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हरिद्वार में विवेकानंद जयंती पर स्वदेशी संकल्प दौड़

January 13, 2026

हरिद्वार में विवेकानंद जयंती पर स्वदेशी संकल्प दौड़

हरिद्वार। ग्रामीण विधानसभा के फेरूपुर रामखेड़ा के डिग्री कॉलेज में स्वामी विवेकानंद की 164वीं जयंती के अवसर पर स्वदेशी संकल्प दौड़ का आयोजन किया गया संकल्प दौड़ का शुभारंभ भाजपा जिला अध्यक्ष आशुतोष शर्मा जिला ,उपाध्यक्ष लव शर्मा, जगपाल सैनी ,धर्मेंद्र चौहान और विक्रम भुल्लर ने झंडी दिखाकर किया।
इस अवसर पर जिला अध्यक्ष आशुतोष शर्मा ने कहा स्वामी विवेकानंद ने कहा कि उठो जागो और तब तक मत रुको जब तक लक्ष्य प्राप्त न हो जाए। ऐसे महान व्यक्तित्व की जन्म जयंती के अवसर पर हम सब युवाओं को संकल्प लेना है कि विकसित भारत के सपने को साकार करने के लिए निरंतर कार्य करना है। उन्होंने कहा कि स्वामी विवेकानंद ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारत का मस्तक ऊंचा किया है। उनकी शिक्षाएं युवाओं को आगे बढ़ाने की प्रेरणा देती है। युवाओं के कंधों पर इस देश का भविष्य टिका है उन्हें मानसिक रूप से मजबूत होकर देश सेवा में लगना चाहिए।
इस अवसर पर युवा मोर्चा प्रभारी लव शर्मा ने कहा कि स्वामी विवेकानंद ने अमेरिका स्थित शिकागो में सन 1893 आयोजित विश्व धर्म संसद में भारत की ओर से सनातन धर्म का प्रतिनिधित्व किया था। उन्होंने रामकृष्ण मिशन की स्थापना की थी जो आज भी देश सेवा में लगा हुआ है। स्वामी विवेकानंद का जन्म 12 जनवरी 1863 को हुआ था बचपन में उन्हें नरेंद्र नाथ के नाम से जानते थे। आज उनकी जयंती को मनाने का मकसद नौजवान उनके प्रेरणादायक विचारों और आदर्शों से परिचित हो और उनके बताएं मार्ग पर चलें।
इस अवसर पर प्रदेश उपाध्यक्ष किसान मोर्चा जगपाल सैनी ने सभी का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि सभी सभी युवाओं को शिक्षा और खेल से जुड़कर देश सेवा करनी चाहिए उन्हें नशा और बुराइयों से बचना चाहिए। आज हमारे देश में सबसे ज्यादा युवा है। युवा हमारे देश की पूंजी है। इस अवसर पर जिला अध्यक्ष आशुतोष शर्मा, जिला महामंत्री हीरा सिंह बिष्ट, जिला उपाध्यक्ष लव शर्मा, जिला मीडिया प्रभारी धर्मेंद्र चौहान,किसान मोर्चा प्रदेश उपाध्यक्ष जगपाल सैनी , प्रदेश उपाध्यक्ष विक्रम भुललर, प्रदेश मंत्री तरुण चौहानजिला महामंत्री दीपांशु शर्मा,कार्यक्रम संयोजक सचिन चौहान,सहसंयोजक चीनू नितीश चौधरी,जिला मंत्री लेखराज, प्रियांशु गोयल ,मंडल अध्यक्ष विवेक चौहान,रीनू चौधरी,मोहित चौहान,श्रवण चौहान दीपक सैनी जी, आदर्श कश्यप,सचिन आर्य, राहुल चौहान,विनीत प्रताप सिंह,राजु पाल,बीरसिंह कश्यप सैकड़ो युवा सम्मिलित हुए।

