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नरसी का भात प्रसंग सुन श्रोताओं के नेत्र हुए अश्रुपूरित

February 26, 2026

नरसी का भात प्रसंग सुन श्रोताओं के नेत्र हुए अश्रुपूरित

बाबा भोलेनाथ मेरी नैया तो उबारो…
( संजीव गुप्ता द्वारा )
श्रीरामकथा के तीसरे दिन मुमुक्षु आश्रम परिसर उस वक़्त भक्ति, संवेदना और आध्यात्मिक ऊष्मा से आलोकित हो उठा, जब कथाव्यास संत विजय कौशल जी महाराज ने ‘नरसी का भात’ प्रसंग का हृदयस्पर्शी वर्णन किया। उनके मधुर और भावपूर्ण कथन ने श्रोताओं को ऐसी भावावस्था में पहुँचा दिया कि अनेक लोग अश्रुपूरित नेत्रों से कथा का रसास्वादन करते रहे। कथाव्यास ने सुनाया कि कृष्णभक्त नरसी मेहता अत्यंत दरिद्र थे और अपनी बेटी नानीबाई का भात भरने में असमर्थ थे। नानीबाई के ससुराल वालों ने व्यंग्य में बहुत लंबी सूची (मायरा) भेजी थी। जब उनकी पुत्री के ससुराल पक्ष में ‘भात’ (एक पारंपरिक सामाजिक रीति) देने का अवसर आया, तब समाज के सामने उनकी गरीबी उपहास का कारण बन गई। लोग ताने कसने लगे कि निर्धन नरसी अपनी पुत्री की लाज कैसे रख पाएंगे। संत विजय कौशल जी ने उस दृश्य का ऐसा जीवंत चित्र खींचा कि श्रोता मानो उसी युग में पहुँच गए। उन्होंने भावपूर्ण स्वर में कहा कि जब संसार साथ छोड़ देता है, तब सच्चा भक्त अपने आराध्य के चरणों में सिर रख देता है। नरसी ने भी यही किया। उन्होंने पूरी निष्ठा से भगवान श्रीकृष्ण का स्मरण किया। नरसी की अटूट भक्ति से विवश होकर श्री कृष्ण स्वयं एक धनी सेठ के रूप में आए और अद्भुत मायरा भरा। भगवान कृष्ण के द्वारा साक्षात उपस्थित होकर नगरवासियों के सामने नरसी की लाज रखने का पूरा प्रसंग सुनकर श्रोतागण भावविभोर हो गए।
इसके आगे कथा व्यास ने देवर्षि नारद एवं भगवान विष्णु की कथा का प्रसंग सुनाया। नारद की कठिन तपस्या से भयभीत होकर इंद्रदेव ने कामदेव को उनकी तपस्या भंग करने के लिए भेजा। कामदेव तमाम प्रयासों के बावजूद भी उनकी तपस्या नहीं भंग कर पाए और अंतत: उन्होंने नारद से क्षमा मांगी। नारद को यह अहंकार उत्पन्न हो गया कि उन्होंने कामदेव को जीत लिया है एवं वे इस अहंकार का प्रदर्शन भगवान शिव के समक्ष करने लगे। इस पर भगवान शिव ने विष्णु से नारद का अहंकार तोड़ने का अनुरोध किया। भगवान विष्णु ने नारद के मार्ग में एक सुंदर नगर बसाया। वहां के राजा की सुंदर कन्या विश्वमोहिनी के स्वयंवर में जब नारद पहुंचे तो वे उसका सौंदर्य देखकर मोहित हो उठे एवं उन्होंने भगवान विष्णु का आह्वान किया। भगवान विष्णु ने उन्हें वानर का रूप दे दिया। स्वयंवर में अंतत: विश्वमोहिनी ने भगवान विष्णु को वरमाला पहनाई। सरोवर में अपना मुख देखकर नारद ने क्रोधित होकर भगवान विष्णु को श्राप दिया कि जिस प्रकार मैंने नारी का वियोग सहन किया है, उसी तरह आपको भी पत्नी का वियोग सहना करना पड़ेगा। कालांतर में भगवान विष्णु ने प्रभु श्रीराम के रूप में पृथ्वी पर अवतार लिया और नारद के श्राप के कारण ही उन्हें माता सीता का वियोग सहना पड़ा। कथा के अंत में “बाबा भोलेनाथ मेरी नैया तो उबारो..” भजन पर भक्त आह्लादित होकर नृत्य करने लगे।
*पूजन, आरती एवं प्रसाद वितरण*
तीसरे दिन के मुख्य यजमान डॉ के. के. शुक्ला एवं श्रीमती मधुरानी शुक्ला थे। कथा का समापन प्रभु श्रीराम की आरती से हुआ। प्रसाद वितरण श्री कमलेश त्रिवेदी एवं श्रीमती मधुलिका त्रिवेदी की तरफ से हुआ।

