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सड़क दुर्घटना में घायल को Golden Hour में अस्पताल पहुँचाकर राहवीर बनें और 25,000 का पुरस्कार पाएं

January 11, 2026

सड़क दुर्घटना में घायल को Golden Hour में अस्पताल पहुँचाकर राहवीर बनें और 25,000 का पुरस्कार पाएं

उप्रससे ,अजय बरया

ललितपुर- राष्ट्रीय सड़क सुरक्षा माह के दृष्टिगत जिलाधिकारी जनपद ललितपुर व पुलिस अधीक्षक, मो0 मुश्ताक के निर्देशन जनपद ललितपुर के थाना पुलिस द्वारा गांव-गांव जाकर एवं जनचौपाल के माध्यम से ग्रामिणों/ वाहन चालकों/आम जनमानस को सड़क सुरक्षा सुनिश्चित करने के उद्देश्य से यातायात नियमों की विस्तृत जानकारी प्रदान कर जागरूक किया गया।

अभियान के अंतर्गत पुलिस द्वारा ग्रामिओं/ वाहन चालकों / आम नागरिकों को यातायात नियमों के पालन के संबंध में निम्नलिखित जानकारियाँ प्रदान की गई

दो-पहिया वाहन पर दोनों सवारियों के लिए हेलमेट का प्रयोग अनिवार्य है।
चार-पहिया वाहन में चालक सहित सभी सवारियों के लिए सीट बेल्ट का प्रयोग अनिवार्य है ।
दो पहिया वाहन पर तीन सवारी न बैठाने के नियम का पालन ।
रॉन्ग साइड ड्राइविंग न करने एवं निर्धारित दिशा में ही वाहन चलाने की अपील ।
कोहरे के समय वाहन धीमी गति से चलाएं तथा आगे चल रहे वाहन से पर्याप्त सुरक्षित दूरी बनाए रखें
वाहन चलाते समय हेडलाइट, फॉग लाइट प्रयोग करें
वाहन पर रिफ्लेक्टर लगाएँ, ताकि अंधेरे या कम रोशनी में अन्य चालक आपको आसानी से देख सके और दुर्घटना से बचाव हो।
हाई बीम का अनावश्यक उपयोग न करें तथा दृश्यता कम होने पर सावधानीपूर्वक वाहन संचालित करें।

ड्रिंक एंड ड्राइव के संबंध में विशेष अपील

नशे की हालत में वाहन चलाना (Drunk & Drive) की स्थिति में चालक के साथ-साथ अन्य राहगीरों का जीवन भी खतरे में पड़ सकता है तथा ऐसा करना गंभीर अपराध है जिसके लिए कानून में कठोर दंडात्मक कार्रवाई का प्रावधान है। अतः सभी वाहन चालकों से अपील की जाती है कि नशे की स्थिति में वाहन बिल्कुल न चलाएँ।

राहवीर बनें

सड़क दुर्घटना में गंभीर रूप से घायल व्यक्ति को हादसे के पहले 60 मिनट (Golden Hour) में अस्पताल पहुँचाकर राहवीर बनें और 25,000 पुरस्कार पाएं। मदद करने वाले राहवीर को पुलिस पूछताछ और कानूनी परेशानियों से सुरक्षा दी जाती है। अस्पताल, घायल व्यक्ति की सूचना पुलिस को देती है, और सत्यापन के बाद जिलाधिकारी के अनुमोदन के पश्चात पुरस्कार सीधे राहवीर के बैंक खाते में जमा किया जाता है।

बरेली में जिलाधिकारी द्वारा स्वयं जाकर विभिन्न बूथों का किया गया निरीक्षण

  • विधानसभा निर्वाचक नामावलियों के विशेष प्रगाढ़ पुनरीक्षण-2026 के अंतर्गत आज बीएलओ द्वारा बूथों पर निर्वाचक नामावलियो के प्रालेख्य को पढ़कर सुनाया गया

बरेली, 11 जनवरी।  आज विधानसभा निर्वाचक नामावली विशेष प्रगाढ़ पुनरीक्षण कार्यक्रम के अंतर्गत बूथों पर निर्वाचक नामावलियो कि अंन्तिम सूची को आमजन को बीएलओ द्वारा पढ़ कर सुनाया गया।

उक्त कार्य का  जिलाधिकारी/जिला निर्वाचन अधिकारी अविनाश सिंह ने आज विभिन्न बूथों पर जाकर स्वयं निरीक्षण किया गया।

जिलाधिकारी द्वारा हाफिज सद्दीकी इण्टर कॉलेज,रविन्द्र नाथ टैगौर इण्टर कॉलेज, आर्य पुत्री इण्टर कॉलेज, सरस्वती शिशु मंदिर कॉलेज तथा साहू गोपी नाथ कन्या इण्टर कॉलेज में बूथों पर जाकर बीएलओ द्वारा किए जा रहे कार्यों का निरीक्षण किया।

