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धर्म-निरपेक्षता गलत शब्द, पंथ-निरपेक्षता होना चाहिएः डा मोहन भागवत

February 7, 2026

धर्म-निरपेक्षता गलत शब्द, पंथ-निरपेक्षता होना चाहिएः डा मोहन भागवत

DR MOHAN BHAGWAT SRSANGHCHALAK RSS

मुम्बई में संघ यात्रा के सौ वर्ष नए क्षितिज व्याख्यान माला के पहले सत्र को संबोधित करते हुए राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरसंघचालक डा मोहन भागवत

राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सौ वर्ष के उपलक्ष्य में शताब्दी संवाद

Posted on : 07.02.2026 Saturday, Time: 07.59 PM, Mumbai, RSS, Dr Mohan Bhagwat #RSS100YEAR

मुम्बई, 07 फरवरी 2026, राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरसंघचालक डा मोहन भागवत ने कहा है कि धर्मनिरपेक्ष शब्द गलत है। हमें इसके स्थान पर पंथ निरपेक्षता शब्द का उपयोग करना चाहिए। वे आज शनिवार को यहां “संघ यात्रा के सौ वर्ष – नए क्षितिज” व्याख्यानमाला के उपलक्ष्य में आयोजित संवाद कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे।

डा. मोहन भागवत ने कहा संघ का काम अनोखा है, पूरी दुनिया में ऐसा काम नहीं है। अब तो यह प्रत्यक्ष अनुभव हो रहा है। संघ कार्य और इसके इतिहास की चर्चा करते हुए उन्होंने कहा कि अपने देश के इतिहास में तथागत बुद्ध के बाद संघ जैसा काम नहीं हुआ है। संघ के स्वयंसेवक संचलन करते हैं, लेकिन संघ पैरा-मिलिट्री संस्था नहीं है। संघ को जानना है तो संघ के अंदर आकर देखिये। संघ को जानना है तो यह जानना पड़ेगा कि संघ क्या नहीं है। संघ संगीतशाला नहीं, पोलिटिकल नहीं,.. संघ अनुभव का विषय है। संघ किसी की प्रतिक्रिया में नहीं, किसी के विरोध हेतु नहीं, अपने प्रचार के लिए नहीं, पावर के लिए नहीं. देश  में अच्छा होने के लिए संघ बना है। संघ किसी दूसरी संस्था की प्रतिस्पर्धा में नहीं निकला है, न ही किसी रिएक्शन या विरोध में निकला है। संघ को लोकप्रियता नहीं चाहिए। संघ को पावर नहीं चाहिए। जितने भी भले काम देश में हो रहे हैं, वे ठीक से हो जाएँ—उन्हें करने के लिए संघ है।

ब्रिटिश सरकार की सेफ्टी वाल योजना से बनी कांग्रेस

संघ का जो काम है, वह पूरे देश—भारतवर्ष के लिए है। उन्होने बताया कि ब्रिटिश सरकार की योजना से एक सेफ़्टी वाल के रूप में इंडियन नेशनल कांग्रेस बनी। उसी को हमारे लोगों ने आज़ादी की लड़ाई का प्रभावी हथियार बनाया। एक समाज के नाते हम एक समाज हैं क्या? इतने भेद, दकियानूसी, रूढ़ि-कुरीतियों का बोलबाला है। अशिक्षा है। इन सब से उबारकर अपने समाज को एक स्वस्थ समाज के नाते खड़ा करने की जब तक कोशिश नहीं करते, हमारे प्रयास अधूरे रहेंगे। संघ निर्माता डॉ. हेडगेवार जन्मजात देशभक्त थे। बहुत कठिन परिस्थितियों में भी उन्होंने दो बातों को कभी नहीं छोड़ा—एक, अपनी पढ़ाई में हमेशा फ़र्स्ट क्लास आना; दूसरा, देश के लिए जो कुछ चल रहा था, उसमें सक्रियता से भाग लेना। ये उनके जीवन के स्थायी कार्य थे।

