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विराट हिंदू सम्मेलन से दिया एकता का संदेश

January 18, 2026

विराट हिंदू सम्मेलन से दिया एकता का संदेश

Virat Hindu Sammelan, Samrasta Bhoj

हिन्दू सम्मेलन और समरसता भोज का आयोजन

लखनऊ। अलीगंज के सेक्टर-जे स्थित कोठारी बंधु पार्क में आयोजित विराट हिंदू सम्मेलन और समरसता भोज ने हिंदू समाज की एकतासामाजिक समरसता और सांस्कृतिक चेतना का सशक्त और प्रभावशाली प्रदर्शन किया। कार्यक्रम में विभिन्न वर्गोंविचारधाराओं और सामाजिक पृष्ठभूमियों से आए लोगों की बड़ी भागीदारी देखने को मिली। आयोजन का उद्देश्य स्पष्ट रूप से समाज को जोड़नाभेदभाव की दीवारों को तोड़ना और राष्ट्रहित में संगठित होकर आगे बढ़ने का संदेश देना रहा।

कार्यक्रम की शुरुआत समरसता भोज के साथ हुईजिसमें सभी ने एक साथ बैठकर भोजन किया। यह केवल औपचारिकता नहीं थीबल्कि सामाजिक समानता और आपसी भाईचारे का प्रतीक था। आयोजकों ने यह संदेश दिया कि जब समाज एक पंक्ति में बैठकर भोजन कर सकता हैतो वह हर चुनौती का सामना भी एकजुट होकर कर सकता है। इसके बाद सम्मेलन का वैचारिक सत्र प्रारंभ हुआजिसमें राष्ट्रसमाज और संस्कृति को लेकर गंभीर और विचारोत्तेजक वक्तव्य सामने आए।

सम्मेलन के मुख्य वक्ता राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के लखनऊ विभाग के विभाग प्रचारक अनिल ने अपने विस्तृत संबोधन में कहा कि हिंदू समाज की सबसे बड़ी ताकत उसका संगठन है। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि इतिहास साक्षी हैजब-जब समाज संगठित हुआ हैतब-तब भारत ने प्रगति की है और जब समाज बिखरा हैतब चुनौतियाँ बढ़ी हैं। उन्होंने कहा कि संघ व्यक्ति निर्माण के माध्यम से राष्ट्र निर्माण की अवधारणा पर कार्य करता है और ऐसे विराट हिंदू सम्मेलन समाज को जागृत करने का माध्यम बनते हैं। उन्होंने युवाओं से आह्वान किया कि वे केवल अपने अधिकारों की चर्चा तक सीमित न रहेंबल्कि राष्ट्र और समाज के प्रति अपने कर्तव्यों को भी आत्मसात करें।

इसके पश्चात ज्योतिषाचार्य आचार्य मनोजानंद ने अपने वक्तव्य में सनातन संस्कृति की गहराई और उसकी वैज्ञानिकता पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि सनातन धर्म केवल पूजा-पद्धति नहींबल्कि जीवन को संतुलित और उद्देश्यपूर्ण ढंग से जीने की संपूर्ण व्यवस्था है। आज समाज में जो भ्रमतनाव और विघटन दिखाई देता हैउसका मूल कारण अपने सांस्कृतिक मूल्यों से दूरी है। उन्होंने कहा कि विराट हिंदू सम्मेलन और समरसता भोज जैसे आयोजन समाज को उसकी जड़ों से जोड़ने का कार्य करते हैं। उन्होंने परिवार और समाज में संस्कारों के पुनर्स्थापन पर विशेष बल दिया।

सेवानिवृत्त ब्रिगेडियर प्रदीप श्रीवास्तव ने अपने संबोधन में राष्ट्र सुरक्षा और सामाजिक अनुशासन के बीच गहरे संबंध को रेखांकित किया। उन्होंने कहा कि राष्ट्र की सुरक्षा केवल सीमाओं पर तैनात सैनिकों की जिम्मेदारी नहीं हैबल्कि समाज का हर नागरिक राष्ट्र की सुरक्षा व्यवस्था का एक महत्वपूर्ण अंग है। उन्होंने युवाओं से राष्ट्रभक्ति को आचरण में उतारने का आह्वान किया।

