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फरवरी में GST संग्रह 1 लाख 83 हजार करोड़ से अधिक

March 2, 2026

फरवरी में GST संग्रह 1 लाख 83 हजार करोड़ से अधिक

इस वर्ष फरवरी में वस्‍तु और सेवाकर यानी जीएसटी संग्रह एक लाख 83 हजार करोड़ रूपये से अधिक रहा है। इसी महीने केन्‍द्रीय जीएसटी संग्रह 37 हजार 473 करोड़ रूपये और राज्‍य जीएसटी संग्रह 45 हजार 900 करोड़ रूपये रहा। एकीकृत जीएसटी संग्रह एक लाख करोड़ रूपये से अधिक था।

February 28, 2026

Economy grew at 7.8% in the third quarter of the current FY

New Delhi. Indian economy grew at 7.8% in the third quarter of the current financial year. The growth rate in Real GDP during 2025-26 is estimated at 7.6% as compared to 7.1% in 2024-25. The Ministry of Statistics and Programme Implementation today released the New Series of Annual and Quarterly Estimates with base year 2022-23. It has replaced the previous series with the base year of 2011-12.
The Ministry added that the Financial Year  2022-23 has been selected as the base year because it represents a recent normal year after COVID. It provides robust and comprehensive data across sectors of the economy, making it an appropriate benchmark for the new series of Annual and Quarterly National Accounts Estimates. As per the statistics, the overall Economic performance in the current financial year is primarily on account of robust Real growth observed at 8.4% in Second Quarter and  7.8% in the Third Quarter.
The Economy has exhibited sustained performance, recording Real GDP growth rates of 7.2% in 2023-24 and 7.1% during  2024-25.
The Ministry said that the manufacturing sector has been the major driver in contributing to the resilient performance of the economy in the three consecutive financial years after rebasing. This sector has attained double-digit growth rates in Financial Years  2023-24 and 2025-26.
Secondary and Tertiary sectors have boosted the performance of the economy by registering above 9%  growth rate in the current fiscal year. It added that trade,  Hotels, Transport, and  Services related to Broadcasting, Storage sector have attained a growth rate of 10.1% at Constant Prices in 2025-26. On the Consumption side, both the Private Final Consumption Expenditure (PFCE) and Gross Fixed Capital Formation have exhibited more than 7% growth rate in 2025-26.

February 25, 2026

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने जापान में भारतीय मूल के लोगों को सम्बोधित किया

  • जापान ‘Land of Sun’ और भारत ‘Son of Sun’ : मुख्यमंत्री
  • हम लोगों को मिलकर प्रधानमंत्री जी के ‘एक भारत-श्रेष्ठ भारत’, ‘आत्मनिर्भर और विकसित भारत’ के संकल्प को आगे बढ़ाने में अपना योगदान देना होगा
  • उ0प्र0 में सेमीकण्डक्टर, डेटा सेण्टर, लॉजिस्टिक्स पार्क, बड़े-बड़े एयरपोर्ट बन रहे
  • मुख्यमंत्री ने जापान में रह रहे भारतीय मूल के लोगों को होली की शुभकामनाएं दीं
लखनऊ : 25 फरवरी, 2026 उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी ने कहा कि जापान ‘Land of Sun’ और भारत ‘Son of Sun’ है। इस प्रकार भारत और जापान एक-दूसरे को जोड़ते हैं। हम यहां दो दर्जन से अधिक डेलीगेशन से मिले हैं, जिनमें राजनेता, मंत्री, गवर्नर व उद्योगपति शामिल थे। सभी लोग भारत और उत्तर प्रदेश की तारीफ कर रहे थे। हर डेलीगेशन बहुत सकारात्मक भाव के साथ भारत में निवेश करने को इच्छुक है। उन्हें उत्तर प्रदेश में ‘ट्रस्ट, टेक्नोलॉजी एण्ड ट्रांसफॉर्मेशन’ की त्रिवेणी देखने को मिल रही है। यह चीजें दिखाती हैं कि हमारी दिशा एकदम सही है। हमें अपनी स्पीड को और बढ़ाना होगा। उस स्पीड को निरन्तरता देने के लिए हमें आपके सकारात्मक सहयोग की भी अपेक्षा रहेगी।
मुख्यमंत्री जी आज टोक्यो, जापान में भारतीय मूल के लोगों के साथ ‘संवाद कार्यक्रम’ को सम्बोधित कर रहे थे। इस अवसर पर मुख्यमंत्री जी ने जापान में रह रहे भारतीय मूल के लोगों को होली की शुभकामनाएं दीं। उन्होंने बेटियों द्वारा प्रस्तुत सांस्कृतिक कार्यक्रम की सराहना भी की। सांस्कृतिक कार्यक्रम में काशी के शास्त्रीय संगीत व उत्तराखण्ड के जागर का प्रस्तुतिकरण किया गया।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि इस समय दुनिया के अंदर आर्थिक क्षेत्र में काफी उथल-पुथल मची हुई है, जो बहुत दिनों तक नहीं रहेगी। धैर्य के साथ पूरी दुनिया इसे देख रही है। हम लोगों को भी इन स्थितियों में जिस देश में रह रहे हैं, वहां का संबल बनना होगा, लेकिन साथ-साथ अपने देश के बारे में भी सोचना है और उसे आगे बढ़ाने में अपना योगदान देना है।