स्वतंत्रता संग्राम सेनानी थे डा हेडगेवार

स्वतंत्रता संग्राम में संघ की भूमिका और डा हेडगेवार के योगदान की चर्चा करते हुए श्री भागवत ने कहा कि डॉ. हेडगेवार अनुशीलन समिति के कोर मेंबर बने। उनका कोड नाम ‘कोकीन’ था। असहयोग आंदोलन में डॉ. हेडगेवार ने हिस्सा लिया, तो उन पर राजद्रोह का केस चला। एक वर्ष सश्रम कारावास की सज़ा उन्हें हुई। न्यायाधीश ने उनके बारे में अपने फैसले में लिखा, “उनके बचाव का भाषण उनके दिए गए भाषणों से ज़्यादा ‘सेडिशियस’ था।” उन्होंने कहा कि अंग्रेज़ पहले आक्रमणकर्ता नहीं थे। वे सातवें–आठवें थे।  सिकंदर के समय से ऐसा होता आ रहा है। वे मुट्ठीभर लोग हमसे श्रेष्ठ नहीं थे, फिर भी हम बार-बार मार खाते रहे। अपने समाज में कुछ कमियाँ हैं—हम अपनी एकता भूल गए, स्वार्थी बन गए। इन सब को ठीक किए बिना, समाज को एक संगठित किए बिना यह रुकेगा नहीं। इसलिए डॉ. हेडगेवार ने सोचा, “मैं एक प्रयोग करता हूँ।” विविधताओं से भरे हुए समाज को गुणवत्ता के साथ खड़ा करने के प्रयोग उन्होंने किये। जब उन्हें वह सूत्र और पद्धति मिल गई, तो उन्होंने विजयादशमी 1925 के दिन अपने घर में बैठक बुलाई और कहा—आज से अपने संपूर्ण हिंदू समाज का संगठन करने वाला संघ आरंभ हो रहा है।

हिन्दू समाज के संगठन के अलावा संघ कुछ नहीं करेगा

संघ की कार्य पद्यति को बताते हुए डा मोहन भागवत ने आगे कहा कि संघ ने पहले से तय किया – सम्पूर्ण समाज को संगठित करने के अलावा संघ को और कोई दूसरा काम नहीं करना है। देश में जितने अच्छे काम हो रहे हैं, वो ठीक से चलें और गतंव्य तक पहुंचे इसीलिए संघ है। एक लाख तीस हज़ार से अधिक छोटे-बड़े सेवा कार्य बिना सरकारी पैसा लिए, समाज के सहयोग से अपना पैसा खर्च करके स्वयंसेवक करते हैं। शाखा क्या है? एक घंटे का समय निकालना, सब भूलकर भगवा झंडे के तले अपने भारत का विचार मन में रखते हुए, उसके प्रति भक्ति मन में रखते हुए खड़े होना. जो शाखा में आए हैं, वे कौन हैं, किस जात-पात के हैं, क्या नाम है, कितना कमाते हैं, कितना पढ़े हैं—इस पर विचार नहीं नहीं करना; बल्कि ये मानना कि वे हमारे अपने हैं। ऐसे उनके साथ मिलकर शरीर, मन, बुद्धि को शक्तिशाली बनाने वाले व्यायाम प्रतिदिन करना।

गुरु नानक देव जी ने हिन्दुस्थान शब्द का प्रयोग अपनी वाणी में किया

संघ का मानना है कि भारत में सब हिंदू ही हैं और कोई नहीं है। हिंदू यानी क्या है? हिंदू कहने से हम इसे रिलिजन न मानें; यह किसी विशेष समुदाय का नाम नहीं है। इसे पूजा-कर्मकांड न मानें। हिंदू कोई संज्ञा नहीं, बल्कि विशेषण है। बाबर का पंजाब पर आक्रमण हुआ। श्री गुरु नानक देव जी ने देश में सब अत्याचार देखा, तो उन्होंने लिखा, “खुरासान खसमाना कीआ, हिंदुस्तानु डराइआ। आपै दोसु न देई करता, जमु करि मुगलु चड़ाइआ॥” गुरु नानक जी ने अपनी वाणी में ‘हिंदुस्थान’ का प्रयोग किया है। उन्होंने लिखा है कि इतने अत्याचार हुए कि न हिंदू महिलाओं का शील बचा, न मुस्लिम महिलाओं की अस्मत बची। बाकी सब बदल जाता है, लेकिन हिंदुस्थान का सनातन स्वभाव नहीं बदला।

