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Gorakhpur खिचड़ी महापर्व : गोरखनाथ मंदिर में उमड़ा आस्था का सैलाब

January 15, 2026

Gorakhpur खिचड़ी महापर्व : गोरखनाथ मंदिर में उमड़ा आस्था का सैलाब

Khichdi Parv Makar Sankranti Gorakhpur

खिचड़ी पर्व पर गोरक्ष मंदिर गोरखपुर में उमड़ा आस्था का सैलाब

बाबा का खप्पर भरने को श्रद्धा की अंजुरी में आस्था की खिचड़ी लेकर उमड़े लाखों श्रद्धालु

सबसे पहले सीएम योगी ने महायोगी गोरखनाथ जी को चढ़ाई आस्था की पवित्र खिचड़ी

मकर संक्रांति पर श्रीनाथ जी का विधिविधान से पूजन कर गोरक्षपीठाधीश्वर ने की प्रदेशवासियों के सुखमय जीवन की कामना

सभी व्यवस्थाओं पर खुद नजर बनाए रहे मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ

गोरखपुर, 15 जनवरी 2016, मकर संक्रांति के पावन पर्व पर गोरक्षपीठाधीश्वर एवं मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गुरुवार ब्रह्म मुहूर्त में चार बजे शिवावतार महायोगी गुरु गोरखनाथ को नाथपंथ की विशिष्ट परंपरा के अनुसार आस्था की पवित्र खिचड़ी चढ़ाई और लोकमंगल की कामना की। सीएम योगी के बाद नाथ योगियों, साधु संतों ने भी बाबा गोरखनाथ को खिचड़ी चढ़ाकर पूजा अर्चना की। इसके साथ मंदिर के गर्भगृह कपाट को आमजन के लिए खोल दिया गया। खिचड़ी चढ़ाने के लिए मंदिर में आस्था का सैलाब नजर आया। गोरखनाथ मंदिर में लाखों की संख्या में श्रद्धालु महायोगी गोरखनाथ को खिचड़ी चढ़ाने के लिए पहुंचे। लोक मान्यता के अनुसार त्रेतायुग से बाबा गोरखनाथ का खप्पर भरने की परंपरा का अनुसरण करते हुए श्रद्धा की अंजुरी में आस्था की खिचड़ी लेकर श्रद्धालु नतमस्तक रहे। महायोगी गोरखनाथ को नेपाल राजपरिवार की तरफ से भेजी गई खिचड़ी भी श्रद्धापूर्वक अर्पित की गई। खिचड़ी चढ़ाने के बाद श्रद्धालुओं ने मंदिर परिसर में लगे विशाल मेले का भ्रमण कर आनंद उठाया। मनोरंजन के साथ जरूरी वस्तुओं की जमकर खरीदारी की।

मकर संक्रांति पर गुरुवार को भोर में गोरक्षपीठाधीश्वर योगी आदित्यनाथ ने नाथपंथ की परंपरा के अनुसार गोरखनाथ मंदिर के गर्भगृह में जमीन पर बैठ कर, सीटी बजाकर गुरु गोरखनाथ को प्रणाम कर आदेश लिया। फिर विधिविधान से पूजन कर गोरक्षपीठ की ओर से श्रीनाथ जी को खिचड़ी (चावल, दाल, तिल, सब्जी, हल्दी, नमक आदि) चढ़ाई। इसके बाद उन्होंने मुख्य मंदिर में स्थापित अन्य देव विग्रहों की पूजा की। फिर योगिराज बाबा गंभीरनाथ, अपने दादागुरु महंत दिग्विजयनाथ, गुरुदेव महंत अवेद्यनाथ, नौमीनाथ व अन्य नाथ योगियों की प्रतिमाओं समक्ष शीश नवाकर खिचड़ी भोग अर्पित किया। सीएम योगी द्वारा बाबा गोरखनाथ को खिचड़ी भोग अर्पित करने के बाद सुख समृद्धि की मंगलकामना लेकर उत्तर प्रदेश, बिहार, दिल्ली समेत अन्य राज्यों और पड़ोसी देश नेपाल से आए श्रद्धालुओं ने भी कतारबद्ध होकर महायोगी गोरखनाथ को श्रद्धा की खिचड़ी चढ़ाई।

