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अनुमान से दो गुने श्रद्धालु आये पौष पूर्णिमा स्नान परः योगी आदित्यनाथ

January 10, 2026

अनुमान से दो गुने श्रद्धालु आये पौष पूर्णिमा स्नान परः योगी आदित्यनाथ

प्रयागराज, 10 जनवरी 2026, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने आज प्रयागराज भ्रमण के दौरान कहा कि उन्हें पावन त्रिवेणी में दर्शन और स्नान करने का सौभाग्य प्राप्त हुआ है। विगत वर्ष इस समय प्रयागराज महाकुम्भ आयोजन की अन्तिम तैयारियां युद्धस्तर पर थीं। तब वह 10 जनवरी, 2025 को प्रयागराज में मेले के अंतिम तैयारियां देखने यहां आये थे। इस वर्ष का माघ मेला पूरी भव्यता के साथ पौष पूर्णिमा 03 जनवरी, 2026 से प्रारम्भ हो गया है। यह आयोजन आगामी 15 फरवरी तक चलेगा। अनुमान किया गया था कि पौष पूर्णिमा पर 10 से 15 लाख श्रद्धालु आएंगे, लेकिन पौष पूर्णिमा पर 31 लाख से अधिक श्रद्धालुओं ने माँ गंगा, माँ यमुना तथा माँ सरस्वती की पावन त्रिवेणी पर आकर भगवान वेणी माधव, बड़े हनुमान जी व अक्षयवट के असीम सान्निध्य में सकुशल स्नान और यहां से आशीर्वाद लेकर प्रस्थान किया। कल्पवासी एक महीने के कल्पवास के लिए वर्तमान में अपनी साधना में तल्लीन हैं।

मीडिया से बातचीत करते हुए मुख्यमंत्री  ने कहा कि आज उन्हें भगवान रामानन्दाचार्य जी के 726वें पावन जयन्ती कार्यक्रम में भाग लेने का अवसर प्राप्त हुआ। प्रयागराज का सौभाग्य है कि यह अनेक पूज्य ऋषि-मुनियों की पावन धरा है। द्वादश माधव के साथ-साथ त्रिवेणी की पावन धरा को महर्षि भारद्वाज, महर्षि याज्ञवल्क्य और अन्य पूज्य महर्षियों व सिद्ध संतों का सान्निध्य प्राप्त हुआ है। 726 वर्ष पूर्व इसी पावन धरा पर जगद्गुरु रामानन्दाचार्य जी का जन्म हुआ था। आज उनके पावन जन्मोत्सव कार्यक्रम के साथ ही माघ मेले की तैयारियों की समीक्षा की गयी। यहां आगामी 14 व 15 जनवरी को मकर संक्रान्ति स्नान तथा आगामी 18 जनवरी को मौनी अमावस्या का मुख्य स्नान होगा। इसके उपरान्त 23 जनवरी को बसंत पंचमी और फिर माघ पूर्णिमा के साथ ही 15 फरवरी को महाशिवरात्रि का स्नान यहां पर सम्पन्न होगा। यह सभी माघ मेले के कार्यक्रम का हिस्सा होंगे।

मुख्यमंत्री ने कहा कि माघ मेले के सम्पूर्ण आयोजन के लिए प्रशासन, पुलिस और सम्बन्धित विभागों ने समस्त तैयारियां की हैं। पूर्व की तुलना में घाटों की लम्बाई बढ़ायी गयी है। स्वच्छता का विशेष ध्यान रखा गया है। भीषण शीत लहरी से बचाव के लिए आवश्यक उपाय किए गए हैं। पब्लिक एड्रेस सिस्टम के साथ ही मेले से जुड़े हुए ‘मेला सेवा ऐप’ का भी शुभारम्भ किया गया है। किसी भी कल्पवासी, सन्त तथा श्रद्धालु को यदि कोई सेवा लेनी हो, या उन्हें किसी प्रकार की समस्या हो तो वह इस मोबाइल ऐप के माध्यम से जानकारी प्राप्त कर सेवाओं का उपयोग कर सकते हैं तथा प्रशासन के समक्ष अपनी बात रख सकते हैं। यहां पर इस मोबाइल ऐप का बेहतर उपयोग किया जा रहा है।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि आपसी समन्वय तथा तत्परता के साथ प्रशासन ने पौष पूर्णिमा के स्नान को भव्यता व संवाद के साथ सबके सहयोग से सकुशल सम्पन्न कराया। आगामी सभी पांच स्नान भी उसी पवित्रता, संवाद और समन्वय के साथ सकुशल सम्पन्न होंगे। इसी मुद्दे पर आज यहां पर चर्चा की गयी है। आयोजन को सकुशल सम्पन्न कराने के लिए प्रशासन पूरी तत्परता के साथ लगा हुआ है। सभी लोग मिलकर इस कार्यक्रम को सकुशल सम्पन्न कराएंगे।

