्तर प्रदेश के कायाकल्प अभियान के साथ आगे बढ़ी। आज उसके परिणाम हम सभी को धरातल पर देखने को मिल रहे हैं। आज से 08 से 10 वर्ष पूर्व जो गोरखपुर आया होगा, आज वह इसे पहचान नहीं पाएगा। यह बदलाव केवल गोरखपुर में नहीं, बल्कि हर जनपद में देखने को मिलेगा। अयोध्या, काशी, लखनऊ तथा प्रयागराज में 08 से 10 वर्ष बाद आने वाला प्रत्येक व्यक्ति यहाँ हुए विकास कार्य देखकर आश्चर्य में पड़ जाता है।
मुख्यमंत्री  ने कहा कि जब सुरक्षा का बेहतर वातावरण होता है, तो निवेश आता है। गोरखपुर में पिछले 08 वर्षों में हजारों करोड़ रुपये का निवेश हुआ है। इसके माध्यम से 50 हजार नौजवानों को रोजगार प्राप्त हुआ है और युवाओं का पलायन रुका है। पहले गोरखपुर में एक विश्वविद्यालय था, आज यहाँ 04 विश्वविद्यालय हैं। गोरखपुर में होटल मैनेजमेण्ट का भी संस्थान बन गया है। गीडा में नाइलेट का एक नया केन्द्र प्रारम्भ हो चुका है। सहजनवां में गरीब बच्चों को आवासीय शिक्षा देने के लिए अटल आवासीय विद्यालय बनाया गया है।

गोरखपुर रत्न सम्मान प्रदान करते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ

मुख्यमंत्री जी ने कहा कि गोरखपुर आज पर्यटन का एक बेहतरीन केन्द्र है। आज गोरखपुर में विकास की प्रत्येक योजना प्रत्येक व्यक्ति तक पहुँचती है। उत्तर प्रदेश ने यह उपलब्धि धैर्य व अनुशासन से हासिल की है। हमारा धैर्य हमारी सबसे बड़ी शक्ति है। जीवन हताशा व निराशा का नाम नहीं है। एक सामान्य भारतीय अपनी मेहनत व पुरुषार्थ से आगे बढ़ता है।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि वर्ष 2017 से पूर्व उन्होंने गोरखपुर व उत्तर प्रदेश की उपेक्षा पर हमेशा संघर्ष किया। इंसेफेलाइटिस के उन्मूलन के लिए आन्दोलन भी किया। हमारी सरकार बनने के बाद इंसेफेलाइटिस को खत्म कर दिया गया। यदि कार्य करने की दृढ़ इच्छाशक्ति हो, तो कोई कार्य असम्भव नहीं है। डबल इंजन सरकार ने उत्तर प्रदेश को विकास की धारा में आगे बढ़ाने तथा माफिया, अपराध एवं दंगा मुक्त करने के कार्य इसी दृढ़ इच्छाशक्ति से ही किए हैं। प्रदेश सरकार ने युवाओं को स्थानीय स्तर पर रोजगार दिलाने तथा अन्नदाता किसानों के जीवन में परिवर्तन लाने का कार्य किया है। प्रत्येक व्यापारी व उद्यमी को भयमुक्त वातावरण तथा प्रत्येक बेटी को आगे बढ़ने के लिए उचित अवसर एवं सुरक्षित माहौल दिया गया है। यदि किसी बेटी के साथ किसी ने गलत किया, तो उससे सख्ती से निपटा जा रहा है।
इस अवसर पर केन्द्रीय ग्रामीण विकास राज्यमंत्री कमलेश पासवान ने कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुए कहा कि मुख्यमंत्री जी के कुशल नेतृत्व में ‘गोरखपुर महोत्सव’ ने विशाल स्वरूप ले लिया है। देश व प्रदेश में इस महोत्सव की गूंज हो रही है। इस महोत्सव से संस्कृति व विरासत को आगे बढ़ाने का अवसर मिल रहा है। इसके माध्यम से स्थानीय कलाकारों को अपनी प्रतिभा दिखाने का मौका मिल रहा है। उन्होंने कहा कि हम सभी को सकारात्मक सोच के साथ आगे बढ़ना चाहिए और अपने देश व प्रदेश को निरन्तर आगे बढ़ाने में अपना सहयोग करते रहना चाहिए।
कार्यक्रम को सांसद रवि किशन शुक्ल ने भी सम्बोधित किया। इस अवसर पर जनप्रतिनिधिगण तथा शासन-प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

