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मुरादाबादः जाट आरक्षण मामले में 38 आंदोलनकारी बरी 

January 28, 2026

मुरादाबादः जाट आरक्षण मामले में 38 आंदोलनकारी बरी 

Amroha Jat Reservation case

अमरोहा के जाट आरक्षण आंदोलन से बरी हुए आंदोलनकारी मुरादाबाद जिला न्यायालय परिसर में

  • अमरोहा में 2011 में काफूरपुर में रेल ट्रैक पर चला 19 दिन धरना, इस दौरान बंद रहा मुरादाबाद दिल्ली रेल मार्ग
  • जाट आरक्षण समिति के अध्यक्ष यशपाल सिंह, सपा विधायक समरपाल सिंह समेत प्रमुख नेताओं को राहत
Posted on : 28.01.2026, Wednesday Time: 08:14 PM,  Source:  Rajesh Bhatia
मुरादाबाद,28 जनवरी (उप्र समाचार सेवा)। अमरोहा में रेलवे ट्रैक जाम के मामले में सभी आरोपियों को राहत मिली है। 15 साल पुराने केस में 38 आंदोलनकारी बरी हो गए। इनमें केंद्रीय जाट आरक्षण समिति समेत के अध्यक्ष चौ यशपाल सिंह, सपा विधायक समरपाल सिंह, काफूरपुर में किसान आदर्श विद्यालय में आंदोलन के आयोजक भगत सिंह उर्फ बाँबी समेत सभी प्रमुख नेता है।
बुधवार को मुरादाबाद में एमपी एमएलए की स्पेशल कोर्ट एसीजेएम एमपी सिंह ने आंदोलनकारियो को दोष मुक्त करार दिया। रेलवे पुलिस ने रेल मार्ग बाधित में 53 लोगों के खिलाफ विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज किया था।
2011 में बसपा सरकार में जाटों ने केंद्र में आरक्षण के लिए विरोध जताया। जाट संघर्ष समिति ने एक स्वर में विरोध जताते हुए काफूरपुर रेलवे स्टेशन पर धरना प्रदर्शन शुरू किया। मुरादाबाद दिल्ली रूट बाधित रहा। अमरोहा जिले में काफूरपुर रेलवे स्टेशन पर किसान और जाट समुदाय के प्रदर्शन को लेकर आरपीएफ ने मुकदमा दर्ज किया।  गजरौला में थाना जीआरपी में 11 मार्च, 2011 तत्कालीन स्टेशन अधीक्षक सरदार सिंह ने रिपोर्ट दर्ज कराई।  काफूरपुर में 4 से 22 मार्च के बीच हुए प्रदर्शन से  मुरादाबाद से दिल्ली के बीच रेल मार्ग पूरी तरह से बाधित रहा। किसानों ने ट्रैक पर टैंट लगा दिए और पशुओं को बांध दिया।
इस मामले की सुनवाई पहले गजरौला में रेलवे कोर्ट में चलीं। पर इस बीच आरोपी समरपाल सिंह के नौगांवा से विधायक चुने जाने से केस की सुनवाई एमपी एमएलए स्पेशल कोर्ट में शुरु हुईं।

मुरादाबाद कोर्ट में तीन साल से चल रही सुनवाई, आठ ने दी गवाही 

केस में आरोपी समरपाल सिंह के विधायक बनने के बाद केस यहां अदालत में स्थानांतरित हो गया। मुरादाबाद कोर्ट में सुनवाई तीन साल चलीं।  केस में आठ गवाहों ने कोर्ट में बयान दर्ज कराएं। लंबी सुनवाई और बयान पर बहस के बाद अदालत ने फैसले का निर्णय लिया। 20 जनवरी को जाट आंदोलन में सुनवाई हुई। बुधवार को एमपी-एमएलए स्पेशल कोर्ट एसीजेएम प्रथम एमपी सिंह ने सुनवाई के बाद सभी आरोपियों को दोष मुक्त करार दिया।
विशेष लोक अभियोजक मोहनलाल विश्नोई ने बताया कि काफूरपुर में रेलवे ट्रैक बाधित के मामले में अदालत ने सभी को दोष मुक्त करार दिया। आरोपियों के खिलाफ साक्ष्य साबित नहीं हो सकें। इनमें 12 आरोपियों का सुनवाई के दौरान निधन हो गया जबकि तीन हाजिर नहीं हुए। हालांकि अदालती आदेश नहीं मिला है।
दोष मुक्त नेताओं में आरक्षण समिति के अध्यक्ष चौ यशपाल सिंह, सपा विधायक समरपाल सिंह, किसान नेता भगत सिंह, अमरोहा में अधिवक्ता शैलेंद्र सीनू, बाबू सिंह, नरेंद्र सिंह, अरुण सिंह, अरविंद,विजय पाल सिंह, राजेश सिंह, राजेश अग्रवाल, महेंद्र सिंह, मुकेश चौधरी, राजपाल राजू, सत्यपाल सिंह, कविता चौधरी आदि।

