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मुख्यमंत्री ने जापान की राजधानी टोक्यो में ‘उ0प्र0 इन्वेस्टमेण्ट रोड शो’ कार्यक्रम को सम्बोधित किया

February 25, 2026

मुख्यमंत्री ने जापान की राजधानी टोक्यो में ‘उ0प्र0 इन्वेस्टमेण्ट रोड शो’ कार्यक्रम को सम्बोधित किया

Yogi Adityanath in Japan
टोक्यो/लखनऊ : 25 फरवरी, 2026, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने आज जापान की राजधानी टोक्यो में आयोजित ‘उत्तर प्रदेश इन्वेस्टमेण्ट रोड शो’ कार्यक्रम को सम्बोधित किया। इस अवसर पर उन्होंने जापान के उद्योगपतियों और निवेशकों को उत्तर प्रदेश में निवेश करने के लिए आमंत्रित किया। मुख्यमंत्री जी ने विश्वास व्यक्त किया कि उत्तर प्रदेश में निवेश के माध्यम से भारत-जापान औद्योगिक सहयोग भविष्य में और अधिक मजबूत होगा। उन्होंने जापानी उद्योगपतियों से उत्तर प्रदेश आने व प्रदेश के आध्यात्मिक स्थलों का अनुभव लेने का आग्रह भी किया।
मुख्यमंत्री  ने कहा कि उत्तर प्रदेश सुरक्षित वातावरण, मजबूत इन्फ्रास्ट्रक्चर, बड़ी बाजार क्षमता और युवा कार्यबल के कारण निवेश के लिए भारत का सबसे बेहतर राज्य बनकर उभरा है। 25 करोड़ आबादी वाला उत्तर प्रदेश, देश का सबसे बड़ा राज्य है। राज्य की जितनी बड़ी आबादी है, उतनी ही बड़ी चुनौतियाँ हैं और उतनी ही विशाल सम्भावनाएँ भी हैं। विगत 09 वर्षों में उन सम्भावनाओं को धरातल पर उतारने का हमें सौभाग्य प्राप्त हुआ है। परिणामस्वरूप, राज्य की अर्थव्यवस्था और प्रति व्यक्ति आय लगभग तीन गुना बढ़ी है। जो राज्य कभी बीमारू कहा जाता था, आज वह भारत की अर्थव्यवस्था का ग्रोथ इंजन बन चुका है और ब्रेक-थू्र-स्टेट बनकर भारत के विकास में अपना योगदान दे रहा है।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि देश की केवल 11 प्रतिशत कृषि भूमि होने के बावजूद उत्तर प्रदेश देश का करीब 21 प्रतिशत खाद्यान्न उत्पादित करता है। यह भारत के फूड बास्केट के रूप में जाना जाता है। खाद्यान्न के बीज से लेकर बाजार तक पहुँचाने तथा अन्य सभी प्रक्रियाओं को आगे बढ़ाने में निवेश कम्पनियाँ बड़ी भूमिका का निर्वहन कर सकती हैं। प्रदेश में फूड प्रोसेसिंग, पैकेजिंग और एग्री लॉजिस्टिक्स के क्षेत्र में बड़े निवेश के अवसर उपलब्ध हैं।
मुख्यमंत्री जी ने जापान की पावन धरा को नमन करते हुए कहा कि यह देश ’लैण्ड ऑफ द सनराइज’ के रूप में जाना जाता है। उत्तर प्रदेश सूर्यवंश के राजा भगवान श्रीराम की पावन जन्मस्थली तथा भगवान बुद्ध की कर्मभूमि है। भगवान बुद्ध से जुड़े विश्व के सर्वाधिक महत्वपूर्ण स्थल कपिलवस्तु, सारनाथ, श्रावस्ती, कुशीनगर, कौशाम्बी सहित अनेक पवित्र स्थल उत्तर प्रदेश में स्थित हैं। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी के नेतृत्व में प्रदेश में रामायण सर्किट एवं बौद्ध सर्किट को प्रभावी ढंग से विकसित किया जा रहा है, जिससे स्पिरिचुअल टूरिज्म को नई गति मिली है। जब भगवान श्रीराम और भगवान बुद्ध की बात होती है, तो यह सूर्यवंश की उस महान परम्परा से जुड़ती है, जिसकी प्रथम किरण का उदय जापान की धरती पर होता है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तर प्रदेश में पर्याप्त मीठा जल संसाधन मौजूद है, जिसका उपयोग कृषि के साथ-साथ ग्रीन हाइड्रोजन के निर्माण, पम्प स्टोरेज की स्कीम तथा अन्य महत्वपूर्ण कार्यक्रमों को आगे बढ़ाने में किया जा सकता है। राज्य की 56 प्रतिशत आबादी युवा है, जिससे उद्योग सहित प्रत्येक सेक्टर को पर्याप्त और कुशल मानव संसाधन प्राप्त होता है। विगत वर्षों में प्रदेश में तेजी से इन्फ्रास्ट्रक्चर विकसित हुआ है। विगत 09 वर्षों में उत्तर प्रदेश में अनेक एक्सप्रेस-वे का निर्माण हुआ है। उत्तर प्रदेश में भारत के कुल एक्सप्रेस-वे का 55 प्रतिशत एक्सप्रेस-वे स्थित है। एक्सप्रेस-वे का विशाल नेटवर्क, देश का सबसे बड़ा रेल नेटवर्क और ईस्टर्न-वेस्टर्न डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर का जंक्शन उत्तर प्रदेश में है। एक्सप्रेस-वे के किनारे 27 औद्योगिक क्लस्टर विकसित किए जा रहे हैं। मुख्यमंत्री जी ने जापान के बिजनेस लीडर्स को प्रदेश में इन परियोजनाओं में भागीदारी के लिए आमंत्रित किया।
