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मजदूरों ने हडताल कर श्रम कार्यालय पर प्रदर्शन किया

February 12, 2026

मजदूरों ने हडताल कर श्रम कार्यालय पर प्रदर्शन किया

UP Web News

यूपी वेब न्यूज

Posted on 12.02.2026 Thursday, Time 03.58 PM, Labour Strike, oppose Labour Law

लखनऊ, 12 फरवरी। लखनऊ के मजदूरों ने अपने-अपने सस्थानों में हड़ताल कर अपर श्रमायुक्त कार्यालय ए०पी० सेन रोड लखनऊ पर प्रदर्शन किया। मजदूरों की इस हड़ताल का आवाहन 10 केन्द्रीय श्रम संगठनों, सेवा एवं औद्योगिक प्रतिष्ठानों के स्वतंत्र फेडरेशनों के रायुका मब ने दिल्ली में एक कन्वेंशन कर किया था। इस हड़ताल की प्रमुख मॉग चारों श्रम संहिता को वापस करने की है। इसके अलावा अन्य समस्यायें भी इस हड़ताल में उठाई गई हैं. अपर श्रमायुक्त कार्यालय पर प्रदर्शनकारियों ने समा की जिसकी अध्यक्षता अध्यक्ष मण्डल ने किया। अध्यक्ष मण्डल में श्री राजा राम यादव रामेश्वर यादव, अजय शेखर सिंह, आशुतोष, मगनजी, बहन सीता देवी, पियूष मिश्रा आदि शामिल थे।

समा को इन्टक के महामंत्री दिलीप श्रीवास्तव, एटक के महामंत्री चन्द्रशेखर, एबएमएस के मत्री अविनाश पांडे और अरुण गोपाल मिश्रा, सीटू के महामंत्री प्रेम नाथ राय, टीयूसीसी के मंत्री आरती, एआईयूटीयूसी के महामंत्री बालेन्द्र कटियार एक्टू के प्रदेश अध्यक्ष विजय विद्रोही, सेवा की महामंत्री फरीदा जलीस यूपी। चीनी मिल मजदूर फेडरेशन के महामंत्री विद्याकांत तिवारी, जितेंद्र कुमार तिवारी, फूलचंद्र और हर्षवर्धन आदि ने सम्बोधित किया।

सभा के अन्त में सहायक श्रमायुक्त के माध्यम से प्रधानमंत्री को ज्ञापन सौपा गया।

ज्ञापन में चारो श्रम सहिता रद्द करने बिजली सशोधन विधेयक 2025, बीज संशोधन विधेयक 2025 को वापरा करने, विकसित भारत ग्रामीण रोजगार व आजीविका मिशन गारण्टी अधिनियम (VB-G-RAM G) को रद कर ‘मनरेगा’ को बहाल करने, प्रदेश में न्यूनतम वेतन सलाहकार बोर्डका गठन किया जाय तथा विक्रय सर्वान कर्मियों (सेल्ला प्रोमोशन एम्प्लाइज) के लिये न्यूनतम सलाहकार बोर्ड में उप-समिति का गठन किया जाय। न्यूनतम वेतन रू0 26000/- से कम न हो प्रदेश में श्रम कानूनों का पालन सुनिश्चित किया जाए. सभी को स्थायी रोजगार मिले-संविदा नीति बन्द हो, पुरानी पेंशन योजना बहाल करने शिक्षा, स्वास्थ्य, बिजली, रेलवे, कोयला, तेल, भेल सहित सभी सार्वजनिक क्षेत्र के निजीकरण पर रोक लगाने, स्कीम वर्कर्स को राज्य कर्मवारी घोषित किया जाय। उनको रू0 26000/- प्रतिमाह मानदेय तथा रु० 10000/- मासिक पेंशन दिया जाय, नियमित प्रकृति के काम पर रखे गये सचिव आउट सोर्सिग / ठेका मजदूरों को नियमित करने, समान काम के लिये समान वेतन देने घरेलू कामगारी और होम बेस्ड वर्कर्स को मजदूर का दर्जा देने और उनके लिये बोर्ड का गठन किया जाय। रेलवे / बैंक/बीमा के विभिन्न प्रतिष्ठानों में कार्यरत आउटसोर्सिंग / संविदा श्रमिकों को केन्द्र सरकार द्वारा जारी न्यूनतम वेतन, ई०एस०आई० और भविष्य निधि योजना से आच्छादित किया जाए, ई-श्रम और बी०ओ०सी० बोर्ड में पजीकृत सभी श्रमिकों को आयुष्मान कार्ड जारी करने और उनके लिए अन्य कल्याणकारी योजनाएं शुरू करने की मांग की गयी है।
अविनाश पाण्डेय, मंत्री, हिंद मजदूर सभा, उत्तर प्रदेश।