विधानसभा निर्वाचक नमावली की अंन्तिम सूची का प्रकाशन विगत दिनांक 06 जनवरी 2026 को कर दिया गया था तथा मान्यता प्राप्त राजनैतिक दलों को भी ड्राफ्ट की सूची दे दी गयी है और यह सूची ऑनलाइन भी उपलब्ध है, जिसे कोई भी मतदाता डाउनलोड कर देख सकता है। दावा-आपत्ति आगामी 06 फरवरी 2026 तक की जा सकती है। नोटिस चरण और दावों/आपत्तियों का निस्ताण 06 जनवरी 2026 से 27 फरवरी 2026 तक होगा और अंतिम मतदाता सूची 06 मार्च 2026 को प्रकाशित की जाएगी।

जिलाधिकारी ने अवगत कराया कि उक्त के अतिरिक्त 01.01.2026 के आधार पर 18 वर्ष की आयु पूर्ण कर रहे नवयुवा अथवा ऐसे अर्ह मतदाता जिनका नाम आलेख्य निर्वाचक नामावली में सम्मिलित नहीं है उनके द्वारा अपना नाम निर्वाचक नामावली में सम्मिलित करने हेतु बीएलओ से निर्धारित प्रारूप-6 प्राप्त कर अपना आवेदन कर सकते हैं।

इस अवसर पर बूथों पर ईआरओगण, सुपरवाइजर, बी.एल.ओ. सहित आमजन उपस्थित थे।

बिना फिटनेश की नही चलेगी बस सेवा, वही लोग बाड़ी बना सकते है जो अधिकृत होंगे: दयाशंकर सिंह

बलिया, 11 जनवरी 2026, परिवहन मंत्री दयाशंकर सिंह ने कहा है कि बिना फिटनेश बस सेवा नहीं चलेगी। इसके लिए राष्ट्रीय मानक तय हैं। अधिकृत संस्था ही फिटनेस कर सकती है।
एक कार्यक्रम के दौरान यूपी सरकार के परिवहन मंत्री दयाशंकर सिंह ने ओवर लोड गाड़ियों को रोककर देखा ।सड़क सुरक्षा को लेकर किए गए सवाल पर मंत्री ने कहा कि एक जनवरी से लेकर पूरे जनवरी तक सड़क सुरक्षा माह मनाया जा रहा है।लोगों को जागरूक किया जा रहा है और जो भी सांकेतिक है सड़क सुरक्षा को लेकर सभी को पालन करना चाहिए इस समय कोहरा का समय चल रहा है और गाड़ियों को धीमी गति से ले जाए। क्योंकि दुर्घटना को रोकना हम सभी का दायित्व है।पूरे देश के मंत्रियों के साथ नितिन गडकरी के निर्देश पर मीटिंग हुई है कई जगह घटनाएं घटी है। उत्तर प्रदेश के मोहन लालगंज में भी घटना घटी जिसमे पांच लोग जलकर मर गए उसमे राजस्थान में घटनाएं हुई बहुत सारे प्रांत में घटनाएं हुई है जो छोटे छोटे बाड़ी बिल्डर है जो मानक के अनुरूप बाड़ी नही बना रहे है कई जगह यह देखने को मिला कि मार्सिटिज और बोल्वो के फर्जी बाड़ी बना दे रहे है।उनपर स्टार लिख दे रहे है बोलते है कि बोलवो बस है वह ओरीजिनल नही होती है ओरीजिनल वायर नही लगाते है उसका जो नियम है उसकी थिकनेस नही होती बाड़ी की इस लिए दुर्घटनाएं बढ़ती है अब उसपर कानून बनने जा रहा है अब वही लोग बाड़ी बना सकते है जो अधिकृत होंगे और इसका एक मानक तय होगा राष्ट्रीय स्तर पर और बहुत जल्द इस पर भारत सरकार का निर्देश प्राप्त होगा।

