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मुमुक्षु महोत्सव के दूसरे दिन भी दिखा श्रद्धा, भक्ति एवं उल्लास का संगम

February 25, 2026

मुमुक्षु महोत्सव के दूसरे दिन भी दिखा श्रद्धा, भक्ति एवं उल्लास का संगम

( संजीव गुप्त द्वारा )
*गुरुपूजन*
मुमुक्षु आश्रम में चल रहे मुमुक्षु महोत्सव के द्वितीय दिवस का शुभारंभ गुरु पूजन कार्यक्रम से हुआ। अमरकंटक से पधारे महामंडलेश्वर स्वामी हरिहरानंद जी महाराज के द्वारा स्वामी शुकदेवानंद की प्रतिमा के समक्ष गुरुपूजन किया गया। पूजन कराने वालों में आदेश पांडेय, ललित शुक्ला आदि रहे। इस अवसर पर अनंत श्री स्वामी अभेदानंद सरस्वती जी महाराज, अनंत श्री स्वामी सर्वेश्वरानंद सरस्वती जी महाराज एवं स्वामी गंगेश्वरानंद जी महाराज उपस्थित रहे। पूजन के उपरांत रुद्राष्टाध्यायी के पाठ के साथ रुद्र महायज्ञ प्रारंभ हुआ।

*श्रीरामकथा*

*’देखि सुदामा की दीन दसा, करुना करिके करुनानिधि रोये..”*
*श्रीकृष्ण व सुदामा के मिलन का प्रसंग सुन भक्त हुए भावुक*

*शिव पार्वती विवाह प्रसंग ने श्रोताओं का ध्यान खींचा*
दूसरे दिन श्री राम कथा का शुभारंभ हनुमान स्तुति एवं “श्री राम जय राम जय जय राम..” भजन के साथ हुआ। कथा व्यास श्री विजय कौशल जी महाराज ने कहा कि यदि जीवन में श्रद्धा है तो संत स्वयं चले आते हैं, उन्हें बुलाने की आवश्यकता नहीं पड़ती। शिव पार्वती प्रसंग को आगे बढ़ाते हुए कथाव्यास ने कहा कि नारद ने पार्वती की हस्तरेखाओं को देखकर कहा कि यदि वे गहन तप करें तो शिव उन्हें पति के रूप में प्राप्त होंगे। इस पर पार्वती की मां मैना चिंतित हो उठीं कि उनकी बेटी इतनी कम उम्र में तप कैसे करेगी। इस पर देवर्षि नारद ने कहा कि वरण एवं मरण व्यक्ति को स्वयं ही तय करने पड़ते हैं। उन्होंने मैना को समझाया कि पार्वती साक्षात जगदंबा है एवं शिव ही उनके पति होंगे। इसके बाद कथाव्यास ने शिव पार्वती विवाह का प्रसंग बड़े ही मनमोहक अंदाज में सुनाया। उन्होंने कहा कि पार्वती की कठोर तपस्या के उपरांत भगवान शिव ने उनका प्रेम स्वीकार किया।भगवान शिव की बारात में उनके अघोरी रूप, भस्म लेपन, गले में सांप और भूत-प्रेतों की टोली देखकर पार्वती की मां मैना और अन्य लोग डर से मूर्छित हो गए थे। बाद में माता पार्वती के अनुरोध पर शिवजी ने सुंदर रूप धारण किया। अंततः उनका विवाह विधि विधान से संपन्न हुआ।
इसके आगे कथाव्यास ने भगवान श्रीकृष्ण एवं सुदामा के मिलन का मार्मिक प्रसंग बड़े ही प्रभावशाली लहजे में श्रोताओं के समक्ष रखा। उन्होंने बताया कि जैसे ही श्रीकृष्ण को सुदामा के आगमन की सूचना मिली, वे तुरंत सिंहासन छोड़कर दौड़े चले आए। सुदामा की दीन हीन दशा देखकर कृष्ण की आंखों से आंसू गिरने लगे और उन आंसुओं से ही सुदामा के चरण धुल गए। सुदामा के पैरों में चुभे कांटों को कृष्ण ने अपने दांतों से खींचकर निकाला।
“हाय महादुख पायो सखा, तुम आए इतै न कितै दिन खोए।
देखि सुदामा की दीन दसा, करुना करिके करुनानिधि रोए।
पानी परात को हाथ छुयो नहि, नैनन के जल सों पग धोए।”
यह भजन सुनकर श्रोताओं की आंखों में आंसू उतर आए।

