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महानता के लिए दिव्य गुणों को स्वयं में आत्मसात करने का सामर्थ्य आवश्यकः योगी आदित्यनाथ

January 10, 2026

महानता के लिए दिव्य गुणों को स्वयं में आत्मसात करने का सामर्थ्य आवश्यकः योगी आदित्यनाथ

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ प्रयागराज में महान संत श्रीरामानन्दाचार्य के 726वेें प्राकट्य उत्सव में मुख्य अतिथि के रूप में सम्मिलित हुए

  • मुख्यमंत्री जगद्गुरु श्रीरामानन्दाचार्य के 726वें प्राकट्योत्सव समारोह में सम्मिलित हुए
  • जगद्गुरु रामानंदाचार्य जी के प्राकट्य स्थल पर उनका स्मारक और
  • मंदिर बनना चाहिए, प्रदेश सरकार इस कार्य में पूरा सहयोग करेगी

लखनऊ,10 जनवरी, 2026  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि कोई व्यक्ति अचानक महान नहीं बन जाता है। महानता के लिए दिव्य गुणों को स्वयं में आत्मसात करने का सामर्थ्य, दृढ़ संकल्प व दिव्य दृष्टि होना आवश्यक है। एक सामान्य मनुष्य की दृष्टि सीमित होती है। उसकी दुनिया उसके परिवार तक सीमित रहती है। लेकिन एक महामानव की दृष्टि ईश्वरीय गुणों से भरपूर, दिव्य तथा कल्याणमयी होती है। उनका भाव स्वार्थ के लिए नहीं, बल्कि परमार्थ के लिए होता है। यही कार्य इस धराधाम पर प्रकट होकर पूज्यपाद श्रीमद् जगद्गुरु रामानंदाचार्य भगवान ने किया था।

मुख्यमंत्री आज जनपद प्रयागराज में श्रीमद् जगद्गुरु श्री रामानन्दाचार्य भगवान के 726वें प्राकट्योत्सव समारोह में मुख्य अतिथि के तौर पर अपने विचार व्यक्त कर रहे थे। मुख्यमंत्री जी ने कहा कि 726 वर्ष पूर्व जगद्गुरु रामानंदाचार्य जी जब इस धरा पर जन्में थे, तब उस कालखण्ड में विदेशी हमले हो रहे थे। आक्रमणकारी सनातन धर्म को रौंदना चाहते थे। इसके लिए विदेशी आक्रान्ताओं ने साजिश रची थी। सामाजिक ताने-बाने को छिन्न-भिन्न करने की साजिशें हो रही थीं। जगद्गुरु रामानंदाचार्य जी ने उस समय सबसे पहले मत और सम्प्रदायों को एकजुट करने का आह्वान करते हुए कहा था कि ‘सर्वे प्रपत्तेरधिकारिणो मताः’ यानी सभी जन ईश्वर के चरणों में शरणागति के अधिकारी हैं। मत और सम्प्रदाय के आधार पर किसी को मत बांटो।

मुख्यमंत्री जी ने कहा कि जगद्गुरु रामानंदाचार्य जी ने अलग-अलग जाति के द्वादश शिष्य बनाए। इन शिष्यों में श्री अनन्ताचार्य जी महाराज, श्री कबीरदास जी महाराज, सतगुरु रविदास जी महाराज, सतगुरु पीपाजी महाराज, श्री सुरसरानन्द जी महाराज, स्वामी सुखानन्द जी महाराज, स्वामी नरहर्यानन्द जी महाराज, स्वामी भावानन्द जी महाराज, श्री धन्ना जी, श्री सेन जी, श्री गालवानन्द जी, श्री योगानन्द जी सम्मिलित हैं। इन सभी शिष्यों में समाज को जोड़ने का कार्य किया। रामानन्द परम्परा से निकली हुई अलग-अलग धाराएं आज भी समाज को जोड़ने का अद्भुत कार्य कर रही हैं। यह अद्भुत संयोग है कि यह शिष्य सगुण व निर्गुण दोनों उपासना विधियों से जुड़े हुए हैं।

