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अकेले चुनाव लड़ेगी बसपाः मायावती

January 15, 2026

अकेले चुनाव लड़ेगी बसपाः मायावती

भविष्य के सभी चुनाव हम अकेले लड़ेंगे, गठबंधन से होता है नुकसान

70nth Birth Day of BSP Chief Ms Mayawati

बसपा सुप्रीमो मायावती को उनके 70वें जन्म दिवस पर पुष्प गुच्छ भेंट करते पार्टी नेता सतीश चन्द्र मिश्र और आकाश आनन्द

लखनऊ, 15 जनवरी 2026 ( UP Samachar Sewa). बहुजन समाज पार्टी की मुखिया और पूर्व मुख्यमंत्री मायावती ने कहा है कि वर्ष 2027 में होने वाले विधान सभा चुनाव हम अकेले लड़ेंगे। किसी भी दल से गठबंधन नहीं किया जाएगा। सुश्री मायावती अपने 70वें जन्म दिवस के अवसर पर आयोजित पत्रकार वार्ता को सम्बोधित कर रही थीं। इस अवसर पर उनके साथ वरिष्ठ नेता सतीश चन्द्र मिश्र और पार्टी के कोर्डिनेटर और मायावती के उत्तराधिकारी आकाश आनन्द भी मौजूद थे।

जन्म दिवस पर पार्टी नेताओं ने मायावती को पुष्प गुच्छ भेंट कर उनका स्वागत किया। इसके बाद बसपा सुप्रीमो ने ब्लू बुक के 21वें संस्करण का विमोचन किया। ब्लू बुक सुश्री मायावती की जीवनी है। इसमें उनकें जीवन, पार्टी के लिए संघर्ष और नीतियों का विवरण दिया जाता है। पत्रकारों से इस अवसर पर बातचीत में उन्होंने यह स्पष्ट कर दिया कि आगामी चुनाव 2027 में वे किसी से गठबंधन नहीं करेंगीं। क्योंकि उन्हें गठबंधन से नुकसान होता है।

सुश्री मायावती ने कहा कि गठबंधन करने से उनका वोट तो दूसरी पार्टियों को ट्रांसफर हो जाता है लेकिन, अपर कास्ट का वोट उनके प्रत्याशियों को ट्रांसफर नहीं होता है। इससे हमें नुकसान होता है। उन्होंने कहा कि हम आगे होने वाले सभी चुनाव तब तक अकेले लडेंगे जब तक कि यह भरोसा नहीं हो जाएगा कि अपर कास्ट का वोट भी हमें ट्रांसफर होगा।

January 13, 2026

मुख्यमंत्री ने उत्कृष्ट कार्य करने वाली विभूतियों को ‘गोरखपुर रत्न’ से सम्मानित किया

गोरखपुर महोत्सव के समापन समारोह में लोक गायिका और बिहार में भाजपा की विधायक मैथिली ठाकुर को सम्मानित करते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ

‘गोरखपुर महोत्सव’ का समापन कार्यक्रम

लखनऊ, 13 जनवरी, 2026,  उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ आज गोरखपुर में चम्पा देवी पार्क, रामगढ़ताल में आयोजित तीन दिवसीय ‘गोरखपुर महोत्सव’ के समापन कार्यक्रम में सम्मिलित हुए। उन्होंने विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट कार्य करने वाली जनपद की 06 विभूतियों को ‘गोरखपुर रत्न’ से सम्मानित किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री जी ने महोत्सव की स्मारिका ‘अभ्युदय’ का विमोचन किया।

गोरखपुर महात्सव में स्मारिका अभ्युदय का विमोचन करते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ

कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि गोरखपुर की पुरातन से आधुनिक समय तक की परम्परा, सभ्यता एवं संस्कृति को लेकर तीन दिनों से ‘गोरखपुर महोत्सव’ उत्साह व उल्लास के साथ आयोजित हुआ। महोत्सव में कला, संस्कृति, विज्ञान, शिल्पकला जैसे जीवन के प्रत्येक पक्षों का प्रदर्शन किया गया। गोरखपुर की शिल्पकला को भी इस महोत्सव के माध्यम से प्रदर्शित करने का अवसर प्राप्त हुआ। युवाओं के लिए विज्ञान प्रदर्शनी का आयोजन भी किया गया। इस महोत्सव में ग्राम पंचायत, न्याय पंचायत व जनपद स्तर पर गायन, वादन, नाटक आदि सहित कला के विविध रूपों में आयोजित प्रतिस्पर्धाओं के विजेता कलाकारों को भी मंच उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए थे। इसमें ‘गोरखपुर महोत्सव’ काफी सफल रहा है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि आज यहाँ 06 विभूतियों को ‘गोरखपुर रत्न’ दिया गया है, जिन्होंने विभिन्न क्षेत्रों में कुछ नया एवं अलग कार्य करने का प्रयास किया है। इन विभूतियों ने शिक्षा, खेल, कला तथा कृषि जैसे क्षेत्रों में गोरखपुर का नाम रोशन किया है। 65 से 70 लाख की आबादी वाले गोरखपुर से 05 से 06 लोगों का चयन करना एक कठिन कार्य है। ‘गोरखपुर रत्न’ का सम्मान प्राप्त करने वाली सभी विभूतियाँ बधाई की पात्र हैं। यह सम्मान हमारी वर्तमान पीढ़ी, कलाकारों एवं अन्य लोगों के लिए एक प्रेरणास्रोत है। समाज के प्रत्येक व्यक्ति का यह दायित्व है कि वह समाज से कुछ लेने के बजाय समाज को कुछ देने की सामर्थ्य स्वयं में विकसित करे।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि आज गोरखपुर सहित उत्तर प्रदेश विकास की नई बुलन्दियों को छू रहा है। वर्ष 2017 और आज के गोरखपुर में जमीन-आसमान का अन्तर है। वर्ष 2017 से पूर्व गोरखपुर विकास की दौड़ में पीछे छूट गया था। गोरखपुर उपेक्षित व असुरक्षित था। पूरे गोरखपुर में गुण्डागर्दी व उपद्रव का माहौल था, विकास का अभाव था, गन्दगी के कारण इंसेफेलाइटिस जैसी बीमारियाँ होती थीं। जब समाज स्वच्छता के प्रति जागरूक नहीं होता है, तब उसका दुष्परिणाम भी वह भोगता है। वर्ष 2017 से पूर्व उत्तर प्रदेश व गोरखपुर में अराजकता थी। हर दूसरे रोज दंगा होता था, तब न व्यापारी सुरक्षित थे और न ही बेटियाँ सुरक्षित थीं। उद्यमी गुण्डा टैक्स देने के लिए मजबूर थे, विकास के सभी कार्य ठप थे। नौजवानों को रोजगार के लिए पलायन करना पड़ता था।

गोरखपुर महोत्सव में लोकगीत प्रस्तुत करती हुईं मैथिली ठाकुर

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी के नेतृत्व में डबल इंजन सरकार गोरखपुर के साथ ही पूर्वी उत्तर प्रदेश के कायाकल्प अभियान के साथ आगे बढ़ी। आज उसके परिणाम हम सभी को धरातल पर देखने को मिल रहे हैं। आज से 08 से 10 वर्ष पूर्व जो गोरखपुर आया होगा, आज वह इसे पहचान नहीं पाएगा। यह बदलाव केवल गोरखपुर में नहीं, बल्कि हर जनपद में देखने को मिलेगा। अयोध्या, काशी, लखनऊ तथा प्रयागराज में 08 से 10 वर्ष बाद आने वाला प्रत्येक व्यक्ति यहाँ हुए विकास कार्य देखकर आश्चर्य में पड़ जाता है।
मुख्यमंत्री  ने कहा कि जब सुरक्षा का बेहतर वातावरण होता है, तो निवेश आता है। गोरखपुर में पिछले 08 वर्षों में हजारों करोड़ रुपये का निवेश हुआ है। इसके माध्यम से 50 हजार नौजवानों को रोजगार प्राप्त हुआ है और युवाओं का पलायन रुका है। पहले गोरखपुर में एक विश्वविद्यालय था, आज यहाँ 04 विश्वविद्यालय हैं। गोरखपुर में होटल मैनेजमेण्ट का भी संस्थान बन गया है। गीडा में नाइलेट का एक नया केन्द्र प्रारम्भ हो चुका है। सहजनवां में गरीब बच्चों को आवासीय शिक्षा देने के लिए अटल आवासीय विद्यालय बनाया गया है।

