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एकीकृत न्यायालय काम्पलेक्स से उत्तर प्रदेश सरकार ने एक उदाहरण प्रस्तुत किया हैः न्यायमूर्ति सूर्यकांत

January 17, 2026

एकीकृत न्यायालय काम्पलेक्स से उत्तर प्रदेश सरकार ने एक उदाहरण प्रस्तुत किया हैः न्यायमूर्ति सूर्यकांत

चन्दौली समेत छह एकीकृत न्यायालय काम्पलेक्स का शिलान्यास , पांच जिलों में वर्चुअल कार्क्रम सम्पन्न

CJI Justice Suryakant lays Foundation stone of 6 integated Court Complexes in Chandauli District with UP Chief Minister Yogi Adityanath on 17nth January 2026

चन्दौली समेत छह जिलों में एकीकृत न्यायालय काम्पलेक्स का शिलान्यास करते हुए भारत के मुख्य न्न्यायायाधीश न्यायमूर्ति सूर्यकांत और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ

चन्दौली: 17 जनवरी, 2026. उच्चतम न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति सूर्यकान्त Chief Justice of India Justice Suryakant ने जनपद चन्दौली में एकीकृत न्यायालय परिसर का शिलान्यास किया। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की गरिमामयी उपस्थिति रही। ज्ञातव्य है कि जनपद चन्दौली में एकीकृत न्यायालय परिसर का शिलान्यास भौतिक रूप से तथा जनपद महोबा, अमेठी, शामली, हाथरस तथा औरैया में वर्चुअल माध्यम से सम्पन्न किया गया।
उच्चतम न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति सूर्यकान्त  ने कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुये कहा कि यह क्षेत्र बाबा स्वामीनाथ व अनेक ऐतिहासिक तथा धार्मिक मन्दिरों के लिये प्रसिद्ध है। इस स्वर्णिम इतिहास में आज मुख्यमंत्री जी ने एक नयी कड़ी जोड़ी है, जब यहाँ न्यायिक मन्दिरों की स्थापना की जा रही है।

उत्तर प्रदेश में मुख्यमंत्री जी ने 10 इन्टीग्रेटेड कोर्ट कॉम्प्लेक्स की घोषणा की, जिनमें से आज 06 का शिलान्यास किया जा रहा है। इस कार्य से उत्तर प्रदेश सम्पूर्ण देश में एक एक्जाम्पल सेट करेगा। यह इन्टीग्रेटेड कोर्ट कॉम्प्लेक्स सम्पूर्ण भारत के लिये बेंच मार्क बनेंगे। जिस प्रदेश में जाऊँगा, खुशी व गर्व के साथ उत्तर प्रदेश का उदाहरण प्रस्तुत कर, वहाँ की राज्य सरकारों से यह सभी सुविधाएं उपलब्ध कराने का आह्वान करूंगा।
उच्चतम न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश ने कहा कि इन्टीग्रेटेड कोर्ट कॉम्प्लेक्स आगामी 50 वर्षों तक न्याय परिसर की आवश्यकतायें सशक्त रूप से पूर्ण करने में सफल होंगे। कोर्ट कॉम्प्लेक्स में वकीलों के साथ-साथ न्याय की खोज में आये आम आदमी को आवश्यक सुविधायें प्रदान करना सराहनीय कदम है। इस कार्य के लिये उत्तर प्रदेश सरकार एवं उच्च न्यायालय बधाई के पात्र हैं। भारत के संविधान में डिस्ट्रिक्ट ज्यूडिशियरी को महत्वपूर्ण स्थान दिया गया है। संविधान निर्माताओं का मानना रहा है कि डिस्ट्रिक्ट ज्यूडिशयरी स्थापित होने से देश में एक्सेस टू जस्टिस का सपना पूरा होगा। लोगों को नजदीक से नजदीक कोर्ट की सुविधाएं प्राप्त होंगी, जहाँ वह अपने अधिकारों के लिये लड़ सकेंगे।

UP Chief Minister Yogi Adityanath present a momento to Chief Justice of India Justice Suryakant at occasion in Chandauli

चन्दौली में एकीकृत न्यायालय परिसर के शिलान्यास कार्यक्रम में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ भारत के मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति सूर्यकांत को प्रतीक चिन्ह भेंट करते हुए

