Web News

www.upwebnews.com

ललितपुर में दुर्लभ चिकित्सीय उपलब्धि–डा कौर

February 21, 2026

ललितपुर में दुर्लभ चिकित्सीय उपलब्धि–डा कौर

35 सप्ताह की गर्भवती में प्लेसेंटा से निकला दुर्लभ ट्यूमर

उप्रससे अजय बरया

ललितपुर- गुरु नानक हॉस्पिटल में एक अत्यंत दुर्लभ और असामान्य प्रसूति संबंधी मामला सामने आया है। 35 सप्ताह की गर्भवती महिला, जिनका पूर्व में एक सीज़ेरियन ऑपरेशन हो चुका था, प्रसव पीड़ा एवं स्कार टेंडरनेस के साथ अस्पताल में भर्ती हुईं। स्थिति को देखते हुए आपातकालीन सीज़ेरियन सेक्शन करने का निर्णय लिया गया।

ऑपरेशन वरिष्ठ स्त्री एवं प्रसूति रोग विशेषज्ञ डॉ. कौर के मार्गदर्शन में डॉ. आकांक्षा सिंघई (एम.एस., स्त्री एवं प्रसूति रोग) द्वारा सफलतापूर्वक संपन्न किया गया।

ऑपरेशन के दौरान 2.5 किलोग्राम वजन का स्वस्थ शिशु (पुरुष) जन्मा, जिसने जन्म के तुरंत बाद रोना शुरू कर दिया। शिशु पूर्णतः स्वस्थ पाया गया।

हालांकि, प्लेसेंटा निकालने के बाद चिकित्सकों को एक अप्रत्याशित खोज मिली। प्लेसेंटा से जुड़ा हुआ लगभग 7 × 6 × 4.5 सेमी आकार एवं लगभग 230 ग्राम वजन का एक स्पष्ट सीमांकित मास पाया गया।

यह मास पतली झिल्ली से ढका हुआ था। कट सेक्शन पर निरीक्षण करने पर उसमें त्वचा, बाल, वसायुक्त ऊतक तथा उपास्थि/हड्डी जैसे कठोर भाग दिखाई दिए। महत्वपूर्ण बात यह रही कि:

• किसी भी प्रकार के भ्रूण अंगों की पहचान नहीं हुई
• यह मास शिशु एवं नाल से पूर्णतः अलग था
• नवजात शिशु पूरी तरह सामान्य था

प्रारंभिक निरीक्षण के आधार पर इसे प्लेसेंटल टेराटोमा होने की संभावना व्यक्त की गई है। पुष्टि हेतु प्लेसेंटा सहित मास को हिस्टोपैथोलॉजिकल परीक्षण के लिए भेजा गया है।

चिकित्सकों के अनुसार प्लेसेंटल टेराटोमा अत्यंत दुर्लभ एवं सामान्यतः सौम्य (benign) प्रकृति का ट्यूमर होता है, जो प्लेसेंटा के ऊतकों से उत्पन्न होता है। अधिकांश मामलों में इसका माँ या शिशु के भविष्य के स्वास्थ्य पर प्रतिकूल प्रभाव नहीं पड़ता।

ऑपरेशन के पश्चात माँ और शिशु दोनों स्वस्थ एवं स्थिर हैं।

यह मामला ललितपुर में चिकित्सा क्षेत्र की एक उल्लेखनीय उपलब्धि के रूप में देखा जा रहा है।