जापान में भारतीय मूल के लगभग 55 हजार लोग रहते हैं। हमें अलग-अलग समूह बनाने के बजाय यहां की सरकार के साथ मिलकर जापान के विकास में योगदान देने के साथ-साथ भारत के विकास कार्यक्रमों को मजबूती से आगे बढ़ाना होगा। यद्यपि हमारे प्रवासी भारतीय इन कार्यक्रमों को आगे बढ़ा रहे हैं। हम लोगों को मिलकर इन विकास कार्यक्रमों को और मजबूती देनी होगी और प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी के ‘एक भारत-श्रेष्ठ भारत’, ‘आत्मनिर्भर और विकसित भारत’ के संकल्प को आगे बढ़ाने में अपना योगदान देना होगा।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि दुनिया में जब भी भारतीय मूल के लोगों या किसी देश पर कोई संकट आता है, तो भारत द्वारा सहायता पहुंचती है। प्रधानमंत्री जी स्वयं फ्रण्ट फुट पर रहकर अपने लोगों को वहां से सुरक्षित निकालने में योगदान देते हैं। भारत कभी भी अपने नागरिकों के हितों, उनकी सुरक्षा में सेंध नहीं लगाने देता, हमेशा उनके साथ खड़ा रहता है। भारतीय मूल के लोगों को अपने देश की उन्नति और समृद्धि के लिए अपना योगदान देना चाहिए। ‘सर्वे भवन्तु सुखिनः सर्वे सन्तु निरामया’ के भाव के साथ हमें कार्य करना चाहिए।