 

January 8, 2026

सबकी समस्या का निराकरण सरकार का संकल्प : सीएम योगी

  • जनता दर्शन में मुख्यमंत्री ने सुनीं 150 लोगों की समस्याएं
  • सीएम ने अधिकारियों को दिए निर्देश, शीघ्रता से करें समस्याओं का निस्तारण
  • गंभीर बीमारियों के इलाज में करेंगे भरपूर आर्थिक सहायता

गोरखपुर, 8 जनवरी 2026 । मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गोरखपुर प्रवास के दौरान गुरुवार सुबह गोरखनाथ मंदिर में आयोजित जनता दर्शन में विभिन्न जिलों से आए लोगों से मुलाकात कर उनकी समस्याएं सुनीं। इस दौरान उन्होंने कहा कि हर व्यक्ति की समस्या का समाधान सरकार का संकल्प है। सीएम ने अफसरों को निर्देशित किया कि वे पूरी तत्परता और संवेदनशीलता से यह सुनिश्चित करें कि बिना भेदभाव सबको न्याय मिले। हर पात्र को जन कल्याणकारी योजनाओं का लाभ मिले, जरूरतमंदों के समुचित इलाज की व्यवस्था हो, जमीन कब्जाने वाले भू माफिया व दबंगों के खिलाफ कठोर कार्रवाई हो।

गोरखनाथ मंदिर के महंत दिग्विजयनाथ स्मृति भवन सभागार में आयोजित जनता दर्शन कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने करीब 150 लोगों की समस्याएं सुनीं। कुर्सियों पर बैठे लोगों तक खुद गए। उनकी शिकायतों को ध्यान से सुना। सबके प्रार्थना पत्रों को संबंधित अधिकारियों को संदर्भित करते हुए त्वरित और संतुष्टिपरक निस्तारण का निर्देश देने के साथ लोगों को भरोसा दिलाया कि सरकार हर पीड़ित की समस्या का समाधान कराने के लिए प्रतिबद्ध है।
जनता दर्शन में गंभीर बीमारियों के उपचार के लिए आर्थिक मदद की गुहार लेकर आए कई लोगों से मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि धन के अभाव में किसी का इलाज नहीं रुकेगा। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि जो भी जरूरतमंद हैं, प्रशासन उनके उच्च स्तरीय इलाज का इस्टीमेट शीघ्रता से बनवाकर उपलब्ध कराए। इस्टीमेट मिलते ही सरकार तुरंत धन उपलब्ध कराएगी। राजस्व और कानून व्यवस्था से जुड़े मामलों में मुख्यमंत्री ने शीघ्रता से निस्तारण के निर्देश दिए।

*सीएम योगी ने की गोसेवा, गोवंश को खिलाया गुड़*
गोरखनाथ मंदिर प्रवास के दौरान गुरुवार सुबह मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की दिनचर्या परंपरागत रही। गुरु गोरखनाथ का दर्शन पूजन करने तथा अपने गुरुदेव ब्रह्मलीन महंत अवेद्यनाथ की प्रतिमा के समक्ष शीश झुकाने के बाद वह मंदिर परिसर के भ्रमण पर निकले। मंदिर की गोशाला में पहुंचकर गोसेवा की। गायों और गोवंश को स्नेहिल भाव से गुड़ खिलाया। गुरुवार सुबह मंदिर परिसर का भ्रमण करते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने परिजनों के साथ आए बच्चों से मिल उन्हें प्यार-दुलार, आशीर्वाद और चॉकलेट दिया।

