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प्रधानमंत्री की मौजूदगी में हुई नितिन नबीन के राष्ट्रीय अध्यक्ष पद पर निर्वाचन की औपचारिक घोषणा

January 20, 2026

प्रधानमंत्री की मौजूदगी में हुई नितिन नबीन के राष्ट्रीय अध्यक्ष पद पर निर्वाचन की औपचारिक घोषणा

New BJP President Nitin Nabin with PM Narendra Modi and four former President Rajnath Singh, Nitin Gadkari, Amit Shah, Jagat Prakash Nadda

मंगलवार 20 जनवरी 2026 को नई दिल्ली के दीनदयाल उपाध्याय मार्ग स्थित पार्टी कार्यालय में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और पूर्व भाजपा अध्यक्षों राजनाथ सिंह, नितिन गडकरी, अमित शाह, जेपी नड्डा ने नितिन नबीन को अध्यक्ष पद का कार्यभार ग्रहण कराया

नई दिल्ली, 20 जनवरी 2026, भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष पद के लिए हुए सर्वसम्मत चुनाव के बाद आज नितिन नबीन के निर्वाचन की औपचारिक घोषणा हो गई। इस अवसर पर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी, भाजपा के निवर्तमान अध्यक्ष राजनाथ सिंह, नितिन गडकरी, अमित शाह और जगत प्रकाश नड्डा समेत भाजपा के सभी वरिष्ठ नेता मौजूद थे। श्री नबीन का निर्वाचन कल ही तय हो गया था क्योंकि उनका अकेला नामांकन इस पद के लिए आया था। घोषणा आज समारोह पूर्वक की गई।

भारतीय जनता पार्टी ने सामाजिक समीकरणों को भी ध्यान में रखकर नबीन का चयन किया है। वे कायस्थ जाति से हैं, जिसका पश्चिम बंगाल से लेकर, झारखंड, बिहार, उत्तर प्रदेश में खासा प्रभाव है। बुद्धिजीवी वर्ग में ब्राह्मण के बाद यह दूसरी ऐसी जाति है जिसके समाज के लोग विभिन्न सेवाओं में भारी संख्या में हैं और प्रभाव रखते हैं। इसलिए यह वर्ग जनमत बनाने और नैरेटिव सैट करने में महत्वपूर्ण भूमिका भी निभा सकता है।

बिहार के निवासी नितिन नबीन युवा अध्यक्ष के रूप में पद संभालने वाले पहले नेता हैं। वे बिहार सरकार में पांच बार विधायक रहे हैं। उनके पिता भी भाजपा के विधायक थे। श्री नबीन भाजपा के लिए कई महत्वपूर्ण अभियानों में सफलता पूर्वक परिणाम दे चुके हैं। उन्हें छत्तीसगढ़ विधान सभा चुनाव में प्रभारी बनाया गया था। वहां भाजपा को सफलता मिली, इसके बाद लोकसभा चुनाव में भाजपा को उल्लेखनीय जीत मिली थी।

हालांकि नबीन का चयन देश भर के लिए चौंकाने वाला फैसला रहा। लेकिन भाजपा के लिए पूरी तरह से कैलकुलेटिव है। पूरा गणित लगा कर भाजपा नेतृत्व ने फैसला लिया है। वे 45 वर्ष के हैं और अगले 25 वर्ष तक वे पार्टी की अनवरत सेवा कर सकते हैं।

January 19, 2026

Etah दिनदहाड़े एक ही परिवार के चार लोगों की हत्या के बाद फैली सनसनी, पुलिस जांच में जुटी

 

एटा 19 जनवरी उप्रससे। कोतवाली नगर क्षेत्र के अंतर्गत गांव नगला प्रेमी में दिनदहाड़े एक ही परिवार के चार लोगों की निर्मम हत्याकांड से सनसनी फ़ैल गई।
हत्याएं इतनी बेरहमी और खौफनाक तरीके से की गई थीं लाशों के आस-पास खून के चीथड़े फैले हुए थे।

