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मकर संक्रांति पर्व महोत्सव के उपलक्ष में अष्टम संगोष्ठी का शुभारंभ 

January 15, 2026

मकर संक्रांति पर्व महोत्सव के उपलक्ष में अष्टम संगोष्ठी का शुभारंभ 

मथुरा।गोकुल में मकर संक्रांति पर्व के अवसर पर दो दिवसीय वार्षिकोत्सव पर सेवायाम कथायाम‌ के अंतर्गत  रतन मोती संस्कृत महाविद्यालय के संयुक्त तत्वाधान में मकर संक्रांति पर्व महोत्सव के उपलक्ष में अष्टम आयोजित संगोष्ठी का शुभारंभ भगवान गोकुल नाथ जी के चित्रपट के समक्ष दीप प्रज्जवलित कर  मुख्य अतिथि भाजपा के वरिष्ठ नेता एवं चौमुंहा ब्लॉक अध्यक्ष शोभा राम शर्मा एवं जिला सहकारी बैंक के अध्यक्ष निरंजन सिंह धनगर ने किया। कार्यक्रम के प्रारंभ में सभी अतिथियों का पटुका एवं दुशाला उढा कर स्वागत किया गया। इस अवसर पर रिपुसूदन मिश्र द्वारा संस्कृत महाविद्यालय के विषय में विस्तार से वर्णन करते हुए कहा कि यह संस्कृत महाविद्यालय 100 वर्षों से भी अधिक प्राचीन है, इस विद्यालय के पढ़े छात्र-छात्राएं आज विभिन्न उच्च पदों पर कार्यरत हैं, जो एक गर्व की बात है। इस मौके पर पधारे प्रख्यात कवि एवं गीतकार राधा गोविंद पाठक ने अपने ओजस्वी कंठ से कविता पाठ किया। इस मौके पर चौमुंहा ब्लॉक अध्यक्ष व मुख्य अतिथि शोभा राम शर्मा ने विद्यालय में आयोजित सांस्कृतिक कार्यक्रम में विजयी छात्र छात्राओं को पुरस्कार देकर सम्मानित किया। इस अवसर पर जिला विद्यालय निरीक्षक रवींद्र सिंह ने कहा कि विद्यालय की प्रगति, अनुशासन एवं संस्कृत भाषा मे सहयोग के लिए विद्यालय प्रबंधक धन्यवाद के पात्र हैं। कार्यक्रम के अध्यक्ष जिला सहकारी बैंक के चेयरमैन निरंजन सिंह धनगर ने इस मौके पर गरीब, असहाय एवं वृद्धाश्रम की विधवा माताओं को कंबल एवं गर्म वस्त्र वितरण किए। इस अवसर पर जनपद के गणमान्य एवं विशिष्ट सेवा भावी महानुभावों ने इस संगोष्ठी में पधारकर अपने-अपने सुझाव रखे। कार्यक्रम के अंत में महाविद्यालय के प्रबंधक  मुकुंद कृष्ण उपाध्याय ने सभी का आभार व्यक्त किया।

श्रीमद्भागवत के श्रवण से भक्तों को मिलती है आत्मिक शांति

मथुरा, 15 जनवरी 2026, राजवाड़ा रिजॉर्ट में चल रही श्रीमद्भागवत कथा में युवा भागवत कथा व्यास कान्हा कौशिक  ने प्रवचन करते हुए कहा कि भागवत कथा का महत्व जीवन को प्रेम, भक्ति, ज्ञान और शांति की ओर ले जाना है, जो जन्मों के पापों का नाश करती है, आध्यात्मिक विकास करती है, आत्मविश्वास जगाती है और कलयुग में मोक्ष प्राप्ति का एकमात्र साधन मानी जाती है, जिससे व्यक्ति संसार के मोह-माया से मुक्त होकर परम सुख प्राप्त करता है। यह सभी वेदों का सार है और इसे सुनना देवताओं के लिए भी दुर्लभ माना जाता है, जो मनुष्य को आंतरिक शुद्धि और आत्मिक उन्नति प्रदान करता है।
भागवत कथा का श्रवण कलयुग में भवसागर से पार लगाने और मोक्ष प्राप्त करने का सबसे सरल और प्रभावी तरीका है।
 नन्दलाल उपाध्याय, डॉ.बृजकिशोर,संतोष, डाक्टर पवन,प्रवीण ,अंशुल,जगदीश पाठक,सुजीत वर्मा आदि प्रमुख रूप से उपस्थित रहे।

