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ग्राम पंचायतों के विकास कार्यों में तेजी लाएः योगी आदित्यनाथ

January 3, 2026

ग्राम पंचायतों के विकास कार्यों में तेजी लाएः योगी आदित्यनाथ

लखनऊ, 03 जनवरी 2026, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ Yogi Adityanath ने आज यहां अपने सरकारी आवास पर आहूत एक उच्चस्तरीय बैठक में पंचायतीराज विभाग Panchaytiraj के कार्यां की समीक्षा की। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश आत्मनिर्भर तभी बन सकता है, जब हमारी ग्राम पंचायतें आत्मनिर्भर बनें। ग्राम पंचायतों की आय को बढ़ाने के लिये कार्ययोजना बनाकर कार्य करना होगा। उन्होंने ग्राम पंचायतों के विकास कार्यों में तेजी लाने के निर्देश दिये।
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को उत्सव भवन के निर्माण कार्यों में तेजी लाने के निर्देश दिये। उन्होंने कहा कि उत्सव भवन का उपयोग प्राथमिकता के आधार पर मांगलिक कार्यक्रम के लिए किया जाए। अन्य दिनों में उत्सव भवन का उपयोग योग/वेलनेस से जुड़ी गतिविधियों के लिए किया जाए। सहालग के दौरान कई मांगलिक कार्यक्रम होने पर समय तय कर ज्यादा से ज्यादा लोगों को उत्सव भवन का लाभ दिया जाए। ब्लॉक स्तर पर योजना का विस्तार किया जाए। उन्होंने कहा कि उत्सव भवन के निर्माण कार्यों में सी0एस0आर0, विधायक निधि तथा मातृभूमि योजना के अन्तर्गत सहयोग लिया जाए।
मुख्यमंत्री ने मातृभूमि योजना से उत्तर प्रदेश के प्रवासियों को जोड़ने के निर्देश दिये। उन्होंने कहा कि योजना के तहत अपना सहयोग देने वाले प्रवासियों के पूर्वजों के नाम पर परियोजना का नाम रखा जाए। साथ ही, ऐसे प्रवासियों को प्रदेश स्तर पर आयोजित कार्यक्रम में सम्मानित किया जाए, ताकि अन्य लोग भी उनसे प्रेरणा लें।
बैठक में मुख्यमंत्री को अधिकारियों ने अवगत कराया कि वर्तमान वित्तीय वर्ष में 9.67 लाख व्यक्तिगत शौचालय निर्माण का लक्ष्य दिया गया था, जिसके सापेक्ष अब तक 4.79 लाख शौचालय निर्मित हो चुके हैं। इसी के साथ उत्तर प्रदेश पूरे देश में व्यक्तिगत शौचालय निर्माण में पहले स्थान पर है। वर्तमान वित्तीय वर्ष में देश में निर्मित कुल 17.26 लाख शौचालयों में से 28 प्रतिशत अकेले उत्तर प्रदेश में निर्मित हुए हैं।
अधिकारियों ने यह भी अवगत कराया कि 282 प्लास्टिक अपशिष्ट प्रबन्धन इकाई के निर्माण का लक्ष्य दिया गया था, जिसके सापेक्ष 103 इकाइयों का निर्माण पूर्ण हो चुका है। इन इकाइयों से 304 विकास खण्ड और नगरीय एम0आर0एफ0 से 515 विकास खण्ड आच्छादित हैं। 132 इकाइयां निर्माणाधीन हैं। इस पर मुख्यमंत्री जी ने सभी कार्यों में तेजी लाने के निर्देश दिए।