गोरखपुर रत्न सम्मान प्रदान करते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ

मुख्यमंत्री जी ने कहा कि गोरखपुर आज पर्यटन का एक बेहतरीन केन्द्र है। आज गोरखपुर में विकास की प्रत्येक योजना प्रत्येक व्यक्ति तक पहुँचती है। उत्तर प्रदेश ने यह उपलब्धि धैर्य व अनुशासन से हासिल की है। हमारा धैर्य हमारी सबसे बड़ी शक्ति है। जीवन हताशा व निराशा का नाम नहीं है। एक सामान्य भारतीय अपनी मेहनत व पुरुषार्थ से आगे बढ़ता है।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि वर्ष 2017 से पूर्व उन्होंने गोरखपुर व उत्तर प्रदेश की उपेक्षा पर हमेशा संघर्ष किया। इंसेफेलाइटिस के उन्मूलन के लिए आन्दोलन भी किया। हमारी सरकार बनने के बाद इंसेफेलाइटिस को खत्म कर दिया गया। यदि कार्य करने की दृढ़ इच्छाशक्ति हो, तो कोई कार्य असम्भव नहीं है। डबल इंजन सरकार ने उत्तर प्रदेश को विकास की धारा में आगे बढ़ाने तथा माफिया, अपराध एवं दंगा मुक्त करने के कार्य इसी दृढ़ इच्छाशक्ति से ही किए हैं। प्रदेश सरकार ने युवाओं को स्थानीय स्तर पर रोजगार दिलाने तथा अन्नदाता किसानों के जीवन में परिवर्तन लाने का कार्य किया है। प्रत्येक व्यापारी व उद्यमी को भयमुक्त वातावरण तथा प्रत्येक बेटी को आगे बढ़ने के लिए उचित अवसर एवं सुरक्षित माहौल दिया गया है। यदि किसी बेटी के साथ किसी ने गलत किया, तो उससे सख्ती से निपटा जा रहा है।
इस अवसर पर केन्द्रीय ग्रामीण विकास राज्यमंत्री कमलेश पासवान ने कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुए कहा कि मुख्यमंत्री जी के कुशल नेतृत्व में ‘गोरखपुर महोत्सव’ ने विशाल स्वरूप ले लिया है। देश व प्रदेश में इस महोत्सव की गूंज हो रही है। इस महोत्सव से संस्कृति व विरासत को आगे बढ़ाने का अवसर मिल रहा है। इसके माध्यम से स्थानीय कलाकारों को अपनी प्रतिभा दिखाने का मौका मिल रहा है। उन्होंने कहा कि हम सभी को सकारात्मक सोच के साथ आगे बढ़ना चाहिए और अपने देश व प्रदेश को निरन्तर आगे बढ़ाने में अपना सहयोग करते रहना चाहिए।
कार्यक्रम को सांसद रवि किशन शुक्ल ने भी सम्बोधित किया। इस अवसर पर जनप्रतिनिधिगण तथा शासन-प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

 

पर्यटन मंत्री ने निर्माणाधीन संग्रहालयों, स्मारकों तथा वृहद परियोजनाओं के निर्माण की प्रगति की समीक्षा की

उत्तर प्रदेश सरकार के पर्यटन मंत्री ठाकुर जयवीर सिंह विभागीय परियोजनाओं की समीक्षा करते हुए

