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हिन्दू नव वर्ष पर स्वयंसेवकों का पथ संचलन

March 29, 2026

हिन्दू नव वर्ष पर स्वयंसेवकों का पथ संचलन

Post on 29.3.26
Sunday Moradabad
Rajesh Bhatia

मुरादाबाद।(उप्र समाचार सेवा)।
अर्जुन नगर राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ का चैत्र प्रतिपदा नव हिंदू वर्ष के मौके पर स्वयं सेवकों का पथ संचलन हुआ। रविवार को गंज बाजार स्थित बनवटागंज शिशु मंदिर से निकाला गया। संचलन से पहले मुख्य वक्ता नीरज मित्तल ने संघ की स्थापना व आद्य सर संघचालक डॉ हेडगेवार के जीवन पर प्रकाश डाला गया। संघ के पंच परिवर्तन का संदेश हर घर में पहुंचाने का भी आह्वान किया।
पथ संचलन गंज से डिप्टी गंज चौराहा, बंगला गांव, थाना सिविल लाइंस,पीलीकोठी, जैन मंदिर,गुरहट्टी चौराहा, सब्जी मंडी से होकर बनवटागंज पहुंचा।
इस दौरान जगह जगह बड़ी संख्या में लोगों व व्यापारियों ने पुष्पवर्षा कर उत्साहवर्धन किया। संचलन में बड़ी संख्या में बाल,शिशु स्वयंसेवक शामिल रहे।
कार्यक्रम में नगर संघचालक सुबोध गर्ग, प्रातः व्यवस्था प्रमुख अजय गोयल, विवेक भटनागर,महानगर व्यवस्था प्रमुख विकास गोयल,मनु गौतम, दीपक गार्गी उज्ज्वल , विपिन गोयल,संजय भटनागर अजय गुप्ता,आकाश व्यास,सूर्य कांत, धैर्य, अनिल सक्सेना ,वंश रोहन मोहित, कृष्णा रहे।

March 28, 2026

मैनाठेर कांड:गवाहों के बयान व साक्ष्यों ने दिलाई बहुचर्चित प्रकरण में सजा

Moradabad Samachar

मुरादाबाद समाचार

-शनिवार को एडीजे कोर्ट ने दिया सुनाया 47 पेज का निर्णय
-डीआईजी,डीएम ने कोर्ट में दर्ज कराए बयान

Post on 28.3.26
Saturday Moradabad
Rajesh Bhatia
मुरादाबाद।(उप्र समाचार सेवा)।
शनिवार को मैनाठेर कांड में सजा का फैसला सुर्खियां बना। कोर्ट ने दोषी ठहराए सभी 16 लोगों को उम्रकैद की सजा सुनाई। 47 पेज के आदेश में घटना में साक्ष्य और गवाहों के बयान अहम रहे। कोर्ट के फैसले पर प्रशासन से लेकर शासन तक की निगाह रहीं।

पन्द्रह साल पुराने मैनाठेर कांड में शनिवार को फैसला सुनाया गया। हालांकि अदालत ने 23 मार्च को कांड में सभी सोलह लोगों को दोषी ठहराया था। तभी से यह मामला सबके लिए खासी सुर्खियां बन गया। थाना मैनाठेर में असालतनगर बघा में 6 जुलाई, 2011 को खासा बवाल हुआ। मैनाठेर में बवाल के चलते भीड़ ने डीआईजी की बुरी तरह से पिटाई की और सर्विस रिवॉल्वर छीन लिया।

विभिन्न अदालतों में हुईं कांड की सुनवाई–
केस की सुनवाई अलग-अलग अदालत में चलीं। अदालतों में सुनवाई के दौरान गवाहों के भी बयान हुए। केस के हालातों को देखते हुए अभियोजन पक्ष की ओर से इसकी मजबूत पैरवी की गई।
एडीजे कोर्ट दो में एडीजीसी ब्रजराज सिंह के अनुसार बसपा सरकार में हुआ बवाल शासन में खासा चर्चा में आया। आरोपियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई के लिए 51 गवाहों के कोर्ट में बयान कराने को सूची तैयार की गई। सभी के बारी बारी से अदालत में बयान हुए।