मुख्यमंत्री ने जापान के उद्यमियों को विशेष रूप से यीडा क्षेत्र में प्रस्तावित जापान इण्डस्ट्रियल सिटी के बारे में भी जानकारी दी। उन्होंने कहा कि प्रदेश में एयर कनेक्टिविटी बेहतर हुई है। यहाँ 16 एयरपोर्ट संचालित हैं, जिनमें 04 अन्तरराष्ट्रीय एयरपोर्ट हैं तथा नोएडा इण्टरनेशनल एयरपोर्ट शीघ्र शुरू होने वाला है। जापान से जुड़ी अनेक कम्पनियों ने उत्तर प्रदेश में निवेश किया है। नोएडा इण्टरनेशनल एयरपोर्ट के पास ही जापानी निवेशकों के लिए जापान इण्डस्ट्रियल सिटी विकसित की जा रही है। इसके लिए 500 एकड़ भूमि चिन्हित कर ली गई है। इसका उद्देश्य है कि जापानी उद्योग एक ही स्थान पर क्लस्टर के रूप में निवेश कर सकें। यहाँ उन्हें बेहतर कनेक्टिविटी, लॉजिस्टिक्स और निर्यात सुविधाएँ उपलब्ध करायी जाएंगी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तर प्रदेश में निवेशकों के लिए सुरक्षित वातावरण उपलब्ध है। यहाँ निवेशकों का निवेश इसलिए सुरक्षित है, क्योंकि यहाँ स्केल, स्किल, स्टेबिलिटी और स्पीड चारों उपलब्ध हैं। यहाँ स्केल को स्किल में बदलने का सामर्थ्य भी है। भारत के मोबाइल मैन्युफैक्चरिंग का 55 प्रतिशत और इलेक्ट्रॉनिक कम्पोनेण्ट उत्पादन का लगभग 60 प्रतिशत उत्तर प्रदेश में हो रहा है। एजुकेशन, मेडिकल हेल्थ, डेटा सेण्टर, सेमीकण्डक्टर, लॉजिस्टिक्स, वेयरहाउसिंग और रिन्यूएबल एनर्जी एण्ड हाइड्रोजन एनर्जी में निवेश की अच्छी सम्भावनाएँ हैं। हाल ही में नोएडा क्षेत्र में सेमीकण्डक्टर यूनिट की आधारशिला रखी गई है। प्रदेश में 75,000 एकड़ का लैण्ड बैंक उपलब्ध है। झाँसी के पास बुन्देलखण्ड क्षेत्र में 56,000 एकड़ में नया औद्योगिक शहर ‘बीडा‘ विकसित किया जा रहा है, इससे क्षेत्रीय औद्योगिक विकास को नई गति मिलेगी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्ष 2023 में राज्य में आयोजित ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट में प्रदेश को 40 लाख करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए। लगभग 15 लाख करोड़ रुपये की परियोजनाएँ जमीन पर उतर चुकी हैं और 07 लाख करोड़ रुपये का निवेश प्रक्रिया में है। उत्तर प्रदेश में 96 लाख एम0एस0एम0ई0 इकाइयाँ कार्यरत हैं, जिनमें 03 करोड़ से अधिक लोगों को रोजगार मिला है। नई इकाइयों को 1,000 दिनों तक कई तरह की एन0ओ0सी0 से छूट दी जाती है, ताकि उद्योग आसानी से शुरू हो सकें। निवेशकों को कहीं कोई डिस्टर्बेंन्स नहीं होता है। उन्हें प्रोत्साहित करने के लिए नियमानुसार तय इन्सेण्टिव प्रदान किये जाते हैं। उन्हें टेक्नोलॉजी के साथ-साथ डिजाइन, मार्केट तथा एक्सपोर्ट से जोड़ने हेतु मदद उपलब्ध कराया जाता है।
मुख्यमंत्री  ने कहा कि प्रदेश में 34 से अधिक सेक्टोरल नीतियाँ लागू हैं। ‘निवेश मित्र‘ और ‘निवेश सारथी‘ जैसी सिंगल विण्डो व्यवस्था से निवेश प्रक्रिया सरल हुई है। ‘निवेश मित्र’ निवेशकों को सारी औपचारिकताएँ पूर्ण करने में सहायता करता है। ‘निवेश सारथी‘ निवेशक के निवेश को प्रभावी ढंग से निवेश कराने में योगदान देता है। बेहतर कानून-व्यवस्था और पारदर्शी नीतियों के कारण उत्तर प्रदेश ‘ईज ऑफ डूइंग बिजनेस’ में अग्रणी राज्यों में शामिल है। विगत वर्ष प्रदेश में 156 करोड़ पर्यटक आए, जिससे होटल, रेस्टोरेण्ट, हेरिटेज और स्प्रिचुअल टूरिज्म में निवेश के अवसर बढ़े हैं। प्रदेश में इलेक्ट्रिक व्हीकल मोबिलिटी, डीप टेक, फिनटेक, मेडटेक और सर्विस सेक्टर में भी निवेश की सम्भावनाएँ हैं।