January 10, 2026

समाज के लिए भी रोज कुछ करो: मोहन भागवत

सुदामा कुटी के 100 वर्ष पूर्ण होने पर मनाया जा रहा शताब्दी महोत्सव

मथुरा, 10 जनवरी 2026 (उप्रससे)। वृंदावन की सुदामा कुटी आश्रम के शनिवार को 100 वर्ष पूर्ण हुए। इस उपलक्ष्य में 10 दिवसीय शताब्दी महोत्सव  बड़ी धूमधाम से मनाया जा रहा है। नाभापीठाधीश्वर सुतीक्ष्णदास महाराज के अनुसार आश्रम का शताब्दी महामहोत्सव मनाया जा रहा है। रोजाना 10 दिन तक आध्यात्मिक आयोजन होंगे। यहां हजारों लोग पहुंचेंगे।हर दिन सुबह 8 से 10 बजे तक श्रीराम महायज्ञ होगा। पूरे आयोजन में 11 टन हवन सामग्री और 200 पीपा देसी घी का इस्तेमाल होगा। शाम के समय यहां भजन कीर्तन होंगे, इसमें हर दिन अलग-अलग संत शामिल होंगे। शताब्दी महोत्सव में आरएसएस के प्रमुख मोहन भागवत शामिल होकर दीप प्रज्जवलित कर महोत्सव का शुभारंभ किया। उन्होंने सुदामा दास जी महाराज के जीवन परिचय और नाभा पीठ का परिचय जानने के लिए प्रकाशित पुस्तक का विमोचन किया गया।

इसके बाद उन्होंने संबोधित करते हुए कहा- वह हमारा कुछ नहीं बिगाड़ सकते। लेकिन जैसे हमें तैयार होना है, वैसे हम तैयार नहीं हुए हैं। इसलिए वह हमारे सामने नाच रहे हैं। अंदर से खोखले हो गए हैं, सारी दुनिया में हार रहे हैं। जैसे-जैसे सनातन धर्म के सब लोग एक होते जाएंगे। वैसे-वैसे यह टूटते जाएंगे। आप देख लीजिए पिछले 50 सालों में जैसे-जैसे हिंदू एक होता गया। वैसे-वैसे इनके टुकड़े होते चले गए। मंच पर पीठाधीश्वर बलराम दास, कमल नयन दास महाराज, साध्वी ऋत्मभरा, ज्ञानानंद महाराज, गौरी शंकर दास महाराज, कुमार स्वामी, राजेंद्र दास महाराज, भूरी वाले बाबा, सुदर्शन दास महाराज, मनोज मोहन शास्त्री, विहिप के बड़े दिनेश भी मौजूद थे।

सुबह में आश्रम से शोभयात्रा निकाली गई। महंत सुतीक्ष्ण दास महाराज रथ पर सवार होकर भ्रमण करने निकले। शोभायात्रा अलग-अलग चौराहों से होते हुए दोपहर 3 बजे वापस सुदामा कुटी आश्रम पहुंची थी। मोहन भागवत ने मंच पर कहा कि अपने लिये रोज करते हो, अपने परिवार के लिए रोज करते हो, तो समाज के लिए भी रोज कुछ करो।

सुदामा कुटी की स्थापना 1926 में हुई

सुदामा कुटी की स्थापना सुदामादास महाराज ने 1926 में की थी। सुदामा कुटी आश्रम बंसीवट और गोपेश्वर महादेव मंदिर के बीच स्थित है, जहां हजारों संतों की निशुल्क सेवा की जाती है। आश्रम के महंत अमरदास महाराज ने बताया-सुदामादास महाराज का जन्म बिहार के गोपालगंज स्थित छिपाया गांव में 1899 में हुआ था। वह पहले अयोध्या में कुछ दिन रहे। इसके बाद 1926 में वृंदावन आ गए। तब से ही वे संत सेवा में लग गए। सुदामा कुटी में कई मंदिर हैं जहां सुबह से शाम तक भर्जन कीर्तन चलता रहता है। संतों की सेवा में लगे संत गोशाला में गोसेवा भी करते हैं।

शताब्दी महोत्सव में गृहमंत्री, रक्षामंत्री समेत कई राज्यों के सीएम पहुंचने की संभावना

10 दिन चलने वाले आयोजनों में 4 राज्यों के मुख्यमंत्री भी शामिल होंगे। साथ ही, गृहमंत्री अमित शाह और रक्षामंत्री राजनाथ सिंह को भी न्योता भेजा गया है। 2025 में सुदामा कुटी में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू भी आ चुकी हैं। वह स्पेशल ट्रेन से दिल्ली से वृंदावन पहुंची थीं। वृंदावन में यमुना किनारे पूजास्थल तैयार किए गए हैं, यहां हर रोज 10 हजार लोग फ्री भोजन करेंगे। इस कुटी के बारे में कहा जाता है कि कोई भी इस कुटी से भूखा नहीं लौटता है, यहां लोगों और संतों की सेवा 24 घंटे चलती रहती है।

 

विश्व भाषा बन गई है हिन्दीः नारायण कुमार

  • मनुमुक्त ‘मानव’ ट्रस्ट द्वारा विश्व हिंदी-दिवस समारोह का आयोजन
  • छह महाद्वीपों और दस देशों के विद्वानों ने की सहभागिता