February 11, 2026

यूपी बजट 2026-27: उच्च शिक्षा को मजबूती, नए विश्वविद्यालयों और छात्र कल्याण पर जोर

Posted on 11.02.2926 Wednesday, Time 08.21 PM Uttar Pradesh Budget 

लखनऊ। यूपी विधानसभा सत्र के तीसरे दिन राज्य के वित्त मंत्री सुरेश कुमार खन्ना ने वित्तीय वर्ष 2026-27 का बजट प्रस्तुत किया। लगभग 9.13 लाख करोड़ रुपये के इस बजट को “विकसित उत्तर प्रदेश 2047” के लक्ष्य की दिशा में अहम कदम बताया गया है। उच्च शिक्षा मंत्री योगेन्द्र उपाध्याय ने कहा कि यह बजट प्रदेश के 25 करोड़ नागरिकों को सशक्त और आत्मनिर्भर बनाने के साथ ही उत्तर प्रदेश को 1 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनाने में गति देगा।
उच्च शिक्षा के क्षेत्र में योगी सरकार ने बड़े निवेश का फैसला किया है। बजट 2026-27 में उच्च शिक्षा के लिए 6,591 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है, जो पिछले वर्ष की तुलना में 7 प्रतिशत अधिक है। इसका उद्देश्य गुणवत्तापूर्ण, सुलभ और आधुनिक शिक्षा व्यवस्था को मजबूत करना है।
मेधावी छात्राओं को प्रोत्साहित करने के लिए रानी लक्ष्मी बाई स्कूटी योजना हेतु 400 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। वहीं मुख्यमंत्री शिक्षुता प्रोत्साहन योजना के लिए 40 करोड़ रुपये रखे गए हैं, जिससे विद्यार्थियों को उद्योगों में व्यावहारिक अनुभव मिल सकेगा।
इसके अलावा विभिन्न मंडलों में नए विश्वविद्यालयों की स्थापना की जाएगी। मां विन्ध्यवासिनी विश्वविद्यालय (मिर्जापुर), गुरु जम्भेश्वर विश्वविद्यालय (मुरादाबाद) और मां पाटेश्वरी विश्वविद्यालय (बलरामपुर) के लिए 50-50 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। छात्र मानसिक स्वास्थ्य एवं कल्याण नीति के तहत नई योजना के लिए 14.50 करोड़ रुपये भी प्रस्तावित किए गए हैं।

9 वर्ष में बजट का आकार तीन गुना से ज्यादा बढ़ा, कोई नया टैक्स नहीं लगा : योगी

  • यूपी में वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए 9.12 लाख करोड़ का बजट पेश
  • गत वर्ष से 12 प्रतिशत अधिक बढ़ोतरी हुई
CM Yogi Adityanath Press Conference Lucknow

बजट प्रस्तुत करने के बाद मीडिया से बात करते मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ

Posted on 11.02.2026 Wednesday, Time:08.17 PM, UP Assembly, Budget

लखनऊ। उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार ने वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए अब तक का सबसे बड़ा बजट विधान सभा में प्रस्तुत किया। वित्त मंत्री सुरेश खन्ना ने सदन में 9,12,696.35 करोड़ रुपये का बजट पेश किया, जो पिछले वित्तीय वर्ष 2025-26 की तुलना में करीब 12 प्रतिशत से अधिक है। इस बजट में पिछली बार के मुकाबले लगभग 80 हजार करोड़ रुपये का अतिरिक्त प्रावधान किया गया है।
बजट पेश होने के बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मीडिया से बातचीत में इसकी सराहना की। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश पिछले नौ वर्षों में “पैरालिसिस क्राइसिस” से निकलकर अपनी वास्तविक क्षमता की ओर तेजी से बढ़ा है। आज यूपी देश की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन चुका है और यह बजट राज्य को भारत की नंबर वन अर्थव्यवस्था बनाने की दिशा में एक मजबूत कदम है।
मुख्यमंत्री योगी ने इस बजट को “उत्तर प्रदेश के नवनिर्माण का बजट” बताते हुए कहा कि बीते नौ वर्षों में राज्य का बजट तीन गुना से अधिक बढ़ा है, जबकि इस दौरान कोई नया टैक्स नहीं लगाया गया। उन्होंने इसे विकास, विश्वास और समावेशी प्रगति का प्रतीक बताया।
सीएम योगी ने बताया कि बजट की प्रमुख थीम “सुरक्षित नारी, सक्षम युवा और खुशहाल किसान” है। यह बजट राज्य में कानून-व्यवस्था, रोजगार, कृषि, बुनियादी ढांचे और सामाजिक कल्याण को और मजबूती देने पर केंद्रित है।
सरकार का दावा है कि यह बजट उत्तर प्रदेश को आत्मनिर्भर बनाने के साथ-साथ विकास के नए आयाम स्थापित करेगा और प्रदेश को आर्थिक रूप से और अधिक सशक्त बनाएगा।

