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बांके बिहारी मंदिर में हाई पावर्ड कमेटी और सेवायतों के बीच ठनी,

February 20, 2026

बांके बिहारी मंदिर में हाई पावर्ड कमेटी और सेवायतों के बीच ठनी,

 कमेटी पर गर्भगृह में ताला लगाने और परंपराओं को तोड़ने का लगाया आरोप।
मथुरा।वृंदावन विश्व प्रसिद्ध ठाकुर बांके बिहारी मंदिर में मंगलवार को हाई पावर्ड कमेटी की 12वीं बैठक के बाद उपजा विवाद बुधवार को उस समय गहरा गया, जब मंदिर के गर्भगृह पर ताला लगा दिया गया। कमेटी द्वारा परंपराओं के विपरीत ठाकुर जी को जगमोहन (बाहरी चबूतरा) में विराजमान कराने और फिर गर्भगृह को बंद करने के निर्णय का सेवायत गोस्वामियों और देश-दुनिया से आए श्रद्धालुओं ने कड़ा विरोध किया।
विवाद की शुरुआत तब हुई जब कमेटी और सेवायत कमेटी सदस्य के निर्देशन पर बुधवार को राजभोग सेवा के दौरान ठाकुर जी को जगमोहन में विराजमान कर भक्तों को दर्शन कराए गए। दोपहर को दर्शन बंद होने के बाद जब शयनभोग सेवायत मंदिर खोलने पहुंचे, तो उन्हें गर्भगृह पर ताला लटका मिला। सेवायत वेणु गोस्वामी ने प्रशासन पर परंपराओं को तोड़ने का आरोप लगाते हुए कहा कि ठाकुर जी केवल प्रमुख तीज-त्योहारों पर ही जगमोहन में दर्शन देते हैं, लेकिन कमेटी उन्हें रोजाना वहां बैठाना चाहती है। मैं समय पर पूजा के लिए उपस्थित था, लेकिन प्रशासन ने ताला लगाकर व्यवधान उत्पन्न किया।
गर्भगृह के गेट पर ताला देखकर मंदिर में मौजूद भक्त आक्रोशित हो गए। श्रद्धालुओं ने प्रशासन की तुलना कंस के शासन से करते हुए कहा कि जिस तरह भगवान को वर्षों पहले कारागार में रखा गया था, आज प्रशासन उन्हें जंजीरों और तालों में बांधने की कोशिश कर रहा है। भक्तों के बढ़ते दबाव और नारेबाजी के आगे अंततः कमेटी को झुकना पड़ा और कुछ देर बाद ताला खोलकर दर्शन सुचारु किए गए।
सेवाधिकारी हिमांशु गोस्वामी ने बताया कि भक्तों और सेवायतों के सामूहिक विरोध के कारण हाई पावर्ड कमेटी को अपनी हठ छोड़नी पड़ी। उन्होंने कहा कि ठाकुर जी की मर्यादाओं और परंपराओं की रक्षा के लिए भक्त हमारे साथ खड़े रहे, इसके लिए हम उनका धन्यवाद करते हैं। फिलहाल मंदिर में स्थिति सामान्य है, लेकिन प्रशासन के इस कदम ने मंदिर की प्राचीन व्यवस्थाओं और नई व्यवस्था लागू करने की कोशिशों के बीच एक बड़ी बहस छेड़ दी है।

मथुरा की अग्रवाल धर्मशाला में युवक ने की आत्महत्या, कमरे में फांसी के फंदे से लटका मिला शव

मथुरा । थाना कोतवाली क्षेत्र स्थित होली गेट की प्रसिद्ध अग्रवाल धर्मशाला में उस समय हड़कंप मच गया, जब एक युवक का शव कमरे में फांसी के फंदे से लटका मिला। घटना धर्मशाला के कमरा नंबर 25 की है।मृतक की पहचान उमेश पुत्र अमरजीत सिंह, निवासी ग्राम मढनई, थाना सादाबाद, जिला हाथरस के रूप में हुई है। बताया जा रहा है कि युवक धर्मशाला के कमरे में ठहरा हुआ था, जहां उसने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली।
घटना की सूचना मिलते ही होली गेट चौकी पुलिस और फील्ड यूनिट की टीम मौके पर पहुंच गई। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर आवश्यक कार्रवाई शुरू कर दी है। मौके से साक्ष्य जुटाए जा रहे हैं और आत्महत्या के कारणों की जांच की जा रही है।
शहर की प्रमुख और बहुचर्चित अग्रवाल धर्मशाला में हुई इस घटना से इलाके में सनसनी फैल गई है। पुलिस का कहना है कि सभी पहलुओं को ध्यान में रखकर जांच की जा रही है और जांच के बाद ही आगे की स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।