एटा में बारिश से किसानों की फसलें बर्बाद, जनजीवन अस्त-व्यस्त

 

एटा 28 जनवरी उप्रससे। जनपद में रुक-रुक कर हो रही लगातार बारिश ने सामान्य जनजीवन को अस्त-व्यस्त कर दिया है। ग्रामीण और किसान इस बेमौसम बरसात से खासी दिक्कतों का सामना कर रहे हैं।

बारिश के कारण किसानों की फसलों को भारी नुकसान पहुंचा है। आलू की फसलें खराब हो गई हैं, जबकि पकी हुई सरसों और तंबाकू की फसलें भी बुरी तरह प्रभावित हो गईं हैं।

गांव तिसोरी निवासी किसान सुजल मिश्रा ने बताया कि उनकी आलू और गेहूं की फसल को इस बारिश से काफी क्षति हुई है। वहीं किसान आयुष मिश्रा ने चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि लगातार बारिश में भीगने से उनके मवेशी, जैसे गाय और भैंस, बीमार पड़ सकते हैं।

हिमांशु मिश्रा ने बताया कि 18,19 घंटे से हो रही बारिश और लगातार खराब मौसम के कारण लोगों में चिंता बढ़ गई है। बे मौसम बारिश ने किसानों की फसलों को काफी प्रभावित कर दिया है। काफी छोटे किसान ऐसे हैं जो अपनी लागात भी नहीं निकाल सकते।

एक कौम, एक वतन: हिंदुस्तान — राष्ट्र प्रथम की भावना से ही बनेगा समरस भारत: डा० इंद्रेश कुमार

