Web News

www.upwebnews.com

अलंकार अग्निहोत्री ने राजनीति के लिए राष्ट्रीय अधिकार मोर्चा बनाया

February 23, 2026

अलंकार अग्निहोत्री ने राजनीति के लिए राष्ट्रीय अधिकार मोर्चा बनाया

  • नौकरशाही छोड़ अब राजनीति के मैदान में उतरे पूर्व सिटी मजिस्ट्रेट अलंकार अग्निहोत्री
  • वृंदावन से किया राष्ट्रीय अधिकार मोर्चा (RAM) का शंखनाद
Political Party by Alankar Agnihotri

वृंदावन में राष्ट्रीय अधिकार मोर्चा की घोषणा करते निलंबित पीसीएस अलंकार अग्निहोत्री

Posted on 23.02.2026 Time 07.21 PM Monday, Vrandavan, Mathura, Alankar Agnihotri, Rashtriya Adhikar Morcha (RAM)

मथुरा।यूपी के चर्चित पूर्व अधिकारी अलंकार अग्निहोत्री ने राजनीति के मैदान में अपनी नई पारी का आगाज़ कर दिया है। सोमवार को कान्हा की नगरी वृंदावन से उन्होंने अपनी नई राजनीतिक पार्टी राष्ट्रीय अधिकार मोर्चा (RAM) के गठन की औपचारिक घोषणा की।
बता दें कि अलंकार अग्निहोत्री उस समय सुर्खियों में आए थे जब उन्होंने स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद और यूजीसी के नए नियमों से जुड़े विवाद के चलते सिटी मजिस्ट्रेट के पद से त्यागपत्र दे दिया था। सरकारी सेवा छोड़ने के बाद से ही उनके राजनीति में आने की अटकलें लगाई जा रही थीं। वृंदावन के श्री हरिदास धाम आश्रम में मीडिया से बात करते हुए अग्निहोत्री ने बताया कि उनकी पार्टी का नाम राष्ट्रीय अधिकार मोर्चा (RAM) है। उन्होंने स्पष्ट किया कि उनकी पार्टी के विजन में राम और कृष्ण दोनों का समावेश होगा और वह इन्हीं आदर्शों को साथ लेकर जनता के बीच जाएंगे।
अपने राजनैतिक सफर की शुरुआत के लिए उन्होंने बांके बिहारी की नगरी को चुना। अग्निहोत्री ने कहा कि वृंदावन की पावन धरा से इस संकल्प की शुरुआत करना उनके लिए सौभाग्य की बात है। अब देखना यह होगा कि नौकरशाही से राजनीति में उतरे अग्निहोत्री की यह RAM नीति प्रदेश के सियासी समीकरणों पर क्या असर डालती है।
Alankar Agnihotri declared political party Rashtriya Adhikar Morcha in Vrandavan