भारतीय केसरिया वाहिनी के राष्ट्रीय अध्यक्ष मनोज कृष्ण श्रीवास्तव ने अपने ओजस्वी वक्तव्य में कहा कि हिंदू समाज को अब केवल सहनशील नहींबल्कि संगठित और सजग होना होगा। उन्होंने कहा कि सामाजिक समरसता के बिना किसी भी प्रकार का राष्ट्रीय उत्थान संभव नहीं है। ऐसे सम्मेलन यह प्रमाणित करते हैं कि हिंदू समाज एकजुट है और अपनी संस्कृति की रक्षा के लिए संकल्पबद्ध है। उन्होंने कहा कि हिंदू संस्कृति के पतन के लिए सुनियोजित षड़यंत्र रचे गए। वर्ष 1932 में देश में लगभग सात लाख गुरुकुल थेलेकिन एक साजिश के तहत आज़ादी के बाद भी गुरुकुलों के दमन की संस्कृति को लगातार बढ़ावा दिया गया। परिणामस्वरूप आज पूरे देश में मात्र लगभग चार सौ गुरुकुल ही शेष रह गए हैं।

उन्होंने आरोप लगाया कि आज़ादी के बाद देश में जिस प्रकार की दमनकारी नीतियाँ अपनाई गईंउनसे हिंदू हितों को लगातार कुचलने का कुचक्र रचा गया। हिंदू समाज की गौरक्षा की परंपरा को योजनाबद्ध तरीके से कमजोर किया गयाजिसके चलते गौरक्षा के स्थान पर गौरभक्षण की संस्कृति हावी होती चली गई।

सम्मेलन के दौरान स्वच्छतापर्यावरण संरक्षणशिक्षासेवा कार्ययुवाओं के मार्गदर्शन और सांस्कृतिक पुनर्जागरण जैसे विषयों पर भी गंभीर विमर्श हुआ। वक्ताओं ने एक स्वर में कहा कि समाज को केवल भाषणों से नहींबल्कि निरंतर जमीनी कार्यों से मजबूत किया जा सकता है। यह भी स्पष्ट किया गया कि यह आयोजन किसी राजनीतिक उद्देश्य से नहींबल्कि समाज और राष्ट्रहित को केंद्र में रखकर किया गया। सम्मेलन में आचार्य नमेश ने कहा कि हिंदू मां भारती की आत्मा हैं।

कार्यक्रम के समापन अवसर पर सभी उपस्थित लोगों ने हिंदू समाज की एकतासामाजिक समरसता और राष्ट्र निर्माण के लिए निरंतर कार्य करने का संकल्प लिया। कोठारी बंधु पार्क में आयोजित यह विराट हिंदू सम्मेलन और समरसता भोज सामाजिक चेतना को नई दिशा देने वाला आयोजन सिद्ध हुआ।

कार्यक्रम में सोनेलाल श्रीवास्तवडॉपीएनशर्मानीरज गुप्ताराजेन्द्र श्रीबदरूलालसच्चिदानन्द श्रीवास्तवआशा बदरूदुर्गेश मिश्रअनुराग श्रीवास्तवअजय सिंहनन्दन उपाध्यायडॉअनिल दीक्षितराष्ट्रेश्वर मिश्ररामलालअमित कुमार अग्रवालविशाल श्रीवास्तवपवन श्रीवास्तवदेवी प्रसाद सिंहसंजीवन गुप्ताप्रदीपशरतरामसेवक गौड़ सहित बड़ी संख्या में गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।

लखनऊ में राष्ट्र सेविका समिति का भव्य पथ संचलन: महिला जागृति और राष्ट्र निर्माण का संदेश

Rashtra Sevika Samiti Path Sanchalan

राजधानी में पथ संचालन करतीं राष्ट्र सेविका शांति की स्वयंसेविकाएं

लखनऊ, 18 जनवरी 2026: आज राष्ट्र सेविका समिति के लखनऊ महानगर द्वारा आयोजित भव्य पथ संचलन में हजारों सेविकाओं ने अनुशासित और उत्साहपूर्ण ढंग से भाग लिया। इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य समाज में महिला जागृति लाना तथा राष्ट्र के सर्वांगीण विकास में महिलाओं की सक्रिय एवं निर्णायक भूमिका स्थापित करना रहा।

