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यूजीसी कानून के विरोध में सर्वण समाज का प्रदर्शन, खून से लिखा ज्ञापन सौंपा

January 28, 2026

यूजीसी कानून के विरोध में सर्वण समाज का प्रदर्शन, खून से लिखा ज्ञापन सौंपा

Posted on : 28.01.2026, Wednesday Time: 08:14 PM,  Source:  Neeraj Chakrapani

हाथरस। यूजीसी कानून के विरोध में सर्वण समाज का आक्रोश लगातार बढ़ता जा रहा है। बुधवार को भारतीय किसान यूनियन (भानु) के पदाधिकारियों एवं कार्यकर्ताओं ने सर्वण समाज के लोगों के साथ कलेक्ट्रेट पहुंचकर धरना-प्रदर्शन किया। प्रदर्शन का नेतृत्व भारतीय किसान यूनियन के मंडल अध्यक्ष राम जादौन ने किया।
प्रदर्शनकारियों ने राष्ट्रपति के नाम एक ज्ञापन सौंपा, जिसे राम जादौन ने अपने खून से लिखा। ज्ञापन में यूजीसी कानून को तत्काल समाप्त करने की मांग की गई। प्रदर्शनकारियों का कहना था कि वे छात्रों के हित में खड़े हैं और किसी भी प्रकार के जातिगत भेदभाव के विरोधी हैं। उन्होंने केंद्र सरकार से इस कानून में शीघ्र संशोधन की मांग की।
धरना-प्रदर्शन के दौरान शिवा ठाकुर, रजत ठाकुर, दिनेश ठाकुर, अमरसिंह, केके शर्मा, सत्येंद्र सिंह, आशीष कुमार सिंह, अभय गौतम, अमन गौतम, मोहित चौधरी, विशाल उपाध्याय, वंश सोनी, हेमंत शर्मा, रंश प्रभाकर सहित अनेक लोग उपस्थित रहे।

मुरादाबादः जाट आरक्षण मामले में 38 आंदोलनकारी बरी 

Amroha Jat Reservation case

अमरोहा के जाट आरक्षण आंदोलन से बरी हुए आंदोलनकारी मुरादाबाद जिला न्यायालय परिसर में

  • अमरोहा में 2011 में काफूरपुर में रेल ट्रैक पर चला 19 दिन धरना, इस दौरान बंद रहा मुरादाबाद दिल्ली रेल मार्ग
  • जाट आरक्षण समिति के अध्यक्ष यशपाल सिंह, सपा विधायक समरपाल सिंह समेत प्रमुख नेताओं को राहत
Posted on : 28.01.2026, Wednesday Time: 08:14 PM,  Source:  Rajesh Bhatia
मुरादाबाद,28 जनवरी (उप्र समाचार सेवा)। अमरोहा में रेलवे ट्रैक जाम के मामले में सभी आरोपियों को राहत मिली है। 15 साल पुराने केस में 38 आंदोलनकारी बरी हो गए। इनमें केंद्रीय जाट आरक्षण समिति समेत के अध्यक्ष चौ यशपाल सिंह, सपा विधायक समरपाल सिंह, काफूरपुर में किसान आदर्श विद्यालय में आंदोलन के आयोजक भगत सिंह उर्फ बाँबी समेत सभी प्रमुख नेता है।
बुधवार को मुरादाबाद में एमपी एमएलए की स्पेशल कोर्ट एसीजेएम एमपी सिंह ने आंदोलनकारियो को दोष मुक्त करार दिया। रेलवे पुलिस ने रेल मार्ग बाधित में 53 लोगों के खिलाफ विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज किया था।
2011 में बसपा सरकार में जाटों ने केंद्र में आरक्षण के लिए विरोध जताया। जाट संघर्ष समिति ने एक स्वर में विरोध जताते हुए काफूरपुर रेलवे स्टेशन पर धरना प्रदर्शन शुरू किया। मुरादाबाद दिल्ली रूट बाधित रहा। अमरोहा जिले में काफूरपुर रेलवे स्टेशन पर किसान और जाट समुदाय के प्रदर्शन को लेकर आरपीएफ ने मुकदमा दर्ज किया।  गजरौला में थाना जीआरपी में 11 मार्च, 2011 तत्कालीन स्टेशन अधीक्षक सरदार सिंह ने रिपोर्ट दर्ज कराई।  काफूरपुर में 4 से 22 मार्च के बीच हुए प्रदर्शन से  मुरादाबाद से दिल्ली के बीच रेल मार्ग पूरी तरह से बाधित रहा। किसानों ने ट्रैक पर टैंट लगा दिए और पशुओं को बांध दिया।
इस मामले की सुनवाई पहले गजरौला में रेलवे कोर्ट में चलीं। पर इस बीच आरोपी समरपाल सिंह के नौगांवा से विधायक चुने जाने से केस की सुनवाई एमपी एमएलए स्पेशल कोर्ट में शुरु हुईं।

