Web News

www.upwebnews.com

देश के सामने दो ही विकल्प मोदी के नेतृत्व में विकास या बिखरा हुआ इंडी गठबंधनः सुधांशु त्रिवेदी

January 17, 2026

देश के सामने दो ही विकल्प मोदी के नेतृत्व में विकास या बिखरा हुआ इंडी गठबंधनः सुधांशु त्रिवेदी

लखनऊ 17 जनवरी 2026। भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय प्रवक्ता एवं राज्यसभा सांसद डॉ. सुधांशु त्रिवेदी ने आज शनिवार को लखनऊ स्थित भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश कार्यालय में प्रेसवार्ता को संबोधित किया। डॉ. सुधांशु त्रिवेदी ने बताया कि भाजपा ने दिल्ली, केरल और महाराष्ट्र के नगर निगम चुनावों में मजबूत उपस्थिति दर्ज की, तिरुवनंतपुरम में पहली बार मेयर बनाया और 40 वर्षों के कम्युनिस्ट शासन को हटाया। भाजपा सांसद ने इंडी गठबंधन की विफलता, पश्चिम बंगाल में बीएलओ अशोक चंद्र दास की आत्महत्या, पंजाब में मीडिया पर दमन और तमिलनाडु में न्यायालयिक हस्तक्षेप की घटनाओं को लोकतंत्र के लिए खतरे के रूप में बताया। डॉ. त्रिवेदी ने यह स्पष्ट किया कि देश के सामने दो विकल्प हैं, एक ओर माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी के नेतृत्व में विकास और सामाजिक समरसता और दूसरी ओर बिखरी हुई, असंगठित विपक्षी दलों का इंडी गठबंधन।

डॉ. सुधांशु त्रिवेदी ने कहा कि विगत वर्ष में दिल्ली और उसके बाद केरल के नगर निगम चुनावों में भारतीय जनता पार्टी ने अपनी महत्वपूर्ण उपस्थिति दर्ज कराई। तिरुवनंतपुरम में पहली बार भाजपा का मेयर बना है और 40 वर्षों से कम्युनिस्टों के शासन को हटाया गया। इसके साथ ही, महाराष्ट्र नगर निगम चुनावों में शानदार सफलता हासिल करते हुए भारतीय जनता पार्टी जिस स्थिति में पहुंची है, उससे एक बात स्पष्ट है कि विपक्षी दल, जो लगातार हार से कुंठित हैं और वोटों के लालच में घुसपैठिया परस्त हैं, अब निरंतर ध्वस्त होते चले जा रहे हैं। परंतु इसके साथ ही, इंडी गठबंधन की सरकारों का रवैया घनघोर लोकतांत्रिक विरोधी है।

भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता ने कहा कि एसआईआर की प्रक्रिया इस समय पूरे देश में चल रही है और आज पश्चिम बंगाल से एक दुखद खबर आई कि वहां के बीएलओ अशोक चंद्र दास जी ने आत्महत्या की। उनकी पत्नी द्वारा दर्ज कराई गई शिकायत के अनुसार उनके ऊपर भारी दबाव था कि किसी का भी नाम न काटा जाए। अर्थात्, जो संदिग्ध मतदाता हैं और जिनके पास आधिकारिक और औपचारिक दस्तावेज नहीं हैं, उनके नाम भी न काटे जाएं। पश्चिम बंगाल की सरकार द्वारा दी गई मानसिक प्रताड़ना के कारण यह घटना हुई। यह दर्शाता है कि स्वस्थ और पारदर्शी लोकतांत्रिक प्रक्रिया में विपक्षी दलों की आस्था नहीं है। दूसरी ओर, पंजाब में यदि मीडिया ने कोई प्रतिकूल खबर प्रकाशित की, तो वहां के न्यूज़पेपर और मीडिया संस्थानों पर जिस तरह रेड की गई, लोगों पर एफआईआर दर्ज की गई और कार्रवाई की गई, वह अपने आप में लोकतंत्र के लिए गंभीर खतरे का संकेत है। आज देश में यह स्पष्ट है कि संविधान खतरे में है। उत्तर प्रदेश में 1994 में, आज से लगभग 30-32 साल पहले, जब समाजवादी पार्टी की सरकार थी, तब यहां के दो बड़े समाचार पत्रों के कार्यालयों पर विधिवत हमला किया गया था। इसका कारण केवल यह था कि उन समाचार पत्रों में प्रकाशित कुछ समाचार उस समय की मुलायम सिंह की सरकार को अच्छे नहीं लगे थे। वही प्रवृत्ति और वही फितरत आज 30-32 साल बाद भी यथावत दिखाई पड़ती है। जहां एक ओर तमिलनाडु में कोर्ट के निर्णय के बावजूद, केवल एक स्तंभ के पास दीप जलाने की अनुमति देने में वहां की सरकार असमर्थ थी और न्यायाधीश को आतंकित करने के लिए उनके विरुद्ध महाभियोग लाने का नोटिस तक दे दिया गया। वहीं पश्चिम बंगाल में कोर्ट की सुनवाई के दौरान इतना उपद्रव किया गया कि उच्च न्यायालय को अपनी कार्रवाई स्थगित करनी पड़ी और उसने कहा कि ‘ऐसे वातावरण में न्यायालय की प्रक्रिया नहीं चल सकती। आज पंजाब में आम आदमी पार्टी की सरकार ने वही रवैया अपनाया है। इससे एक बात बहुत स्पष्ट है कि हार की खिसियाहट और बौखलाहट में संवैधानिक व्यवस्थाओं को तार-तार करते हुए विपक्षी दल सामने आ रहे हैं। यह पूरी तरह सत्य है कि ये लोग संविधान को अपनी जेब में ही रखते हैं और उसे उसी भाव से रखते हैं।