पथ संचलन में मुख्य अतिथि के रूप में वीणा सिंह की गरिमामयी उपस्थिति रही। विशेष रूप से अखिल भारतीय सह संपर्क प्रमुख सीता की शुभ उपस्थिति ने इस आयोजन को राष्ट्रीय स्तर का महत्व प्रदान किया।

उनके साथ महानगर प्रांत संचालिका रत्नम , प्रांत निधि प्रमुख मिथिलेश ,प्रांत व्यवस्था प्रमुख अरुणा सिंह और पूर्व क्षेत्र उत्तर प्रदेश की क्षेत्र प्रचारिका माननीया शशी भी उपस्थित रहीं।

इस अवसर पर लखनऊ नगर निगम की महापौर माननीया सुषमा खर्कवाल जी ने भी अपनी गरिमामयी उपस्थिति देकर कार्यक्रम को गौरवान्वित किया।

राष्ट्र सेविका समिति के पदाधिकारियों ने बताया कि यह पथ संचलन केवल एक प्रदर्शन नहीं, बल्कि भारतीय नारी की शक्ति, संगठन और राष्ट्रभक्ति का जीवंत संदेश है। सेविकाओं ने एक समान गणवेश में कदमताल करते हुए शहर के प्रमुख मार्गों पर राष्ट्र निर्माण का मंत्र गूंजाया।

लखनऊवासियों ने पुष्पवर्षा और जोरदार तालियों के साथ सेविकाओं का उत्साहवर्धन किया।

राष्ट्र सेविका समिति निरंतर ऐसी गतिविधियों के माध्यम से समाज को जागृत कर रही है और भारतीय महिला को राष्ट्र निर्माण की मुख्य शक्ति के रूप में स्थापित करने का संकल्प लिए हुए है।

86वां अखिल भारतीय पीठासीन अधिकारी सम्मेलन (AIPOC) 19 जनवरी से लखनऊ में होगा

नई दिल्ली; 18 जनवरी, 2026:, 86वां अखिल भारतीय पीठासीन अधिकारी सम्मेलन (AIPOC) सोमवार, 19 जनवरी को उत्तर प्रदेश विधान सभा, लखनऊ में उत्तर प्रदेश की राज्यपाल श्रीमती आनंदीबेन पटेल के उद्घाटन भाषण के साथ प्रारंभ होगा। लोक सभा अध्यक्ष ओम बिरला उद्घाटन सत्र को संबोधित करेंगे। विधान सभा के अध्यक्ष सतीश महाना स्वागत भाषण देंगे। विधान परिषद के सभापति कुंवर मानवेंद्र सिंह उद्घाटन सत्र में धन्यवाद ज्ञापन प्रस्तुत करेंगे।

इस अवसर पर राज्य सभा के उपसभापति  हरिवंश तथा उत्तर प्रदेश विधान सभा में नेता प्रतिपक्ष माता प्रसाद पांडेय भी विशिष्ट जनसमूह को संबोधित करेंगे। उत्तर प्रदेश सरकार के मंत्रीगण, उत्तर प्रदेश विधान परिषद एवं उत्तर प्रदेश विधान सभा के सदस्य तथा अन्य गणमान्य अतिथि भी कार्यक्रम की शोभा बढ़ाएंगे।

विश्व में लहरा रही सनातन की पताकाः ब्रजेश पाठक

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RSS: Hindu Sammelan Lucknow

  • डिप्टी सीएम ने विराट हिंदू सम्मेलन को किया संबोधित, एकता ही शक्ति के मूल मंत्र पर चलने का किया आह्वान
  • राष्ट्रीय स्वंयसेवक संघ के 100वें वर्ष की यात्रा के तहत आयोजित हुआ समारोह, देश के विभिन्न क्षेत्रों से आए संत