January 6, 2026

SIR एसआईआरः यूपी में हटे 2.89 करोड़ मतदाता, पहली ड्राफ्ट सूची जारी

लखनऊ,06 जनवरी, 2026, उत्तर प्रदेश की मतदाता सूची में से एसआईआर प्रक्रिया में 2 करोड़  89 लाख मतदाताओं के नाम हटे हैं। अब सूची में 12 करोड़ 55 लाख मतदाता हैं। इसके पहले मतदाताओं की संख्या 15 करोड़ 30 हजार 92 थी। यह जानकारी आज मुख्य निर्वाचन अधिकारी नवदीप रिणवा CEO UP NAVDEEP RINVA IAS ने पत्रकार वार्ता में दी। उन्होंने इसके साथ ही पहली ड्राफ्ट सूची भी जारी कर दी।

श्री रिणवा ने बताया विशेष  गहन पुनरीक्षण के दौरान 2.89 करोड़ मतदाताओं के नाम हटाये गए हैं। छह फरवरी तक दावे और आपत्तियां ली जाएंगीं। जबकि अंतिम मतदाता सूची छङ मार्च को जारी की जाएगी। उन्होंने बताया कि पहले चरण के बाद 18 प्रतिशत मतदाताओं के नाम कट गए हैं। उन्होंने कहा कि जनके नाम पहली ड्राफ्ट सूची में नहीं हैं वे 6 फरवरी तक फार्म 6 भरकर जमा कर सकते हैं। ताकि उनका नाम जोड दिया जाए। अंतिम मतदाता सूची जारी होने की तिथि 6 मार्च है।

मुख्य निर्वाचन अधिकारी रिणवा ने बताया कि 27 अक्टूबर 2025 को प्रक्रिया शुरु हुई थी। पहला चरण 4 नवम्बर से शुरु हुआ, उस वक्त प्रदेश में 15 करोड़ 30 हजार 92 मतदाता थे। उन्होंने बताया कि मतदाता निर्वाचन आयोग की वेबसाइट https://voters.eci.gov.in/download-eroll  https://voters.eci.gov.in/download-eroll पर अपने नाम देख सकते हैं।

उन्होंने बताया कि जो नाम कटे हैं उनमें मृतक वोटरों की संख्या 46.23 लाख है, स्थानान्तरित वोटर की संख्या 2.17 करोड़ है। वहीं जो एक से ज्यादा स्थान पर नाम पाये गए उनकी संख्या 25.47 लाख है। जिनका नाम इस ड्राफ्ट में नहीं आया है उनकी कुल संख्या 2.89 करोड़ है।

कार्मशियल सम्पत्तियों के पारिवारिक दान विलेखों पर भी स्टाम्प शुल्क में भी छूट

लखनऊ,06 जनवरी 2026, उत्तर प्रदेश सरकान ने व्यवसायिक और औद्योगिक सम्पत्तियों पर पारिवारिक दान विलेख में भी स्टाम्प शुल्क में छूट प्रदान कर दी है। अब केवल पांच हजार रूपये शुल्क देकर इन परिसम्पत्तियों का विलेख पारिवारिक सदस्य के नाम में किया जा सकेगा। यह व्यवस्था पूर्व में केवल निजी सम्पत्तियों के लिये लागू की गई थी। अब इसे औद्योगिक और व्यवसायिक सम्पत्तियों में भी लागू कर दिया गया है। यह फैसला सरकार ने आज मंत्रिपरिषद् की बैठक में लिया।