भाजपा सांसद ने कहा कि विपक्षी दलों बताएं कि 2024 के बाद जितने भी चुनाव हुए हैं, यह तथाकथित इंडी गठबंधन एक के बाद एक बिखरता जा रहा है। लोकसभा और राज्यसभा में इंडी गठबंधन नाम की कोई भी चीज फ्लोर ऑफ द हाउस पर मौजूद नहीं है। हमारे एनडीए के नेता, माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी हैं और सभी एनडीए सहयोगी दलों ने बाकायदा मीटिंग करके नेता चुनकर लोकसभा अध्यक्ष और राज्यसभा के सभापति को दे रखा है। मगर इंडी गठबंधन ने कोई पत्र राज्यसभा के सभापति या लोकसभा अध्यक्ष को नहीं दिया है कि सदन के पटल पर यह एक गठबंधन है और इसका नेता कोई व्यक्ति है। यानी यह गठबंधन वैसे ही हवा में निराधार था। 2025 में पहले दिल्ली में आम आदमी पार्टी अलग हुई, केरल के स्थानीय निकाय चुनावों में कांग्रेस और कम्युनिस्ट अलग-अलग लड़े और महाराष्ट्र के चुनावों में शिवसेना उबाठा (यानी उद्धव ठाकरे जी की शिवसेना) और कांग्रेस भी अलग हो गए। यह तय माना जाए कि बंगाल के चुनाव में टीएमसी कांग्रेस को कोई सीट नहीं देने जा रही है। तमिलनाडु के चुनाव में डीएमके, जो उनकी सबसे बड़ी सहयोगी दल है और जो इरेडिकेशन ऑफ सनातन धर्म यानी हिंदू धर्म को समूल नाश करने के संकल्प के लिए मशहूर है, वह 239 में से एक चौथाई सीट भी कांग्रेस को देने के लिए तैयार नहीं है। आम बोलचाल की भाषा में कहें तो, ‘रुपये में चवन्नी’ कहते हैं ना, वह चवन्नी लायक भी कांग्रेस की स्थिति नहीं समझी जा रही है।

डॉ. सुधांशु त्रिवेदी ने कहा कि उत्तर प्रदेश की सबसे मुख्य विपक्षी दल, समाजवादी पार्टी पर बृहन्मुंबई म्युनिसिपल कॉरपोरेशन के चुनावों में, उनके अरमानों पर जो गाज गिरी है। समाजवादी पार्टी केवल एक सीट जीत पाई है, जबकि भारतीय जनता पार्टी पहली बार मुंबई में मेयर बनाने जा रही है। एआई एमआईएम ने चार सीटें जीती हैं। सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव से भी यह प्रश्न किया जाना चाहिए कि अब उत्तर प्रदेश में इंडी गठबंधन का अस्तित्व है या नहीं? क्योंकि सपा ने उपचुनावों में कांग्रेस को कोई सीट नहीं दी थी और कांग्रेस ने भी आम आदमी पार्टी को दिल्ली के चुनाव में कोई सीट नहीं दी थी। दिल्ली, मुंबई और पटना के अनुभव के बाद लखनऊ में अखिलेश यादव का क्या विचार है? यह देश की जनता जानना चाहती है कि इंडी गठबंधन अभी भी मौजूद है या अब समाप्त हो चुका है। आने वाले 2026 के चुनावों में भी इसकी गति दुर्गति की ओर बढ़ती दिखाई पड़ रही है। अब इन विपक्षी दलों को इस तथाकथित इंडी गठबंधन के नाम पर देश की जनता को मूर्ख बनाने का भ्रामक प्रचार छोड़ देना चाहिए।

भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता ने कहा कि एसआईआर को लेकर अखिलेश यादव के स्वयं के बयान बड़े विचित्र और विडंबनापूर्ण हैं। जब उन्हें लगता है कि उनके वोटर एसआईआर में जुड़ गए हैं, तो वह बड़े खुश हो जाते हैं और कहते हैं कि ‘भाजपा के वोटर कट गए हैं’। फिर उन्हें लगता है कि ‘नहीं, अब उनके वोट कट रहे हैं और भाजपा के वोट जुड़ रहे हैं’। ऐसी में अखिलेश यादव बताएं कि ‘कटे’ में भी आप हैं और ‘जुड़े’ में भी आप हैं, यह समझ ही नहीं आ रहा है कि वह कहाँ खड़े हैं? आज देश की जनता बहुत स्पष्ट रूप से देख चुकी है कि दो विकल्पों के बीच में चुनाव है। एक विकल्प, माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी के नेतृत्व में सामाजिक समरसता, सौहार्द, सांस्कृतिक गौरव के साथ विकास के पथ पर बढ़ता हुआ ‘एक भारत श्रेष्ठ भारत’ है। दूसरी ओर, वर्ग और प्रांत में बटा हुआ, उत्तर और दक्षिण में बटा हुआ, जातियों में बंटा हुआ और आपस में लड़ता हुआ गठबंधन है, जो ‘भारत तेरे टुकड़े होंगे इंशाल्लाह’ का समर्थन करता है और ऐसे लोगों को ‘भटके नौजवान’ कहने वाला बिखरा हुआ विकल्प है।

भाजपा सांसद ने कहा कि आज देश की जनता को तय करना है कि वह निखरता हुआ भारत देखना चाहती है या बिखरता हुआ भारत। उत्तर प्रदेश में अखिलेश यादव बताएं कि क्या बिहार में तेजस्वी यादव के अनुभव से कोई सबक लेना चाहेंगे या कांग्रेस की नाकाम सियासी हसरतों का जनाजा अपने कंधे पर यूपी में भी ढोने के लिए तैयार रहेंगे? उत्तर प्रदेश में एक ओर मुख्यमंत्री श्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उभरता हुआ उत्तर प्रदेश है, जो विकास के मार्ग पर बढ़ रहा है और जहाँ अनुशासन और कानून व्यवस्था एक महत्वपूर्ण मुकाम पर है। दूसरी ओर समाजवादी पार्टी के जमाने का उत्तर प्रदेश था, जिसके लिए हमें बोलने की जरूरत नहीं है, 2007 का बहुजन समाज पार्टी का नारा ही पर्याप्त है। इसलिए भाजपा राष्ट्रीय स्तर पर इंडी गठबंधन से पूछना चाहती है कि पश्चिम बंगाल में बीएलओ को आत्महत्या के लिए प्रताड़ित करना, पंजाब में मीडिया पर अटैक करना, तमिलनाडु में न्यायालय के आदेश का उल्लंघन कर न्यायाधीशों को आतंकित करने का प्रयास करना, क्या इसे नहीं माना जाएगा कि इंडी गठबंधन के हाथ में लोकतंत्र खतरे में है? नाम रख लेने से किसी का काम नहीं बदल जाता। विपक्षी दलों ने नाम ‘इंडिया’ रखा था और जब इंडिया की टीम ने वर्ल्ड कप जीता, तब बधाई देना भी उचित नहीं समझा गया। अखिलेश यादव ने भी भारतीय टीम के कप्तान सूर्यकुमार यादव को बधाई देना उचित नहीं समझा। इसलिए प्रदेश स्तर पर भाजपा अखिलेश यादव से पूछना चाहती है कि अब इंडी गठबंधन का उत्तर प्रदेश में अस्तित्व है या वह कुंठाग्रस्त, घुसपैठिया परस्त होकर ध्वस्त हो चुका है?