मुख्यमंत्री जी ने कहा कि रविदासी परम्परा से जुड़े सन्त सात्विक भाव से कुटिया बनाकर तथा केवल कंठी धारण कर प्रभु की उपासना के लिए स्वयं को समर्पित करते हैं। कबीरदासी परम्परा से जुड़े सन्तों ने जगद्गुरु रामानंदाचार्य जी की परम्परा को मजबूती के साथ आगे बढ़ाया। जगद्गुरु रामानंदाचार्य जी ने कहा था कि ‘जाति-पांति पूछे नहिं कोई, हरि को भजे सो हरि का होई’। यह मंत्र समाज को जोड़ने वाला है। हमने सतुआ बाबा तथा अन्य सन्तों से कहा है कि दारागंज में जिस स्थल पर जगद्गुरु रामानंदाचार्य जी का प्राकट्य हुआ था वहां उनका स्मारक और मंदिर बनना चाहिए। प्रदेश सरकार इस कार्य में पूरा सहयोग करेगी।

उन्होने ने कहा कि प्रयागराज आज फिर उद्घोष कर रहा है कि जाति, मत और सम्प्रदाय के आधार पर विभाजन हमारे लिए उसी प्रकार से सर्वनाश का कारण बन जाएगा जैसे बांग्लादेश में देख रहे हैं। सेकुलरिज्म का ठेका लेने वाले लोग, जिनकी दुकानें सनातन धर्म को कमजोर करने की साजिश पर चलती है, बांग्लादेश की घटना पर उनके मुंह से एक भी शब्द नहीं निकल रहा है। कोई कैंडल मार्च नहीं निकाला जा रहा है। यह घटना हम सभी के लिए चेतावनी है।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि हमारा सन्त समाज, समाज को जोड़ने के लिए पूरी युक्ति करता है। जब सन्त समाज एक मंच पर आकर उद्घोष करता है तो उसके अच्छे परिणाम दिखायी देते हैं। उदाहरण के लिए अयोध्या में श्रीराम जन्मभूमि पर भव्य श्रीराम मंदिर का निर्माण पूज्य सन्तों की उसी साधना और एकता का परिणाम है, जिसे देश के यशस्वी प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी ने मूर्त रूप देकर भारत की परम्परा को गौरवान्वित किया है। अब तक देश में कई प्रधानमंत्री हुए सभी ने देश के विकास में अपना योगदान दिया। लेकिन भारत की मूल आत्मा हो सम्मान दिलाने का कार्य के केवल प्रधानमंत्री जी ने ही किया। मोदी जी पहले प्रधानमंत्री हैं जो श्रीराम जन्मभूमि में दर्शन करने गए थे। वह श्रीराम मंदिर के शिलान्यास तथा श्रीरामलला के प्राण प्रतिष्ठा समारोह में सम्मिलित हुए। प्रधानमंत्री जी सनातन धर्म की ध्वजा पताका के मंदिर शिखर पर आरोहण के समारोह में स्वयं भागीदार बने।
मुख्यमंत्री जी ने कहा प्रधानमंत्री जी ने नमामि गंगे परियोजना के माध्यम से माँ गंगा के प्रति अपनी कृतज्ञता ज्ञापित करते हुए उन्हें स्वच्छ व निर्मल बनाने का कार्य किया है। इस अवसर पर जलशक्ति मंत्री स्वतंत्र देव सिंह, औद्योगिक विकास मंत्री नन्द गोपाल गुप्ता ‘नंदी’, पूज्य जगद्गुरु रामानुजाचार्य स्वामी राघवाचार्य जी महाराज, जगद्गुरु विदेहवल्लभ देवाचार्य, पूज्य जगद्गुरु विष्णुस्वामी सम्प्रदायाचार्य, स्वामी सन्तोषाचार्य (सतुआ बाबा) जी महाराज, परमार्थ निकेतन के परमाध्यक्ष पूज्य स्वामी चिदानंद सरस्वती जी महाराज, दिगम्बर अखाड़ा के श्री महंत श्री वैष्णोदास जी महाराज, निर्मोही अखाड़ा के श्री महंत राजेंद्रदास जी महाराज, महंत मोहनदास जी महाराज, महामण्डलेश्वर जनार्दन दास जी महाराज, बाघम्बरी पीठ के पीठाधीश्वर श्री महंत बलवीर गिरी जी महाराज, बड़ा भक्तमाल अयोध्या के पूज्य महंत श्री अवधेश दास जी महाराज, रसिक पीठ के श्री महंत जन्मेजय शरण जी महाराज सहित अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे।