मंत्रिपरिषद ने व्यावसायिक एवं औद्योगिक सम्पत्तियों के पारिवारिक दान विलेखों पर भी स्टाम्प शुल्क में छूट प्रदान किये जाने के प्रस्ताव को स्वीकृति प्रदान की है। ज्ञातव्य है कि स्टाम्प एवं रजिस्ट्रेशन अनुभाग-2 की अधिसूचना सं0- 18/2023/995/94-स्टा0नि0-2-2023-700 (29)/2021 दिनांक 03.08.2023 के माध्यम से अचल सम्पत्ति का दान यदि परिवार के सदस्यों के पक्ष में किया जाता है, तो उन पर प्रभार्य स्टाम्प शुल्क में छूट प्रदान करते हुए अधिकतम स्टाम्प शुल्क 05 हजार रुपये लिये जाने की व्यवस्था प्रभावी है। यह छूट केवल कृष्य एवं आवासीय सम्पत्तियों के प्रभावी है।
वर्तमान प्रस्ताव के माध्यम से इस छूट को पारिवारिक सदस्यों के मध्य व्यावसायिक एवं औद्योगिक सम्पत्तियों के दान हेतु भी प्रभावी किया जा रहा है। यह छूट सम्बन्धित अधिसूचना के गजट में प्रकाशित होने के दिनांक से तत्काल प्रभाव से लागू हो जाएगी। इसके अलावा पूर्व-निर्गत अधिसूचना दिनांक 03.08.2023 में इंगित सम्बन्धियों के सम्बन्ध में प्राविधानों तथा कतिपय अन्य प्राविधानों को और अधिक स्पष्ट किया गया है।
भारतीय स्टाम्प अधिनियम, 1899 की अनुसूची 1-ख के अनुच्छेद-33 के प्राविधानों के अधीन उत्तर प्रदेश राज्य में दान विलेखों पर सम्पत्ति के मूल्य पर हस्तांतरण पत्र (Conveyance deed) की भाँति स्टाम्प शुल्क प्रभार्य है। रजिस्ट्रीकरण अधिनियम, 1908 की धारा-17 के प्राविधानों के अधीन अचल सम्पत्ति के दान विलेख का रजिस्ट्रीकरण अनिवार्य है।

0प्र0 वैश्विक क्षमता केन्द्र नीति-2024 के

क्रियान्वयन सम्बन्धी नियमावली-2025 अनुमोदित
मंत्रिपरिषद ने उत्तर प्रदेश वैश्विक क्षमता केन्द्र नीति-2024 के क्रियान्वयन सम्बन्धी नियमावली-2025 को अनुमोदित किया है। यह नियमावली उत्तर प्रदेश वैश्विक क्षमता केन्द्र नीति-2024 के प्रख्यापन की तिथि से प्रभावी होगी तथा राज्य सरकार द्वारा इसमें संशोधन अथवा समाप्ति तक प्रभावी रहेगी। इन्वेस्ट यू0पी0 इस नियमावली की नोडल एजेन्सी होगी।
वैश्विक क्षमता केंद्र (GCC) : किसी भारतीय/विदेशी कम्पनी द्वारा स्थापित एक कैप्टिव इकाई, जिसका उद्देश्य सूचना प्रौद्योगिकी, अनुसंधान एवं विकास, वित्त, मानव संसाधन, डिज़ाइन, इंजीनियरिंग, एनालिटिक्स तथा नॉलेज सर्विस जैसे रणनीतिक कार्यों का निष्पादन करेगी।
इस क्रियान्वयन नियमावली में वितीय प्रोत्साहन, जिसमें फ्रंट-एण्ड लैण्ड सब्सिडी (Front End Land Subsidy), स्टाम्प ड्यूटी छूट/प्रतिपूर्ति, पूंजीगत सब्सिडी, ब्याज सब्सिडी, संचालन व्यय (ओपेक्स) सब्सिडी, पेरोल सब्सिडी, भर्ती सब्सिडी, ई0पी0एफ0 प्रतिपूर्ति, पात्र जी0सी0सी0 इकाइयों हेतु प्रतिभा विकास एवं कौशल प्रोत्साहन, अनुसंधान एवं विकास तथा नवाचार हेतु प्रोत्साहन एवं केस-टू-केस प्रोत्साहन के क्रियान्वयन का प्राविधान किया गया है।
इसके अतिरिक्त, गैर-वित्तीय सहायता हेतु तकनीकी सहायता समूह, लिंकेज समर्थन, विनियामक समर्थन, आवेदन का प्रक्रमण एवं अनुमोदन एवं प्रोत्साहन वितरण प्रक्रिया का भी प्राविधान किया गया है।
इस नियमावली में निर्दिष्ट सभी प्रोत्साहन लाभ भारत सरकार की किसी भी योजना/नीति के अन्तर्गत उपलब्ध प्रोत्साहनों के अतिरिक्त प्राप्त किए जा सकते हैं। किसी भी विधिक विवाद की स्थिति में न्यायिक क्षेत्राधिकार केवल लखनऊ स्थित न्यायालयों को होगा। इस नियमावली के अन्तर्गत स्वीकृत राशि का वितरण वित्त विभाग के प्रचलित वित्तीय नियमों/शासनादेशों के अनुसार किया जाएगा।

