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कार की डिक्की तोड़कर पुलिस ने महिला को बचाया

January 20, 2026

कार की डिक्की तोड़कर पुलिस ने महिला को बचाया

अपहरण सहित हर एंगल से जांच आरोपियों का खंगाला जा रहा आपराधिक इतिहास

सिकंदरपुर (बलिया), थाना क्षेत्र के बिच्छीबोझ नहर के समीप सोमवार–मंगलवार की रात पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए एक बड़ी सफलता हासिल की। पुलिस ने एक कार की डिक्की तोड़कर उसमें बंद 55 वर्षीय महिला को सुरक्षित बाहर निकाला। महिला की हालत उस समय अत्यंत भयभीत और दयनीय थी।

जानकारी के अनुसार थाना क्षेत्र के उचराव गांव निवासी नीतीश राम सोमवार की रात करीब दो बजे सिकंदरपुर थाने पहुंचे और पुलिस को सूचना दी कि उनकी बुआ का फोन उनके मोबाइल पर आया है, जिसमें उन्होंने बताया कि वह किसी गाड़ी में बंद हैं और अज्ञात स्थान पर रखी गई हैं। सूचना मिलते ही पुलिस सक्रिय हुई और मोबाइल लोकेशन के आधार पर महिला के संभावित स्थान का पता लगाया। पुलिस टीम जब बताए गए स्थान बिच्छीबोझ नहर के पास पहुंची तो वहां एक कार खड़ी मिली, जिसके आसपास कोई मौजूद नहीं था। इसी दौरान कार की डिक्की से महिला की आवाज सुनाई दी। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए पुलिसकर्मियों ने तत्काल प्रभारी थाना अध्यक्ष चंद्रशेखर यादव को सूचना दी। उनके निर्देश पर एएसआई राम सकल यादव के नेतृत्व में सेकंड मोबाइल टीम मौके पर भेजी गई। काफी प्रयास के बावजूद कार की डिक्की नहीं खुल सकी, जिसके बाद रात में ही एक मिस्त्री को बुलाकर डिक्की तुड़वाई गई। डिक्की खुलते ही अंदर से एक महिला रोती हुई और अत्यंत घबराई हुई अवस्था में मिली। पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए महिला को तत्काल सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र सिकंदरपुर पहुंचाया, जहां उसका उपचार कराया गया।

पुलिस ने रात में ही कार मालिक को हिरासत में ले लिया। पूछताछ में कार मालिक ने बताया कि एक युवक उसकी गाड़ी धुलवाने के बहाने लेकर गया था, जो पेशे से बस चालक है। उसकी निशानदेही पर पुलिस ने बस मालिक को भी हिरासत में लिया है, हालांकि मुख्य आरोपी व बाइक सवार दोनों युवक अभी भी पुलिस की पकड़ से बाहर है।

पीड़ित महिला ने पुलिस को बताया कि वह ऊंचवार में अपनी मां की तबीयत खराब होने की सूचना पर उनसे मिलने गई थी। वहां से उसी दिन पैदल घर लौटते समय बाइक सवार दो युवकों ने उसे रोका और छोड़ने की बात कही। आगे ले जाकर आरोपियों ने उसे कुछ सुंघा दिया, जिसके बाद उसे कुछ भी याद नहीं है। होश आने पर उसने खुद को कार की डिक्की में बंद पाया। किसी तरह अपने छोटे मोबाइल से उसने भतीजे नीतीश को फोन कर मदद मांगी।

इस संबंध में प्रभारी थाना अध्यक्ष चंद्रशेखर यादव ने बताया कि सूचना मिलते ही पुलिस ने त्वरित कार्रवाई कर महिला को सुरक्षित मुक्त कराया। पूरे मामले की अपहरण सहित हर एंगल से गहन जांच की जा रही है। कार मालिक सलमान खान व बस मालिक तौफीक खान उर्फ भूवर को हिरासत में लेकर पूछताछ किया जा रहा है आरोपियों के आपराधिक इतिहास खंगाले जा रहे हैं और विधिक कार्रवाई की जा रही है।

लोक सभा अध्यक्ष बिरला ने विधायी संस्थाओं के कार्यप्रणाली में गुणवत्ता के मानक स्थापित करने पर ज़ोर दिया 