अदालत में रखे घटनाक्रम के साक्ष्य, डीआईजी-डीएम बने प्रमुख गवाह

डीजीसी नितिन गुप्ता और एडीजीसी संजीव अग्रवाल का कहना है कि डीआईजी पर जान लेवा हमले, पीएसी वाहन में आग लगाने, पेट्रोल पंप में तोड़ फोड़ समेत घटनाक्रम हुआ था। लिहाजा अभियोजन पक्ष ने 22 गवाहों को बयान के लिए कोर्ट में बुलाया। डीआईजी, मौके पर साथ पीआरओ रवि, डीएम राजशेखर,उनके ड्राइवर और गनर के अलावा पेट्रोल पंप संचालक संतराम समेत अन्य प्रमुख साक्षी बने। केस में दसवें नंबर के गवाह प्रत्यक्षदर्शी पंप संचालक संतराम ने घटना का हाल बताया। भीड़ से बचते बचाते पेट्रोल पंप की तरफ आए तो भीड़ लाठी-डंडे, पथराव करती वहां पहुंच गई। गोली लगने से डीआईजी गिर गए। साथ ही हमलावरों ने पंप का कैश लूट लिया और तोड़फोड़ कर डाली। डीजीसी के अनुसार
केस में कुल 22 गवाहों के बयान हुए।

*अदालत ने दिया 47 पेज का निर्णय*
एडीजे कोर्ट दो कृष्ण कुमार ने डेढ़ दशक पुराने घटना और हालातों के मद्देनजर गवाहों के बयान और तब के साक्ष्यों को अहम माना। अदालत ने पूरे तथ्यों पर गौर करने के बाद फैसला सुनाया। फैसले पर पुलिस प्रशासन की निगाह रहीं।

*इन धाराओं में मिलीं सजा व जुर्माना*
धारा 147- दो वर्ष –
148- तीन वर्ष
307 दस वर्ष -10 हजार
336 दो माह
332 दो वर्ष
353 दो वर्ष
436 आजीवन कारावास -20 हजार

427 दो वर्ष
395 आजीवन कारावास -20 हजार
397 सात वर्ष -आठ माह
आपराधिक विधि संशोधन अधि.- तीन वर्ष
लोक संपत्ति क्षति -पांच वर्ष -5 हजार

मुरादाबाद में संयुक्त निदेशक (अभियोजन) चन्द्र प्रकाश मणि त्रिपाठी का कहना है कि डेढ़ दशक पुराने मैनाठेर कांड में अभियोजन पक्ष की पैरवी से दोषियों को कठोर सजा मिली।
न्यायालय के निर्णय से अपराध और अपराधियों पर अंकुश लगेगा।

*माहौल को शांत कराने गए डीआईजी पर ही उत्तेजित भीड़ ने हमला बोल दिया, मरणासन्न हालत में अस्पताल पहुंचे थे*

घटनास्थल पर मामले को शांत कराने जाते तत्कालीन डीआईजी अशोक कुमार सिंह को बेकाबू भीड़ ने घेर लिया। जमकर पिटाई की और गोली चलाई। डीआईजी को गंभीर हालत में पहले सांई अस्पताल लाया गया।लहूलुहान डीआईजी की हालत देखकर उन्हें तत्काल दिल्ली एम्स अस्पताल ले जाया गया। घटना के दौरान हालात देख तत्कालीन डीएम राजशेखर व अन्य पुलिसकर्मी वहां से लौट गए।
हालांकि इस केस में कुछ मुकदमे दर्ज हुए। पर थाना मैनाठेर में अपराध संख्या 177/2011 में दर्ज इस केस सुनवाई के बाद दोषियों को दिलाई जा सकीं।

केस में बचाव पक्ष के अधिवक्ता पीके जैन और विवेक जैन का कहना है कि न्यायालय ने अधिकतम सजा की है।अब न्यायालय के निर्णय का अवलोकन करेंगे। अपील का अधिकार है। हाईकोर्ट में अपील दायर करेंगे।

मैनाठेर कांड: डीआइजी पर हमले के मामले में 16 दोषियों को उम्रकैद

अदालत ने प्रत्येक दोषी पर 55 हजार रुपए का जुर्माना भी लगाया

-23 मार्च को मुरादाबाद में एडीजे-2 कोर्ट ने तत्कालीन डीआईजी पर जानलेवा हमले का ठहराया था दोषी
-फैसले के बाद 14 दोषी तत्काल जेल भेजे, दो अन्य अगले दिन धरे
-6 जुलाई, 2011 में हुईं घटना