कार्यक्रम में स्पार्क मिण्डा गु्रप के एक्जीक्यूटिव डायरेक्टर आकाश मिण्डा ने कहा कि वर्तमान में उत्तर प्रदेश स्केल, स्पीड और स्टेबिलिटी का प्रतिनिधित्व कर रहा है। आज बड़े पैमाने पर आधुनिक एक्सप्रेस-वेज, फ्रेट कॉरिडोर, औद्योगिक केन्द्र और प्रो-एक्टिव से उत्तर प्रदेश मजबूत मैन्युफैक्चरिंग आधार तैयार कर रहा है। यह आने वाले समय में प्रदेश की औद्योगिक सफलता के लिए अत्यन्त महत्वपूर्ण है। जापान व भारत न केवल आर्थिक बल्कि विश्वास, गुणवत्ता और दीर्घकालिक दृष्टिकोण के साझा मूल्यों से बंधे हैं। जापानी कम्पनियों ने भारत की ऑटोमोटिव यात्रा को आकार देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभायी है।
स्पार्क मिण्डा गु्रप के एक्जीक्यूटिव डायरेक्टर ने कहा कि जापानी कम्पनियों के लिए उत्तर प्रदेश केवल एक गन्तव्य मात्र नहीं है, बल्कि दीर्घकालिक औद्योगिक सफलता का लॉन्च पैड है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी के विजन और उनके मार्गदर्शन में हमने उत्तर प्रदेश में बहुत सराहनीय परिवर्तन देखे हैं। हम उत्तर प्रदेश के सभी 75 जनपदों में औद्योगिक प्रगति को बेहतर करने के लिए हम प्रतिबद्ध हैं। डिस्ट्रिक्ट लेवल इण्डस्ट्रियल पार्क, लॉजिस्टिक्स हब, स्मार्ट टाउनशिप, एक्सपोर्ट फोकस्ड इण्डस्ट्रियल पार्क और कॉरिडोर के डेवलपमेण्ट के लिए राज्य सरकार की पहल के तहत कई बड़े प्रोजेक्ट्स को स्वीकृति प्रदान की गई है। यीडा क्षेत्र में मात्र 45 दिनों में 02 लाख वर्गमीटर भूमि का आवंटन हुआ है, जो प्रदेश में ईंज ऑफ डूइंग बिजनेस की गति और पारदर्शिता को दर्शाता है।
मारुति सुजुकी के सीनियर एक्जी़क्यूटिव ऑफिसर (कॉर्पोरेट अफेयर्स) राहुल भारती ने कहा कि विगत वर्षों में हमने प्रदेश में मेगा ट्रांसफॉर्मेशन देखा है। मुख्यमंत्री जी उत्तर प्रदेश को हर क्षेत्र में नम्बर वन बनाना चाहते हैं। फाइनेंशियल डिसिप्लिन, मोबाइल मैन्युफैक्चरिंग, रोड एक्सप्रेस-वे नेटवर्क, एग्रीकल्चर प्रोडक्शन, ट्री प्लाण्टेशन, एथेनॉल प्रोडक्शन, हैण्डीक्राफ्ट एक्सपोर्ट, टूरिज्म में उत्तर प्रदेश अग्रणी है। इलेक्ट्रिक व मजबूत हाइब्रिड गाड़ियों को बढ़ावा देने पर प्रदेश में एक वाइब्रेण्ट व पॉजिटिव पॉलिसी मौजूद है, जिससे उत्तर प्रदेश इलेक्ट्रिक और हाइब्रिड गाड़ियों की ग्रोथ में भारत का नम्बर वन स्टेट बन गया है। यह कार्य सरकारी रेवेन्यू की कीमत पर नहीं हुए हैं, बल्कि इनसे सरकारी राजस्व में वृद्धि दर्ज की गयी।
राहुल भारती ने कहा कि प्रदेश में एक विजनरी, डिसीसिव और मजबूत लीडरशिप है। राज्य में सुदृढ़ कानून-व्यवस्था तथा अच्छा अनुशासन है। सरकार में फैसले लेने और उन्हें लागू करने की स्पीड बहुत तेज है। यही कारण है कि प्रदेश में अच्छा इन्फ्रास्ट्रक्चर निर्माण हुआ है। उत्तर प्रदेश में उपजाऊ मिट्टी, कई नदियाँ और खेती तथा उद्योग हैं। मारुति सुजुकी की भी प्रदेश में अच्छी मौजूदगी है। ऑटो कम्पोनेण्ट सप्लाई करने वाली अनेक कम्पनियाँ उत्तर प्रदेश में हैं। उत्तर प्रदेश कम्प्रेस्ड बायो गैस और एथेनॉल दोनों में दुनिया का एक महान नेता बन सकता है। यह इसलिए भी क्योंकि प्रदेश सरकार उत्तर प्रदेश में निवेशकों का स्वागत करती है।
इस अवसर पर उत्तर प्रदेश के वित्त मंत्री सुरेश कुमार खन्ना, औद्योगिक विकास मंत्री नन्द गोपाल गुप्ता ‘नन्दी’, जापान में भारत की राजदूत सुश्री नगमा एम0 मलिक, सलाहकार मुख्यमंत्री अवनीश कुमार अवस्थी, अवस्थापना एवं औद्योगिक विकास आयुक्त दीपक कुमार सहित जापान के उद्योग जगत के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।

