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शिवम फाउंडेशन द्वारा आयोजित राइटिंग कंटेस्ट में 300 बच्चों ने दिखाई प्रतिभा

January 2, 2026

शिवम फाउंडेशन द्वारा आयोजित राइटिंग कंटेस्ट में 300 बच्चों ने दिखाई प्रतिभा

प्रतापगढ़। शिवम फाउंडेशन द्वारा एक प्रेरक राइटिंग कंटेस्ट का आयोजन किया, जिसमें प्रतापगढ़ जनपद श्री कृष्ण बालिका माध्यमिक विद्यालय के लगभग 300 छात्रों ने भाग लिया। इस प्रतियोगिता में दो महत्वपूर्ण विषयों पर लेखन किया गया: पहला, “विजन 2047 प्रतापगढ़,” जो कि हमारे शहर के भविष्य की योजना और विकास की दिशा को दर्शाता है, और दूसरा, “खेलों का महत्व,” जिसमें छात्रों ने खेलों के सामाजिक, शारीरिक और मानसिक लाभों पर प्रकाश डाला। प्रतियोगिता में छात्रों ने अपनी रचनात्मकता और गहन समझ का प्रदर्शन किया। टॉप 10 छात्रों को उनके उत्कृष्ट लेखन के लिए प्रमाण पत्र से सम्मानित किया गया, जबकि सबसे बेहतरीन लेखन करने वालों को विशेष पुरस्कार भी दिए गए। इस आयोजन का उद्देश्य न सिर्फ बच्चों के लेखन कौशल को निखारना था, बल्कि उन्हें समाज और खेलों के महत्व के बारे में जागरूक करना भी था।इस तरह के आयोजन बच्चों को उनके सपनों को साकार करने और रचनात्मक दृष्टिकोण को विकसित करने में मदद करते हैं। शिवम फाउंडेशन का लक्ष्य है कि भविष्य में भी ऐसे आयोजन होते रहें, ताकि बच्चे समाज में सकारात्मक बदलाव ला सकें।इस अवसर पर प्रमाण पत्र का वितरण भारतीय जनता पार्टी के सदर विधायक के प्रतिनिधि, अरुण मौर्य जी,प्रधानाध्यापक प्रमोद मिश्रा,संस्था के सचिव शिवम् जायसवाल, मनोज सरोज,प्रोजेक्ट को-ऑर्डिनेटर  श्रेया निर्मल, रेनू पाल,अंकुर श्रीवास्तव,प्रदीप यादव, राहुल मौर्य व समस्त विद्यार्थी मौजूद रहे

बरेली में मंत्री की बैठक में भाजपा विधायक का हर्ट अटैक से निधन

 बरेली, 02 जनवरी 2026 (उप्रससे)। सर्किट हाउस मंत्री धर्मपाल सिंह की बैठक के दौरान फरीदपुर से भाजपा विधायक को दिल का दौरा पड़ गया। उन्हें तत्काल मेडिसिटी अस्पताल ले जाया गया, जहां चिकित्सकों ने मृत घोषित कर दिया।

सर्किट हाउस में आज पशुधन विकास मंत्री धर्मपाल सिंह से एसआईआर से सम्बन्धित बैठक ले रहे थे। इसी दौरान भाजपा विधायक प्रो. श्याम बिहारी लाल को दिल का दौरा पड़ा जिससे उनका निधन हो गया।

संघ का लक्ष्य भारत परम वैभव प्राप्त करे, धर्म संस्कृति का संरक्षण होः डा मोहन भागवत

भोपाल, 02 जनवरी 2026। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के शताब्दी वर्ष के प्रसंग पर सरसंघचालक डॉ. मोहन भागवत जी का देशभर में प्रवास हो रहा है। इसी श्रृंखला में दो दिवसीय प्रवास के पहले दिन कुशाभाऊ ठाकरे सभागार में युवाओं से संवाद किया। उन्होंने कहा कि संघ अपने जन्म से ही लक्ष्य लेकर चल रहा है कि अपने धर्म-संस्कृति का संरक्षण कर, अपने भारत को परम वैभव पर लेकर जाना है। संघ का प्रत्येक स्वयंसेवक यह प्रतिज्ञा करता है। कोई भी देश सम्पूर्ण समाज के योगदान से ही बड़ा होता है। नेता, नीति और व्यवस्था, ये सब तब सहायक होते हैं जब समाज गुण सम्पन्न होता है। भारत का युवा जाग गया है, वह अपने देश को समर्थ बनाना चाहता है। संघ युवाओं से आह्वान करता है कि वे संघ की शाखा में आएं या फिर संघ की योजना से चल रहे अपने रुचि के कार्य में जुड़कर राष्ट्र निर्माण में अपना योगदान दें।