मुख्यमंत्री जी ने कहा कि भगवान श्रीराम सूर्यवंश परम्परा में पैदा हुए थे। महात्मा बुद्ध ने भी उसी कड़ी को आगे बढ़ाया। अलग-अलग समय में अवतारों ने अपनी भूमिका का निर्वहन करते हुए उस समय की मानवता का मार्ग प्रशस्त किया। यह सभी अवतार मानव जाति के विकास की क्रमिक यात्रा का प्रतिनिधित्व और उसके मार्ग प्रदाता रहे हैं।
भारतीय सनातन धर्म परम्परा ने धर्म को केवल उपासना विधि से ही नहीं जोड़ा है, बल्कि कर्तव्यों के साथ भी जोड़ा है। सनातन परम्परा को जीवन पद्धति के रूप में अंगीकार किया है। इसको ‘वे ऑफ लाइफ’ माना गया है, जो आपको नैतिक मूल्यों के साथ आगे बढ़ने, अपने से बड़ों के प्रति और धरती के प्रति कृतज्ञता ज्ञापित करने की प्रेरणा प्रदान करती है। हम सभी अपने कर्तव्यों का पालन करें। यही हमारा धर्म है और भारतीय जहां भी रहते हैं, वह अपने धर्म का पालन करते हैं।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि भारत से हजारों किलोमीटर दूर जापान में भारतीय मूल के रह रहे लोग यहां के विकास में योगदान दे रहे हैं। आप सभी ने अपनी आध्यात्मिक व सांस्कृतिक विरासत को संजो कर रखा है। विभिन्न पर्व और त्योहारों में आप सभी की एकजुटता इस बात को प्रदर्शित करती है। प्रधानमंत्री जी की प्रेरणा से विगत 24 जनवरी को यहां भी ‘उत्तर प्रदेश स्थापना दिवस’ मनाया गया। इस प्रकार के क्षण हमें अपने राज्य व राष्ट्र के प्रति अपने दायित्वों व नये संकल्पों के निर्वहन का अवसर प्रदान करते हैं। पर्व और त्योहार इन्हीं संकल्पों के प्रतीक हैं।
उत्तर प्रदेश में हमारी सरकार ने दीपोत्सव, देव दीपावली व रंगोत्सव के भव्य कार्यक्रम शुरू किए। दीपोत्सव कार्यक्रम के आरम्भ वर्ष में हमने प्रदेशभर से 51,000 दीपक इकट्ठे किए थे और आज हम अयोध्या में बने 25 से 30 लाख दीपक वहां एक साथ प्रज्ज्वलित करते हैं। आज बरसाना, मथुरा में लोगों ने लठ्ठमार होली खेली। कल बरसाना में 05 लाख लोग थे और आज नंद गांव में उससे भी ज्यादा भीड़ है। लोगों में उत्साह व उमंग है। जीवन की इस आपाधापी में कुछ समय अपने मूल्यों, आदर्शों के साथ बिना किसी भय, तनाव से मुक्त होकर व्यक्ति जी सके, यही जीने का आनन्द है। डर की वजह से व्यक्ति कब तक जिएगा, उसे बेहतर वातावरण प्रदान करना लोकप्रिय सरकार का धर्म है और हमारी सरकार ने अपने इस धर्म का निर्वहन किया है।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि आज लोगों में विकास की स्वस्थ प्रतिस्पर्धा आगे बढ़ी है। विकास और उन्नति का भाव लोगों के मन में एक नया आकर्षण पैदा कर रहा है। प्रयागराज महाकुम्भ-2025 में 66 करोड़ से अधिक श्रद्धालु आए थे। दुनिया के कई देशों की तो इतनी आबादी भी नहीं है। वर्षभर में उत्तर प्रदेश में 156 करोड़ टूरिस्ट विभिन्न तीर्थ स्थलों व पर्यटन स्थलों पर आए हैं। प्रदेश सरकार ने इन स्थलों के विकास के लिए कार्ययोजना बनायी है, ताकि हम अपनी विरासत पर गौरव की अनुभूति कर सकें, क्योंकि विरासत पर गौरव की अनुभूति करके ही कोई समाज आगे बढ़ सकता है। विरासत पर गौरव की अनुभूति ही कृतज्ञता का ज्ञापन है।
हम भारतीयों के मन में सदैव अपनी मातृभूमि के प्रति कृतज्ञता का भाव रहता है। ‘कृते च प्रति कर्तव्यं एष धर्मः सनातनः’ अर्थात किए गए उपकार के बदले में उपकार करना ही सनातन धर्म है। इस प्रेरणा से ओतप्रोत होकर जब हम कार्य करते हैं, तो यह कर्तव्यबोध हम सभी भारतीयों को जीवन के हर क्षेत्र में एक नई ऊंचाई प्रदान करता है। दुनिया में भारतीयों ने विभिन्न क्षेत्रों में अच्छी प्रगति की है। कुछ नया करके दिखाया है। लोगों के लिए एक नई प्रेरणा प्रदान की है।