इंद्रेश कुमार,

राष्ट्रीय मुस्लिम मंच के कार्यक्रम में आरएसएस के वरिष्ठ प्रचारक इंद्रेश कुमार

लखनऊ।  इरम कॉलेज लखनऊ मुस्लिम राष्ट्रीय मंच हिन्दुस्तानी फर्स्ट और हिंदुस्तानी बेस्ट के तत्वाधान में “एक कौम, एक वतन: हिंदुस्तान” विषय पर आयोजित भव्य कार्यक्रम में देश की एकता, अखंडता और आपसी सौहार्द का सशक्त संदेश दिया गया। कार्यक्रम में विभिन्न क्षेत्रों से आए वक्ताओं ने धर्म, जाति और समुदाय से ऊपर उठकर राष्ट्र प्रथम की भावना को जीवन में उतारने का आह्वान किया।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के राष्ट्रीय कार्यकारिणी सदस्य डॉ. इंद्रेश जी ने अपने ओजस्वी संबोधन में कुरान पाक का उल्लेख करते हुए कहा कि “माँ के कदमों में जन्नत है” और यही संस्कार भारतीय संस्कृति की आत्मा है। उन्होंने कहा कि हम दुनिया के सबसे बड़े लोकतंत्र में रहते हैं और हमें इस लोकतांत्रिक परंपरा को और मजबूत करना है। डॉ. इंद्रेश जी ने नेताजी सुभाष चंद्र बोस का स्मरण करते हुए कहा कि उनके नारे ने अंग्रेजों को भारत छोड़ने पर मजबूर किया। बसंत पंचमी के महत्व पर प्रकाश डालते हुए उन्होंने इसे ज्ञान और शिक्षा की देवी का पर्व बताया।
उन्होंने कहा कि कभी-कभी हम अपनी कट्टरता को ही सर्वश्रेष्ठ मानने लगते हैं, लेकिन यह सोच देश को जोड़ने में सहायक नहीं हो सकती। “सारे जहाँ से अच्छा हिंदुस्तान हमारा” केवल हिंदुस्तान के लिए गाया गया है, किसी अन्य देश के लिए नहीं। पैग़म्बर मोहम्मद साहब के संदर्भ में उन्होंने कहा कि गाय का दूध शिफा है और उसके संरक्षण की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने कहा कि यदि समाज में संवेदनशीलता और संयम आए तो दंगों जैसी स्थितियाँ स्वतः समाप्त हो सकती हैं। इस अवसर पर उन्होंने उपस्थित लोगों को गौ-माता की सुरक्षा की शपथ भी दिलाई।
डॉ. इंद्रेश जी ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि “हम किसी भी जाति, धर्म या समुदाय से हों, सबसे पहले भारतीय हैं। नेशन प्रथम होना चाहिए। हम एक वतन, एक कौम — हिंदुस्तान हैं और इस विचार को गली-गली, मोहल्ले-मोहल्ले तक पहुँचाना होगा।” उन्होंने भारत की सर्वधर्म समभाव की परंपरा का उल्लेख करते हुए कहा कि भारत ने ही पहली मस्जिद और पहला चर्च बनवाकर दिया, यही हमारी सांस्कृतिक पहचान है। उन्होंने प्रदेश को स्वच्छ, सुरक्षित और दंगा-मुक्त बनाने का सामूहिक संकल्प लेने का आह्वान किया।
इससे पूर्व सोशल एक्टिविस्ट शालिनी अली ने कहा कि हम चाहे किसी भी धर्म के हों, हमारी पहली पहचान भारतीय होने की है। जामिया हमदर्द विश्वविद्यालय, नई दिल्ली के रजिस्ट्रार कर्नल ताहिर मुस्तफा ने कहा कि सपने वो नहीं जो हम सोते हुए देखते हैं, बल्कि वो हैं जो हमें सोने नहीं देते, और विकसित भारत के लिए काम करने वाला हर व्यक्ति एक फौजी है। डा. भीमराव अंबेडकर विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. मित्तल जी ने युवा शक्ति को शिक्षित, संस्कारयुक्त और कौशलयुक्त बनाने पर बल दिया तथा पर्यावरण संरक्षण को श्रेष्ठ भारत की अनिवार्य शर्त बताया। अल्पसंख्यक शिक्षा आयोग भारत सरकार के कार्यकारी अध्यक्ष डॉ. शाहिद अख्तर ने कहा कि हमारी पहचान एक हिंदुस्तानी के नाते होनी चाहिए और देश के लिए कुर्बानी देने की भावना सदैव जीवित रहनी चाहिए। विशिष्ट अतिथि उत्तर प्रदेश राज्य मंत्री दानिश आज़ाद अंसारी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा लिए गए विकसित भारत के संकल्प को पूरा करना हम सबकी जिम्मेदारी है।
कार्यक्रम का सफल संचालन सैयद रज़ा हुसैन ने किया।
इस अवसर पर कॉलेज के ट्रस्टी ख़्वाजा फैज़ी, दयालु महाराज, डॉ. शौकत खान, आलोक चतुर्वेदी, ठाकुर राजा रईस, मज़हिर खान, डॉ. शाहिद सईद, शाहनवाज़, डॉ. ताहिर शाह, डॉ. अली ज़फर, आफ़ताब मिर्ज़ा, शेर खान, याक़ूब अली, अशफ़ाक सिद्दीकी सहित बड़ी संख्या में गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।

राष्ट्रनीति से बड़ी न हो राजनीति : कुमार विश्वास

Udeesha

कुमार विश्वास

Posted on : 28.01.2026, Wednesday Time: 10:48AM,  Source:  Rajesh Bhatia
  • उदीसा महोत्सव में शामिल हुए कुमार विश्वास
  • राम कथा से समझाया राम राज्य का महत्व।