गांव नगला प्रेमी में अज्ञात हमलावरों ने घर के अंदर घुसकर पूरे परिवार पर जानलेवा हमला किया और जो मिला उसको मौत के घाट उतार दिया।
इस खौफनाक हत्याकांड में बुजुर्ग गंगा सिंह, उनकी पत्नी श्यामा देवी, पुत्रवधू रत्ना देवी और नातिन ज्योति की मौत हो गई। लाशों को देखकर ऐसा प्रतीत हो रहा था जैसे अज्ञात हत्यारों ने धारदार हथियार के अलावा ईट-पत्थर से उनपर हमला किया गया हो, घटना के बाद से पूरे इलाके में दहशत और सनसनी का माहौल है, गांव में सन्नाटा पसरा हुआ है।
घटना के वक्त मृतक बुजुर्ग गंगा सिंह का नाती स्कूल गया हुआ था, जब वह स्कूल से लौटकर घर पहुंचा और दरवाजा खोला, तो उसने देखा कि भीषण ठंड के बावजूद घर के अंदर पंखा चल रहा था। उसे शक हुआ और वह कमरे के अंदर गया।
देवांश ने बताया कि कमरे के अंदर का मंजर रूह कंपा देने वाला था। दादा-दादी, मां और दीदी चारों फर्श पर खून से लथपथ पड़े थे और पूरे कमरे में चारों ओर खून फैला हुआ था।
यह दृश्य देखकर मासूम देवांश चीखता हुआ घर से बाहर भागा, जिसके बाद मोहल्ले वालों को घटना की जानकारी हुई। इसके बाद पड़ोसियों ने तत्काल घटना की सूचना पुलिस को दी। सूचना पर पहुंची पुलिस ने मौके पर देखा तो बुजुर्ग श्यामा देवी की सांसें चल रही थी पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए उनको मेडिकल कॉलेज पहुंचाया लेकिन उन्होंने भी वहां पहुंचने के बाद दम तोड़ दिया।
पुलिस द्वारा घर की घेराबंदी कर हर एंगल से जांच शुरू कर दी गई है, तमाम सीसीटीवी फुटेज को खंगाला जा रहा है।
हालांकि इस खौफनाक हत्याकांड को क्यों और किसने अंजाम दिया पुलिस जांच के बाद ही पता चल सकेगा?

नितिन नबीन अब हुए बीजेपी के नए सबसे युवा राष्ट्रीय अध्यक्ष

नई दिल्ली, 19 जनवरी 2026, भाजपा को नवीन अध्यक्ष के रूप में युवा नितिन नहीं मिल गए हैं। उनका निर्विरोध निर्वाचन हो गया है। घोषणा कल होगी।

37 सेट पूरे देश से युवा नितिन नबीन के पक्ष में बीजेपी के केंद्रीय मंत्री , मुख्य मंत्री और वरिष्ठ पार्टी नेताओं ने दाखिल किये।

आज बीजेपी मुख्यालय में राज्यसभा सांसद और राष्ट्रीय अध्यक्ष निर्वाचन अधिकारी के लक्ष्मण ने 5 बार के विधायक 45 वर्षीय

नितिन नबीन को विधिवत राष्ट्रीय अध्यक्ष निर्वाचित घोषित किया।

नितिन नबीन के पक्ष में पूरे देश से बीजेपी केंद्रीय मंत्री , मुख्य मंत्री और वरिष्ठ पार्टी नेताओं ने 37 सेट निर्वाचन हेतु दाखिल किये गए

किन्तु उनके विरोध में कोई प्रत्याशी नहीं उतरा। इस प्रकार निर्वाचन अधिकारी के लक्ष्मण ने बिहार से 5 बार के विधायक नितिन नबीन

को सबसे युवा राष्ट्रीय अध्यक्ष निर्वाचित घोषित किया है।

अब बीजेपी की राष्ट्रिय कार्य समिति की बैठक में नए राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन के निर्वाचन का अनुमोदन किया जाना शेष रह गया

है। राष्ट्रीय अध्यक्ष निर्वाचन प्रक्रिया में बीजेपी के वरिष्ठ नेता पूर्व अध्यक्ष जे पी नड्डा , अमित शाह , राजनाथ सिंह , किरन रिजिजू  आदि