मुख्यमंत्री के समक्ष जिला पंचायतों द्वारा राजस्व वसूली का विवरण प्रस्तुत करते हुए बताया गया कि पिछले वित्तीय वर्ष में जिला पंचायतों द्वारा 334.10 करोड़ रुपये की राजस्व वसूली प्राप्त हुई थी, जो लक्ष्य के सापेक्ष 81.23 प्रतिशत थी। वहीं, वर्तमान वित्तीय वर्ष में नवम्बर माह तक 271.48 करोड़ रुपये की राजस्व वसूली हुई है, जो लक्ष्य के सापेक्ष 140.89 प्रतिशत है। इस उपलब्धि के लिये मुख्यमंत्री जी ने विभागीय अधिकारियों की सराहना करते हुए राजस्व वसूली में तेजी लाने के निर्देश दिए।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि ग्राम पंचायतों में देश में विकसित व सफल पद्धति के माध्यम से सीवर और ड्रेनेज के पानी को शुद्ध किया जा सकता है, जिसका इस्तेमाल खेती के साथ-साथ बागवानी के लिए किया जाए। प्रदेश में 160 एफ0एस0टी0पी0 के निर्माण का कार्य अति शीघ्र प्रारम्भ किए जाए। उन्होंने अधिकारियों से इस पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिये।
मुख्यमंत्री जी ने निर्देश दिये कि प्रदेश में 11,350 डिजिटल लाइब्रेरी की स्थापना के सभी कार्यों को गुणवत्तापूर्ण तरीके से समय-सीमा में पूरा किया जाए। उन्होंने निर्देश दिये कि डिजिटल लाइब्रेरी में उपयोग होने वाले कम्प्यूटर व फर्नीचर की क्वालिटी उत्कृष्ट हो तथा पुस्तकें स्थानीय छात्र-छात्राओं की आवश्यकता के अनुरूप हों, इसका विशेष ध्यान दिया जाए।
मुख्यमंत्री ने निर्देश दिये कि हर ग्राम पंचायत में यथासम्भव इण्टीग्रेटेड कैम्पस बनाया जाए, जहां विद्यालय, उत्सव भवन, खेल का मैदान, ओपन जिम, पार्क, मॉडल शॉप आदि की व्यवस्था हो। उन्होंने कहा कि इण्टीग्रेटेड कैम्पस के लिए भूमि के चयन की प्रक्रिया में जनप्रतिनिधियों का सहयोग लिया जाए। इनका निर्माण ऐसे स्थान पर हो, जहां पर हर किसी की पहुंच आसान हो।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि हर ग्राम पंचायत में खुली चौपाल की व्यवस्था की जाए। इसमें सरकार की विभिन्न योजनाओं के बारे में लोगों को बताया जाए। साथ ही, लाभार्थियों का सत्यापन व नए लाभार्थियों का चयन किया जाए। उन्होंने कहा कि प्रत्येक ग्राम पंचायत में ग्राम सचिवालय और अन्य स्थानों पर 15 से 16 लोगों को सरकार द्वारा रोजगार दिया गया है। सरकार की योजनाओं के प्रचार-प्रसार के लिए सभी को माध्यम बनाया जाए। ग्राम पंचायतों में आय के स्रोत बढ़ाकर उन्हें आत्मनिर्भर बनाया जाए तथा ग्राम पंचायतों की भूमि से अतिक्रमण हटाया जाए।
मुख्यमंत्री जी ने निर्देशित किया कि पंचायतीराज विभाग के सभी अधिकारियों की वर्ष में एक बार लखनऊ में भौतिक रूप से बैठक आयोजित कर विकास कार्यों की समीक्षा की जाए। इसके अलावा, हर माह वीडियो कॉन्फ्रेसिंग के माध्यम से विकास कार्यों की समीक्षा की जाए। उन्होंने कहा कि पंचायतीराज विभाग एक-एक कार्य की मॉनीटरिंग का एक मजबूत सिस्टम विकसित करे, ताकि समय से योजनाएं पूरी हो सकें।

