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कांग्रेस का धरना-प्रदर्शन, निष्पक्ष जांच की मांग

February 25, 2026

कांग्रेस का धरना-प्रदर्शन, निष्पक्ष जांच की मांग

हाथरस। प्रदेश नेतृत्व के निर्देश पर जिला कांग्रेस कमेटी ने कथित झूठी एफआईआर के विरोध में धरना-प्रदर्शन आयोजित किया। प्रदर्शन स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती के विरुद्ध दर्ज मामले की स्वतंत्र, निष्पक्ष और पारदर्शी जांच की मांग को लेकर किया गया। कार्यकर्ताओं ने धार्मिक स्वतंत्रता की संवैधानिक मर्यादा और संत समाज की गरिमा बनाए रखने की बात उठाई।
पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के तहत बड़ी संख्या में कार्यकर्ता मोहनगंज स्थित कैंप कार्यालय पर एकत्रित हुए और तिरंगा लेकर रैली के रूप में जिलाधिकारी कार्यालय पहुंचे। जिला अध्यक्ष विवेक उपाध्याय के नेतृत्व में कार्यकर्ताओं ने सरकार की नीतियों के विरोध में नारेबाजी की और निष्पक्ष कार्रवाई की मांग की।
जिलाधिकारी कार्यालय पर काफी देर तक अधिकारी के न पहुंचने से कार्यकर्ताओं में नाराजगी रही और वे परिसर में धरने पर बैठ गए। बाद में अपर जिलाधिकारी (न्याय) मौके पर पहुंचे, जिन्हें जिला अध्यक्ष ने ज्ञापन सौंपकर निष्पक्ष जांच सुनिश्चित कराने की मांग दोहराई।
धरना सभा की अध्यक्षता पंडित ब्रह्मदेव शर्मा ने की और संचालन डॉ. मुकेश चंद्रा ने किया। वक्ताओं ने कहा कि लोकतंत्र में धार्मिक स्वतंत्रता और अभिव्यक्ति की आजादी का सम्मान होना चाहिए। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि निष्पक्ष जांच नहीं हुई तो चरणबद्ध आंदोलन किया जाएगा।
धरना-प्रदर्शन में राम कुमार सारस्वत, ठाकुर कपिल सिंह, जैनुद्दीन जैन, शांतनु कुमार, देवेंद्र शर्मा, गोविंद चतुर्वेदी, राजशेखर, हिमांशु सिंह, नवीन कुमार शर्मा, त्रिलोकचंद, सचिन उपाध्याय, दुष्यंत चौधरी, पारूल चौधरी, मनीष शर्मा सहित बड़ी संख्या में कार्यकर्ता मौजूद रहे। कार्यक्रम के अंत में डॉ. मुकेश चंद्रा ने सभी का आभार व्यक्त किया।

संदिग्ध परिस्थितियों में विवाहिता की मौत, दहेज उत्पीड़न का आरोप

हाथरस। हसायन कोतवाली क्षेत्र के गांव नगला मिया पट्टी देवरी में 23 वर्षीय शीनू की संदिग्ध परिस्थितियों में मृत्यु का मामला सामने आया है। मृतका के मायके पक्ष ने पति अवनीश पुंढीर समेत ससुराल पक्ष के अन्य सदस्यों पर गंभीर आरोप लगाए हैं।
परिजनों का आरोप है कि विवाह के बाद से ही शीनू को दहेज की अतिरिक्त मांग को लेकर प्रताड़ित किया जा रहा था। उसके साथ मारपीट और मानसिक उत्पीड़न किए जाने की बात भी कही गई है। परिवार का यह भी कहना है कि उस पर जबरन गर्भपात कराने का दबाव बनाया गया।
तबीयत बिगड़ने पर उसे दिल्ली के एक अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उपचार के दौरान  उसकी मृत्यु हो गई। सूचना पर पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस अधिकारियों के अनुसार पोस्टमार्टम रिपोर्ट और जांच के आधार पर आगे की विधिक कार्रवाई की जाएगी।

