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आशुतोष राणा ने दीप प्रज्ज्वलित कर किया शुभारम्भ
मुरादाबाद, 22 जनवरी 2026 (उ.प्र.समाचार सेवा)। बहुप्रतीक्षित, बहुआयामी सांस्कृतिक महोत्सव का शुभारम्भ आज अपरान्ह मण्डल के जनप्रतिनिधियों, राष्ट्रीय ख्याति के रंगमंचीय, सिने जगत और अधिकारियों की उपस्थिति में हुआ। बसंत पंचमी की पूर्व संध्या से आरम्भ हुआ साहित्योत्सव उदीषा चौपाला उत्तर प्रदेश दिवस और गणतंत्र दिवस के गौरव को समेटे हुए है। चार दिवसीय महोत्सव में जहां विविध सांस्कृतिक आयामों का आगाज होगा, वहीं विविध क्षेत्रों की प्रतिभाओं का मुरादाबाद के इस साहित्य मंच पर आगमन हो रहा है।

उदीषा साहित्यात्सव के उदघाटन समारोह में दीप प्रज्ज्वलित करते हुए मंडलायुक्त मुरादाबाद आंजनेय कुमार सिंह
दिल्ली मार्ग स्थित बुद्धि बिहार के गांधी मैदान में आयोजित हो रहे उदीषा चौपाला का विधिवत उद्घाटन अपरान्ह 2 बजे फिल्म जगत की पहचान आशुतोष राणा ने किया। इस अवसर पर विधान परिषद् सदस्य डा. जय पाल सिंह व्यस्त एवं सत्यपाल सिंह सैनी विधायक रितेश गुप्ता एवं रामवीर सिंह, महापौर विनोद अग्रवाल, जिला पंचायत अध्यक्ष डा. शैफाली चौहान, मंडलायुक्त आंजनेय कुमार सिंह, पुलिस उपमहानिरीक्षक मुनिराज, स्वामी कैलाशानन्द जी महाराज, जिलाधिकारी अनुज सिंह, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक सत्यपाल अंतिल, कुलपति गुरु जम्भेश्वर विश्वविद्यालय प्रो.सचिन माहेश्वरी, नगर आयुक्त दिव्यांशु पटेल, मुरादाबाद विकास प्राधिकरण के उपाध्यक्ष अनुभव सिंह, गुरुकुल चोटीपुरा की प्रमुख डा. सुमेधा, बाल आयोग के पूर्व अध्यक्ष डा. विशेष गुप्ता समेत नगर के अनेक गणमान्य व्यक्ति, साहित्यकार, रंगमंच कलाकर और उद्यमी उपस्थित थे।

मुरादाबाद में उदीषा चौपाला के मंच पर विधान परिषद् सदस्य डा जय पाल सिंह व्यस्त, मेयर विनोद अग्रवाल और मंडलायुक्त आंजनेय कुमार सिंह का स्वागत
उदीषा में क्या है खास
उदीषा साहित्योत्सव विविध आयामी है। इसके कई मंच होंगे। इनमें साहित्य मंच पर मुरादाबाद मंडल के साहित्य और लेखन की चर्चा होगी, तो पुस्तक मेले में ख्यातिनाम साहित्यकारों, लेखकों की पुस्तकें प्रमुख प्रकाशकों के स्टाल पर मिलेंगीं। रंगमंच में भारत की विलक्षण कलाओं, गायन, मंचन से लेकर सांस्कृतिक नृत्य की प्रस्तुति होगी। इसमें खासतौर से पारसी नाटक की विधा से दर्शक एक बार परिचित होंगें तो शास्त्रीय संगीत और नृत्य के साथ ओडिसी, कथक जैसी प्रस्तुतियां भी यहां मिलेंगी। मुरादाबाद की रामलीला शैली को उदीषा के मंच पर सजीव मंचन के रूप मे देखा जा सकेगा। बरेली के राधेश्याम कथावाचक की नाटक और गायन शैली को यहां एक बार फिर जीवंत किया जाएगा।
वंदे मातरम के 150 वर्ष के उपलक्ष्य में राष्ट्रीय भावना को प्रदर्शित करती थीम पर राष्ट्र भक्ति की अनुभूति आगंतुकों को होगी।
कार्यक्रम में उपस्थित पालिकाध्यक्ष स्वेता दिवाकर व अन्य जनप्रतिनिधि
एटा 20 जनवरी उप्रससे। कोतवाली नगर क्षेत्र में दवा कारोबारी बेटा ही अपने मां-बाप, पत्नी और बेटी का कातिल निकला है। पुलिस ने मंगलवार को 24 घंटे के भीतर हत्याकांड का खुलासा कर दिया।
