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रामाश्रम सत्संग मथुरा का तीन दिवसीय भव्य आध्यात्मिक समारोह संपन्न

February 20, 2026

रामाश्रम सत्संग मथुरा का तीन दिवसीय भव्य आध्यात्मिक समारोह संपन्न

मथुरा। भगवान श्रीकृष्ण की पावन नगरी मथुरा में शिवरात्रि के पावन अवसर पर रामाश्रम सत्संग मथुरा द्वारा आयोजित तीन दिवसीय भव्य आध्यात्मिक समारोह  सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। श्रद्धा, भक्ति और ज्ञान से ओतप्रोत इस समारोह में देश-विदेश से हजारों श्रद्धालु साधकों ने आत्मिक लाभ प्राप्त किया। समारोह के दौरान आध्यात्म के विविध आयामों—भक्ति, ध्यान, योग, आत्मचिंतन और जीवन मूल्यों—पर देश के अलग-अलग भागों से पधारे आचार्यों ने सारगर्भित व्याख्यान दिए। विद्वानों के प्रेरणादायक प्रवचनों से उपस्थित श्रद्धालुओं का ज्ञानवर्धन हुआ तथा उनकी जिज्ञासाओं का समाधान भी किया गया। तीनों दिन वातावरण भक्ति-संगीत, सत्संग और ध्यान साधना से गुंजायमान रहा। कार्यक्रम में देश के विभिन्न राज्यों के साथ-साथ विदेशों से भी श्रद्धालु पहुंचे। विशाल संख्या में उपस्थित भक्तों ने शिवरात्रि के इस पावन पर्व पर आध्यात्मिक ऊर्जा का अनुभव किया। आयोजन की सुव्यवस्थित व्यवस्थाओं और अनुशासित संचालन की सभी ने सराहना की। रामाश्रम सत्संग मथुरा के वर्तमान गुरु एवं संचालक परम संत आलोक कुमार जी के मार्गदर्शन में यह समारोह अत्यंत सफल रहा।
उन्होंने अपने उद्बोधन में जीवन में सकारात्मक चिंतन, संयम, सेवा और समर्पण के महत्व पर प्रकाश डाला। उनके अनुसार, “आध्यात्म केवल ग्रंथों तक सीमित नहीं, बल्कि जीवन जीने की एक कला है, जो मनुष्य को भीतर से प्रकाशित करती है।

राप्तीनगर विस्तार में खुले केबिल ट्रेंच में गिरने से बच्चे की दर्दनाक मौत

संतोष कुमार सिंह
गोरखपुर

*मण्डलायुक्त ने दिए जांच के आदेश, टेक्निकल सुपरवाइजर सेवा समाप्त, अवर अभियंता के निलंबन की संस्तुति*