सबसे प्राचीन होने के नाते हम अग्रज हैं

भारत धर्म-प्राण देश है। हम जानते हैं सब एक हैं। सबको साथ चलना है, किसी को छोड़ना नहीं है। धर्म-निरपेक्षता गलत शब्द है; पंथ-निरपेक्षता होना चाहिए। दुनिया को धर्म देकर, देश का उपकार करने के लिए, बिना अहंकार के भारत का जन्म है। संस्कृति हम सबको जोड़ती है। भाषाएँ अनेक हैं, देवी-देवता अनेक हैं। खान-पान, रीति-रिवाज अलग-अलग हैं। दस हजार–पंद्रह हजार वर्षों से यह चलता आ रहा है, आधुनिक दौर में भी। परंतु उसके ऊपर, इसके परे हम सबकी एक पहचान है—उसे हम हिंदू कहते हैं। भारत भूगोल का नाम नहीं, स्वभाव का नाम है। सबसे प्राचीन होने के नाते हम अग्रज हैं। दुनिया के लोग आएँगे और हमारा चरित्र देखेंगे, हमसे सीखेंगे। हम दुनिया की महाशक्ति नहीं बनेंगे; हम विश्वगुरु बनेंगे। हम भाषण और दादागिरी से नहीं, बल्कि नेतृत्व से सिखाएँगे। हम शिवाजी नहीं हो सकते, लेकिन शिवाजी महाराज के नक्शेकदम पर चल सकते हैं।

SIR यूपी में समय सीमा 6 मार्च तक बढ़ाई गई

Navdeep Rinva CEO UP

नवदीप रिणवा , मुख्य निर्वाचन अधिकारी, उत्तर प्रदेश

लखनऊ, 07 फरवरी 2026. प्रदेश के मुख्य निर्वाचन अधिकारी नवदीप रिणवा ने बताया कि प्रदेश में विशेष प्रगाढ़ पुनरीक्षण- 2026 के अंतर्गत 6 मार्च, 2026 तक दावे एवं आपत्तियां प्राप्त की जाएगी। उन्होंने बताया आपत्तियों के संबंध में फार्म 7 के माध्यम से मृत, स्थानांतरित, दोहरी प्रविष्टि, अनुपस्थित आदि मतदाताओं के संबंध में नियमानुसार प्रक्रिया अपनाते हुए कार्रवाई की जा रही है।

मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने बताया कि मतदाता सूची को शुद्ध एवं त्रुटिरहित तैयार किये जाने हेतु विलोपन कार्यवाही की जाती है। फॉर्म-7 में प्रस्तुत आवेदन के आधार पर निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी द्वारा मतदाता सूची से किसी मतदाता का नाम विलोपित किए जाने की कार्यवाही की जाती है। निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण नियमावली, 1960 के नियम 13(2) के अनुसार विद्यमान नामावली में नाम के प्रस्तावित समावेश के लिए प्रत्येक आपत्ति या नाम को हटाये जाने के लिए आवेदन प्ररूप-7 में होगा और केवल ऐसे व्यक्ति द्वारा किया जाएगा, जिसका नाम पहले से ही उस मतदाता सूची में सम्मिलित है। साथ ही आपत्तिकर्ता को फार्म-7 में स्वयं का विवरण यथा-नाम, मतदाता फोटो पहचान पत्र संख्या, स्वयं का एवं संबंधी का मोबाइल नम्बर इत्यादि देना आवश्यक है।

उन्होंने बताया कि फॉर्म-7 में प्राप्त आपत्तियों की सूची निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी द्वारा फार्म-10 में तैयार की जाती है। दावे एवं आपत्तियों की अवधि में प्राप्त आपत्तियों की सूची फार्म-10 में निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी के नोटिस बोर्ड पर प्रतिदिन प्रदर्शित की जाती है तथा निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी द्वारा मान्यता प्राप्त राजनैतिक दलों को साप्ताहिक रूप से उपलब्ध करायी जाती है। साथ ही राजनैतिक दलों एवं जन सामान्य की सुविधा हेतु फार्म-7 में प्राप्त आवेदनों की उक्त सूची (फार्म-10) जिला निर्वाचन अधिकारी की वेबसाइट पर प्रतिदिन अपलोड की जाती है, जिसका लिंक मुख्य निर्वाचन अधिकारी की वेबसाइट पर भी उपलब्ध रहता है।