जनपद कुशीनगर की तहसील कप्तानगंज में उपनिबन्धक कार्यालय भवन के निर्माण हेतु भूमि उपलब्ध कराये जाने के सम्बन्ध में
मंत्रिपरिषद ने जनपद कुशीनगर की तहसील कप्तानगंज में उपनिबन्धक कार्यालय भवन के निर्माण हेतु ग्राम बसहिया उर्फ कप्तानगंज स्थित गाटा संख्या-3308मी/2.023 हे0 की रिक्त भूमि जो राजस्व अभिलेख में तहसील कप्तानगंज कार्यालय के नाम दर्ज है, में से 0.0920 हे0 भूमि स्टाम्प एवं रजिस्ट्रेशन विभाग को कतिपय शर्तों के साथ निःशुल्क आवंटित किये जाने के प्रस्ताव को स्वीकृति प्रदान की है।
इन शर्तों के अनुसार भूमि का हस्तांतरण बिना मूल्य लिये किया जाएगा। इन मामलों में भूमि के बाजार मूल्य की सीमा पर कोई प्रतिबन्ध नहीं होगा। जिस परियोजना के लिए भूमि हस्तांतरण किया जा रहा हो, वह एक अनुमोदित परियोजना हो और उसके लिये आवश्यक प्राविधान किया जा चुका हो। केवल उतनी ही भूमि का हस्तांतरण किया जाए, जितनी कार्य विशेष के लिये आवश्यक हो। भूमि पर कोई धार्मिक अथवा ऐतिहासिक महत्व की इमारत न हो।
हस्तांतरित भूमि यदि प्रस्तावित कार्य से भिन्न प्रयोजन के लिये उपयोग की जाए, तो उसके लिए राजस्व विभाग से पुनः अनुमोदन प्राप्त करना होगा। यदि भूमि की आवश्यकता न हो या 03 वर्षों तक हस्तांतरित भूमि प्रस्तावित कार्य के लिये उपयोग में नहीं लायी जाती, तो उसे राजस्व विभाग को वापस करना होगा।

उपनिबन्धक कार्यालय सदर व अभिलेखागार, जनपद झाँसी के निर्माण हेतु भूमि उपलब्ध कराये जाने के सम्बन्ध में

मंत्रिपरिषद ने जनपद झाँसी की तहसील सदर में उपनिबन्धक कार्यालय भवन एवं अभिलेखागार भवन के निर्माण हेतु भूमि उपलब्ध कराये जाने सम्बन्धी प्रस्ताव को स्वीकृति प्रदान की है। जनसामान्य को बेहतर सुविधा प्रदान किये जाने के दृष्टिगत उपनिबन्धक कार्यालय सदर व अभिलेखागार, जनपद झाँसी का निर्माण कराया जाना है।
मंत्रिपरिषद के निर्णय के अनुसार आराजी सं0-3035 रकबा 0.709 हे0 भूमि राज्य सरकार के नाम प्रबन्धक जिलाधिकारी दर्ज कागजात में से 0.0638 हे0 अर्थात 638 वर्ग मीटर भूमि स्टाम्प एवं रजिस्ट्रेशन विभाग को, सरकारी सम्पत्ति के प्रबन्ध से सम्बन्धित नियमावली 1987 यथासंशोधित नियमावली 2023 के प्राविधानों के अन्तर्गत, 90 वर्ष के पट्टे के माध्यम से कतिपय शर्तों के अधीन आवंटित/हस्तांतरित की जायेगी।
भारतीय स्टाम्प अधिनियम 1899 की धारा 3 के परन्तुक में प्राविधानित है कि सरकार द्वारा या उसकी तरफ से या उसके पक्ष में निष्पादित किसी विलेख पर, जहाँ इस मुक्ति के अभाव में, उस विलेख पर प्रभार्य शुल्क अदा करने का दायित्व सरकार का होता है, कोई शुल्क प्रभार्य नहीं होगा। उपरोक्त प्राविधान के आलोक में राजस्व विभाग द्वारा स्टाम्प एवं रजिस्ट्रेशन विभाग के पक्ष में पट्टा विलेख पर स्टाम्प शुल्क की देयता से मुक्ति होगी।
रजिस्ट्रेशन अधिनियम 1908 की धारा 78-क के अन्तर्गत पंजीकरण फीस से छूट प्रदान करने की शक्ति राज्य सरकार के पास निहित है। अतः राजस्व विभाग तथा स्टाम्प एवं रजिस्ट्रेशन विभाग के मध्य प्रश्नगत भूमि से सम्बन्धित पट्टा विलेख पर पंजीकरण फीस से पूर्ण रूपेण छूट प्राप्त होगी।