गोरखपुर। राप्तीनगर विस्तार आवासीय योजना क्षेत्र में बुधवार को एक दर्दनाक हादसे में खुले केबिल ट्रेंच में गिरने से एक बच्चे की मृत्यु हो गई। घटना की सूचना मिलते ही प्रशासनिक अमले में हड़कंप मच गया। मण्डलायुक्त अनिल ढींगरा ने मामले को गंभीरता से लेते हुए तत्काल जांच के आदेश दिए हैं और प्रथम दृष्टया दोषी पाए गए अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई शुरू कर दी गई है।
मण्डलायुक्त ने बताया कि गोरखपुर विकास प्राधिकरण द्वारा राप्तीनगर विस्तार आवासीय योजना की 24 मीटर चौड़ी सड़क के दोनों ओर भूमिगत केबिल ट्रेंच का निर्माण कार्य कराया गया था। यह कार्य 3 अप्रैल 2023 से प्रारंभ होकर 25 जून 2025 को पूर्ण किया गया था। निर्माण के बाद ट्रेंच को पूरी तरह तैयार कर उसके ऊपर आरसीसी स्लैब से ढक दिया गया था, ताकि किसी प्रकार की दुर्घटना न हो।
घटना से क्षेत्र में शोक और आक्रोश का माहौल है।
मण्डलायुक्त अनिल ढींगरा ने बताया कि प्रथम दृष्टया लापरवाही पाए जाने पर गोरखपुर विकास प्राधिकरण के टेक्निकल सुपरवाइजर आदित्य श्रीवास्तव की सेवा समाप्त कर दी गई है। साथ ही संबंधित अवर अभियंता संजय गुप्ता के निलंबन की संस्तुति की गई है। उन्होंने स्पष्ट किया कि मामले में किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
घटना की गहन जांच के लिए अपर जिलाधिकारी (नगर) और मुख्य अभियंता, लोक निर्माण विभाग के नेतृत्व में एक जांच समिति गठित की गई है। यह समिति पूरे प्रकरण की विस्तृत जांच कर जिम्मेदारी तय करेगी और अपनी रिपोर्ट शीघ्र प्रस्तुत करेगी।
प्रशासन की ओर से मृतक बच्चे के परिजनों को हर संभव शासकीय सहायता उपलब्ध कराने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। अधिकारियों ने परिवार से मुलाकात कर संवेदना व्यक्त की और आश्वासन दिया कि दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
यह घटना विकास कार्यों की निगरानी और सुरक्षा मानकों को लेकर गंभीर सवाल खड़े करती है। भूमिगत ट्रेंच जैसे संवेदनशील निर्माण कार्यों में सुरक्षा की अनदेखी जानलेवा साबित हो सकती है। प्रशासन ने संकेत दिए हैं कि भविष्य में ऐसे सभी निर्माण स्थलों की पुनः जांच कराई जाएगी, ताकि इस प्रकार की घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकी जा सके।

स्टांप चोरी, फर्जी कार्मिक और लंबित अभिलेखों पर बड़ा एक्शन

*उप्र समाचार सेवा (UPSS)
**दिनांक: 19 फरवरी 2026 | स्थान: ऋषिकेश (उत्तराखंड)**

**सब-रजिस्ट्रार हरीश कुमार निलंबित, विभागीय जांच शुरू**

ऋषिकेश उप-पंजीयक कार्यालय में करोड़ों रुपये की स्टांप शुल्क अपवंचना, फर्जी कार्मिक से कार्य कराने और पंजीकरण प्रक्रिया में गंभीर अनियमितताओं के मामले में शासन ने कड़ा कदम उठाया है। जिलाधिकारी सविन बंसल की संस्तुति पर वित्त सचिव दिलीप जावलकर ने सब-रजिस्ट्रार हरीश कुमार को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। साथ ही उनके विरुद्ध औपचारिक विभागीय अनुशासनात्मक कार्यवाही भी प्रारंभ कर दी गई है।

यह कार्रवाई 28 जनवरी 2026 को हुए औचक निरीक्षण के बाद सामने आई गड़बड़ियों के आधार पर की गई, जिसमें कार्यालय की कार्यप्रणाली में कई गंभीर खामियां उजागर हुईं।

### निरीक्षण में उजागर हुई प्रमुख अनियमितताएं

**बिना उप-निबंधक के रजिस्ट्री**
निरीक्षण के दौरान उप-निबंधक अनुपस्थित पाए गए, जबकि उनकी गैरमौजूदगी में निबंधक लिपिक द्वारा अवैधानिक रूप से विलेख पंजीकरण किया जा रहा था, जो स्थापित नियमों का स्पष्ट उल्लंघन है।

**फर्जी/घोस्ट कर्मचारी का मामला**
कार्यालय में जितिन पंवार नामक व्यक्ति कार्य करता मिला, जिसका न तो कोई नियुक्ति पत्र था और न ही उपस्थिति रजिस्टर में नाम दर्ज था। उसके रजिस्ट्री कार्यों में शामिल होने की आशंका जताई गई।

**सैकड़ों मूल दस्तावेज वर्षों से लंबित**
नियमों के अनुसार पंजीकरण के तीन दिन के भीतर मूल अभिलेख आवेदक को लौटाना अनिवार्य है, लेकिन निरीक्षण में कई दस्तावेज महीनों और वर्षों से कार्यालय में लंबित मिले।