सरसंघचालक जी ने कहा कि यदि हमें देश के लिए कुछ करना है तो इस मार्ग में हमें गुणों को धारण करना होगा और अहंकार एवं स्वार्थ छोड़ने होंगे। दुनिया में संघ ने ही एकमात्र ऐसी पद्धति दी है, जो अच्छी आदतें विकसित करती है। संघ संस्थापक डॉ. हेडगेवार हर क्षेत्र में कार्य करते थे। लेकिन उन्हें चिंता यह थी कि देश में एकता कैसे स्थापित होगी। इस भाव को उत्पन्न करने वाले संगठन का नाम राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ है। दुनिया में कहीं दूसरी पद्धति नहीं है व्यक्ति निर्माण की। संघ की शाखा देशभक्ति सिखाती है। यदि इसका अनुभव लेना है और उद्देश्य को जीना है तो शाखा एकमात्र जगह है। यहां कोई बंधन नहीं है।

उन्होंने कहा कि हम कई बार असुरक्षा और चिंता के साथ जीते हैं। लेकिन इसकी बजाय हमें भयमुक्त होकर जीना चाहिए। स्वयं से पहले देश को रखना चाहिए। अपने विकास से देश और परिवार प्रगति कर रहा है कि नहीं यह सोचना चाहिए। युवाओं को ही देश बनाना है और वे हर बात में आगे भी आते हैं।

जब आप देश की बात करते हैं तो प्रश्नों के जवाब देने होंगे और उसके लिए योग्यता लाना पड़ेगी। संघ में आकर तैयार होना पड़ेगा। मैं युवाओं से आह्वान करता हूं कि वे आए और संघ का अनुभव लें।

कार्यक्रम के प्रथम सत्र में अखिल भारतीय सह बौद्धिक प्रमुख दीपक विस्पुते और भोपाल करुणा धाम के प्रमुख सुदेश शांडिल्य जी महाराज ने युवाओं को संबोधित किया। इस अवसर पर मंच पर मध्यभारत प्रांत के सह संघचालक डॉ. राजेश सेठी उपस्थित रहे।

युवाओं के प्रश्नों के उत्तर दिए –

युवा संवाद में सरसंघचालक डॉ. मोहन भागवत जी ने युवाओं द्वारा पूछे गए प्रश्नों के उत्तर दिए। संघ की भूमिका पर उन्होंने कहा कि विश्व शक्ति की सुनता है और संघ संपूर्ण समाज को साथ लेकर धर्म की रक्षा करते हुए देश को नया रास्ता दिखाता है। उन्होंने कहा कि हम ऐसे युवाओं का निर्माण कर रहे हैं, जो समाज में सार्थक फैशन को बढ़ाएं। सुरक्षा और करियर को लेकर पूछे गए प्रश्न के उत्तर में कहा कि सुरक्षा की गारंटी कोई नहीं दे सकता। बिना चिंता जीवन जिएं। मनुष्य अलग है, क्योंकि वह रिस्क लेता है। दुनिया सक्सेस को देखती है, लेकिन जैसे ही उस पथ पर चलने की कोशिश करते हैं तो संघर्ष देखकर डर जाते हैं। इसलिए बेहतर करियर वह है जिसमें आप उत्कृष्ट प्रदर्शन कर पाएं और डर भी न लगे। सुविधा से सुख नहीं मिलता। एआई के सवाल पर कहा कि हमें एआई को कंट्रोल करना है, न कि कंट्रोल होना है। उसका उपयोग विकास में करना है। हमें ऐसे युवाओं का निर्माण करना है जो एआई या अन्य तकनीक का उपयोग देश हित में करें।