 

एटा में पाले ने छीनी किसानों की खुशी, हज़ारों एकड़ मटर की फसल तबाह

पाले से एटा में मटर की फसल को नुकसान

एटा 13 जनवरी उप्रससे। जनपद में पड़ रहे भीषण पाले ने किसानों की वर्षों की उम्मीदों पर पानी फेर दिया। जिससे उनकी खुशियां निराशा में बदल गई। जनपद में हज़ारों एकड़ में खड़ी मटर की फसल पूरी तरह नष्ट हो गई। खेतों में लहलहाती फसल सुबह देखते ही देखते सफेद पाले की चादर में ढककर बर्बाद हो चुकी थी।

किसानों का कहना है कि उन्होंने कर्ज लेकर मटर की खेती की थी। बीज, खाद, सिंचाई और दवाइयों पर भारी खर्च किया गया, लेकिन पड़ रहे पाला से सब कुछ तबाह हो गया। अब हालात ऐसे हैं कि कर्ज कैसे चुकाएं और परिवार का पेट कैसे पालें, यही सबसे बड़ा सवाल बन गया है।
पीड़ित किसानों ने बताया कि मटर की फसल बेहद शानदार थी और अच्छी पैदावार की पूरी उम्मीद थी। लेकिन पाले ने फसल को इस कदर झुलसा दिया कि अब खेतों में केवल सूखी और काली पड़ी फसल ही दिखाई दे रही है। कई किसान खेतों में खड़े होकर रोते नजर आए, जिनकी आंखों में बेबसी और चिंता साफ झलक रही थी। किसानों ने प्रशासन से गुहार लगाई है कि उनकी इस प्राकृतिक आपदा में आर्थिक सहायता और मुआवजा दिया जाए, ताकि उन्हें कुछ राहत मिल सके और वे दोबारा खेती करने की हिम्मत जुटा सकें।

तहसीलदार सदर नीरज वार्ष्णेय ने बताया कि पाले से हुए नुकसान को लेकर क्षेत्र के लेखपालों को सर्वे के लिए भेजा गया है। सर्वे रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई कर शासन को अवगत कराया जाएगा।

हालांकि, किसानों का कहना है कि सर्वे के साथ-साथ तत्काल राहत भी जरूरी है, क्योंकि उनके सामने अब जीवन यापन का संकट खड़ा हो गया है। पाले की इस मार ने एक बार फिर साबित कर दिया है कि प्रकृति की मार से अन्नदाता किस कदर टूट जाता है।

January 7, 2026

उपज प्रांतीय आम सभा बैठक 25 अगस्त 2025 वाराणसी

January 6, 2026

वरिष्ठ पत्रकार शंकरदास और डा प्रसून शुक्ल बने एनयूजे एक्जीक्यूटिव मेंबर

लखनऊ, 06 जनवरी 2026, उत्तर प्रदेश एसोसिएशन ऑफ जर्नलिस्ट्स (उपज) के वरिष्ठ सदस्य शंकरदास (बरेली) और डा प्रसून शुक्ल (नोएडा) को नेशनल यूनियन ऑफ जर्नलिस्ट्स (इंडिया) में राष्ट्रीय कार्यसमिति का विशेष आमंत्रित सदस्य मनोनीत किया गया है।

इस आशय का पत्र एनयूजे के राष्ट्रीय महासचिव त्रियुग नारायण तिवारी ने अध्यक्ष सुरेश शर्मा के परामर्श के बाद जारी किया है। इस मनोनयन पर उपज के प्रदेश अध्यक्ष सर्वेश कुमार सिंह और महामंत्री आनंद कर्ण ने प्रसन्नता व्यक्त की है और दोनों सदस्यों को बधाई दी है।

