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अज्ञात वाहन की जोरदार टक्कर से छात्र की दर्दनाक मौत, पुलिस आवश्यक कार्यवाही में जुटी

February 21, 2026

अज्ञात वाहन की जोरदार टक्कर से छात्र की दर्दनाक मौत, पुलिस आवश्यक कार्यवाही में जुटी

Gorakhpur
Santosh Kumar Singh

21/02/2026

गोरखपुर। सहजनवा थानाक्षेत्र के घघसरा बाजार के पास एक छात्र की मार्ग दुर्घटना में दर्दनाक मौत हो गई। किसी अज्ञात वाहन की चपेट में आने पर गंभीर रूप से घायल शिवम मद्धेशिया को नजदीकी अस्पताल ले जाया गया, जहां उसे चिकित्सकों ने मृत घोषित कर दिया । शिवम बीएससी का छात्र था ।
सहजनवा थानाक्षेत्र के घघसरा
बाजार के समीप स्थित एक पेट्रोल पम्प के समीप कोचिंग जा रहे बीएससी के छात्र को एक अज्ञात वाहन ने ठोकर मार दिया और फरार हो गया । आसपास के लोग मौके पर पहुंचे और गंभीर रूप से घायल छात्र को इलाज के लिए नजदीकी अस्पताल में गए । सूचना मिलने पर पुलिस और परिजन भी अस्पताल पहुंच गए । अस्पताल पहुंचे गंभीर रूप से घायल छात्र को चिकित्सकों ने मृत घोषित कर दिया । मृत छात्र का नाम शिवम मद्धेशिया है जो डुमरी गांव निवासी दिनेश मद्धेशिया का पुत्र है जिसकी उम्र लगभग 20 वर्ष थी । शिवम तीन भाइयों में दूसरे नंबर पर था । पुलिस में शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज फरार वाहन की तलाश में जुट गई है । शिवम के असमय मौत की खबर से परिजनों का रो रोकर बुरा हाल है ।

February 20, 2026

गोरखपुर : ट्रैफिक व्यवस्था को मिलेगी नई दिशा, शहर में खुलेंगे चार नए ट्रैफिक थाने

संतोष कुमार सिंह
*अवैध पार्किंग और ई-रिक्शा की मनमानी पर लगेगी लगाम, निर्धारित रूट पर ही चलेंगे ई-रिक्शा*

