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एक अप्रैल से शुरू होगी जनगणना

March 30, 2026

एक अप्रैल से शुरू होगी जनगणना

Census 2027

Posted on 30.03.2026 Time 5.44 PM

नई दिल्ली, 30 अप्रैल 26, जनगणना 2027 के पहले चरण की शुरुआत एक अप्रैल से होगी। यह 16 वीं जनगणना होगी। महा रजिस्ट्रार और जनगणना आयुक्त मृत्युंजय कुमार नारायण ने पत्रकारों से बातचीत में कहा जनगणना दो चरणों में आयोजित होगी।

पहले चरण में, घर-घर की सूची बनाना और स्व-गणना की जाएगी। घर की सूची बनाने का कार्य एक अप्रैल से 30 दिनों की अवधि में किया जाएगा।

आयुक्त ने कहा कि जनगणना 2027 में स्व-गणना की सुविधा, घर-घर की सूची बनाने से ठीक पहले 15 दिनों की अवधि में की जा सकती है। उन्होंने बताया कि स्व-गणना पोर्टल 16 भाषाओं में उपलब्ध होगा। पहले चरण के प्रश्न पहले ही अधिसूचित किए जा चुके हैं और दूसरे चरण के प्रश्न उचित समय पर प्रकाशित किए जाएंगे। श्री नारायण ने बताया कि जाति गणना जनगणना के दूसरे चरण में की जाएगी। जनगणना 2027 डिजिटल माध्यम से आयोजित की जाएगी।

उन्होंने कहा कि डेटा मोबाइल एप्लिकेशन के माध्यम से एकत्र किया जाएगा और जनता के लिए स्व-गणना का विकल्प भी उपलब्ध होगा। जनगणना 2027 की विभिन्न गतिविधियों के प्रबंधन और निगरानी के लिए एक वेब-आधारित पोर्टल का उपयोग किया जाएगा। आयुक्त ने कहा कि हाउस लिस्टिंग ब्लॉक- एचएलबी का निर्माण वेब मैपिंग एप्लिकेशन के माध्यम से किया जाएगा।

The first phase of Census 2027 will begin on April 1. This will be the 16th census. The census will be conducted in two phases, Registrar General and Census Commissioner Mrutyunjay Kumar Narayan told reporters. In the first phase, house-to-house enumeration and self-enumeration will be done. The house listing will be done over a period of 30 days from April 1.

नवीन और नीतीश के विधान सभा, विधान परिषद से इस्तीफे

Neetish Kumar

पटना, 30 अप्रैल 26, राज्य सभा के सदस्य के रूप में निर्वाचन के भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष nitin नवीन और मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने राज्य विधान मंडल के सदनों से त्यागपत्र दे दिया है। दोनों ही 16 मार्च को राज्यसभा के निर्विरोध सदस्य निर्वाचित हुए।

आज नीतीश कुमार ने विधान परिषद से त्यागपत्र दिया तो नितिन नबीन ने विधानसभा से त्यागपत्र दे दिया।

कांग्रेस ने जनजातियों को नक्सलवाद की आग में धकेला: शिंदे

Loksabha Debate

Posted on 30.03.2026 Time 04.57 PM

नई दिल्ली, 30 मार्च 26,शिव सेना सांसद श्रीकांत शिंदे ने कहा है कि कांग्रेस ने जनजातीय समुदायों और और पिछड़ों के विकास पर ध्यान नहीं दिया। उन्हें नक्सलवाद की आग में धकेल दिया। श्री शिंदे आज लोकसभा में वामपंथी उग्रवाद की समाप्ति के प्रयासों पर चर्चा में भाग ले रहे थे। वामपंथी उग्रवाद मुक्त भारत विषयक चर्चा की शुरुआत शिंदे ने ही की।

Shiv Sena MP Shrikant Shinde has said that the Congress did not pay attention to the development of tribal communities and backward classes. pushed them into the fire of Naxalism. Shri Shinde was participating in a discussion on efforts to end Left Wing Extremism in the Lok Sabha today. It was Shinde who initiated the discussion on Left Wing Extremism Free India.