 

योगी आदित्यनाथ ने बरेली पहुंचकर दिवंगत विधायक को दी श्रद्धांजलि

बरेली, 03 जनवरी 2026, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने आज बरेली पहुंचकर फरीदपुर के दिवंगत विधायक प्रो. श्याम बिहारी लाल के पार्थिव शरीपर पुष्प चक्र अर्पित किया तथा उन्हें श्रद्धांजलि दी। उन्होंने स्व. लाल के परिवार से भेंट कर उन्हें इस दुख की घड़ी में ढाढस बंधाया और सांत्वना दी। इस दौरान उनके साथ बरेली के जनप्रतिनिधि भी उपस्थित थे।

January 2, 2026

आवंटित बजट का समय से प्रयोग करेः मुख्यमंत्री


लखनऊ : 02 जनवरी, 2026 मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने आज यहाँ अपने सरकारी आवास पर आहूत एक उच्चस्तरीय बैठक में वित्तीय वर्ष 2025-26 में शासन द्वारा विभिन्न विभागों को जारी बजट के व्यय के विषय में वित्त विभाग की समीक्षा की। बैठक में वर्तमान वित्तीय वर्ष में विभागों के बजट प्राविधान के सापेक्ष शासन द्वारा जारी स्वीकृतियों, विभागाध्यक्ष द्वारा आवंटन, व्यय आदि की अद्यावधिक प्रगति पर अधिक बजट प्राविधान वाले प्रमुख 20 विभागों का प्रस्तुतिकरण किया गया।
मुख्यमंत्री ने सभी प्रमुख विभागों के उच्चाधिकारियों को निर्देशित करते हुए कहा कि सभी विभाग आवंटित बजट का समय से प्रयोग करें, ताकि परियोजनाएं और योजनाएं समय से पूर्ण हो सकें तथा प्रदेशवासी इन योजनाओं लाभ उठा सकें। बजट को समय से खर्च करने के लिए अधिकारी निर्णय लेने का सामर्थ्य विकसित करें। जिन विभागों में बजट व्यय की प्रगति धीमी है, उनमें इस कार्य में तेजी लाने के लिए विभागीय मंत्री और अधिकारी आपस में समन्वय बनाकर प्रत्येक माह बैठक करें। बजट को समय से खर्च करने के लिए प्रत्येक स्तर पर अधिकारियों की जिम्मेदारी और जवाबदेही तय की जाए। इस कार्य में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। योजनाओं को धरातल पर उतारने के लिए सभी विभागों के अधिकारी त्वरित निर्णय लें। निर्णय लेने में देरी करने से बजट समय से व्यय नहीं हो पाता है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि जिन विभागों को विभिन्न योजनाओं के लिए केन्द्र सरकार से बजट जारी किया जाता है, सम्बन्धित विभाग के मंत्री, अपर मुख्य सचिव और प्रमुख सचिव दिल्ली जाकर केन्द्र सरकार से बजट जारी करने के लिए पैरवी करें। इसके साथ ही, केन्द्र सरकार को पत्र लिखें और फोन से फॉलोअप करते रहें। इस सम्बन्ध में मुख्य सचिव भी इनीशिएटिव लें। जिन विभागों के बजट व्यय की प्रगति धीमी है, उनको चिन्हित करते हुए विभागीय मंत्रियों को मुख्यमंत्री कार्यालय की ओर से पत्र जारी किया जाए।
मुख्यमंत्री  ने वित्त विभाग को निर्देशित करते हुए कहा कि जिन विभागों के आवंटित बजट के कुछ अंश को किन्ही कारणों से अभी तक जारी नहीं किया गया है, उन विभागों को तत्काल बजट आवंटित किया जाए। आगामी वित्तीय वर्ष 2026-27 के बजट को लेकर सभी विभागों के साथ बैठक कर अभी से बजट मांग की समीक्षा करें। आगामी बजट को विभागों को आवंटित करने से पहले उनके पिछले पांच वर्षों के खर्च की समीक्षा की जाए। वित्त विभाग नई कार्ययोजना को लेकर अभी से तैयारी शुरू करे। आगामी बजट आवंटन को लेकर केन्द्र सरकार से बेहतर समन्वय बनाएं, ताकि समय से बजट मिल सके।

संघ का लक्ष्य भारत परम वैभव प्राप्त करे, धर्म संस्कृति का संरक्षण होः डा मोहन भागवत