संघ उत्सव नहीं मना रहा

प्रथम सत्र में अखिल भारतीय सह बौद्धिक प्रमुख दीपक विस्पुते जी ने कहा कि संघ को 100 वर्ष में खूब प्रसिद्ध मिली। लेकिन संघ का प्रचार किया विरोधियों ने और नकारात्मक भाव में किया। कभी संघ को समझने का प्रयास नहीं किया। संघ वर्ष 1925 में नागपुर से प्रारंभ हुआ और जिस तरह भागीरथ गंगा पृथ्वी पर लेकर आए, ठीक वैसे डॉ. केशव बलिराम हेडगेवार जी संघ कार्य को समाज के बीच लेकर गए। इसके पहले भारत में कभी इस तरह का प्रयास नहीं हुआ। डॉक्टर साहब ने नागपुर की बजाय कोलकता को पढ़ाई के लिए चुना और स्वतंत्रता की लड़ाई में भाग लिया। लेकिन उन्हें महसूस हुआ कि देश के हिन्दू समाज को मानसिक गुलामी से मुक्त कराना होगा। संघ स्वामी विवेकानंद की तीन बातों का अनुसरण करते हुए काम करता है। पहली बात भारत के समाज को ऑर्गनाइजेशन सीखना पड़ेगा। दूसरा भारत में मेन मेकिंग यानी व्यक्ति के निर्माण की प्रक्रिया जरूरी है और तीसरी बात कि आने वाले 50 साल के लिए देश को प्राथमिकता पर रखकर भारत माता की आराधना करना। उन्होंने कहा कि लोगों को भरोसा नहीं था, लेकिन डॉक्टर साहब ने और श्रीगुरूजी ने वह करके दिखाया। संघ 100 वर्ष पूरे होने पर उत्सव नहीं मना रहा है, बल्कि डोर टू डोर मेन टू मेन और हार्ट टू हार्ट पहुंचने की कोशिश कर रहा है। मेरा क्या योगदान देश और संघ के लिए हो सकता है, इसके लिए प्रयास करें।

संघ युवाओं को सामर्थ्यवान बना रहा

भोपाल करुणा धाम के प्रमुख सुदेश शांडिल्य जी महाराज ने युवाओं से कहा कि अक्सर हम सुनते हैं “समरथ को नहीं दोष गुसाई”। इसका यह मतलब नहीं कि कोई बलवान है, उसको दोष नहीं दिया जाता। वास्तव में समर्थ वह है, जिसकी नीयत में दोष नहीं हो। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ समर्थ बनेगा, तभी भारत विश्वगुरु बनेगा। इसलिए संघ का समर्थ होना जरूरी है। परोपकार, सत्चरित्र, जनकल्याण की भावना और यश के पीछे नहीं भागने की भावना कहीं दिखाई दे रही है, तो वह केवल संघ है। उन्होंने सूर्य, गंगा का उदाहरण देते हुए कहा कि सूर्य सबको बराबर रोशनी देता है। गंगा के जल में लोग स्नान भी करते हैं और गंदे नाले भी मिलते हैं। लेकिन वह अविरल बह रही है, क्योंकि उसमें सामर्थ्य है सभी को समाहित करने का। ऐसे ही युवाओं को सामर्थ्यवान बनना है। भारत में युवाओं को सामर्थ्यवान बनाने का काम केवल संघ कर रहा है। उसकी शाखाओं में 100 साल से व्यक्ति निर्माण हो रहा है। साथ ही ईश्वर की आराधना करें, वह आपको सामर्थ्य देता है।

 

पश्चिम उत्तर प्रदेश से यूपी केबिनेट में कौन होगा नया मंत्री ? जाट या त्यागी

मेरठ, 02 जनवरी 2026 ( उत्तर प्रदेश समाचार सेवा ब्यूरो)। योगी आदित्यनाथ के संभावित मंत्रिमंडल विस्तार को लेकर पस्चिमी उत्तर प्रदेश मे नये समीकरण बने हैं। अभी तक यह माना जा रहा था कि मंत्रिमंडल विस्तार में जाट समाज को साधे रखने के लिए पूर्व प्रदेश अध्यक्ष चौधरी भूपेन्द्र सिंह का शामिल होना तय है। लेकिन. इस कुछ दिनों में पश्चिम के त्यागी समाज की ओर से भी मंत्रिमंडल में अपने किसी नेता को शामिल करने के लिए लाबिंग की जा रही है। इससे केन्द्रीय और प्रदेश नेतृत्व के सामने असमंजस की स्थिति बनी हुई है कि पश्चिम को साधे रखने के लिए जाट नेता को शामिल किया जाए अथवा त्यागी को।