शिवसेना सांसद श्रीकांत शिंदे ने देश को नक्सलवाद से मुक्त कराने के नरेन्‍द्र मोदी सरकार, अर्धसैनिक और पुलिस बलों के प्रयासों की सराहना की। उन्होंने वामपंथी उग्रवाद से लड़ते हुए सर्वोच्च बलिदान देने वाले सभी सुरक्षाकर्मियों को श्रद्धांजलि भी दी।

श्री शिंदे ने कहा कि मोदी सरकार ने जनजातिय समुदायों, गरीबों और हाशिए पर रहने वालों का विश्वास फिर से हासिल कर लिया है। श्री शिंदे ने कहा कि सरकार उन्हें सशक्त बना रही है और लाल गलियारे को अब विकास गलियारे में बदला जा रहा है। शिवसेना सांसद ने कहा कि कभी दो सौ जिलों में फैला वामपंथी उग्रवाद अब घटकर केवल तीन जिलों तक रह गया है।

March 28, 2026

नेपाल के पूर्व पीएम के पी शर्मा ओली गिरफ्तार

Posted on 28.02.2026 Time 08.02 AM Saturday, Kathmandu Nepal, K P Sharma Oli Ex PM Of Nepal

काठमांडू, 28 मार्च 26, नेपाल में सत्ता परिवर्तन के तत्काल बाद पूर्व प्रधानमंत्री और वरिष्ठ कम्युनिस्ट नेता के पी शर्मा ओली को गिरफ्तार कर लिया गया है। उन्हें गत वर्ष हुए जेन जी आंदोलन में लापरवाही के आरोप में गिरफ्तार किया गया है। उनके साथ ही पूर्व गृह मंत्री रमेश लेखक को भी गिरफ्तार किया गया है।

ज्ञातव्य है कि कल ही प्रधानमंत्री बालेंद्र शाह और उनके मंत्रिमंडल ने शपथ ली है। उधर शर्मा ने गिरफ्तारी को राजनीतिक द्वेष के तहत की गई कार्रवाई बताया है। शर्मा को जेन जी आंदोलन की जांच के लिए बने आयोग ने दोषी माना था। इस आंदोलन में 70 से अधिक लोग मरे गए थे।

Kathmandu, Mar 28: Immediately after the change of power in Nepal, former Prime Minister and senior Communist leader K P Sharma Oli has been arrested. He has been arrested on charges of negligence in the GenG movement that took place last year. Along with him, former Home Minister Ramesh Lekhak has also been arrested.

काठमाडौँ, 28 मार्चः नेपालमा सत्ता परिवर्तन भए लगत्तै पूर्व प्रधानमन्त्री तथा वरिष्ठ कम्युनिष्ट नेता केपी शर्मा ओली पक्राउ परेका छन्। गत वर्ष भएको जेन्जी आन्दोलनमा लापरवाही गरेको आरोपमा उनलाई पक्राउ गरिएको छ। उनीसँगै पूर्व गृहमन्त्री रमेश लेखकलाई पनि पक्राउ गरिएको छ।

March 13, 2026

समाज से मिल रहा प्रतिसाद प्रेरणादायी: सी. आर. मुकुंद

समालखा में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की अखिल भारतीय प्रतिनिधि सभा की बैठक प्रारंभ

केरल राज्य में हजारों मुस्लिम एवं ईसाई परिवारों में किया गृहसंपर्क- परिवारों ने किया स्वागत-अभिनंदन

पट्टीकल्याणा (समालखा), 13 मार्च 2026।
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की अखिल भारतीय प्रतिनिधि सभा की बैठक आज विधिवत रूप से प्रारंभ हो गई। सुबह नौ बजे राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के पूजनीय सरसंघचालक डॉ. मोहन भागवत जी एवं माननीय सरकार्यवाह दत्तात्रेय होसबाले जी ने भारत माता के चित्र पर पुष्पार्चन कर बैठक का शुभारंभ किया। हरियाणा के पट्टीकल्याणा (समालखा) में स्थित माधव सृष्टि परिसर में तीन दिवसीय बैठक आयोजित की गई है। रा. स्व. संघ के सह सरकार्यवाह सी. आर. मुकुंद जी ने पत्रकारों को प्रतिनिधि सभा के शुभारंभ सहित विभिन्न विषयों एवं गतिविधियों की जानकारी दी। उनके साथ अखिल भारतीय प्रचार प्रमुख सुनील आंबेकर जी भी उपस्थित रहे।


