संतोष कुमार सिंह
गोरखपुर
*मण्डलायुक्त ने दिए जांच के आदेश, टेक्निकल सुपरवाइजर सेवा समाप्त, अवर अभियंता के निलंबन की संस्तुति*
गोरखपुर। राप्तीनगर विस्तार आवासीय योजना क्षेत्र में बुधवार को एक दर्दनाक हादसे में खुले केबिल ट्रेंच में गिरने से एक बच्चे की मृत्यु हो गई। घटना की सूचना मिलते ही प्रशासनिक अमले में हड़कंप मच गया। मण्डलायुक्त अनिल ढींगरा ने मामले को गंभीरता से लेते हुए तत्काल जांच के आदेश दिए हैं और प्रथम दृष्टया दोषी पाए गए अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई शुरू कर दी गई है।
मण्डलायुक्त ने बताया कि गोरखपुर विकास प्राधिकरण द्वारा राप्तीनगर विस्तार आवासीय योजना की 24 मीटर चौड़ी सड़क के दोनों ओर भूमिगत केबिल ट्रेंच का निर्माण कार्य कराया गया था। यह कार्य 3 अप्रैल 2023 से प्रारंभ होकर 25 जून 2025 को पूर्ण किया गया था। निर्माण के बाद ट्रेंच को पूरी तरह तैयार कर उसके ऊपर आरसीसी स्लैब से ढक दिया गया था, ताकि किसी प्रकार की दुर्घटना न हो।
घटना से क्षेत्र में शोक और आक्रोश का माहौल है।
मण्डलायुक्त अनिल ढींगरा ने बताया कि प्रथम दृष्टया लापरवाही पाए जाने पर गोरखपुर विकास प्राधिकरण के टेक्निकल सुपरवाइजर आदित्य श्रीवास्तव की सेवा समाप्त कर दी गई है। साथ ही संबंधित अवर अभियंता संजय गुप्ता के निलंबन की संस्तुति की गई है। उन्होंने स्पष्ट किया कि मामले में किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
घटना की गहन जांच के लिए अपर जिलाधिकारी (नगर) और मुख्य अभियंता, लोक निर्माण विभाग के नेतृत्व में एक जांच समिति गठित की गई है। यह समिति पूरे प्रकरण की विस्तृत जांच कर जिम्मेदारी तय करेगी और अपनी रिपोर्ट शीघ्र प्रस्तुत करेगी।
प्रशासन की ओर से मृतक बच्चे के परिजनों को हर संभव शासकीय सहायता उपलब्ध कराने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। अधिकारियों ने परिवार से मुलाकात कर संवेदना व्यक्त की और आश्वासन दिया कि दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
यह घटना विकास कार्यों की निगरानी और सुरक्षा मानकों को लेकर गंभीर सवाल खड़े करती है। भूमिगत ट्रेंच जैसे संवेदनशील निर्माण कार्यों में सुरक्षा की अनदेखी जानलेवा साबित हो सकती है। प्रशासन ने संकेत दिए हैं कि भविष्य में ऐसे सभी निर्माण स्थलों की पुनः जांच कराई जाएगी, ताकि इस प्रकार की घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकी जा सके।
*उप्र समाचार सेवा (UPSS)
**दिनांक: 19 फरवरी 2026 | स्थान: ऋषिकेश (उत्तराखंड)**
**सब-रजिस्ट्रार हरीश कुमार निलंबित, विभागीय जांच शुरू**
ऋषिकेश उप-पंजीयक कार्यालय में करोड़ों रुपये की स्टांप शुल्क अपवंचना, फर्जी कार्मिक से कार्य कराने और पंजीकरण प्रक्रिया में गंभीर अनियमितताओं के मामले में शासन ने कड़ा कदम उठाया है। जिलाधिकारी सविन बंसल की संस्तुति पर वित्त सचिव दिलीप जावलकर ने सब-रजिस्ट्रार हरीश कुमार को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। साथ ही उनके विरुद्ध औपचारिक विभागीय अनुशासनात्मक कार्यवाही भी प्रारंभ कर दी गई है।
यह कार्रवाई 28 जनवरी 2026 को हुए औचक निरीक्षण के बाद सामने आई गड़बड़ियों के आधार पर की गई, जिसमें कार्यालय की कार्यप्रणाली में कई गंभीर खामियां उजागर हुईं।
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### निरीक्षण में उजागर हुई प्रमुख अनियमितताएं
**बिना उप-निबंधक के रजिस्ट्री**
निरीक्षण के दौरान उप-निबंधक अनुपस्थित पाए गए, जबकि उनकी गैरमौजूदगी में निबंधक लिपिक द्वारा अवैधानिक रूप से विलेख पंजीकरण किया जा रहा था, जो स्थापित नियमों का स्पष्ट उल्लंघन है।
