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श्रमिकों की समस्याओं को लेकर भारतीय मजदूर संघ ने सौंपा ज्ञापन

February 25, 2026

श्रमिकों की समस्याओं को लेकर भारतीय मजदूर संघ ने सौंपा ज्ञापन

हाथरस। जनपद में श्रमिकों की विभिन्न समस्याओं को लेकर भारतीय मजदूर संघ ने सक्रिय पहल करते हुए जिला प्रशासन को ज्ञापन सौंपा।  संगठन के जिला अध्यक्ष अरुण उपाध्याय के नेतृत्व में पदाधिकारी कलेक्ट्रेट पहुंचे और जिलााधिकारी को मांगपत्र सौंपा।
ज्ञापन में न्यूनतम मजदूरी का पालन, श्रम कानूनों का प्रभावी क्रियान्वयन, सामाजिक सुरक्षा योजनाओं का लाभ, असंगठित क्षेत्र के श्रमिकों का पंजीकरण, कार्यस्थलों पर सुरक्षा व्यवस्था तथा श्रमिकों के शोषण पर रोक लगाने की मांग प्रमुख रूप से उठाई गई। संगठन का कहना है कि जिले में बड़ी संख्या में श्रमिक विभिन्न उद्योगों, निर्माण कार्यों और लघु इकाइयों में कार्यरत हैं, लेकिन उन्हें कई बुनियादी सुविधाओं और अधिकारों से वंचित रहना पड़ रहा है।
संगठन ने प्रशासन से श्रमिकों की समस्याओं पर त्वरित व ठोस कार्रवाई की मांग की, ताकि उनका सामाजिक और आर्थिक सशक्तिकरण सुनिश्चित हो सके। साथ ही श्रमिक मामलों की नियमित समीक्षा कर संबंधित विभागों की जवाबदेही तय करने की भी मांग की गई।
इस दौरान जिला मंत्री योगेश, उपाध्यक्ष हिमांशु शर्मा, राधेश्याम उपाध्याय, बबलू गुप्ता, राकेश रावत, रचित पाठक, अभिषेक भगवान, महेश पाल सिंह व सोनू सहित अन्य पदाधिकारी मौजूद रहे। सभी ने एकजुटता के साथ श्रमिक हितों की आवाज बुलंद की।

कांग्रेस का धरना-प्रदर्शन, निष्पक्ष जांच की मांग

हाथरस। प्रदेश नेतृत्व के निर्देश पर जिला कांग्रेस कमेटी ने कथित झूठी एफआईआर के विरोध में धरना-प्रदर्शन आयोजित किया। प्रदर्शन स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती के विरुद्ध दर्ज मामले की स्वतंत्र, निष्पक्ष और पारदर्शी जांच की मांग को लेकर किया गया। कार्यकर्ताओं ने धार्मिक स्वतंत्रता की संवैधानिक मर्यादा और संत समाज की गरिमा बनाए रखने की बात उठाई।
पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के तहत बड़ी संख्या में कार्यकर्ता मोहनगंज स्थित कैंप कार्यालय पर एकत्रित हुए और तिरंगा लेकर रैली के रूप में जिलाधिकारी कार्यालय पहुंचे। जिला अध्यक्ष विवेक उपाध्याय के नेतृत्व में कार्यकर्ताओं ने सरकार की नीतियों के विरोध में नारेबाजी की और निष्पक्ष कार्रवाई की मांग की।
जिलाधिकारी कार्यालय पर काफी देर तक अधिकारी के न पहुंचने से कार्यकर्ताओं में नाराजगी रही और वे परिसर में धरने पर बैठ गए। बाद में अपर जिलाधिकारी (न्याय) मौके पर पहुंचे, जिन्हें जिला अध्यक्ष ने ज्ञापन सौंपकर निष्पक्ष जांच सुनिश्चित कराने की मांग दोहराई।
धरना सभा की अध्यक्षता पंडित ब्रह्मदेव शर्मा ने की और संचालन डॉ. मुकेश चंद्रा ने किया। वक्ताओं ने कहा कि लोकतंत्र में धार्मिक स्वतंत्रता और अभिव्यक्ति की आजादी का सम्मान होना चाहिए। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि निष्पक्ष जांच नहीं हुई तो चरणबद्ध आंदोलन किया जाएगा।
धरना-प्रदर्शन में राम कुमार सारस्वत, ठाकुर कपिल सिंह, जैनुद्दीन जैन, शांतनु कुमार, देवेंद्र शर्मा, गोविंद चतुर्वेदी, राजशेखर, हिमांशु सिंह, नवीन कुमार शर्मा, त्रिलोकचंद, सचिन उपाध्याय, दुष्यंत चौधरी, पारूल चौधरी, मनीष शर्मा सहित बड़ी संख्या में कार्यकर्ता मौजूद रहे। कार्यक्रम के अंत में डॉ. मुकेश चंद्रा ने सभी का आभार व्यक्त किया।

संदिग्ध परिस्थितियों में विवाहिता की मौत, दहेज उत्पीड़न का आरोप

हाथरस। हसायन कोतवाली क्षेत्र के गांव नगला मिया पट्टी देवरी में 23 वर्षीय शीनू की संदिग्ध परिस्थितियों में मृत्यु का मामला सामने आया है। मृतका के मायके पक्ष ने पति अवनीश पुंढीर समेत ससुराल पक्ष के अन्य सदस्यों पर गंभीर आरोप लगाए हैं।
परिजनों का आरोप है कि विवाह के बाद से ही शीनू को दहेज की अतिरिक्त मांग को लेकर प्रताड़ित किया जा रहा था। उसके साथ मारपीट और मानसिक उत्पीड़न किए जाने की बात भी कही गई है। परिवार का यह भी कहना है कि उस पर जबरन गर्भपात कराने का दबाव बनाया गया।
तबीयत बिगड़ने पर उसे दिल्ली के एक अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उपचार के दौरान  उसकी मृत्यु हो गई। सूचना पर पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस अधिकारियों के अनुसार पोस्टमार्टम रिपोर्ट और जांच के आधार पर आगे की विधिक कार्रवाई की जाएगी।

