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बेबी रानी मौर्य ने की विकास कार्यों व कानून व्यवस्था की समीक्षा

February 26, 2026

बेबी रानी मौर्य ने की विकास कार्यों व कानून व्यवस्था की समीक्षा

समीक्षा बैठक लेती  प्रभारी मंत्री बेबी रानी मौर्य साथ में अन्य जनप्रतिनिधि
हाथरस। कलेक्ट्रेट आगमन पर प्रभारी मंत्री एवं महिला कल्याण, बाल विकास सेवा एवं पुष्टाहार विभाग की मंत्री बेबी रानी मौर्य का स्वागत जिलाधिकारी अतुल वत्स और पुलिस अधीक्षक चिरंजीव नाथ सिन्हा ने बुके भेंट कर किया। इसके पश्चात उन्होंने गार्ड ऑफ ऑनर की सलामी ली।
मंत्री ने जनप्रतिनिधियों के साथ कलेक्ट्रेट परिसर में स्वयं सहायता समूहों द्वारा लगाए गए स्टॉलों का अवलोकन किया। इसके साथ ही प्रधानमंत्री टीबी मुक्त भारत अभियान के अंतर्गत पांच लाभार्थियों को पोषण पोटली वितरित की गई। मुख्यमंत्री बाल सेवा योजना  के तहत लाभार्थियों को लैपटॉप प्रदान किए गए। किसानों को मिनी किट बीज वितरित किए गए तथा मुख्यमंत्री युवा उद्यमी योजना के अंतर्गत दो महिला लाभार्थियों को पांच-पांच लाख रुपये के चेक प्रदान किए गए।
कलेक्ट्रेट सभागार में आयोजित समीक्षा बैठक में मंत्री ने जनप्रतिनिधियों व अधिकारियों के साथ विकास कार्यों और कानून व्यवस्था की विस्तृत समीक्षा की। उन्होंने अपराध नियंत्रण, राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन, नहरों की सफाई और टेल तक पानी की उपलब्धता, पेंशन योजनाएं, कृषि, वन विभाग द्वारा वृक्षारोपण, पर्यटन विकास, लोक निर्माण विभाग की सड़कों का निर्माण व मरम्मत, सूक्ष्म लघु एवं मध्यम उद्यम, गौ आश्रय स्थल, स्कूल चलो अभियान, स्वास्थ्य सेवाएं, जन आरोग्य योजना, सार्वजनिक वितरण प्रणाली, आवास योजनाएं, हर घर जल योजना, धान-गेहूं क्रय, टैबलेट व स्मार्ट फोन वितरण, कन्या सुमंगला योजना, सामूहिक विवाह योजना, पंचायती राज, बाल विकास एवं विद्युत आपूर्ति सहित विभिन्न योजनाओं की प्रगति की समीक्षा की।
जल जीवन मिशन के अंतर्गत पाइपलाइन बिछाने से क्षतिग्रस्त सड़कों की मानक अनुसार शीघ्र मरम्मत कराने, बोर्ड परीक्षाओं को देखते हुए सायं छह बजे से निर्बाध विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित करने तथा ओटीएस योजना का व्यापक प्रचार-प्रसार कराने के निर्देश दिए। उन्होंने अधिकारियों को जनप्रतिनिधियों के फोन उठाने और समस्याओं पर त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए।
बैठक के अंत में जिलाधिकारी अतुल वत्स ने आश्वस्त किया कि मंत्री द्वारा दिए गए निर्देशों का प्राथमिकता से अनुपालन कराया जाएगा। बैठक में सांसद अनूप प्रधान वाल्मीकि, जिला पंचायत अध्यक्ष सीमा उपाध्याय, विधायक अंजुला सिंह माहौर, विधायक वीरेन्द्र सिंह राणा, विधायक प्रदीप कुमार, जिलाध्यक्ष प्रेम सिंह कुशवाह सहित अन्य जनप्रतिनिधि एवं अधिकारी उपस्थित रहे।