बीमार बसपा विधायक के घर आयकर छापेमारी से मंत्री दिनेश प्रताप सिंह नाराज

लखनऊ। उत्तर प्रदेश सरकार के उद्यान मंत्री दिनेश प्रताप सिंह ने बहुजन समाज पार्टी (BSP) के रसड़ा विधायक उमाशंकर सिंह के आवास पर पड़े आयकर छापों को लेकर कड़ा विरोध दर्ज कराया है। उमाशंकर सिंह मंत्री दिनेश प्रताप सिंह के समधी हैं। मंत्री ने सोशल मीडिया के माध्यम से इस कार्रवाई को असंवेदनशील और अमानवीय बताया।
जानकारी के अनुसार, आयकर विभाग ने बुधवार को विधायक उमाशंकर सिंह के बलिया जनपद स्थित विभिन्न ठिकानों पर छापेमारी की। इस कार्रवाई से नाराज़ दिनेश प्रताप सिंह ने सवाल उठाया कि जब उमाशंकर सिंह पिछले दो वर्षों से जीवन और मृत्यु के बीच संघर्ष कर रहे हैं, तब इस तरह की कार्रवाई का औचित्य क्या है। दिनेश प्रताप सिंह ने लिखा कि उमाशंकर सिंह इस समय गंभीर रूप से बीमार हैं, आइसोलेशन में रह रहे हैं और उनका अधिकांश समय व धन इलाज में खर्च हो रहा है। उन्होंने बताया कि विधायक न तो विधानसभा सत्र में भाग ले पा रहे हैं और न ही उनके आवास पर नर्स या डॉक्टर को आसानी से जाने दिया जा रहा है।

मंत्री ने यह भी कहा कि उमाशंकर सिंह बहुजन समाज पार्टी सुप्रीमो मायावती के करीबी माने जाते हैं और हाल के दिनों में बसपा द्वारा ब्राह्मण राजनीति को लेकर सक्रियता बढ़ाई गई है, जिससे सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी पर राजनीतिक दबाव है। ऐसे में आयकर छापे को राजनीतिक प्रतिशोध से जोड़कर भी देखा जा रहा है।
दिनेश प्रताप सिंह ने चेतावनी भरे शब्दों में कहा कि यदि इस दौरान उमाशंकर सिंह के जीवन को कोई क्षति होती है, तो इसके लिए संबंधित संस्थाएं जिम्मेदार होंगी। उन्होंने इसे दुर्लभतम अपराधों में भी न्यायालय द्वारा दिखाई जाने वाली मानवीय संवेदना के विपरीत बताया और ईश्वर से ऐसी सोच रखने वाले लोगों व संस्थाओं को सद्बुद्धि देने की कामना की। इस पूरे घटनाक्रम ने प्रदेश की राजनीति में हलचल मचा दी है, क्योंकि बयान एक ऐसे मंत्री की ओर से आया है जो मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के करीबी माने जाते हैं।

कानपुर में राजरतन समूह पर आयकर विभाग का बड़ा सर्वे, 11 प्रतिष्ठानों पर एक साथ छापेमारी

कानपुर । कर चोरी की आशंका को लेकर आयकर विभाग की अलग-अलग टीमों ने बुधवार को राजरतन समूह के ठिकानों पर सर्वे की कार्रवाई शुरू की। यह कार्रवाई कानपुर और उन्नाव समेत कुल 11 प्रतिष्ठानों पर एक साथ की गई।
कानपुर के नयागंज, दालमंडी, गुमटी नंबर-पांच, स्वरूप नगर, पी रोड और लाल बंगला स्थित साड़ी शोरूमों में सुबह से ही आयकर विभाग की टीमें जांच में जुटी रहीं। सर्वे के दौरान कारोबार से जुड़े दस्तावेजों, लेन-देन और स्टॉक की पड़ताल की जा रही है।
बताया जा रहा है कि राजरतन समूह कपड़ा कारोबार के साथ-साथ रियल एस्टेट, डिटर्जेंट और साबुन के कारोबार से भी जुड़ा हुआ है। आयकर विभाग की कार्रवाई से शहर के व्यापारिक हलकों में हलचल मच गई है। सर्वे की प्रक्रिया देर शाम तक जारी रहने की संभावना है।