सी. आर. मुकुंद जी ने बताया कि संघ के शताब्दी वर्ष के अवसर पर आयोजित प्रतिनिधि सभा की बैठक में देशभर से लगभग 1400 से अधिक प्रतिनिधियों की उपस्थिति अपेक्षित है। बैठक की शुरुआत में दिवंगत हुए विभिन्न प्रतिष्ठित व्यक्तित्वों को श्रद्धांजलि अर्पित की गई। इनमें प्रमुख रूप से शिवकथाकार सतगुरुदास महाराज, पर्यावरणविद डॉ. माधव गाडगिल, पूर्व केंद्रीय गृहमंत्री एवं लोकसभा अध्यक्ष शिवराज पाटिल, पर्यावरण के लिए समर्पित सालुमरदा थिमक्का, पुरातत्वविद के. एन. दीक्षित, महाराष्ट्र के तत्कालीन उपमुख्यमंत्री अजीत पवार, अभिनेता धर्मेंद्र देओल, तमिल फिल्म निर्माता एवीएम सरवनन, मिजोरम के पूर्व राज्यपाल स्वराज कौशल, शिक्षाविद विनय हेगड़े, कम्युनिस्ट नेता आर नल्लकणु, वरिष्ठ पत्रकार एवं संपादक प्रफुल्ल गोविंद बरुआ के नाम सम्मिलित हैं।
सह सरकार्यवाह जी ने पत्रकारों को बताया कि देश भर में संघ शताब्दी वर्ष के कार्यक्रम चल रहे हैं, जिनमें समाज की सज्जन शक्ति के सहयोग और सहभाग ने स्वयंसेवकों का उत्साहवर्धन किया है। शताब्दी वर्ष के कार्यक्रमों की शुरुआत 02 अक्तूबर 2025 को नागपुर में पूर्व राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद जी एवं सरसंघचालक डॉ. मोहन भागवत जी के सान्निध्य में हुई। इससे एक दिन पूर्व भारत सरकार ने संघ शताब्दी वर्ष के उपल्क्ष्य संघ पर डाक टिकट और स्मारक सिक्का जारी किया था।
उन्होंने बताया कि संघ के शताब्दी वर्ष में दो प्रकार के कार्यक्रमों की योजना की गई, जिनमें एक संगठन विस्तार और दूसरा समाज की सज्जन शक्ति को सदभाव, समरसता के लिए संगठित करने का उद्देश्य रखा गया। इस दृष्टि से गृह संपर्क अभियान चल रहा है, जिसके अन्तर्गत अभी तक देश के कुछ प्रांतों में ही 10 करोड़ घरों तथा 3 लाख 90 हजार गांवों तक संपर्क किया जा चुका है और अन्य प्रांतों में यह अभियान जारी है। गृह सम्पर्क में वर्ग और समुदाय के किसी पूर्वाग्रह के बिना घरों में जाकर परिवारों से मिलकर संघ के विषय में संवाद किया गया। सिर्फ केरल राज्य का ही उदाहरण लें तो वहां 55 हजार से ज्यादा मुस्लिम घरों में तथा 54 हजार से ज्यादा ईसाई परिवारों में सम्पर्क किया गया और इन सभी परिवारों ने स्वयंसेवकों का स्वागत किया।
उन्होंने बताया कि देश भर में अभी तक 36000 से अधिक स्थानों पर हिन्दू सम्मेलनों का आयोजन हो चुका है, जिनमें शहरी, ग्रामीण, दुर्गम जनजातीय क्षेत्र सहित सभी प्रकार के स्थान सम्मिलित हैं। इसमें अरुणाचल के एक दुर्गम क्षेत्र में आयोजित हिन्दू सम्मेलन का उदाहरण उल्लेखनीय है, जहां लोगों ने कहा कि वे पहली बार इस प्रकार की आत्मीयता अनुभव कर रहे हैं। हिन्दू सम्मेलनों का आयोजन निरंतर जारी है।