भोपाल, 02 जनवरी 2026। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के शताब्दी वर्ष के प्रसंग पर सरसंघचालक डॉ. मोहन भागवत जी का देशभर में प्रवास हो रहा है। इसी श्रृंखला में दो दिवसीय प्रवास के पहले दिन कुशाभाऊ ठाकरे सभागार में युवाओं से संवाद किया। उन्होंने कहा कि संघ अपने जन्म से ही लक्ष्य लेकर चल रहा है कि अपने धर्म-संस्कृति का संरक्षण कर, अपने भारत को परम वैभव पर लेकर जाना है। संघ का प्रत्येक स्वयंसेवक यह प्रतिज्ञा करता है। कोई भी देश सम्पूर्ण समाज के योगदान से ही बड़ा होता है। नेता, नीति और व्यवस्था, ये सब तब सहायक होते हैं जब समाज गुण सम्पन्न होता है। भारत का युवा जाग गया है, वह अपने देश को समर्थ बनाना चाहता है। संघ युवाओं से आह्वान करता है कि वे संघ की शाखा में आएं या फिर संघ की योजना से चल रहे अपने रुचि के कार्य में जुड़कर राष्ट्र निर्माण में अपना योगदान दें।

सरसंघचालक जी ने कहा कि यदि हमें देश के लिए कुछ करना है तो इस मार्ग में हमें गुणों को धारण करना होगा और अहंकार एवं स्वार्थ छोड़ने होंगे। दुनिया में संघ ने ही एकमात्र ऐसी पद्धति दी है, जो अच्छी आदतें विकसित करती है। संघ संस्थापक डॉ. हेडगेवार हर क्षेत्र में कार्य करते थे। लेकिन उन्हें चिंता यह थी कि देश में एकता कैसे स्थापित होगी। इस भाव को उत्पन्न करने वाले संगठन का नाम राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ है। दुनिया में कहीं दूसरी पद्धति नहीं है व्यक्ति निर्माण की। संघ की शाखा देशभक्ति सिखाती है। यदि इसका अनुभव लेना है और उद्देश्य को जीना है तो शाखा एकमात्र जगह है। यहां कोई बंधन नहीं है।

उन्होंने कहा कि हम कई बार असुरक्षा और चिंता के साथ जीते हैं। लेकिन इसकी बजाय हमें भयमुक्त होकर जीना चाहिए। स्वयं से पहले देश को रखना चाहिए। अपने विकास से देश और परिवार प्रगति कर रहा है कि नहीं यह सोचना चाहिए। युवाओं को ही देश बनाना है और वे हर बात में आगे भी आते हैं।

जब आप देश की बात करते हैं तो प्रश्नों के जवाब देने होंगे और उसके लिए योग्यता लाना पड़ेगी। संघ में आकर तैयार होना पड़ेगा। मैं युवाओं से आह्वान करता हूं कि वे आए और संघ का अनुभव लें।

कार्यक्रम के प्रथम सत्र में अखिल भारतीय सह बौद्धिक प्रमुख दीपक विस्पुते और भोपाल करुणा धाम के प्रमुख सुदेश शांडिल्य जी महाराज ने युवाओं को संबोधित किया। इस अवसर पर मंच पर मध्यभारत प्रांत के सह संघचालक डॉ. राजेश सेठी उपस्थित रहे।

युवाओं के प्रश्नों के उत्तर दिए –

युवा संवाद में सरसंघचालक डॉ. मोहन भागवत जी ने युवाओं द्वारा पूछे गए प्रश्नों के उत्तर दिए। संघ की भूमिका पर उन्होंने कहा कि विश्व शक्ति की सुनता है और संघ संपूर्ण समाज को साथ लेकर धर्म की रक्षा करते हुए देश को नया रास्ता दिखाता है। उन्होंने कहा कि हम ऐसे युवाओं का निर्माण कर रहे हैं, जो समाज में सार्थक फैशन को बढ़ाएं। सुरक्षा और करियर को लेकर पूछे गए प्रश्न के उत्तर में कहा कि सुरक्षा की गारंटी कोई नहीं दे सकता। बिना चिंता जीवन जिएं। मनुष्य अलग है, क्योंकि वह रिस्क लेता है। दुनिया सक्सेस को देखती है, लेकिन जैसे ही उस पथ पर चलने की कोशिश करते हैं तो संघर्ष देखकर डर जाते हैं। इसलिए बेहतर करियर वह है जिसमें आप उत्कृष्ट प्रदर्शन कर पाएं और डर भी न लगे। सुविधा से सुख नहीं मिलता। एआई के सवाल पर कहा कि हमें एआई को कंट्रोल करना है, न कि कंट्रोल होना है। उसका उपयोग विकास में करना है। हमें ऐसे युवाओं का निर्माण करना है जो एआई या अन्य तकनीक का उपयोग देश हित में करें।