Post on 28.3.26
Saturday Moradabad
Rajesh Bhatia
मुरादाबाद।(उप्र समाचार सेवा)।
मुरादाबाद के डीआईजी अशोक कुमार सिंह पर कातिलाना हमले और बवाल में 16 दोषियों को उम्रकैद की सुनाई गई। अदालत ने शनिवार को फैसला सुनाते हुए मैनाठेर कांड में हुईं लूटपाट और आगजनी में सभी को आजीवन कारावास की सजा दी। सुर्खियों में आए फैसले को लेकर शनिवार को कचहरी परिसर में भीड़ भाड़ रहीं।
एडीजे-2 कोर्ट कृष्ण कुमार ने सोमवार को सभी को दोषी ठहराया था। फैसले के बाद कोर्ट में पेश 14 को तत्काल जेल भेज दिया गया। जबकि अन्य दो को बाद में गिरफ़्तार किया गया। दोनों को पुलिस ने जेल भेज दिया।
अदालत में दोषियों पर सजा के लिए शनिवार को तारीख निर्धारित की। सजा पर फैसले को लेकर अदालत परिसर में खासी भीड़भाड़ रहीं। सुरक्षा व्यवस्था को लेकर पुलिस पूरी तरह से अलर्ट रहीं। एसपी सिटी कुमार रणविजय सिंह के अलावा सीओ, सिविल लाइंस प्रभारी समेत भारी पुलिस और आरएएफ रहीं।
अदालत ने सभी 16 दोषियों को उम्रकैद की सजा सुनाई। कोर्ट ने घटना के दौरान हुईं आगजनी और तोड़फोड़, लूटपाट की धाराओं में आजीवन कारावास की सजा सुनाई।

यह हुईं थीं घटना।
मैनाठेर कांड बसपा शासनकाल में हुआ था। मैनाठेर थाने के असालतनगर बघा में भारी बवाल मचा। पुलिस एक घटना में आरोपी को पकड़ने गई थीं पर मौके पर जुटीं भीड़ ने पुलिस को घेर लिया। संभल रोड पर जाम की सूचना व हंगामे बाजी की सूचना पर तत्कालीन डीएम राजशेखर और डीआईजी अशोक कुमार सिंह हमराहों संग रवाना हुए। लोगों को समझाने के दौरान बेकाबू भीड़ ने डीआईजी को घेरकर हमला कर दिया। भीड़ में से चलीं गोली डीआईजी को लगीं तो वह जान बचाने पेट्रोल पंप में जान बचाने पहुंचे पर भीड़ ने वहां भी तोड़ फोड़ कर दीं।इस दौरान भीड़ ने पीएसी के वाहन में भी आग लगा दी। डीआईजी का सर्विस रिवॉल्वर भी छीन लिया गया।
मैनाठेर में डीआईजी पर हमले, सरकारी संपत्ति को नुकसान व अन्य गंभीर धाराओं में 25 के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर आरोप पत्र दाखिल किया गया।

*बवाल कांड में ये ये दोषी*
शनिवार को अदालत ने सुनाई सजा।
दोषी।

-परवेज आलम पुत्र आसिफ
-मंजूर अहमद पुत्र मो युनूस
-मो अली पुत्र अफसर
-हाशिम पुत्र हाजी भोलू
-मो कमरूल पुत्र बाबू
-मो नाजिम पुत्र मो हुसैन
-मो मुजीफ पुत्र नन्हें
-मो युनूस पुत्र मो युसुफ
अंबरीष पुत्र अनवार मिस्त्री
-कासिम पुत्र इकबाल
-मो मोबीन उर्फ मो मोहसिन पुत्र शौकत
-मो मुजीब पुत्र बाबू जमील उर्फ जमीर अहमद
-तहजीब आलम पुत्र हाजी जमील
-जाने आलम पुत्र जुम्मा

Moradabad. (UP Samachar Sewa). In the murderous attack and mayhem on Moradabad DIG Ashok Kumar Singh, 16 convicts were sentenced to life imprisonment. The court, while delivering the verdict on Saturday, sentenced all to life imprisonment in the loot and arson in the Mainather case. Crowds thronged the court complex on Saturday over the decision that made headlines. All of them were convicted by the ADJ-2 court Krishna Kumar on Monday. After the verdict, the 14 who appeared in court were immediately sent to jail. The other two were arrested later. Police took both of them to the hospital. The court fixed Saturday for the quantum of sentence on the convicts.