86वें अखिल भारतीय पीठासीन अधिकारी सम्मेलन (AIPOC) के दूसरे दिन एजेंडा विषयों पर व्यापक चर्चा

AIPOC LUCKNOW

ओम बिरला ने विधायी संस्थाओं के कार्यप्रणाली में गुणवत्ता के मानक स्थापित करने पर पुनः ज़ोर दिया

पारदर्शी, प्रभावी एवं नागरिक-केंद्रित विधायी प्रक्रियाओं के लिए प्रौद्योगिकी का उपयोग, विधायकों की क्षमता निर्माण तथा जनता के प्रति विधायिका की जवाबदेही पर विचार-मंथन

लखनऊ; 20 जनवरी, 2026:  86वें अखिल भारतीय पीठासीन अधिकारी सम्मेलन (AIPOC) का दूसरा दिन तीन प्रमुख विषयों पर विचार-विमर्श के साथ संपन्न हुआ । सम्मेलन में  पारदर्शी, कुशल एवं नागरिक-केंद्रित विधायी प्रक्रियाओं हेतु प्रौद्योगिकी का उपयोग, विधायकों की क्षमता-वृद्धि द्वारा कार्यकुशलता में सुधार एवं लोकतांत्रिक शासन को सुदृढ़ करना; तथा जनता के प्रति विधायिकाओं की जवाबदेही के लिए जिम्मेदारी पर बल दिया गया।

इन पूर्ण सत्रीय विचार-विमर्शों में लोक सभा के  अध्यक्ष  ओम बिरला उपस्थित रहे। राज्य सभा के उपसभापति हरिवंश ने चर्चा का संचालन किया। सभा को संबोधित करते हुए  लोक सभा अध्यक्ष श्री  बिरला ने देश भर की विधायिकाओं में अपनाई जा रही सर्वोत्तम प्रक्रियाओं को उत्तर प्रदेश विधान सभा की कार्यप्रणाली में समाहित करने के लिए उत्तर प्रदेश विधानसभा के अध्यक्ष सतीश महाना के प्रयासों की प्रशंसा की। श्री बिरला ने विधायकों की शैक्षणिक योग्यताओं एवं पेशेवर अनुभवों को पहचानकर उनका रचनात्मक उपयोग करने की श्री महाना की पहल की भी सराहना की।

पूर्ववर्ती AIPOC सम्मेलनों के प्रमुख विमर्शों को स्मरण करते हुए श्री बिरला ने उत्कृष्टता, नवाचार तथा प्रौद्योगिकी के उपयोग जैसे मानकों पर राज्य विधायिकाओं के बीच स्वस्थ प्रतिस्पर्धा की आवश्यकता पर बल दिया। इस संदर्भ में देहरादून में 2019 में आयोजित AIPOC में हुई चर्चाओं का उल्लेख करते हुए उन्होंने राज्य विधायिकाओं की कार्यकुशलता एवं कार्यप्रणाली में सुधार पर अपने दीर्घकालिक दृष्टिकोण को दोहराया। उन्होंने बताया कि इस दिशा में एक समिति का गठन किया गया है, जो भारत में विधायी निकायों की प्रक्रियाओं एवं प्रथाओं के मानकीकरण से संबंधित मुद्दों पर विचार कर रही है।

राज्य सभा के उपसभापति हरिवंश ने विधान मंडलों की कार्यकुशलता में वृद्धि करने में कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) की भूमिका पर बल दिया, साथ ही इस तकनीक को उपयुक्त एवं विश्वसनीय बनाने के लिए अपेक्षित विभिन्न कदमों का भी उल्लेख किया। संसद में एआई के व्यावहारिक उपयोग एवं इसके क्रियान्वयन के विभिन्न तरीकों को रेखांकित करते हुए, उन्होंने संसद और राज्य विधान मंडलों के बीच अधिक समन्वय किये जाने की आवश्यकता पर बल दिया, जिससे विधान मंडलों के संस्थागत ज्ञान का उपयोग संसद तथा राज्य विधान सभाओं, दोनों के द्वारा प्रभावी रूप से किया जा सके।