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि लोकतंत्र के सशक्तिकरण हेतु न्यायपालिका का सशक्त होना तथा कॉमनमैन को सहजता से न्याय उपलब्ध कराने के लिये न्यायिक व्यवस्था से सम्बन्धित अच्छा इन्फ्रास्ट्रक्चर होना आवश्यक है। सुशासन का लक्ष्य प्राप्त करने के लिये न्यायिक सुविधाओं को और अधिक सुदृढ़ बनाने के लिये प्रदेश सरकार पूर्णतः प्रतिबद्ध है। प्रदेश सरकार न्यायिक व्यवस्था से जुड़े कार्यों को शीघ्रता से पूर्ण करती है।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी ने वर्ष 2014 में देश में ईज़ ऑफ डूइंर्ग बिजनेस और ईज़ ऑफ लिविंग के लक्ष्य के प्राप्ति हेतु अनेक रिफॉर्म किये तथा देश के इन्फ्रास्ट्रक्चर को अत्याधुनिक बनाने की दिशा में उल्लेखनीय कदम उठाए। देश के वर्तमान मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति सूर्यकान्त जी ने अपनी प्रयागराज यात्रा के दौरान उल्लेख किया था कि प्रत्येक नागरिक को सहजता से न्याय उपलब्ध कराने के लिये एक इन्टीग्रेटेड कोर्ट कॉम्प्लेक्स का मॉडल कार्यान्वित किया जाना चाहिए।
प्रधानमंत्री जी की प्रेरणा तथा न्यायमूर्ति सूर्यकान्त जी के सुझाव को ध्यान को रखते हुये आज प्रदेश में न्याय पालिका के इतिहास के एक नये पृष्ठ का सृजन हो रहा है। श्री काशी विश्वनाथ तथा बाबा कीनानाथ की पावन धरा चन्दौली सहित 06 जनपदों में एकीकृत न्यायालय परिसर का शिलान्यास किया जा रहा है। जनपद चन्दौली में भौतिक रूप से तथा जनपद महोबा, अमेठी, शामली, हाथरस तथा औरैया में वर्चुअल माध्यम से यह कार्य सम्पन्न हो रहा है।
कार्यक्रम में इन्टीग्रेटेड कोर्ट कॉम्प्लेक्स से सम्बन्धित एक लघु फिल्म प्रदर्शित की गयी।
उच्चतम न्यायालय के न्यायाधीश न्यायमूर्ति  विक्रम नाथ तथा इलाहाबाद उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति अरुण भंसाली ने भी कार्यक्रम को सम्बोधित किया।
इस अवसर पर उच्चतम न्यायालय के न्यायाधीश न्यायमूर्ति पंकज मित्थल, न्यायमूर्ति मनोज मिश्रा, न्यायमूर्ति राजेश बिन्दल, उत्तराखण्ड उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति मनोज कुमार गुप्ता, इलाहाबाद उच्च न्यायालय के न्यायाधीश न्यायमूर्ति महेश चन्द्र त्रिपाठी, न्यायमूर्ति हरवीर सिंह, अधिवक्तागण सहित अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे।

एटा में घने कोहरे के कारण दो कारों में भिड़ंत, एक घायल

एटा 17 जनवरी उप्रससे। कोतवाली देहात क्षेत्र के जीटी रोड पर शनिवार सुबह घने कोहरे के कारण दो कारों की टक्कर हो गई। इस हादसे में एक व्यक्ति घायल हो गया, जबकि दोनों वाहन पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गए।

घटना थाना कोतवाली देहात क्षेत्र में रेलवे ओवरब्रिज, महाराणा प्रताप चौक के पास सुबह करीब 9:30 बजे हुई। जानकारी के मुताबिक, कोतवाली नगर क्षेत्र निवासी बृजेश अपने परिवार के साथ गुरुग्राम से एटा लौट रहे थे। बृजेश की कार को पीछे से आ रही एक तेज रफ्तार कार ने टक्कर मार दी। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, घने कोहरे के कारण दृश्यता कम होने से यह हादसा हुआ। सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने घायल व्यक्ति को अस्पताल पहुंचाया और मामले की जांच शुरू कर दी है।