मथुरा।ब्रज की पावन धरती पर होली का रंग अब पूरी तरह चढ़ने लगा है शनिवार को गोकुल महावन के रमणरेती आश्रम में भव्य और पारंपरिक होली उत्सव का आयोजन बड़े ही धूमधाम और श्रद्धा के साथ आयोजित किया गया। गुरुशरणानन्द संत-महात्माओं और श्रद्धालुओं ने मिलकर ऐसी होली खेली कि पूरा वातावरण रंग, भक्ति और उल्लास से सराबोर हो उठा। कार्ष्णि आश्रम के संत गुरुशरणानंद महाराज के सानिध्य में आयोजित इस विशेष उत्सव में देश-विदेश से हजारों भक्त कान्हा की नगरी पहुंचे। जैसे ही संतों की टोली ने होली की शुरुआत की, वैसे ही अबीर-गुलाल और टेसू के रंगों की बारिश शुरू हो गई। आसमान तक रंगों से सतरंगी नजर आने लगा और हर ओर “राधे-राधे” और “होली है” के जयकारे गूंजने लगे। बताया जा रहा है कि इस आयोजन के लिए खास तौर पर दस हजार लीटर टेसू का रंग तैयार किया गया था। इसके अलावा छह क्विंटल अबीर-गुलाल, दो किलो चंदन और करीब सौ ग्राम केसर का भी उपयोग किया गया, जिससे पूरा परिसर सुगंधित और रंगीन हो उठा। रमणरेती आश्रम का यह वार्षिकोत्सव हर साल भव्य रूप में मनाया जाता है और संतों की टोली द्वारा खेली जाने वाली होली इस आयोजन का मुख्य आकर्षण होती है। श्रद्धालु संतों के साथ झूमते, नाचते और भक्ति में लीन होकर होली का आनंद लेते नजर आए। इस दौरान फूलों की वर्षा की गई और रमणरेती की पवित्र रज के साथ भक्तों ने होली खेलकर खुद को धन्य माना। कार्यक्रम में श्रीकृष्ण की बाल लीलाओं का मंचन भी किया गया, जिसे देखकर श्रद्धालु भावविभोर हो उठे। साथ ही होली के पारंपरिक रसिया गीतों ने पूरे माहौल को भक्तिमय बना दिया। ढोल, मंजीरे और झांझ की धुनों पर श्रद्धालु झूमते रहे और उत्सव देर तक चलता रहा। कुल मिलाकर गोकुल की रमणरेती में आज खेली गई यह अनोखी और दिव्य होली ब्रज की सदियों पुरानी परंपरा की झलक दिखाती है। रंग, भक्ति और उल्लास से भरे इस आयोजन के साथ ही ब्रज में होली महोत्सव का विधिवत आगाज़ हो चुका है, और आने वाले दिनों में पूरे ब्रज क्षेत्र में इसी तरह रंग और श्रद्धा की छटा देखने को मिलेगी।
*जिलाधिकारी चंद्रप्रकाश सिंह एवं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक श्लोक कुमार पहुंचे रमणरेती*
डीएम और एसएसपी ने भी रमणरेती पहुंच कर सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लिया और श्रद्धालुओं के साथ होली खेली। उन्होंने सभी ब्रजवासी और श्रद्धालुओं को होली बधाई दी और कहा कि हम सब सौभाग्यशाली हैं कि यमुना तट के किनारे गोकुल में स्थित महान संत गुरुशरनानंद के आश्रम में होली का त्योहार मनाया जा रहा है माना जाता है कि आज के दिन से ब्रज में रंगोत्सव होली का त्योहार शुरू हो जाता है आज देश विदेश के हजारों श्रृद्धालुओं ने होली खेली है सभी होली के रंग में एक समान दिखाई दे रहे हैं यही हमारी संस्कृति की पहचान है अनेकता में एकता। प्रभु से कामना है कि सभी स्वस्थ रहें प्रसन्न रहें सभी को होली की ढेर सारी शुभकामनाएं।


