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Varanasi मुठभेड़ में एक लाख का इनामी बदमाश बनारसी यादव ढेर

February 4, 2026

Varanasi मुठभेड़ में एक लाख का इनामी बदमाश बनारसी यादव ढेर

UP Web News

यूपी वेब न्यूज

वाराणसी, 04 फरवरी। सारनाथ इलाके में 21 अगस्त 2025 को कॉलोनाइजर महेंद्र गौतम की गोली मारकर हत्या के मामले में फरार चल रहे एक लाख रुपये के इनामी बदमाश बनारसी यादव को यूपी एसटीएफ ने मुठभेड़ में मार गिराया। यह कार्रवाई मंगलवार देर रात वाराणसी के चौबेपुर क्षेत्र में हुई।
यूपी एसटीएफ के एक्स (पूर्व ट्विटर) हैंडल पर दी गई जानकारी के अनुसार, सूचना मिली थी कि बनारसी यादव चौबेपुर क्षेत्र में मौजूद है। इसके बाद पुलिस और एसटीएफ की टीमों ने संयुक्त रूप से इलाके की घेराबंदी शुरू की। खुद को घिरता देख बनारसी यादव ने एसटीएफ टीम पर फायरिंग शुरू कर दी।
आत्मरक्षा में एसटीएफ को भी जवाबी फायरिंग करनी पड़ी, जिसमें बनारसी यादव गोली लगने से घायल हो गया। उसे तत्काल अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
पुलिस के मुताबिक, बनारसी यादव महेंद्र गौतम हत्याकांड समेत कई गंभीर आपराधिक मामलों में वांछित था और लंबे समय से फरार चल रहा था। एसटीएफ ने मुठभेड़ की पुष्टि करते हुए कहा कि आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है।

Ghaziabad: गेम से रोकने पर तीन बहनों ने दे दी जान

Posted on : 04.02.2026, Wednesday

UP Web News

गाजियाबाद, 04 फरवरी 2026, नगर की एक सोसाइटी में 3 सगी बहनों ने एक साथ 9वीं मंजिल से कूद कर आत्महत्या कर ली। तीन बहनों की सामूहिक आत्महत्या से सनसनी फैल गई है।

तीनों एक गेम ऐप की आदी हो चुकी थीं। मिले सुसाइड नोट से पता चला है कि उन्हें पिता ने गेम चलाने के लिए डाटा था। इससे क्षुब्ध होकर उन्होंने जान दे दी। जान देने वाली तीनों 16 वर्षीय निशिका, 14 वर्षीय प्राची और 12 वर्षीय पाखी हैं।

पुलिस सूत्रों के अनुसार भारत सिटी सोसाइटी में रात 2 बजे घटना हुई।

पुलिस ने एक सुसाइड नोट रिकवर किया

बच्चियों ने माता-पिता को सॉरी लिखा है, जिस गेम को आप छुड़वाना चाहते थे- अब समझेंगे हम उसे कितना प्यार करते थे। सुसाइड नोट से गेमिंग ऐप की लत सामने आई है। परिवार द्वारा गेम को लेकर डांटने की आशंका।

February 3, 2026

संघ के 100 वर्ष की यात्रा पर सरसंघचालक भागवत का संवाद 7 फरवरी से

  • 100 वर्ष की संघ यात्रा व पंच परिवर्तन के संकल्प पर प्रमुख जनों से संवाद करेंगे सरसंघचालक मोहन भागवत जी
  • मुंबई में 07, 08 फरवरी को शताब्दी वर्ष के निमित्त व्याख्यानमाला – ‘संघ यात्रा के १०० वर्ष – नए क्षितिज’

Posted on: 03.02.2026, Tuesday, Time: 07.07 PM, RSS Rashtriya Swayamsevak Sangh, Mumbai Samvad, Sarsanghchalak Dr Mohan Bhagwat 

RSS Press Conference in Mumbai, Sunil Ambedkar

राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के अखिल भारतीय प्रचार प्रमुख सुनील अंबेकर मुंबई में पत्रकारों से वार्ता करते हुए