 

अनुमान से दो गुने श्रद्धालु आये पौष पूर्णिमा स्नान परः योगी आदित्यनाथ

प्रयागराज, 10 जनवरी 2026, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने आज प्रयागराज भ्रमण के दौरान कहा कि उन्हें पावन त्रिवेणी में दर्शन और स्नान करने का सौभाग्य प्राप्त हुआ है। विगत वर्ष इस समय प्रयागराज महाकुम्भ आयोजन की अन्तिम तैयारियां युद्धस्तर पर थीं। तब वह 10 जनवरी, 2025 को प्रयागराज में मेले के अंतिम तैयारियां देखने यहां आये थे। इस वर्ष का माघ मेला पूरी भव्यता के साथ पौष पूर्णिमा 03 जनवरी, 2026 से प्रारम्भ हो गया है। यह आयोजन आगामी 15 फरवरी तक चलेगा। अनुमान किया गया था कि पौष पूर्णिमा पर 10 से 15 लाख श्रद्धालु आएंगे, लेकिन पौष पूर्णिमा पर 31 लाख से अधिक श्रद्धालुओं ने माँ गंगा, माँ यमुना तथा माँ सरस्वती की पावन त्रिवेणी पर आकर भगवान वेणी माधव, बड़े हनुमान जी व अक्षयवट के असीम सान्निध्य में सकुशल स्नान और यहां से आशीर्वाद लेकर प्रस्थान किया। कल्पवासी एक महीने के कल्पवास के लिए वर्तमान में अपनी साधना में तल्लीन हैं।

मीडिया से बातचीत करते हुए मुख्यमंत्री  ने कहा कि आज उन्हें भगवान रामानन्दाचार्य जी के 726वें पावन जयन्ती कार्यक्रम में भाग लेने का अवसर प्राप्त हुआ। प्रयागराज का सौभाग्य है कि यह अनेक पूज्य ऋषि-मुनियों की पावन धरा है। द्वादश माधव के साथ-साथ त्रिवेणी की पावन धरा को महर्षि भारद्वाज, महर्षि याज्ञवल्क्य और अन्य पूज्य महर्षियों व सिद्ध संतों का सान्निध्य प्राप्त हुआ है। 726 वर्ष पूर्व इसी पावन धरा पर जगद्गुरु रामानन्दाचार्य जी का जन्म हुआ था। आज उनके पावन जन्मोत्सव कार्यक्रम के साथ ही माघ मेले की तैयारियों की समीक्षा की गयी। यहां आगामी 14 व 15 जनवरी को मकर संक्रान्ति स्नान तथा आगामी 18 जनवरी को मौनी अमावस्या का मुख्य स्नान होगा। इसके उपरान्त 23 जनवरी को बसंत पंचमी और फिर माघ पूर्णिमा के साथ ही 15 फरवरी को महाशिवरात्रि का स्नान यहां पर सम्पन्न होगा। यह सभी माघ मेले के कार्यक्रम का हिस्सा होंगे।

