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पं.मदन मोहन गोस्वामी की 26वीं पुण्यतिथि पर संगीत पुष्पांजलि

February 27, 2026

पं.मदन मोहन गोस्वामी की 26वीं पुण्यतिथि पर संगीत पुष्पांजलि

कार्यक्रम में बुद्धिजीवी और कलाप्रेमी सम्मानित हुए

Post on 27.2.26
Friday, Time 9.00 pm
Moradabad, Rajesh Bhatia

मुरादाबाद,27 फरवरी(उप्र समाचार सेवा)।
शुक्रवार को पं. मदन मोहन गोस्वामी की 26वीं पुण्यतिथि पर संगीत पुष्पांजलि कार्यक्रम आयोजित किया गया।
पंचायत भवन सभागार में हुए कार्यक्रम की शुरुआत एमएलसी
डा.जयपाल सिंह व्यस्त, डा. विशेष कुमार, राजेश रस्तोगी ने दीप प्रज्वलन कर की।इस मौके पर शहर विधायक रितेश गुप्ता, मेयर विनोद अग्रवाल, टीएमयू प्रोफेसर डा.हरबंस दीक्षित, समाजशास्त्री विशेष गुप्ता गणमान्य लोग रहे।अतिथियों ने मां सरस्वती के चित्र पर माल्यार्पण किया। कार्यक्रम के शुरु में पं. गोस्वामी के जीवन चरित्र को दृश्य के माध्यम से प्रस्तुत किया गया।इसे मौजूद लोगों ने सराहा।
कार्यक्रम का संचालन बाबा संजीव आकांक्षी ने करते हुए
गोस्वामी जी के जीवन व संगीत साधना पर प्रकाश डाला।इस दौरान दिल्ली, लखनऊ और मुरादाबाद के कलाकारों ने भजन, गजल व शास्त्रीय गीतों की प्रस्तुतियां दीं। चित्रकला में विशेष पहचान रखने वाले डॉ. नवनीत गोस्वामी के निर्देशन में पंडित गोस्वामी के जीवन पर आधारित कलात्मक प्रस्तुति भी दी गई।
कार्यक्रम में संगीत व कला क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान देने वाली विभूतियों को “पंडित से मदन मोहन गोस्वामी स्मृति सम्मान” से सम्मानित किया गया। इनमें कुमारी दीक्षित और दीक्षा देवल को शास्त्रीय संगीत, दीपक भट्ट को गजल गायन, रुक्मणी खन्ना तथा बाल सुंदरी तिवारी को “सहस्त्र चंद्र दर्शन” पुरस्कार से सम्मानित भी किया गया।

आंगनबाड़ी केन्द्र केवल भवन नहीं, बल्कि भावी पीढ़ियों की बुनियाद : मुख्यमंत्री

  • सभी आंगनबाड़ी केन्द्रों को उनके स्वयं के भवनों में संचालित करने हेतु विस्तृत कार्ययोजना तैयार की जाए
  • आंगनबाड़ी केन्द्रों के लिए प्री-फैब्रिकेटेड मॉडल तैयार कर विस्तृत कार्ययोजना प्रस्तुत की जाए
  • जहाँ भी सम्भव हो, प्राथमिक विद्यालयों के प्रांगण में ही बाल-मित्र आंगनबाड़ी भवनों का निर्माण किया जाए
  • आंगनबाड़ी केन्द्रों के भवन के निर्माण में सी0एस0आर0 का सहयोग लिया जाए, राज्य सरकार आवश्यकतानुसार वित्तीय सहयोग प्रदान करेगी