वरिष्ठ नेता नितिन नबीन के नाम का प्रस्ताव करने मौजूद रहे।

45 वर्षीय इंजीनियर नितिन नबीन बिहार में अजेय विधायक और मंत्री के नाम से जाने जाते हैं। बीजेपी युवा मोर्चा के प्रदेश और राष्ट्रिय अध्यक्ष की

भूमिका निभा चुके युवा नितिन नबीन विश्व की सबसे बड़ी पार्टी बीजेपी को नई सोच, नई दिशा और संकल्प देने की पारी शुरू करेंगे।

उनके पिता स्वर्गीय नबीन किशोर प्रसाद सिन्हा भी कई बार विधायक रह चुके हैं।

_ भूपत सिंह बिष्ट स्वतंत्र पत्रकार।

विधायिका की सबसे बड़ी जिम्मेदारी जनता के प्रति जवाबदेही: सतीश महाना

86th AIPOC Inaugurated in Vidhan Bhawan Lucknow

पीठासीन अधिकारियों के सम्मेलन में स्मारिका का विमोचन करते हुए राज्यपाल श्रीमती आनंदी बेन पटेल और लोक सभा अध्यक्ष ओम बिड़ला

लखनऊ, 19 जनवरी 2026, उत्तर प्रदेश विधानसभा अध्यक्ष सतीश महाना ने कहा कि यह उत्तर प्रदेश के लिए अत्यंत गौरव का विषय है कि राज्य को 86वें अखिल भारतीय पीठासीन अधिकारी सम्मेलन (AIPOC) तथा विधानमंडलों के सचिवों के 62वें सम्मेलन की मेजबानी का अवसर प्राप्त हुआ है। उन्होंने कहा कि यह सम्मेलन संसदीय लोकतंत्र की गरिमा, विधायी मर्यादाओं और संवैधानिक मूल्यों को सुदृढ़ करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण मंच है।
विधानसभा अध्यक्ष ने सम्मेलन के उद्घाटन अवसर पर महामहिम राज्यपाल श्रीमती आनंदीबेन पटेल का हार्दिक स्वागत एवं अभिनंदन करते हुए कहा कि उनके मार्गदर्शन और संरक्षण में उत्तर प्रदेश निरंतर प्रगति के पथ पर अग्रसर है। उन्होंने माननीय लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला का विशेष स्वागत करते हुए कहा कि संसदीय नवाचारों, तकनीकी समावेशन और लोकतांत्रिक परंपराओं को सशक्त करने में उनका योगदान देश ही नहीं, बल्कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी सराहनीय है।
श्री महाना ने राज्यसभा के उपसभापति हरिवंश, उत्तर प्रदेश विधान परिषद के सभापति कुंवर मानवेन्द्र सिंह, नेता प्रतिपक्ष माता प्रसाद पाण्डेय सहित देशभर से पधारे सभी पीठासीन अधिकारियों, उप पीठासीन अधिकारियों, सचिवों एवं प्रतिनिधियों का हार्दिक अभिनंदन किया।
विधानसभा अध्यक्ष ने कहा कि उत्तर प्रदेश की पहचान उसकी प्राचीन सांस्कृतिक विरासत, लोकतांत्रिक चेतना और सेवा भाव से है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में विगत वर्षों में प्रदेश की कानून-व्यवस्था, आधारभूत ढांचे और निवेश वातावरण में अभूतपूर्व सुधार हुआ है, जिससे प्रदेश की छवि राष्ट्रीय एवं वैश्विक स्तर पर सशक्त हुई है।
उन्होंने कहा कि विधायिका की सबसे बड़ी जिम्मेदारी जनता के प्रति जवाबदेही है। संविधान ने विधायिका को व्यापक अधिकार दिए हैं, लेकिन उनके साथ कर्तव्यों का पालन भी उतना ही आवश्यक है। विधायिका, कार्यपालिका, न्यायपालिका और मीडिया—सभी लोकतंत्र के स्तंभ हैं और अपनी-अपनी सीमाओं में रहकर परस्पर सहयोग, सम्मान और संतुलन से ही लोकतंत्र को मजबूत किया जा सकता है।
श्री महाना ने कहा कि इस तीन दिवसीय सम्मेलन में विधायिका की जनता के प्रति जिम्मेदारी, प्रभावी संसदीय कार्यप्रणाली, तथा डिजिटल तकनीक और नवाचारों के जनहित में उपयोग जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर व्यापक और सार्थक चर्चा होगी। इन विचार-विमर्शों से निकले निष्कर्ष देश की सभी विधानसभाओं और विधान परिषदों के लिए मार्गदर्शक सिद्ध होंगे।
विधानसभा अध्यक्ष ने बताया कि सम्मेलन के अवसर पर विधान भवन में आयोजित लाइट एंड साउंड शो के माध्यम से उत्तर प्रदेश विधानसभा की गौरवशाली परंपरा, लोकतांत्रिक यात्रा और संवैधानिक विकास को प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत किया गया है।
अंत में श्री महाना ने माननीय प्रधानमंत्री द्वारा भेजे गए संदेश का उल्लेख करते हुए सभी अतिथियों के प्रति आभार व्यक्त किया और विश्वास जताया कि यह सम्मेलन सार्थक, उद्देश्यपूर्ण और ऐतिहासिक सिद्ध होगा।