मुख्यमंत्री जी ने कहा कि आज भारत प्रधानमंत्री जी के नेतृत्व में विकास की नई ऊंचाईयां प्राप्त कर रहा है। देश व दुनिया को एक ‘नये भारत’ के दर्शन हो रहे हैं। हम ‘विकसित भारत की संकल्पना’ को साकार होते देख रहे हैं। हमारी पीढ़ी इस बात पर गौरव की अनुभूति कर सकती है कि हमने अपनी विरासत को प्रभावी ढंग से आगे बढ़ाया और विकसित भारत के सभी आयामों को छूने का प्रयास किया है। आज भारत हर क्षेत्र में प्रगति कर रहा है। समग्र विकास के साथ अच्छा इंफ्रास्ट्रक्चर विकसित हो रहा है। अच्छी कनेक्टिविटी के साथ सुरक्षा का बेहतरीन वातावरण है। उत्तर प्रदेश में भारत की सर्वाधिक आबादी निवास करती है। उत्तर प्रदेश ने भी विकास के नए आयाम छूने के कार्य किए हैं। अब आप लोगों को उत्तर प्रदेश से कर्फ्यू, दंगों, उपद्रव के समाचार नहीं, बल्कि उत्सव के समाचार आते होंगे।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि उत्तर प्रदेश में सेमीकण्डक्टर, डेटा सेण्टर, लॉजिस्टिक्स पार्क, बड़े-बड़े एयरपोर्ट बन रहे हैं। दुनिया के निवेशक भारत के सामर्थ्य व सम्भावनाओं को समझ रहे हैं और इसकी सराहना भी कर रहे हैं। हम देश के हित व विकास तथा मानवता के कल्याण के लिए भरसक प्रयास कर रहे हैं। हमारी ताकत दुनिया को मैत्री और करुणा के पथ पर अग्रसर करने के लिए है। किसी को डराने या किसी पर जबरन शासन करने के लिए नहीं। भगवान श्रीराम ने हम सबको यही प्रेरणा दी है कि ‘अपि स्वर्णमयी लंका न मे लक्ष्मण रोचते, जननी जन्मभूमिश्च स्वर्गादपि गरीयसी’। प्रधानमंत्री जी के आह्वान पर हम सबको मिलकर ‘विकसित भारत’ बनाने की दिशा में कार्य करना होगा।
इस अवसर पर उत्तर प्रदेश के वित्त एवं संसदीय कार्य मंत्री  सुरेश कुमार खन्ना, औद्योगिक विकास मंत्री  नन्द गोपाल गुप्ता ‘नन्दी’, जापान में भारत की राजदूत सुश्री नगमा एम0 मलिक, सलाहकार मुख्यमंत्री  अवनीश कुमार अवस्थी, अपर मुख्य सचिव वित्त दीपक कुमार, सचिव मुख्यमंत्री अमित सिंह तथा भारतीय मूल के गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे।

मुख्यमंत्री ने जापान की राजधानी टोक्यो में ‘उ0प्र0 इन्वेस्टमेण्ट रोड शो’ कार्यक्रम को सम्बोधित किया