January 12, 2026

भागवत कथा के चौथे दिन मनाया गया भगवान श्रीकृष्ण का जन्मोत्सव

बलदेव (मथुरा), 12 जनवरी 2026, नीलकंठ आश्रम जुगसना पर चल रही श्रीमद भागवत कथा के चौथे दिन भगवान श्रीकृष्ण का जन्मोत्सव मनाया गया।इस दौरान कथा पंडाल में प्रसिद्ध भजन ‘नंद के घर आनंद भयो, जय कन्हैया लाल की’ पर सभी श्रद्धालु काफी देर तक झूमते व थिरकते रहे।श्रीकृष्ण-जन्मोत्सव कार्यक्रम को लेकर कथा पंडाल को गुब्बारे व फूल-मालाओं से आकर्षक ढंग से सजाया गया था।
भागवत प्रवक्ता आचार्य हरीश कौशिक महाराज Acharya Harish kaushik Maharaj ने प्रवचन के दौरान भगवान श्रीकृष्ण की बाल लीलाओं का वर्णन कर धर्म, अर्थ, काम व मोक्ष की महत्ता पर व्याख्यान किया। उन्होंने कहा कि जब-जब अत्याचार, अनाचार व अन्याय बढा है, तब-तब प्रभु का अवतार होता है। अत्याचार को समाप्त कर धर्म की स्थापना को लेकर ही प्रभु का अलग-अलग रूपों में अवतार होता है। जब कंस ने सभी मर्यादाएं तोड दी, तो प्रभु श्रीकृष्ण का जन्म हुआ।
कथा के दौरान भगवान श्रीकृष्ण के बाल-रूप की झांकी देख सभी श्रद्धालु जयकारा लगाते हुए नृत्य करने लगे। इस अवसर पर  आचार्य मनीष गर्गाचार्य,सुजीत वर्मा, परीक्षित वीरेंद्र सिंह बाबा लक्ष्मण दास , पप्पू चौधरी, पूरन चंद अग्रवाल , आचार्य धीरज , दीपचंद कौशिक , राजेंद्र प्रसाद , जयंती प्रसाद, नेत्रपाल प्रधान , सत्यवीर चौधरी, मोती प्रधान , ब्रजमोहन शर्मा , नीलकंठ बाबा, किशन दासी, डाक्टर चोभ सिंह, जगवीर सिंह डीलर ,कृष्णवीर प्रधान, शिवकुमार चौधरी , शंकर लाल मास्टर आदि भगवत प्रेमी उपस्थित रहे।