January 12, 2026

कांग्रेस ने किया मनरेगा का नाम बदलने का विरोध

हरिद्वार, 12 जनवरी। (उप्र समाचार सेवा) मनरेगा योजना का नाम परिवर्तन कर योजना को समाप्त करने के षड्यंत्र का आरोप लगाते हुए जिला महानगर कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष अमन गर्ग ने कहा कि महात्मा गांधी का नाम ही देश दुनिया को प्रेरणा देता है। लेकिन सरकार मनरेगा नाम को ही बदलना चाहती है। कांग्रेस इसके विरोध में सड़क से सदन तक संघर्ष करेगी। अमन गर्ग ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्र की आर्थिक स्थिति को मजबूत करने के लिए यूपीए शासन में मनरेगा योजना लागू की गई थी। गरीब निर्धन परिवार इस योजना के माध्यम से अपनी रोजी-रोटी कमाते थे। उन्होंने कहा कि मनरेगा बचाने के लिए सरकार से चार मांग करते हैं। काम की गारंटी, मजदूरी की गारंटी, जवाबदेही की गारंटी, मनरेगा में किए गए बदलाव की तत्काल वापसी। काम के संवैधानिक अधिकार की पूर्ण बहाली, न्यूनतम मजदूरी 400 रूप की जाए। अमन गर्ग ने कहा कि महात्मा गांधी के हर आंख से आंसू पोंछने के संकल्प को समाप्त नहीं होने दिया जाएगा। वरिष्ठ कांग्रेस नेता मुरली मनोहर एवं वरुण बालियान ने कहा कि कोविड के दौरान निर्धन परिवारों के लिए मददगार साबित हुई मनरेगा का नाम बदलकर सरकार क्या सिद्ध करना चाहती हैं। महात्मा गांधी विश्व के नेता हैं। रोजगार सर्जन होने चाहिए। गरीब निर्धन परिवार इस योजना से अपनी परिवारों का भरण पोषण करते हैं। गांव के मजदूर की आर्थिक स्थिति को मनरेगा सुरक्षा कवच प्रदान करती थी। महिलाओं, दलित, आदिवासियो,ं गरीबों, पिछड़ों को अधिकार दिए। लेकिन सरकार योजनाओं को समाप्त करने में लगी हुई है। प्रैसवार्ता में अंजू मिश्रा, अंजू द्विवेदी, रचना शर्मा, ममता सिंह, जतिन हांडा, अमित नौटियाल, अनिल भास्कर, आरिफ आदि मौजूद रहे।

January 11, 2026

वेद में वाणी की बड़ी महिमा,उसी का आधार लेकर राष्ट्र को जागृत किया जाता हैः स्वामी गोविन्द देव गिरि

स्वामी गोविन्द देव गिरि

#UP SaMachar SEWA

First Published on 15-apr-24 12:44 PM

सनातन धर्म और राष्ट्रधर्म की प्रेरणा जगाने वाले सबसे बड़े आदर्श छत्रपति शिवाजी हैंः स्वामी रामदेव

हरिद्वार।‘‘छत्रपति शिवाजी महाराज कथा’’के पाँचवे दिन स्वामी गोविन्द देव गिरि जी महाराज ने कहा कि मैं यहाँ शिवाजी महाराज की कथा कहने आया हूँ लेकिन जितना मैं कह रहा हूँ, उतनी ही अगाध ज्ञानश्रुति का श्रवण भी कर रहा हूँ। इसलिए यह कथा नहीं अपितु शिव कथा का संवाद हो गया। भगवद्गीता संवाद है,इसमें दोनों ओर से बोला जाता है। इसलिए भगवद्गीता के मंथन में सच्चा आनंद आता है। उन्होंने कहा कि वेद में वाणी की बड़ी महिमा है और उसी का आधार लेकर राष्ट्र को जागृत किया जाता है। स्वामी गोविन्द देव ने कहा कि महाभारत में स्पष्ट रूप से कहा है कि उत्तम राज्य वह है जहाँ सज्जन निर्भयता से विचरण करते हैं। पापियों के राज्य में सज्जनों को छिपकर रहना पड़ता है,महिलाओं को अपनी आत्मरक्षा का डर रहता है। इन्हीं सज्जनों की रक्षा के लिए भगवान राम दण्ड लेकर चले थे। संसार में कुछ दुर्जन ऐसे होते हैं तो दण्ड के भय से ही अनुशासन में रहते हैं। गीता में कहा है कि ऐसे पापियों का पूर्ण विनाश ही करना पड़ता है। कार्यक्रम में स्वामी रामदेव ने कहा कि शिवाजी महाराज के चरित्र,व्यक्तित्व व उनकी साधना पर पूरे देश को गौरव है। वे भगवान शिव के अंशावतार के साथ-साथ शक्ति-भक्ति व राष्ट्रधर्म के पूर्णावतार हैं। वे हमारी सनातनी परम्परा के बहुत बड़े गौरव हैं। प्रथम सनातन धर्म,हिन्दू धर्म,राष्ट्रधर्म, हिन्दू साम्राज्य की प्रतिष्ठा के प्रणेता,उद्गाता,उद्घोषक,पुरोधा,प्रेरक और भारतवासियों के हृदय में सनातन धर्म और राष्ट्रधर्म की प्रेरणा जगाने वाले सबसे बड़े आदर्श या रोल मॉडल छत्रपति शिवाजी महाराज हैं। उन्होंने कहा कि किसी भी महापुरुष के चरित्र के एक-दो प्रधान तत्व होते हैं,जैसे मर्यादा पुरूषोत्तम श्री राम भगवान के पूर्ण अवतार हैं,यह तो उनका अध्यात्म तत्व है लेकिन उनका प्रधान तत्व राजधर्म और मर्यादा है। भगवान कृष्ण का प्रधान तत्व कर्मयोग और योग की सारी विभूतियाँ है। भगवान शिव,भगवान हनुमान,भगवान राम, छत्रपति शिवाजी महाराज आदि सभी महापुरूषों ने धर्म युद्ध में,देवासुर संग्राम में पाप व अधर्म का विनाश कर धर्म व न्याय की प्रतिष्ठा की। भगवान शिव में समाधि तत्व प्रधान है और शिव तो अनादि, अनंत है,अजन्मा हैं। छत्रपति शिवाजी महाराज का सनातन धर्म हिन्दू धर्म मूलक राष्ट्रधर्म उनका प्रधान तत्व है और एक तत्व के निर्वहन के लिए एक-एक क्षण पुरुषार्थ करना होता है। इस अवसर पर गाथा मंदिर,धुले,महाराष्ट्र के संस्थापक पूज्य पांडुरंग जी ने कहा कि गोधर्म प्रतिपालक,हिन्दु धर्म रक्षक और स्वराज्य के स्थापक छत्रपति शिवाजी महाराज महाराष्ट्र के बड़े देवत्व हैं। शिवाजी महाराज ने हिन्दु धर्म की साधना व रक्षा की है। कार्यक्रम में भारतीय शिक्षा बोर्ड के कार्यकारी अधिकारी एन.पी.सिंह,भारत स्वाभिमान के मुख्य केन्द्रीय प्रभारी भाई राकेश‘भारत’व स्वामी परमार्थदेव,पतंजलि विश्वविद्यालय के आई.क्यू.ए.सी.सैल के अध्यक्ष प्रो.के.एन.एस.यादव,कुलानु शासक स्वामी आर्षदेव सहित सभी शिक्षण संस्थान यथा-पतंजलि गुरुकुल,आचार्यकुल,पतंजलि विश्वविद्यालय एवं पतंजलि आयुर्वेद कॉलेज के प्राचार्यगण व विद्यार्थीगण,पतंजलि संन्यासाश्रम के संन्यासी भाई व साध्वी बहनें तथा पतंजलि योगपीठ से सम्बद्ध प्रमुख अधिकारी व कर्मचारी उपस्थित रहे