मान्यता का सच या भविष्य से खिलवाड़? विनायक इंटरनेशनल स्कूल पर उठे तीखे सवाल


विनायक इंटरनेशनल स्कूल
हाथरस। शहर के चर्चित  विनायक इंटरनेशनल स्कूल   को लेकर एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जिसने अभिभावकों और विद्यार्थियों को गहरे असमंजस में डाल दिया है। आरोप है कि विद्यालय ने सीबीएसई की मान्यता न होने के बावजूद हाईस्कूल (दसवीं) कक्षा में छात्रों के प्रवेश ले लिए। जब बोर्ड परीक्षाओं का समय आया तो खुलासा हुआ कि विद्यार्थियों का पंजीकरण स्थानीय स्तर पर नहीं, बल्कि मथुरा जनपद के एक विद्यालय से कराया गया है।
स्थिति तब और हैरान करने वाली हो गई जब छात्रों को परीक्षा केंद्र भी मथुरा जिले में आवंटित कर दिया गया। अभिभावकों के अनुसार, परीक्षा के दिन बच्चों को पेपर शुरू होने से लगभग दो घंटे पहले विद्यालय की गाड़ियों से मथुरा ले जाया जाता है। लंबी दूरी की यह भागदौड़ बच्चों पर मानसिक दबाव भी बढ़ा रही है।
दबी जुबान में अभिभावक बताते हैं कि मथुरा के जिस विद्यालय से पंजीकरण कराया गया है, उसकी यूनिफॉर्म भी विद्यार्थियों से उनके स्वयं के खर्च पर सिलवाई गई। सवाल यह उठता है कि जब विद्यालय को दसवीं की मान्यता ही नहीं थी, तो प्रवेश क्यों लिए गए? क्या अभिभावकों को पूरी सच्चाई बताई गई थी, या फिर भविष्य के सुनहरे सपनों के नाम पर भरोसे का सौदा किया गया? शिक्षा जैसे पवित्र क्षेत्र में पारदर्शिता की अपेक्षा की जाती है, लेकिन यदि मान्यता का सच छिपाकर छात्रों का भविष्य दांव पर लगाया गया, तो यह न केवल नैतिक, बल्कि प्रशासनिक सवाल भी खड़े करता है।
शिक्षा के मंदिर कहे जाने वाले संस्थानों से जवाबदेही अपेक्षित है। यदि बिना मान्यता प्रवेश लेकर छात्रों को दूसरे जिले से परीक्षा दिलवाई जा रही है, तो यह व्यवस्था पर गंभीर प्रश्नचिह्न है। अब निगाहें सीबीएसई बोर्ड पर भी टिक गई हैं। क्या भविष्य में ऐसे विद्यालय को मान्यता दी जानी चाहिए, जो शिक्षा व्यवस्था की साख पर सवाल खड़े कर रहा हो? दबी जुबान में अभिभावकों की मांग है कि पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच हो और दोषी पाए जाने पर कठोर कार्रवाई सुनिश्चित की जाए, ताकि शिक्षा के नाम पर किसी और बच्चे का भविष्य दांव पर न लगे।इनका कहना है –
विनायक इंटरनेशनल स्कूल का दसवीं कक्षा के लिए सीबीएसई रजिस्ट्रेशन ही नहीं है। अगर विद्यालय ने बिना रजिस्ट्रेशन के बच्चों को दसवीं के लिए एडमिशन लिया है तो यह नियम विरुद्ध है। इस मामले में जिम्मेदार ही कार्रवाई कर सकेंगे। – डॉ जगदीश शर्मा डिस्ट्रिक्ट कोर्डिनेटर सीबीएसई
बेशक विनायक इंटरनेशनल स्कूल का सीबीएसई रजिस्ट्रेशन नहीं है। लेकिन आवश्यक कार्रवाई सम्बंधित अधिकारी ही करेंगे। – सन्त प्रकाश जिला विद्यालय निरीक्षक

February 25, 2026

श्रमिकों की समस्याओं को लेकर भारतीय मजदूर संघ ने सौंपा ज्ञापन

हाथरस। जनपद में श्रमिकों की विभिन्न समस्याओं को लेकर भारतीय मजदूर संघ ने सक्रिय पहल करते हुए जिला प्रशासन को ज्ञापन सौंपा।  संगठन के जिला अध्यक्ष अरुण उपाध्याय के नेतृत्व में पदाधिकारी कलेक्ट्रेट पहुंचे और जिलााधिकारी को मांगपत्र सौंपा।
ज्ञापन में न्यूनतम मजदूरी का पालन, श्रम कानूनों का प्रभावी क्रियान्वयन, सामाजिक सुरक्षा योजनाओं का लाभ, असंगठित क्षेत्र के श्रमिकों का पंजीकरण, कार्यस्थलों पर सुरक्षा व्यवस्था तथा श्रमिकों के शोषण पर रोक लगाने की मांग प्रमुख रूप से उठाई गई। संगठन का कहना है कि जिले में बड़ी संख्या में श्रमिक विभिन्न उद्योगों, निर्माण कार्यों और लघु इकाइयों में कार्यरत हैं, लेकिन उन्हें कई बुनियादी सुविधाओं और अधिकारों से वंचित रहना पड़ रहा है।
संगठन ने प्रशासन से श्रमिकों की समस्याओं पर त्वरित व ठोस कार्रवाई की मांग की, ताकि उनका सामाजिक और आर्थिक सशक्तिकरण सुनिश्चित हो सके। साथ ही श्रमिक मामलों की नियमित समीक्षा कर संबंधित विभागों की जवाबदेही तय करने की भी मांग की गई।
इस दौरान जिला मंत्री योगेश, उपाध्यक्ष हिमांशु शर्मा, राधेश्याम उपाध्याय, बबलू गुप्ता, राकेश रावत, रचित पाठक, अभिषेक भगवान, महेश पाल सिंह व सोनू सहित अन्य पदाधिकारी मौजूद रहे। सभी ने एकजुटता के साथ श्रमिक हितों की आवाज बुलंद की।