*पूजन, आरती एवं प्रसाद वितरण*
श्री संजीव बंसल एवं श्रीमती कल्पना बंसल दूसरे दिन कथा के मुख्य यजमान रहे। इसके अतिरिक्त कॉलेज के प्राचार्य प्रोफेसर आर के आजाद एवं श्रीमती रश्मि आजाद ने भी पूजन एवं आरती की। “हे राजा राम तेरी आरती उतारूँ..” की धुन से पूरा माहौल भक्तिमय हो गया। प्रसाद वितरण कॉलेज के क्रीड़ा सचिव प्रोफेसर अजीत सिंह चारग की ओर से हुआ।

*ये रहे उपस्थित*
कथा के दौरान मंच पर मुमुक्षु शिक्षा संकुल के मुख्य अधिष्ठाता स्वामी चिन्मयानंद सरस्वती, स्वामी हरिहरानंद, स्वामी सर्वेश्वरानंद एवं स्वामी गंगेश्वरानंद उपस्थित रहे। इसके अतिरिक्त शाहजहांपुर के नगर आयुक्त डॉ विपिन कुमार मिश्रा, एडवोकेट बृजेश पांडेय, डॉ के. के. शुक्ला, डॉ सत्य प्रकाश मिश्रा, श्री रामचंद्र सिंघल, श्री श्याम कटियार, श्री अशोक अग्रवाल मोती, प्रबंध समिति के सचिव प्रो अवनीश मिश्रा, प्रो प्रभात शुक्ला, प्रो मधुकर श्याम शुक्ला, प्रो आदित्य सिंह, डॉ आलोक सिंह, डॉ रामनिवास गुप्ता सहित श्रद्धालुओं की भारी भीड़ मौजूद रही।

February 24, 2026

शाहजहांपुर में कलश-यात्रा से पावन हुई मुमुक्षु धरा

Posted on 24.02.2026 Tuesday, Time 07.22 PM, Shahjahanpur, Mumuksh Mahotsav

रामकथा के शुभारंभ का गूंजा जयघोष*

(संजीव गुप्त)

शाहजहांपुर, 24 फरवरी। संत शुकदेवानंद जी महाराज द्वारा रोपित तथा स्वामी चिन्मयानंद सरस्वती जी द्वारा पुष्पित-पल्लवित पुण्यभूमि मुमुक्षु आश्रम में संत विजय कौशल जी की श्री रामकथा का शुभारंभ भव्य और भावपूर्ण कलश-यात्रा के साथ हुआ।

मुमुक्ष महोत्सव शाहजहांपुर शोभा यात्रा

कथा आयोजन से पूर्व श्रद्धा और सौभाग्य की प्रतीक पीत-वस्त्र धारण किए हुए 51 महिलाओं ने कलश यात्रा प्रभारी डा. कविता भटनागर के नेतृत्व में श्री शंकर मुमुक्षु विद्यापीठ से एस.एस. कॉलेज मैदान में निर्मित कथा-पंडाल तक मंगल कलश-यात्रा निकाली। सिर पर पवित्र जल से भरे कलश, अधरों पर राम-नाम और चरणों में भक्ति की लय—यह यात्रा मानो जनमानस की आस्था का सजीव प्रतीक बन गई।

यात्रा के अग्रभाग में पुरोहितों द्वारा उच्चारित वैदिक मंत्रोच्चार से दिशाएं पवित्र हुईं, तो पीछे पीछे मुख्य कलश लेकर जब डा. कविता भटनागर और श्रद्धालु महिलाओं की कतार चली तो वातावरण को भक्ति-रस से सराबोर कर दिया। रास्ते में मुमुक्षु शिक्षा संकुल के अधिष्ठाता स्वामी चिन्मयानंद सरस्वती,एमएलसी जयपाल सिंह व्यस्त, सचिव प्रो अवनीश मिश्रा, प्राचार्य प्रो आर के आजाद आदि ने कलश यात्रा का पुष्प वर्षा कर स्वागत किया।शंखध्वनि, मंगल गान और एसएसएमवी के बच्चों की मधुर धुन के जयघोष के साथ कलश-यात्रा जब कथा-पंडाल पहुंची, तो सम्पूर्ण परिसर राममय हो उठा। रास्ते में छात्राओं ने कलश यात्रा पर पुष्प वर्षा की।