बीमार बसपा विधायक के घर आयकर छापेमारी से मंत्री दिनेश प्रताप सिंह नाराज

लखनऊ। उत्तर प्रदेश सरकार के उद्यान मंत्री दिनेश प्रताप सिंह ने बहुजन समाज पार्टी (BSP) के रसड़ा विधायक उमाशंकर सिंह के आवास पर पड़े आयकर छापों को लेकर कड़ा विरोध दर्ज कराया है। उमाशंकर सिंह मंत्री दिनेश प्रताप सिंह के समधी हैं। मंत्री ने सोशल मीडिया के माध्यम से इस कार्रवाई को असंवेदनशील और अमानवीय बताया।
जानकारी के अनुसार, आयकर विभाग ने बुधवार को विधायक उमाशंकर सिंह के बलिया जनपद स्थित विभिन्न ठिकानों पर छापेमारी की। इस कार्रवाई से नाराज़ दिनेश प्रताप सिंह ने सवाल उठाया कि जब उमाशंकर सिंह पिछले दो वर्षों से जीवन और मृत्यु के बीच संघर्ष कर रहे हैं, तब इस तरह की कार्रवाई का औचित्य क्या है। दिनेश प्रताप सिंह ने लिखा कि उमाशंकर सिंह इस समय गंभीर रूप से बीमार हैं, आइसोलेशन में रह रहे हैं और उनका अधिकांश समय व धन इलाज में खर्च हो रहा है। उन्होंने बताया कि विधायक न तो विधानसभा सत्र में भाग ले पा रहे हैं और न ही उनके आवास पर नर्स या डॉक्टर को आसानी से जाने दिया जा रहा है।