*लगातार चलता रहा खिचड़ी चढ़ाने का सिलसिला*
महायोगी गोरखनाथ को खिचड़ी चढ़ाने का सिलसिला लगातार चलता रहा। पूरे दिन भक्तों की कतार नहीं टूटी। दोपहर बाद तक गोरखनाथ मंदिर आने वाले सभी रास्तों पर श्रद्धालुओं का रेला दिख रहा था। खिचड़ी चढ़ाने के बाद श्रद्धालुओं ने मंदिर परिसर में स्थित सभी देवी देवताओं के विग्रहों का पूजन कर ब्रह्मलीन महंत बाबा गंभीरनाथ, ब्रह्मलीन महंत दिग्विजयनाथ एवं ब्रह्मलीन महंत अवेद्यनाथ की समाधि पर माथा टेक आशीर्वाद भी लिया। पूरा दिन मंदिर परिसर गुरु गोरखनाथ की जय जयकार से गूंजता रहा। इस दौरान श्रद्धालुओं की सुरक्षा व सुविधा को लेकर मंदिर व जिला प्रशासन की ओर से समुचित प्रबंध किए गए। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ खुद सभी व्यवस्थाओं पर नजर बनाए हुए थे।

*भोर में तीन बजे ही लग गई थी लंबी कतार
गोरखनाथ मंदिर का खिचड़ी मेला लोक श्रद्धाभाव के साथ सामाजिक समरसता का भी मेला है। हर वर्ग के लोग नंगे पांव कतारबद्ध होकर बारी बारी भगवान गोरखनाथ को आस्था की पवित्र खिचड़ी चढ़ा रहे थे। कोई मुठ्ठी भर श्रद्धा का चावल लेकर आ रहा था तो कोई झोली भर। पर, महायोगी के प्रति भाव सभी का एक समान था। न जाति का बंधन था, न धर्म का। बुधवार को भी लाखों श्रद्धालुओं ने खिचड़ी चढ़ाई थी। गुरुवार को यह संख्या और बढ़ गई। भोर में तीन बजे ही श्रद्धालुओं की लंबी कतार मंदिर परिसर से बाहर सड़क तक लग गई थी। अलग-अलग गेट और बैरिकेडिंग से श्रद्धालुओं की भीड़ को संभाला जा रहा था।

*मंदिर में हुआ खिचड़ी सहभोज का आयोजन*
मकर संक्रांति के पावन पर्व पर गुरुवार को गोरखनाथ मंदिर परिसर में श्रद्धा के साथ सभी श्रद्धालुओं को खिचड़ी का प्रसाद वितरित करने के लिए सहभोज का आयोजन किया गया। अमीर-गरीब, जाति, वर्ग का भेदभाव भुलाकर सबने खिचड़ी का प्रसाद ग्रहण किया। मंदिर परिसर में आमंत्रित अतिथियों के लिए भी सहभोज का आयोजन किया गया। इसमें बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधियों, प्रशासन एवं पुलिस के अधिकारियों, उद्यमियों, विभिन्न संगठनों के पदाधिकारियों एवं गण्यमान्य लोगों की सहभागिता रही।

*नेपाल में राजगुरु माने जाते हैं महायोगी गोरखनाथ : डॉ. प्रदीप राव*
नाथपंथ के अध्येता डॉ. प्रदीप कुमार राव बताते हैं कि महायोगी गुरु गोरखनाथ का नेपाल से भी गहरा संबंध है। मकर संक्रांति पर गुरु गोरखनाथ को गोरक्षपीठाधीश्वर द्वारा खिचड़ी चढ़ाए जाने के बाद नेपाल राजपरिवार की तरफ से आई खिचड़ी चढ़ाई जाती है। गुरु गोरखनाथ जी नेपाल के राजगुरु माने जाते हैं।

*त्रेतायुगीन मानी जाती है गोरखनाथ मंदिर में खिचड़ी चढ़ाने की परंपरा*
गोरखनाथ मंदिर में खिचड़ी चढ़ाने की परंपरा त्रेतायुगीन मानी जाती है। मान्यता है कि तत्समय आदियोगी गुरु गोरखनाथ एक बार हिमाचल प्रदेश के कांगड़ा जिले में स्थित मां ज्वाला देवी के दरबार में पहुंचे। मां ने उनके भोजन का प्रबंध किया। कई प्रकार के व्यंजन देख बाबा ने कहा कि वह तो योगी हैं और भिक्षा में प्राप्त चीजों को ही भोजन रूप में ग्रहण करते हैं। उन्होंने मां ज्वाला देवी से पानी गर्म करने का अनुरोध किया और स्वयं भिक्षाटन को निकल गए। भिक्षा मांगते हुए वह गोरखपुर आ पहुंचे और राप्ती और रोहिन के तट पर जंगलों में बसे इस स्थान पर धूनी रमाकर साधनालीन हो गए। उनका तेज देख लोग उनके खप्पर में अन्न (चावल, दाल आदि) दान करते रहे। इस दौरान मकर संक्रांति का पर्व आने पर यह परंपरा खिचड़ी पर्व के रूप में परिवर्तित हो गई। तब से बाबा गोरखनाथ को खिचड़ी चढ़ाने का क्रम हर मकर संक्रांति पर अहर्निश जारी है। कहा जाता है कि उधर मां ज्वाला देवी के दरबार में बाबा की खिचड़ी पकाने के लिए आज भी पानी उबल रहा है।