 

उच्च शिक्षा में भारतीय ज्ञान परंपरा को पुनः स्थापित करना समय की आवश्यकता हैः प्रो. नचिकेता तिवारी

हिन्दुत्व की शाश्वत प्रासंगिकता” विषय पर एक दिवसीय राष्ट्रीय सम्मेलन संपन्न

(World Association of Hindu Academicians – WAHA

वर्ल्ड एसोसिएशन आफ हिन्दू एकेडमिशियन्स का सम्मेलन सम्पन्न

लखनऊ, 20 जनवरी 2026, विश्व हिन्दू परिषद के आयाम विश्व हिन्दू अकादमिक संगठन (World Association of Hindu Academicians – WAHA) द्वारा लखनऊ विश्वविद्यालय के सहयोग से “The Eternal Relevance of Hindutva: Reviving Cultural Consciousness and Transformation” विषय पर एक दिवसीय राष्ट्रीय सम्मेलन का आयोजन 20 जनवरी 2026 को लखनऊ विश्वविद्यालय के मालवीय सभागार में सफलतापूर्वक संपन्न हुआ जिसमें सैकड़ों प्राध्यापक एवं शिक्षाविद् शामिल हुए । दीप प्रज्वलन, पुष्पांजलि एवं वंदे मातरम् के सामूहिक गायन के साथ कार्यक्रम का औपचारिक आरंभ किया गया।

WAHA के राष्ट्रीय समन्वयक प्रो. नचिकेता तिवारी ने संगठन की भूमिका स्पष्ट करते हुए कहा कि “गुरुकुल परंपरा में ज्ञान और संस्कार साथ-साथ दिए जाते थे; आज उच्च शिक्षा में भारतीय ज्ञान परंपरा को पुनः स्थापित करना समय की आवश्यकता है।” उन्होंने विश्वविद्यालयों में भारतीय दर्शन आधारित शोध को प्रोत्साहित करने के उदाहरण प्रस्तुत किए।

विशिष्ट अतिथि गजेन्द्र, जोनल ऑर्गनाइजिंग सेक्रेटरी, लखनऊ जोन, विश्व हिन्दू परिषद ने कहा कि “योग, संस्कृत और भारतीय पर्वों के प्रति युवाओं की बढ़ती रुचि यह प्रमाण है कि सांस्कृतिक चेतना स्वतः समाज में पुनर्जीवित हो रही है।” मुख्य वक्ता प्रो. संजीव कुमार शर्मा, पूर्व कुलपति, महात्मा गांधी केंद्रीय विश्वविद्यालय, मोतिहारी अपने विचार रखते हुए कहा कि भारतीय जीवन-दृष्टि सत्य, अहिंसा, करुणा और कर्तव्यबोध जैसे मूल्यों पर आधारित है। उन्होंने उदाहरण देते हुए बताया कि वसुधैव कुटुम्बकम् और सर्वे भवन्तु सुखिनः जैसे विचार आज के सामाजिक और वैश्विक संकटों के समाधान का मार्ग दिखाते हैं। उन्होंने कहा कि हिन्दू मूल्य समाज में सह-अस्तित्व, नैतिकता और समरसता को सुदृढ़ करते हैं।

मुख्य अतिथि उत्तर प्रदेश सरकार के पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह ने काशी, अयोध्या और मथुरा के सांस्कृतिक पुनरुद्धार का उदाहरण देते हुए कहा कि “सांस्कृतिक धरोहरों के संरक्षण से न केवल आस्था, बल्कि स्थानीय अर्थव्यवस्था और रोजगार को भी बल मिला है।” अध्यक्षीय उद्बोधन में लखनऊ विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. जय प्रकाश सैनी ने नई शिक्षा नीति में भारतीय भाषाओं और ज्ञान परंपरा को शामिल किए जाने को हिन्दुत्व की समावेशी भावना का आधुनिक उदाहरण बताया। अपराह्न द्वितीय सत्र में विशिष्ट अतिथि प्रो. (डॉ.) विक्रम सिंह, CMS, डॉ. राम मनोहर लोहिया आयुर्विज्ञान संस्थान ने कहा कि “योग और प्राणायाम जैसी भारतीय चिकित्सा परंपराओं ने कोविड काल में रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।”