संघ उत्सव नहीं मना रहा

प्रथम सत्र में अखिल भारतीय सह बौद्धिक प्रमुख दीपक विस्पुते जी ने कहा कि संघ को 100 वर्ष में खूब प्रसिद्ध मिली। लेकिन संघ का प्रचार किया विरोधियों ने और नकारात्मक भाव में किया। कभी संघ को समझने का प्रयास नहीं किया। संघ वर्ष 1925 में नागपुर से प्रारंभ हुआ और जिस तरह भागीरथ गंगा पृथ्वी पर लेकर आए, ठीक वैसे डॉ. केशव बलिराम हेडगेवार जी संघ कार्य को समाज के बीच लेकर गए। इसके पहले भारत में कभी इस तरह का प्रयास नहीं हुआ। डॉक्टर साहब ने नागपुर की बजाय कोलकता को पढ़ाई के लिए चुना और स्वतंत्रता की लड़ाई में भाग लिया। लेकिन उन्हें महसूस हुआ कि देश के हिन्दू समाज को मानसिक गुलामी से मुक्त कराना होगा। संघ स्वामी विवेकानंद की तीन बातों का अनुसरण करते हुए काम करता है। पहली बात भारत के समाज को ऑर्गनाइजेशन सीखना पड़ेगा। दूसरा भारत में मेन मेकिंग यानी व्यक्ति के निर्माण की प्रक्रिया जरूरी है और तीसरी बात कि आने वाले 50 साल के लिए देश को प्राथमिकता पर रखकर भारत माता की आराधना करना। उन्होंने कहा कि लोगों को भरोसा नहीं था, लेकिन डॉक्टर साहब ने और श्रीगुरूजी ने वह करके दिखाया। संघ 100 वर्ष पूरे होने पर उत्सव नहीं मना रहा है, बल्कि डोर टू डोर मेन टू मेन और हार्ट टू हार्ट पहुंचने की कोशिश कर रहा है। मेरा क्या योगदान देश और संघ के लिए हो सकता है, इसके लिए प्रयास करें।

संघ युवाओं को सामर्थ्यवान बना रहा

भोपाल करुणा धाम के प्रमुख सुदेश शांडिल्य जी महाराज ने युवाओं से कहा कि अक्सर हम सुनते हैं “समरथ को नहीं दोष गुसाई”। इसका यह मतलब नहीं कि कोई बलवान है, उसको दोष नहीं दिया जाता। वास्तव में समर्थ वह है, जिसकी नीयत में दोष नहीं हो। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ समर्थ बनेगा, तभी भारत विश्वगुरु बनेगा। इसलिए संघ का समर्थ होना जरूरी है। परोपकार, सत्चरित्र, जनकल्याण की भावना और यश के पीछे नहीं भागने की भावना कहीं दिखाई दे रही है, तो वह केवल संघ है। उन्होंने सूर्य, गंगा का उदाहरण देते हुए कहा कि सूर्य सबको बराबर रोशनी देता है। गंगा के जल में लोग स्नान भी करते हैं और गंदे नाले भी मिलते हैं। लेकिन वह अविरल बह रही है, क्योंकि उसमें सामर्थ्य है सभी को समाहित करने का। ऐसे ही युवाओं को सामर्थ्यवान बनना है। भारत में युवाओं को सामर्थ्यवान बनाने का काम केवल संघ कर रहा है। उसकी शाखाओं में 100 साल से व्यक्ति निर्माण हो रहा है। साथ ही ईश्वर की आराधना करें, वह आपको सामर्थ्य देता है।

