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पटरी पर लौटने लगीं कोहरे में बंद तीस ट्रेनें सर्दी में कोहरे में तीन महीने के लिए रद्द की गई 28 ट्रेनें

March 2, 2026

पटरी पर लौटने लगीं कोहरे में बंद तीस ट्रेनें सर्दी में कोहरे में तीन महीने के लिए रद्द की गई 28 ट्रेनें

अन्य 32 ट्रेनों के संचालन में हुआ फेरबदल
रेगुलर ट्रेनों के चलने से मिली राहत, संचालन से पहले हुईं पैक

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Monday, Time 6.35 pm
Moradabad, Rajesh Bhatia

मुरादाबाद,2 मार्च(उप्र समाचार सेवा)।
होली के त्योहार से ठीक पहले रेलयात्रियों को बड़ी राहत मिली है।पर्व मनाने के लिए घर जाने के लिए ट्रेनों में सीट को लेकर
यात्री बड़ी जद्दोजहद में थे।‌ऐसे यात्रियों के लिए सफर सुकून भरा रहेगा।
तीन महीने के लिए करीब साठ ट्रेनों के संचालन में व्यापक फेरबदल किया गया। मुरादाबाद व मंडल में संचालित 28 ट्रेनों को रद्द किया गया। 90 दिन के लिए पूर्णिया कोर्ट से अमृतसर जनसेवा को रद्द रहीं। इसके साथ ही 16 पैसेंजर ट्रेनें 28 फरवरी तक रद्द रहीं। जबकि अवध आसाम, काठगोदाम संपर्क क्रांति समेत बीस ट्रेनों का संचालन घटाया गया। यात्रियों के लिए राहत यह कि गाड़ियों से कोहरे का ब्रेक हट गया। एक मार्च से गाड़ियां धीरे-धीरे पटरी पर आने लगीं है। पैसेंजर ट्रेनें चलने लगीं है। जबकि रद्द ट्रेनों का अपने शेड्यूल के हिसाब से संचालन शुरू हो गया। तीन मार्च से मुरादाबाद रूट पर कई प्रमुख ट्रेनों का संचालन होने लगेगा। गाड़ियां चलने से सबसे ज्यादा राहत घर जाने वाले यात्रियों को हुईं है। चार मार्च को होली का रंग बिखरेगा। लिहाजा मंगलवार से बहाल ट्रेनों में भीड़ उमड़ेगी। कोहरे में बंद हुईं ट्रेन हरिहर एक्सप्रेस ट्रेन का सोमवार से बरौनी से संचालन शुरू हो गया। ट्रेन अंबाला से 7 मार्च को शेड्यूल के मुताबिक चलेगी। हालांकि ज्यादातर ट्रेनें तीन मार्च मंगलवार से रफ्तार भरेंगी। मुरादाबाद रेल प्रशासन के अनुसार कोहरे में बंद ट्रेनों का संचालन शुरू हो गया है।

इन ट्रेनों का संचालन शुरू–
हरिहर एक्सप्रेस, जम्मू योगनगरी, अमृतसर से लालकुआं,जनसेवा, चंडीगढ़-
डिब्रूगढ़,कुंभ, कामाख्या-आनंद विहार समेत अन्य ट्रेनों का संचालन शुरू हो गया। जबकि अन्य ट्रेनों के फेरे भी बढ़ गए।

होली पर रेल पुलिस सतर्क–
बंद गाड़ियों का संचालन बहाल होने से ट्रेन व स्टेशनों पर भारी भीड़ बढ़ने के आसार है। इसे देखते हुए गाड़ियों में भीड़ की मारामारी मचेगी। त्योहार पर भीड़ को देखते रेल प्रशासन अलर्ट है। जीआरपी-आरपीएफ ने स्टेशनों पर यात्री सुरक्षा को लेकर सतर्क है।

