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श्रीराम मन्दिर में प्राण प्रतिषठा की दूसरी वर्षगांठ पर महाअभिषेक

January 1, 2026

श्रीराम मन्दिर में प्राण प्रतिषठा की दूसरी वर्षगांठ पर महाअभिषेक

अयोध्या,  31 दिसम्बर 2025 (उ.प्र.समाचार सेवा)। भगवान श्रीराम के मन्दिर में प्राण प्रतिष्ठा की दूसरी वर्षगांठ पर महाअभिषेक किया गया। इसके बाद छप्पन भोग लगाया गया। आज श्रीराम जन्मभूमि पर नव निर्मित मन्दिर में बालकराम की प्रतिमा की प्राण प्रतिषठा की दूसरी वर्षगांठ है। आज ही के दिन पौष मास के शुक्ल पक्ष की द्वादशी को दो साल पहले प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी, संघ के सरसंघचालक डा मोहन भागवत और उत्तर प्रदेश के मुख्य मंत्री योगी आदित्यनाथ ने मंदिर में प्राण प्रतिष्ठा समारोह को सम्पन्न कराया था।

सोने का मुकुट और पीत वस्त्र धारण कर अर्चकों ने महाभिषेक सम्पन्न कराया। अर्चकों ने पहले श्रंगार किया फिर छप्पन भोग लगाया। इस अवसर पर विशेष रूप से पधारे रक्षा मंत्री श्री राजनाथ सिंह और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने आरती की। इसके उपरान्त रक्षा मंत्री और मुख्यमंत्री ने अन्नपूर्णा मन्दिर में केसरिया धव्जा का आरोहण किया।

महाअभिषेक के आयोजन सुबह साढ़े नौ बजे आरंभ हो गए थे। सबसे पहले भूतल पर बालकराम का सरयू जल व पंचामृत से अभिषेक किया गया। इसके उपरान्त भव्य श्रंगार और प्राक्ट्य आरती हुई। इसके उपरान्त प्रथम तल पर राजाराम का भी श्रंगार व भोग लगाया गया।

December 31, 2025

अमित शाह ने श्री राम जन्मभूमि में प्राण-प्रतिष्ठा की दूसरी वर्षगांठ की शुभकामनाएं दी।

नई दिल्ली।    गृह एवं सहकारिता मंत्री श्री अमित शाह ने श्री राम जन्मभूमि मंदिर में रामलला की प्राण-प्रतिष्ठा की दूसरी वर्षगांठ की शुभकामनाएं दी।

X प्लेटफार्म पर एक पोस्ट में केन्द्रीय गृह मंत्री ने कहा “जय श्री राम! आज ही की शुभ तिथि पर दो वर्ष पूर्व 500 वर्षों की प्रतीक्षा समाप्त हुई और मोदी जी ने श्री राम जन्मभूमि मंदिर में रामलला की प्राण-प्रतिष्ठा की। प्राण-प्रतिष्ठा की दूसरी वर्षगाँठ की सभी को हार्दिक शुभकामनाएँ। प्रभु श्रीराम के आदर्शों और जीवन मूल्यों की पुनर्स्थापना का प्रतीक यह मंदिर धर्म की रक्षा के लिए संघर्ष, सांस्कृतिक स्वाभिमान के लिए त्याग व विरासतों के संरक्षण के लिए बलिदान की अप्रतिम प्रेरणा बना रहेगा। इस पवित्र अवसर पर श्री राम जन्मभूमि आंदोलन के सभी बलिदानियों को नमन करता हूँ।“

अयोध्या में रामलला की प्राण-प्रतिष्ठा की दूसरी वर्षगांठ पर प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने शुभकामनाएं दीं

नई दिल्ली, 31 दिसम्बर 2025,  by PIB Delhi

अयोध्या में राम लला की प्राण-प्रतिष्ठा की दूसरी वर्षगांठ के शुभ अवसर पर प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने देश और विश्वभर के भक्तों को हार्दिक शुभकामनाएं दी हैं।

श्री मोदी ने राम लला की प्राण-प्रतिष्ठा वर्षगांठ को भारत की आस्था और सांस्कृतिक विरासत का दिव्य उत्सव बताया। उन्होंने भारत और विदेश के असंख्य भक्तों की ओर से भगवान श्री राम के चरणों में श्रद्धापूर्वक नमन किया और सभी देशवासियों को अपनी असीम शुभकामनाएं दीं।