डीएम ने उत्साहवर्धन कर आशा मालवीय को उज्वल भविष्य की शुभकामनाएं दी

Asha Malviya

उप्रससे अजय बरया

ललितपुर। मध्य प्रदेश के राजगढ़ जिले की रहने वाली आशा मालवीय इन दिनों अपने साहस, संकल्प और देशभक्ति के जज़्बे से लोगों को प्रेरित कर रही हैं। नारी शक्ति, देशभक्ति और अदम्य साहस के उद्देश्य के साथ वह 7800 किलोमीटर की लंबी साइकिल यात्रा पर निकली हैं। जयपुर से शुरू हुई उनकी यह यात्रा गुजरात होते हुए कन्याकुमारी तक जाएगी। फिलहाल वह ललितपुर पहुंच चुकी हैं और अब तक 3100 किलोमीटर की दूरी तय कर चुकी हैं।
कलेक्ट्रेट परिसर में जिलाधिकारी सत्य प्रकाश ने आशा मालवीय का उत्साहवर्धन किया और उनके इस साहस भरे कदम की प्रशंसा करते हुए कहा कि नारी शक्ति अगर ठान ले तो वह सब कुछ कर सकती हैं। आज महिलाएं हर क्षेत्र के कीर्तिमान स्थापित कर रही हैं। इसके लिए सरकार नारी सुरक्षा, नारी सम्मान व नारी स्वावलंबन के लिए संकल्पित है। उन्होंने कहा कि सरकार अपनी नारी शक्ति की ताकत, साहस और दृढ़ता का सम्मान करते हुए विभिन्न क्षेत्रों में उनकी उपलब्धियों की सराहना करती है, केन्द्र व प्रदेश की सरकार शिक्षा, उद्यमिता, कृषि, प्रौद्योगिकी, खेल सहित अन्य क्षेत्रों में अनेक पहलों के माध्यम से महिलाओं को सशक्त बनाने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने आशा मालवीय को उज्वल भविष्क की शुभकामनाएं देते हुये जनपद के पर्यटन चित्र भेंट किये।
आशा मालवीय ने बता कि उन्होंने फिजिकल एजुकेशन में पीजी की पढ़ाई की है। खेल और फिटनेस के क्षेत्र से जुड़ी होने के कारण उन्होंने हमेशा युवाओं और विशेषकर महिलाओं को शारीरिक रूप से सशक्त बनने के लिए प्रेरित किया है। उनका मानना है कि आत्मविश्वास, अनुशासन और दृढ़ निश्चय से कोई भी लक्ष्य हासिल किया जा सकता है।
उन्होंने बताया कि इस यात्रा का मुख्य उद्देश्य महिलाओं को आत्मनिर्भर और साहसी बनने के लिए प्रेरित करना है। वे जहां-जहां से गुजर रही हैं, वहां लोगों से संवाद कर रही हैं और बेटियों की शिक्षा, महिला सुरक्षा तथा राष्ट्रप्रेम का संदेश दे रही हैं। रास्ते में कई सामाजिक संगठनों और स्थानीय लोगों द्वारा उनका स्वागत भी किया जा रहा है।
कठिन मौसम, लंबी दूरी और शारीरिक थकान जैसी चुनौतियों के बावजूद आशा का उत्साह कम नहीं हुआ है। उनका कहना है कि यह यात्रा केवल साइकिल चलाने की नहीं, बल्कि समाज में सकारात्मक बदलाव लाने की एक मुहिम है।
ललितपुर पहुंचने पर स्थानीय लोगों ने उनका गर्मजोशी से स्वागत किया और उनके साहस की सराहना की। आशा मालवीय की यह पहल न केवल महिलाओं के लिए प्रेरणा है, बल्कि युवाओं में देशभक्ति और आत्मबल की भावना को भी मजबूत कर रही है।
7800 किलोमीटर की इस ऐतिहासिक यात्रा को पूरा करने का उनका संकल्प अडिग है। उनका संदेश स्पष्ट हैकृ“यदि हौसले बुलंद हों तो कोई भी मंजिल दूर नहीं।

February 20, 2026

प्रधानमंत्री 22 फरवरी को मेरठ का दौरा करेंगे

  • प्रधानमंत्री करीब 12,930 करोड़ रुपये की परियोजनाओं का उद्घाटन और समर्पण करेंगे
  • प्रधानमंत्री भारत की पहली नमो भारत आरआरटीएस का उद्घाटन करेंगे और संपूर्ण दिल्ली-मेरठ नमो भारत कॉरिडोर राष्ट्र को समर्पित करेंगे
  • प्रधानमंत्री भारत की सबसे तेज मेट्रो – मेरठ मेट्रो का उद्घाटन करेंगे
  • पहली बार अपनी तरह की पहल के तहत, नमो भारत आरआरटीएस और मेरठ मेट्रो एक ही बुनियादी ढांचे पर संचालित होंगी
PM Narendra Modi
Posted on: 20.02.2026 Time 10.55 PM Source PIB Delhi

नई दिल्ली। प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी 22 फरवरी 2026 को उत्तर प्रदेश के मेरठ का दौरा करेंगे। दोपहर में करीब 12:30 बजे, प्रधानमंत्री शताब्दी नगर नमो भारत स्टेशन पर मेरठ मेट्रो और नमो भारत ट्रेन को हरी झंडी दिखाएंगे। यहां से वे मेरठ साउथ स्टेशन तक मेट्रो का सफर करेंगे। दोपहर लगभग 1 बजे, प्रधानमंत्री मेरठ में लगभग 12,930 करोड़ रुपए की विभिन्न विकास परियोजनाओं का उद्घाटन करेंगे और उन्हें राष्ट्र को समर्पित करेंगे। वे इस अवसर पर सभा को संबोधित भी करेंगे।

प्रधानमंत्री 82 किलोमीटर लंबे दिल्ली-मेरठ नमो भारत कॉरिडोर को राष्ट्र को समर्पित करेंगे। वे भारत की पहली नमो भारत रीजनल रैपिड ट्रांसिट सिस्टम (आरआरटीएस) के शेष खंडों का भी उद्घाटन करेंगे। इनमें दिल्ली में सराय काले खान और न्यू अशोक नगर के बीच का 5 किलोमीटर का खंड और उत्तर प्रदेश में मेरठ साउथ और मोदीपुरम के बीच का 21 किलोमीटर का खंड शामिल है।

180 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार के साथ, नमो भारत भारत की पहली क्षेत्रीय तीव्र पारगमन प्रणाली है। नमो भारत से साहिबाबाद, गाजियाबाद, मोदीनगर और मेरठ जैसे प्रमुख शहरी केंद्र दिल्ली से अधिक तेजी से जुड़ पाएगें।