चौरी चौरा पुलिस की बड़ी कार्रवाई: चोरी के आरोप में 16 अभियुक्त गिरफ्तार

Santosh Kumar Singh
Gorakhpur
Date 21/02/2026

*दो सोने की चेन सहित नकदी, वाहन व अन्य सामान बरामद*


गोरखपुर। जनपद में अपराध पर अंकुश लगाने के अभियान के तहत थाना चौरी चौरा पुलिस ने चोरी के मामले में बड़ी कार्रवाई करते हुए 16 अभियुक्तों/अभियुक्ताओं को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपितों के कब्जे से दो अदद पीली धातु की चेन (माल मुकदमाती), 45,940 रुपये नकद, पांच चारपहिया वाहन, चार एंड्रॉयड मोबाइल फोन सहित अन्य सामान बरामद किया गया है।
पुलिस के अनुसार, थाना चौरी चौरा पर पंजीकृत मु0अ0सं0 63/2026 धारा 303(2) बीएनएस से संबंधित प्रकरण में कार्रवाई करते हुए 16 आरोपितों को गिरफ्तार किया गया। अभियुक्ता मन्जू एवं सुनीता के कब्जे से मुकदमे से संबंधित दो पीली धातु की चेन बरामद होने पर धारा 317(2) बीएनएस की बढ़ोत्तरी की गई।
इसके अतिरिक्त आरोपितों के कब्जे से 08 नेलकटर, 04 रबर के नकली सांप, 03 रबर की नकली छिपकली, 02 झांग भटकुईयां, 05 चारपहिया वाहन, 04 एंड्रॉयड मोबाइल फोन तथा चिटबंदी में कुल 45,940 रुपये बरामद किए गए। बरामदगी के आधार पर थाना चौरी चौरा पर मु0अ0सं0 64/2026 धारा 310(4) बीएनएस एवं 207 एमवी एक्ट के तहत एक अन्य मुकदमा भी पंजीकृत किया गया है।
घटना का विवरण
दिनांक 20 फरवरी 2026 को अज्ञात महिलाओं द्वारा वादिनी एवं उसकी बहन की दो सोने की चेन तथा एक अंगूठी चोरी कर ली गई थी। पीड़िता की तहरीर के आधार पर थाना चौरी चौरा पर मुकदमा दर्ज कर विवेचना शुरू की गई। जांच के दौरान पुलिस ने गिरोह का खुलासा करते हुए 16 आरोपितों को गिरफ्तार कर लिया।
गिरफ्तार अभियुक्तों में कुछ के विरुद्ध पूर्व में भी चोरी एवं संबंधित धाराओं में मुकदमे दर्ज हैं। पुलिस द्वारा सभी आरोपितों के आपराधिक इतिहास का सत्यापन किया जा रहा है।
पुलिस अधिकारियों ने बताया कि गिरफ्तार अभियुक्तों के विरुद्ध विधिक कार्रवाई की जा रही है तथा गिरोह से जुड़े अन्य संभावित सदस्यों की भी तलाश की जा रही है। जनपद में चोरी एवं अन्य अपराधों के विरुद्ध अभियान आगे भी जारी रहेगा।

February 20, 2026

MSP पर खरीद को और सुदृढ़, पारदर्शी एवं समयबद्व करने के निर्देश – शिवराज सिंह चौहान

Shivraj Singh Chauhan
दलहन आत्मनिर्भरता को गति देने एवं MSP पर सुनिश्चित खरीद के लिए नाफेड की व्यापक समीक्षा

Posted on: 20 FEB 2026
नई दिल्ली। केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान  ने आज नई दिल्ली स्थित अपने आवास 12, सफदरजंग पर National Agricultural Cooperative Marketing Federation of India Ltd (NAFED) (नाफेड) की विस्तृत समीक्षा बैठक की। बैठक में दलहन एवं तिलहन की खरीद व्यवस्था, किसानों को न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) का पूरा लाभ सुनिश्चित करने तथा संबंधित योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन पर गहन विचार-विमर्श किया गया।

बैठक के दौरान मूल्य समर्थन योजना (PSS) एवं मूल्य स्थिरीकरण निधि (PSF) के अंतर्गत संचालित खरीद कार्यों की प्रगति की समीक्षा की गई। केंद्रीय मंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि MSP पर खरीद को और अधिक सुदृढ़, पारदर्शी एवं समयबद्ध बनाया जाए, ताकि किसानों को उनकी उपज का उचित मूल्य बिना किसी विलंब के प्राप्त हो सके। उन्होंने यह भी सुनिश्चित करने पर बल दिया कि खरीद केंद्रों पर पर्याप्त व्यवस्थाएं उपलब्ध हों और किसानों को किसी प्रकार की असुविधा न हो।

विशेष रूप से तुअर, उड़द तथा मसूर जैसी प्रमुख दलहनों के उत्पादन एवं खरीद को प्राथमिकता देने पर जोर दिया गया। इन फसलों के लिए प्रस्तावित 6 वर्षीय “दलहन आत्मनिर्भरता मिशन” के तहत उत्पादन वृद्धि, उन्नत बीजों की उपलब्धता, तकनीकी सहयोग एवं प्रभावी विपणन तंत्र विकसित करने पर चर्चा हुई। इस मिशन का उद्देश्य देश को दलहन उत्पादन में आत्मनिर्भर बनाना, आयात पर निर्भरता कम करना तथा किसानों की आय में स्थायी वृद्धि सुनिश्चित करना है।