नौ लाख करोड़ से अधिक का बजट

वित्त संसदीय कार्य मंत्री सुरेश कुमार खन्ना द्वारा 2026/27 का बजट भाषण जारी, बजट का आकार 912696.36 करोड़ रूपये का प्रस्ताव किया गया है, है छुट्टा पशु ओर गौवंश संवर्धन के लिए 2000 करोड़ रुपए का ,बजट में 43565 करोड़ रूपये की नई योजनाएं सम्मिलित की गई हैं,बजट में प्राप्ति राशि 848233.18 कोड रुपए अनुमानित किया गया है,
आवकारी मद में 71278 करोड़ रूपये रखा गया है,वाहन कर से16808 करोड़ रूपये प्राप्ति का लक्षण निर्धारित किया गया है।

वित्तीय वर्ष 2026-2027 के बजट अनुमानों पर वित्त मंत्री जी के बजट भाषण का प्रमुख अंश

Posted on 11.02.2026 Wednesday, Time 11.22 AM, Lucknow, Budget 2026-27

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UTTAR pRADESH

लखनऊ, 11 फरवरी 2026, वित्त मंत्री सुरेश खन्ना ने आज विधान सभा में अपना बजट भाषण प्रस्तुत करते हुए वित्त वर्ष 2026-27 के लिए वित्तीय प्राथमिकताएं बताई। और आगामी व्यय का विवरण प्रस्तुत किया।

उनहोने कहा हमारी सरकार के पिछले और वर्तमान कार्यकाल में प्रदेश का सर्वांगीण विकास हुआ है, चाहे कानून व्यवस्था का सुदृढ़ीकरण हो, अवस्थापना सुविधाओं का विस्तार हो, औद्योगिक निवेश हो, रोजगार सृजन हो, महिलाओं का सशक्तीकरण हो, युवाओं का कौशल संवर्धन हो, किसानों की खुशहाली हो, गरीबी उन्मूलन हो।

● वर्ष 2024-2025 (त्वरित अनुमान) में प्रदेश की जी0एस0डी0पी0 30.25 लाख करोड रूपये आकलित हुयी है, जो गत वर्ष की तुलना में 13.4 प्रतिशत की वृद्धि परिलक्षित करता है।
प्रदेश की प्रति व्यक्ति आय 1,09,844 रूपये आकलित हुयी है जो वर्ष 2016-2017 में प्रति व्यक्ति आय 54,564 रूपये के दो गुने से अधिक है।

● वर्ष 2025-2026 में प्रति व्यक्ति आय 1,20,000 रूपये होने का अनुमान है। प्रदेश में हम लगभग 06 करोड़ लोगों को बहुआयामी गरीबी से ऊपर उठाने में सफल हुये हैं। बेरोजगारी की दर 2.24 प्रतिशत रह गयी है।

*वित्तीय वर्ष 2026-2027 के बजट अनुमानों पर माननीय वित्त मंत्री जी के बजट भाषण का प्रमुख अंश*

●एसडीजी इंडिया इण्डेक्स में उत्तर प्रदेश की रैंकिंग जो वर्ष 2018-2019 में 29 वें स्थान पर थी, बेहतर होकर वर्ष 2023-2024 में 18 वें स्थान पर आ गयी है।
● राज्य सरकार द्वारा फरवरी, 2024 में चौथे ग्लोबल इन्वेस्टर्स सम्मिट का सफलतम आयोजन किया गया।
● अब तक लगभग 50 लाख करोड़ रूपये के एमओयू हस्ताक्षरित हो चुके हैं जिनसे लगभग 10 लाख रोजगार का सृजन सम्भावित है।
● इनमें से, अब तक लगभग 15 लाख करोड़ रूपये के निवेश की लगभग 16 हजार से अधिक परियोजनाओं के 04 ग्राउण्ड ब्र्रेकिंग समारोह सम्पन्न हो चुके हैं।
● उत्तर प्रदेश भारत का सबसे बड़ा मोबाइल फोन विनिर्माण केन्द्र है। देश के कुल मोबाइल फोन उत्पादन का 65 प्रतिशत उत्पादन प्रदेश में होता है।
● भारत की 55 प्रतिशत इलेक्ट्रॉनिक्स कम्पोनेन्ट्स इकाईयाँ प्रदेश में स्थित हैं। प्रदेश का इलेक्ट्रॉनिक्स निर्यात 44,744 करोड़ रूपये तक पहुंच गया है।
● उद्योग और तकनीक में निवेश के साथ ही प्रदेश में नवाचार को बढ़ावा देने हेतु किये गये प्रयासों के फलस्वरूप उत्तर प्रदेश राज्य को राष्ट्रीय स्तर पर स्टार्ट अप रैंकिंग में ‘‘लीडर श्रेणी’’ की रैंकिंग हासिल हुई है।

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