मुख्यमंत्री ने कहा कि माघ मेले के सम्पूर्ण आयोजन के लिए प्रशासन, पुलिस और सम्बन्धित विभागों ने समस्त तैयारियां की हैं। पूर्व की तुलना में घाटों की लम्बाई बढ़ायी गयी है। स्वच्छता का विशेष ध्यान रखा गया है। भीषण शीत लहरी से बचाव के लिए आवश्यक उपाय किए गए हैं। पब्लिक एड्रेस सिस्टम के साथ ही मेले से जुड़े हुए ‘मेला सेवा ऐप’ का भी शुभारम्भ किया गया है। किसी भी कल्पवासी, सन्त तथा श्रद्धालु को यदि कोई सेवा लेनी हो, या उन्हें किसी प्रकार की समस्या हो तो वह इस मोबाइल ऐप के माध्यम से जानकारी प्राप्त कर सेवाओं का उपयोग कर सकते हैं तथा प्रशासन के समक्ष अपनी बात रख सकते हैं। यहां पर इस मोबाइल ऐप का बेहतर उपयोग किया जा रहा है।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि आपसी समन्वय तथा तत्परता के साथ प्रशासन ने पौष पूर्णिमा के स्नान को भव्यता व संवाद के साथ सबके सहयोग से सकुशल सम्पन्न कराया। आगामी सभी पांच स्नान भी उसी पवित्रता, संवाद और समन्वय के साथ सकुशल सम्पन्न होंगे। इसी मुद्दे पर आज यहां पर चर्चा की गयी है। आयोजन को सकुशल सम्पन्न कराने के लिए प्रशासन पूरी तत्परता के साथ लगा हुआ है। सभी लोग मिलकर इस कार्यक्रम को सकुशल सम्पन्न कराएंगे।

 

January 9, 2026

धामी सरकार बनवाएगी देहरादून में नया प्रेस क्लब भवन

देहरादून, 09 जनवरी 2026, मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने घोषणा की है कि उत्तरांचल प्रेस क्लब का नया और आधुनिक सुविधा सम्पन्न प्रेस क्लब बनाया जाएगा। यह घोषणा उन्हें आज उत्तरांचल प्रेस क्लब की नई कार्यकारिणी के शपथ ग्रहण समारोह में की।

श्री धामी ने कहा कि नये भवन का निर्माण कार्य शीघ्र शुरु किया जाएगा। इसके लिए मसूरी देहरादून विकास प्राधिकरण (एमडीडीए) को कार्यदायी संस्था बनाया गया है। उन्होंने बताया कि उत्तरांचल प्रेस क्लब को माडल प्रेस क्लब बनाया जाएगा। इसकी स्वीकृति कैबिनेट की बैठक में हो चुकी है। उन्होने कहा कि डिजिटल युग मे सोशल मीडिया के माध्यम से फैल रहीं फेक न्यूज और भ्रामक सूचनाओं के बीच पत्रकारों की जिम्मेदारी और बढ़ जाती है। निष्पक्ष, तथ्यात्मक और जिम्मेदार पत्रकारिता ही समाज को भ्रम से बचा सकती है।

पत्रकार पेंशन योजना का बजट बढाकर 5 से किया 10 करोड़

मुख्यमंत्री धामी ने बताया कि पत्रकारों की पेंशन योजना का बजट भी बढ़ा दिया गया है। इसे पांच करोड़ से बढ़ाकर 10 करोड़ कर दिया गया है।

समारोह में नवनिर्वाचित अध्यक्ष अजय सिंह राणा, वरिष्ठ उपाध्यक्ष गजेन्द्र सिंह नेगी, कनिष्ठ उपाध्यक्ष सोबन सिंह गुसाईं, महामंत्री योगेश सेमवाल, संयुक्त मंत्री सिवेश शर्मा, मीना नेगी, कोषाध्यक्ष मनीष डंगवाल को मुख्यमंत्री धामी ने शपथ ग्रहण करायी। समारोह में मेयर सौरभ थपलियाल, भाजपा नेता डा देवेन्द्र भसीन, महानिदेशक जनसम्पर्क विभाग बंशीधर तिवारी मौजूद थे।

अंकिता भंडारी हत्याकाण्ड में सीबीआई जांच की संस्तुति

 

देहरादून, 09 जनवरी 2026, मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने अंकिता भंडारी हत्याकाण्ड में सीबीआई जांच की संस्तुति कर दी है। उन्होंने आज अपनी संस्तुति रिपोर्ट केन्द्र सरकार को भेज दी है। अब केन्द्र सरकार इस पर निर्णय लेकर सीबीआई को भेजेगी।