मंत्री ने यह भी कहा कि उमाशंकर सिंह बहुजन समाज पार्टी सुप्रीमो मायावती के करीबी माने जाते हैं और हाल के दिनों में बसपा द्वारा ब्राह्मण राजनीति को लेकर सक्रियता बढ़ाई गई है, जिससे सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी पर राजनीतिक दबाव है। ऐसे में आयकर छापे को राजनीतिक प्रतिशोध से जोड़कर भी देखा जा रहा है।
दिनेश प्रताप सिंह ने चेतावनी भरे शब्दों में कहा कि यदि इस दौरान उमाशंकर सिंह के जीवन को कोई क्षति होती है, तो इसके लिए संबंधित संस्थाएं जिम्मेदार होंगी। उन्होंने इसे दुर्लभतम अपराधों में भी न्यायालय द्वारा दिखाई जाने वाली मानवीय संवेदना के विपरीत बताया और ईश्वर से ऐसी सोच रखने वाले लोगों व संस्थाओं को सद्बुद्धि देने की कामना की। इस पूरे घटनाक्रम ने प्रदेश की राजनीति में हलचल मचा दी है, क्योंकि बयान एक ऐसे मंत्री की ओर से आया है जो मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के करीबी माने जाते हैं।

भारत विरोधी ताकतों के प्रवक्ता हैं राहुल गांधी:ब्रजेश पाठक

लखनऊ 24 फरवरी 2026। भाजपा के वरिष्ठ नेता व प्रदेश के उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने आज मंगलवार को भाजपा राज्य मुख्यालय, लखनऊ में आयोजित प्रेस वार्ता को संबोधित करते हएु कहा कि राहुल गाँधी की तथाकथित मुहब्बत की दुकान में केवल और केवल ‘नफरत, अराजकता, दंगा और भारत विरोध‘ का सामान मिल रहा है।
श्री पाठक ने कहा कि कांग्रेस पार्टी और राहुल गांधी ने झूठ की राजनीति के उस स्तर को छू लिया है, जहाँ से वापसी संभव नहीं है। जिस प्रकार के अनर्गल और तथ्यहीन आरोप राहुल गांधी हर दिन प्रधानमंत्री मोदी जी और भारत सरकार पर लगाते हैं और सोशल मीडिया पर विष-वमन करते हैं, वह न केवल निंदनीय हैं बल्कि ‘राष्ट्रद्रोह‘ की श्रेणी में आता है। आज देश देख रहा है कि राहुल गांधी की राजनीति का स्तर किस कदर गिर चुका है। उनका एकमात्र उद्देश्य अब झूठ पर झूठ बोलना, जनता को उकसाना, अराजकता फैलाना और भारत की ताकत को नीचा दिखाना रह गया है।

उपमुख्ममंत्री ने कहा कि जब भारत दुनिया का नेतृत्व कर रहा है, तब एआई ग्लोबल समिट में कांग्रेस नेताओं ने नंगा नाच कर न केवल देश की गरिमा को तार-तार किया, बल्कि देश को दुनिया में बदनाम करने की साजिश रची। आज राहुल गाँधी ने इस ‘नंगा नाच‘ का समर्थन कर इन नंगे कांग्रेसियों को बब्बर शेर कहा है। राहुल गांधी द्वारा इस कृत्य का समर्थन करना यह सिद्ध करता है कि इस पूरी पटकथा के सूत्रधार वही हैं।
उपमुख्यमंत्री श्री ब्रजेश पाठक ने कहा कि विरोध लोकतंत्र का हिस्सा है, लेकिन विरोध के नाम पर ‘नग्नता‘ और ‘अराजकता‘ का सहारा लेना भारतीय संस्कृति और भारत की महान विरासत के खिलाफ है। राहुल का मतलब रा-रार, हु – हुड़दंग, ल- लफंगई। देश की जनता अराजकता फैलाने वाली इस नकारात्मक राजनीति को कभी स्वीकार नहीं करेगी।
श्री पाठक ने कहा कि विदेशी प्रोपेगेंडा मशीनों के कंधे पर बंदूक रखकर भारत के प्रधानमंत्री पर कीचड़ उछालना राहुल गाँधी की पुरानी आदत है। लेकिन याद रखिए, सूरज पर थूकने से खुद का चेहरा ही गंदा होता है। देश की जनता अराजकता फैलाने वाली इस नकारात्मक राजनीति को कभी स्वीकार नहीं करेगी। उन्होंने कहा कि राहुल गाँधी खुद को ‘बब्बर शेर‘ होने का दावा करते हैं, लेकिन हकीकत यह है कि आप केवल ‘विदेशी शक्तियों के प्यादे‘ बनकर रह गए हैं। राहुल गांधी का एजेंडा स्पष्ट है-भारत की बढ़ती इकोनॉमी को रोकना और दुनिया भर में भारत की छवि को धूमिल करना।