*ये रहे उपस्थित*
इस अवसर पर मुमुक्षु शिक्षा संकुल के मुख्य अधिष्ठाता स्वामी चिन्मयानंद सरस्वती, महामंडलेश्वर स्वामी हरिहरानंद, अनंत श्री स्वामी सर्वेश्वरानंद, अनंत श्री स्वामी अभेदानन्द, स्वामी गंगेश्वरानंद, श्री राजीव कृष्ण अग्रवाल, श्री ए बी सिंह, श्री अशोक अग्रवाल, रुद्रपुर से श्री विष्णु बंसल एवं श्री राजेन्द्र गोयल, श्री वेद प्रकाश गुप्ता, श्री रामचंद्र सिंघल, डॉ अमीर सिंह यादव, प्रबंध समिति के सचिव प्रो अवनीश मिश्र, प्राचार्य प्रो आर के आजाद, उपप्राचार्य प्रो अनुराग अग्रवाल, श्री हरीश चंद्र श्रीवास्तव, मेजर अनिल मालवीय, प्रो देवेंद्र सिंह, डॉ आदर्श पांडेय, डॉ रमेश चंद्रा, डॉ प्रतिभा सक्सेना, डॉ पवन गुप्ता, शिवओम शर्मा सहित भक्तों की भारी भीड़ उपस्थित रही।

ध्यान से सहनशक्ति और सही समझ विकसित होती है: कमलेश पटेल दाजी

  • श्री रामचन्द्र मिशन आश्रम में ‘बसंत उत्सव के चौथे चरण के तीसरे दिन
  • देश विदेश से आए हजारों अभ्यासियों ने की ध्यान साधना
  • केंद्रीय मंत्री जितिन प्रसाद और महापौर अर्चना वर्मा ने दाजी से की मुलाकात

RC Mission Shahjahanpur
( संजीव गुप्त द्वारा )
शाहजहांपुर। श्री राम चन्द्र मिशन के अध्यक्ष एवं हार्टफुलनेस मेडिटेशन के वैश्विक मार्गदर्शक पूज्य कमलेश डी. पटेल ‘दाजी’ के सान्निध्य में राम चन्द्र मिशन आश्रम में आयोजित बसंत उत्सव–2026 के चौथे चरण के तीसरे दिन आज सुबह कार्यक्रम का शुभारंभ सामूहिक ध्यान साधना से हुआ। देश–विदेश से पधारे हजारों अभ्यासियों ने एकात्म भाव से ध्यान साधना कर मानव कल्याण एवं विश्व शांति की कामना की।
श्री रामचंद्र मिशन आश्रम की स्थापना के 50 वर्ष पूर्ण होने तथा मिशन के आदि गुरु लालाजी महाराज की 153 वीं जयंती पर आयोजित बसंत उत्सव के अवसर पर दाजी ने समापन पर साधकों को प्रेम, करुणा और सेवा की भावना विकसित करने का संदेश दिया। उन्होंने अपने उद्बोधन में कहा कि ध्यान क्या है पहले हमें यह समझना है।जिस वाहन से हम अंतिम प्रज्ञा तक पहुंच सकते हैं उसका नाम ध्यान है। उन्होंने सभी से आह्वान किया कि प्रतिदिन ध्यान करें, ईर्ष्या त्यागें, और अपने हृदय को दिव्य प्रेम से भरें। उन्होंने बताया कि ध्यान से सहनशक्ति और सही समझ विकसित होती है। आज के ध्यान सत्र में ददरौल,कांट, भावलखेड़ा, और सिंधौली विकासखंडों के लगभग 100 से अधिक ग्राम प्रधान शामिल हुए और ध्यान साधना की।
आयोजन को सफल बनाने में मिशन के सचिव उमाशंकर बाजपेई, कान्हा आश्रम प्रबंधक विनीत राणावत,ए.के. गर्ग, राज गोपाल अग्रवाल, श्री गोपाल अग्रवाल,सुयश सिन्हा,कृष्णा भारद्वाज, ममता सिंह, उमेश श्रीवास्तव, संजय मिश्रा,माया सिंह
डा.प्रसन्न कुमार, डा. एच के सिंह,डा. अभिनव सक्सेना के एम त्रिपाठी, सहित अनेक अभ्यासियों योगदान रहा।

