Web News

www.upwebnews.com

सबको सुरक्षा का अहसास ही रामराज्य की अवधारणा: सीएम योगी

March 2, 2026

सबको सुरक्षा का अहसास ही रामराज्य की अवधारणा: सीएम योगी

Santosh Kumar Singh
Gorakhpur
02/03/2026

CM Yogi Adityanath

*मुख्यमंत्री ने कहा, यूपी में न तनाव, न अराजकता और न ही गुंडागर्दी*

*पांडेयहाता में होलिकादहन उत्सव समिति की तरफ से आयोजित भक्त प्रह्लाद शोभायात्रा में शामिल हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ*

*पूरी दुनिया में उपद्रव, पर पीएम मोदी के रूप में यशस्वी नेतृत्व करा रहा नए भारत का दर्शन: सीएम योगी*

*भक्त प्रह्लाद की आरती उतारी और फूलों की होली खेली मुख्यमंत्री ने*

*गोरखपुर, 2 मार्च।* गोरक्षपीठाधीश्वर एवं मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सभी नागरिकों को होली की मंगलमय शुभकामनाएं देते हुए कहा कि उत्तर प्रदेश में आज कोई तनाव नहीं है। कोई भय नहीं, कोई अराजकता नहीं और न ही कोई गुंडागर्दी। सबको सुरक्षा का एहसास है और सबको विश्वास है। सबके मन में एक दूसरे के प्रति सम्मान का भाव है। यही अहसास और विश्वास, रामराज्य की अवधारणा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी यही कहते हैं कि जब ऐसी स्थिति रहेगी तो भारत को विकसित बनने में कोई देर नहीं लगेगी।

सीएम योगी सोमवार शाम पांडेयहाता में होलिकादहन उत्सव समिति की ओर से आयोजित भक्त प्रह्लाद शोभायात्रा के अवसर पर उपस्थित लोगों को संबोधित कर रहे थे। होलिकादहन के दिन शोभायात्रा का शुभारंभ करने से पहले मुख्यमंत्री ने कहा कि आज पूरी दुनिया में उपद्रव, अराजकता और अव्यवस्था है। पर, हम भारतवासी गर्व कर सकते हैं कि पीएम मोदी के रूप में यशस्वी नेतृत्व देश को नई बुलंदी देते हुए नए भारत का दर्शन करा रहा है। नया भारत हर व्यक्ति, हर तबके को अवसर देकर उत्सव का वातावरण देता है।

*पहले यूपी में समाज को बांटती थीं सरकारें*
सीएम योगी ने कहा कि हमारे यहां पर्व, त्योहारों की लंबी श्रृंखला है। पर, वर्ष 2014 के पहले लोग बेहतर तरीके से उत्सव नहीं मना पाते थे। यूपी में तो पर्व, त्योहार के पहले कर्फ्यू लग जाता था। समाज में भय और तनाव रहता था। तब की सरकारें समाज को बांटती थीं और इसका परिणाम व्यापारी और नागरिक चुकाते थे। तब गुंडागर्दी, अराजकता चरम पर थी। न बेटी सुरक्षित थी और न ही व्यापारी। मुख्यमंत्री ने कहा कि आज का उत्तर प्रदेश सुरक्षा और सुविधा देकर उत्सव प्रदेश बन चुका है। अब यूपी में न कर्फ्यू है और न दंगा है, यूपी में अब सब चंगा है। सब ओर उत्सव का माहौल है। पिछले पंद्रह दिनों से मथुरा-वृंदावन में होली का कार्यक्रम चल रहा है। सबकुछ स्वतः स्फूर्त देखकर विदेशियों की आंखे फटी रह जाती हैं। सीएम योगी ने कहा कि जो लोग हम पर आरोप लगाते थे कि हम बंटे हुए हैं, वे बताएं कहां बंटे दिख रहे हैं। इस उत्सव में इतनी बड़ी संख्या में लोग आए हैं। किसी की जाति का पता नहीं है, लेकिन सभी लोग होली का आनंद ले रहे हैं।