Yogi Adityanath in Japan
टोक्यो/लखनऊ : 25 फरवरी, 2026, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने आज जापान की राजधानी टोक्यो में आयोजित ‘उत्तर प्रदेश इन्वेस्टमेण्ट रोड शो’ कार्यक्रम को सम्बोधित किया। इस अवसर पर उन्होंने जापान के उद्योगपतियों और निवेशकों को उत्तर प्रदेश में निवेश करने के लिए आमंत्रित किया। मुख्यमंत्री जी ने विश्वास व्यक्त किया कि उत्तर प्रदेश में निवेश के माध्यम से भारत-जापान औद्योगिक सहयोग भविष्य में और अधिक मजबूत होगा। उन्होंने जापानी उद्योगपतियों से उत्तर प्रदेश आने व प्रदेश के आध्यात्मिक स्थलों का अनुभव लेने का आग्रह भी किया।
मुख्यमंत्री  ने कहा कि उत्तर प्रदेश सुरक्षित वातावरण, मजबूत इन्फ्रास्ट्रक्चर, बड़ी बाजार क्षमता और युवा कार्यबल के कारण निवेश के लिए भारत का सबसे बेहतर राज्य बनकर उभरा है। 25 करोड़ आबादी वाला उत्तर प्रदेश, देश का सबसे बड़ा राज्य है। राज्य की जितनी बड़ी आबादी है, उतनी ही बड़ी चुनौतियाँ हैं और उतनी ही विशाल सम्भावनाएँ भी हैं। विगत 09 वर्षों में उन सम्भावनाओं को धरातल पर उतारने का हमें सौभाग्य प्राप्त हुआ है। परिणामस्वरूप, राज्य की अर्थव्यवस्था और प्रति व्यक्ति आय लगभग तीन गुना बढ़ी है। जो राज्य कभी बीमारू कहा जाता था, आज वह भारत की अर्थव्यवस्था का ग्रोथ इंजन बन चुका है और ब्रेक-थू्र-स्टेट बनकर भारत के विकास में अपना योगदान दे रहा है।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि देश की केवल 11 प्रतिशत कृषि भूमि होने के बावजूद उत्तर प्रदेश देश का करीब 21 प्रतिशत खाद्यान्न उत्पादित करता है। यह भारत के फूड बास्केट के रूप में जाना जाता है। खाद्यान्न के बीज से लेकर बाजार तक पहुँचाने तथा अन्य सभी प्रक्रियाओं को आगे बढ़ाने में निवेश कम्पनियाँ बड़ी भूमिका का निर्वहन कर सकती हैं। प्रदेश में फूड प्रोसेसिंग, पैकेजिंग और एग्री लॉजिस्टिक्स के क्षेत्र में बड़े निवेश के अवसर उपलब्ध हैं।
मुख्यमंत्री जी ने जापान की पावन धरा को नमन करते हुए कहा कि यह देश ’लैण्ड ऑफ द सनराइज’ के रूप में जाना जाता है। उत्तर प्रदेश सूर्यवंश के राजा भगवान श्रीराम की पावन जन्मस्थली तथा भगवान बुद्ध की कर्मभूमि है। भगवान बुद्ध से जुड़े विश्व के सर्वाधिक महत्वपूर्ण स्थल कपिलवस्तु, सारनाथ, श्रावस्ती, कुशीनगर, कौशाम्बी सहित अनेक पवित्र स्थल उत्तर प्रदेश में स्थित हैं। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी के नेतृत्व में प्रदेश में रामायण सर्किट एवं बौद्ध सर्किट को प्रभावी ढंग से विकसित किया जा रहा है, जिससे स्पिरिचुअल टूरिज्म को नई गति मिली है। जब भगवान श्रीराम और भगवान बुद्ध की बात होती है, तो यह सूर्यवंश की उस महान परम्परा से जुड़ती है, जिसकी प्रथम किरण का उदय जापान की धरती पर होता है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तर प्रदेश में पर्याप्त मीठा जल संसाधन मौजूद है, जिसका उपयोग कृषि के साथ-साथ ग्रीन हाइड्रोजन के निर्माण, पम्प स्टोरेज की स्कीम तथा अन्य महत्वपूर्ण कार्यक्रमों को आगे बढ़ाने में किया जा सकता है। राज्य की 56 प्रतिशत आबादी युवा है, जिससे उद्योग सहित प्रत्येक सेक्टर को पर्याप्त और कुशल मानव संसाधन प्राप्त होता है। विगत वर्षों में प्रदेश में तेजी से इन्फ्रास्ट्रक्चर विकसित हुआ है। विगत 09 वर्षों में उत्तर प्रदेश में अनेक एक्सप्रेस-वे का निर्माण हुआ है। उत्तर प्रदेश में भारत के कुल एक्सप्रेस-वे का 55 प्रतिशत एक्सप्रेस-वे स्थित है। एक्सप्रेस-वे का विशाल नेटवर्क, देश का सबसे बड़ा रेल नेटवर्क और ईस्टर्न-वेस्टर्न डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर का जंक्शन उत्तर प्रदेश में है। एक्सप्रेस-वे के किनारे 27 औद्योगिक क्लस्टर विकसित किए जा रहे हैं। मुख्यमंत्री जी ने जापान के बिजनेस लीडर्स को प्रदेश में इन परियोजनाओं में भागीदारी के लिए आमंत्रित किया।