  • सभी निर्माण कार्यों को समयबद्धता से पूरा किया जाए-जयवीर सिंह

लखनऊ: 13 जनवरी, 2026, प्रदेश के पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह ने आज पर्यटन भवन सभागार में विभाग की प्रमुख और महत्वाकांक्षी परियोजनाओं से संबंधित महत्वपूर्ण बैठक की। इस दौरान उन्होंने फिरोजाबाद में निर्माणाधीन ग्लास म्यूजियम, कल्चरल सेंटर मैनपुरी, आर्य गुरुकुल म्यूजियम और सामौर बाबा मंदिर कॉम्प्लेक्स, फिरोजाबाद के विकास की रूपरेखा का गहन अवलोकन एवं योजनाओं के क्रियान्वयन की विस्तृत समीक्षा की।
मंत्री जयवीर सिंह ने कहा कि फिरोजाबाद में 47 करोड़ रुपए से अधिक की धनराशि से निर्माणाधीन ग्लास म्यूजियम के करीब 70 प्रतिशत कार्य पूरा हो चुका है। मेक इन इंडिया के तहत बन रहा यह अपनी तरह का देश का पहला ग्लास म्यूजियम होगा, जिसमें हड़प्पा से लेकर यूरोपीय एवं अन्य देशों तक फिरोजाबाद के कांच की पहुंच के इतिहास को दर्शाया जाएगा। म्यूजियम में एआर/वीआर जोन, संस्कृति से संबंधित जानकारी एवं लाइब्रेरी आगंतुकों का ध्यान आकर्षित करेंगे। मंत्री ने स्पष्ट कहा, बदलाव का स्वागत है लेकिन सुरक्षा में किसी प्रकार का समझौता बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
पर्यटन मंत्री के समक्ष प्रस्तुतिकरण के माध्यम से ग्लास म्यूजियम के भव्य और आधुनिक आंतरिक स्वरूप की विस्तृत जानकारी दी गई। अंतरराष्ट्रीय मानकों पर विकसित हो रहे इस तीन मंज़िला म्यूजियम में एक ही छत के नीचे शहर की विरासत, कला और शिल्प को जीवंत रूप में प्रदर्शित करने की परिकल्पना की गई है। म्यूजियम में शहर के इतिहास से परिचय कराने वाली गैलरी के साथ-साथ प्रोडक्ट गैलरी, डिजिटल गैलरी, सोविनियर गैलरी एवं अन्य अत्याधुनिक सुविधाएं होंगी। मंत्री जी ने गैलरियों में ब्रज, वृंदावन, नीम करौरी, बटेश्वर और रपड़ी जैसे सांस्कृतिक-धार्मिक स्थलों के कलात्मक चित्रण को भी सम्मिलित करने का सुझाव दिया।
फिरोजाबाद की वैश्विक पहचान बन चुकी चूड़ियों सहित ग्लास की कटाई, जरी, डिज़ाइन और सामग्री निर्माण की पूरी प्रक्रिया को इस म्यूजियम में भव्यता से प्रस्तुत किया जाएगा। आगंतुकों के लिए लाइव ग्लास ब्लोइंग का अनुभव भी आकर्षण का केंद्र होगा, जहां शिल्पकारों की कला को सजीव देखा जा सकेगा। म्यूजियम में उपलब्ध सभी जानकारियां हिंदी और अंग्रेजी, दोनों भाषाओं में प्रदर्शित की जाएंगी, जिससे देश-विदेश के पर्यटक इस अनूठी विरासत से सहज रूप से जुड़ सकें। आगंतुक फ्लिप बुक जोन में जहां अपनी पसंद की सामग्री देख-पढ़ सकेंगे वहीं बच्चों के लिए इंटरेक्टिव जोन भी होगा। बारकोड स्कैन के माध्यम से म्यूजियम से जुड़ी जानकारियां उपलब्ध कराने का प्रस्ताव भी रखा गया है।
मंत्री जयवीर सिंह ने मैनपुरी में निर्माणाधीन कल्चरल सेंटर के डिजाइन एवं क्यूरेशन प्रगति की रिपोर्ट ली। संस्कृति मंत्री को बताया गया कि कल्चरल सेंटर मैनपुरी में राजा तेज सिंह से जुड़े इतिहास, मैनपुरी का नाम, ऋषियों की भूमि, 800 लोगों की क्षमता वाले ऑडिटोरियम, एंट्रेंस गैलरी, एग्जीबिशन हॉल, सोविनियर स्टॉल, वाच टावर एवं रिसेप्शन आदि की व्यवस्था होगी। सेंटर में विभिन्न गैलरी के माध्यम से आस्था के आयाम, वीरों की भूमि, मैनपुरी की कला-संस्कृति, राजपूत राजाओं के शासन के दौर का इतिहास, पक्षी विहार, तारकशी के इतिहास से रूबरू कराया जाएगा। महाभारत काल और पांचाल के इतिहास को डिजिटल स्क्रीन के माध्यम से दिखाया जाएगा। सेंटर में होलोग्राफिक प्रोजेक्शन के माध्यम से जैन, बुद्ध और हिंदू से जुड़े स्थलों को प्रदर्शित किया जाएगा। पर्यटन मंत्री ने विशेषकर बच्चों के लिए एआर/वीआर माध्यम के इस्तेमाल का सुझाव दिया।
पर्यटन विभाग द्वारा विकसित किए जा रहे आर्य गुरुकुल म्यूजियम को लेकर मंत्री ने प्रगति की विस्तृत समीक्षा की। उन्होंने कहा कि यह म्यूजियम आर्य समाज की गौरवशाली परंपरा और उससे जुड़ी महान विभूतियों के जीवन, विचार और योगदान को आधुनिक तकनीक के माध्यम से जन-जन तक पहुंचाने का एक अभिनव केंद्र होगा। यहां इतिहास को लिखित एवं वीडियो वॉल के जरिए जीवंत रूप में प्रस्तुत किया जाएगा, वेदों का अध्ययन डिजिटल माध्यम से संभव होगा। साथ ही, लाइब्रेरी और एआर/वीआर आधारित नवीन प्रयोग दर्शकों को एक अनूठा अनुभव प्रदान करेंगे। इसके अलावा, सामौर बाबा मंदिर कॉम्प्लेक्स के विकास की भी समीक्षा हुई। मंत्री कि मंदिर परिसर में बहुतायत पर्यटकों का आगमन हो रहा है, जिसे देखते हुए वोटिंग की सुविधा, वाटर फाउंटेन, पार्किंग, साइनेज आदि का विकास किया जा रहा है।
पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह ने कहा कि हमारा उद्देश्य भावी पीढ़ी के समक्ष प्रदेश के गौरवशाली और विस्तृत इतिहास को जीवंत रूप में प्रस्तुत करना है। आधुनिकता, तकनीक और नवाचार के प्रभावी उपयोग के माध्यम से हम विरासत को केवल संरक्षित ही नहीं, बल्कि उसे नई पीढ़ी की सोच, समझ और संवेदनाओं से जोड़ने का कार्य कर रहे हैं।
बैठक में पर्यटन महानिदेशक डॉ० वेदपति मिश्रा, यूपीएसटीडीसी के एमडी आशीष कुमार, पर्यटन मंत्री के सलाहकार जेपी सिंह, क्षेत्रीय पर्यटन अधिकारी अंजू चौधरी एवं संस्कृति विभाग के अधिकारी सहित अन्य मौजूद रहे।