प्रदेश में पार्टी नेतृत्व बदलने के साथ ही यह तय माना गया था। शीघ्र ही योगी मंत्रिमंडल का विस्तार होगा और इसमें निवर्तमान प्रदेश अध्यक्ष भूपेन्द्र चौधरी को मंत्रिमंडल में शामिल किया जाएगा। श्री चौधरी पहले भी पंचायती राज विभाग के केबिनेट मंत्री रह चुके हैं। यह इसलिए भी निश्चित माना गया कि पश्चिम उत्तर प्रदेश में जाटों को भाजपा हर हाल में अपने साथ रखना चाहती है। इसीलिए भारतीय जनता पार्टी ने लोकसभा चुनाव 2024 से पहले राष्ट्रीय लोकदल से गठबंधन करके उसे दो लोकसभा सीटें बिजनौर और बागपत सौंप दी थीं। हालांकि इस गठबंधन का विरोध भी हुआ। भाजपा के ही जाट नेताओं ने चौधरी जयंत सिंह के साथ हाथ मिलाने के फैसले से असहमति व्यक्त की थी किन्तु भाजपा के शीर्ष नेतृत्व ने इसे नजरअंदाज कर दिया। इस गठबंधन के बावजूद भाजपा जाट प्रभुत्व की सीटें मुजफ्फरनगर, कैराना और सहारनपुर हार गई।

प्रदेस की राजनीति में अब फिर से विधान सभी चुनाव 2027 को लेकर मंथन शुरु हो गया है। रणनीति बनायी जाने लगी है। सभावित मंत्रिमंडल विस्तार भी 27 के मद्देनजर ही किया जाएगा। भाजपा ने पूर्वांचल के प्रभावी कुर्मी नेता पंकज चौधरी को प्रदेश अध्यक्ष बनाकर ओबीसी को साधने के बड़ा दांव चल दिया है। इससे जहां समाजवादी पार्टी के पीडीए को कमजोर किया जा सकता है, वहीं अपने विश्वसनीय कुर्मी वोट बैंक भी साध कर रखा जा सकता है।

इसी तरह भाजपा पश्चिम उत्तर प्रदेश को भी अपने गढ़ के रूप में बनाये रखना चाहती है। सहारनपुर, मुजफ्फरनगर और कैराना की सीटों के लोकसभा चुनाव में हार जाने की स्थिति मे अब इन क्षेत्रों की विधान सभा सीटों के गणित को ठीक किया जा रहा है। इस गणित को ठीक करने के लिए यह भी जरूरी है कि इन क्षेत्रों की प्रभावी जातीय राजनीति को ठीक रखा जाए। इन क्षेंतों में जाटों के साथ साथ त्यागी समाज की प्रभावी संख्या है। इसीलिए संभावित मंत्रिमंडल विस्तार में किसी त्यागी नेता को शामिल किये जाने पर भी विचार किया जाने लगा है। इसके लिए त्यागी समाज ने अपने एम.एल.सी. अश्विनी त्यागी का नाम आगे बढ़ा दिया है।

हालांकि माना यही जा रहा रहा है कि मंत्रिमंडल मं जाट नेता का शामिल होना तय है, और वे भूपेन्द्र चौधरी ही होंगे। राजनीतिक प्रेक्षकों का मानना है कि भूपेन्द्र चौधरी का कद किसी भी हालत में कम नहीं किया जाएगा। क्योंकि उन्हें केन्द्रीय गृहमंत्री का वरहस्त प्राप्त है। इसीलिए राजनीतिक गलियारों में उन्हें उप मुख्यमंत्री बनाये जाने की भी चर्चा है। हालांकि उनके ही समाज के एम.एल.सी मोहित बेनीवाल के नाम की भी कुछ प्रभावशाली लोग पैरवी कर रहे हैं।