राधा-मोहन गौशाला में फूलों की होली: भक्ति और परंपरा का संगम

 मथुरा (चौमुंहा)। ब्रज में होली का उत्साह चरम पर है। इसी क्रम में चौमुहां स्थित राधा मोहन जी गौशाला में भव्य होली मिलन समारोह का आयोजन किया गया। कार्यक्रम यमुना रक्षक दल के राष्ट्रीय अध्यक्ष संत जयकृष्ण दास महाराज के पावन सानिध्य में संपन्न हुआ, जिसमें ब्रज की सांस्कृतिक विरासत और भक्ति का अनूठा संगम देखने को मिला।
समारोह का मुख्य आकर्षण राधा-कृष्ण और भोले-पार्वती की मनमोहक झांकियां रहीं। जैसे ही दिव्य स्वरूप मंच पर विराजमान हुए, पूरा परिसर ‘राधे-राधे’ के उद्घोष से गूंज उठा। इसके पश्चात ब्रज की प्रसिद्ध फूलों की होली खेली गई, जिसमें गुलाब और गेंदे की पंखुड़ियों की वर्षा के बीच श्रद्धालु भक्ति भाव में झूम उठे।
अपने संबोधन में संत जयकृष्ण दास महाराज ने कहा कि होली केवल रंगों का पर्व नहीं, बल्कि प्रेम, सौहार्द और सामाजिक समरसता का प्रतीक है। उन्होंने आपसी भेदभाव मिटाकर भाईचारे के साथ रहने तथा गौ-सेवा के महत्व पर विशेष बल दिया।
कार्यक्रम में स्थानीय निवासियों ने एक-दूसरे को गुलाल लगाकर होली की शुभकामनाएं दीं। इस अवसर पर यमुना रक्षक दल के जिलाध्यक्ष नरेंद्र शर्मा सहित गिर्राज प्रसाद शर्मा, श्रीगोपाल एडवोकेट, राजेश पहलवान, मनोज सिसोदिया, विष्णु सिसौदिया, राधावल्लभ शर्मा, भगवान सिंह, सियाराम, सुगनो नेता, सौदान सिंह एवं मूली सिंह सहित अनेक गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।
अंत में प्रसाद वितरण के साथ समारोह का समापन हुआ। कार्यक्रम ने एक बार फिर ब्रज की होली को भक्ति और परंपरा के रंगों से सराबोर कर दिया।

गोकुल में खेली गई छड़ीमार होली, कन्हैया जी का निकला डोला

मथुरा। ब्रजभूमि में होली के रंग अपने चरम पर हैं। रविवार को गोकुल में परंपरागत छड़ीमार होली का भव्य आयोजन किया गया, जिसमें देश-विदेश से हजारों श्रद्धालु शामिल हुए। टेसू के फूलों से बने प्राकृतिक रंग, रसिया और ब्रज के लोकगीतों की मधुर धुनों के बीच श्रद्धालु भक्ति और उत्साह में सराबोर नजर आए।
भगवान श्रीकृष्ण की बाल लीलाओं की स्थली गोकुल में हर वर्ष द्वापर युग की दिव्य होली को जीवंत किया जाता है। मान्यता है कि इसी भूमि पर कन्हैया ने अपने सखा-सखियों के साथ रंगों की होली खेली थी। उसी परंपरा को निभाते हुए आज भी यहां छड़ीमार होली की अनूठी छटा देखने को मिलती है।
नंद किला मंदिर से लेकर मुरलीधर घाट तक भगवान कन्हैया जी का डोला (शोभायात्रा) निकाला गया। आगे-आगे कान्हा की सुसज्जित पालकी और पीछे सुंदर वस्त्रों में सजी गोपियां हाथों में छड़ी लिए चल रही थीं। बैंड-बाजों और जयकारों के बीच शोभायात्रा जब मुरलीधर घाट पहुंची तो होली का उल्लास चरम पर पहुंच गया।
जैसे ही भगवान के बाल स्वरूप का डोला घाट पर विराजा, गोपियों ने कृष्ण के सखाओं पर प्रतीकात्मक रूप से छड़ियां बरसानी शुरू कर दीं। पूरा वातावरण रंग, अबीर-गुलाल और जयकारों से गूंज उठा। गोकुल का आसमान रंगों से सराबोर हो गया और श्रद्धालुओं ने जमकर छड़ीमार होली का आनंद उठाया।
ब्रज में जहां कई स्थानों पर लट्ठमार होली प्रसिद्ध है, वहीं गोकुल की विशेषता यह है कि यहां गोपियों के हाथों में लठ्ठ नहीं, बल्कि छड़ी दिखाई देती है, जो इस परंपरा को अलग पहचान देती है।
बाइट
हुरियार व हुरियारे: “गोकुल की छड़ीमार होली हमारे लिए आस्था और परंपरा का पर्व है। यहां आकर ऐसा लगता है मानो द्वापर युग की होली सजीव हो उठी हो।”
स्थानीय सेवायत: “यह परंपरा सदियों से चली आ रही है। श्रद्धालु देश-विदेश से भगवान श्रीकृष्ण की बाल लीलाओं की होली के दर्शन करने आते हैं और पूरे उत्साह से भाग लेते हैं।”
गोकुल की छड़ीमार होली एक बार फिर भक्ति, परंपरा और उल्लास का अद्भुत संगम बनकर सामने आई।

विश्वप्रसिद्ध लट्ठामार/लड्डूमार होली की पुरानी वीडियो क्लिप वायरल करने वालों के विरुद्ध पुलिस की कार्यवाही