कांग्रेस का धरना-प्रदर्शन, निष्पक्ष जांच की मांग

हाथरस। प्रदेश नेतृत्व के निर्देश पर जिला कांग्रेस कमेटी ने कथित झूठी एफआईआर के विरोध में धरना-प्रदर्शन आयोजित किया। प्रदर्शन स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती के विरुद्ध दर्ज मामले की स्वतंत्र, निष्पक्ष और पारदर्शी जांच की मांग को लेकर किया गया। कार्यकर्ताओं ने धार्मिक स्वतंत्रता की संवैधानिक मर्यादा और संत समाज की गरिमा बनाए रखने की बात उठाई।
पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के तहत बड़ी संख्या में कार्यकर्ता मोहनगंज स्थित कैंप कार्यालय पर एकत्रित हुए और तिरंगा लेकर रैली के रूप में जिलाधिकारी कार्यालय पहुंचे। जिला अध्यक्ष विवेक उपाध्याय के नेतृत्व में कार्यकर्ताओं ने सरकार की नीतियों के विरोध में नारेबाजी की और निष्पक्ष कार्रवाई की मांग की।
जिलाधिकारी कार्यालय पर काफी देर तक अधिकारी के न पहुंचने से कार्यकर्ताओं में नाराजगी रही और वे परिसर में धरने पर बैठ गए। बाद में अपर जिलाधिकारी (न्याय) मौके पर पहुंचे, जिन्हें जिला अध्यक्ष ने ज्ञापन सौंपकर निष्पक्ष जांच सुनिश्चित कराने की मांग दोहराई।
धरना सभा की अध्यक्षता पंडित ब्रह्मदेव शर्मा ने की और संचालन डॉ. मुकेश चंद्रा ने किया। वक्ताओं ने कहा कि लोकतंत्र में धार्मिक स्वतंत्रता और अभिव्यक्ति की आजादी का सम्मान होना चाहिए। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि निष्पक्ष जांच नहीं हुई तो चरणबद्ध आंदोलन किया जाएगा।
धरना-प्रदर्शन में राम कुमार सारस्वत, ठाकुर कपिल सिंह, जैनुद्दीन जैन, शांतनु कुमार, देवेंद्र शर्मा, गोविंद चतुर्वेदी, राजशेखर, हिमांशु सिंह, नवीन कुमार शर्मा, त्रिलोकचंद, सचिन उपाध्याय, दुष्यंत चौधरी, पारूल चौधरी, मनीष शर्मा सहित बड़ी संख्या में कार्यकर्ता मौजूद रहे। कार्यक्रम के अंत में डॉ. मुकेश चंद्रा ने सभी का आभार व्यक्त किया।

संदिग्ध परिस्थितियों में विवाहिता की मौत, दहेज उत्पीड़न का आरोप

हाथरस। हसायन कोतवाली क्षेत्र के गांव नगला मिया पट्टी देवरी में 23 वर्षीय शीनू की संदिग्ध परिस्थितियों में मृत्यु का मामला सामने आया है। मृतका के मायके पक्ष ने पति अवनीश पुंढीर समेत ससुराल पक्ष के अन्य सदस्यों पर गंभीर आरोप लगाए हैं।
परिजनों का आरोप है कि विवाह के बाद से ही शीनू को दहेज की अतिरिक्त मांग को लेकर प्रताड़ित किया जा रहा था। उसके साथ मारपीट और मानसिक उत्पीड़न किए जाने की बात भी कही गई है। परिवार का यह भी कहना है कि उस पर जबरन गर्भपात कराने का दबाव बनाया गया।
तबीयत बिगड़ने पर उसे दिल्ली के एक अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उपचार के दौरान  उसकी मृत्यु हो गई। सूचना पर पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस अधिकारियों के अनुसार पोस्टमार्टम रिपोर्ट और जांच के आधार पर आगे की विधिक कार्रवाई की जाएगी।

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