**अर्जेंट नकल में भी भारी देरी**
जहां 24 घंटे में नकल उपलब्ध कराई जानी चाहिए, वहां कई आवेदनों पर महीनों तक कोई कार्रवाई नहीं हुई।

### करोड़ों की राजस्व हानि का मामला

जांच में ग्राम माजरी ग्रांट, तहसील डोईवाला से जुड़े प्रकरणों में बड़ा खुलासा हुआ। दून घाटी विशेष महायोजना 2031 के तहत औद्योगिक भूमि को आवासीय दर्शाकर छोटे भूखंडों में पंजीकरण कराया गया। औद्योगिक दरों के बजाय आवासीय दरों पर मूल्यांकन करने से स्टांप शुल्क की भारी चोरी हुई, जिससे सरकार को करोड़ों रुपये के राजस्व नुकसान का प्रारंभिक अनुमान है।

### नियमों की अनदेखी

संयुक्त जांच में पाया गया कि भारतीय स्टांप (उत्तराखंड संशोधन) अधिनियम 2015 की धारा 47-क, रजिस्ट्रेशन मैनुअल के नियम 325, 195 व 196 तथा शासन की अधिसूचना 28 अप्रैल 2016 के प्रावधानों का पालन नहीं किया गया। इन नियमों के तहत संपत्ति का सही मूल्यांकन और स्टांप शुल्क निर्धारण अनिवार्य है।

### फरियादियों ने सुनाई परेशानी

निरीक्षण के दौरान मौजूद लोगों ने बताया कि मूल दस्तावेज प्राप्त करने के लिए उन्हें बार-बार कार्यालय के चक्कर लगाने पड़े। दस्तावेजों के अभाव में बैंक ऋण, नामांतरण और अन्य राजस्व कार्य प्रभावित हुए।

### आगे भी होंगे औचक निरीक्षण

जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि यह कार्रवाई भ्रष्टाचार और राजस्व हितों से खिलवाड़ के मामलों में जीरो टॉलरेंस नीति के तहत की गई है। अन्य उप-पंजीयक कार्यालयों की भी औचक जांच की जाएगी, ताकि पंजीकरण व्यवस्था में पारदर्शिता सुनिश्चित हो सके।