सह सरकार्यवाह जी ने कहा कि समाज हित के लिए सज्जन शक्ति को संगठित करने की दृष्टि से प्रमुख नागरिक संगोष्ठियां आयोजित की गईं हैं। दोनों प्रकार के कार्यक्रमों के माध्यम से समाज के भीतर पंच परिवर्तन के व्यापक लक्ष्य के लिए वातावरण बन रहा है। पंच परिवर्तन में सामाजिक समरसता, पर्यावरण संरक्षण चेतना, स्व एवं स्वदेशी के लिए गर्व, परिवार व्यवस्था के संरक्षण तथा नागरिक कर्तव्यों के लिए जागरुकता शामिल हैं। इन परिवर्तनों के माध्यम से ही देश और समाज को महान बनाया जा सकता है।
संघ के सरसंघचालक डॉ. मोहन भागवत जी भी इन विषयों पर समाज के साथ सीधा संवाद स्थापित करने के लिए चारों महानगरों सहित राज्यों की राजधानियों में कार्यक्रमों में सहभाग कर रहे हैं। सरसंघचालक जी ने केवल चार महानगरों में आयोजित कार्यक्रमों में नागरिकों के साथ संवाद करते हुए एक हजार से अधिक प्रश्नों के उत्तर दिए तथा इस प्रश्नोत्तर में 20 घंटे से अधिक का समय लगा।
उन्होंने कहा कि संघ कार्य का निरंतर विस्तार हो रहा है और पिछले एक वर्ष में नए स्थानों पर नई शाखाओं का संचालन प्रारंभ हुआ है। संघ का प्रयास है कि आने वाले समय में गांवों और कस्बों में अधिक से अधिक शाखाएं प्रारंभ हों और समाज जीवन में सकारात्मक परिवर्तन लाया जा सके।
नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में शांति और विकास के लिए सरकार द्वारा किए जा रहे प्रयासों का भी संघ ने स्वागत किया। सी. आर. मुकुंद जी ने कहा कि इसी प्रकार मणिपुर में भी शांति और स्थायित्व की स्थिति बहाल होना संतोषजनक है और इसमें संघ के स्वयंसेवकों की भी भूमिका उल्लेखनीय है। पड़ोसी देश बांग्लादेश में हिन्दुओं की स्थिति को लेकर चिंता व्यक्त करते हुए उन्होंने आशा जताई कि वहां हिन्दू समाज के साथ परिस्थितियां बेहतर होंगी।
उन्होंने कहा कि संघ का उद्देश्य समाज की सज्जन शक्ति को एकत्रित कर राष्ट्र निर्माण के कार्य में आगे बढ़ना है। संघ का यह शताब्दी वर्ष कार्यक्रम अक्तूबर 2026 तक विभिन्न गतिविधियों के माध्यम से जारी रहेगा। संघ विश्व में शांति एवं सबकी कुशलता की कामना करता है।
प्रेस वार्ता के दौरान अखिल भारतीय सह प्रचार प्रमुख नरेंद्र ठाकुर जी एवं प्रदीप जोशी जी सहित अन्य पदाधिकारी भी उपस्थित रहे।
संघ कार्य का विस्तार
प्रतिवेदन में प्रस्तुत आंकड़ों के अनुसार पिछले वर्ष 51,740 स्थानों पर 83,129 शाखाएं संचालित थीं जो अब बढ़कर 55,683 स्थानों पर 88,949 शाखाओं का आंकड़ा हो गया है। इस प्रकार एक वर्ष में 3943 नए स्थान जुड़े हैं और शाखाओं की संख्या 5820 की वृद्धि हुई है।
हिन्दू सम्मेलनों के माध्यम से पंच परिवर्तन का आह्वान
प्रतिवेदन के अनुसार देश में अब तक 37,048 हिन्दू सम्मेलनों का आयोजन किया जा चुका है, जिनमें लगभग साढ़े तीन करोड़ लोगों ने सहभाग किया है। यह सम्मेलन शहरी, ग्रामीण, जनजातीय और दुर्गम क्षेत्रों में भी आयोजित हुए हैं। इनमें प्रमुखता से समाज में सामाजिक समरसता, पर्यावरण चेतना, कुटुम्ब प्रबोधन, स्व का बोध तथा नागरिक कर्तव्यों की पालना के लिए पंच परिवर्तन के लिए आह्वान किया गया।

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