अलीगढ़ रेंज के DIG प्रभाकर चौधरी ने बताया- कमल सिंह शाक्य ने ही पिता, मां, पत्नी और छोटी बेटी की बेरहमी से हत्या की थी। बेटी की शादी अगले महीने 11 फरवरी को तय थी। शादी चंडीगढ़ में अनुराग सक्सेना से होनी थी। शादी के लिए चार लाख का इंतजाम नहीं हो पा रहा था। पत्नी कमल सिंह को ताना मारती थी। इसी बात को लेकर सोमवार दोपहर कमल का पत्नी से झगड़ा हुआ था। गुस्से में उसने पहले पत्नी की हत्या की। बाद में माता-पिता और बड़ी बेटी को भी मार दिया। कमल खुद को भी खत्म करना चाहता था।
हत्याकांड का खुलासा करते हुए डीआईजी अलीगढ़ प्रभाकर चौधरी ने पुलिस लाइन में अहम 4 बातें बताईं-
1- कमल सिंह ने पिता डॉ. गंगा सिंह शाक्य, मां श्यामा देवी, पत्नी रत्ना देवी और बेटी ज्योति की ईंट से कुचल कर हत्या की थी।
2-बेटी ज्योति शाक्य का चंडीगढ़ में नौकरी करने वाले अनुराग सक्सेना से अफेयर था। वह इंटरकास्ट मैरिज करना चाहती थी।
3- कमल इंटरकास्ट मैरिज के लिए तैयार था। 11 फरवरी को शादी होनी थी। लेकिन कमल 4 लाख रुपए जुटा नहीं पा रहा था।
4- पत्नी रत्ना उसे 4 लाख रुपए जुटा न पाने के लिए ताना मारती थी। झगड़े में वह आपा खो बैठा और हत्याएं कर दीं।
CCTV फुटेज से खुला राज
कमल सिंह शाक्य सोमवार दोपहर खाना खाने घर आया था। CCTV फुटेज के अनुसार, दिन के 12.40 पर आरोपी कमल सिंह शाक्य घर में गया और 1.55 पर घर से बाहर निकला। इसी बीच आरोपी ने हत्या को अंजाम दिया। पहले पत्नी, फिर बेटी, फिर मां और आखिर में पिता को मारा। पिता को सबूत छिपाने के लिए मारा। परिवार के मुखिया गंगा सिंह पिछले दो वर्षों से कैंसर से जूझ रहे थे और उनका इलाज चल रहा था।
डीआईजी ने बताया- CCTV, CDR, मेडिकल रिपोर्ट और वैज्ञानिक साक्ष्य के आधार पर कमल सिंह की गिरफ्तारी हुई है। उन्होंने कहा कि इसमें 80 फीसदी साक्ष्य साइंटिफिक एवीडेंस के थे। हत्या के बाद आरोपी कमल सिंह ने घर में खून के छींटे धोए और मेडिकल स्टोर पर चला गया। आरोपी खुद को भी खत्म करना चाह रहा था, लेकिन तभी उसकी बड़ी बेटी लक्ष्मी का फोन आ गया और उसने उनको बुला लिया। आगे की जांच के लिए 4 सदस्यों की टीम गठित की गयी है। जिसमें सीओ सिटी शामिल हैं।
पुलिस सुरक्षा के बीच चारों शवों को अंतिम संस्कार के लिए ले जाया गया। जहां 5 साल के देवांश ने अंतिम संस्कार की रस्में पूरी कीं। मासूम देवांश ने अपने दादा-दादी, मां और बड़ी बहन के शवों को मुखाग्नि दी।
तीन डॉक्टरों के पैनल से पोस्टमॉर्टम, सिर-चेहरे कुचलकर हत्या की पुष्टि
तीन डॉक्टरों के पैनल ने चारों शवों का पोस्टमॉर्टम किया। इनमें डॉ. राजीव किशोर, डॉ. उत्सव जैन और डॉ. श्वेता राजपूत शामिल थे।
डॉक्टरों ने बताया कि हमलावरों ने पहले पत्नी रत्ना देवी की हत्या की। इसके बाद बेटी ज्योति को बेरहमी से मारा गया। जब बुजुर्ग मां श्यामा देवी बीच-बचाव के लिए आईं, तो उन पर भी सिलसिलेवार हमले किए गए और उन्हें भी मौत के घाट उतार दिया गया। तीनों महिलाओं के सिर और चेहरे पर गंभीर चोटों के निशान मिले।
कमल सिंह करता रहा पुलिस को गुमराह