Jitin Prasad with Kamlesh Patel D

केंद्रीय मंत्री जितिन प्रसाद और महापौर अर्चना वर्मा ने दाजी से की मुलाकात किया ध्यान
श्री रामचंद्र मिशन आश्रम में चल रहे बसन्त उत्सव में मिशन से जुड़े देश विदेश के हजारों अभ्यासियों ने शाहजहांपुर की पुण्यधरा पर पहुंचे और ध्यान साधना कर आध्यात्मिक उन्नति और विश्व शांति की कामना की।इसी के साथ शहर के गणमान्य लोग भी आश्रम पहुंच रहे हैं। प्रदेश सरकार के वित्त मंत्री सुरेश खन्ना, पूर्व केंद्रीय गृह राज्य मंत्री स्वामी चिन्मयानंद के बाद आज केंद्रीय मंत्री और पीलीभीत के सांसद जितिन प्रसाद ने आश्रम पहुंच कर दाजी से मुलाकात की और रामचंद्र मिशन की बारे में विस्तार से जानकारी ली।इस मौके पर दाजी ने शाहजहांपुर आश्रम की पचास वर्षों की यात्रा का फोटो संकलन मंत्री जी को भेंट किया। मंत्री जितिन प्रसाद के साथ मिशन के संयुक्त सचिव अर्जुन अग्रवाल, संजय सहगल, भूपेंद्र सिंह, माधो गोपाल अग्रवाल मौजूद रहे।नगर निगम शाहजहांपुर की महापौर अर्चना वर्मा ने भी दाजी से मुलाकात की और सामूहिक ध्यान सत्र में ध्यान साधना की। आश्रम परिसर में सुमन अग्रवाल ने उनका स्वागत किया।महापौर अर्चना वर्मा ने सामूहिक ध्यान सत्र दाजी के सानिध्य में ध्यान साधना की।

महिला को मृतक दिखाकर जमीन पर किया कब्जा

जिलाधिकारी के सामने पहुंचकर कहा साहब मैं अभी जिंदा हूं

रिपोर्ट – संजय कुमार तिवारी
स्थान – बलिया यूपी
डेट – 26/02/2026

बलिया.। पकड़ी थाना क्षेत्र के पूर गांव के उत्तर टोला में एक वृद्ध महिला की जमीन पर दबंगई के बल पर कब्जा किया गया है जहां पीड़ित वृद्ध महिला ने जिलाधिकारी से न्याय की गुहार लगाई है कि साहब हम अभी जिंदा हूं।और मुझे गांव के ही कुछ लोगों के द्वारा मेरे जमीन को मृतक 2018 में दिखाकर मेरे जमीन पर कब्जा किए है भी पीड़ित बृजेश सिंह ने आरोप लगाया कि जब मुझे जानकारी हुई कि मेरे गांव के कुछ लोगों ने मेरे मां को मृतक दिखाकर जमीन को कब्जा कर लिए है हमे न्याय मिले ।जो उनकी जमीन है वह जोत लें और जो हमारी जमीन है हमे जोत लेने दें।जिलाधिकारी से मिले लेकिन ठोस कोई आश्वासन नही मिला है उन्होंने चकबंदी अधिकारी को निर्देश दिए है कि इनका जल्द निस्तारण कर दें।हमे अभी तक न्याय नहीं मिला है हम लोग एक साल से भटक रहे है हमारे मां को निगरानी दाखिल करके मृतक दिखाकर 2018 में डीडी सी और एससोसी गलत आदेश कराएं है हमे वह न्याय चाहिए।हम लोग मूल कास्तकार है हमारे चक को पलट कर वह आगे चले गए है हम लोग पीछे चले गए है उनका एक आदेश पहले ही केंशल हो गया था केंशल होने के बाद यह पैसे देकर अपना करा लिए।हमे एक भी नोटिस नही दिया गया और बिना नोटिस दिए हमारी जमीन को बदल दिया गया।जब जिलाधिकारी से मेरी मां मिली तो जिलाधिकारी चकित रह गए कि जिंदा आदमी को मृतक क्यों दिखा दिया गया ये लोग भू माफिया है हम ही नही बल्कि कई लोगो की जमीनों पर इसी तरह के कार्य किए है।ये तो प्रशासन की कमी है।