 

January 16, 2026

मतदाता सूची के विशेष प्रगाढ़ पुनरीक्षण हेतु चार विशेष अभियान तिथियां निर्धारित

  • मतदाता सूची के विशेष प्रगाढ़ पुनरीक्षण हेतु 18, 31 जनवरी व 1 फरवरी सहित जनपद स्तर पर जिला निर्वाचन अधिकारी द्वारा निर्धारित अन्य तिथि को चलेगा विशेष अभियान: मुख्य निर्वाचन अधिकारी नवदीप रिणवा
  • विशेष अभियान तिथियों में आलेख्य मतदाता सूची, गणना अवधि के दौरान अप्राप्त श्रेणी में चिन्हित मतदाता सूची तथा अनुपस्थित, शिफ्टेड, मृतक, डुप्लीकेट की सूची रहेगी बूथ पर उपलब्ध
  • विशेष अभियान में हर मतदान केन्द्र पर बनेगी हेल्प डेस्क, फार्म भरने में मिलेगी सहायता
  • मतदाता सूची को शुद्ध और अद्यतन बनाने के लिए विशेष अभियान दिवसों की होगी निगरानी : मुख्य निर्वाचन अधिकारी

लखनऊ, 16 जनवरी, उत्तर प्रदेश के मुख्य निर्वाचन अधिकारी नवदीप रिणवा ने बताया कि भारत निर्वाचन आयोग द्वारा अर्हता तिथि 01 जनवरी, 2026 के आधार पर विधानसभा निर्वाचन क्षेत्रों की निर्वाचक नामावलियों के विशेष प्रगाढ़ पुनरीक्षण कार्यक्रम के अंतर्गत दावे एवं आपत्तियां प्राप्त करने की अवधि 06 जनवरी, 2026 से 06 फरवरी, 2026 तक निर्धारित की गई है। इस अवधि में मतदाताओं की सुविधा के लिए विशेष अभियान तिथियां 18 जनवरी, 2026 (रविवार), 31 जनवरी, 2026 (शनिवार) एवं 01 फरवरी, 2026 (रविवार) तय की गई हैं। इसके अतिरिक्त, एक चौथी विशेष अभियान तिथि जिला निर्वाचन अधिकारियों द्वारा जनपद स्तर पर सुविधानुसार निर्धारित की जाएगी।

मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने बताया कि विशेष अभियान तिथियों के दौरान प्रदेश के सभी मतदान केन्द्रों पर संबंधित बूथ लेवल अधिकारी (बीएलओ), सहायक स्टाफ सहित निर्धारित समय पर उपस्थित रहेंगे। बीएलओ के पास 06 जनवरी, 2026 को प्रकाशित आलेख्य मतदाता सूची, गणना अवधि के दौरान अप्राप्य (Uncollectable) श्रेणी में चिन्हित मतदाताओं की सूची तथा अनुपस्थित, स्थानांतरित, मृतक व डुप्लीकेट मतदाताओं की सूची के साथ-साथ दावे एवं आपत्तियों से संबंधित सभी आवश्यक फार्म-6 (घोषणा-पत्र सहित), 6ए, 7 एवं 8 (घोषणा-पत्र सहित) पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध रहेंगे।

उन्होंने बताया कि विशेष अभियान के दौरान प्रत्येक मतदान केन्द्र पर एक हेल्प डेस्क स्थापित की जाएगी, जहां मतदाताओं को फार्म भरने में आवश्यक सहायता प्रदान की जाएगी। इसके साथ ही मान्यता प्राप्त राष्ट्रीय एवं राज्य स्तरीय राजनीतिक दलों द्वारा नियुक्त बूथ लेवल एजेंट (बीएलए) को अभियान तिथियों की जानकारी देते हुए उनसे सहयोग प्राप्त करने के निर्देश दिए गए हैं। सभासदों, ग्राम प्रधानों एवं स्वयंसेवकों का भी नियमानुसार सहयोग लिया जाएगा।

उन्होंने बताया कि विशेष अभियान दिवसों के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए जिला निर्वाचन अधिकारी, उप जिला निर्वाचन अधिकारी, निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी एवं सहायक निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी द्वारा अपने क्षेत्रों में भ्रमण कर व्यवस्थाओं की निगरानी की जाएगी। जिला निर्वाचन अधिकारियों को यह भी निर्देश दिए गए हैं कि स्वंय एवं निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी द्वारा प्रतिदिन पुनरीक्षण कार्यक्रम की गहन समीक्षा सुनिश्चित की जाए।