उन्होंने बताया कि फार्म-7 में प्राप्त आवेदनों का नियमानुसार प्रक्रिया अपनाते हुए निस्तारण किया जाता है, जिसके अन्तर्गत नोटिस निर्गत करना, बूथ लेवल अधिकारी द्वारा स्थलीय सत्यापन की कार्यवाही करते हुए रिपोर्ट लगाया जाना तथा न्यूनतम 7 दिन की अवधि के पश्चात् निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी द्वारा यथावश्यक सुनवाई की प्रक्रिया करते हुए प्रस्तुत आवेदन पर निर्णय लिया जाना सम्मिलित है। किसी व्यक्ति के नाम को मतदाता सूची में सम्मिलित करने के विरूद्ध आपत्ति के प्रकरण में आपत्तिकर्ता को फार्म-13 में नोटिस निर्गत की जाती है। जिस व्यक्ति का नाम सम्मिलित करने के विरूद्ध आपत्ति की गयी है उस व्यक्ति को फार्म-14 में नोटिस निर्गत की जाती है।

उन्होंने बताया कि निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण नियमावली, 1960 के नियम 19 के अनुसार निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी आपत्ति के संबंध में सुनवाई की तारीख, समय और स्थान निर्धारित कर उसकी सूचना अपने नोटिस बोर्ड पर प्रदर्शित करेगा और सुनवाई की सूचना/नोटिस जारी करेगा। नियम 19 के अनुसार सूचना/निर्गत नोटिस के अन्तर्गत निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी द्वारा ऐसी हर आपत्ति की संक्षिप्त जाँच की जाएगी। इस हेतु निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी द्वारा आपत्तिकर्ता/व्यक्ति को अपने समक्ष उपस्थित होने तथा समुचित साक्ष्य प्रस्तुत करने हेतु कहा जा सकता है।

उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि प्राधिकृत अधिकारियों द्वारा आवेदन थोक में स्वीकार नहीं किए जाएंगे। केवल व्यक्तिगत आवेदन ही स्वीकार किए जाएंगे। यही सिद्धांत डाक से प्राप्त आवेदनों पर भी लागू होगा। थोक आवेदन का आशय उन आवेदनों से है जिन्हें अनेक व्यक्तियों की ओर से एक व्यक्ति द्वारा जमा किया जाता है। हालांकि परिवार के सदस्यों से जुडे़ एक साथ प्रस्तुत व्यक्तिगत आवेदनों को स्वीकार किया जा सकता है।

Moradabad महिला से दुष्कर्म में बिजनौर के दोषी को दस साल की सजा

दोषी पर 77 हजार जुर्माना , एडीजे कोर्ट-11 का निर्णय

Moradabad Samachar

मुरादाबाद समाचार

Posted on 07.02.2026 Saturday, Time : 06.14 PM

मुरादाबाद, 7 फरवरी(उप्र समाचार सेवा)।
पति से संबंध विच्छेद के बाद मायके में रह रही महिला से दुष्कर्म में दोषी को दस साल की सजा मिली है। शनिवार को एडीजे -11 कोर्ट ने यह फैसला सुनाया। साक्ष्यों के आधार पर दोषी करार युवक पर 77 हजार रुपए का जुर्माना भी लगाया गया है।दोषी बिजनौर के नूरपुर का है।
मुरादाबाद की महिला की‌ शादी 21 अक्तूबर,17 को लखीमपुर खीरी निवासी से हुई। पति से अनबन के समय पुत्री चार साल की थीं। मनमुटाव के चलते दोनों में संबंध विच्छेद हो गए। पति से अलग होकर महिला मुरादाबाद में मायके में रहने लगीं। मझोला में लाइनपार में महिला से बिजनौर के नूरपुर निवासी सौरभ जोशी से नजदीकियां बढ़ गईं। युवक ने शादी प्रस्ताव रखा। पीड़िता ने आरोप लगाया कि 15 अगस्त, 23 को युवक ने माता-पिता से मिलवाने के बहाने घर बुलवाया। घर में कोई नहीं था। बहाने से युवक एक कोल्ड ड्रिंक ले आया। युवक ने कोल्डड्रिंक में नशीला पदार्थ मिलाकर उसे बेहोश कर दुष्कर्म किया। आरोपी अश्लील फिल्म बनाकर दुष्कर्म का प्रयास किया। महिला उससे दूर रहने लगीं। इस बीच युवक ने 22 अप्रैल,24 को अश्लील फिल्म इंस्टाग्राम पर डाल दीं। इस पर पीड़िता ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई।
केस की सुनवाई एडीजे -11 छाया शर्मा की कोर्ट में हुई।एडीजीसी सुरेश सिंह ने बताया कि मामले में पीड़िता समेत सात गवाह पेश हुए। अदालत ने पीड़िता के बयान और अन्य साक्ष्यों के आधार पर सौरभ जोशी को दोषी ठहराया। दोषी को दुष्कर्म, आईटी एक्ट समेत अन्य धारा में दस साल व 77 हजार रुपए जुर्माने की सजा सुनाई।