भारत विरोधी ताकतों के प्रवक्ता हैं राहुल गांधी:ब्रजेश पाठक

लखनऊ 24 फरवरी 2026। भाजपा के वरिष्ठ नेता व प्रदेश के उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने आज मंगलवार को भाजपा राज्य मुख्यालय, लखनऊ में आयोजित प्रेस वार्ता को संबोधित करते हएु कहा कि राहुल गाँधी की तथाकथित मुहब्बत की दुकान में केवल और केवल ‘नफरत, अराजकता, दंगा और भारत विरोध‘ का सामान मिल रहा है।
श्री पाठक ने कहा कि कांग्रेस पार्टी और राहुल गांधी ने झूठ की राजनीति के उस स्तर को छू लिया है, जहाँ से वापसी संभव नहीं है। जिस प्रकार के अनर्गल और तथ्यहीन आरोप राहुल गांधी हर दिन प्रधानमंत्री मोदी जी और भारत सरकार पर लगाते हैं और सोशल मीडिया पर विष-वमन करते हैं, वह न केवल निंदनीय हैं बल्कि ‘राष्ट्रद्रोह‘ की श्रेणी में आता है। आज देश देख रहा है कि राहुल गांधी की राजनीति का स्तर किस कदर गिर चुका है। उनका एकमात्र उद्देश्य अब झूठ पर झूठ बोलना, जनता को उकसाना, अराजकता फैलाना और भारत की ताकत को नीचा दिखाना रह गया है।

उपमुख्ममंत्री ने कहा कि जब भारत दुनिया का नेतृत्व कर रहा है, तब एआई ग्लोबल समिट में कांग्रेस नेताओं ने नंगा नाच कर न केवल देश की गरिमा को तार-तार किया, बल्कि देश को दुनिया में बदनाम करने की साजिश रची। आज राहुल गाँधी ने इस ‘नंगा नाच‘ का समर्थन कर इन नंगे कांग्रेसियों को बब्बर शेर कहा है। राहुल गांधी द्वारा इस कृत्य का समर्थन करना यह सिद्ध करता है कि इस पूरी पटकथा के सूत्रधार वही हैं।
उपमुख्यमंत्री श्री ब्रजेश पाठक ने कहा कि विरोध लोकतंत्र का हिस्सा है, लेकिन विरोध के नाम पर ‘नग्नता‘ और ‘अराजकता‘ का सहारा लेना भारतीय संस्कृति और भारत की महान विरासत के खिलाफ है। राहुल का मतलब रा-रार, हु – हुड़दंग, ल- लफंगई। देश की जनता अराजकता फैलाने वाली इस नकारात्मक राजनीति को कभी स्वीकार नहीं करेगी।
श्री पाठक ने कहा कि विदेशी प्रोपेगेंडा मशीनों के कंधे पर बंदूक रखकर भारत के प्रधानमंत्री पर कीचड़ उछालना राहुल गाँधी की पुरानी आदत है। लेकिन याद रखिए, सूरज पर थूकने से खुद का चेहरा ही गंदा होता है। देश की जनता अराजकता फैलाने वाली इस नकारात्मक राजनीति को कभी स्वीकार नहीं करेगी। उन्होंने कहा कि राहुल गाँधी खुद को ‘बब्बर शेर‘ होने का दावा करते हैं, लेकिन हकीकत यह है कि आप केवल ‘विदेशी शक्तियों के प्यादे‘ बनकर रह गए हैं। राहुल गांधी का एजेंडा स्पष्ट है-भारत की बढ़ती इकोनॉमी को रोकना और दुनिया भर में भारत की छवि को धूमिल करना।

उपमुख्यमंत्री ने कहा कि राहुल गांधी देश में भारत विरोधी ताकतों के राष्ट्रीय प्रवक्ता बन गए हैं। राहुल गांधी देश में नकारात्मक राजनीति के सबसे बड़े ब्रांड एम्बेसडर हैं। देश में अराजकता फैलाना, दंगे कराना, विदेशी मंचों पर भारत को बदनाम करना, फेक न्यूज फैलाकर लोगों को उकसाना, अफवाह फैला कर आंदोलन कराना ही राहुल गांधी की राजनीति का परिचय है। राहुल गांधी गालियां देकर सुर्खियों में बने रहना चाहते हैं। कल जिस तरह से राहुल गांधी ने फिर अनर्गल प्रलाप किया है, झूठ का प्रपंच किया है, उससे स्पष्ट है कि राहुल गांधी अब अराजकता पर उतर आए हैं। देश को हर दिन बदनाम करना और मोदी जी को गाली देना राहुल गांधी का पैशन और फैशन, दोनों बन चुका है। सच्चाई यह है कि राजीव गांधी फाउंडेशन में चीन से फंड लेने वाले लोग आज हमें ‘देश रक्षा‘ का पाठ पढ़ा रहे हैं। जनता सब देख रही है और कांग्रेस तथा राहुल गांधी के ‘झूठ के साम्राज्य‘ को बहुत जल्द जमींदोज कर देगी।

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