उन्होंने प्रदेश के सभी मतदाताओं से अपील की है कि निर्धारित विशेष अभियान तिथियों पर अपने संबंधित बूथों पर जाकर मतदाता सूची में अपना नाम अवश्य जांच लें तथा आवश्यक होने पर फार्म-6, 6ए, 7 एवं 8 ऑनलाइन अथवा ऑफलाइन माध्यम से भरकर दावे एवं आपत्तियां समय से दर्ज कराएं, ताकि मतदाता सूची शुद्ध, अद्यतन और त्रुटिरहित बनाई जा सके।

गौतमबुद्ध नगर के प्रोफेसर समेत आधा दर्जन से अधिक भाजपा समर्थक कांग्रेस में शामिल

Congress Joining

गौतमबुद्ध नगर के भाजपा कार्यकर्ता कांग्रेस में शामिल हुए

लखनऊ, 16 जनवरी 2026, प्रदेश कांग्रेस मुख्यालय पर जनपद गौतमबुद्धनगर से वरिष्ठ भाजपा समर्थक प्रोफेसर अजय छौकर के साथ प्रदेश के जनपद गौतमबुद्धनगर एवं बुलंदशहर से सैकड़ो की संख्या में उनके समर्थकों ने प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय पूर्व मंत्री के समक्ष कांग्रेस पार्टी की प्राथमिक सदस्यता ग्रहण की।  इस मौके पर उत्तर प्रदेश कांग्रेस कमेटी के जॉइनिंग प्रभारी  नितिन शर्मा, गौतम बुध नगर के पूर्व जिला अध्यक्ष दिनेश शर्मा एवं बुलंदशहर के पूर्व जिला अध्यक्ष राकेश भाटी, जिला कोऑर्डिनेटर गौतम बुध नगर आलोक गौड़, पूर्व सदस्य अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी दिनेश अवाना आदि मुख्य रूप से उपस्थित रहे।

सदस्यता ग्रहण करने आए हुए लोगों के के उ0प्र0 कांग्रेस कमेटी के जॉइनिंग प्रभारी श्री नितिन शर्मा ने कांग्रेस तिरंगा पट्टिका पहनकर एवं पार्टी का सदस्यता कार्ड देकर उन्हें विधिवत रूप से कांग्रेस पार्टी की सदस्यता दिलाई।सदस्यता ग्रहण कार्यक्रम के उपरांत अपने संबोधन में उत्तर प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष अजय राय ने कहा कि वर्तमान समय में जिस तरह के हालात देश और प्रदेश में व्याप्त हैं उससे आम जनमानस डरा और सहमा हुआ है। प्रदेश की कानून व्यवस्था पूरी तरह से ध्वस्त हो चुकी है अपराधी आए दिन हत्या, डकैती, लूट, बलात्कार जैसे जघन्य अपराधों को बेखौफ होकर अंजाम दे रहे हैं। महंगाई और बेरोजगारी अपने चरमोत्कर्ष पर है, पढ़े लिखे युवा रोजगार की तलाश में दर-दर भटक रहे हैं और पुलिस की लाठी खाने को विवश है। प्रदेश की जनता भाजपा की जनविरोधी नीतियों को अब पूरी तरह से समझ चुकी है और वह कांग्रेस पार्टी और जननायक राहुल गांधी जी की ओर आशा भरी निगाहों से देख रही है।

आज यह उसी का ही परिणाम है कि प्रदेश के विभिन्न दलों को छोड़कर लोग कांग्रेस पार्टी में अपनी आस्था दिखा रहे हैं और दिन प्रतिदिन हमारा परिवार नए लोगों के आगमन से बढ़ता जा रहा है।

प्रोफेसर अजय छौकर ने अपने संबोधन में कहा कि आज भाजपा में मूल ईमानदार, मेहनती और समर्पित कार्यकर्ताओं की उपेक्षा हो रही है, जिन कार्यकर्ताओं ने पार्टी के उत्थान में अपने जीवन का अमूल्य समय और मेहनत की कमाई लगा दी वह आज हताश और निराश हैं। लोकतांत्रिक दल कही जाने वाली भाजपा आज केवल दो हाथों कठपुतली बनकर रह गई है। भाजपा के मंत्री सांसद एवं विधायक ना तो जनता की समस्याओं का समाधान कर रहे हैं और ना ही क्षेत्र के विकास में कोई योगदान दे रहे हैं।