February 19, 2026

नहर में गिरी तेज रफ्तार कार, चार युवकों की मौत

मथुरा।  मगोर्रा थाना क्षेत्र के नगला देविया मोड़ पर बुधवार देर रात तेज रफ्तार फ्रॉन्क्स कार अनियंत्रित होकर नहर में गिर गई। इस हादसे में कार सवार चारों युवकों की डूबने से मौत हो गई। पुलिस ने क्रेन की मदद से कार को बाहर निकाला। हालांकि इससे पहले ग्रामीणों ने दो युवकों को बाहर निकाल लिया था, लेकिन तब तक चारों युवकों की मौत हो गई। मौत की खबर से परिजनों के घर कोहराम मच गया और रो रो कर बुरा हाल हो गया। पुलिस ने चारों शवों पोस्टमार्टम गृह भेज दिया।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, देर रात चारों युवक फ्रॉन्क्स कार (UP 85 CV 9856) से महावन से गोवर्धन होते हुए बाईपास मार्ग से डीग जा रहे थे। रास्ते में मोड़ आने के कारण ड्राइवर आगे का रास्ता सही से नहीं देख पाया। अचानक मोड़ आने से चालक ने नियंत्रण खो दिया और कार सीधे नहर में जा गिरी।
गाड़ी के नहर में गिरने की आवाज सुनते ही आसपास के लोग मौके पर पहुंचे। पुलिस के पहुंचने से पहले ही स्थानीय लोगों ने गाड़ी से दो युवकों को बाहर निकाला, लेकिन उनकी मौत हो चुकी थी। इसके बाद मौके पर पहुंची पुलिस और दमकल टीम ने क्रेन की मदद से गाड़ी को बाहर निकाला।
इसमें से दो और युवकों को बाहर निकाला गया, लेकिन वे भी बचाए नहीं जा सके। हादसे के बाद पुलिस ने चारों युवकों के शव पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिए। पुलिस के मुताबिक मगोर्रा क्षेत्र के रहने वाले चार हम उम्र युवक कार में सवार होकर गोवर्धन होते हुए डीग क्षेत्र में एक सगाई समारोह में शामिल होने जा रहे थे। कस्बा महावन के मोहल्ला बलदेव गढ़ निवासी राहुल (23) उनके चचेरे भाई मोहित (21) और अमित (23) एवं अन्य दोस्त गुलशन के साथ बुधवार शाम राजस्थान के डीग जिले के लिए निकले थे।एसपी देहात ने बताया कि दुर्घटना सभी साक्ष्य इकट्ठा कर विधिक कार्रवाई की जाएगी।
*सड़क सुरक्षा पर  उठे सवाल*
सड़क सुरक्षा की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर दिए हैं। राष्ट्रीय राजमार्गों और ग्रामीण सड़कों पर सुरक्षा मानकों का पालन सुनिश्चित करना प्रशासन की जिम्मेदारी है। ब्रेकर, चेतावनी बोर्ड, रिफ्लेक्टर और अन्य सुरक्षा उपकरणों की स्थापना न केवल दुर्घटनाओं को रोकने में सहायक होती है, बल्कि जीवन की रक्षा भी करती है।

मेगा ब्लॉक,जनशताब्दी समेत सात ट्रेनें(Train ) प्रभावित

Indian Rail

मुरादाबाद-सहारनपुर रूट पर
हिंडन केबिन( Hindon Cabin) पर 20-21फरवरी को मरम्मत कार्य, संचालन बाधित

Post on 19.2.26
Thursday, Time 10.20 Pm, Moradabad, Rajesh Bhatia

मुरादाबाद,19 फरवरी(उप्र समाचार सेवा)।
सहारनपुर रेल मार्ग पर स्थित हिंडन केबिन(अंबाला मंडल) पर मरम्मत कार्य होगा। इससे से दो दिन तक सात ट्रेनों के संचालन पर असर पड़ेगा। अमृतसर जनशताब्दी कल(आज) हरिद्वार से करीब पौने दो घंटे की देरी से चलेगी। जबकि दिल्ली-हरिद्वार एक्सप्रेस भी रूट बदलकर चलाया जाएगा।
रेलवे के अनुसार सहारनपुर रूट पर हिंडन केबिन में 20-21 फरवरी को लाइन पर मरम्मत कार्य किया जाएगा। इसके लिए रेलवे ने दो दिन का मेगा ब्लॉक लिया है। ब्लाँक के चलते छह ट्रेनें प्रभावित होगी।
सीनियर डीसीएम ने बताया कि
हरिद्वार-अमृतसर जनशताब्दी 20 फरवरी को हरिद्वार स्टेशन से 100 मिनट की देरी से चलेगी। इसी तरह ओखा एक्सप्रेस ट्रेन नंबर 19565 20 फरवरी को दिल्ली मंडल में 20 मिनट नियंत्रित होकर चलेगी।
जबकि दिल्ली हरिद्वार एक्सप्रेस 14305 ट्रेन सहारनपुर रूट होकर चलेगी।ऋषिकेश – श्रीगंगानगर एक्सप्रेस ट्रेन ऋषिकेश से 100 मिनट देरी से चलेगी। देहरादून-सहारनपुर पैसेंजर 54342‌ ट्रेन 20-21 फरवरी को लक्सर तक चलेगी। ट्रेन लक्सर से सहारनपुर तक रद्द रहेगी।
दिल्ली-हरिद्वार एक्सप्रेस ट्रेन 21 फरवरी दिल्ली मंडल में 15 मिनट तक नियंत्रित कर चलेगी।

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