मुंबई, ३ फरवरी २०२६। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के अखिल भारतीय प्रचार प्रमुख सुनील आंबेकर जी ने संघ शताब्दी वर्ष के निमित्त होने वाली “संघ यात्रा के १०० वर्ष : नए क्षितिज” व्याख्यानमाला (मुंबई) की विस्तृत जानकारी दी। आज प्रेस क्लब में आयोजित पत्रकार वार्ता में सुनील जी के साथ कोकण प्रांत संघचालक अर्जुन चांदेकर जी भी उपस्थित थे।
शताब्दी वर्ष के निमित्त अखिल भारतीय योजना के अंतर्गत दिल्ली, बेंगलुरु और कोलकाता में इसी प्रकार की व्याख्यानमालाएं आयोजित हुई हैं, मुंबई व्याख्यानमाला इस श्रृंखला की अंतिम व्याख्यानमाला होगी। पिछली सभी व्याख्यानमालाओं को उत्साहवर्धक प्रतिसाद मिला है।
उन्होंने बताया कि वर्ळी स्थित नेहरू सेंटर सभागार में ७ और ८ फरवरी को व्याख्यानमाला का आयोजन होगा, जिसमें ४ सत्र रहेंगे। पहले दिन दोपहर ३:३० से शाम ७:३० बजे तक २ सत्र होंगे, जिसमें सरसंघचालक डॉ. मोहन भागवत जी का उद्बोधन होगा। दूसरे दिन स

विकसित भारत का विजन डॉक्यूमेंट है केंद्रीय बजट: पंकज चौधरी

UP BJP President Pankaj Chaudhary

भाजपा मुख्यालय पर पत्रकारों से बातचीत करते प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी

Posted on 03.02.2026 Tuesday, Time: 06.26 PM, BJP President Press Conference, Lucknow 