गोरखपुर। शहर की लगातार बिगड़ती ट्रैफिक व्यवस्था को सुधारने के लिए प्रशासन ने बड़ा और निर्णायक कदम उठाया है। गोरखपुर में जल्द ही चार नए ट्रैफिक थाने स्थापित किए जाएंगे। ये थाने धर्मशाला, मोहद्दीपुर, बेतियाहाता और नौसढ़ क्षेत्र में खोले जाएंगे। प्रत्येक थाने का क्षेत्राधिकार भी तय कर दिया गया है, जिससे यातायात प्रबंधन को अधिक प्रभावी, पारदर्शी और जवाबदेह बनाया जा सके।
प्रशासनिक जानकारी के अनुसार धर्मशाला ट्रैफिक थाना गोरखनाथ क्षेत्र की निगरानी करेगा। मोहद्दीपुर ट्रैफिक थाना पिपराइच रोड और मेडिकल रोड की जिम्मेदारी संभालेगा। बेतियाहाता ट्रैफिक थाना घंटाघर और रुस्तमपुर इलाके की व्यवस्था देखेगा, जबकि नौसढ़ ट्रैफिक थाना ट्रांसपोर्ट नगर और फल मंडी क्षेत्र को नियंत्रित करेगा।
शहर में बढ़ती अवैध पार्किंग, सड़क किनारे खड़े वाहन और मनमाने ढंग से चल रहे ई-रिक्शा के कारण जाम की समस्या गंभीर होती जा रही है। विशेष रूप से गोलघर, घंटाघर, मेडिकल रोड और ट्रांसपोर्ट नगर जैसे व्यस्त क्षेत्रों में हालात बदतर रहते हैं। प्रशासन ने स्पष्ट संकेत दिए हैं कि अब सड़क की बाईं ओर अवैध तरीके से वाहन खड़ा करने वालों की खैर नहीं होगी।
गोलघर की सड़कों पर वाहन खड़ा करना अब सीधे जेब पर भारी पड़ेगा। वाहन चालकों को अपने वाहन केवल निर्धारित पार्किंग स्थलों पर ही खड़े करने होंगे। नियमों का उल्लंघन करने पर चालान के साथ-साथ वाहन को क्रेन के माध्यम से उठाकर यार्ड में भेज दिया जाएगा। इस संयुक्त अभियान में नगर निगम, ट्रैफिक पुलिस और जीडीए की टीमें सक्रिय भूमिका निभाएंगी।
इसके साथ ही ई-रिक्शा चालकों की मनमानी पर भी सख्त रोक लगाने की तैयारी है। अब ई-रिक्शा केवल निर्धारित रूट पर ही संचालित होंगे। बिना अनुमति रूट बदलना, चौराहों पर सवारी बैठाना-उतारना या बीच सड़क पर वाहन रोकना सीधे कार्रवाई को आमंत्रण देगा। बार-बार नियम तोड़ने वाले चालकों के परमिट तक निरस्त किए जा सकते हैं।
प्रशासन ने यह भी स्पष्ट किया है कि वर्षों से यार्ड में अव्यवस्थित ढंग से खड़ी जब्त गाड़ियों को व्यवस्थित स्थानों पर शिफ्ट कराया जाएगा। लंबे समय से कब्जा किए हुए स्थानों को खाली कर सुव्यवस्थित किया जाएगा, ताकि नए अभियान में पकड़े जाने वाले अवैध रूप से खड़े वाहनों को नियमानुसार रखा जा सके। इससे यार्ड प्रबंधन भी पारदर्शी होगा और कार्रवाई की प्रक्रिया तेज होगी।
ट्रांसपोर्ट नगर और फल मंडी क्षेत्र में भारी वाहनों की अनियमित पार्किंग और लोडिंग-अनलोडिंग भी जाम का बड़ा कारण रही है। अब इन क्षेत्रों में समयबद्ध और निर्धारित स्थानों पर ही गतिविधियां संचालित होंगी। उल्लंघन करने वालों पर आर्थिक दंड के साथ अन्य वैधानिक कार्रवाई भी की जाएगी।
अधिकारियों का मानना है कि चार नए ट्रैफिक थानों के संचालन से क्षेत्रवार निगरानी मजबूत होगी और जवाबदेही तय रहेगी। प्रत्येक थाना प्रभारी अपने-अपने क्षेत्र की यातायात व्यवस्था के लिए सीधे जिम्मेदार होगा।
शहरवासियों को उम्मीद है कि यह अभियान केवल कागजों तक सीमित न रहकर धरातल पर प्रभावी ढंग से लागू होगा। यदि अवैध पार्किंग, ई-रिक्शा की मनमानी और अव्यवस्थित यार्ड प्रबंधन पर वास्तव में नियंत्रण हुआ, तो गोरखपुर की सड़कों पर यातायात व्यवस्था में बड़ा बदलाव देखने को मिलेगा।
अब प्रशासन की सख्ती और निरंतरता ही तय करेगी कि गोरखपुर जाम से राहत की ओर बढ़ेगा या फिर पुराने हालात दोबारा लौटेंगे। फिलहाल संकेत साफ हैं—नियम तोड़ने वालों के लिए सड़कों पर अब कोई ढील नहीं होगी।

गोरखपुर : चलती ट्रेन में टीटी ने NCC कैडेट से किया rape

चलती ट्रेन में रेप किया टीटीई ने मेरे साथ 
केबिन में ले गया सीट दिलाने के बहाने – बोली युवती , सेना भर्ती की तैयारी कर रही गोरखपुर में 
गोरखपुर,  एक युवती ने अहमदाबाद-गोरखपुर एक्सप्रेस के टीटीई पर रेप का आरोप लगाया है। उसने कहा- मैं एनसीसी सी-सर्टिफिकेट की परीक्षा देने मऊ गई थी । लौटते समय भीड़ ज्यादा होने के कारण टिकट नहीं ले सकी और एसी कोच में चढ़ गई। मै गोरखपुर में सेना भर्ती की तैयारी कर रही हूं। मैं एसी कोच में ही खड़ी थी, तभी टीटीई आया और सीट दिलाने के बहाने मुझे केबिन में ले गया और वहां मेरे साथ रेप किया । धमकी दी कि अगर किसी को बताया तो बिना टिकट यात्रा मामले में मेरे खिलाफ कार्रवाई करेगा। घटना रविवार रात की इंदारा स्टेशन और देवरिया स्टेशन के बीच की फर्स्ट एसी केबिन की है।
इसके बाद लड़की ने डायल-112 पर सूचना दी। तब तक आरोपी टीटीई देवरिया में ट्रेन से उतरकर भाग गया। गोरखपुर पहुंचने पर लड़की ने जीआरपी थाने में रेप का केस दर्ज कराया है । जिसे देवरिया ट्रांसफर कर दिया गया है। पीड़ित लड़की जिला मऊ की रहने वाली बताई जा रही है । स्टेशन पर ज्यादा भीड़ होने के कारण वह टिकट नहीं ले पाई और ट्रेन आने पर वह बिना टिकट लिए ही ट्रेन के ए सी फर्स्ट कोच में चढ़ गई।
आरोपी की तलाश में जीआरपी टीम छापेमारी कर रही है।
जीआरपी एसपी रेलवे लक्ष्मीनिवास मिश्र ने बताया-आरोपी टीटीई, जो बिहार का रहने वाला है, उसकी तलाश में छापेमारी की जा रही है। जल्द ही उसे गिरफ्तार कर लिया जाएगा। रेलवे अधिकारियों को भी इस मामले की जानकारी दे दी गई है।