लखनऊ : 27 फरवरी, 2026 उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी ने आज यहां अपने सरकारी आवास पर आहूत एक उच्चस्तरीय बैठक में आंगनबाड़ी केन्द्रों के सम्बन्ध में समीक्षा की। उन्होंने निर्देश दिए कि सभी आंगनबाड़ी केन्द्रों को उनके स्वयं के भवनों में संचालित करने हेतु विस्तृत कार्ययोजना तैयार की जाए। उन्होंने कहा कि आंगनबाड़ी केन्द्रों में 03 से 06 वर्ष आयु के बच्चे आते हैं। यह केन्द्र प्री-प्राइमरी के रूप में भी उपयोगी हैं। ऐसे में बच्चों की सुविधा, पठन-पाठन की उत्कृष्ट व्यवस्था तथा भवनों का आकर्षक स्वरूप सुनिश्चित किया जाना आवश्यक है।
मुख्यमंत्री जी को अवगत कराया गया कि प्रदेश में 1.89 लाख से अधिक आंगनबाड़ी केन्द्र संचालित हैं, जिनमें से लगभग 76 हजार केन्द्र अभी अपने स्वयं के भवनों में नहीं चल रहे हैं। मुख्यमंत्री जी ने कहा कि इन भवनों के निर्माण में कॉरपोरेट-सोशल रिस्पांसिबिलिटी (सी0एस0आर0) का सहयोग लिया जा सकता है और आवश्यकतानुसार राज्य सरकार भी वित्तीय सहयोग प्रदान करेगी।
मुख्यमंत्री जी ने सुझाव दिया कि आंगनबाड़ी केन्द्रों के लिए प्री-फैब्रिकेटेड मॉडल अपनाया जा सकता है। उन्होंने एक मानक मॉडल तैयार कर विस्तृत कार्ययोजना प्रस्तुत करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जहाँ भी सम्भव हो, प्राथमिक विद्यालयों के प्रांगण में ही बाल-मित्र आंगनबाड़ी भवनों का निर्माण किया जाए, ताकि शिक्षा, पोषण और स्वास्थ्य से संबंधित एकीकृत सेवाएँ एक ही स्थान पर सहजता से उपलब्ध हो सकें।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि बच्चों, गर्भवती माताओं और समुदाय को सुरक्षित, स्वच्छ तथा आधुनिक सुविधाएँ उपलब्ध कराना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। आंगनबाड़ी केन्द्र केवल भवन नहीं, बल्कि भावी पीढ़ियों की बुनियाद हैं। राज्य सरकार आंगनबाड़ी ढाँचे को पूरी तरह रूपांतरित करने के संकल्प के साथ आगे बढ़ रही है। यह मिशन ‘स्वस्थ बचपन, समर्थ उत्तर प्रदेश’ को नई गति देगा।
बैठक में मुख्यमंत्री जी को अवगत कराया गया कि प्रस्तावित नए आंगनबाड़ी भवनों का मॉडल समावेशी एवं आधुनिक सुविधाओं से युक्त होगा। इसमें पेयजल सुविधा, विद्युत व्यवस्था, शौचालय, खेल-आधारित गतिविधियों हेतु पर्याप्त ‘प्ले एरिया’, किचन शेड, हॉट-कुक्ड मील की व्यवस्था, लो-हाइट वॉश यूनिट, बाल-मित्र शौचालय, गर्भवती महिलाओं के स्वास्थ्य परीक्षण हेतु पृथक कक्ष तथा रेनवॉटर हार्वेस्टिंग सहित पोषण वाटिका जैसी व्यवस्थाएँ शामिल होंगी।

दहेज हत्या में पति को आजीवन कारावास

हाथरस। थाना चंदपा क्षेत्र के दहेज हत्या प्रकरण में जनपद एवं सत्र न्यायालय ने अभियुक्त शिवम चौहान को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। यह कार्रवाई उत्तर प्रदेश पुलिस के “ऑपरेशन कन्विक्शन” अभियान के अंतर्गत प्रभावी पैरवी के बाद हुई।
16 अप्रैल 2025 को गढ़ी बलना निवासी योगेश ने बहन की दहेज के लिए हत्या किए जाने का आरोप लगाते हुए मुकदमा दर्ज कराया था। विवेचना के बाद आरोप पत्र न्यायालय में प्रस्तुत किया गया। सुनवाई के उपरांत न्यायालय ने अभियुक्त को धारा 80(2) भारतीय न्याय संहिता में आजीवन कारावास तथा अन्य धाराओं में अतिरिक्त कारावास व अर्थदंड से दंडित किया।
पुलिस की इस कार्रवाई को अपराधियों के विरुद्ध कड़ा संदेश माना जा रहा है।