नशाखोरी को लेकर विहिप चलाएगा नशा मुक्ति अभियान: मिलिंद परांडे

  • समाज बढ़ रहे पारिवारिक विघटन पर विहिप नेता मिलिंद परांडे ने जताई चिंता
  • बजरंग दल की अखिल भारतीय बैठक का शुभारंभ
Bajrang Dal Meeting Lucknow

बजरंगदल की बैठक में राष्ट्रीय महामंत्री मिलिंद परांदे

Posted on 07.02.2026 Saturday, Time: 05.52 PM

लखनऊ। विश्व हिंदू परिषद की युवा इकाई बजरंग दल की एस आर इंस्टीट्यूशंस,सीतापुर रोड बीकेटी लखनऊ में दो दिवसीय अखिल भारतीय बैठक का शुभारंभ विश्व हिन्दू परिषद के केंद्रीय संगठन महामंत्री मिलिंद परांडे, एस आर ग्रुप ऑफ इंस्टीट्यूशन के चेयरमैन एवं विधान परिषद सदस्य पवन सिंह चौहान, बजरंगदल के राष्ट्रीय संयोजक किशन प्रजापत, सह संयोजक विवेक ,पूज्य संत राम शरण दास जी महाराज, विश्व हिन्दू परिषद लखनऊ पूर्वी क्षेत्र के क्षेत्रीय संगठन मंत्री गजेंद्र ने दीप प्रज्ज्वलित कर किया ।।
इस अखिल भारतीय बैठक में पूरे देश से सैकड़ों कार्यकर्ता शामिल हुए जिसमें प्रत्येक प्रदेश की बजरंग दल की टोली उपस्थित रही।
कार्यक्रम में ही आयोजित पत्रकार वार्ता में विश्व हिन्दू परिषद (विहिप) के केन्द्रीय संगठन महामंत्री मिलिंद परांडे ने बताया युवाओं में बढ़ रहे नशे को लेकर चिंता जताई और कहा समाज के विभिन्न वर्गों में युवा वर्ग नशे की दिशा में बढ़ता जा रहा है समाज में कई प्रकार के नशे को अपना रहा है। इसमें विशेष रूप से समाज को जागृत होकर युवाओं को नशा मुक्ति के लिए प्रेरित करना होगा। उन्होंने अपने संवाद में कहा कि आज परिवारों का विघटन होता जा रहा है। नई पीढ़ी के परिवारों में पारिवारिक कलह बढ़ती जा रही है । यह बहुत ही चिंता का विषय है। इसको लेकर समाज में आ रही कमियों को लेकर परिवार के बीच समन्वय की आवश्यकता है।

उन्होंने अपने वक्तव्य में बताया ने कहा कि 2023 में देश की 13 लाख महिलाएं लापता हुईं। इनमें से एक बड़ा वर्ग लव जिहाद का शिकार हुआ है। केरल की हजारों लड़कियां लव जिहाद का शिकार हुई। इस असंतुलन के पीछे कई अराजक तत्व योजनाबद्ध तरीके से कार्य कर रहे हैं, जिनमें विशेष रूप से धार्मिक मतांतरण, लव जिहाद, बांग्लादेश और म्यांमार से हो रही मुस्लिम घुसपैठ, और हिन्दू समाज में घटती जन्मदर शामिल हैं। उन्होंने कहा कि सुनियोजित रूप से आर्थिक प्रलोभन, छल कपट या दबाव के माध्यम से मुसलमानों एवं ईसाई मिशनरियों के धर्मांतरण ने कई क्षेत्रों में स्थानीय हिन्दू जनसंख्या को कम किया है।