लेखक, स्वतंत्र पत्रकार

(डॉ. सत्यवान सौरभ)

नारनौल (हरियाणा), 10 जनवरी 2026, मनुमुक्त ‘मानव’ मेमोरियल ट्रस्ट द्वारा विश्व हिंदी-दिवस के सुअवसर पर भव्य वर्चुअल समारोह का आयोजन किया गया, जिसमें छह महाद्वीपों और भारत, नेपाल, आस्ट्रेलिया, सिंगापुर, कतर, घाना, बुल्गारिया, स्वीडन, ट्रिनिडाड और अमेरिका सहित दस देशों के डेढ़ दर्जन साहित्यकारों और विद्वानों ने सहभागिता की। रवींद्रनाथ टैगोर विश्वविद्यालय, भोपाल (मध्यप्रदेश) में अंतरराष्ट्रीय हिंदी-केंद्र के निदेशक डॉ. जवाहर कर्णावट की अध्यक्षता में आयोजित इस समारोह में अंतरराष्ट्रीय सहयोग परिषद्, नई दिल्ली के मानद निदेशक नारायण कुमार मुख्य अतिथि थे, वहीं केंद्रीय त्रिभुवन विश्वविद्यालय, काठमांडू (नेपाल) में हिंदी-विभाग की प्रोफेसर एवं अध्यक्ष डॉ. श्वेता दीप्ति विशिष्ट अतिथि और विश्व‌ बैंक, वाशिंगटन डीसी (अमेरिका) की वरिष्ठ अर्थशास्त्री डॉ. एस. अनुकृति स्वागताध्यक्ष के रूप में उपस्थित रहीं।

उद्योग विस्तार अधिकारी डॉ. सुनील भारद्वाज द्वारा प्रस्तुत प्रार्थना-गीत के उपरांत ट्रस्टी डॉ. कांता भारती के प्रेरक सान्निध्य और डॉ. पंकज गौड़ के कुशल संचालन में संपन्न हुए इस समारोह के प्रारंभ में चीफ ट्रस्टी डॉ. रामनिवास ‘मानव’ ने विषय-प्रवर्तन करते हुए हिंदी के वैश्विक विस्तार को अपने एक दोहे के माध्यम से इस प्रकार रेखांकित किया—

चीन, रूस, ब्रिटेन तक, सात समुंदर पार। पूरी दुनिया में हुआ, हिंदी का विस्तार।।

अपने उद्घाटन-भाषण में मुख्य अतिथि नारायण कुमार ने हिंदी को संपर्क और सद्भाव की भाषा बताते हुए कहा कि पूरे विश्व में फैले भारतीयों के कारण हिंदी अब विश्व-भाषा बन चुकी है‌। विशिष्ट अतिथि डॉ. श्वेता दीप्ति ने हिंदी को रोजगार से जोड़ने की वकालत की, वहीं डॉ. जवाहर कर्णावट ने अध्यक्षीय वक्तव्य में हिंदी के विकास में प्रवासी भारतीयों की भूमिका को महत्त्वपूर्ण बताया। केंद्रीय हिंदी निदेशालय, नई दिल्ली के सहायक निदेशक द्वय डॉ. नूतन पांडेय और डॉ. दीपक पांडेय ने प्रवासी भारतीयों को भारत का सांस्कृतिक दूत बताते हुए कहा कि विदेशों में हिंदी भाषा और भारतीय संस्कृति के प्रचार-प्रसार में उनका विशिष्ट योगदान रहा है।

उल्लेखनीय है कि लगभग अढ़ाई घटों तक चले इस महत्त्वपूर्ण कार्यक्रम में सिडनी (आस्ट्रेलिया) के प्रगीत कुँअर और डॉ. भावना कुँअर, सिंगापुर सिटी (सिंगापुर) की आराधना झा श्रीवास्तव, दोहा (कतर) के डॉ. बैजनाथ शर्मा, अकरा (घाना) की मीनाक्षी सौरभ, सोफिया (बुल्गारिया) की डॉ. मोना कौशिक, स्टाॅकहोम (स्वीडन) के सुरेश पांडे, पोर्ट ऑफ स्पेन (ट्रिनिडाड) की आशा मोर तथा भारत से विजयकुमार मिर्चे (महासमुंद), डॉ. सत्यवान सौरभ (हिसार), डॉ. मुकुट अग्रवाल (रेवाड़ी) एवं डॉ. रामनिवास ‘मानव’, डॉ. जितेंद्र भारद्वाज और डॉ. पंकज गौड़ (नारनौल) आदि कवियों ने काव्य-पाठ द्वारा कार्यक्रम को नई ऊंँचाई प्रदान की, जिसे देश-विदेश के श्रोताओं की भरपूर सराहना मिली।

 

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