आरोपी कमल सिंह चार हत्याएं करने के बाद पुलिस को गुमराह करता रहा। उसके चेहरे पर कोई शिकन नहीं थी। उसने बताया था- दोपहर एक बजे के आसपास मैं अपने मेडिकल स्टोर से खाना खाने घर आया था। दुकान पर बड़ी बेटी लक्ष्मी को बिठाकर आया था। उस समय घर पर सबकुछ ठीक था। सभी लोग घर पर थे। खाना खाने के बाद मैं मेडिकल स्टोर चला गया। वहां से मार्केट चला गया। मेरा बेटा स्कूल से लौटा तो कमरे में पंखा चल रहा था। उसने बरामदे में अपने शूज उतारे और कहने लगा कि ठंड में पंखा कौन चला रहा है। जब कोई जवाब नहीं मिला तो अंदर जाकर देखा। अंदर का मंजर देख उसकी चीख निकल पड़ी। उसने शोर मचाकर लोगों को बुलाया तब हत्याकांड का पता चला।
अतिशय क्षेत्र सेरोन देवगढ जहाजपुर में पंचकल्याणक महामहोत्सव सुनिश्चित
उप्रससे, अजय बरया
जजितपुर। जैन समाज का महत्वपूर्ण महामहोत्सव श्रीमजिनेन्द्र पंचकल्याणक प्रतिष्ठा महोत्सव ललितपुर जिले के अतिशय क्षेत्र सतोदय तीर्थ सेरोन, देवोदय तीर्थ देवगढ़ एवं शान्तोदय तीर्थ चांदपुर जहाजपुर में तीर्थ चक्रवर्ती निर्यापक मुनि सुधासागर महराज के सानिध्य में आयोजित किया जाना सुनिश्चित हुआ। जिसको लेकर जैन समाज उत्साहित है और आयोजन की सफलता हेतु दिगम्बर जैन समाज पंचायत समिति ललितपुर ने स्वंयसेवी संस्थाओं के साथ रणनीति बनाई।
प्रतिष्ठाचार्य बालब्रह्मचारी प्रदीप जैन सुयश के अनुसार ललितपुर जिले में तीर्थचक्रवर्ती निर्यापक मुनि सुधासागर महाराज के सानिध्य में सतोदय तीर्थसेरोन में 4मार्च से 8 मार्च 26 तक, देवोदय तीर्थ देवगढ़ में 28 मार्च से 2 अप्रेल 26 एवं शान्तोदय तीर्थ चांदपुर जहाजपुर में अप्रैल माह 2026 में पंचकल्याणक महोत्सव होगा। प्रतिष्ठा महोत्सव में तीनों क्षेत्रों में मूलनायक भगवान शन्तिनाथ के अतिरिक्त अनेक प्रतिमाओं की प्राण प्रतिष्ठित की जाएगी। उक्त आयोजन को लेकर जैन समाज काफी समय से प्रतीक्षारत रही और निरंतर महाराज श्री से आयोजन के लिए निवेदन करती रही। ललितपुर जनपद के निकवर्ती क्षेत्र तीर्थोदय तीर्थ गोलाकोट में विरजित निर्यापक श्रमण मुनि सुधासागर महराज के सम्मुख जैन समाज के श्रेष्ठजनों एवं दिगम्बर जैन पंचायत के पदाधिकारियों ने निवेदन किया जिसकी स्वीकृति मिलते ही समाज में उत्साह की लहर दौड़ गई।
आयोजन को लेकर सावरकर चौक स्थित जैन अटामंदिर के सभागार में महत्वपूर्ण बैठक जैन पंचायत अध्यक्ष डॉ अक्षय टड़या की अध्यक्ष एवं समाजा श्रेष्ठी शीलचन्द अनोरा के मुख्यतिष्य सम्पन हुई और ललितपुर जिले में निर्यापक श्रमण मुनि सुधासागर महाराज के आगमन एवं उनके सानिध्य में आयोजित होने वाले पंचकल्याणक प्रतिष्ठा महोत्सव की व्यवस्थाओं पर विस्तार से चर्चा हुई। जिसमें प्रमुख रूप से देवोदय तीर्थ के अध्यक्ष अनिल जैन अंचल संजीव जैन सीए सतीश जैन बजाज, मनोज जैन बबीना, अरविन्द जैन आष्टीकल्स, धन्यकुमार जैन एड, भूपेन्द्र जैन सिद्धि समूह, अखिलेश गदयाना, रवि जैन चुनगी आदि ने अपने विचार व्यक्त किए। इस मौके पर प्रमुख रूप से स्वतन्त्र मोदी, सुरेश बाबू जैन,विजय जैन लागोन, संजय मोदी, संजीव जैन ममता स्पोर्ट, आनंद जैन एलआईसी, सनत जैन खजुरिया, सौरभ जैन सीए, प्रमात जैन लागीन, अजय जैन जखोरा, अनिल जैन डोगरा, राजेश जैन चन्द्रा सिधेश्वर जमोरिया आदि मौजूद रहे। सभा का संचालन महामंत्री आकाश जैन द्वारा किया गया। मीडिया प्रभारी अक्षय अलया के अनुसार निर्यापक श्रमण मुनि सुधासागर महाराज के आशीर्वाद से उद्घारित ललितपुर जनपद के प्रमुख तीर्थक्षेत्र मूर्तिकला की धरोहर अतिशय क्षेत्र देवगढ, सतोदय तीर्थ सेरोन, शान्तोदय तीर्थ चांदपुर जहाज में मूलनायक भगवान शान्तिनाथ की प्रतिष्ठ