मुरादाबाद कोर्ट में तीन साल से चल रही सुनवाई, आठ ने दी गवाही 

केस में आरोपी समरपाल सिंह के विधायक बनने के बाद केस यहां अदालत में स्थानांतरित हो गया। मुरादाबाद कोर्ट में सुनवाई तीन साल चलीं।  केस में आठ गवाहों ने कोर्ट में बयान दर्ज कराएं। लंबी सुनवाई और बयान पर बहस के बाद अदालत ने फैसले का निर्णय लिया। 20 जनवरी को जाट आंदोलन में सुनवाई हुई। बुधवार को एमपी-एमएलए स्पेशल कोर्ट एसीजेएम प्रथम एमपी सिंह ने सुनवाई के बाद सभी आरोपियों को दोष मुक्त करार दिया।
विशेष लोक अभियोजक मोहनलाल विश्नोई ने बताया कि काफूरपुर में रेलवे ट्रैक बाधित के मामले में अदालत ने सभी को दोष मुक्त करार दिया। आरोपियों के खिलाफ साक्ष्य साबित नहीं हो सकें। इनमें 12 आरोपियों का सुनवाई के दौरान निधन हो गया जबकि तीन हाजिर नहीं हुए। हालांकि अदालती आदेश नहीं मिला है।
दोष मुक्त नेताओं में आरक्षण समिति के अध्यक्ष चौ यशपाल सिंह, सपा विधायक समरपाल सिंह, किसान नेता भगत सिंह, अमरोहा में अधिवक्ता शैलेंद्र सीनू, बाबू सिंह, नरेंद्र सिंह, अरुण सिंह, अरविंद,विजय पाल सिंह, राजेश सिंह, राजेश अग्रवाल, महेंद्र सिंह, मुकेश चौधरी, राजपाल राजू, सत्यपाल सिंह, कविता चौधरी आदि।

राष्ट्रनीति से बड़ी न हो राजनीति : कुमार विश्वास

Udeesha

कुमार विश्वास

Posted on : 28.01.2026, Wednesday Time: 10:48AM,  Source:  Rajesh Bhatia
  • उदीसा महोत्सव में शामिल हुए कुमार विश्वास
  • राम कथा से समझाया राम राज्य का महत्व।

मुरादाबाद, 27 जनवरी (उप्र समाचार सेवा)। उदीसा महोत्सव का समापन यादगार बन गया। महोत्सव में भारतीय हिन्दी कवि और वक्ता कुमार विश्वास ने रामराज की अवधारणा को साकार करने के लिए आपसी भाईचारे व एक दूसरे की संस्कृति का सम्मान करने के महत्व पर जोर दिया। कहा कि राम से सीखना चाहिए, रामराज का मतलब।
मंगलवार को मुरादाबाद में बुद्धि विहार में आयोजित उदीसा महोत्सव में शामिल हुए कवि कुमार विश्वास ने रामकथा के जरिए जहां लोगों में आध्यात्मिक चेतना को जागृत किया। वहीं आज की राजनीति पर भी प्रहार किया। उन्होंने कहा कि वन को जाते समय राम
ने भरत को संदेश भिजवाया कि राजा का पद पाकर नीति न छोड़ें। पर समस्या यह कि अब नीति ही राजा का पद पाने की हो गई है। राजा जो कहें वहीं नीति। कुमार विश्वास ने दोहे के जरिए समझाया कि जनता भी राजा से मिल सकें और बिना भय के अपनी बात कह सकें। पर लोकतंत्र में यह समस्या खड़ी हो गई है कि राजनीति राष्ट्रनीति से बड़ी हो गई है। जबकि राष्ट्र में राजनीति होनी चाहिए। उन्होंने रामराज्य की अवधारणा का जिक्र करते हुए बताया कि हम लोग गणतंत्र या लोक तंत्र का प्रयोग करते हैं पर सालों में व्यवस्था यह हो गई है कि इसमें तंत्र पहले आ गया और लोक पीछे छूट गया। मौजूदा राजनीति से जोड़ते हुए कहा कि आज किसी नेता विधायक से मिलने के लिए श्रम करना पड़ता है। कहा कि राम लोक के नेता है और राम का राज्य लोक का राज्य है।
महोत्सव के सत्र ‘अपने-अपने राम’ में रामकथा के जरिए भरत को राजा का पद पाकर नीति न छोड़ने, महाराज दुष्यंत प्रसंग के जरिए मौजूदा स्थिति पर स्पष्ट संदेश दिया। कहा कि तब आम लोग अपने राजा कभी भी मिल सकतें।
ढाई घंटे तक चले कार्यक्रम में कुमार विश्वास ने बताया कि भगवान राम हर युग में प्रासांगिक हैं। रामराज्य की व्यवस्था का जिक्र कर राम की मर्यादा, वचन और त्याग के मर्म को बारीकी से समझाया।
देर रात तक चले कार्यक्रम में कमिश्नर आंजनेय कुमार सिंह, जिला पंचायत अध्यक्ष शैफाली सिंह, शहर विधायक रितेश गुप्ता, कुंदरकी विधायक रामवीर सिंह,एमएलसी डा जयपाल सिंह व्यस्त समेत बड़ी संख्या में लोग मौजूद रहे। कार्यक्रम में लगातार तालियां बजती रही।