January 11, 2026

वीबी-जी राम जी देश के ग्रामीण परिवारों के लिए ऐतिहासिक कदम है- राज्य मंत्री

  • रोजगार की गारंटी 100 दिनों से बढ़ाकर 125 दिन कर दी गई है, जो कि मेहनतकश ग्रामीण समाज के लिए बहुत बड़ा परिवर्तन है
मथुरा, 11 जनवरी 2026 (उप्रससे)।प्रभारी मंत्री,राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) बेसिक शिक्षा विभाग संदीप सिंह ने  रविवार को मथुरा के कलेक्ट्रेट सभागार में  विकसित भारत-जी राम जी योजना के संबंध में प्रेसवार्ता की ।
प्रेसवार्ता के दौरान  सांसद (राज्यसभा)  तेजवीर सिंह , महापौर विनोद अग्रवाल, ,  विधायक गोवर्धन मेघश्याम सिंह , महानगर अध्यक्ष  हरीशंकर राजू यादव  सहित अन्य जनप्रतिनिधिगण उपस्थित रहे।
प्रभारी मंत्री ने बताया कि संसद द्वारा हाल ही में पारित ‘‘विकसित भारत- रोजगार और आजीविका के लिए गांरटी मिशन ग्रामीणः वीबी-जी राम जी अधिनियम’’ देश के ग्रामीण परिवारों के लिए एक ऐतिहासिक कदम है। यह कानून संशोधित नए स्वरूप में ग्राम पंचायतों में ग्रामीण विकास, आजीविका, समाजिक-आर्थिक सशक्तिकरण को और मजबूत करेगा।
उन्होंने कहा कि बेरोजगारी भत्ता का अधिकार, ससमय मजदूरी का भुगतान, ग्राम स्तर पर योजना निर्माण की स्वतंत्रता, टेक्नोलॉजी के माध्यम से निगरानी, अधिक समय से लंबित भुगतान हेतु अधिकारियों की जिम्मेदारी आदि उक्त योजना की विशेषताएं है।
इस योजना से श्रमिकों को गरिमा एवं सम्मान मिलेगा। भुगतान में देरी होती है, तो ब्याज के साथ भुगतान किया जाएगा। काम न प्रदान करने वाले अधिकारी की जिम्मेदारी तय की जाएगी। उक्त योजना का उद्देश्य सभी को मुख्य धारा में जोड़ने है। योजना की मॉनिटिंग के लिए केंद्र एवं राज्य सरकार द्वारा समिति बनाई जाएगी। यह एक योजना नहीं, बल्कि ग्रामीण भारत का आत्म सम्मान पत्र है। देश का किसान और श्रमिक मजबूत होगा।
संदीप सिंह ने कहा कि विकसित भारत- रोजगार एवं आजीविका मिशन (ग्रामीण) के अंतर्गत अब 125 दिन ग्रामीण रोजगार की गारंटी,  बेरोजगारी भत्ते के लिए बेहतर प्रावधान, समय पर मजदूरी का भुगतान और देरी होने पर मुआवजा, तकनीक के जरिए सशक्तिकरण करना, बायोमेट्रिक प्रमाणीकरण, मोबाइल आधारित निगरानी, स्थानिक प्रौद्योगिकी सक्षम आयोजन, रियल टाइम डैशबोर्ड, जियो टैगिंग, ए0आई0 आधारित विश्लेषण, नागरिक सहभागिता प्लेटफार्म आदि है।
कार्य की चार प्रमुख श्रेणीयां है जिसमें, जल सुरक्षा और संरक्षण कार्य, ग्रामीण अवसंरचना से जुड़े कार्य, आजीविका संवर्धन के कार्य, जल वायु परिवर्तन व प्रतिकूल मौसम से निपटने वाले कार्य। ये चारों क्षेत्र मिलकर विकास, सशक्तिकरण, कन्वर्जेंस और स्थाई आजीविका का आधार बनेगा।
विभागों का एकीकरण और पारदर्शिता इस अधिनियम के तहत ग्राम सभा के सभी कार्य विकसित भारत राष्ट्रीय ग्रामीण अवसंरचना स्टैक पर एकत्रित होंगे। इससे दोहराव बंद होगा, विभागों के बीच तालमेल बढ़ेगा और भ्रष्टाचार पर रोक लगेगी।
इस योजना से राज्य सरकार द्वारा बुवाई एवं कटाई संबंधी मुख्य कृषि संबंधी गतिविधियों हेतु कुल मिलाकर 60 दिनों की अवधि निर्धारित करने का प्रावधान है, इस दौरान इस अधिनियम के तहत कार्यों का क्रियान्वयन नहीं होगा, जिससे कृषि कार्य निर्बाध रूप से संचालित हो सके।
मनरेगा के तहत जो काम अभी चल रहे हैं, वो बिल्कुल सुरक्षित हैं। कोई भी काम रुकेगा नहीं, सब पहले की तरह पूरे होंगे। आगे वीबी-जी राम जी अधिनियम 2025 लागू होने के बाद, इसके हिसाब से नए काम शुरू हो जाएंगे। काम में रुकावट नहीं-बल्कि ज्यादा मौके मिलेंगे। गाँव का विकास और तेज़ी से आगे बढ़ेगा। विकसित भारत-जी राम जी योजना पूरी तरह लागू होने पर आपको न केवल 125 दिनों का रोजगार मिलेगा, बल्कि अधिनियम के लागू होने पर नई बढ़ी हुई मजदूरी दरों का भी लाभ प्राप्त होगा। उक्त योजना का क्रियान्वयन ग्राम स्वराज की अवधारणा को धरातल पर उतारने का कार्य करेगा, कोई भी पात्र इस योजना के लाभ से वंचित नहीं रहेगा, पूरी पारदर्शिता एवं नवीन तकनीक के माध्यम से योजना का लाभ पात्र तक पहुंचेगा।