महिला चौकीदार की हत्या में आरोपी पुलिस मुठभेड़ में गिरफ्तार

खुलासा।

दो लाख की सुपारी लेकर हुईं हत्या

Post on 2.3.26
Monday, Time 4.00 PM
Moradabad, Rajesh Bhatia
मुरादाबाद,2 मार्च (उप्र समाचार सेवा)।
मझोला में महिला चौकीदार की हत्यारोपी को पुलिस ने मुठभेड़ में गिरफ्तार कर लिया। हत्या के लिए दो लाख रुपए की सुपारी ली गई। सोमवार को मुरादाबाद पुलिस ने हत्याकांड का खुलासा किया।
शहर के मझोला थाना क्षेत्र में बावन कोठी के पास एक महिला चौकीदार नन्हीं की हत्या की गई थी। कई दिन से आरोपियों की तलाश में जुटी पुलिस को सोमवार सफलता मिली। पुलिस ने कार्रवाई करते हुए हत्याकांड में मुख्य आरोपी शिव उर्फ बिट्टू को मुठभेड़ बाद गिरफ्तार कर लिया। मुठभेड़ देर रात नया मुरादाबाद के पास हुईं।
एसपी सिटी कुमार रणविजय सिंह के अनुसार मझोला पुलिस कांड में आरोपियों की तलाश में जुटी थीं।आरोपी के बारे में पुलिस को सूचना मिली। पुलिस ने घेराबंदी कर बदमाश को घेर लिया। पुलिस ने आरोपी को मुठभेड़ में पकड़ा। हालांकि इस कार्रवाई में पुलिस की गोली आरोपी घायल हो गया। फिलहाल उसे जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है। जहां उसका इलाज चल रहा है।
एसपी का कहना है कि हत्यारोपी की तलाश में पुलिस ने सीसीटीवी कैमरों से तलाश की। यहां सुराग मिलने के बाद पुलिस ने मुठभेड़ में पकड़‌ लिया। आरोपी भोजपुर का निवासी बताया गया है। पुलिस को उसके बाद से हत्या में प्रयुक्त हथियार आदि बरामद किया। पुलिस ने हत्या के दो लाख रुपए की सुपारी की बात कबूली।

पटरी पर लौटने लगीं कोहरे में बंद तीस ट्रेनें सर्दी में कोहरे में तीन महीने के लिए रद्द की गई 28 ट्रेनें

अन्य 32 ट्रेनों के संचालन में हुआ फेरबदल
रेगुलर ट्रेनों के चलने से मिली राहत, संचालन से पहले हुईं पैक

Post on 2.3.26
Monday, Time 6.35 pm
Moradabad, Rajesh Bhatia

मुरादाबाद,2 मार्च(उप्र समाचार सेवा)।
होली के त्योहार से ठीक पहले रेलयात्रियों को बड़ी राहत मिली है।पर्व मनाने के लिए घर जाने के लिए ट्रेनों में सीट को लेकर
यात्री बड़ी जद्दोजहद में थे।‌ऐसे यात्रियों के लिए सफर सुकून भरा रहेगा।
तीन महीने के लिए करीब साठ ट्रेनों के संचालन में व्यापक फेरबदल किया गया। मुरादाबाद व मंडल में संचालित 28 ट्रेनों को रद्द किया गया। 90 दिन के लिए पूर्णिया कोर्ट से अमृतसर जनसेवा को रद्द रहीं। इसके साथ ही 16 पैसेंजर ट्रेनें 28 फरवरी तक रद्द रहीं। जबकि अवध आसाम, काठगोदाम संपर्क क्रांति समेत बीस ट्रेनों का संचालन घटाया गया। यात्रियों के लिए राहत यह कि गाड़ियों से कोहरे का ब्रेक हट गया। एक मार्च से गाड़ियां धीरे-धीरे पटरी पर आने लगीं है। पैसेंजर ट्रेनें चलने लगीं है। जबकि रद्द ट्रेनों का अपने शेड्यूल के हिसाब से संचालन शुरू हो गया। तीन मार्च से मुरादाबाद रूट पर कई प्रमुख ट्रेनों का संचालन होने लगेगा। गाड़ियां चलने से सबसे ज्यादा राहत घर जाने वाले यात्रियों को हुईं है। चार मार्च को होली का रंग बिखरेगा। लिहाजा मंगलवार से बहाल ट्रेनों में भीड़ उमड़ेगी। कोहरे में बंद हुईं ट्रेन हरिहर एक्सप्रेस ट्रेन का सोमवार से बरौनी से संचालन शुरू हो गया। ट्रेन अंबाला से 7 मार्च को शेड्यूल के मुताबिक चलेगी। हालांकि ज्यादातर ट्रेनें तीन मार्च मंगलवार से रफ्तार भरेंगी। मुरादाबाद रेल प्रशासन के अनुसार कोहरे में बंद ट्रेनों का संचालन शुरू हो गया है।

इन ट्रेनों का संचालन शुरू–
हरिहर एक्सप्रेस, जम्मू योगनगरी, अमृतसर से लालकुआं,जनसेवा, चंडीगढ़-
डिब्रूगढ़,कुंभ, कामाख्या-आनंद विहार समेत अन्य ट्रेनों का संचालन शुरू हो गया। जबकि अन्य ट्रेनों के फेरे भी बढ़ गए।

होली पर रेल पुलिस सतर्क–
बंद गाड़ियों का संचालन बहाल होने से ट्रेन व स्टेशनों पर भारी भीड़ बढ़ने के आसार है। इसे देखते हुए गाड़ियों में भीड़ की मारामारी मचेगी। त्योहार पर भीड़ को देखते रेल प्रशासन अलर्ट है। जीआरपी-आरपीएफ ने स्टेशनों पर यात्री सुरक्षा को लेकर सतर्क है।