गोकशी में बजरंग दल के तीन कार्यकर्ताओं समेत पांच बरी

एडीजे कोर्ट दस का फैसला, अदालत में आरोप साबित नहीं कर सकीं छजलैट पुलिस

Post on 26.2.26
Thursday, Time 5.35 pm
Moradabad, Rajesh Bhatia

मुरादाबाद,26 फरवरी(उप्र समाचार सेवा)।
गोकशी में बजरंग दल के कार्यकर्ताओं को रिहाई मिल गई। गुरुवार को अदालत ने साक्ष्यों के अभाव में बजरंग दल के तीन कार्यकर्ताओं समेत पांच लोगों को बरी कर दिया। दो साल पुराने केस में पुलिस ठोस सबूत नहीं रख सकीं। बयानों में आपसी विरोधाभास से दोष सिद्ध नहीं हो सका।
गोकशी का यह मामला जनवरी, 2024 का है। जिले के छजलैट थाना क्षेत्र में गोवंशीय पशुओं के अवशेष मिले। घटना के बाद क्षेत्रीय बजरंग दल व अन्य लोगों ने विरोध जताया। पहले एसडीएम दफ्तर पर गोवंशीय पशुओं के अवशेषों को लेकर प्रदर्शन किया। बाद में छजलैट थाने के सामने संगठन के कार्यकर्ताओं ने विरोध प्रदर्शन किया। पुलिस ने गोकशी मामले में अज्ञात के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया। केस की तफ्तीश करते हुए मामले में पांच लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया।
केस की सुनवाई मुरादाबाद में एडीजे कोर्ट -10 जितेन्द्र सिंह की अदालत में हुईं। कोर्ट में विशेष लोक अभियोजक गुल बहार सिंह ने पैरवी की।केस में पुलिस ने बजरंग दल के तीन कार्यकर्ता और दो अन्य लोगों के खिलाफ आरोपपत्र दाखिल किया। अदालत में सुनवाई के दौरान बचाव पक्ष के अधिवक्ता दयानंद शर्मा ने पक्ष रखा। बताया कि सुनवाई में छह गवाहों के बयान हुए। कोर्ट में पर्याप्त साक्ष्य साबित नहीं हो सकें। गुरुवार को अदालत ने साक्ष्य साबित न होने पर बजरंग दल कार्यकर्ता मोनू विश्नोई, राजीव चौधरी, रमन के अलावा शाहबुद्दीन समेत सभी पांचों आरोपियों को बरी करने के आदेश दिए।

ट्रेनों में 99 बेटिकट समेत दो सौ मामले पकड़े, 91 हजार जुर्माना वसूला*

Train

मुरादाबाद रेलवे स्टेशन पर चेकिंग में धरे 99 बेटिकट यात्री

रेलवे ने अभियान में 200 केसों वसूले 91 हजार रुपए
-खंगाली गई काशी, श्रमजीवी समेत 26 ट्रेनें

Post on 26.2.26
Thursday, Time 3.53 PM
Moradabad, Rajesh Bhatia

मुरादाबाद, 26 फरवरी (उप्र समाचार सेवा)।
होली से पहले रेल प्रशासन ने अवैध यात्रियों के खिलाफ टिकट चेकिंग अभियान चलाया है। बुधवार को मुरादाबाद रेलवे स्टेशन पर किला बंदी अभियान में 99 बेटिकट यात्रियों को पकड़ा गया। इतने ही यात्री विभिन्न ट्रेनों अनियमित यात्रा करते धरे गए। टिकट चेकिंग टीमों ने यात्रियों से किराया व जुर्माना वसूला। कुल 200 केसों में 91 हजार से ज्यादा का राजस्व वसूला गया।
होली पर ट्रेनों में भीड़ के मद्देनजर रेल प्रशासन अलर्ट हो गया। आरक्षित कोचों में अवैध यात्रियों के घुसने की शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए डीआरएम व सीनियर डीसीएम ने किलेबंदी टिकट चेकिंग अभियान अभियान चलाने के निर्देश दिए। मुरादाबाद में चले अभियान में सुबह सवेरे ही सीआईटी व टीटीई व चेकिंग टीम ने डेरा डाल दिया। सीआईटी स्टेशन विजयंत शर्मा व सीआईटी भावेश शर्मा की अगुवाई में 17 चेकिंग टीम ने अभियान चलाया। पूरे दिन के अभियान में श्रमजीवी, काशी, राज्यरानी समेत 26 ट्रेनों को खंगाला गया। आरपीएफ के चार कर्मियों ने सुरक्षा व्यवस्था संभालीं। अभियान के दौरान 99 बेटिकट व 99 अनियमित यात्रियों को पकड़ा गया। दो मामले गंदगी फैलाने में पकड़े गए। इस दौरान रेलवे ने 91 हजार रुपए का राजस्व वसूला।
रेल प्रशासन का कहना है कि
यात्रा के दौरान सहायता के लिए हेल्पलाइन नंबर 139 या रेल वन एप की मदद लें।

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