January 10, 2026

समाज के लिए भी रोज कुछ करो: मोहन भागवत

सुदामा कुटी के 100 वर्ष पूर्ण होने पर मनाया जा रहा शताब्दी महोत्सव

मथुरा, 10 जनवरी 2026 (उप्रससे)। वृंदावन की सुदामा कुटी आश्रम के शनिवार को 100 वर्ष पूर्ण हुए। इस उपलक्ष्य में 10 दिवसीय शताब्दी महोत्सव  बड़ी धूमधाम से मनाया जा रहा है। नाभापीठाधीश्वर सुतीक्ष्णदास महाराज के अनुसार आश्रम का शताब्दी महामहोत्सव मनाया जा रहा है। रोजाना 10 दिन तक आध्यात्मिक आयोजन होंगे। यहां हजारों लोग पहुंचेंगे।हर दिन सुबह 8 से 10 बजे तक श्रीराम महायज्ञ होगा। पूरे आयोजन में 11 टन हवन सामग्री और 200 पीपा देसी घी का इस्तेमाल होगा। शाम के समय यहां भजन कीर्तन होंगे, इसमें हर दिन अलग-अलग संत शामिल होंगे। शताब्दी महोत्सव में आरएसएस के प्रमुख मोहन भागवत शामिल होकर दीप प्रज्जवलित कर महोत्सव का शुभारंभ किया। उन्होंने सुदामा दास जी महाराज के जीवन परिचय और नाभा पीठ का परिचय जानने के लिए प्रकाशित पुस्तक का विमोचन किया गया।

इसके बाद उन्होंने संबोधित करते हुए कहा- वह हमारा कुछ नहीं बिगाड़ सकते। लेकिन जैसे हमें तैयार होना है, वैसे हम तैयार नहीं हुए हैं। इसलिए वह हमारे सामने नाच रहे हैं। अंदर से खोखले हो गए हैं, सारी दुनिया में हार रहे हैं। जैसे-जैसे सनातन धर्म के सब लोग एक होते जाएंगे। वैसे-वैसे यह टूटते जाएंगे। आप देख लीजिए पिछले 50 सालों में जैसे-जैसे हिंदू एक होता गया। वैसे-वैसे इनके टुकड़े होते चले गए। मंच पर पीठाधीश्वर बलराम दास, कमल नयन दास महाराज, साध्वी ऋत्मभरा, ज्ञानानंद महाराज, गौरी शंकर दास महाराज, कुमार स्वामी, राजेंद्र दास महाराज, भूरी वाले बाबा, सुदर्शन दास महाराज, मनोज मोहन शास्त्री, विहिप के बड़े दिनेश भी मौजूद थे।

सुबह में आश्रम से शोभयात्रा निकाली गई। महंत सुतीक्ष्ण दास महाराज रथ पर सवार होकर भ्रमण करने निकले। शोभायात्रा अलग-अलग चौराहों से होते हुए दोपहर 3 बजे वापस सुदामा कुटी आश्रम पहुंची थी। मोहन भागवत ने मंच पर कहा कि अपने लिये रोज करते हो, अपने परिवार के लिए रोज करते हो, तो समाज के लिए भी रोज कुछ करो।

सुदामा कुटी की स्थापना 1926 में हुई

सुदामा कुटी की स्थापना सुदामादास महाराज ने 1926 में की थी। सुदामा कुटी आश्रम बंसीवट और गोपेश्वर महादेव मंदिर के बीच स्थित है, जहां हजारों संतों की निशुल्क सेवा की जाती है। आश्रम के महंत अमरदास महाराज ने बताया-सुदामादास महाराज का जन्म बिहार के गोपालगंज स्थित छिपाया गांव में 1899 में हुआ था। वह पहले अयोध्या में कुछ दिन रहे। इसके बाद 1926 में वृंदावन आ गए। तब से ही वे संत सेवा में लग गए। सुदामा कुटी में कई मंदिर हैं जहां सुबह से शाम तक भर्जन कीर्तन चलता रहता है। संतों की सेवा में लगे संत गोशाला में गोसेवा भी करते हैं।

शताब्दी महोत्सव में गृहमंत्री, रक्षामंत्री समेत कई राज्यों के सीएम पहुंचने की संभावना

10 दिन चलने वाले आयोजनों में 4 राज्यों के मुख्यमंत्री भी शामिल होंगे। साथ ही, गृहमंत्री अमित शाह और रक्षामंत्री राजनाथ सिंह को भी न्योता भेजा गया है। 2025 में सुदामा कुटी में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू भी आ चुकी हैं। वह स्पेशल ट्रेन से दिल्ली से वृंदावन पहुंची थीं। वृंदावन में यमुना किनारे पूजास्थल तैयार किए गए हैं, यहां हर रोज 10 हजार लोग फ्री भोजन करेंगे। इस कुटी के बारे में कहा जाता है कि कोई भी इस कुटी से भूखा नहीं लौटता है, यहां लोगों और संतों की सेवा 24 घंटे चलती रहती है।

 

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