कलश-यात्रा के समापन के उपरांत विधिवत पूजन-अर्चन के साथ रामकथा का शुभारंभ हुआ। कलश यात्रा में डा. बरखा सक्सेना, डॉ. दीप्ति गंगवार ,डॉ. विनीता राठौर, डॉ.अन्जू लता अग्निहोत्री ,डॉ.पूजा बाजपेई  डॉ.शिवांगी शुक्ला , सीतू शुक्ला ,रश्मि राठौर ,ममता सिंह ,काजल  विभिन्न विद्यालय की शिक्षिकाओं का सहयोग रहा।

संतों ने बधाई मुमुक्ष महोत्सव की शोभा

Posted on 24.02.2026 Tuesday, Time 07.22 PM, Shahjahanpur, Mumuksh Mahotsav

(संजीव गुप्ता द्वारा )

शाहजहांपुर, 24 फरवरी. आध्यात्मिक माहौल में रंगे हुए परिसर की शोभा भारत के विभिन्न स्थानों से पधारे पूज्य संतों की उपस्थिति से कई गुना बढ़ गई। इस अवसर पर अमरकंटक से पधारे महामंडलेश्वर श्री हरिहरानंद जी महाराज, कनखल (हरिद्वार) से पधारे अनंत श्री स्वामी अभेदानंद सरस्वती जी महाराज, गढ़मुक्तेश्वर से पधारे अनंत श्री स्वामी सर्वेश्वरानंद सरस्वती जी महाराज एवं ऋषिकेश से पधारे स्वामी गंगेश्वरानंद जी महाराज भक्तों को अपना आशीष प्रदान करने के लिए उपस्थित रहे।

रामनाम की गूंज से गुंजायमान हुई नगरी*

श्रीरामकथा से पूर्व निकली भव्य मोटरसाइकिल यात्रा*

श्री राम कथा से पूर्व नगर में श्रद्धा, उत्साह और भक्ति के साथ रामकथा संदेशवाहन यात्रा निकाली गई। यह यात्रा शहर के खिरनी बाग मैदान से आरंभ हुई और सदर,बहादुरगंज,घंटाघर ,चौक,चारखंभा सहज मार्ग जंक्शन होती हुई मुमुक्षु आश्रम पहुंची ।यहां मुमुक्षु शिक्षा संकुल के मुख्य अधिष्ठाता स्वामी चिन्मयानंद सरस्वती, प्रबंध समिति के सचिव प्रो अवनीश मिश्रा व एस एस कालेज के प्राचार्य प्रो. आर के आजाद ने पूरी यात्रा में बाइक पर सवार होकर चले ददरौल विधायक अरविंद सिंह व अन्य यात्रियों का पुष्प वर्षा कर स्वागत किया। राम यात्रा जब शहर में चली तो पूरे नगर में धर्म-संस्कृति का संदेश प्रवाहित करती रही।

“जय श्री राम” के गगनभेदी उद्घोष के साथ नगर के युवा तथा मुमुक्षु शिक्षा संकुल के शिक्षक हाथों में भगवा ध्वज धारण किए हुए यात्रा में सहभागी बने। केसरिया पताकाएं धर्मध्वजा के रूप में लहराती रहीं और वातावरण राम मय होता चला गया।

यात्रा के अग्रिम पंक्ति में चल रहे डीजे वाहन से प्रसारित गीत “राम जी की सेना चली” ऐसा प्रतीत हो रहा था मानो भगवान श्रीराम की विजय यात्रा का शंखनाद हो रहा हो। संगीत की लय पर थिरकती मोटर साइकिलों पर सवार रामभक्त और रामनाम का घोष नगरवासियों को भक्ति रस में सराबोर करता रहा।

यह यात्रा न केवल रामकथा के शुभारंभ का निमंत्रण थी, बल्कि धर्म, संस्कृति और युवा चेतना के संगम का जीवंत उदाहरण भी बनी। मार्ग में श्रद्धालुओं ने पुष्पवर्षा कर यात्रा का स्वागत किया ।