राप्तीनगर विस्तार में खुले केबिल ट्रेंच में गिरने से बच्चे की दर्दनाक मौत

संतोष कुमार सिंह
गोरखपुर

*मण्डलायुक्त ने दिए जांच के आदेश, टेक्निकल सुपरवाइजर सेवा समाप्त, अवर अभियंता के निलंबन की संस्तुति*

गोरखपुर। राप्तीनगर विस्तार आवासीय योजना क्षेत्र में बुधवार को एक दर्दनाक हादसे में खुले केबिल ट्रेंच में गिरने से एक बच्चे की मृत्यु हो गई। घटना की सूचना मिलते ही प्रशासनिक अमले में हड़कंप मच गया। मण्डलायुक्त अनिल ढींगरा ने मामले को गंभीरता से लेते हुए तत्काल जांच के आदेश दिए हैं और प्रथम दृष्टया दोषी पाए गए अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई शुरू कर दी गई है।
मण्डलायुक्त ने बताया कि गोरखपुर विकास प्राधिकरण द्वारा राप्तीनगर विस्तार आवासीय योजना की 24 मीटर चौड़ी सड़क के दोनों ओर भूमिगत केबिल ट्रेंच का निर्माण कार्य कराया गया था। यह कार्य 3 अप्रैल 2023 से प्रारंभ होकर 25 जून 2025 को पूर्ण किया गया था। निर्माण के बाद ट्रेंच को पूरी तरह तैयार कर उसके ऊपर आरसीसी स्लैब से ढक दिया गया था, ताकि किसी प्रकार की दुर्घटना न हो।
घटना से क्षेत्र में शोक और आक्रोश का माहौल है।
मण्डलायुक्त अनिल ढींगरा ने बताया कि प्रथम दृष्टया लापरवाही पाए जाने पर गोरखपुर विकास प्राधिकरण के टेक्निकल सुपरवाइजर आदित्य श्रीवास्तव की सेवा समाप्त कर दी गई है। साथ ही संबंधित अवर अभियंता संजय गुप्ता के निलंबन की संस्तुति की गई है। उन्होंने स्पष्ट किया कि मामले में किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
घटना की गहन जांच के लिए अपर जिलाधिकारी (नगर) और मुख्य अभियंता, लोक निर्माण विभाग के नेतृत्व में एक जांच समिति गठित की गई है। यह समिति पूरे प्रकरण की विस्तृत जांच कर जिम्मेदारी तय करेगी और अपनी रिपोर्ट शीघ्र प्रस्तुत करेगी।
प्रशासन की ओर से मृतक बच्चे के परिजनों को हर संभव शासकीय सहायता उपलब्ध कराने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। अधिकारियों ने परिवार से मुलाकात कर संवेदना व्यक्त की और आश्वासन दिया कि दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
यह घटना विकास कार्यों की निगरानी और सुरक्षा मानकों को लेकर गंभीर सवाल खड़े करती है। भूमिगत ट्रेंच जैसे संवेदनशील निर्माण कार्यों में सुरक्षा की अनदेखी जानलेवा साबित हो सकती है। प्रशासन ने संकेत दिए हैं कि भविष्य में ऐसे सभी निर्माण स्थलों की पुनः जांच कराई जाएगी, ताकि इस प्रकार की घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकी जा सके।