राधा-मोहन गौशाला में फूलों की होली: भक्ति और परंपरा का संगम

 मथुरा (चौमुंहा)। ब्रज में होली का उत्साह चरम पर है। इसी क्रम में चौमुहां स्थित राधा मोहन जी गौशाला में भव्य होली मिलन समारोह का आयोजन किया गया। कार्यक्रम यमुना रक्षक दल के राष्ट्रीय अध्यक्ष संत जयकृष्ण दास महाराज के पावन सानिध्य में संपन्न हुआ, जिसमें ब्रज की सांस्कृतिक विरासत और भक्ति का अनूठा संगम देखने को मिला।
समारोह का मुख्य आकर्षण राधा-कृष्ण और भोले-पार्वती की मनमोहक झांकियां रहीं। जैसे ही दिव्य स्वरूप मंच पर विराजमान हुए, पूरा परिसर ‘राधे-राधे’ के उद्घोष से गूंज उठा। इसके पश्चात ब्रज की प्रसिद्ध फूलों की होली खेली गई, जिसमें गुलाब और गेंदे की पंखुड़ियों की वर्षा के बीच श्रद्धालु भक्ति भाव में झूम उठे।
अपने संबोधन में संत जयकृष्ण दास महाराज ने कहा कि होली केवल रंगों का पर्व नहीं, बल्कि प्रेम, सौहार्द और सामाजिक समरसता का प्रतीक है। उन्होंने आपसी भेदभाव मिटाकर भाईचारे के साथ रहने तथा गौ-सेवा के महत्व पर विशेष बल दिया।
कार्यक्रम में स्थानीय निवासियों ने एक-दूसरे को गुलाल लगाकर होली की शुभकामनाएं दीं। इस अवसर पर यमुना रक्षक दल के जिलाध्यक्ष नरेंद्र शर्मा सहित गिर्राज प्रसाद शर्मा, श्रीगोपाल एडवोकेट, राजेश पहलवान, मनोज सिसोदिया, विष्णु सिसौदिया, राधावल्लभ शर्मा, भगवान सिंह, सियाराम, सुगनो नेता, सौदान सिंह एवं मूली सिंह सहित अनेक गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।
अंत में प्रसाद वितरण के साथ समारोह का समापन हुआ। कार्यक्रम ने एक बार फिर ब्रज की होली को भक्ति और परंपरा के रंगों से सराबोर कर दिया।

गोकुल में खेली गई छड़ीमार होली, कन्हैया जी का निकला डोला

मथुरा। ब्रजभूमि में होली के रंग अपने चरम पर हैं। रविवार को गोकुल में परंपरागत छड़ीमार होली का भव्य आयोजन किया गया, जिसमें देश-विदेश से हजारों श्रद्धालु शामिल हुए। टेसू के फूलों से बने प्राकृतिक रंग, रसिया और ब्रज के लोकगीतों की मधुर धुनों के बीच श्रद्धालु भक्ति और उत्साह में सराबोर नजर आए।
भगवान श्रीकृष्ण की बाल लीलाओं की स्थली गोकुल में हर वर्ष द्वापर युग की दिव्य होली को जीवंत किया जाता है। मान्यता है कि इसी भूमि पर कन्हैया ने अपने सखा-सखियों के साथ रंगों की होली खेली थी। उसी परंपरा को निभाते हुए आज भी यहां छड़ीमार होली की अनूठी छटा देखने को मिलती है।
नंद किला मंदिर से लेकर मुरलीधर घाट तक भगवान कन्हैया जी का डोला (शोभायात्रा) निकाला गया। आगे-आगे कान्हा की सुसज्जित पालकी और पीछे सुंदर वस्त्रों में सजी गोपियां हाथों में छड़ी लिए चल रही थीं। बैंड-बाजों और जयकारों के बीच शोभायात्रा जब मुरलीधर घाट पहुंची तो होली का उल्लास चरम पर पहुंच गया।
जैसे ही भगवान के बाल स्वरूप का डोला घाट पर विराजा, गोपियों ने कृष्ण के सखाओं पर प्रतीकात्मक रूप से छड़ियां बरसानी शुरू कर दीं। पूरा वातावरण रंग, अबीर-गुलाल और जयकारों से गूंज उठा। गोकुल का आसमान रंगों से सराबोर हो गया और श्रद्धालुओं ने जमकर छड़ीमार होली का आनंद उठाया।
ब्रज में जहां कई स्थानों पर लट्ठमार होली प्रसिद्ध है, वहीं गोकुल की विशेषता यह है कि यहां गोपियों के हाथों में लठ्ठ नहीं, बल्कि छड़ी दिखाई देती है, जो इस परंपरा को अलग पहचान देती है।
बाइट
हुरियार व हुरियारे: “गोकुल की छड़ीमार होली हमारे लिए आस्था और परंपरा का पर्व है। यहां आकर ऐसा लगता है मानो द्वापर युग की होली सजीव हो उठी हो।”
स्थानीय सेवायत: “यह परंपरा सदियों से चली आ रही है। श्रद्धालु देश-विदेश से भगवान श्रीकृष्ण की बाल लीलाओं की होली के दर्शन करने आते हैं और पूरे उत्साह से भाग लेते हैं।”
गोकुल की छड़ीमार होली एक बार फिर भक्ति, परंपरा और उल्लास का अद्भुत संगम बनकर सामने आई।
« Newer PostsOlder Posts »