मुख्यमंत्री ने जापान के उद्यमियों को विशेष रूप से यीडा क्षेत्र में प्रस्तावित जापान इण्डस्ट्रियल सिटी के बारे में भी जानकारी दी। उन्होंने कहा कि प्रदेश में एयर कनेक्टिविटी बेहतर हुई है। यहाँ 16 एयरपोर्ट संचालित हैं, जिनमें 04 अन्तरराष्ट्रीय एयरपोर्ट हैं तथा नोएडा इण्टरनेशनल एयरपोर्ट शीघ्र शुरू होने वाला है। जापान से जुड़ी अनेक कम्पनियों ने उत्तर प्रदेश में निवेश किया है। नोएडा इण्टरनेशनल एयरपोर्ट के पास ही जापानी निवेशकों के लिए जापान इण्डस्ट्रियल सिटी विकसित की जा रही है। इसके लिए 500 एकड़ भूमि चिन्हित कर ली गई है। इसका उद्देश्य है कि जापानी उद्योग एक ही स्थान पर क्लस्टर के रूप में निवेश कर सकें। यहाँ उन्हें बेहतर कनेक्टिविटी, लॉजिस्टिक्स और निर्यात सुविधाएँ उपलब्ध करायी जाएंगी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तर प्रदेश में निवेशकों के लिए सुरक्षित वातावरण उपलब्ध है। यहाँ निवेशकों का निवेश इसलिए सुरक्षित है, क्योंकि यहाँ स्केल, स्किल, स्टेबिलिटी और स्पीड चारों उपलब्ध हैं। यहाँ स्केल को स्किल में बदलने का सामर्थ्य भी है। भारत के मोबाइल मैन्युफैक्चरिंग का 55 प्रतिशत और इलेक्ट्रॉनिक कम्पोनेण्ट उत्पादन का लगभग 60 प्रतिशत उत्तर प्रदेश में हो रहा है। एजुकेशन, मेडिकल हेल्थ, डेटा सेण्टर, सेमीकण्डक्टर, लॉजिस्टिक्स, वेयरहाउसिंग और रिन्यूएबल एनर्जी एण्ड हाइड्रोजन एनर्जी में निवेश की अच्छी सम्भावनाएँ हैं। हाल ही में नोएडा क्षेत्र में सेमीकण्डक्टर यूनिट की आधारशिला रखी गई है। प्रदेश में 75,000 एकड़ का लैण्ड बैंक उपलब्ध है। झाँसी के पास बुन्देलखण्ड क्षेत्र में 56,000 एकड़ में नया औद्योगिक शहर ‘बीडा‘ विकसित किया जा रहा है, इससे क्षेत्रीय औद्योगिक विकास को नई गति मिलेगी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्ष 2023 में राज्य में आयोजित ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट में प्रदेश को 40 लाख करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए। लगभग 15 लाख करोड़ रुपये की परियोजनाएँ जमीन पर उतर चुकी हैं और 07 लाख करोड़ रुपये का निवेश प्रक्रिया में है। उत्तर प्रदेश में 96 लाख एम0एस0एम0ई0 इकाइयाँ कार्यरत हैं, जिनमें 03 करोड़ से अधिक लोगों को रोजगार मिला है। नई इकाइयों को 1,000 दिनों तक कई तरह की एन0ओ0सी0 से छूट दी जाती है, ताकि उद्योग आसानी से शुरू हो सकें। निवेशकों को कहीं कोई डिस्टर्बेंन्स नहीं होता है। उन्हें प्रोत्साहित करने के लिए नियमानुसार तय इन्सेण्टिव प्रदान किये जाते हैं। उन्हें टेक्नोलॉजी के साथ-साथ डिजाइन, मार्केट तथा एक्सपोर्ट से जोड़ने हेतु मदद उपलब्ध कराया जाता है।
मुख्यमंत्री  ने कहा कि प्रदेश में 34 से अधिक सेक्टोरल नीतियाँ लागू हैं। ‘निवेश मित्र‘ और ‘निवेश सारथी‘ जैसी सिंगल विण्डो व्यवस्था से निवेश प्रक्रिया सरल हुई है। ‘निवेश मित्र’ निवेशकों को सारी औपचारिकताएँ पूर्ण करने में सहायता करता है। ‘निवेश सारथी‘ निवेशक के निवेश को प्रभावी ढंग से निवेश कराने में योगदान देता है। बेहतर कानून-व्यवस्था और पारदर्शी नीतियों के कारण उत्तर प्रदेश ‘ईज ऑफ डूइंग बिजनेस’ में अग्रणी राज्यों में शामिल है। विगत वर्ष प्रदेश में 156 करोड़ पर्यटक आए, जिससे होटल, रेस्टोरेण्ट, हेरिटेज और स्प्रिचुअल टूरिज्म में निवेश के अवसर बढ़े हैं। प्रदेश में इलेक्ट्रिक व्हीकल मोबिलिटी, डीप टेक, फिनटेक, मेडटेक और सर्विस सेक्टर में भी निवेश की सम्भावनाएँ हैं।