 

वीबी जी राम जी को यूपी में पूरी पारदर्शिता के साथ लागू किया जाएगाः योगी आदित्यनाथ

लखनऊ, 06 जनवरी, 2026, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी के नेतृत्व एवं मार्गदर्शन में ग्रामीण क्षेत्र में स्थायी इन्फ्रास्ट्रक्चर और रोजगार सृजन के लिए ‘विकसित भारत-गारण्टी फॉर रोजगार एण्ड आजीविका मिशन (ग्रामीण)’ अधिनियम-2025 पारित किया गया है। प्रदेश सरकार इस कानून को पूर्ण संवेदनशीलता, पारदर्शिता तथा प्रभावशीलता के साथ राज्य में लागू कर रोजगार की नयी गारण्टी प्रदान करेगी। राज्य सरकार का संकल्प प्रत्येक पात्र को समय पर काम, प्रत्येक गांव में टिकाऊ परिसम्पत्तियों का निर्माण तथा प्रत्येक श्रमिक को सम्मान, सुरक्षा व खुशहाली प्रदान करना है।
मुख्यमंत्री आज यहां विकसित भारत-जी राम जी कानून-2025 के सम्बन्ध में आयोजित पत्रकार वार्ता को सम्बोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह अधिनियम भारत के ग्रामीण विकास की दृष्टि से मील का पत्थर साबित होगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि अस्थायी और अधूरी सम्पत्तियों का दीर्घकालीन लाभ नहीं होता है। वी बी-जी राम जी अधिनियम-2025 रोजगार गारण्टी प्रदान करते हुए ग्रामीण क्षेत्रों में स्थायी परिसम्पत्तियों के निर्माण में सहायक सिद्ध होगा। यह कार्य विकसित भारत की आधारशिला मजबूत करेगा। विकसित भारत का सपना तभी साकार हो सकता है, जब राज्य विकसित होंगे। राज्य तब विकसित होंगे, जब हमारी आधारभूत इकाई गांव विकसित होंगे तथा ग्रामीण अर्थव्यवस्था सशक्त होगी, किसान आत्मनिर्भर होगा व श्रमिकों को सामाजिक सुरक्षा व सम्मान मिलेगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि ग्राम पंचायतें इस अधिनियम के अन्तर्गत किये जाने वाले कार्यां की चार श्रेणियां निर्धारित कर सकेंगी। अधिनियम के तहत जल संरक्षण की स्थायी व्यवस्था के लिए रेन वॉटर हार्वेस्टिंग, चेकडैम और उससे जुड़ी अन्य सुविधाओं को गांवों में विकसित किया जा सकता है। ग्रामीण बुनियादी इन्फ्रास्ट्रक्चर के अन्तर्गत सड़क, नाली आदि का विकास किया जा सकता है। गांवों में खेल का मैदान, ओपन जिम, बाजार, दुकानों जैसे आजीविका सम्बन्धी इन्फ्रास्ट्रक्चर का निर्माण किया जा सकता

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