January 10, 2026

महानता के लिए दिव्य गुणों को स्वयं में आत्मसात करने का सामर्थ्य आवश्यकः योगी आदित्यनाथ

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ प्रयागराज में महान संत श्रीरामानन्दाचार्य के 726वेें प्राकट्य उत्सव में मुख्य अतिथि के रूप में सम्मिलित हुए

  • मुख्यमंत्री जगद्गुरु श्रीरामानन्दाचार्य के 726वें प्राकट्योत्सव समारोह में सम्मिलित हुए
  • जगद्गुरु रामानंदाचार्य जी के प्राकट्य स्थल पर उनका स्मारक और
  • मंदिर बनना चाहिए, प्रदेश सरकार इस कार्य में पूरा सहयोग करेगी

लखनऊ,10 जनवरी, 2026  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि कोई व्यक्ति अचानक महान नहीं बन जाता है। महानता के लिए दिव्य गुणों को स्वयं में आत्मसात करने का सामर्थ्य, दृढ़ संकल्प व दिव्य दृष्टि होना आवश्यक है। एक सामान्य मनुष्य की दृष्टि सीमित होती है। उसकी दुनिया उसके परिवार तक सीमित रहती है। लेकिन एक महामानव की दृष्टि ईश्वरीय गुणों से भरपूर, दिव्य तथा कल्याणमयी होती है। उनका भाव स्वार्थ के लिए नहीं, बल्कि परमार्थ के लिए होता है। यही कार्य इस धराधाम पर प्रकट होकर पूज्यपाद श्रीमद् जगद्गुरु रामानंदाचार्य भगवान ने किया था।