मैनाठेर कांड:कोर्ट से 16 दोषियों को आज मिलेगी सजा

Moradabad Samachar

मुरादाबाद समाचार

-23 मार्च को मुरादाबाद में एडीजे-2 कोर्ट ने तत्कालीन डीआईजी पर जानलेवा हमले का ठहराया था दोषी
-फैसले के बाद 14 दोषी तत्काल जेल भेजे, दो अन्य अगले दिन धरे
-6 जुलाई, 2011 में हुईं घटना

Post on 28.3.26
Saturday Moradabad
Rajesh Bhatia
मुरादाबाद।(उप्र समाचार सेवा)।
मुरादाबाद में तत्कालीन डीआईजी पर जानलेवा हमले व बवाल में 16 दोषियों को आज सजा मिलेगी।एडीजे-2 कोर्ट कृष्ण कुमार ने सोमवार को सभी को दोषी ठहराया था। फैसले के बाद कोर्ट में पेश 14 को तत्काल जेल भेजा गया। अन्य दो को बाद में गिरफ़्तार किया गया।
मैनाठेर कांड बसपा शासनकाल में हुआ था। मैनाठेर थाने के असालतनगर बघा में भारी बवाल मचा। पुलिस एक घटना में आरोपी को पकड़ने गई थीं पर मौके पर जुटीं भीड़ ने पुलिस को घेर लिया। संभल रोड पर जाम की सूचना व हंगामे बाजी की सूचना पर तत्कालीन डीएम राजशेखर और डीआईजी अशोक कुमार सिंह हमराहों संग रवाना हुए। लोगों को समझाने के दौरान बेकाबू भीड़ ने डीआईजी को घेरकर हमला कर दिया। भीड़ में से चलीं गोली डीआईजी को लगीं तो वह जान बचाने पेट्रोल पंप में जान बचाने पहुंचे पर भीड़ ने वहां भी तोड़ फोड़ कर दीं।इस दौरान भीड़ ने पीएसी के वाहन में भी आग लगा दी। डीआईजी का सर्विस रिवॉल्वर भी छीन लिया गया।
मैनाठेर में डीआईजी पर हमले, सरकारी संपत्ति को नुकसान व अन्य गंभीर धाराओं में 25 के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर आरोप पत्र दाखिल किया गया।

—-डीएम, डीआईजी समेत 24 ने दीं गवाही–
मैनाठेर में यह केस अहम् बना। बवाल में छह मामले दर्ज हुए। तब बसपा व 2012 में आई सपा सरकार में दर्ज मामले वापस लिए गए। जबकि एक मामले में साक्ष्यों के अभाव में आरोपी बरी हो गए।

—अलग-अलग अदालतों में चर्चित केस की सुनवाई—
मैनाठेर में इस मामले में सुनवाई लंबी चलीं। मैनाठेर बवाल मुरादाबाद में तीन अलग-अलग अदालतों में चला। अदालत में पहले एडीजीसी ब्रजराज सिंह, राजीव कौशिक और रंजीत सिंह राठौर ने सुनवाई के दौरान गवाहों के बयान दर्ज कराए। अब एडीजे कोर्ट दो कृष्ण कुमार ने साक्ष्य के आधार पर 16 लोगों को दोषी ठहराया। सजा आज सुनाई जाएगी।

हरिद्वार यार्ड और टनल रेल रुट पर चला सफाई अभियान


Haridwar, Railway

Post on 27.3.26
Friday, Moradabad
Rajesh Bhatia

मुरादाबाद।(उप्र समाचार सेवा)।
शुक्रवार को हरिद्वार यार्ड और टनल संख्या एक की ओर जाने वाले रेलमार्ग पर व्यापक सफाई अभियान चलाया गया। डीआरएम विनीता श्रीवास्तव के निर्देश पर रेलवे व नगर निगम के सहयोग से व्यापक सफाई अभियान संचालित किया गया।
स्वच्छता अभियान को बढ़ावा देने के लिए डीआरएम ने रेल कर्मियों को नगर निगम के संग संयुक्त रुप से अभियान से जोड़ा इसके चलते निगम के 25 और रेलवे के तीस सफाई कर्मियों ने अभियान में हिस्सा लिया।इस दौरान चले अभियान में120 बड़े पाँलीबैग कूड़ा एकत्रित किया। अभियान हरिद्वार की ओर टनल संख्या एक से ब्रिज संख्या 28 के बीच चलाया गया।
एसीएम हरि सिंह मीना की देखरेख में दोनों ओर से सफाई अभियान के दौरान रेललाइन के दोनों ओर बड़ी मात्रा में खाली पानी की प्लास्टिक बोतलें, थैलियां, चिप्स के खाली पैकेट आदि वेस्ट सामग्री को उठाकर लाइन को साफ सुथरा बनाया गया। इसके साथ ही रेल मार्ग के आसपास बने आवास व होटलों का काफी मात्रा कचरा भी रेल लाइन पर पड़ा था। सफाई कर्मियों ने रेल लाइन किनारे कूड़ा एकत्रित कचरे को एकत्रित कर स्वच्छता अभियान चलाया।
इस दौरान डीआरएम के अलावा सीनियर डीसीएम समेत तमाम अधिकारी और स्टाफ मौजूद रहा।

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