February 19, 2026

अवैध पिस्टल का प्रदर्शन बना जानलेवा, दोस्त के हाथों दोस्त की मौत; 7 आरोपी गिरफ्तार*

संतोष कुमार सिंह
गोरखपुर


गोरखपुर। थाना चिलुआताल क्षेत्र में दोस्तों के बीच बैठकी के दौरान अवैध असलहे का प्रदर्शन एक युवक की जान ले बैठा। पुलिस ने हत्या के मामले में त्वरित कार्रवाई करते हुए सात आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। आरोपियों के कब्जे से घटना में प्रयुक्त 32 बोर की पिस्टल, आठ जिंदा कारतूस, तीन मोटरसाइकिल और एक अर्टिगा कार बरामद की गई है।
घटना का खुलासा पुलिस लाइन स्थित व्हाइट हाउस सभागार में आयोजित प्रेस वार्ता के दौरान किया गया। इस अवसर पर पुलिस अधीक्षक उत्तरी ज्ञानेंद्र, पुलिस अधीक्षक दक्षिणी दिनेश कुमार पुरी एवं क्षेत्राधिकारी कैंपियरगंज अनुराग सिंह मौजूद रहे। अधिकारियों ने बताया कि थाना चिलुआताल पर दर्ज मु0अ0सं0 98/2026 धारा 191(2), 191(3), 190, 61(2), 103(1) बीएनएस के तहत मुकदमा पंजीकृत किया गया था, जिसमें बरामदगी के आधार पर 3/25/27 आर्म्स एक्ट की बढ़ोत्तरी की गई है।
कैसे हुई घटना
पुलिस के अनुसार मृतक अरुण निषाद अपने छह दोस्तों के साथ मौजूद था। सभी आपस में घनिष्ठ मित्र बताए गए हैं। बातचीत के दौरान विशाल सिंह ने अपने पास मौजूद अवैध 32 बोर पिस्टल निकालकर दोस्तों को दिखानी शुरू की। युवक पिस्टल को घेरे में खड़े होकर देख रहे थे। इसी दौरान अचानक गोली चल गई और वह सीधे अरुण को जा लगी। गोली लगते ही मौके पर अफरा-तफरी मच गई। घायल अरुण को बचाने का प्रयास किया गया, लेकिन उसकी जान नहीं बच सकी।
घटना की सूचना मिलते ही पुलिस हरकत में आई। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर टीमों का गठन किया गया। तकनीकी साक्ष्यों और मुखबिर की सूचना के आधार पर सभी सात आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया।
गिरफ्तार अभियुक्त विशाल सिंह पुत्र राजकुमार सिंह निवासी हमीदपुर करीमनगर लल्लन सिंह टोला, थाना चिलुआताल, सोनू यादव उर्फ बल्ले यादव पुत्र बाबूलाल यादव निवासी करीमनगर, थाना चिलुआताल, देवेन्द्र कुमार पुत्र स्व. मोलहू प्रसाद निवासी अमवा हरिजन बस्ती, थाना चिलुआताल , बिट्टू निषाद पुत्र राजू निषाद निवासी तेनुहिया, थाना चिलुआताल , बॉबी निषाद पुत्र रामआशीष निषाद निवासी तेनुहिया, थाना चिलुआताल , रोशन निषाद पुत्र स्व. किशन निषाद निवासी तेनुहिया, थाना चिलुआताल , छोटू उर्फ मानवेन्द्र सिंह पुत्र राजकुमार निवासी मडहा, थाना पीपीगंज है ।
पुलिस के अनुसार सोनू यादव उर्फ बल्ले यादव के खिलाफ पूर्व में मारपीट और धमकी का मुकदमा दर्ज है। देवेन्द्र कुमार पर चोरी और अन्य धाराओं में मुकदमा दर्ज रहा है। अन्य आरोपियों के आपराधिक इतिहास की जांच की जा रही है।

पुलिस अधीक्षक उत्तरी ने कहा कि अवैध हथियार रखना और उसका प्रदर्शन करना गंभीर अपराध है। युवाओं को इस प्रकार की हरकतों से दूर रहना चाहिए। एक क्षण की लापरवाही ने एक युवक की जान ले ली और कई परिवारों को सदमे में डाल दिया।
पुलिस ने सभी आरोपियों को न्यायालय में प्रस्तुत करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। मामले की विवेचना जारी है। यह घटना युवाओं के लिए चेतावनी है कि अवैध असलहों का शौक न केवल कानूनन अपराध है, बल्कि जानलेवा भी साबित हो सकता है।

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