मुजफ्फरनगर में रोके गए कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय

मुजफ्फरनगर, 15 जनवरी 2026, पिछड़ा वर्ग के युवक की मृत्यु पर संवेदना व्यक्त करने उसके घर जा रहे कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष अजय राय को पुलिस ने खतौली में एक चेक पोस्ट पर रोक लिया। उन्हें आगे नहीं जाने दिया गया।

श्री राय पिछड़ा वर्ग के युवक रोहित कश्यप उर्फ सोनू (29) की मृत्यु होने पर उसके घर जाना चाहते थे। युवक का शव जली हुई अवस्था में मेरठ के सरधना क्षेत्र के जंगल से बरामद हुआ था। वह मूल रूप से मुजप्फरनगर जनपद का निवासी था। श्री राय ने कहा है कि वे सिर्फ संवेदना व्यक्त करने के लिए मृतक के परिवार से मिलने जाना चाहते थे।

अकेले चुनाव लड़ेगी बसपाः मायावती

भविष्य के सभी चुनाव हम अकेले लड़ेंगे, गठबंधन से होता है नुकसान

70nth Birth Day of BSP Chief Ms Mayawati

बसपा सुप्रीमो मायावती को उनके 70वें जन्म दिवस पर पुष्प गुच्छ भेंट करते पार्टी नेता सतीश चन्द्र मिश्र और आकाश आनन्द

लखनऊ, 15 जनवरी 2026 ( UP Samachar Sewa). बहुजन समाज पार्टी की मुखिया और पूर्व मुख्यमंत्री मायावती ने कहा है कि वर्ष 2027 में होने वाले विधान सभा चुनाव हम अकेले लड़ेंगे। किसी भी दल से गठबंधन नहीं किया जाएगा। सुश्री मायावती अपने 70वें जन्म दिवस के अवसर पर आयोजित पत्रकार वार्ता को सम्बोधित कर रही थीं। इस अवसर पर उनके साथ वरिष्ठ नेता सतीश चन्द्र मिश्र और पार्टी के कोर्डिनेटर और मायावती के उत्तराधिकारी आकाश आनन्द भी मौजूद थे।

जन्म दिवस पर पार्टी नेताओं ने मायावती को पुष्प गुच्छ भेंट कर उनका स्वागत किया। इसके बाद बसपा सुप्रीमो ने ब्लू बुक के 21वें संस्करण का विमोचन किया। ब्लू बुक सुश्री मायावती की जीवनी है। इसमें उनकें जीवन, पार्टी के लिए संघर्ष और नीतियों का विवरण दिया जाता है। पत्रकारों से इस अवसर पर बातचीत में उन्होंने यह स्पष्ट कर दिया कि आगामी चुनाव 2027 में वे किसी से गठबंधन नहीं करेंगीं। क्योंकि उन्हें गठबंधन से नुकसान होता है।

सुश्री मायावती ने कहा कि गठबंधन करने से उनका वोट तो दूसरी पार्टियों को ट्रांसफर हो जाता है लेकिन, अपर कास्ट का वोट उनके प्रत्याशियों को ट्रांसफर नहीं होता है। इससे हमें नुकसान होता है। उन्होंने कहा कि हम आगे होने वाले सभी चुनाव तब तक अकेले लडेंगे जब तक कि यह भरोसा नहीं हो जाएगा कि अपर कास्ट का वोट भी हमें ट्रांसफर होगा।

फाल्स सीलिंग में आग से मायावती की प्रेस कांफ्रेंस में अफरा तफरी

मायावती की प्रेस कांफ्रेंस में फाल्स सीलिंग में लगी आग बुझाते सुरक्षाकर्मी

मायावती की प्रेस कांफ्रेंस में फाल्स सीलिंग में लगी आग बुझाते सुरक्षाकर्मी

लखनऊ, 15 जनवरी 2026, पूर्व मुख्यमंत्री और बसपा की सुप्रीमो मायावती की जन्म दिवस पर आयोजित प्रेस कांफ्रेंस में सभागार की फाल्स सीलिंग में आग गई। इससे उठे धुंए से प्रेस कांफ्रंस में अफरा तफरी मच गई।

जानकारी के अनुसार मायावती की पत्रकार वार्ता जब चल रही थी, तभी फाल्स सीलिंग से धुंआ निकलता दिखायी दिया। कुछ ही देर में धुंआ सभागार में फैल गया। इसके बाद सुरक्षा कर्मचारियों ने तत्काल फायर फाइटिंग उपकरणों से फाल्स सीलिंग में लगी आग पर काबू पा लिया। इसके पूर्व धुंआ उठता देख सुरक्षा कर्मचारियों ने मायावती को सुरक्षित बाहर निकाल लिया और सभागार को भी खाली करा लिया गया।