द्वितीय सत्र में मुख्य वक्ता पद्मश्री रमेश पतंगे ने सामाजिक समरसता पर अपने विचार रखते हुए कहा कि भारतीय समाज की शक्ति उसकी विविधता में निहित एकता है। उन्होंने उदाहरण देते हुए बताया कि परिवार, सेवा-भाव और सांस्कृतिक परंपराएँ समाज को जोड़ने का कार्य करती हैं। उन्होंने कहा कि आपसी सहयोग, संवाद और समान दायित्व की भावना से ही सामाजिक समरसता सुदृढ़ होती है, जो राष्ट्र निर्माण की आधारशिला है। सत्र की अध्यक्षता प्रो. संजय सिंह, कुलपति, डॉ. शकुन्तला मिश्रा राष्ट्रीय पुनर्वास विश्वविद्यालय ने की और दिव्यांग पुनर्वास को हिन्दुत्व की करुणा और मानवीय गरिमा की परंपरा से जोड़ा।

समापन सत्र (Valedictory Session) में विशेष वक्ता प्रो. नचिकेता तिवारी ने सम्मेलन के निष्कर्ष प्रस्तुत करते हुए कहा कि “हिन्दुत्व जीवन को संतुलन, सहअस्तित्व और कर्तव्यबोध की दिशा देता है।” मुख्य वक्ता डॉ. निखिल वलिम्बे ने सम्मेलन के समापन सत्र में मुख्य वक्ता डॉ. निखिल वालिम्बे ने इस्लाम और उसके सामाजिक प्रभावों पर विचार रखते हुए कहा कि किसी भी धर्म का प्रभाव उसकी ऐतिहासिक व्याख्याओं और सामाजिक प्रयोगों से जुड़ा होता है। उन्होंने कहा कि विभिन्न कालखंडों में इस्लाम का प्रभाव कहीं सांस्कृतिक समन्वय के रूप में तो कहीं कठोर धार्मिक दृष्टिकोण के कारण सामाजिक चुनौतियों के रूप में सामने आया। उन्होंने जोर देकर कहा कि भारत जैसी बहुलतावादी संस्कृति में संवाद, सह-अस्तित्व और विवेक आधारित दृष्टि ही सामाजिक संतुलन बनाए रख सकती है तथा हिन्दुत्व की समावेशी सोच इसी भावना को सशक्त करती है।

अध्यक्षीय संबोधन में प्रो. आर. के. मित्तल, कुलपति, बाबा साहेब भीमराव अंबेडकर विश्वविद्यालय ने सामाजिक समरसता और संवैधानिक मूल्यों के साथ भारतीय संस्कृति के सहअस्तित्व को रेखांकित किया। कार्यक्रम के अंत में प्रान्त संगठन मंत्री विजय द्वारा धन्यवाद ज्ञापन प्रस्तुत किया गया। उन्होंने सभी अतिथियों, वक्ताओं, लखनऊ विश्वविद्यालय प्रशासन, WAHA के पदाधिकारियों, आयोजक समिति, शोधार्थियों, विद्यार्थियों एवं मीडिया प्रतिनिधियों के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि “यह सम्मेलन केवल एक अकादमिक आयोजन नहीं, बल्कि सांस्कृतिक पुनर्जागरण की साझा यात्रा है।”

उप्र दिवस प्रदेश की विकास यात्रा और गौरवशाली सांस्कृतिक विरासत का उत्सव -जयवीर सिंह

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उत्तर प्रदेश दिवस

उप्र दिवस-2026 के अवसर पर प्रदेश के विभिन्न जनपदों से पधारे प्रसिद्ध कलाकारों द्वारा प्रदेश की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत, लोक परम्पराओं, कला, पर्यटन, नवाचार एवं विकास यात्रा को प्रस्तुत किया जायेगा