लखनऊ 03 फरवरी 2026। भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष एवं केंद्रीय वित्त राज्य मंत्री पंकज चौधरी ने मंगलवार को राजधानी लखनऊ स्थित पार्टी के प्रदेश मुख्यालय पर केंद्रीय बजट 2026-27 को लेकर आयोजित पत्रकार वार्ता को संबोधित किया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि 01 फरवरी को प्रस्तुत किया गया केंद्रीय बजट केवल आंकड़ों का संकलन नहीं, बल्कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में विकसित भारत-2047 और आत्मनिर्भर भारत के लक्ष्य को प्राप्त करने का एक सशक्त और दूरदर्शी विजन डॉक्यूमेंट है।
श्री पंकज चौधरी ने कहा कि पिछले 11 वर्षों में मोदी सरकार ने आमजन की सुविधाओं, नवाचार, आर्थिक वृद्धि, रोजगार सृजन और समावेशी विकास पर निरंतर फोकस किया है। इसी सोच का स्पष्ट प्रतिबिंब बजट 2026-27 में देखने को मिलता है, जो किसान, युवा, महिला, उद्यमी और मध्यम वर्ग सहित सभी वर्गों को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है। उन्होंने बताया कि सरकार ने आधारभूत संरचना को अर्थव्यवस्था की रीढ़ मानते हुए इसके लिए अब तक का सबसे निरंतर और मजबूत निवेश किया है। वर्ष 2014-15 में जहां इन्फ्रा बजट मात्र 2 लाख करोड़ रुपये था, वहीं इसे चरणबद्ध रूप से बढ़ाकर अब 12.2 लाख करोड़ रुपये कर दिया गया है, जो अपने आप में ऐतिहासिक उपलब्धि है।
श्री चौधरी ने कहा कि बजट में देश को सात नए हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर की सौगात दी गई है, जिनमें दिल्ली-वाराणसी एवं वाराणसी-सिलीगुड़ी कॉरिडोर विशेष रूप से उत्तर प्रदेश को लाभ पहुंचाएंगे। इन परियोजनाओं से नोएडा, आगरा, लखनऊ, प्रयागराज और वाराणसी जैसे प्रमुख शहरों को तेज़-गति से जोड़ने में मदद मिलेगी, जिससे यात्रा समय घटेगा, पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा और आर्थिक गतिविधियों में तेजी आएगी। इसके साथ ही पूर्व में डांकुनी से पश्चिम में सूरत तक डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर के निर्माण का निर्णय लिया गया है, जिसका एक महत्वपूर्ण हिस्सा उत्तर प्रदेश में होगा। अगले पांच वर्षों में 20 नए वाटरवेज़ शुरू किए जाएंगे, जिससे लॉजिस्टिक्स अधिक किफायती होगी। इसी क्रम में वाराणसी में गंगा जलमार्ग पर जलयान मरम्मत एवं शिप-रिपेयर केंद्र विकसित किए जाने की घोषणा की गई है, जिससे स्थानीय स्तर पर रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे।
श्री चौधरी ने बताया कि पांच लाख से अधिक आबादी वाले टियर-2 एवं टियर-3 शहरों में सिटी इकोनॉमिक रीजन विकसित किए जाएंगे, जिन पर अगले पांच वर्षों में प्रति शहर 5000 करोड़ रुपये तक खर्च किए जाएंगे। पर्यटन क्षेत्र में रोजगार की अपार संभावनाओं को देखते हुए पांच प्रमुख टूरिस्ट डेस्टिनेशन विकसित किए जाएंगे। उत्तर प्रदेश में सारनाथ एवं हस्तिनापुर जैसे ऐतिहासिक एवं पर्यावरणीय स्थलों को अनुभवात्मक पर्यटन केंद्र के रूप में विकसित किया जाएगा, जिससे घरेलू और अंतरराष्ट्रीय पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा।
रक्षा क्षेत्र पर बोलते हुए उन्होंने कहा कि ऑपरेशन सिंदूर के बाद यह पहला बजट है, जिसमें रक्षा बजट को 15 प्रतिशत बढ़ाकर 7.85 लाख करोड़ रुपये किया गया है। इसमें से 2.19 लाख करोड़ रुपये रक्षा अवसंरचना के लिए निर्धारित किए गए हैं, जो देश की सैन्य शक्ति और आत्मनिर्भर रक्षा क्षमता को और सुदृढ़ करेंगे।
मैन्युफैक्चरिंग को रोजगार का प्रमुख आधार बताते हुए श्री पंकज चौधरी ने कहा कि मेक इन इंडिया और पीएलआई योजनाओं को लाया गया था। इसी क्रम को बनाये रखते हुए इस बजट में भी ७ स्ट्रेटेजिक निर्माण क्षेत्रों में फोकस किया गया है। बायोफार्मा शक्ति परियोजना के तहत 10,000 करोड़ रुपये का प्रावधान कर भारत को वैश्विक बायोफार्मा हब बनाने का लक्ष्य रखा गया है। इंडिया सेमीकंडक्टर मिशन 2.0, इलेक्ट्रॉनिक मैन्युफैक्चरिंग के लिए 40,000 करोड़ रुपये का प्रावधान तथा केमिकल पार्क, हेवी टूल्स और शिपिंग कंटेनर मैन्युफैक्चरिंग जैसी योजनाएं रोजगार और औद्योगिक विकास को गति देंगी। एमएसएमई क्षेत्र के लिए 10,000 करोड़ रुपये का एमएसएमई ग्रोथ फंड, 200 पुराने औद्योगिक समूहों के पुनरुद्धार की योजना तथा खादी, हथकरघा, रेशम और टेक्सटाइल उद्योगों के लिए विशेष समर्थन का प्रावधान किया गया है, जिससे उत्तर प्रदेश के छोटे और कुटीर उद्योगों की प्रतिस्पर्धा क्षमता और निर्यात को बढ़ावा मिलेगा।
श्री चौधरी ने कहा कि आयुष क्षेत्र में तीन अखिल भारतीय आयुर्वेद संस्थानों की स्थापना का निर्णय लिया गया है। युवाओं और महिलाओं के लिए प्रत्येक जिले में गर्ल्स हॉस्टल की व्यवस्था की गई है, जिसके तहत उत्तर प्रदेश के सभी 75 जिलों को लाभ मिलेगा। औद्योगिक नगरियों के समीप यूनिवर्सिटी टाउनशिप, स्किल डेवलपमेंट मंत्रालय के बजट में 62 प्रतिशत की वृद्धि तथा स्कूलों और कॉलेजों में कंटेंट लैब की स्थापना से युवाओं को रोजगारोन्मुख शिक्षा प्राप्त होगी।
श्री चौधरी ने कहा कि स्वास्थ्य क्षेत्र में जिला अस्पतालों की क्षमता 50 प्रतिशत तक बढ़ाने और प्रत्येक जिले में आपातकालीन एवं ट्रॉमा केंद्र स्थापित करने का प्रावधान किया गया है, जिससे प्रदेश की स्वास्थ्य सेवाएं और अधिक सुलभ एवं सशक्त होंगी।
उन्होंने कहा कि कृषि क्षेत्र के लिए 1.62 लाख करोड़ रुपये का आवंटन किया गया है, जो पिछले वर्ष की तुलना में 7 प्रतिशत अधिक है। उच्च मूल्य एवं विविधीकृत कृषि, एआई आधारित भारत विस्तार योजना और समर्थन मूल्य को मजबूत करने के लिए किए गए प्रावधान किसानों की आय बढ़ाने में सहायक होंगे।
उन्होंने बताया कि केंद्रीय सहायता, टैक्स डिवोल्यूशन और सीएसएस के तहत उत्तर प्रदेश को लगभग 4.18 लाख करोड़ रुपये का वित्तीय समर्थन प्राप्त होगा, जो प्रदेश के विकास कार्यों को नई गति प्रदान करेगा।
श्री पंकज चौधरी ने कहा कि बजट 2026-27 “सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास और सबका प्रयास” की भावना को साकार करने वाला बजट है, जो उत्तर प्रदेश सहित पूरे देश को एक सशक्त, आत्मनिर्भर और विकसित भारत की दिशा में तेज़ी से आगे ले जाने में निर्णायक भूमिका निभाएगा।

