Posted on 23.02.2026, Monday, Time 07.59 PM, Dehradun, Ram Pratap Mishra Saketi, Ayodhya
देहरादून। वरिष्ठ पत्रकार मेरे सहयोगी रहे रामप्रताप मिश्र साकेती नहीं रहे। उनके निधन का समाचार जानकार बहुत कष्ट हुआ। बहुत ही स्पष्ट विचार, धुन के पक्के, अति स्वाभिमानी और गैर समझौतावादी साकेती का जीवन सीधा सपाट और विवाद रहित था। वे मेरे साथ 1988 में जुड़े थे, जब हम देहरादून में विश्व मानव दैनिक के प्रभारी थे। अखाड़ा बाजार के नारायण मार्केट में तीसरी मंजिल के कार्यालय में वे मिलने आए थे और फिर उसी दिन हमारे साथ संवाददाता के रूप में जुड़ गए थे। 100 कांवली रोड उनका पता था, जो उनकी पहचान बन गया था, क्योंकि वे बाहरी पत्र पत्रिकाओं में नियमित छपते थे और साथ ये पता भी। उन्होंने मेरे देहरादून रहने तक इस अखबार में काम किया। फिर दैनिक जागरण से जुड़े। जब मैं पाञ्चजन्य से जुड़ा तो वे देहरादून से पाञ्चजन्य का सहयोग करते थे। वे उत्तराखण सूचना विभाग से भी कुछवर्ष जुड़े रहे।
संप्रति भारतीय जनता पार्टी उत्तराखंड की पत्रिका देवकमल का संपादन कर रहे थे। देहरादून के मित्रों से मिली जानकारी के अनुसार उनका निधन कल बुलंदशहर में हुआ, जहां उनका बेटा नौकरी में है। साकेती जी मूल रूप से अयोध्या जनपद के निवासी थे। लगभग 45 साल पहले वे अयोध्या से देहरादून आ गए थे और यहीं के होकर रह गए।
साकेती जी को विनम्र श्रद्धांजलि। ईश्वर से प्रार्थना है कि उनकी आत्मा को सद्गति प्रदान करे। ॐ शांति शांति शांति।