 

January 1, 2026

उत्तर प्रदेश दिवस का मुख्य आयोजन राष्ट्र प्रेरणा स्थल पर किया जाए : मुख्यमंत्री

लखनऊ : 01 जनवरी, 2026

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी ने आज यहाँ अपने सरकारी आवास पर उत्तर प्रदेश दिवस (24 से 26 जनवरी, 2026) के आयोजन की तैयारियों के सम्बन्ध में बैठक की। उन्होंने निर्देश दिए कि उत्तर प्रदेश दिवस का मुख्य आयोजन इस वर्ष लखनऊ स्थित राष्ट्र प्रेरणा स्थल पर किया जाए। जनपद गौतमबुद्धनगर स्थित नोएडा शिल्पग्राम सहित इसका आयोजन सभी जनपदों, देश के अन्य राज्यों व उन देशों में भी भव्य रूप से किया जाए, जहाँ बड़ी संख्या में उत्तर प्रदेश के निवासी रहते हैं। साथ ही, इन आयोजनों में सरदार वल्लभभाई पटेल, पूर्व प्रधानमंत्री श्री अटल बिहारी वाजपेयी, धरती आबा भगवान बिरसा मुण्डा, वन्दे मातरम् तथा आनन्द मठ से जुड़ी नाट्य प्रस्तुतियों समेत अन्य कार्यक्रम किए जाएँ।
मुख्यमंत्री जी ने 12 जनवरी को राष्ट्रीय युवा दिवस, 23 जनवरी को नेताजी सुभाष चन्द्र बोस जयन्ती, 24 जनवरी को उत्तर प्रदेश दिवस, 25 जनवरी को राष्ट्रीय पर्यटन दिवस/मतदाता जागरूकता दिवस व 26 जनवरी को गणतंत्र दिवस समारोह को भव्यता से मनाने के निर्देश दिए। सिविल डिफेंस की ओर से हर जनपद में 23 जनवरी को नेताजी सुभाष चन्द्र बोस की जयन्ती पर मॉकड्रिल का आयोजन किया जाना चाहिए।
मुख्यमंत्री जी ने उत्तर प्रदेश दिवस के सम्बन्ध में आवश्यक निर्देश देते हुए कहा कि इस अवसर पर विकास खण्ड, वॉर्ड व जनपद स्तर पर गायन, वादन, नृत्य तथा नाट्य प्रतियोगिताएँ आयोजित करायी जाएँ। इनमें प्रथम तीन स्थान प्राप्त करने वाले कलाकारों को मण्डल स्तर पर प्रस्तुति का मौका दिया जाए। मण्डल स्तर पर प्रथम तीन स्थान प्राप्त करने वाले उत्कृष्ट कलाकारों को लखनऊ में होने वाले मुख्य समारोह में प्रस्तुति का अवसर दें और उन्हें पुरस्कृत भी किया जाए।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि कार्यक्रम में उत्तर प्रदेश गौरव सम्मान, ओ0डी0ओ0पी0, विश्वकर्मा श्रम सम्मान, माटी कला बोर्ड में उत्कृष्ट कार्य करने वाले उद्यमियों, खेलकूद प्रतियोगिताओं के विजेताओं, उत्कृष्ट कार्य करने वाली महिलाओं, चिकित्सकों, प्रगतिशील किसानों व वैज्ञानिकों को सम्मानित किया जाए। जनपदों में होने वाले कार्यक्रम में स्थानीय कलाकारों, कवियों आदि को अवसर दिया जाए। इन प्रतिभाओं को मंच देने से वह प्रोत्साहित होंगे। हर जनपद में मंत्रिगण, निगम/बोर्ड के चेयरमैन, जनप्रतिनिधियों आदि को आमंत्रित किया जाए।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि सभी विभागों के समन्वय के साथ ही, भातखण्डे संस्कृति विश्वविद्यालय, संगीत नाटक अकादमी, ललित कला अकादमी जैसे संस्थानों को उत्तर प्रदेश दिवस के आयोजन से जोड़ा जाए। इससे यह आयोजन बहुत भव्य और रोचक होगा। उन्होंने कलाकारों द्वारा पुराने वाद्ययंत्रों के प्रयोग पर भी जोर दिया।