प्रधानमंत्री ने सदियों पुराने संकल्प के ऐतिहासिक रूप से पूरा होने का स्‍मरण करते हुए कहा कि भगवान श्री राम की कृपा और आशीर्वाद से लाखों भक्तों की पांच शताब्दियों की पवित्र मनोकामना पूरी हुई है। उन्‍होंने कहा कि राम लला फिर से अपने भव्य निवास में विराजमान हैं और यह वर्ष अयोध्या में धर्म ध्वज और राम लला की प्रतिष्ठा द्वादशी के गौरव का साक्षी है। प्रधानमंत्री ने पिछले माह इस धर्म ध्वज की पुण्‍य स्‍थापना का अवसर मिलने को अपना परम सौभाग्य बताया।

श्री मोदी ने कामना की कि मर्यादा पुरूषोत्तम प्रभु श्री राम की प्रेरणा से प्रत्येक नागरिक के हृदय में सेवा, समर्पण और करुणा की भावना गहरी हो। उन्‍होंने कहा कि ये मूल्य समृद्ध और आत्मनिर्भर भारत के निर्माण के सशक्‍त आधार हैं।

सोशल मीडिया एक्स पर एक थ्रेड पोस्ट में, श्री मोदी ने लिखा:

“अयोध्या जी की पावन धरा पर आज रामलला की प्राण-प्रतिष्ठा की द्वितीय वर्षगांठ मनाई जा रही है। ये वर्षगांठ हमारी आस्था और संस्कारों का एक दिव्य उत्सव है। इस पावन-पुनीत अवसर पर देश-विदेश के सभी रामभक्तों की ओर से प्रभु श्री राम के चरणों में मेरा कोटि-कोटि नमन और वंदन! समस्त देशवासियों को मेरी अनंत शुभकामनाएं।

“भगवान श्री राम की असीम कृपा और आशीर्वाद से असंख्य रामभक्तों का पांच सदियों का संकल्प साकार हुआ है। आज रामलला अपने भव्य धाम में पुन: विराजित हैं और इस वर्ष अयोध्या की धर्म ध्वजा, रामलला की प्रतिष्ठा द्वादशी की साक्षी बन रही है। ये मेरा सौभाग्य है कि पिछले महीने मुझे इस ध्वजा की पुण्य स्थापना का सुअवसर मिला।”

“मेरी कामना है कि मर्यादा पुरुषोत्तम की प्रेरणा हर देशवासी के हृदय में सेवा, समर्पण और करुणा की भावना को और प्रगाढ़ करे, जो समृद्ध और आत्मनिर्भर भारत के निर्माण का सशक्त आधार भी बने।

जय सियाराम!”

श्री राम जन्मभूमि परिसर में मां अन्नपूर्णा मंदिर के शिखर पर रक्षा मंत्री ने की धर्मध्वजा की स्थापना

भगवान राम की प्राण प्रतिष्ठा, भारत की आध्यात्मिक शक्ति की प्राण प्रतिष्ठा है- राजनाथ सिंह

अयोध्या, 31 दिसंबर। श्रीराम जन्मभूमि मंदिर में प्रभु रामलला के विराजमान होने के प्रतिष्ठा द्वादशी समारोह के द्वितीय वार्षिकोत्सव में शामिल होने, आज देश के रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के साथ अयोध्या धाम पहुंचे। इस पावन अवसर पर उन्होंने सबसे पहले हनुमानगढ़ी में हनुमान जी का दर्शन पूजन कर, श्रीराम जन्मभूमि मंदिर में प्रभु रामलला के दर्शन किये। इसके बाद उन्होंने मंत्रोच्चार के बीच श्रीराम जन्मभूमि मंदिर परिसर में बने में मां अन्नपूर्णा मंदिर के शिखर पर धर्मध्वजा को स्थापित किया।इस दौरान अपने संबोधन में रक्षा मंत्री ने अपने मनोभावों को व्यक्त करते हुए कहा कि “नाथ आजु मैं कहा न पावा”। ऐसा लग रहा है कि जीवन में मैं जो पाना चाहता था, वह सब कुछ मुझे मिल गया। राघवेंद्र सरकार ने इस दिन के लिए स्वयं मुझे चुना था, इसलिए आज यह अवसर मुझे मिल रहा है।