मुख्यमंत्री आज जनपद प्रयागराज में श्रीमद् जगद्गुरु श्री रामानन्दाचार्य भगवान के 726वें प्राकट्योत्सव समारोह में मुख्य अतिथि के तौर पर अपने विचार व्यक्त कर रहे थे। मुख्यमंत्री जी ने कहा कि 726 वर्ष पूर्व जगद्गुरु रामानंदाचार्य जी जब इस धरा पर जन्में थे, तब उस कालखण्ड में विदेशी हमले हो रहे थे। आक्रमणकारी सनातन धर्म को रौंदना चाहते थे। इसके लिए विदेशी आक्रान्ताओं ने साजिश रची थी। सामाजिक ताने-बाने को छिन्न-भिन्न करने की साजिशें हो रही थीं। जगद्गुरु रामानंदाचार्य जी ने उस समय सबसे पहले मत और सम्प्रदायों को एकजुट करने का आह्वान करते हुए कहा था कि ‘सर्वे प्रपत्तेरधिकारिणो मताः’ यानी सभी जन ईश्वर के चरणों में शरणागति के अधिकारी हैं। मत और सम्प्रदाय के आधार पर किसी को मत बांटो।

मुख्यमंत्री जी ने कहा कि जगद्गुरु रामानंदाचार्य जी ने अलग-अलग जाति के द्वादश शिष्य बनाए। इन शिष्यों में श्री अनन्ताचार्य जी महाराज, श्री कबीरदास जी महाराज, सतगुरु रविदास जी महाराज, सतगुरु पीपाजी महाराज, श्री सुरसरानन्द जी महाराज, स्वामी सुखानन्द जी महाराज, स्वामी नरहर्यानन्द जी महाराज, स्वामी भावानन्द जी महाराज, श्री धन्ना जी, श्री सेन जी, श्री गालवानन्द जी, श्री योगानन्द जी सम्मिलित हैं। इन सभी शिष्यों में समाज को जोड़ने का कार्य किया। रामानन्द परम्परा से निकली हुई अलग-अलग धाराएं आज भी समाज को जोड़ने का अद्भुत कार्य कर रही हैं। यह अद्भुत संयोग है कि यह शिष्य सगुण व निर्गुण दोनों उपासना विधियों से जुड़े हुए हैं।

मुख्यमंत्री जी ने कहा कि रविदासी परम्परा से जुड़े सन्त सात्विक भाव से कुटिया बनाकर तथा केवल कंठी धारण कर प्रभु की उपासना के लिए स्वयं को समर्पित करते हैं। कबीरदासी परम्परा से जुड़े सन्तों ने जगद्गुरु रामानंदाचार्य जी की परम्परा को मजबूती के साथ आगे बढ़ाया। जगद्गुरु रामानंदाचार्य जी ने कहा था कि ‘जाति-पांति पूछे नहिं कोई, हरि को भजे सो हरि का होई’। यह मंत्र समाज को जोड़ने वाला है। हमने सतुआ बाबा तथा अन्य सन्तों से कहा है कि दारागंज में जिस स्थल पर जगद्गुरु रामानंदाचार्य जी का प्राकट्य हुआ था वहां उनका स्मारक और मंदिर बनना चाहिए। प्रदेश सरकार इस कार्य में पूरा सहयोग करेगी।