 

श्री चौहान ने कहा कि किसानों को बिचौलियों से मुक्त कर सीधे सरकारी खरीद प्रणाली से जोड़ना सरकार की प्रतिबद्धता है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि राज्यों के साथ समन्वय मजबूत किया जाए तथा खरीद एवं भंडारण व्यवस्था को और अधिक प्रभावी बनाया जाए, जिससे बाजार में मूल्य स्थिरता बनी रहे और किसानों के हितों की रक्षा हो सके।

बैठक में कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय के सचिव  डॉ देवेश चतुर्वेदी, अपर सचिव प्रमोद कुमार मेहरदा,  अपर सचिव मनिंदर कौर द्विवेदी,  नाफेड के प्रबंध निदेशक दीपक अग्रवाल एवं अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित थे।

February 19, 2026

बलिया में एक घर में मिले लापता किन्नर और युवक के शव

कमरे में दो लोगों की मिली लाश,हड़कंप।
रिपोर्ट – संजय कुमार तिवारी
स्थान – बलिया यूपी
डेट – 19/02/2026

बलिया। उत्तर प्रदेश के बलिया से इस वक्त की सबसे बड़ी और रूह कंपा देने वाली खबर सामने आ रही है। बैरिया थाना क्षेत्र के रानीगंज में एक बंद कमरे के भीतर दो लाशें मिली।”पूरा मामला सुसाइड की एक सूचना से शुरू हुआ, लेकिन जब पुलिस जांच के लिए घर के भीतर दाखिल हुई, तो वहां एक नहीं बल्कि दो-दो लाशें मिलीं। पहली लाश 28 साल के युवक रवि गुप्ता की थी, जिसने फांसी लगाकर अपनी जान दे दी। लेकिन चौंकाने वाली बात तब सामने आई जब घर की तलाशी ली गई।”

“बीती 17 फरवरी से लापता रेखा किन्नर, जिनकी उम्र करीब 62 साल थी, उनका शव भी उसी रवि गुप्ता के घर से बरामद हुआ है। एक तरफ युवक की खुदकुशी और दूसरी तरफ लापता किन्नर का शव मिलना… ये महज इत्तेफाक है या फिर किसी खौफनाक वारदात की पटकथा? पुलिस अधीक्षक बलिया ओमवीर सिंह ने खुद मौके पर पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया है।”
​”रानीगंज कस्बे में आज उस वक्त सन्नाटा पसर गया जब विजय गुप्ता के बेटे रवि का शव फंदे से लटका मिला। पुलिस सुसाइड की जांच करने पहुंची थी, लेकिन घर के भीतर की बदबू ने पुलिस को शक में डाल दिया। तलाशी शुरू हुई तो दो दिन से गायब रेखा किन्नर की लाश भी बरामद हो गई। आखिर रवि के घर में रेखा किन्नर की लाश क्या कर रही थी? क्या रवि ने पहले रेखा की हत्या की और फिर डर के मारे खुदकुशी कर ली? पुलिस ने दोनों शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और मामले की परतें खोलने में जुट गई है। इस पूरे मामले पर पुलिस अधीक्षक बलिया, श्री ओमवीर सिंह का क्या कहना है, आप खुद सुनिए..

Gorakhpur कैंप में ऑपरेशन के बाद 9 मरीजों की आंखों की रोशनी गई, डीएम ने दिए जांच के आदेश

Posted on 19.02.2026, Thursday Time 05.50 PM, Santosh Kumar Singh, Gorakhpur संतोष कुमार सिंह , गोरखपुर*मोतियाबिंद ऑपरेशन के बाद 9 मरीजों की आंखें निकालनी पड़ीं, कई की रोशनी गई*