कॉरिडोर का शुरुआती स्टेशन सराय काले खान, इस उद्घाटन के साथ शुरू होने वाले चार नमो भारत स्टेशनों में से एक है। यह रणनीतिक रूप से एक प्रमुख मल्टी-मॉडल हब के रूप में स्थित है, जो हजरत निजामुद्दीन रेलवे स्टेशन, दिल्ली मेट्रो की पिंक लाइन, वीर हकीकत राय आईएसबीटी और रिंग रोड को सरलता से जोड़ता है। शुरू होने वाले अन्य तीन नमो भारत स्टेशन शताब्दी नगर, बेगमपुल और मोदीपुरम मेरठ में हैं।

प्रधानमंत्री मेरठ दक्षिण और मोदीपुरम के बीच मेरठ मेट्रो सेवा का भी उद्घाटन करेंगे, जो नमो भारत के ही बुनियादी ढांचे पर संचालित होगी। यह देश में अपनी तरह की पहली पहल है। मेरठ मेट्रो भारत की सबसे तेज मेट्रो प्रणाली होगी, जिसकी अधिकतम परिचालन गति लगभग 120 किमी प्रति घंटा होगी। मेट्रो सभी निर्धारित पड़ावों सहित पूरी दूरी को मात्र 30 मिनट में तय करेगी। एक ही बुनियादी ढांचे पर नमो भारत और मेरठ मेट्रो का यह निर्बाध एकीकरण, तेज़ रफ्तार वाली अंतर-शहरी यात्रा और शहर के भीतर सुगम आवागमन के लिए मददगार साबित होगा, जो भारत में एकीकृत शहरी और क्षेत्रीय परिवहन के लिए एक मिसाल कायम करेगा। इससे सड़क यातायात में भीड़ कम होगी और नतीजतन वाहनों से होने वाले कार्बन डाइऑक्साइड उत्सर्जन में खासी कमी आएगी।

ये परियोजनाएं शहरी गतिशीलता को बदलने और नागरिकों के जीवन को सरल बनाने वाली निर्बाध, कुशल, आधुनिक और टिकाऊ सार्वजनिक परिवहन प्रणालियों को सुनिश्चित करने के प्रधानमंत्री के दृष्टिकोण को और गति प्रदान करेंगी।

Banda Pocso Court: बच्चों के यौन शोषण और चाइल्ड पोर्नोग्राफी में दंपत्ति को फांसी की सजा

Posted on:20.02.2026 Friday, Time 09.13 PM

बांदा, 20 फरवरी। UP News, जनपद की विशेष पॉक्सो एक्ट अदालत ने Child Pornography चाइल्ड पोर्नोग्राफी, बाल यौन शोषण मामले में दंपत्ति को मृत्यु दंड की सजा सुनाई है। पीड़ित बच्चों को 10 10 लाख रुपए सहायता देने का भी आदेश दिया है। आरोपित दंपत्ति 5 साल से जेल में बंद हैं।

जानकारी के अनुसार चित्रकूट में निलंबित अवर अभियंता रामभवन और उनकी पत्नी दुर्गावती किराए के मकान में रहते थे। यहां इन्होंने 33 बच्चों का यौन उत्पीड़न किया और उनके Porn videos वीडियो बनाए, फोटो लिए। इन वीडियो और फोटो को डार्क वेब के माध्यम से विदेशी पोर्न वेबसाइट पर अपलोड किया। इस धंधे में इन्होंने लाखों रुपए कमाए।

जानकारी होने पर इनके खिलाफ पॉक्सो एक्ट में मामला दर्ज हुआ। इन्हें 2020 में गिरफ्तार कर लिया गया। इस मामले की जांच सीबीआई ने की।CBI सीबीआई ने चार्जशीट के साथ वीडियो और अश्लील बरामद फोटो साक्ष्य में पेश किए।

अदालत ने इस मामले को दुर्लभतम, अत्यंत जघन्य और अधिकतम सजा योग्य मानते हुए रामभवन और दुर्गावती को फांसी की सजा सुना दी।

Web Title: Chitrakoot Engineer and his wife sentenced to death by Banda (UP) POCSO Court for sexually harassment and pornography 33 children, porn video sell on dark web.