कार्यक्रम में स्पार्क मिण्डा गु्रप के एक्जीक्यूटिव डायरेक्टर आकाश मिण्डा ने कहा कि वर्तमान में उत्तर प्रदेश स्केल, स्पीड और स्टेबिलिटी का प्रतिनिधित्व कर रहा है। आज बड़े पैमाने पर आधुनिक एक्सप्रेस-वेज, फ्रेट कॉरिडोर, औद्योगिक केन्द्र और प्रो-एक्टिव से उत्तर प्रदेश मजबूत मैन्युफैक्चरिंग आधार तैयार कर रहा है। यह आने वाले समय में प्रदेश की औद्योगिक सफलता के लिए अत्यन्त महत्वपूर्ण है। जापान व भारत न केवल आर्थिक बल्कि विश्वास, गुणवत्ता और दीर्घकालिक दृष्टिकोण के साझा मूल्यों से बंधे हैं। जापानी कम्पनियों ने भारत की ऑटोमोटिव यात्रा को आकार देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभायी है।
स्पार्क मिण्डा गु्रप के एक्जीक्यूटिव डायरेक्टर ने कहा कि जापानी कम्पनियों के लिए उत्तर प्रदेश केवल एक गन्तव्य मात्र नहीं है, बल्कि दीर्घकालिक औद्योगिक सफलता का लॉन्च पैड है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी के विजन और उनके मार्गदर्शन में हमने उत्तर प्रदेश में बहुत सराहनीय परिवर्तन देखे हैं। हम उत्तर प्रदेश के सभी 75 जनपदों में औद्योगिक प्रगति को बेहतर करने के लिए हम प्रतिबद्ध हैं। डिस्ट्रिक्ट लेवल इण्डस्ट्रियल पार्क, लॉजिस्टिक्स हब, स्मार्ट टाउनशिप, एक्सपोर्ट फोकस्ड इण्डस्ट्रियल पार्क और कॉरिडोर के डेवलपमेण्ट के लिए राज्य सरकार की पहल के तहत कई बड़े प्रोजेक्ट्स को स्वीकृति प्रदान की गई है। यीडा क्षेत्र में मात्र 45 दिनों में 02 लाख वर्गमीटर भूमि का आवंटन हुआ है, जो प्रदेश में ईंज ऑफ डूइंग बिजनेस की गति और पारदर्शिता को दर्शाता है।
मारुति सुजुकी के सीनियर एक्जी़क्यूटिव ऑफिसर (कॉर्पोरेट अफेयर्स) राहुल भारती ने कहा कि विगत वर्षों में हमने प्रदेश में मेगा ट्रांसफॉर्मेशन देखा है। मुख्यमंत्री जी उत्तर प्रदेश को हर क्षेत्र में नम्बर वन बनाना चाहते हैं। फाइनेंशियल डिसिप्लिन, मोबाइल मैन्युफैक्चरिंग, रोड एक्सप्रेस-वे नेटवर्क, एग्रीकल्चर प्रोडक्शन, ट्री प्लाण्टेशन, एथेनॉल प्रोडक्शन, हैण्डीक्राफ्ट एक्सपोर्ट, टूरिज्म में उत्तर प्रदेश अग्रणी है। इलेक्ट्रिक व मजबूत हाइब्रिड गाड़ियों को बढ़ावा देने पर प्रदेश में एक वाइब्रेण्ट व पॉजिटिव पॉलिसी मौजूद है, जिससे उत्तर प्रदेश इलेक्ट्रिक और हाइब्रिड गाड़ियों की ग्रोथ में भारत का नम्बर वन स्टेट बन गया है। यह कार्य सरकारी रेवेन्यू की कीमत पर नहीं हुए हैं, बल्कि इनसे सरकारी राजस्व में वृद्धि दर्ज की गयी।
राहुल भारती ने कहा कि प्रदेश में एक विजनरी, डिसीसिव और मजबूत लीडरशिप है। राज्य में सुदृढ़ कानून-व्यवस्था तथा अच्छा अनुशासन है। सरकार में फैसले लेने और उन्हें लागू करने की स्पीड बहुत तेज है। यही कारण है कि प्रदेश में अच्छा इन्फ्रास्ट्रक्चर निर्माण हुआ है। उत्तर प्रदेश में उपजाऊ मिट्टी, कई नदियाँ और खेती तथा उद्योग हैं। मारुति सुजुकी की भी प्रदेश में अच्छी मौजूदगी है। ऑटो कम्पोनेण्ट सप्लाई करने वाली अनेक कम्पनियाँ उत्तर प्रदेश में हैं। उत्तर प्रदेश कम्प्रेस्ड बायो गैस और एथेनॉल दोनों में दुनिया का एक महान नेता बन सकता है। यह इसलिए भी क्योंकि प्रदेश सरकार उत्तर प्रदेश में निवेशकों का स्वागत करती है।
इस अवसर पर उत्तर प्रदेश के वित्त मंत्री सुरेश कुमार खन्ना, औद्योगिक विकास मंत्री नन्द गोपाल गुप्ता ‘नन्दी’, जापान में भारत की राजदूत सुश्री नगमा एम0 मलिक, सलाहकार मुख्यमंत्री अवनीश कुमार अवस्थी, अवस्थापना एवं औद्योगिक विकास आयुक्त दीपक कुमार सहित जापान के उद्योग जगत के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।