लखनऊ: 20 जनवरी, 2026, उत्तर प्रदेश के पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह ने बताया कि उत्तर प्रदेश दिवस-2026 के दौरान प्रदेश के विभिन्न जनपदों से पधारे जाने माने कलाकारों द्वारा गायन, शास्त्रीय एवं लोक नृत्य, नाटक, भजन, सुगम संगीत, जनजातीय नृत्य, समकालीन प्रस्तुतियों का भव्य मंचन किया जाएगा। उत्तर प्रदेश दिवस-2026 के अवसर पर प्रस्तुत होने वाली सांस्कृतिक विधाएँ प्रदेश की समृद्ध लोक, शास्त्रीय एवं समकालीन परंपराओं का समग्र प्रतिनिधित्व करती हैं। इस प्रकार विविध सांस्कृतिक विधाओं की यह श्रृंखला उत्तर प्रदेश की जीवंत, बहुरंगी और समावेशी सांस्कृतिक पहचान को सशक्त रूप से अभिव्यक्त करेगी।
पर्यटन मंत्री ने बताया कि उत्तर प्रदेश दिवस-2026 के सांस्कृतिक कार्यक्रमों में आधुनिकता और परंपरा का सशक्त समन्वय देखने को मिलेगा। समकालीन संगीत की वैश्विक पहचान बन चुका इण्डियन ओसेन बैंड (Kandisa Music Productions Private Limited) अपनी ऊर्जावान बैंड प्रस्तुति के माध्यम से युवा वर्ग को विशेष रूप से आकर्षित करेगा। वहीं आध्यात्मिक और भावनात्मक संगीत की धारा को सुदृढ़ करते हुए श्री अमित प्रकाश मिश्रा एवं सुश्री प्रतिभा सिंह बघेल द्वारा भजन एवं सुगम संगीत की भावपूर्ण प्रस्तुतियाँ दी जाएँगी। शास्त्रीय नृत्य की परंपरा को सशक्त मंच प्रदान करते हुए भातखंडे संस्कृति विश्वविद्यालय द्वारा कथक, भरतनाट्यम एवं ओडिसी नृत्य की सुसंस्कृत एवं गरिमामयी संयुक्त प्रस्तुतियाँ होंगी, जो भारतीय शास्त्रीय नृत्य की विविधता, सौंदर्य और अनुशासन का जीवंत प्रदर्शन करेंगी। ये प्रमुख प्रस्तुतियाँ उत्तर प्रदेश दिवस-2026 को सांस्कृतिक दृष्टि से स्मरणीय और प्रभावशाली बनाएँगी।
श्री सिंह ने बताया कि आयोजन के दौरान एक जनपद-एक उत्पाद (ODOP), हस्तशिल्प, GI टैग उत्पाद, पर्यटन स्थलों, मिशन शक्ति, औद्योगिक एवं अधोसंरचना विकास, तथा विकसित भारत-विकसित उत्तर प्रदेश विषयक प्रदर्शनियाँ लगाई जाएंगी। मुख्य समारोह में उत्तर प्रदेश गौरव सम्मान, उत्कृष्ट उद्यमियों, महिला शक्ति, युवाओं, चिकित्सकों, वैज्ञानिकों एवं विभिन्न क्षेत्रों में उल्लेखनीय योगदान देने वाले व्यक्तियों का सम्मान किया जाएगा वर्ष 2026 में “वंदे मातरम” के 150 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में विशेष सांस्कृतिक प्रस्तुतियाँ, चित्रकला कार्यशालाएँ, संगीत-वादन, ओपन माइक, नाटक, कठपुतली, क्विज, रंगोली, पाक कला प्रतियोगिता, पतंगबाजी एवं युवा-जनसहभागिता आधारित कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।
पर्यटन मंत्री ने बताया कि पर्यटन विभाग द्वारा प्रदेश के प्रमुख पर्यटन स्थलों पर आधारित भव्य प्रदर्शनी तथा उत्तर प्रदेश पारंपरिक व्यंजन मेला आयोजित किया जाएगा। इसके साथ ही विदेशों में स्थित भारतीय दूतावासों के सहयोग से भी उत्तर प्रदेश दिवस-2026 का आयोजन किया जायेगा। मुख्यमंत्री जी की प्रेरणा एवं कुशल मार्गदर्शन में तीन दिवसीय उत्सव के दौरान उ0प्र0 की विकास यात्रा से लेकर सांस्कृतिक धरोहरों पर आधारित विविध कार्यक्रम आयोजित किये जायेगे। यह आयोजन प्रदेश को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर एक सशक्त, समृद्ध एवं सांस्कृतिक रूप से अग्रणी राज्य के रूप में स्थापित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम सिद्ध होगा।