लखनऊ। 18 जनवरी , पूरे विश्व में शान के साथ सनातन धर्म की पताका लहरा रही है। यह मेरा सौभाग्य है कि देश भर से आए संतजनों के दर्शन करने का पुण्य लाभ प्राप्त हो रहा है। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के 100वें वर्ष की यात्रा अंतर्गत आयोजित “विराट हिंदू सम्मेलन” को संबोधित करते हुए डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक ने सभी से राष्ट्र निर्माण, सामाजिक सद्भाव और शक्ति के लिए “एकता ही शक्ति है” के मूलमंत्र पर चलने का आह्वान किया।
आलमबाग स्थित सेन्ट्रल पार्क, समर विहार कॉलोनी में आयोजित समारोह को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि कैंट विधानसभा में आयोजित हो रहे इस पावन समारोह के आयोजकों का ह्रदय से आभार है। देश भर से आए संतजनों के विशेष दर्शन करने का पुण्यलाभ हम सभी को प्राप्त हो रहा है। उन्होंने कहा कि सनातन धर्म की पताका आज शान के साथ पूरी दुनिया में लहरा रही है।
उन्होंने विशेषकर सिख समुदाय का उल्लेख करते हुए कहा कि सिख समाज के शूरवीरों के बलिदानों के कारण ही आज सनातन की ध्वजा शान से लहरा रही है। डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक ने कहा कि इस तरह के आयोजन एक-दूसरे के प्रति सद्भाव को बढ़ाती हैं। उन्होंने कहा कि आज सोमवती अमावस्या भी है। गुरुजनों का हमें आशीर्वाद प्राप्त हो रहा है। उन्होंने उपस्थित सभी महानुभावों का आभार भी व्यक्त किया।
इस अवसर पर समारोह के मुख्य वक्ता राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ, अवध प्रांत के सह प्रांत प्रचारक संजय जी, पूज्य महंत श्री राजीव लोचन शरण जी, श्रीअयोध्या धाम से पधारे पूज्य महंत श्री मनी दास जी, महान संत असूदाराम आश्रम, लखनऊ से पधारे संत शिरोमणि श्री साईं हरीश लाल जी, आर्य समाज मंदिर से श्री रूपचंद दीपक जी, डॉ० भीमराव अंबेडकर विश्वविद्यालय के प्रोफेसर डॉ० वी०वी० मलिक, अंतर्राष्ट्रीय बौद्ध शोध संस्थान से पधारे भंते श्री शीलरत्न जी, श्रीगुरु सिंह सभा, आलमबाग से पधारे निर्मल सिंह, पूर्व महापौर, लखनऊ, नगर निगम संयुक्ता भाटिया, गिरीश मिश्रा, मान सिंह एवं अन्य गणमान्यजन उपस्थित रहे।

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शक्ति तीर्थ पत्रिका का हुआ विमोचन

Shakti Teerth Patrika

शक्ति तीर्थ पत्रिका का विमोचन करते हुए डॉ विद्या बिंदु सिंह

लखनऊ : 18 जनवरी l मां दुर्गा उत्थान समिति , लखनऊ द्वारा आयोजित काव्य समारोह के अवसर पर शक्ति तीर्थ पत्रिका के 17 वे अंक का विमोचन एवं काव्य समारोह संपन्न हुआ l
समारोह की अध्यक्षता पद्मश्री डॉ विद्या बिंदु सिंह तथा रूप शर्मा के मुख्य अतिथि में सुनील कुमार बाजपेई ने कुशल संचालन में शशांक पांडे ने वाणी वंदना से समारोह का शुभारंभ हुआ l महामंत्री जे बी सिंह ने संस्था का परिचय कराते हुए सभी का स्वागत अभिनंदन किया l
काव्य पाठ करने वाले डॉक्टर अनुराधा पांडे ,डॉक्टर उषा बाजपेई, डॉक्टर संगीता शुक्ला, राम सिंह, डॉक्टर रश्मि , इंद्रासन सिंह , संजय समर्थ ,डॉ अर्चना श्रीवास्तव, आर्यमन शुक्ला , शशांक पांडे अशोक शुक्ला ,अनजान ,दिलीप शुक्ला ,सपना श्रीवास्तव ,आशा सिंह ,रेखा शर्मा ,रूप शर्मा आदि ने काव्य पाठ किया । संस्था के संरक्षक शिवशरण दीक्षित के मार्गदर्शन में संस्था के अध्यक्ष डॉ राजकुमार सिंह ने धन्यवाद ज्ञापन किया l

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