बाँके बिहारी मंदिर में बुजुर्ग श्रद्धालुओं के लिए अलग दर्शन व्यवस्था की मांग

जनसेवार्थ मंच ने जिलाधिकारी मथुरा को भेजा पत्र
हाथरस। जनसेवार्थ मंच के संयोजक एवं सामाजिक कार्यकर्ता आशीष सेंगर ने वृन्दावन स्थित बाँके बिहारी मंदिर में 60 वर्ष से अधिक आयु के श्रद्धालुओं के लिए अलग दर्शन व्यवस्था किए जाने की मांग की है। इस संबंध में उन्होंने जिलाधिकारी मथुरा को पत्र भेजकर आवश्यक कार्रवाई का अनुरोध किया है।
पत्र में कहा गया है कि श्रीधाम वृन्दावन स्थित मंदिर में प्रतिदिन हजारों श्रद्धालु दर्शन के लिए पहुंचते हैं। मंदिर प्रशासन द्वारा आवागमन एवं दर्शन की व्यवस्थाएं की गई हैं, फिर भी अधिक भीड़ के कारण बुजुर्ग श्रद्धालुओं को शारीरिक कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है।
आशीष सेंगर ने उल्लेख किया कि 22 फरवरी को दर्शन के दौरान गेट नंबर 2 की लाइन में खड़े समय दो बुजुर्ग महिला श्रद्धालुओं की तबीयत अचानक बिगड़ गई, जिन्हें भीड़ के बीच से बाहर निकालना पड़ा। इन घटनाओं से व्यथित होकर उन्होंने बुजुर्गों के लिए विशेष व्यवस्था की आवश्यकता जताई।
पत्र में सुझाव दिया गया है कि 60 वर्ष से अधिक आयु के श्रद्धालुओं का ऑनलाइन पंजीकरण कराया जाए तथा गेट नंबर 5 से अलग लाइन के माध्यम से दर्शन की सुविधा उपलब्ध कराई जाए, ताकि उन्हें भीड़ से राहत मिल सके। उन्होंने प्रशासन से अपेक्षा जताई कि उचित कदम उठाकर बुजुर्ग श्रद्धालुओं के लिए दर्शन को अधिक सुगम बनाया जाएगा।

बीमार बसपा विधायक के घर आयकर छापेमारी से मंत्री दिनेश प्रताप सिंह नाराज

लखनऊ। उत्तर प्रदेश सरकार के उद्यान मंत्री दिनेश प्रताप सिंह ने बहुजन समाज पार्टी (BSP) के रसड़ा विधायक उमाशंकर सिंह के आवास पर पड़े आयकर छापों को लेकर कड़ा विरोध दर्ज कराया है। उमाशंकर सिंह मंत्री दिनेश प्रताप सिंह के समधी हैं। मंत्री ने सोशल मीडिया के माध्यम से इस कार्रवाई को असंवेदनशील और अमानवीय बताया।
जानकारी के अनुसार, आयकर विभाग ने बुधवार को विधायक उमाशंकर सिंह के बलिया जनपद स्थित विभिन्न ठिकानों पर छापेमारी की। इस कार्रवाई से नाराज़ दिनेश प्रताप सिंह ने सवाल उठाया कि जब उमाशंकर सिंह पिछले दो वर्षों से जीवन और मृत्यु के बीच संघर्ष कर रहे हैं, तब इस तरह की कार्रवाई का औचित्य क्या है। दिनेश प्रताप सिंह ने लिखा कि उमाशंकर सिंह इस समय गंभीर रूप से बीमार हैं, आइसोलेशन में रह रहे हैं और उनका अधिकांश समय व धन इलाज में खर्च हो रहा है। उन्होंने बताया कि विधायक न तो विधानसभा सत्र में भाग ले पा रहे हैं और न ही उनके आवास पर नर्स या डॉक्टर को आसानी से जाने दिया जा रहा है।

मंत्री ने यह भी कहा कि उमाशंकर सिंह बहुजन समाज पार्टी सुप्रीमो मायावती के करीबी माने जाते हैं और हाल के दिनों में बसपा द्वारा ब्राह्मण राजनीति को लेकर सक्रियता बढ़ाई गई है, जिससे सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी पर राजनीतिक दबाव है। ऐसे में आयकर छापे को राजनीतिक प्रतिशोध से जोड़कर भी देखा जा रहा है।
दिनेश प्रताप सिंह ने चेतावनी भरे शब्दों में कहा कि यदि इस दौरान उमाशंकर सिंह के जीवन को कोई क्षति होती है, तो इसके लिए संबंधित संस्थाएं जिम्मेदार होंगी। उन्होंने इसे दुर्लभतम अपराधों में भी न्यायालय द्वारा दिखाई जाने वाली मानवीय संवेदना के विपरीत बताया और ईश्वर से ऐसी सोच रखने वाले लोगों व संस्थाओं को सद्बुद्धि देने की कामना की। इस पूरे घटनाक्रम ने प्रदेश की राजनीति में हलचल मचा दी है, क्योंकि बयान एक ऐसे मंत्री की ओर से आया है जो मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के करीबी माने जाते हैं।

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