गोरखपुर, 19 फरवरी। जिले के सिकरीगंज स्थित एक निजी अस्पताल में आयोजित मोतियाबिंद ऑपरेशन कैंप के बाद सामने आए गंभीर संक्रमण ने स्वास्थ्य व्यवस्था पर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं। ऑपरेशन के बाद कई मरीजों की हालत बिगड़ गई, जिनमें से नौ मरीजों की आंखें निकालनी पड़ीं, जबकि कई अन्य की आंखों की रोशनी चली गई। यह मामला सामने आते ही प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग में हड़कंप मच गया है।
बताया जा रहा है कि 1 फरवरी को न्यू राजेश हाइटेक हॉस्पिटल में आई कैंप आयोजित किया गया था, जिसमें करीब 30 मरीजों का मोतियाबिंद ऑपरेशन किया गया। परिजनों के अनुसार ऑपरेशन के 24 घंटे के भीतर ही कई मरीजों की आंखों में तेज दर्द, सूजन, खून आना और मवाद जैसी शिकायतें शुरू हो गईं। धीरे-धीरे स्थिति इतनी बिगड़ी कि 18 मरीजों में गंभीर संक्रमण पाया गया।
इन्दारी निवासी संजय सिंह ने बताया कि वे अपने पिता का ऑपरेशन कराने अस्पताल गए थे। ऑपरेशन के बाद आंख से लगातार खून आने लगा। पहले वाराणसी ले जाया गया, फिर दिल्ली तक इलाज कराया गया, लेकिन हालत में सुधार नहीं हुआ। अंततः डॉक्टरों ने आंख निकालने की सलाह दी। संजय सिंह का कहना है कि उनके परिवार के दो लोगों का ऑपरेशन हुआ था और दोनों की स्थिति गंभीर हो गई।
इसी तरह रेखा नामक महिला ने बताया कि उनकी सास का ऑपरेशन भी इसी कैंप में हुआ था। ऑपरेशन के बाद आंख में तेज दर्द और मवाद की शिकायत शुरू हो गई। उन्होंने कहा कि 18 मरीजों की हालत बिगड़ने की जानकारी है और कई लोग अलग-अलग शहरों में इलाज करा रहे हैं।
स्थिति की गंभीरता को देखते हुए कई मरीजों को गोरखपुर से बाहर दिल्ली, लखनऊ और वाराणसी के सुपर स्पेशलिटी अस्पतालों में भर्ती कराया गया। स्वास्थ्य विभाग की प्रारंभिक जांच और कल्चर रिपोर्ट में गंभीर संक्रमण की पुष्टि हुई है।
मामले की जानकारी मिलते ही जिला प्रशासन सक्रिय हुआ। जिलाधिकारी दीपक मीणा ने बताया कि सिकरीगंज के एक निजी अस्पताल में आंख के ऑपरेशन के बाद संक्रमण की बात सामने आई है। पीड़ित मरीजों का अलग-अलग स्थानों पर इलाज चल रहा है। कुछ मरीजों को गंभीर संक्रमण हुआ है। अस्पताल को सील कर दिया गया है और मजिस्ट्रियल जांच के आदेश दिए गए हैं। रिपोर्ट आने के बाद दोषियों के खिलाफ विधिक कार्रवाई और पंजीकरण निरस्तीकरण की प्रक्रिया शुरू की जाएगी।
मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. राजेश झा ने बताया कि 4 फरवरी को जानकारी मिली कि 1 फरवरी को 30 ऑपरेशन किए गए थे। कई मरीजों में संक्रमण की पुष्टि होने के बाद जिला स्तरीय कमेटी गठित कर जांच शुरू की गई। बीआरडी मेडिकल कॉलेज के माइक्रोबायोलॉजी विभाग की टीम ने भी अस्पताल का निरीक्षण किया। प्रथम दृष्टया मामला गंभीर संक्रमण का प्रतीत हो रहा है। एहतियातन अस्पताल के नेत्र विभाग को सील कर दिया गया है और संबंधित ऑपरेशन थिएटर की जांच की जा रही है।
इस घटना ने निजी अस्पतालों की निगरानी व्यवस्था और ऑपरेशन प्रक्रियाओं पर सवाल खड़े कर दिए हैं। परिजनों का आरोप है कि लापरवाही और संक्रमण नियंत्रण में कमी के कारण यह स्थिति बनी। कई परिवारों की जिंदगी में अंधेरा छा गया है।
फिलहाल पूरे मामले की मजिस्ट्रियल जांच जारी है। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि जांच रिपोर्ट के आधार पर दोषी पाए जाने वालों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। वहीं पीड़ित परिवार न्याय और उचित उपचार की उम्मीद में हैं। यह घटना स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता और निगरानी तंत्र पर गंभीर प्रश्नचिह्न खड़ा कर रही है।

« Newer PostsOlder Posts »