विहिप के अंतरराष्ट्रीय महामंत्री श्री परांडे ने कहा कि एक सुनियोजित रणनीति के तहत मुस्लिमों के एक वर्ग द्वारा हिन्दू युवतियों को फंसाकर उनका मतांतरण कराया जा रहा है, जो केवल व्यक्तिगत नहीं, बल्कि सांस्कृतिक हमला है। सीमावर्ती राज्यों जैसे असम, पश्चिम बंगाल, त्रिपुरा और अब दिल्ली, उत्तर प्रदेश, राजस्थान जैसे राज्यों में रोहिंग्या मुस्लिम घुसपैठियों की संख्या चिंताजनक रूप से बढ़ रही है।

उन्होंने कहा कि शिक्षा और आर्थिक दृष्टिकोण से जागरूक हिन्दू समाज में परिवार सीमित रखने की प्रवृत्ति है, परंतु बाकी वर्गों में इस पर कोई नियंत्रण नहीं है, जिससे असंतुलन और तेज होता जा रहा है। हाल ही में संयुक्त राष्ट्र जनसंख्या कोष की रिपोर्ट ने भारत में जनसंख्या वितरण की गहराई से समीक्षा प्रस्तुत की है। रिपोर्ट के अनुसार, कुछ वर्गों में जन्मदर जहां स्थिर या बढ़ती हुई है, वहीं हिन्दू समाज में यह दर घट रही है। भारत के स्थायित्व, संस्कृति और एकता की रक्षा की आवश्यकता है। सभी राष्ट्रप्रेमी नागरिकों, संतों, सामाजिक संगठनों और बुद्धिजीवियों से अपील है कि वे इन विषयों पर जनजागरण में सहभागी बनें।

एटाः पेड़ से टकराकर 15 फीट दूर गिरी कार, 3 की मौत 2 घायल

Car accident Etah

एटा में पेड़ से टकराकर दुर्घटनाग्रस्त हुई कार

Posted on : 07.02.2026 Saturday, Time: 01.15 PM Etah News

एटा 07 फरवरी (उप्रससे)। जनपद के मलावन थाना क्षेत्र में 100 की स्पीड में कार पेड़ से टकराकर पलट गई। और सड़क से 15 फुट दूर गड्ढे में जा गिरी। हादसे में तीन लोगों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि दो लोग गंभीर रूप से घायल हो गए।

चीख-पुकार सुनकर राहगीर दौड़ कर मौके पर पहुंचे। उन्होंने आनन-फानन में कार का दरवाजा तोड़कर सभी घायलों को बाहर निकाला। इसके बाद पुलिस को सूचना दी और घायलों को मेडिकल कॉलेज भिजवाया। कार सवार सभी लोग गुरुग्राम से मैनपुरी की ओर जा रहे थे। यह कार हरियाणा नंबर की है।
पुलिस ने मृतकों के परिजनों को सूचना दे दी है। मृतकों में मैनपुरी निवासी शिवम यादव (21), सुमित यादव (23) और मनकी (19) है। वहीं, मैनपुरी के ही रहने वाले राहुल (28) और खुशबू (22) घायल हैं। हादसा सुबह करीब साढ़े 8 बजे जिला मुख्यालय से 18 किलोमीटर दूर मलावन थाना क्षेत्र में हुआ।
प्रत्यक्षदर्शी शिव कुमार ने बताया, “मैं अपने गांव सकीट जा रहा था, तभी अचानक कार बेकाबू होकर पलट गई। इसके बाद मैंने चिल्लाकर स्थानीय लोगों को बुलाया। फिर कार में फंसे लोगों को निकालने की कोशिश की, लेकिन कार अंदर से लॉक थी। इसके बाद दरवाजा तोड़कर लोगों को बाहर निकाला गया। इसमें 10 से 15 मिनट लग गए, लेकिन तब तक तीन लोगों की मौत हो चुकी थी। इसके बाद पुलिस को सूचना दी गई। पुलिस एंबुलेंस के साथ मौके पर पहुंची और दोनों घायलों को वीरांगना अवंतीबाई मेडिकल कॉलेज भिजवाया।

मलावन थाना प्रभारी आरके सिंह ने बताया कि शुरुआती जांच में सामने आया है कि हादसे के वक्त कार की रफ्तार काफी तेज थी। बावली नहर के पास खतरनाक मोड़ होने के कारण चालक कार से नियंत्रण खो बैठा। इसके चलते कार सड़क से नीचे उतरकर पेड़ से टकराने के बाद पलट गई।

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