अयोध्या की हर गली, हर चौराहा क्या पूरा भारतवर्ष आज राममय है

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने इसे अपने जीवन का सौभाग्यशाली दिन बताते हुए कहा, “आज से दो वर्ष पूर्व जब प्रभु श्रीराम यहां पुनर्प्रतिष्ठित हुए, वो समस्त भारतवासियों के लिए गौरव का ऐतिहासिक क्षण था। प्रभु श्रीराम अपनी कीर्ति से आज केवल भारतवर्ष ही नहीं, बल्कि पूरे विश्व को विभूषित कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि अयोध्या की हर गली-हर चौराहा राममय हो गया हो। कनक भवन, दशरथ महल, हनुमानगढ़ी, संपूर्ण अयोध्या मां सरयु की गोद में शोभायमान हो रही है। यह आभा केवल अयोध्या क्षेत्र तक सीमित नहीं, बल्कि संपूर्ण अवध और भारतवर्ष आज राममय है। उन्होंने इस दिन को गौरवपूर्ण बताते हुए याद दिलाया कि यह वही भूमि है, जिसने वर्षों तक भगवान राम के लिए असहनीय बलिदान दिया, अपमान सहा, लेकिन आस्था को कभी डिगने नहीं होने दिया। अयोध्या में भगवान राम की प्राण प्रतिष्ठा को राजनाथ सिंह ने भारत की आध्यात्मिक शक्ति की प्राण प्रतिष्ठा कहा। उन्होंने कहा, हम सभी पिछले अनेक पीढ़ियों की तुलना में अत्यतं सौभाग्यशाली हैं कि हमने वह क्षण अपनी आंखों से देखा।

राम मंदिर आंदोलन, दुनिया का सबसे ग्रैंड नैरेटिव है

राम मंदिर आंदोलन को उन्होंने दुनिया का सबसे ग्रैंड नैरेटिव बताते हुए कहा कि यह आंदोलन भूगोल और समय दोनों के हिसाब से अद्वितीय है। उन्होंने कहा कि भारत से लेकर पाकिस्तान, श्रीलंका, इंडोनेशिया, वियतनाम और थाईलैंड जैसे अनेकों देश जहां हिंदुओं के अलावा अन्य समुदायों के लोग भी प्रभु राम से खुद को जुड़ा हुआ मानते हैं, यह उन सब राम को मानने वालों का आंदोलन था। 500 वर्षों के लम्बें अहिंसक संघर्ष से चलने वाला ऐसा आंदोलन इतिहास में कहीं देखने को नहीं मिलेगा। उन्होंने कहा कि अयोध्या में केवल श्रीराम मंदिर का ही निर्माण नहीं हुआ है बल्कि हवाई अड्डा, रेल नेटवर्क, रोड कनेक्टिविटी के साथ उद्योग, व्यापार का सभी क्षेत्रों में अयोध्या विकास के नये आयाम रच रही है। विकास की यह धारा केवल अयोध्या तक सीमित नहीं है, बल्कि पूरे अवध प्रांत से लेकर देश के कोने-कोने तक पहुंच रही है। अवधपुरी की इस विकास यात्रा के लिए उन्होंने डबल इंजन सरकार में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के कुशल नेतृत्व और सफल प्रयास की सराहना की और बधाई दी।

*ऑपरेशन सिंदूर में हमने आतंकियों को उनके ठिकानों में घुस कर सबक सिखाया*

रक्षा मंत्री ने अपने संबोधन में ऑपरेशन सिंदूर का जिक्र करते हुए प्रभु श्रीराम की मर्यादा का उदाहरण दिया। उन्होंने कहा जिस प्रकार प्रभु श्रीराम ने युद्ध में मर्यादा न छोड़ने की शिक्षा हम सबको दी है, उसी प्रकार हमारी सेना ने भी सीमित, नियंत्रित और उद्देश्यपूर्ण कार्रवाई की। ऑपरेशन सिंदूर का उद्देश्य आतंकियों को सबक सिखाना था, हमने उनके ठिकाने में घुस कर सबक सिखाया है। साथ ही उन्होंने बताया कि जिस तरह भगवान राम का दिव्य-भव्य मंदिर आयोध्या धाम में प्रतिष्ठित है, उसी तरह पुनौराधाम में मां जानकी की जन्मस्थली में भव्य मंदिर का भी निर्माण हो रहा है। अपने संबोधन के समापन पर उन्होंने प्रार्थना की, “जब तक गगन में चंद्र और दिवाकर विद्यमान हैं, तब तक सनातन आस्था की ये धर्मध्वजा लहराती रहे। प्रभु राम हम सबको कर्तव्य का मार्ग दिखाएं।”

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