मुरादाबाद, 27 जनवरी (उप्र समाचार सेवा)। उदीसा महोत्सव का समापन यादगार बन गया। महोत्सव में भारतीय हिन्दी कवि और वक्ता कुमार विश्वास ने रामराज की अवधारणा को साकार करने के लिए आपसी भाईचारे व एक दूसरे की संस्कृति का सम्मान करने के महत्व पर जोर दिया। कहा कि राम से सीखना चाहिए, रामराज का मतलब।
मंगलवार को मुरादाबाद में बुद्धि विहार में आयोजित उदीसा महोत्सव में शामिल हुए कवि कुमार विश्वास ने रामकथा के जरिए जहां लोगों में आध्यात्मिक चेतना को जागृत किया। वहीं आज की राजनीति पर भी प्रहार किया। उन्होंने कहा कि वन को जाते समय राम
ने भरत को संदेश भिजवाया कि राजा का पद पाकर नीति न छोड़ें। पर समस्या यह कि अब नीति ही राजा का पद पाने की हो गई है। राजा जो कहें वहीं नीति। कुमार विश्वास ने दोहे के जरिए समझाया कि जनता भी राजा से मिल सकें और बिना भय के अपनी बात कह सकें। पर लोकतंत्र में यह समस्या खड़ी हो गई है कि राजनीति राष्ट्रनीति से बड़ी हो गई है। जबकि राष्ट्र में राजनीति होनी चाहिए। उन्होंने रामराज्य की अवधारणा का जिक्र करते हुए बताया कि हम लोग गणतंत्र या लोक तंत्र का प्रयोग करते हैं पर सालों में व्यवस्था यह हो गई है कि इसमें तंत्र पहले आ गया और लोक पीछे छूट गया। मौजूदा राजनीति से जोड़ते हुए कहा कि आज किसी नेता विधायक से मिलने के लिए श्रम करना पड़ता है। कहा कि राम लोक के नेता है और राम का राज्य लोक का राज्य है।
महोत्सव के सत्र ‘अपने-अपने राम’ में रामकथा के जरिए भरत को राजा का पद पाकर नीति न छोड़ने, महाराज दुष्यंत प्रसंग के जरिए मौजूदा स्थिति पर स्पष्ट संदेश दिया। कहा कि तब आम लोग अपने राजा कभी भी मिल सकतें।
ढाई घंटे तक चले कार्यक्रम में कुमार विश्वास ने बताया कि भगवान राम हर युग में प्रासांगिक हैं। रामराज्य की व्यवस्था का जिक्र कर राम की मर्यादा, वचन और त्याग के मर्म को बारीकी से समझाया।
देर रात तक चले कार्यक्रम में कमिश्नर आंजनेय कुमार सिंह, जिला पंचायत अध्यक्ष शैफाली सिंह, शहर विधायक रितेश गुप्ता, कुंदरकी विधायक रामवीर सिंह,एमएलसी डा जयपाल सिंह व्यस्त समेत बड़ी संख्या में लोग मौजूद रहे। कार्यक्रम में लगातार तालियां बजती रही।

January 27, 2026

जिला निर्वाचन अधिकारी जसजीत कौर द्वारा ईवीएम स्ट्रांग रूम एवं वीवीपेट वेयरहाउस का किया गया निरीक्षण

जिला निर्वाचन अधिकारी जसमीत कौर

बिजनौर 27 जनवरी, 2026:- जिला निर्वाचन अधिकारी/जिलाधिकारी जसजीत कौर द्वारा आज दोपहर 12:00 बजे कलेक्ट्रेट परिसर स्थित ईवीएम संरक्षित एवं झंडापुर स्थित वीवीपेट वेयरहाउस का मासिक निरीक्षण किया गया। सर्वप्रथम जिलाधिकारी द्वारा कलेक्ट्रेट स्थित ईवीएम स्ट्रांग रूम के बाहर लगे तालों की सील्ड्स का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने ईवीएम सुरक्षा, अग्नि सुरक्षा, विद्युत व्यवस्था एवं अन्य सभी प्रकार की व्यवस्थाएं सुचारू रूप से संचालित पाई गईं। स्ट्रांग रूम स्थित गार्ड रूम के निरीक्षण के दौरान उन्होंने सहायक जिला निर्वाचन अधिकारी को सफाई व्यवस्था एवं रंगाई-पुताई कराने के निर्देश दिए।
तदोपरांत जिलाधिकारी श्रीमती कौर ने झंडापुर स्थित वीवीपेट वेयरहाउस का विस्तृत निरीक्षण किया। उन्होंने यहां भी भूतल स्थित विभिन्न विधानसभा क्षेत्रों के वीवीपेट कक्षों में लगे तालों की सील्ड्स आदि का मुआयना किया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने सिक्योरिटी, विद्युत व्यवस्था, साफ सफाई सहित अन्य व्यवस्थाओं का जायजा लिया, जो मानक के अनुरूप संचालित पाई गईं। निरीक्षण के दौरान ईवीएम के रख रखाव व सुरक्षा के दृष्टिगत सभी राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों ने अपनी सहमति जताई और सुरक्षा के इंतजाम देख कर संतोष व्यक्त किया।
निरीक्षण के दौरान सहायक जिला निर्वाचन अधिकारी प्रमोद कुमार, राजनीतिक दलों के प्रतिनिधि कांग्रेस से अनिल कुमार एवं क़ाज़ी आतिफ़, बसपा से मुहम्मद सिद्दीक तथा सपा से अख़लाक़ पप्पू सहित अन्य अधिकारी एवं कर्मचारी मौजूद थे।

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