एटा में चार नृशंस कत्ल करने वाला सीसीटीवी में दिखा एक करीबी शख्स

एटा 20 जनवरी उप्रससे। कोतवाली नगर क्षेत्र के गांव नगला प्रेमी में सोमवार दोपहर एक ही परिवार के चार लोगों की बेरहमी से हत्या कर दी गई। अपराधी का मकसद किसी तरह की चोरी या लूट करना नहीं था, हत्या करने के इरादे से ही वह आया था। वारदात के समय आसपास रहने वाले लोगों को भी भनक नहीं लगी।

एटा जिले में एक परिवार के चार लोगों की नृसंशता से कत्ल कर दिया गया। ईंट से चारों का चेहरा और सिर कुचला गया। मृतकों की पहचान करना भी मुश्किल हो रही थी। वारदात का खुलासा उस समय हुआ, जब स्कूल से मासूम घर पहुंचा तो उसने हर तरफ खून ही खून देखा।
एटा के सुनहरी नगर स्थित कलावती सरस्वती शिशु मंदिर स्कूल कक्षा पांच में पढ़ने वाले 12 वर्षीय देवांश ने घर के भीतर ऐसा भयावह नजारा देखा कि रूह कांप गई। स्कूल से छुट्टी के बाद वह हंसी-खुशी घर लौटा। दरवाजा खोलकर जैसे ही अंदर घुसा तो उसकी चीख निकल गई।
सोमवार की सुबह सामान्य दिनों की तरह ही स्कूल गया। वहां पढ़ाई पूरी करने के बाद दोपहर 2 बजे छुट्टी हुई और सीधे अपने घर पर आया। देवांश ने बताया कि गेट खोलकर अंदर पहुंचा बाबा नीचे कमरे में लेटे थे। अम्मा, दीदी, और मम्मी को आवाज लगाई तो कोई जवाब नहीं मिला। ऊपर कमरे का पंखा चलने की आवाज आ रही थी, जो घर्र-घर्र करता है। सोचा कि इतनी ठंड में पंखा कौन चला रहा है? देखने के लिए ऊपर चढ़ा तो वहां कमरे का नजारा देखकर चीख निकल गई।

देवांश ने बताया कि अम्मा और दीदी नीचे लेटी थीं और मम्मी बेड पर लेटी थीं, खून से लथपथ थीं। पूरे कमरे में खून फैला हुआ था। सभी को ईंट से मारा गया। बाबा के बारे में पूछे जाने पर देवांश कुछ नहीं बता सका, उसे पता नहीं था कि बाबा की भी हत्या की गई है। इसके बाद वह बदहवास हालत में बाहर आया और ठीक सामने रहने वाले जसवीर सिंह के घर में गया। जसवीर सिंह ने बताया कि वह जसराना गए थे। पत्नी अनीता को देवांश ने पूरा मामला बताया।
जसवीर ने बताया कि अनीता का फोन आने पर उन्होंने देवांश के पिता कमल सिंह को तीन बार फोन मिलाया लेकिन कॉल रिसीव नहीं हुई। इतनी बड़ी वारदात के बारे में सुनकर वहां से निकल पड़े। यहां पहुंचे तो भीड़, पुलिस और दुख भरा सन्नाटा मिला।

देवांश ने बताया कि बाबा बीमार रहते थे, दादी भी बुजुर्ग थीं। हम बच्चों का आना-जाना रहता था इसलिए मेन गेट का छोटा वाला हिस्सा हमेशा खुला रहता था। इसे बाहर से हम लोग कुंडी लगाकर चले जाते थे और वापस आने पर खुद कुंडी खोलकर घर में अंदर आ जाते थे।