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि दिल्ली, महाराष्ट्र समेत कई राज्यों में बड़ी संख्या में उत्तर प्रदेश के प्रवासी नागरिक रहते हैं। इन राज्यों में भी उत्तर प्रदेश दिवस पर भव्य आयोजन कराया जाए। इसमें वहाँ के राज्यपाल, मुख्यमंत्री, उप मुख्यमंत्री, केन्द्रीय मंत्री व उत्तर प्रदेश से जुड़े लोगों को अतिथि के रूप में आमंत्रित किया जाए। अन्य राज्यों में रहने वाले उत्तर प्रदेश के जिन लोगों ने उद्यमिता, व्यापार, इनोवेशन, शिक्षा, कला, विज्ञान, प्रशासन सहित अन्य क्षेत्रों में अच्छा कार्य किया है, ऐसे तीन से पाँच लोगों को सम्मानित भी किया जाए।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि ओ0डी0ओ0पी0 उत्तर प्रदेश की पहचान है। उत्तर प्रदेश दिवस के आयोजन पर प्रदेश के सभी जी0आई0 टैग उत्पादों तथा ‘एक जनपद, एक उत्पाद’ की शो-केसिंग भी की जाए। साथ ही, विभागों की उपलब्धियों व योजनाओं की जानकारी भी प्रदर्शित की जाए। इस बार ‘एक जिला, एक कुजीन’ पर भी फोकस किया जाए।
मुख्यमंत्री जी ने 03 जनवरी, 2026 से प्रयागराज में शुरू होने जा रहे माघ मेले की तैयारियों की जानकारी भी प्राप्त की। विगत दिनों प्रयागराज का दौरा करके आए अधिकारियों से उन्होंने वस्तुस्थिति की जानकारी ली। मुख्यमंत्री जी ने माघ मेले में सुरक्षा, स्वच्छता, स्वास्थ्य व सुव्यवस्था पर विशेष जोर देते हुए कहा कि माघ मेले में पार्किंग तथा शौचालय आदि की समुचित व्यवस्थाएँ होनी चाहिए। सी0सी0टी0वी0 से सम्पूर्ण मेला क्षेत्र की सतत् निगरानी सुनिश्चित की जाए। नाविकों के पास लाइफ जैकेट अनिवार्य रूप से हो। श्रद्धालुओं से मनमाना शुल्क न लिया जाए। मेले में आने वाले आगंतुकों, कल्पवासियों, श्रद्धालुओं और स्नानार्थियों को किसी प्रकार की परेशानी न हो। मिलावटखोरों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की जाए।
मुख्यमंत्री जी ने माघ मेले में स्वास्थ्य सुविधाओं की तैयारियों की भी जानकारी प्राप्त की। उन्होंने कहा कि सूचना विभाग द्वारा माघ मेले में सरकार की उपलब्धियों व योजनाओं से सम्बन्धित प्रचार-प्रसार की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए।
मुख्यमंत्री जी ने मुख्य सचिव, पुलिस महानिदेशक सहित सभी विभागों के अपर मुख्य सचिव व प्रमुख सचिव की भी बैठक ली। उन्होंने सभी अधिकारियों को निर्देश दिए कि नियमित रूप से जनसुनवाई की जाए। अधिकारी जनता की समस्याएँ सुनें और उनका निदान करें। उन्होंने शासन के अधिकारियों को निर्देशित किया कि फील्ड में अच्छे अधिकारियों को तैनात किया जाए। मेरिट के आधार पर तैनाती सुनिश्चित हो। आयुक्त व जिलाधिकारी राजस्व से जुड़े मामलों को नियमित रूप से देखें और समय-सीमा के अन्दर निस्तारण सुनिश्चित करें। ए0डी0जी0, आई0जी0, पुलिस आयुक्त व वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक/पुलिस अधीक्षक अपने अधीन कार्यरत अधिकारियों व कार्मिकों की जवाबदेही तय करें।

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