अंकिता भंडारी हत्याकाण्ड पर पिछले करीब 20 दिन से घमासान मचा हुआ है। पूरे उत्तराखंड में इस मामले की नए सिरे से गूंज हो रही है। लोगों की जनभावनाओं और अंकिता भंडारी के माता पिता की इच्छा पर प्रदेश सरकार ने फैसला ले लिया है। हालांकि अभी दो दिन पहले ही जब अंकिता के माता पिता से मुख्यमंत्री धामी मिले थे तो उन्होंने आश्वासन दे दिया था कि वे जो चाहें वही फैसला होगा। तभी से लगने लगा था कि मुख्यमंत्री मामले की सीबीआई जांच की संस्तुति की मन बना चुके हैं।

मामला पिछली 24 जनवरी से चर्चा से एक बार फिर चर्चा में आया था। जब हरिद्वार के ज्वालापुर के पूर्व विधायक सुरेश राठौर की स्वयं को पत्नी बताने वाली उर्मिला सनावर ने आडियो जारी कर कहा था कि अंकिता की हत्या में दो वीआईपी भी इंवाल्व हैं। इसके बाद से ही इस मामले ने तूल पकड़ लिया था। बाद में उर्मिला सनावर ने दो वरिष्ठ नेताओं के नाम भी जारी किये।

उधर पर्वतीय क्षेत्र की जनता की भावना को देखते हुए कांग्रेस ने इस मामले में राजनीति शुरु कर दी। उसे लगा कि यह प्रदेश सरकार और भाजपा को घेरने का बड़ा मुद्दा है। इसीलिए कांग्रेस ने आंदोलन शुरु कर दिया। पहले देहरादून में मार्च निकाला और फिर बंद का आह्वान कर दिया। हालांकि सरकार ने आनन फानन में एक एसआईटी की गठन कर दिया था। किन्तु इससे मामला शांत नहीं हो रहा था और सीबीआई जांच का दवाब बढ़ता चला जा रहा था।

ज्ञातव्य है अंकिता भंडारी ऋषिकेश के वनन्तरा रिजार्ट में रिसेप्शनिस्ट थी। 18 सितम्बर 2022 को उसकी हत्या कर दी गई थी। उसका शव एक हफ्ते बाद एक नहर से बरामद हुआ था। मामले में रिजोर्ट के मालिक समेत तीन लोगों को गिरफ्तार किया गया था। उन्हें निचली अदालत ने आजीवन कारावास की सजा सुनाई है।

Meerut: युवती का अपहरण, मां की हत्या

मेरठ, 08 जनवरी 2026, जिले के गांव में दुस्साहसि युवकों ने एक युवती का अपहरण कर लिया। विरोध करने पर मां को हमलाकर घायल कर दिया। अस्पताल पहुंचने पर मां की मृत्यु हो गई। मृतका अनुसूचित जाति का है। पुलिस ने नामजद एफ आई आर दर्ज कर ली है। गांव में जातीय तनाव की आशंका में पुलिस तैनात कर दी गई है।

जानकारी के अनुसार सरधना थाना क्षेत्र के गांव कपसाड में गुरुवार की सुबह करीब 8 बजे अनुसूचित जाति की महिला सुनीता (40) अपने बेटी (20) के साथ खेत में काम करने जा रही थी। तभी रास्ते में गांव के ही कुछ युवकों ने बेटी का अपहरण कर लिया। विरोध करने पर मां के साथ मारपीट की। उसे धारदार हथियार से हमला कर घायल कर दिया। महिला को मोदीपुरम् अस्पताल में भर्ती कराया गया जहां देरशाम उसकी मृत्यु हो गई। मृतका के बेटे ने गांव के ही युवकों के खिलाफ हत्या, अपहरण, एससी एसटी की धाराओं में रिपोर्ट दर्ज करा दी है। इसमें दो युवकों को नामजद किया गया है।

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