ब्रेकिंग न्यूज: विमान दुर्घटना में महाराष्ट्र के डिप्टी सीएम अजीत पवार समेत 6 का निधन

    Ajit Pawar, NCP leader अजित पवार, उप मुख्यमंत्री, महाराष्ट्र
Posted on : 28.01.2026, Wednesday Time: 10:08 AM,  Source:  Social Media

मुंबई, 28 जनवरी 2026, (यूपी समाचार).। महाराष्ट्र में आज सुबह हुई विमान दुर्घटना में उप मुख्यमंत्री अजित पवार और उनके सहयोगियों समेत 6 लोगों का निधन हो गया। दुर्घटना पुणे जिला अंतर्गत बारामती में हुई।

जानकारी के अनुसार अजित पवार आज सुबह बारामती में एक मीटिंग के लिए गए थे। सुबह 8 बजकर 45 मिनट पर उनका प्राइवेट चार्टर विमान लैंडिंग करते समय दुर्घटना ग्रस्त हो गया। दुर्घटना में गंभीर रूप से घायल हुए अजित पवार, उनके पीएसओ, सहयोगी, दो क्रू मेंबर और एक अन्य को गंभीर रूप से घायल अवस्था में चिकित्सालय लाया गया, जहां चिकित्सकों ने सभी को मृत घोषित कर दिया।

#अजित पवार #Ajit Pawar #Planecresh

 

January 27, 2026

एटा में सवर्ण समाज ने यूजीसी कानून के विरोध में सड़क पर पैदल मार्च कर उपजिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपा

एटा 27 जनवरी उप्रससे। जनपद में सवर्ण समाज के सैकड़ों लोगों ने यूजीसी कानून के विरोध में प्रदर्शन करते हुए शहीद पार्क से कलेक्ट्रेट तक पैदल मार्च निकाला और उपजिलाधिकारी सतीश कुमार को राष्ट्रपति तथा प्रधानमंत्री के नाम एक लिखित ज्ञापन सौंपा। प्रदर्शनकारियों ने कानून वापस लेने की मांग की।

यूजीसी विरोध में रैली

यूजीसी के विरोध में दिया ज्ञापन

यह प्रदर्शन अखिल भारतीय क्षत्रिय महासभा के जिलाध्यक्ष गजेंद्र सिंह चौहान, मनोज पचौरी और करणी सेना के पदाधिकारियों के संयुक्त नेतृत्व में किया गया। सैकड़ों की संख्या में सवर्ण समाज के लोग शहीद पार्क से कलेक्ट्रेट तक पहुंचे, जहां उन्होंने सरकार विरोधी नारे लगाए। युवाओं ने हाथों में ‘यूजीसी एक्ट बायकॉट’ के पोस्टर थाम रखे थे। प्रदर्शनकारियों ने चेतावनी दी कि यदि कानून वापस नहीं लिया गया तो उग्र आंदोलन किया जाएगा।

अखिल भारतीय क्षत्रिय महासभा के जिलाध्यक्ष गजेंद्र सिंह चौहान ने कहा कि सरकार ने यह कानून बनाकर सवर्ण समाज के बच्चों को ‘स्वघोषित अपराधी’ बना दिया है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार सवर्ण समाज को कुचलने का काम कर रही है। चौहान ने मांग की कि इस कानून को वापस लिया जाए या इसमें संशोधन किया जाए। उन्होंने यह भी सुझाव दिया कि कानून संशोधन समिति में सवर्ण समाज के लोगों को शामिल किया जाए और सवर्ण अभ्यर्थियों के लिए अलग शैक्षणिक संस्थान बनाए जाएं।

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