उन्होंने कहा कि किसानों की जमीनों का सर्किल रेट बढ़ाया नहीं गया और सस्ती दरों पर किसानों की कृषि योग्य भूमि को जबरन अधिग्रहित किया जा रहा है। जबकि जनता पर हर स्तर से टैक्स व फीस बढ़ाकर वसूली की जा रही है जिससे जनता में आज त्राहि त्राहि मची हुई है।

उन्होंने कहा कि देश को स्वस्थ, संपन्न और सुदृढ़ बनाने के लिए एक राष्ट्रभक्त, ईमानदार नेतृत्व की आवश्यकता है ईस्ट इंडिया कंपनी की नहीं। इसलिए आज हम सभी वर्तमान परिस्थितियों को देखते हुए भाजपा को छोड़कर कांग्रेस पार्टी और जननायक राहुल गांधी जी के साथ चलने का निर्णय लेते हैं ताकि एक सशक्त राष्ट्र का निर्माण हो जहां सभी को बराबरी का अधिकार और सम्मान प्राप्त हो।

प्रोफेसर अजय छौकर के साथ सदस्यता ग्रहण करने वालों में प्रमुख रूप से राधेश्याम चौहान, सुधीर छौकर, जीत पाल सिंह, मोहन चौधरी, महेंद्र सिंह सोलंकी, ओमवीर सिंह, उदयवीर सिंह, दिनेश चौधरी, जगपाल सिंह, सुदेश, गौरव जयराम, जयदेव, गोपीचंद चौधरी, अनिल चौहान, देवेंद्र सिंह, संदीप सिंह, अवधेश छौकर, टेकचंद शर्मा, सुभाष सिंह, मुकेश कुमार, भोजराज सिंह, डॉक्टर शमीम आलम, योगेश कुमार गढ़ी, डॉक्टर मोहम्मद इरफान, विनोद कुमार, नितिन राज, मुनेश कुमार, एवं दानिश खान आदि शामिल रहे।

Lukcow नर्सिंग छात्रा का यौन शोषण करने के आरोप में बरेली निवासी डॉक्टर गिरफ्तार

लखनऊ, 15 जनवरी 2026, किंग जार्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी में एमबीबीएस की इंटर्नशिप कर रहे बरेली निवासी डॉक्टर ने नर्सिंग छात्रा को प्रेम जाल में फंसा कर उसका यौन शोषण किया। छात्रा की एफआईआर के आधार पर कैसरबाग कोतवाली पुलिस ने डॉक्टर को रेडक्रॉस अस्पताल के पास से गिरफ्तार कर लिया है। डॉक्टर कैसरबाग में एक फ्लैट किराए पर लेकर रहता था। वह मूल रूप से बरेली के रामपुर बाग का निवासी है।

आरोप है कि डा अदिल ने नर्सिंग छात्रा को सोशल मीडिया के माध्यम से प्रेम जाल में फंसाया और उसे शादी का झांसा दिया। उसने छात्रा को कई बार अपने फ्लैट पर बुलाया और यौन संबंध Sex Relation बनाए। एक पीजी में रहने वाली अन्य जनपद की छात्रा ने जब डॉक्टर आदिल से शादी को कहा तो वह मुकर गया। उसने धमकी दी कि फिर शादी की बात की तो उसके अश्लील वीडियो और फोटो सोशल मीडिया पर जारी कर देगा।

छात्रा ने इस मामले की एफआईआर कोतवाली कैसरबाग में दर्ज करा दी। पुलिस ने तत्काल कारवाई करते हुए आरोपी डॉक्टर को गिरफ्तार कर लिया।

ब्राह्मणों को सम्मान चाहिए, बसपा ही दे सकती है: मायावती

लखनऊ, 15 जनवरी 2026, बहुजन समाज पार्टी की अध्यक्ष सुश्री मायावती ने कहा है कि ब्राह्मण समाज को सिर्फ सम्मान चाहिए। वह हमारी सरकार ही दे सकती है। अपने जन्मदिन पर उन्होंने कहा हमने अपनी सरकारों में ब्राह्मणों के मान सम्मान का पूरा ध्यान रखा।

उन्होंने कहा भाजपा सरकार में ब्राह्मणों की उपेक्षा हो रही है। हम सरकार बनने पर समस्त सवर्ण समाज को पूर्ण सम्मान देंगे। ब्राह्मण, क्षत्रिय या वैश्यों की उपेक्षा नहीं होगी।

Older Posts »