रामाश्रम सत्संग मथुरा का तीन दिवसीय भव्य आध्यात्मिक समारोह संपन्न

मथुरा। भगवान श्रीकृष्ण की पावन नगरी मथुरा में शिवरात्रि के पावन अवसर पर रामाश्रम सत्संग मथुरा द्वारा आयोजित तीन दिवसीय भव्य आध्यात्मिक समारोह  सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। श्रद्धा, भक्ति और ज्ञान से ओतप्रोत इस समारोह में देश-विदेश से हजारों श्रद्धालु साधकों ने आत्मिक लाभ प्राप्त किया। समारोह के दौरान आध्यात्म के विविध आयामों—भक्ति, ध्यान, योग, आत्मचिंतन और जीवन मूल्यों—पर देश के अलग-अलग भागों से पधारे आचार्यों ने सारगर्भित व्याख्यान दिए। विद्वानों के प्रेरणादायक प्रवचनों से उपस्थित श्रद्धालुओं का ज्ञानवर्धन हुआ तथा उनकी जिज्ञासाओं का समाधान भी किया गया। तीनों दिन वातावरण भक्ति-संगीत, सत्संग और ध्यान साधना से गुंजायमान रहा। कार्यक्रम में देश के विभिन्न राज्यों के साथ-साथ विदेशों से भी श्रद्धालु पहुंचे। विशाल संख्या में उपस्थित भक्तों ने शिवरात्रि के इस पावन पर्व पर आध्यात्मिक ऊर्जा का अनुभव किया। आयोजन की सुव्यवस्थित व्यवस्थाओं और अनुशासित संचालन की सभी ने सराहना की। रामाश्रम सत्संग मथुरा के वर्तमान गुरु एवं संचालक परम संत आलोक कुमार जी के मार्गदर्शन में यह समारोह अत्यंत सफल रहा।
उन्होंने अपने उद्बोधन में जीवन में सकारात्मक चिंतन, संयम, सेवा और समर्पण के महत्व पर प्रकाश डाला। उनके अनुसार, “आध्यात्म केवल ग्रंथों तक सीमित नहीं, बल्कि जीवन जीने की एक कला है, जो मनुष्य को भीतर से प्रकाशित करती है।