चार लोगों की हत्या की सूचना गंगा सिंह की पौत्री नातिन लक्ष्मी को दी गई जो सुनहरी नगर गेट के सामने पिता कमल सिंह के मेडिकल स्टोर पर बैठी थी। लक्ष्मी ने बताया कि पिता कमल सिंह करीब 12.30 बजे मेडिकल स्टोर से खाना खाने के लिए घर गए थे। इसके बाद किसी कार्य से मंडी की ओर चले गए। मेडिकल स्टोर पर उस समय वह बैठी हुई थी। फोन पर सूचना मिलने के बाद पिता यहां पहुंचे।

एटा के गांव नगला प्रेमी में सोमवार दोपहर एक ही परिवार के चार लोगों की बेरहमी से हत्या कर दी गई। मृतकों में वृद्ध दंपती गंगा सिंह शाक्य (70) व श्यामा देवी (65), पुत्रवधू रत्ना देवी (48) और पौत्री ज्योति (22) शामिल हैं। हत्या के समय यही चारों लोग घर में मौजूद थे। हत्यारे ने घर में घुसने के बाद ईंट से सभी के सिर-चेहरे पर वार कर वारदात को अंजाम दिया। पुलिस जांच में जुटी है।

बेटा के स्कूल से लौटने पर हुआ हत्याकांड का खुलासा

कोतवाली नगर क्षेत्र में शिकोहाबाद रोड स्थित गांव नगला प्रेमी में हुए इस हत्याकांड का खुलासा तब हुआ जब गंगा सिंह शाक्य का 12 वर्षीय नाती देवांश स्कूल से घर लौटा। उसी ने सबसे पहले मृत परिजन को देखा। घर में भूमि तल पर गंगा सिंह और पहली मंजिल पर श्यामा देवी, मां रत्ना देवी और ज्योति को खून से लथपथ देख उसकी चीख निकल गई।

 

चार लोगों की हत्या से क्षेत्र में फैली सनसनी

वह भागकर घर के बाहर आया और लोगों को जानकारी दी। गांव में चार लोगों की हत्या की खबर से सनसनी फैल गई। मामले की सूचना गंगा सिंह की पौत्री नातिन लक्ष्मी को दी गई जो सुनहरी नगर गेट के सामने पिता कमल सिंह के मेडिकल स्टोर पर बैठी थी।
सूचना पाकर अपर पुलिस अधीक्षक श्वेताभ पांडेय भी मौके पर पहुंचे। मौके पर गंगा सिंह, रत्ना देवी और ज्योति मृत हालत में मिले जबकि श्यामा देवी को गंभीर हालत में मेडिकल कॉलेज की इमरजेंसी में भर्ती करवाया गया, जहां उपचार के दौरान उनकी भी मौत हो गई। घटना के बाद एडीजी आगरा अनुपम कुलश्रेष्ठ, डीआईजी अलीगढ़ प्रभाकर चौधरी, एसएसपी श्याम नारायण सिंह भी मौके पर पहुंच गए।

हत्या करने में किसी करीबी का हाथ होने की जतायी जा रही आशंका

वारदात के दौरान घर के किसी भी सामान से कोई छेड़छाड़ नहीं हुई। अपराधी का मकसद किसी तरह की चोरी या लूट करना नहीं था, हत्या करने के इरादे से ही वह आया था। वारदात के समय आसपास रहने वाले लोगों को भी भनक नहीं लगी।
ऐसे में आशंका जताई जा रही है कि घटना में किसी करीबी का हाथ हो सकता है। पुलिस जांच में भी जो तथ्य सामने आए हैं उसमें भी इस तरह के सबूत पाए गए हैं। पुलिस के अनुसार वह खुलासे के काफी करीब तक पहुंच गई है। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, सीसीटीवी में घर में सिर्फ दवा कारोबारी ही प्रवेश करता दिख रहा है। इसके अलावा कोई और नहीं आया।

वर्जन
अनुपम कुलश्रेष्ठ एडीजी आगरा ने बताया कि चार लोगों की हत्या के मामले में गहनता से छानबीन की जा रही है। फॉरेंसिक टीम और डॉग स्क्वॉड ने काफी साक्ष्य जुटा लिए हैं। आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज से जांच काफी सही तरीके से आगे बढ़ रही है। घटना से जुड़े कई महत्वपूर्ण तथ्य मिले हैं। जल्द ही मामले का खुलासा कर दिया जाएगा।

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