मथुरा।विश्वप्रसिद्ध लट्ठामार/लड्डूमार होली, बरसाना/नन्दगाँव, की पुरानी वीडियो क्लिप के आंशिक भागों को सोशल मीडिया पर एडिट कर वायरल करने के प्रकरण में थाना बरसाना पुलिस द्वारा सख्त कार्यवाही की गई है।
अपर पुलिस अधीक्षक ग्रामीण सुरेन्द्र चंद्र रावत के अनुसार गत वर्ष सोशल मीडिया पर प्रसारित कुछ वीडियो पुलिस के संज्ञान में आए। जाँच के दौरान पाया गया कि कुछ सोशल मीडिया “इन्फ्लुएंसर” द्वारा होली की पुरानी वीडियो क्लिप को संपादित कर भ्रामक रूप में प्रस्तुत किया गया, जिससे परम्परा को बदनाम करने का प्रयास किया गया।
इन अकाउंट होल्डरों द्वारा प्रसारित भ्रामक वीडियो के कारण क्षेत्र में भ्रम, अफवाह एवं सामाजिक वैमनस्य की स्थिति उत्पन्न हो रही थी। साथ ही महिलाओं में भय एवं असुरक्षा की भावना पैदा होने की आशंका थी, जिससे सामाजिक तनाव की स्थिति बन सकती थी।
पुलिस ने भ्रामक वीडियो प्रसारित करने वाले अकाउंट होल्डरों  के विरुद्ध मु0अ0सं0 65/2026, धारा 196(2)/353(2) बीएनएस एवं 67/67ए आईटी एक्ट के अंतर्गत थाना बरसाना, जनपद मथुरा पर अभियोग पंजीकृत किया गया है।

March 1, 2026

प्रापर्टी डीलर हनीट्रैप का शिकार, तीन महिलाओं समेत छह गिरफ्तार


डीलर को बहाने से बुलाया, अश्लील वीडियो बनाईं
वायरल की धमकीं दे तीन लाख मांगें, 50 हजार वसूले

Post on 1.3.26
Sunday, Time 10.30 pm
Moradabad, Rajesh Bhatia

मुरादाबाद,1 मार्च(उप्र समाचार सेवा)।
मुरादाबाद की सिविल लाइंस पुलिस ने प्रापर्टी डीलर से हनी ट्रेप केस में छह लोगों को गिरफ्तार किया गया है। इनमें तीन महिलाएं हैं। डीलर की पत्नी का आरोप है कि उनके पति को बहाने से बुलाया गया और कपड़े उतरवाकर अश्लील वीडियो बनाकर रुपए की मांग की।
हनी ट्रैप का मामला सिविल लाइंस क्षेत्र का है। प्रापर्टी डीलर को हनी ट्रैप में फंसा लिया गया। रामगंगा विहार में रहने वाले प्रापर्टी डीलर विकास मेहरा की पत्नी ने पुलिस में रिपोर्ट दर्ज कराई। कहा कि प्रापर्टी के संबंध में विकास की मुलाकात नवम्बर, 25 में चक्कर की मिलक की महिला सीमा उर्फ शीबा पत्नी शाहाब से हुईं । महिला ने खुद को प्रॉपर्टी से जुड़ा बताया। संपर्क बढ़ाते हुए अपनी प्रापर्टी दिखाने को कहा।
24 फरवरी, 26 को दिन में 3.30 बजे महिला ने जिगर कालोनी में एक मकान पर प्रॉपर्टी दिखाने के लिए बुलाया। आरोप है कि विकास वहां पहुंचे तो वहां कुछ लोगों ने उसे बंद कर लिया और मारपीट की। दरवाजा बंद कर कपड़े उतरवाए गए और महिला के संग अश्लील
फोटो और वीडियो बना लीं गई। अश्लील वीडियो के आधार पर विकास से तीन लाख रुपए की मांग की गई। वीडियो वायरल होने के डर से पहले 9500 व 400 रुपये ऑनलाइन ट्रांसफर किए। 26 फरवरी को 50 हजार रुपए की रकम दी गई। इसके बाद भी रकम मांगी गई। मानसिक तनाव में आए विकास ने पत्नी और फिर पुलिस को सारी बात बताई। सिविल लाइंस थाने में रिपोर्ट दर्ज कर जांच शुरू हुईं।
थाना प्रभारी मनीष सक्सेना का कहना है कि, मोबाइल कॉल डिटेल, बैंक ट्रांजेक्शन व अन्य सबूतों की जा रही है। हनी ट्रैप केस में तीन महिलाओं समेत छह लोगों को गिरफ्तार किया गया है। इनमें शीबा के अलावा निशा पत्नी जावेद, मुस्कान, अमन उर्फ अमान, जावेद और वसीम के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर गिरफ्तार किया गया है।

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