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January 17, 2026

एकीकृत न्यायालय काम्पलेक्स से उत्तर प्रदेश सरकार ने एक उदाहरण प्रस्तुत किया हैः न्यायमूर्ति सूर्यकांत

चन्दौली समेत छह एकीकृत न्यायालय काम्पलेक्स का शिलान्यास , पांच जिलों में वर्चुअल कार्क्रम सम्पन्न

CJI Justice Suryakant lays Foundation stone of 6 integated Court Complexes in Chandauli District with UP Chief Minister Yogi Adityanath on 17nth January 2026

चन्दौली समेत छह जिलों में एकीकृत न्यायालय काम्पलेक्स का शिलान्यास करते हुए भारत के मुख्य न्न्यायायाधीश न्यायमूर्ति सूर्यकांत और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ

चन्दौली: 17 जनवरी, 2026. उच्चतम न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति सूर्यकान्त Chief Justice of India Justice Suryakant ने जनपद चन्दौली में एकीकृत न्यायालय परिसर का शिलान्यास किया। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की गरिमामयी उपस्थिति रही। ज्ञातव्य है कि जनपद चन्दौली में एकीकृत न्यायालय परिसर का शिलान्यास भौतिक रूप से तथा जनपद महोबा, अमेठी, शामली, हाथरस तथा औरैया में वर्चुअल माध्यम से सम्पन्न किया गया।
उच्चतम न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति सूर्यकान्त  ने कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुये कहा कि यह क्षेत्र बाबा स्वामीनाथ व अनेक ऐतिहासिक तथा धार्मिक मन्दिरों के लिये प्रसिद्ध है। इस स्वर्णिम इतिहास में आज मुख्यमंत्री जी ने एक नयी कड़ी जोड़ी है, जब यहाँ न्यायिक मन्दिरों की स्थापना की जा रही है।

उत्तर प्रदेश में मुख्यमंत्री जी ने 10 इन्टीग्रेटेड कोर्ट कॉम्प्लेक्स की घोषणा की, जिनमें से आज 06 का शिलान्यास किया जा रहा है। इस कार्य से उत्तर प्रदेश सम्पूर्ण देश में एक एक्जाम्पल सेट करेगा। यह इन्टीग्रेटेड कोर्ट कॉम्प्लेक्स सम्पूर्ण भारत के लिये बेंच मार्क बनेंगे। जिस प्रदेश में जाऊँगा, खुशी व गर्व के साथ उत्तर प्रदेश का उदाहरण प्रस्तुत कर, वहाँ की राज्य सरकारों से यह सभी सुविधाएं उपलब्ध कराने का आह्वान करूंगा।
उच्चतम न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश ने कहा कि इन्टीग्रेटेड कोर्ट कॉम्प्लेक्स आगामी 50 वर्षों तक न्याय परिसर की आवश्यकतायें सशक्त रूप से पूर्ण करने में सफल होंगे। कोर्ट कॉम्प्लेक्स में वकीलों के साथ-साथ न्याय की खोज में आये आम आदमी को आवश्यक सुविधायें प्रदान करना सराहनीय कदम है। इस कार्य के लिये उत्तर प्रदेश सरकार एवं उच्च न्यायालय बधाई के पात्र हैं। भारत के संविधान में डिस्ट्रिक्ट ज्यूडिशियरी को महत्वपूर्ण स्थान दिया गया है। संविधान निर्माताओं का मानना रहा है कि डिस्ट्रिक्ट ज्यूडिशयरी स्थापित होने से देश में एक्सेस टू जस्टिस का सपना पूरा होगा। लोगों को नजदीक से नजदीक कोर्ट की सुविधाएं प्राप्त होंगी, जहाँ वह अपने अधिकारों के लिये लड़ सकेंगे।