उपमुख्यमंत्री ने कहा कि राहुल गांधी देश में भारत विरोधी ताकतों के राष्ट्रीय प्रवक्ता बन गए हैं। राहुल गांधी देश में नकारात्मक राजनीति के सबसे बड़े ब्रांड एम्बेसडर हैं। देश में अराजकता फैलाना, दंगे कराना, विदेशी मंचों पर भारत को बदनाम करना, फेक न्यूज फैलाकर लोगों को उकसाना, अफवाह फैला कर आंदोलन कराना ही राहुल गांधी की राजनीति का परिचय है। राहुल गांधी गालियां देकर सुर्खियों में बने रहना चाहते हैं। कल जिस तरह से राहुल गांधी ने फिर अनर्गल प्रलाप किया है, झूठ का प्रपंच किया है, उससे स्पष्ट है कि राहुल गांधी अब अराजकता पर उतर आए हैं। देश को हर दिन बदनाम करना और मोदी जी को गाली देना राहुल गांधी का पैशन और फैशन, दोनों बन चुका है। सच्चाई यह है कि राजीव गांधी फाउंडेशन में चीन से फंड लेने वाले लोग आज हमें ‘देश रक्षा‘ का पाठ पढ़ा रहे हैं। जनता सब देख रही है और कांग्रेस तथा राहुल गांधी के ‘झूठ के साम्राज्य‘ को बहुत जल्द जमींदोज कर देगी।

February 24, 2026

अब विधायिका को लेकर धारणा सकारात्मक: सतीश महाना

Sathish Mahana

Posted on 24.02.2026 Tuesday, Time 07.48 PM, Vidhan Sabha Adhyaksh Satish Mahana
लखनऊ। उत्तर प्रदेश विधानसभा के अध्यक्ष सतीश महाना ने कहा कि पिछले चार वर्षों में प्रदेश की विधायिका को लेकर समाज में बनी नकारात्मक धारणा में उल्लेखनीय सकारात्मक परिवर्तन आया है। श्री महाना ने कहा कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में सभी को अपनी सीमाओं में रहकर अपनी भूमिका का निर्वहन करना चाहिए।
उत्तर प्रदेश विधानसभा के बजट सत्र के सफलतापूर्वक संपन्न होने के उपरांत आयोजित प्रेस वार्ता में अध्यक्ष ने सत्र की उपलब्धियों और सदन के बदलते स्वरूप पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि एक समय था जब विधानसभा की कार्यवाही को लेकर आमजन के मन में शंका और निराशा का भाव था, किंतु आज वही सदन गंभीर, सार्थक और परिणाममुखी चर्चाओं का केंद्र बन चुका है।
अध्यक्ष ने कहा कि 18वीं विधानसभा ने लोकतांत्रिक मूल्यों को सहेजते हुए नवाचार, पारदर्शिता और आधुनिक तकनीक को अपनाकर कार्यसंस्कृति में व्यापक सुधार किया है। उत्तर प्रदेश विधानसभा अब केवल एक ऐतिहासिक भवन नहीं, बल्कि उत्तरदायित्व, अनुशासन और जन-आकांक्षाओं की अभिव्यक्ति का सशक्त मंच बन चुकी है। इन सुधारात्मक प्रयासों के कारण प्रदेश की विधानसभा को देश की अग्रणी विधानसभाओं में प्रतिष्ठित स्थान प्राप्त हुआ है।