उन्होने ने कहा कि प्रयागराज आज फिर उद्घोष कर रहा है कि जाति, मत और सम्प्रदाय के आधार पर विभाजन हमारे लिए उसी प्रकार से सर्वनाश का कारण बन जाएगा जैसे बांग्लादेश में देख रहे हैं। सेकुलरिज्म का ठेका लेने वाले लोग, जिनकी दुकानें सनातन धर्म को कमजोर करने की साजिश पर चलती है, बांग्लादेश की घटना पर उनके मुंह से एक भी शब्द नहीं निकल रहा है। कोई कैंडल मार्च नहीं निकाला जा रहा है। यह घटना हम सभी के लिए चेतावनी है।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि हमारा सन्त समाज, समाज को जोड़ने के लिए पूरी युक्ति करता है। जब सन्त समाज एक मंच पर आकर उद्घोष करता है तो उसके अच्छे परिणाम दिखायी देते हैं। उदाहरण के लिए अयोध्या में श्रीराम जन्मभूमि पर भव्य श्रीराम मंदिर का निर्माण पूज्य सन्तों की उसी साधना और एकता का परिणाम है, जिसे देश के यशस्वी प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी ने मूर्त रूप देकर भारत की परम्परा को गौरवान्वित किया है। अब तक देश में कई प्रधानमंत्री हुए सभी ने देश के विकास में अपना योगदान दिया। लेकिन भारत की मूल आत्मा हो सम्मान दिलाने का कार्य के केवल प्रधानमंत्री जी ने ही किया। मोदी जी पहले प्रधानमंत्री हैं जो श्रीराम जन्मभूमि में दर्शन करने गए थे। वह श्रीराम मंदिर के शिलान्यास तथा श्रीरामलला के प्राण प्रतिष्ठा समारोह में सम्मिलित हुए। प्रधानमंत्री जी सनातन धर्म की ध्वजा पताका के मंदिर शिखर पर आरोहण के समारोह में स्वयं भागीदार बने।
मुख्यमंत्री जी ने कहा प्रधानमंत्री जी ने नमामि गंगे परियोजना के माध्यम से माँ गंगा के प्रति अपनी कृतज्ञता ज्ञापित करते हुए उन्हें स्वच्छ व निर्मल बनाने का कार्य किया है। इस अवसर पर जलशक्ति मंत्री स्वतंत्र देव सिंह, औद्योगिक विकास मंत्री नन्द गोपाल गुप्ता ‘नंदी’, पूज्य जगद्गुरु रामानुजाचार्य स्वामी राघवाचार्य जी महाराज, जगद्गुरु विदेहवल्लभ देवाचार्य, पूज्य जगद्गुरु विष्णुस्वामी सम्प्रदायाचार्य, स्वामी सन्तोषाचार्य (सतुआ बाबा) जी महाराज, परमार्थ निकेतन के परमाध्यक्ष पूज्य स्वामी चिदानंद सरस्वती जी महाराज, दिगम्बर अखाड़ा के श्री महंत श्री वैष्णोदास जी महाराज, निर्मोही अखाड़ा के श्री महंत राजेंद्रदास जी महाराज, महंत मोहनदास जी महाराज, महामण्डलेश्वर जनार्दन दास जी महाराज, बाघम्बरी पीठ के पीठाधीश्वर श्री महंत बलवीर गिरी जी महाराज, बड़ा भक्तमाल अयोध्या के पूज्य महंत श्री अवधेश दास जी महाराज, रसिक पीठ के श्री महंत जन्मेजय शरण जी महाराज सहित अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे।

 

January 8, 2026

अंकिता भंडारी के माता पिता से मिले सीएम धामी

उत्तराखंड की बेटी अंकिता भंडारी

देहरादून, 07 जनवरी 2026, मुख्य मंत्री पुष्कर सिंह धामी ने आज अंकिता भंडारी के पिता वीरेंद्र भंडारी और माता से भेंट की। भेंट में धामी ने अंकिता मामले में उनकी इच्छा पूछी और भरोसा दिलाया कि वे जो चाहते हैं, वहीं होगा। जानकारी के अनुसार परिजनों ने सीबीआई जांच की मांग की है।

इस भेंट के बाद यह अनुमान लगाया जा रहा है कि सीएम इस प्रकरण पर सीबीआई को सौंपने के लिए विधिक राय ले सकते हैं। क्योंकि मामला अदालत में है। इसलिए सरकार के लिए यह जरूरी है कि वह कानूनी प्रक्रिया के अनुरूप ही फैसला ले। क्या निचली अदालत से दोषसिद्ध होने के बाद भी सीबीआई जांच कराई जा सकती है। इन पहलुओं पर विचार के बाद ही कोई फैसला संभव होगा।

ज्ञातव्य है कि मंगलवार को पत्रकार वार्ता में सीएम ने कहा थी कि वे अंकिता के माता पिता से मिलकर उनकी इच्छा के अनुरूप ही फैसला लेंगे।

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