सिकंदराराऊ स्टेशन पर बड़ा हादसा टला, मालगाड़ी के नीचे फंसा युवक सुरक्षित निकला

मालगाड़ी के नीचे फंसा युवक
हाथरस। जनपद के सिकंदराराऊ रेलवे स्टेशन पर शुक्रवार सुबह एक बड़ा हादसा होते-होते टल गया। जानकारी के अनुसार एक युवक खड़ी मालगाड़ी के नीचे से पटरी पार करने का प्रयास कर रहा था। इसी दौरान ट्रेन को संकेत मिल गया और डिब्बे चलने लगे, जिससे युवक पहियों के बीच फंस गया।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार ट्रेन सरकते ही प्लेटफॉर्म पर मौजूद लोगों ने शोर मचाया और युवक को तुरंत पटरी के बीच लेट जाने के लिए कहा। युवक ने सूझबूझ दिखाते हुए पेट के बल लेटकर अपनी जान बचाई। कुछ ही क्षणों में पूरी मालगाड़ी उसके ऊपर से गुजर गई।
ट्रेन गुजरने के बाद युवक सुरक्षित बाहर निकल आया। घटना के बाद स्टेशन परिसर में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। स्थानीय लोगों ने रेलवे प्रशासन से ट्रैक पार करने वालों पर सख्ती बरतने और जागरूकता बढ़ाने की मांग की है, ताकि भविष्य में ऐसे हादसों की पुनरावृत्ति न हो।

Vrandavan वृंदावन में रंगभरनी एकादशी पर उमड़ा आस्था का सैलाब

Vrandavan Rang Ekadashi Posted on 27.02.2026 Friday Time 09.18 PM Holi Mathura Vrandavan, Report by :Atul Kumar Jindal, Senior Correspondent of UP Samachar Sewa, UP Web News
Atul Kumar Jindal Senior Correspondent of UP Samachar Sewa , Mathura Vrandavan