 

 

January 1, 2026

उत्तर प्रदेश दिवस का मुख्य आयोजन राष्ट्र प्रेरणा स्थल पर किया जाए : मुख्यमंत्री

लखनऊ : 01 जनवरी, 2026

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी ने आज यहाँ अपने सरकारी आवास पर उत्तर प्रदेश दिवस (24 से 26 जनवरी, 2026) के आयोजन की तैयारियों के सम्बन्ध में बैठक की। उन्होंने निर्देश दिए कि उत्तर प्रदेश दिवस का मुख्य आयोजन इस वर्ष लखनऊ स्थित राष्ट्र प्रेरणा स्थल पर किया जाए। जनपद गौतमबुद्धनगर स्थित नोएडा शिल्पग्राम सहित इसका आयोजन सभी जनपदों, देश के अन्य राज्यों व उन देशों में भी भव्य रूप से किया जाए, जहाँ बड़ी संख्या में उत्तर प्रदेश के निवासी रहते हैं। साथ ही, इन आयोजनों में सरदार वल्लभभाई पटेल, पूर्व प्रधानमंत्री श्री अटल बिहारी वाजपेयी, धरती आबा भगवान बिरसा मुण्डा, वन्दे मातरम् तथा आनन्द मठ से जुड़ी नाट्य प्रस्तुतियों समेत अन्य कार्यक्रम किए जाएँ।
मुख्यमंत्री जी ने 12 जनवरी को राष्ट्रीय युवा दिवस, 23 जनवरी को नेताजी सुभाष चन्द्र बोस जयन्ती, 24 जनवरी को उत्तर प्रदेश दिवस, 25 जनवरी को राष्ट्रीय पर्यटन दिवस/मतदाता जागरूकता दिवस व 26 जनवरी को गणतंत्र दिवस समारोह को भव्यता से मनाने के निर्देश दिए। सिविल डिफेंस की ओर से हर जनपद में 23 जनवरी को नेताजी सुभाष चन्द्र बोस की जयन्ती पर मॉकड्रिल का आयोजन किया जाना चाहिए।
मुख्यमंत्री जी ने उत्तर प्रदेश दिवस के सम्बन्ध में आवश्यक निर्देश देते हुए कहा कि इस अवसर पर विकास खण्ड, वॉर्ड व जनपद स्तर पर गायन, वादन, नृत्य तथा नाट्य प्रतियोगिताएँ आयोजित करायी जाएँ। इनमें प्रथम तीन स्थान प्राप्त करने वाले कलाकारों को मण्डल स्तर पर प्रस्तुति का मौका दिया जाए। मण्डल स्तर पर प्रथम तीन स्थान प्राप्त करने वाले उत्कृष्ट कलाकारों को लखनऊ में होने वाले मुख्य समारोह में प्रस्तुति का अवसर दें और उन्हें पुरस्कृत भी किया जाए।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि कार्यक्रम में उत्तर प्रदेश गौरव सम्मान, ओ0डी0ओ0पी0, विश्वकर्मा श्रम सम्मान, माटी कला बोर्ड में उत्कृष्ट कार्य करने वाले उद्यमियों, खेलकूद प्रतियोगिताओं के विजेताओं, उत्कृष्ट कार्य करने वाली महिलाओं, चिकित्सकों, प्रगतिशील किसानों व वैज्ञानिकों को सम्मानित किया जाए। जनपदों में होने वाले कार्यक्रम में स्थानीय कलाकारों, कवियों आदि को अवसर दिया जाए। इन प्रतिभाओं को मंच देने से वह प्रोत्साहित होंगे। हर जनपद में मंत्रिगण, निगम/बोर्ड के चेयरमैन, जनप्रतिनिधियों आदि को आमंत्रित किया जाए।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि सभी विभागों के समन्वय के साथ ही, भातखण्डे संस्कृति विश्वविद्यालय, संगीत नाटक अकादमी, ललित कला अकादमी जैसे संस्थानों को उत्तर प्रदेश दिवस के आयोजन से जोड़ा जाए। इससे यह आयोजन बहुत भव्य और रोचक होगा। उन्होंने कलाकारों द्वारा पुराने वाद्ययंत्रों के प्रयोग पर भी जोर दिया।