रामकथा यात्रा में  प्रभारी डाॅ. आलोक कुमार सिंह ,सह प्रभारी डाॅ.प्रांजल शाही ,डाॅ. प्रमोद यादव , डा. कमलेश गौतम, डॉ जयशंकर ओझा, डॉ पवन गुप्ता, दुर्ग विजय, मृदुल पटेल, अमित कुमार, डा. गौरव सक्सेना,डा. रुपक श्रीवास्तव  नीलू कुमार ,अखिलेश कुमार, राजनन्दन सिंह राजपूत, डाॅ. अजय वर्मा, डाॅ.बृज निवास , राम औतार सिंह ,अभिजीत मिश्रा,डाॅ. संदीप दीक्षित आदि का विशेष सहयोग रहा।

आध्यात्मिक ऊर्जा और सांस्कृतिक चेतना का संगम : मुमुक्षु महोत्सव का भव्य शुभारंभ

Mumuksh Mahotsav Shahjahanpur rally

श्रीरूद्रमहायज्ञ एवं सुंदरकांड पाठ

Posted on 24.02.2026 Tuesday, Time 07.22 PM, Shahjahanpur, Mumuksh Mahotsav

(संजीव गुप्ता द्वारा )

शाहजहांपुर, 24 फरवरी। मुमुक्षु महोत्सव का भव्य शुभारंभ श्रद्धा, उल्लास एवं आध्यात्मिक वातावरण के मध्य हुआ। प्रातः 10 बजे मुमुक्षु आश्रम में स्थित यज्ञशाला में मंडप प्रवेश एवं वेदी पूजन से रुद्र महायज्ञ का शुभारंभ हुआ। अरणी मंथन के द्वारा अग्निकुंड में अग्नि को प्रवेश कराया गया। वैदिक मंत्रोच्चार ने परिसर को आध्यात्मिक ऊर्जा से सराबोर कर दिया। इस अवसर पर 16 ब्राह्मणों सहित मुख्य यजमान के रूप में डॉ आदेश पांडेय उपस्थित रहे। यज्ञाचार्य के रूप में जयंत पाठक, ऋषभदेव त्रिपाठी, आचार्य प्रवीण, रामगोपाल जी, विनय पाराशर, दिलीप त्रिवेदी, ललित शुक्ला, संजय पाठक आदि उपस्थित रहे। प्रातः 11 बजे कथा मंडप के समीप स्थापित श्री हनुमान मंदिर पर सुंदरकांड का पाठ हुआ।