ऋषिकेश में उमड़ा जनसैलाब, 35 हजार लोगों ने घर बचाने को निकाली महा रैली

Rishikesh Railly

ऋषिकेश में घर बचने को सड़कों पर उतरे लोग

Posted on 03.02.2026 Tuesday, Time : 05.32 PM , Rishikesh Uttarakhand, Railly 

ऋषिकेश, 3 फरवरी 2026। (उप्रससे) तीर्थनगरी ऋषिकेश Rishikesh में सोमवार को एक ऐतिहासिक दृश्य देखने को मिला, जब राज्य गठन के बाद पहली बार सत्तारूढ़ भाजपा और धामी सरकार के खिलाफ हजारों लोग सड़कों पर उतरे। अपने घरों और जमीनों को बचाने की मांग को लेकर आयोजित इस महा रैली ने सरकार और प्रशासन को स्पष्ट संदेश दे दिया । “अब देरी बर्दाश्त नहीं की जाएगी।” सोमवार सुबह 10 बजे तक आइडीपीएल हाकी मैदान में करीब 10 हजार से ज्यादा लोग एकत्र हो चुके थे। 15 से 20 मिनट के बाद कई वार्डों से रैली के रूप में लोग हाकी मैदान पहुंचते रहे, जिसके बाद पूरा हाकी मैदान लोगों से खचाखच भरा नजर आया।

इस विशाल जनआंदोलन में करीब 30 से 35 हजार लोगों की उपस्थिति दर्ज की गई। रैली में बच्चे, महिलाएं, युवा, बुजुर्ग, वरिष्ठ और सुपर सीनियर सिटीजन तक शामिल रहे। लोगों ने अपने परिवारों के साथ लगभग 5 से 6 किलोमीटर की पदयात्रा कर शांतिपूर्ण लेकिन दृढ़ विरोध दर्ज कराया। यह रैली सिर्फ एक विरोध नहीं, बल्कि अपने अस्तित्व और भविष्य की लड़ाई का प्रतीक बनकर सामने आई।

बापूग्राम, बीसबीघा, मीरानगर सहित आसपास के कई क्षेत्रों के निवासी हाथों में तख्तियां और बैनर लेकर सड़कों पर उतरे। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि वन विभाग की कार्रवाई और सरकारी नीतियों के कारण दशकों से बसे उनके घर उजड़ने की कगार पर हैं। लोगों ने साफ शब्दों में कहा कि वे किसी भी कीमत पर अपने आशियानों को टूटने नहीं देंगे।

रैली के दौरान गूंजते नारों और जनसमूह की एकजुटता ने यह स्पष्ट कर दिया कि यह आंदोलन किसी एक व्यक्ति या संगठन का नहीं, बल्कि पूरे क्षेत्र की सामूहिक आवाज है। प्रदर्शनकारियों ने सरकार से मांग की कि उनके क्षेत्रों को राजस्व ग्राम घोषित किया जाए और विस्थापन से जुड़ी नीतियों पर तत्काल पुनर्विचार किया जाए।

आंदोलनकारियों ने चेतावनी दी कि यदि सरकार ने समय रहते ठोस निर्णय नहीं लिया, तो यह आंदोलन और व्यापक रूप ले सकता है। रैली के समापन पर एक प्रतिनिधिमंडल ने प्रशासन को ज्ञापन सौंपकर अपनी मांगें औपचारिक रूप से दर्ज कराईं।

पूरी रैली शांतिपूर्ण रही, हालांकि इसका संदेश बेहद सख्त और स्पष्ट था। यह महा रैली न सिर्फ ऋषिकेश, बल्कि उत्तराखंड की राजनीति और जनभावनाओं के लिए एक टर्निंग पॉइंट मानी जा रही है। जनता ने यह जता दिया है कि घर केवल दीवारें नहीं होते, बल्कि पीढ़ियों की मेहनत और सपनों की नींव होते हैं—और उनकी रक्षा के लिए वे हर स्तर पर संघर्ष को तैयार हैं।

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