February 11, 2026

यूपी बजट 2026-27: उच्च शिक्षा को मजबूती, नए विश्वविद्यालयों और छात्र कल्याण पर जोर

Posted on 11.02.2926 Wednesday, Time 08.21 PM Uttar Pradesh Budget 

लखनऊ। यूपी विधानसभा सत्र के तीसरे दिन राज्य के वित्त मंत्री सुरेश कुमार खन्ना ने वित्तीय वर्ष 2026-27 का बजट प्रस्तुत किया। लगभग 9.13 लाख करोड़ रुपये के इस बजट को “विकसित उत्तर प्रदेश 2047” के लक्ष्य की दिशा में अहम कदम बताया गया है। उच्च शिक्षा मंत्री योगेन्द्र उपाध्याय ने कहा कि यह बजट प्रदेश के 25 करोड़ नागरिकों को सशक्त और आत्मनिर्भर बनाने के साथ ही उत्तर प्रदेश को 1 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनाने में गति देगा।
उच्च शिक्षा के क्षेत्र में योगी सरकार ने बड़े निवेश का फैसला किया है। बजट 2026-27 में उच्च शिक्षा के लिए 6,591 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है, जो पिछले वर्ष की तुलना में 7 प्रतिशत अधिक है। इसका उद्देश्य गुणवत्तापूर्ण, सुलभ और आधुनिक शिक्षा व्यवस्था को मजबूत करना है।
मेधावी छात्राओं को प्रोत्साहित करने के लिए रानी लक्ष्मी बाई स्कूटी योजना हेतु 400 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। वहीं मुख्यमंत्री शिक्षुता प्रोत्साहन योजना के लिए 40 करोड़ रुपये रखे गए हैं, जिससे विद्यार्थियों को उद्योगों में व्यावहारिक अनुभव मिल सकेगा।
इसके अलावा विभिन्न मंडलों में नए विश्वविद्यालयों की स्थापना की जाएगी। मां विन्ध्यवासिनी विश्वविद्यालय (मिर्जापुर), गुरु जम्भेश्वर विश्वविद्यालय (मुरादाबाद) और मां पाटेश्वरी विश्वविद्यालय (बलरामपुर) के लिए 50-50 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। छात्र मानसिक स्वास्थ्य एवं कल्याण नीति के तहत नई योजना के लिए 14.50 करोड़ रुपये भी प्रस्तावित किए गए हैं।

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