December 31, 2025

मुख्यमंत्री ने लोगों से प्रतिकूल मौसम में सतर्क और सावधान रहने की अपील की

लखनऊ : 28 दिसम्बर, 2025 उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी ने गोरखपुर में ट्रांसपोर्ट नगर और धर्मशाला स्थित रैन बसेरों का निरीक्षण किया। इस अवसर पर उन्होंने जरूरतमन्दों में कम्बल व भोजन का वितरण कर उन्हें आश्वस्त किया कि सरकार उनकी सेवा के लिए प्रतिबद्ध है। निरीक्षण के दौरान मीडिया प्रतिनिधियों को सम्बोधित करते हुए उन्होंने कहा कि राज्य सरकार हर गरीब तथा जरूरतमन्द को भीषण शीतलहर से बचाने के लिए प्रतिबद्ध है। किसी को कोई भी दिक्कत न हो, इसके लिए डबल इंजन सरकार पूरी संवेदनशीलता से कार्य कर रही है।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि राज्य सरकार द्वारा लोगों को भीषण शीतलहर से बचाने के लिए सभी जनपदों को कम्बल व ऊनी वस्त्र वितरण, रैन बसेरों के संचालन और अलाव की व्यवस्था करने के लिए पर्याप्त धनराशि जारी की गई है। भीषण शीतलहर के दृष्टिगत आवश्यकता पड़ने पर विद्यालयों को बन्द करने तथा अवकाश घोषित करने हेतु जिलाधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं। यह भी निर्देश दिए गए हैं कि आवश्यकतानुसार वर्चुअल माध्यम से पढ़ाई की व्यवस्था की जाए।

मुख्यमंत्री जी ने कहा कि प्रशासन को हर जरूरतमन्द को रैन बसेरों में अच्छी सुविधाएँ दिए जाने के निर्देश दिए गए हैं। यह सुनिश्चित किया जाए कि सभी रैन बसेरों में पर्याप्त संख्या में बिस्तर व कम्बल की व्यवस्था हो तथा साफ-सफाई का पूरा ध्यान रखा जाए। यदि किसी के पास भोजन की व्यवस्था नहीं है, तो उसे भोजन भी उपलब्ध कराया जाए। वर्तमान समय में उत्तर भारत व पूरा उत्तर प्रदेश भीषण शीतलहर की चपेट में है। जरूरतमन्दों, गरीबों और असहाय लोगों को किसी भी प्रकार की समस्या न हो, इसके लिए डबल इंजन सरकार ने सभी जनपदों में पर्याप्त धनराशि उपलब्ध कराई है। प्रशासन और सभी जनप्रतिनिधियों द्वारा अपने-अपने जनपदों में कम्बल व ऊनी वस्त्रों का वितरण, सार्वजनिक स्थानों पर अलाव की व्यवस्था तथा रैन बसेरों का संचालन किया जा रहा है।

मुख्यमंत्री जी ने लोगों से अपील की कि जिनके पास साधन हैं, वे इस भीषण शीतलहर में अन्य जरूरतमन्दों की सहायता करें। उन्होंने लोगों से प्रतिकूल मौसम में सतर्क और सावधान रहने की अपील करते हुए कहा कि लोग भीषण शीतलहर तथा धुंध और कोहरे को देखते हुए अनावश्यक यात्रा से बचें। यात्रा जरूरी हो, तो वाहन की गति  सीमित रखें। भीषण ठण्ड में भी शरीर को पानी की कमी न होने दें। उन्होंने लोगों से यह भी अपील की कि सार्वजनिक स्थलों पर अलाव जलते रहने दिया जाए और अलाव की लकड़ी को उठाकर न ले जाएं। भीषण शीतलहर में यह अलाव जरूरतमन्दों के लिए हैं और इससे पशुओं को भी राहत मिलती है।

मुख्यमंत्री जी ने कहा कि गोरखपुर महानगर में 480 स्थानों पर अलाव की व्यवस्था की गई है। 22,000 से अधिक जरूरतमन्दों को कम्बल और ऊनी वस्त्रों का वितरण किया जा चुका है। गरीबों और जरूरतमन्दों के लिए किए जा रहे यह सभी कार्य सरकार की संवेदनशीलता का हिस्सा हैं।
इस अवसर पर जनप्रतिनिधिगण तथा शासन-प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

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