उन्होंने बताया कि बजट सत्र अनेक दृष्टियों से महत्वपूर्ण, विचारोत्तेजक और परिणाममुखी रहा। वित्तीय वर्ष के बजट पर विस्तृत, गंभीर और सारगर्भित चर्चा की गई। विभिन्न विभागों की अनुदान मांगों पर क्रमबद्ध विचार-विमर्श हुआ तथा जनहित से जुड़े अनेक महत्वपूर्ण विधेयकों को सदन की स्वीकृति प्राप्त हुई। प्रश्नकाल के माध्यम से शासन-प्रशासन की जवाबदेही सुनिश्चित की गई, जबकि शून्यकाल में जनसरोकार के विविध विषय प्रभावी ढंग से उठाए गए। इससे स्पष्ट है कि सदन जनता की आवाज को सरकार तक पहुँचाने का सशक्त माध्यम है।
उन्हेंने संतोष व्यक्त किया कि पूरे सत्र के दौरान पक्ष और विपक्ष दोनों ने संसदीय मर्यादाओं का सम्मान किया। मतभेद लोकतंत्र का स्वाभाविक अंग हैं, किंतु संवाद, संयम और शालीनता उसकी मूल आत्मा हैं। इस सत्र में स्वस्थ बहस, तार्किक प्रतिपादन और सकारात्मक सहभागिता देखने को मिली, जो प्रदेश की संसदीय परंपराओं के लिए अत्यंत उत्साहवर्धक है। विभिन्न दलों के सदस्यों द्वारा विधानसभा के बदलते स्वरूप की सराहना भी की गई।
पत्रकारिता को लोकतंत्र का चौथा स्तंभ बताते हुए अध्यक्ष ने मीडिया प्रतिनिधियों का विशेष आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश विधानसभा की सकारात्मक छवि को जन-जन तक पहुँचाने में मीडिया की महत्वपूर्ण भूमिका रही है। अंत में उन्होंने सभी सदस्यों, संसदीय कार्य मंत्री, नेता प्रतिपक्ष तथा विभिन्न दलों के नेताओं का धन्यवाद ज्ञापित करते हुए कहा कि सदन की गरिमा, पारदर्शिता और उत्तरदायित्व को सर्वोपरि रखते हुए भविष्य में भी स्वस्थ और सार्थक संवाद की परंपरा को और सुदृढ़ किया जाएगा।

February 23, 2026

होली पर रोडवेज चलाएगा बसें, सभी मार्गों पर मिलेंगी सुविधा

मुरादाबाद, 23 फरवरी(उप्र समाचार सेवा)।
होली पर यात्री सुविधा को लेकर रोडवेज ने व्यापक तैयारी की है। विभिन्न मार्गों पर विभाग ने बसें चलाने का शेड्यूल तैयार किया है। 28 फरवरी से नौ मार्च तक भारी संख्या में यात्रियों को सफर के लिए देखते हुए अलग-अलग रूटों पर 274 ट्रिप में बसें चलेंगीं।
मुरादाबाद रोडवेज के क्षेत्रीय प्रबंधक अनुराग यादव ने जानकारी दी। बताया कि इस बार दो मार्च से चार मार्च तक होली का पर्व मनेगा। इसे लेकर बड़ी संख्या में यात्रियों का आवागमन होगा। बसों को उनके गंतव्य तक पहुंचाने के लिए 28 फरवरी से 9 मार्च तक कई फेरों में बसें चलेंगी।
दिल्ली-कौशांबी-रामनगर के अलावा दिल्ली -कौशांबी -हल्द्वानी, दिल्ली-कौशांबी -टनकपुर आदि रूटों पर पर्याप्त संख्या में बसें चलाई जाएंगी।
दिल्ली-गोरखपुर, दिल्ली- लखनऊ, दिल्ली-संभल, कौशांबी-मुरादाबाद, दिल्ली – रायपुर के अलावा धामपुर – कालागढ़ रूट पर भी बसें संचालित होगी।
आरएम के अनुसार हरिद्वार -रुपईडीहा, हरिद्वार -लखनऊ, हरिद्वार से बरेली, कानपुर के लिए मंडल के विभिन्न डिपो से बसें चलेंगीं।
उन्होंने बताया कि बस डिपो पर त्योहार के चलते विभागीय अधिकारियों को प्रभारी और पर्यवेक्षको व स्टाफ की ड्यूटियां लगाई गई है।
बस संचालन के लिए सभी सूचनाएं व्हाट्सएप ग्रुप बनाकर साझा की जाएगी।

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