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि दिल्ली, महाराष्ट्र समेत कई राज्यों में बड़ी संख्या में उत्तर प्रदेश के प्रवासी नागरिक रहते हैं। इन राज्यों में भी उत्तर प्रदेश दिवस पर भव्य आयोजन कराया जाए। इसमें वहाँ के राज्यपाल, मुख्यमंत्री, उप मुख्यमंत्री, केन्द्रीय मंत्री व उत्तर प्रदेश से जुड़े लोगों को अतिथि के रूप में आमंत्रित किया जाए। अन्य राज्यों में रहने वाले उत्तर प्रदेश के जिन लोगों ने उद्यमिता, व्यापार, इनोवेशन, शिक्षा, कला, विज्ञान, प्रशासन सहित अन्य क्षेत्रों में अच्छा कार्य किया है, ऐसे तीन से पाँच लोगों को सम्मानित भी किया जाए।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि ओ0डी0ओ0पी0 उत्तर प्रदेश की पहचान है। उत्तर प्रदेश दिवस के आयोजन पर प्रदेश के सभी जी0आई0 टैग उत्पादों तथा ‘एक जनपद, एक उत्पाद’ की शो-केसिंग भी की जाए। साथ ही, विभागों की उपलब्धियों व योजनाओं की जानकारी भी प्रदर्शित की जाए। इस बार ‘एक जिला, एक कुजीन’ पर भी फोकस किया जाए।
मुख्यमंत्री जी ने 03 जनवरी, 2026 से प्रयागराज में शुरू होने जा रहे माघ मेले की तैयारियों की जानकारी भी प्राप्त की। विगत दिनों प्रयागराज का दौरा करके आए अधिकारियों से उन्होंने वस्तुस्थिति की जानकारी ली। मुख्यमंत्री जी ने माघ मेले में सुरक्षा, स्वच्छता, स्वास्थ्य व सुव्यवस्था पर विशेष जोर देते हुए कहा कि माघ मेले में पार्किंग तथा शौचालय आदि की समुचित व्यवस्थाएँ होनी चाहिए। सी0सी0टी0वी0 से सम्पूर्ण मेला क्षेत्र की सतत् निगरानी सुनिश्चित की जाए। नाविकों के पास लाइफ जैकेट अनिवार्य रूप से हो। श्रद्धालुओं से मनमाना शुल्क न लिया जाए। मेले में आने वाले आगंतुकों, कल्पवासियों, श्रद्धालुओं और स्नानार्थियों को किसी प्रकार की परेशानी न हो। मिलावटखोरों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की जाए।
मुख्यमंत्री जी ने माघ मेले में स्वास्थ्य सुविधाओं की तैयारियों की भी जानकारी प्राप्त की। उन्होंने कहा कि सूचना विभाग द्वारा माघ मेले में सरकार की उपलब्धियों व योजनाओं से सम्बन्धित प्रचार-प्रसार की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए।
मुख्यमंत्री जी ने मुख्य सचिव, पुलिस महानिदेशक सहित सभी विभागों के अपर मुख्य सचिव व प्रमुख सचिव की भी बैठक ली। उन्होंने सभी अधिकारियों को निर्देश दिए कि नियमित रूप से जनसुनवाई की जाए। अधिकारी जनता की समस्याएँ सुनें और उनका निदान करें। उन्होंने शासन के अधिकारियों को निर्देशित किया कि फील्ड में अच्छे अधिकारियों को तैनात किया जाए। मेरिट के आधार पर तैनाती सुनिश्चित हो। आयुक्त व जिलाधिकारी राजस्व से जुड़े मामलों को नियमित रूप से देखें और समय-सीमा के अन्दर निस्तारण सुनिश्चित करें। ए0डी0जी0, आई0जी0, पुलिस आयुक्त व वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक/पुलिस अधीक्षक अपने अधीन कार्यरत अधिकारियों व कार्मिकों की जवाबदेही तय करें।

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