January 7, 2026

साध्वी रेणुका ने लगाया आश्रम हड़पने का आरोप


हरिद्वार, 7 जनवरी 2026 (उप्र समाचार सेवा) हरिपुर कलां स्थित राष्ट्र भक्ति आश्रम की साध्वी रेणुका ने आश्रम को हड़पने का आरोप लगाया है। प्रैस क्लब में पत्रकारों से वार्ता करते हुए साध्वी रेणुका ने बताया कि भूमािफया और असामाजिक तत्वों द्वारा आश्रम पर कब्जे का प्रयास किया गया, लेकिन पुलिस और प्रशासन ने कोई कार्रवाई नहीं की। साध्वी रेणुका ने बताया कि उन्होंने 3 नवम्बर को कई लोगों को नामजद करते हुए आश्रम पर कब्जे के प्रयास की एफआईआर दर्ज कराई थी। लेकिन कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई, जिससे आरोपियों के हौसले और बढ़ गए। उन्होंने आरोप लगाया कि 13 नवंबर 2025 को आपराधिक प्रवृत्ति के लोग आश्रम पहुंचे और आश्रम छोड़कर चले जाने और जान से मारने की धमकी दी। पुलिस को सूचना देने के बाद भी कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई। उन्होंने राज्य के प्रमुख सचिव को भी पत्र लिखा, लेकिन उस पर भी कोई कार्रवाई नहीं हुई। 20 नवम्बर को कुछ हथियारबंद बदमाशों ने आश्रम में घुसकर उन पर जानलेवा हमला किया। उन्होंने इसकी सूचना पुलिस को दी। पुलिस ने उन्हें छुड़ाया। उन्होंने आरोप लगाया कि पुलिस ने एफआईआर तो दर्ज कर ली। लेकिन न तो मेडिकल कराया और न ही जांच में कोई प्रगति हुई। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि उन्हें और उनके गुरु भाई को झूठे मुकदमों में फंसाने की धमकियां दी जा रही है। साध्वी रेणुका ने यह भी आरोप लगाया कि आश्रम से जुड़ा उत्तराधिकार का मामला न्यायालय में विचाराधीन होने के बावजूद प्रशासन ने आश्रम को खाली करा दिया। साध्वी रेणुका ने कहा कि इन हालातों के कारण वह आज देवभूमि उत्तराखंड में बिना किसी आश्रय के रहने को मजबूर हैं। उन्होंने मुख्यमंत्री से मांग क है कि पूरे मामले की निष्पक्ष एवं स्वतंत्र जांच कराई जाए, दोषियों को सख्त सजा दी जाए और उनका आश्रम उन्हें वापस दिलाया जाए।
राजेंद्र श्रमिक एवं भंवर सिंह ने कहा कि साध्वी रेणुका को न्याय दिलाने के लिए संघर्ष किया जाएगा। उन्होंने कहा कि महिलाओं का सम्मान किया जाना चाहिए लेकिन कुछ लोग आश्रम की संपत्ति को कब्जाने की नीयत से गलत हथकंडे अपना रहे हैं। जिसे किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। प्रैसवार्ता में विजयपाल, प्रवीण कुमार, मोदीमल, करुणा, सागर, बृजेश कुमार, संजीव बाबा, संजय मूलनिवासी, प्रदीप, रूपचंद एडवोकेट आदि मौजूद रहे।