February 19, 2026

नहर में गिरी तेज रफ्तार कार, चार युवकों की मौत

मथुरा।  मगोर्रा थाना क्षेत्र के नगला देविया मोड़ पर बुधवार देर रात तेज रफ्तार फ्रॉन्क्स कार अनियंत्रित होकर नहर में गिर गई। इस हादसे में कार सवार चारों युवकों की डूबने से मौत हो गई। पुलिस ने क्रेन की मदद से कार को बाहर निकाला। हालांकि इससे पहले ग्रामीणों ने दो युवकों को बाहर निकाल लिया था, लेकिन तब तक चारों युवकों की मौत हो गई। मौत की खबर से परिजनों के घर कोहराम मच गया और रो रो कर बुरा हाल हो गया। पुलिस ने चारों शवों पोस्टमार्टम गृह भेज दिया।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, देर रात चारों युवक फ्रॉन्क्स कार (UP 85 CV 9856) से महावन से गोवर्धन होते हुए बाईपास मार्ग से डीग जा रहे थे। रास्ते में मोड़ आने के कारण ड्राइवर आगे का रास्ता सही से नहीं देख पाया। अचानक मोड़ आने से चालक ने नियंत्रण खो दिया और कार सीधे नहर में जा गिरी।
गाड़ी के नहर में गिरने की आवाज सुनते ही आसपास के लोग मौके पर पहुंचे। पुलिस के पहुंचने से पहले ही स्थानीय लोगों ने गाड़ी से दो युवकों को बाहर निकाला, लेकिन उनकी मौत हो चुकी थी। इसके बाद मौके पर पहुंची पुलिस और दमकल टीम ने क्रेन की मदद से गाड़ी को बाहर निकाला।
इसमें से दो और युवकों को बाहर निकाला गया, लेकिन वे भी बचाए नहीं जा सके। हादसे के बाद पुलिस ने चारों युवकों के शव पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिए। पुलिस के मुताबिक मगोर्रा क्षेत्र के रहने वाले चार हम उम्र युवक कार में सवार होकर गोवर्धन होते हुए डीग क्षेत्र में एक सगाई समारोह में शामिल होने जा रहे थे। कस्बा महावन के मोहल्ला बलदेव गढ़ निवासी राहुल (23) उनके चचेरे भाई मोहित (21) और अमित (23) एवं अन्य दोस्त गुलशन के साथ बुधवार शाम राजस्थान के डीग जिले के लिए निकले थे।एसपी देहात ने बताया कि दुर्घटना सभी साक्ष्य इकट्ठा कर विधिक कार्रवाई की जाएगी।
*सड़क सुरक्षा पर  उठे सवाल*
सड़क सुरक्षा की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर दिए हैं। राष्ट्रीय राजमार्गों और ग्रामीण सड़कों पर सुरक्षा मानकों का पालन सुनिश्चित करना प्रशासन की जिम्मेदारी है। ब्रेकर, चेतावनी बोर्ड, रिफ्लेक्टर और अन्य सुरक्षा उपकरणों की स्थापना न केवल दुर्घटनाओं को रोकने में सहायक होती है, बल्कि जीवन की रक्षा भी करती है।

February 16, 2026

राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ का वार्षिक चुनाव सम्पन्न

अशोक सोलंकी निर्विरोध अध्यक्ष और राजकुमार बने मंत्री
मथुरा (​चौमुहाँ)। बढ़ौता रोड स्थित सीएसआरवी विद्या आश्रम में राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ की ब्लॉक इकाई का त्रिवार्षिक निर्वाचन एवं शैक्षिक संगोष्ठी हर्षोल्लास के साथ संपन्न हुई। चुनाव में लोकतांत्रिक प्रक्रिया का पालन करते हुए अशोक कुमार सोलंकी को निर्विरोध अध्यक्ष और राजकुमार सिंह को मंत्री चुना गया।
​चुनाव अधिकारी गोविंद सिंह चौहान और पर्यवेक्षक वीरेंद्र शर्मा की देखरेख में दोपहर 2 बजे मतदान प्रक्रिया शुरू हुई। अध्यक्ष और मंत्री पद के लिए एक-एक नामांकन आने के कारण दोनों को निर्विरोध निर्वाचित घोषित किया गया। इसके साथ ही कार्यकारिणी के अन्य महत्वपूर्ण पदों पर भी नियुक्तियां की गई। हरिओम शर्मा को संरक्षक, हरनारायण सिंह को ​वरिष्ठ उपाध्यक्ष, पृथ्वीराज पोइया को कोषाध्यक्ष चुना गया।
​नवनिर्वाचित अध्यक्ष अशोक सोलंकी ने पदभार ग्रहण करते हुए कहा, “संगठन ने मुझ पर जो भरोसा जताया है, मैं उस पर खरा उतरने का प्रयास करूँगा। शिक्षकों के मान-सम्मान से कोई समझौता नहीं होगा और उनके हितों के लिए पूरी निष्ठा से संघर्ष किया जाएगा।”
​कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित खंड शिक्षा अधिकारी कैलाश प्रसाद शुक्ला ने पदाधिकारियों को आशीर्वाद दिया और संगठन को भरोसा दिलाया कि शिक्षकों की विभागीय समस्याओं का त्वरित निराकरण किया जाएगा। हिंदू इंटर कॉलेज के प्रधानाचार्य डॉ. गिर्राज सिंह ने भी नई टीम को शुभकामनाएं दीं। इस अवसर पर जिलाध्यक्ष अंजना शर्मा, हेमराज, जिला महामंत्री इंद्रपाल सिंह, मनोज रावत, गोवर्धन दास गुप्ता, राजेश वर्मा, ऊषा पचौरी, वर्षा बघेल, रेखा दीक्षित, और लोकेश शर्मा सहित भारी संख्या में शिक्षक-शिक्षिकाएं मौजूद रहे
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