रामचंद्र मिशन आश्रम में बसंत उत्सव के चौथे चरण का आध्यात्मिक उद्घोष

Kamlesh D Patel DADA ji RC Mission

शांति, श्रद्धा और साधना का संगम
देश विदेश के हजारों अभ्यासियों ने किया गुरुसत्ता को प्रणाम
( संजीव गुप्त द्वारा )
शाहजहांपुर। श्री राम चन्द्र मिशन के अध्यक्ष एवं हार्टफुलनेस मेडीटेशन के वैश्विक मार्गदर्शक कमलेश डी. पटेल ‘दाजी’ के सान्निध्य और मार्गदर्शन में राम चन्द्र मिशन आश्रम में आयोजित बसंत उत्सव–2026 के चौथे चरण का आज शुभारंभ हुआ।
प्रातःकाल उत्सव का शुभारंभ सामूहिक ध्यान साधना से हुआ। देश–विदेश से पधारे हजारों अभ्यासियों ने एकात्म भाव से ध्यान कर मानव कल्याण और विश्व शांति की मंगल कामना की। आश्रम परिसर शांति, श्रद्धा और साधना से आलोकित हो उठा, मानो प्रकृति स्वयं इस आध्यात्मिक अनुष्ठान की साक्षी बन गई हो।
इस अवसर पर पूज्य दाजी ने अपने संदेश में कहा कि ज्ञानी लोग हमेेशा सेे एक ऐसी बात जानतेे हैंं जिसेे उत्पाादकताा विशेेषज्ञ अक्सर अनदेेखा कर देेतेे हैंं। आप सोच-विचार कर
जड़ता सेे बाहर नहींं निकल सकतेे। इससेे बाहर निकलनेे केे लिए आपको
गतिमान होना होगा। गति का नााटकीय होना ज़रूरी नहींं हैै बस उसका वास्तविक
होना ज़रूरी हैै। बाबूूजी नेे एक बार कहा था कि लोग कोशिश करतेे हैंं लेेकिन प्रयास नहींं करतेे।कोशिश’ करनेे मेंं अपनेे आप मेंं असफल होनेे की अनुुमति छिपी होती हैै। यह एक पैैर सुुरक्षित ज़मीन पर टिकाए रखता हैै। ‘प्रयाास’ पूूरी तरह सेे अलग बात हैै। यह पूूरेे अस्तित्व
को एक ही दिशा मेंं समेेट देेता हैै।
लेेकिन आप तब क्या करतेे हैंं जब पूूरी दूरीू तय करना असंंभव लगता हैै?
आपको पूूरी दूरी को जीतनेे की ज़रूरत नहींं हैै। आपको केेवल पहला कदम उठानेे की ज़रूरत हैै। एक बार जब क्रियाा शुुरू हो जाती हैै, तो इच्छााशक्ति सेे भी बड़ी एक शक्ति कार्ययभार संंभााल लेेती हैै। उस अधूूरी सैैर को छोड़नाा उसेे शुुरू करनेे सेे कहींं ज़्यादा मुश्किल हो जाता हैै जितना उसेे शुुरू करना।बसंत उत्सव के अंतर्गत आश्रम परिसर में श्रद्धा, साधना और शांति का दिव्य वातावरण रहा।
सायंकालीन ध्यान सत्र में भी पूज्य दाजी ने साधकों को ध्यान कराया, जिससे वातावरण और अधिक आध्यात्मिक ऊर्जा से परिपूर्ण हो उठा। आयोजन को सफल बनाने में कान्हा आश्रम प्रबंधक विनीत राणावत, माधो गोपाल अग्रवाल, ए.के. गर्ग, श्री गोपाल अग्रवाल, सुयश सिन्हा, ममता सिंह, राज गोपाल अग्रवाल, प्रमोद कुमार सिंह,दीपक कुमार, सलोनी गुप्ता, सहजा, प्रतिमा राजपूत, अजय चौधरी,डॉ.अनुराधा अग्रवाल, खुशी, नीलम सेठ, अनुष्का सिंंह, राजा गोपाल, मनोहरी, जिज्ञासु, कर्णिका सिंह आदि का विशेष सहयोग रहा।

दाजी और स्वामी चिन्मयानंद सरस्वती के बीच आत्मीय भेंट
( संजीव गुप्त द्वारा )
शाहजहांपुर। श्री रामचन्द्र मिशन आश्रम में इन दिनों बीस दिवसीय आध्यात्मिक महाकुंभ का आयोजन अपनी पूर्ण आभा के साथ प्रवाहित हो रहा है। देश–विदेश से आए हजारों साधक बसंत उत्सव के माध्यम से साधना, सेवा और शांति के त्रिवेणी संगम का अनुभव कर रहे हैं।
इसी पावन अवसर पर आज सायंकाल पूर्व केंद्रीय गृह राज्य मंत्री एवं मुमुक्षु शिक्षा संकुल के मुख्य अधिष्ठाता स्वामी चिन्मयानंद सरस्वती आश्रम पहुंचे और रामचन्द्र मिशन के अध्यक्ष तथा हार्टफुलनेस मेडिटेशन के वैश्विक मार्गदर्शक कमलेश डी पटेल (दाजी) से आत्मीय भेंट की।
स्वामी चिन्मयानंद सरस्वती ने दाजी का कुशलक्षेम जानकर शाहजहांपुर की पुण्यधरा पर उनका हार्दिक स्वागत किया, वहीं दाजी ने स्वामी जी को ध्यान-साधना के लिए आमंत्रित कर इस मिलन को आध्यात्मिक ऊँचाइयों से जोड़ दिया। यह भेंट केवल औपचारिक नहीं, बल्कि विचार, चेतना और साधना के संवाद की सजीव अभिव्यक्ति बन गई।
मुलाकात के दौरान माधो गोपाल अग्रवाल, डॉ. अवनीश मिश्रा, अशोक अग्रवाल, सुयश सिन्हा, राम निवास गुप्ता सहित अनेक गणमान्यजन उपस्थित रहे।

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