**फर्जी/घोस्ट कर्मचारी का मामला**
कार्यालय में जितिन पंवार नामक व्यक्ति कार्य करता मिला, जिसका न तो कोई नियुक्ति पत्र था और न ही उपस्थिति रजिस्टर में नाम दर्ज था। उसके रजिस्ट्री कार्यों में शामिल होने की आशंका जताई गई।
**सैकड़ों मूल दस्तावेज वर्षों से लंबित**
नियमों के अनुसार पंजीकरण के तीन दिन के भीतर मूल अभिलेख आवेदक को लौटाना अनिवार्य है, लेकिन निरीक्षण में कई दस्तावेज महीनों और वर्षों से कार्यालय में लंबित मिले।
**अर्जेंट नकल में भी भारी देरी**
जहां 24 घंटे में नकल उपलब्ध कराई जानी चाहिए, वहां कई आवेदनों पर महीनों तक कोई कार्रवाई नहीं हुई।
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### करोड़ों की राजस्व हानि का मामला
जांच में ग्राम माजरी ग्रांट, तहसील डोईवाला से जुड़े प्रकरणों में बड़ा खुलासा हुआ। दून घाटी विशेष महायोजना 2031 के तहत औद्योगिक भूमि को आवासीय दर्शाकर छोटे भूखंडों में पंजीकरण कराया गया। औद्योगिक दरों के बजाय आवासीय दरों पर मूल्यांकन करने से स्टांप शुल्क की भारी चोरी हुई, जिससे सरकार को करोड़ों रुपये के राजस्व नुकसान का प्रारंभिक अनुमान है।
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### नियमों की अनदेखी
संयुक्त जांच में पाया गया कि भारतीय स्टांप (उत्तराखंड संशोधन) अधिनियम 2015 की धारा 47-क, रजिस्ट्रेशन मैनुअल के नियम 325, 195 व 196 तथा शासन की अधिसूचना 28 अप्रैल 2016 के प्रावधानों का पालन नहीं किया गया। इन नियमों के तहत संपत्ति का सही मूल्यांकन और स्टांप शुल्क निर्धारण अनिवार्य है।
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### फरियादियों ने सुनाई परेशानी
निरीक्षण के दौरान मौजूद लोगों ने बताया कि मूल दस्तावेज प्राप्त करने के लिए उन्हें बार-बार कार्यालय के चक्कर लगाने पड़े। दस्तावेजों के अभाव में बैंक ऋण, नामांतरण और अन्य राजस्व कार्य प्रभावित हुए।
### आगे भी होंगे औचक निरीक्षण
जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि यह कार्रवाई भ्रष्टाचार और राजस्व हितों से खिलवाड़ के मामलों में जीरो टॉलरेंस नीति के तहत की गई है। अन्य उप-पंजीयक कार्यालयों की भी औचक जांच की जाएगी, ताकि पंजीकरण व्यवस्था में पारदर्शिता सुनिश्चित हो सके।
मुरादाबाद-सहारनपुर रूट पर
हिंडन केबिन( Hindon Cabin) पर 20-21फरवरी को मरम्मत कार्य, संचालन बाधित
Post on 19.2.26
Thursday, Time 10.20 Pm, Moradabad, Rajesh Bhatia
मुरादाबाद,19 फरवरी(उप्र समाचार सेवा)।
सहारनपुर रेल मार्ग पर स्थित हिंडन केबिन(अंबाला मंडल) पर मरम्मत कार्य होगा। इससे से दो दिन तक सात ट्रेनों के संचालन पर असर पड़ेगा। अमृतसर जनशताब्दी कल(आज) हरिद्वार से करीब पौने दो घंटे की देरी से चलेगी। जबकि दिल्ली-हरिद्वार एक्सप्रेस भी रूट बदलकर चलाया जाएगा।
रेलवे के अनुसार सहारनपुर रूट पर हिंडन केबिन में 20-21 फरवरी को लाइन पर मरम्मत कार्य किया जाएगा। इसके लिए रेलवे ने दो दिन का मेगा ब्लॉक लिया है। ब्लाँक के चलते छह ट्रेनें प्रभावित होगी।
सीनियर डीसीएम ने बताया कि
हरिद्वार-अमृतसर जनशताब्दी 20 फरवरी को हरिद्वार स्टेशन से 100 मिनट की देरी से चलेगी। इसी तरह ओखा एक्सप्रेस ट्रेन नंबर 19565 20 फरवरी को दिल्ली मंडल में 20 मिनट नियंत्रित होकर चलेगी।
जबकि दिल्ली हरिद्वार एक्सप्रेस 14305 ट्रेन सहारनपुर रूट होकर चलेगी।ऋषिकेश – श्रीगंगानगर एक्सप्रेस ट्रेन ऋषिकेश से 100 मिनट देरी से चलेगी। देहरादून-सहारनपुर पैसेंजर 54342 ट्रेन 20-21 फरवरी को लक्सर तक चलेगी। ट्रेन लक्सर से सहारनपुर तक रद्द रहेगी।
दिल्ली-हरिद्वार एक्सप्रेस ट्रेन 21 फरवरी दिल्ली मंडल में 15 मिनट तक नियंत्रित कर चलेगी।