February 19, 2026

सरसंघचालक जी का लखनऊ प्रवास क्रम में दूसरे दिन १८/२/२५ को आयोजित प्रथम कार्यक्रम *शोधार्थी संवाद*

राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरसंघचालक डॉ मोहन भागवत जी लखनऊ विश्वविद्यालय में शोधार्थी संवाद कार्यक्रम का शुभारंभ करते हुए

शिक्षा और स्वास्थ्य सबको सुलभ होना चाहिए : डॉ. मोहन भागवत

लखनऊ । शिक्षा और स्वास्थ्य मूलभूत आवश्यकता है। यह व्यवसाय नहीं हो सकते। शिक्षा और स्वास्थ्य सबके लिए सुलभ होने चाहिए। ये बातें सरसंघचालक डॉ. मोहन भागवत ने बुधवार को लखनऊ विश्वविद्यालय के मालवीय सभागार में आयोजित शोधार्थी संवाद कार्यक्रम में कहीं। उन्होंने कहा कि पश्चिम के लोगों ने शिक्षा के साथ खिलवाड़ किया। हमारी शिक्षा व्यवस्था हटाकर अपनी थोपी। जिससे उन्हें काम करने के लिए काले अंग्रेज मिल जाए। अंग्रेजों ने जो बिगाड़ा उसको ठीक करना होगा।

संघ का लक्ष्य भारत को परम वैभव सम्पन्न बनाना

उन्होंने कहा कि संघ का कार्य देश को परम वैभव सम्पन्न बनाना है। मैं और मेरा परिवार ही सबकुछ है, यह न सोच कर पूरे देश के लिए सोचना होगा। संघ समाज की एकता और गुणवत्ता की चिंता करता है। संघ को समझना है तो संघ के अंदर आकर कर देखिये। संघ को पढ़ कर नहीं समझा जा सकता है। संघ को सम्पूर्ण हिन्दू समाज को संगठित करने वाला एक ही काम करना है। संघ किसी के विरोध में नहीं है। संघ को लोकप्रियता, प्रभाव और शक्ति नहीं चाहिए।

शोध की बड़ी भूमिका महत्वपूर्ण

सरसंघचालक ने कहा कि भारत की दिशा और दशा बदलने में शोध की बड़ी भूमिका है। सत्य परक बातें सामने आनी चाहिए। अज्ञानता से भारत को हम समझ ही नहीं पाएंगे। उन्होने शोधार्थियों से कहा कि जो भी शोध करें उसे उत्कृष्ट रूप से, प्रामाणिकता पूर्वक, तन-मन-धन से, निःस्वार्थ भाव से देश के लिए करें। उन्होंने कहा कि संघ को लेकर बहुत दुष्प्रचार होता है। शोधार्थियों को सत्य सामने लाना चाहिए।

सभी क्षेत्रों में शक्तिशाली बनाना होगा

वैश्वीकरण पर बात करते हुए उन्होंने कहा कि यह कोई बहुत बड़ी चुनौती नहीं है। आज वैश्वीकरण का मतलब बाजारीकरण से है, जो खतरनाक है। हम वसुधैव कुटुंबकम् की बात करते हैं। यानी पूरे विश्व को अपना परिवार मानते हैं। जब तक सब सुखी नहीं होंगे, एक व्यक्ति सुखी नहीं हो सकता है। इसलिए हमारा जीवन संयमित होना चाहिए, उपभोगवादी नहीं होना चाहिए। संयम, त्याग का जीवन हमारे संस्कृति आत्मबोध में है। पश्चिमी देशों ने जड़वाद फैलाया। उन देशों की सोच है कि बलशाली बनकर खुद जियो और बाकी को छोड़ दो, जो बाधक बने, उन्हें मिटा दो।यही काम आज अमेरिका, चीन कर रहे हैं। लेकिन आज दुनिया भर की समस्याओं के प्रश्नों का उत्तर भारत के पास है। विश्व गुरु बनना है तो सभी क्षेत्रों में शक्तिशाली बनना होगा। दुनिया तभी मानती है जब सत्य के पीछे शक्ति हो।

धर्म का स्वरूप शाश्वत है

उन्होंने कहा कि धर्म का शाश्वत स्वरूप सदैव प्रासंगिक है। सृष्टि जिन नियमों से चलती है, वह धर्म है। धूल का एक भी कण धर्मनिरपेक्ष नहीं हो सकता है। धर्म सबको सुख पहुंचाता है। हमारी सभी बातों में धर्म लागू है। आचरण धर्म, देश, काल के अनुसार बदलता रहता है। धर्म बताता है कि हमें अकेले नहीं सबके साथ जीना है।

पर्यावरण संरक्षण में योगदान दें

संघ प्रमुख ने कहा कि पर्यावरण के प्रति हम लोगों को मित्र भाव से जीवन को जीना चाहिए । पेड़ लगाना, पानी बचाना, एकल प्लास्टिक का प्रयोग न करना जैसे कार्य पर्यावरण संरक्षण में सहायक हो सकते हैं। हमें आधुनिक तकनीक का भी पर्यावरण संरक्षण में उपयोग करना चाहिए।”

« Newer PostsOlder Posts »