अतुल कुमार जिंदल, मथुरा

भक्ति के गुलाल से सतरंगी हुई कान्हा की नगरी, परिक्रमा मार्ग और मंदिरों में जनसैलाब
मथुरा/वृंदावन। धर्म नगरी वृंदावन में बसंत पंचमी से आरंभ हुआ होली का उल्लास शुक्रवार को रंगभरनी एकादशी के अवसर पर चरम पर पहुंच गया। ठाकुरजी के संग होली खेलने और पुण्य लाभ कमाने की कामना लेकर देश-विदेश से आए लाखों श्रद्धालुओं ने पूरी नगरी को भक्ति के रंग में सराबोर कर दिया।
होली के इस उत्सव का मुख्य केंद्र विश्व प्रसिद्ध ठाकुर बांके बिहारी मंदिर रहा। भोर होते ही मंदिर के बाहर श्रद्धालुओं की लंबी कतारें लग गईं। जैसे ही मंदिर के पट खुले, सेवायत गोस्वामियों ने ठाकुरजी की ओर से भक्तों पर अबीर-गुलाल की वर्षा शुरू कर दी। अपने आराध्य की प्रसादी स्वरूप गुलाल में भीगने के लिए श्रद्धालु उत्साहित नजर आए। “बांके बिहारी लाल की जय” के जयघोष और सतरंगी गुलाल की छटा से पूरा मंदिर परिसर गुंजायमान हो उठा।
श्रद्धालुओं की सुविधा को ध्यान में रखते हुए मंदिर के निकास द्वार संख्या-1 पर विशाल एलईडी स्क्रीन लगाई गई, जिसके माध्यम से मंदिर के भीतर हो रहे कार्यक्रमों का लाइव प्रसारण किया गया। इससे बाहर खड़े श्रद्धालु भी ठाकुरजी के दर्शन और होली उत्सव का आनंद ले सके।
पंचकोसीय परिक्रमा मार्ग पर उमड़ा जनसैलाब
मंदिरों के साथ-साथ वृंदावन की पंचकोसीय परिक्रमा मार्ग पर भी आस्था का अद्भुत संगम देखने को मिला। सुबह से ही श्रद्धालुओं की टोलियां राधा-कृष्ण के जयकारे लगाते और होली के रसिया गाते हुए परिक्रमा के लिए निकल पड़ीं। उड़ते अबीर-गुलाल और एक-दूसरे को प्रेम पर्व की बधाई देते भक्तों के उत्साह ने पूरे वातावरण को भक्तिमय बना दिया।
प्रशासन रहा सतर्क
भीड़ के भारी दबाव को देखते हुए जिला प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद रहा। प्रमुख चौराहों, मंदिर क्षेत्र और परिक्रमा मार्ग पर भारी पुलिस बल तैनात किया गया। जिलाधिकारी चंद्र प्रकाश सिंह एवं एसएसपी श्लोक कुमार ने स्वयं स्थलीय निरीक्षण कर सुरक्षा और यातायात व्यवस्थाओं का जायजा लिया, ताकि श्रद्धालुओं को सुगम और सुरक्षित दर्शन मिल सकें।
रंगभरनी एकादशी के अवसर पर वृंदावन में उमड़ा यह जनसैलाब एक बार फिर साबित कर गया कि ब्रज की होली केवल रंगों का उत्सव नहीं, बल्कि भक्ति, प्रेम और आस्था का अद्वितीय संगम है।
A wave of faith surged in Vrindavan on Rangbhari Ekadashi.
The city of Kanha is filled with the colours of devotion, and the Parikrama route and temples are filled with people.
Mathura/Vrindavan. The joy of Holi, which began on Basant Panchami in the holy city of Vrindavan, reached its peak on Friday, the occasion of Rangbhari Ekadashi. Millions of devotees from India and abroad, seeking to play Holi with Thakurji and earn merit, drenched the entire city in the colors of devotion.
The world-famous Thakur Banke Bihari Temple was the central focus of this Holi celebration. As soon as dawn broke, long queues of devotees formed outside the temple. As soon as the temple doors opened, the sevayat Goswamis began showering devotees with abir and gulal on behalf of Thakurji. Devotees seemed excited to be drenched in the gulal, a prasad from their deity. The entire temple complex reverberated with chants of “Banke Bihari Lal ki Jai” and the splashes of rainbow-colored gulal.
For the convenience of devotees, a large LED screen was installed at the temple’s exit gate number 1, broadcasting live events inside the temple. This allowed devotees standing outside to also have darshan of Thakurji and enjoy the Holi celebrations.
Crowds gathered on the Panchkosi Parikrama route
Along with the temples, Vrindavan’s Panchkosi Parikrama route also witnessed a remarkable confluence of faith. From early morning, groups of devotees set out on the Parikrama, chanting Radha-Krishna’s praises and singing Holi songs. The flying colours of abir and gulal and the enthusiasm of devotees greeting each other on the festival of love filled the entire atmosphere with devotion.
Administration remained alert
In view of the massive crowd pressure, the district administration remained fully alert. A large police force was deployed at major intersections, the temple area, and the circumambulation route. District Magistrate Chandra Prakash Singh and SSP Shlok Kumar personally inspected the site and reviewed security and traffic arrangements to ensure easy and safe darshan for devotees.
This huge crowd that gathered in Vrindavan on the occasion of Rangbhari Ekadashi once again proved that Holi of Braj is not just a festival of colours, but a unique confluence of devotion, love and faith.
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