फाल्स सीलिंग में धुंआ उठने का कारण सार्ट सर्किट से लगी आग बतायी जा रही है।

मकर संक्रांति त्योहारों की परम्परा का एक अत्यन्त महत्वपूर्ण पर्व : मुख्यमंत्री

मुख्यमंत्री ने गोरखपुर में मकर संक्रांति के अवसर पर पत्रकारों से बात की

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ गुरुवार को गोरखनाथ मन्दिर में गुरु गोरखनाथ को खिचडी प्रसाद अर्पित करते हुए

लखनऊ, 15 जनवरी, 2026   मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ  ने प्रदेशवासियों को मकर संक्रांति के पावन पर्व की बधाई और शुभकामनाएं देते हुए कहा कि विगत दिवस से ही प्रदेश के लाखों श्रद्धालुगण पवित्र धर्म स्थलों पर जाकर अपनी आस्था का नमन कर रहे है। उनका सौभाग्य है कि ब्रह्म मुहूर्त में प्रातः 04 बजे श्री भगवान गोरखनाथ जी को आस्था की पवित्र खिचड़ी चढ़ाने का अवसर प्राप्त हुआ है। मुख्यमंत्री आज श्री गोरखनाथ मन्दिर, गोरखपुर में मकर संक्रांति के अवसर पर मीडिया प्रतिनिधियों को सम्बोधित कर रहे थेमुख्यमंत्री जी ने कहा कि शिवावतार भगवान गोरखनाथ जी को लाखों श्रद्धालु अपनी आस्था की पवित्र खिचड़ी चढ़ाने के लिए आये हुए हैं और वह निरन्तर पवित्र खिचड़ी चढ़ा रहे हैं। इसी प्रकार प्रयागराज संगम में लाखों श्रद्धालु, कल्पवासी और पूज्य संतजन प्रयागराज की धरती पर उपस्थित होकर न केवल अपनी साधना में रत हैं, अपितु भगवान वेणी माधव, भगवान प्रयागराज, मां गंगा, मां यमुना, मां सरस्वती के सान्निध्य में संगम में आस्था की पवित्र डुबकी लगा रहे हैं। यह सिलसिला लगातार आज भी जारी है।

मकर संक्रांति त्योहारों की परम्परा का एक अत्यन्त महत्वपूर्ण पर्व : मुख्यमंत्री

मकर संक्रांति पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गोरखपुर में खिचड़ी प्रसाद अर्पित किया

मुख्यमंत्री जी ने कहा कि मकर संक्रांति भारत के पर्व और त्योहारों की परम्परा का एक अत्यन्त महत्वपूर्ण पर्व है। वास्तव में भगवान सूर्य इस जगत की आत्मा है। जगतपिता सूर्य की उपासना का यह पर्व समस्त शुभ व मांगलिक कार्यों के लिए प्रशस्त तिथि मानी जाती है। अर्थात आज के बाद से सनातन धर्म की परम्परा में सभी मांगलिक कार्यक्रम प्रारम्भ हो जाएंगे। ज्योतिषीय परम्परा के अनुसार सूर्य का अयन वृत्त 12 विभिन्न भागों में विभाजित है। एक राशि से दूसरी राशि में सूर्यदेव का संक्रमण संक्रांति कहलाती है। जब भगवान सूर्य का धनु राशि से मकर राशि में संक्रमण होता है, तब यह संक्रमण मकर संक्रांति कहलाती है। अर्थात अगले 06 माह मकर राशि से मिथुन राशि तक भगवान सूर्य उत्तरायण रहेंगे। उत्तरायण के समय दिन बड़े तथा रात्रि छोटी होती है।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि जीवन्तता के लिए सूर्य का प्रकाश कितना महत्वपूर्ण है और भारत की ऋषि परम्परा ने जीवन के लिए कितना महत्व दिया है, इसका अनुमान इस पर्व के माध्यम से लगा सकते हैं। मकर संक्रांति का पर्व देश के पूरब, पश्चिम, उत्तर तथा दक्षिण सभी हिस्सों में अलग-अलग नाम और रूप से आयोजित होता है। पूरब में बिहू या तिलवा संक्रांति, पश्चिम में लोहड़ी या मकर संक्रांति, दक्षिण भारत में पोंगल तथा उत्तर भारत में खिचड़ी संक्रांति के रूप में श्रद्धालुजन मकर संक्रांति का आयोजन श्रद्धाभाव से करते हैं। शुभ मुहूर्त कल सायं काल से ही प्रारम्भ हो चुका है। हमारे सनातन धर्म की परम्परा में मुहूर्त का शुभ लगन सूर्योदय के साथ प्रारम्भ होता है। आज ब्रह्म मुहूर्त से मकर संक्रांति में खिचड़ी चढ़ाने का मुहूर्त प्रारम्भ हो चुका है।

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