UP Chief Minister Yogi Adityanath present a momento to Chief Justice of India Justice Suryakant at occasion in Chandauli

चन्दौली में एकीकृत न्यायालय परिसर के शिलान्यास कार्यक्रम में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ भारत के मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति सूर्यकांत को प्रतीक चिन्ह भेंट करते हुए

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि लोकतंत्र के सशक्तिकरण हेतु न्यायपालिका का सशक्त होना तथा कॉमनमैन को सहजता से न्याय उपलब्ध कराने के लिये न्यायिक व्यवस्था से सम्बन्धित अच्छा इन्फ्रास्ट्रक्चर होना आवश्यक है। सुशासन का लक्ष्य प्राप्त करने के लिये न्यायिक सुविधाओं को और अधिक सुदृढ़ बनाने के लिये प्रदेश सरकार पूर्णतः प्रतिबद्ध है। प्रदेश सरकार न्यायिक व्यवस्था से जुड़े कार्यों को शीघ्रता से पूर्ण करती है।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी ने वर्ष 2014 में देश में ईज़ ऑफ डूइंर्ग बिजनेस और ईज़ ऑफ लिविंग के लक्ष्य के प्राप्ति हेतु अनेक रिफॉर्म किये तथा देश के इन्फ्रास्ट्रक्चर को अत्याधुनिक बनाने की दिशा में उल्लेखनीय कदम उठाए। देश के वर्तमान मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति सूर्यकान्त जी ने अपनी प्रयागराज यात्रा के दौरान उल्लेख किया था कि प्रत्येक नागरिक को सहजता से न्याय उपलब्ध कराने के लिये एक इन्टीग्रेटेड कोर्ट कॉम्प्लेक्स का मॉडल कार्यान्वित किया जाना चाहिए।
प्रधानमंत्री जी की प्रेरणा तथा न्यायमूर्ति सूर्यकान्त जी के सुझाव को ध्यान को रखते हुये आज प्रदेश में न्याय पालिका के इतिहास के एक नये पृष्ठ का सृजन हो रहा है। श्री काशी विश्वनाथ तथा बाबा कीनानाथ की पावन धरा चन्दौली सहित 06 जनपदों में एकीकृत न्यायालय परिसर का शिलान्यास किया जा रहा है। जनपद चन्दौली में भौतिक रूप से तथा जनपद महोबा, अमेठी, शामली, हाथरस तथा औरैया में वर्चुअल माध्यम से यह कार्य सम्पन्न हो रहा है।
कार्यक्रम में इन्टीग्रेटेड कोर्ट कॉम्प्लेक्स से सम्बन्धित एक लघु फिल्म प्रदर्शित की गयी।
उच्चतम न्यायालय के न्यायाधीश न्यायमूर्ति  विक्रम नाथ तथा इलाहाबाद उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति अरुण भंसाली ने भी कार्यक्रम को सम्बोधित किया।
इस अवसर पर उच्चतम न्यायालय के न्यायाधीश न्यायमूर्ति पंकज मित्थल, न्यायमूर्ति मनोज मिश्रा, न्यायमूर्ति राजेश बिन्दल, उत्तराखण्ड उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति मनोज कुमार गुप्ता, इलाहाबाद उच्च न्यायालय के न्यायाधीश न्यायमूर्ति महेश चन्द्र त्रिपाठी, न्यायमूर्ति हरवीर सिंह, अधिवक्तागण सहित अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे।

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