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गीडा क्षेत्र में अवैध रूप से खड़े टैंकरों पर दर्ज होगा मुकदमा : मंडलायुक्त

February 27, 2026

गीडा क्षेत्र में अवैध रूप से खड़े टैंकरों पर दर्ज होगा मुकदमा : मंडलायुक्त

Santosh Kumar Singh
Gorakhpur
27/02/2026

*उद्योग बंधुओं की समस्याओं के समाधान को लेकर मंडलायुक्त अनिल ढींगरा की अध्यक्षता में बैठक*


गोरखपुर। मंडलायुक्त सभागार में मंडलायुक्त अनिल ढींगरा की अध्यक्षता में उद्योग बंधुओं के साथ समीक्षा बैठक आयोजित की गई, जिसमें गीडा (गोरखपुर औद्योगिक विकास प्राधिकरण) क्षेत्र की विभिन्न समस्याओं पर विस्तार से चर्चा की गई।
बैठक के दौरान उद्योग बंधुओं द्वारा गीडा क्षेत्र में अवैध रूप से टैंकर खड़े किए जाने की समस्या उठाई गई। इस पर मंडलायुक्त ने कड़ा रुख अपनाते हुए निर्देश दिया कि सड़क किनारे या औद्योगिक क्षेत्र में अवैध तरीके से टैंकर खड़ा करने वालों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया जाए। उन्होंने कहा कि टैंकरों के खड़े रहने से उद्योगों की बड़ी मालवाहक गाड़ियों के आवागमन में गंभीर दिक्कतें उत्पन्न होती हैं, जिससे औद्योगिक गतिविधियां प्रभावित होती हैं।
मंडलायुक्त ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि उद्योग बंधुओं को किसी प्रकार की असुविधा न हो, इसके लिए नियमित निगरानी एवं प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। साथ ही औद्योगिक क्षेत्र की अन्य समस्याओं एवं व्यवस्थाओं पर भी चर्चा करते हुए उनके शीघ्र समाधान के निर्देश दिए गए।
बैठक में गीडा के मुख्य कार्यपालक अधिकारी (सीईओ) अनुज मलिक सहित संबंधित विभागों के अधिकारी एवं उद्योग बंधु उपस्थित रहे।

February 26, 2026

भारी मात्रा में फफूंद लगी मिठाई नष्ट, खाद्य विभाग की छापेमारी में कई प्रतिष्ठानों से लिए गए नमूने

Santosh Kumar Singh
Gorakhpur
26/02/2026

गोरखपुर। जनपद में मिलावटखोरी एवं असुरक्षित खाद्य पदार्थों की बिक्री पर अंकुश लगाने के लिए खाद्य सुरक्षा विभाग द्वारा चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत गुरुवार को विभिन्न औद्योगिक एवं व्यापारिक क्षेत्रों में सघन छापेमारी अभियान चलाया गया। सहायक आयुक्त (खाद्य)-II डॉ. सुधीर कुमार सिंह के निर्देशन में की गई इस कार्रवाई के दौरान भारी मात्रा में दूषित खाद्य सामग्री नष्ट कराई गई तथा कई प्रतिष्ठानों से नमूने संग्रहित किए गए।
खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम ने निरीक्षण के दौरान अलग-अलग प्रतिष्ठानों पर खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता की जांच की। अभियान के तहत जे.पी. ट्रेडर्स/इंडस्ट्रीज से मैदा का नमूना लिया गया। गुणवत्ता संदिग्ध पाए जाने पर कैंपियरगंज क्षेत्र में लगभग 21 हजार रुपये मूल्य का मैदा सीज किया गया।
इसी क्रम में सहजनवा क्षेत्र के भगवानपुर स्थित वैभव गृह उद्योग से ‘मोटी सेवई’ का नमूना जांच के लिए संकलित किया गया। वहीं समृद्धि इंटरप्राइजेज से कन्फेक्शनरी उत्पाद का नमूना लिया गया तथा बाजार में विक्रय के लिए उपलब्ध चाउमीन का भी नमूना गुणवत्ता परीक्षण हेतु संग्रहित किया गया।
छापेमारी के दौरान टीम को कई स्थानों पर बड़ी मात्रा में ऐसी मिठाइयां मिलीं जिनमें फफूंद लगी हुई थी तथा उनकी वैधता अवधि भी समाप्त हो चुकी थी। जनस्वास्थ्य को गंभीर खतरा मानते हुए विभागीय टीम ने लगभग 10 क्विंटल (करीब 1000 किलोग्राम) दूषित मिठाइयों को मौके पर ही नष्ट कराया। नष्ट की गई सामग्री की अनुमानित कीमत करीब दो लाख रुपये बताई गई है।
सहायक आयुक्त (खाद्य) डॉ. सुधीर कुमार सिंह ने बताया कि अभियान के दौरान लिए गए सभी नमूनों को परीक्षण के लिए प्रयोगशाला भेजा जा रहा है। जांच रिपोर्ट प्राप्त होने के बाद संबंधित प्रतिष्ठानों के विरुद्ध खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम, 2006 के तहत कठोर विधिक कार्रवाई की जाएगी।
उन्होंने कहा कि आमजन के स्वास्थ्य के साथ किसी प्रकार का खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं किया जाएगा तथा खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए जिले में ऐसे अभियान निरंतर जारी रहेगा।

माध्यमिक शिक्षकों का डीएम कार्यालय पर धरना-प्रदर्शन, विभिन्न मांगों को लेकर सौंपा ज्ञापन

Santosh Kumar Singh
Gorakhpur
26/02/2026

टीईटी से मुक्ति, पुरानी पेंशन बहाली और स्थानांतरण नीति लागू करने की उठाई मांग*

Gorakhpur: Secondary teachers stage dharna at DM office, submit memorandum with various demands

गोरखपुर। उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षक संघ के तत्वावधान में गुरुवार को जिलाध्यक्ष राजेश धर दुबे के नेतृत्व में शिक्षकों ने कलेक्ट्रेट स्थित पर्यटन भवन परिसर में धरना-प्रदर्शन किया। इस दौरान बड़ी संख्या में शिक्षकों ने अपनी लंबित समस्याओं एवं मांगों को लेकर आवाज बुलंद करते हुए जिला प्रशासन के माध्यम से मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन जिलाधिकारी को सौंपा।
धरना-प्रदर्शन के दौरान वक्ताओं ने कहा कि प्रदेश के माध्यमिक शिक्षकों की कई महत्वपूर्ण समस्याएं लंबे समय से लंबित हैं, जिनका समाधान अब तक नहीं किया गया है। शिक्षकों ने विशेष रूप से वर्ष 2010 से पूर्व नियुक्त शिक्षकों को टीईटी परीक्षा से पूर्ण रूप से मुक्त किए जाने की मांग उठाई। उनका कहना था कि नियुक्ति के समय लागू नियमों के आधार पर कार्यरत शिक्षकों पर बाद में नई शर्तें लागू करना न्यायसंगत नहीं है।
संघ के जिलाध्यक्ष राजेश धर दुबे ने कहा कि शिक्षकों की सबसे प्रमुख मांग पुरानी पेंशन योजना की बहाली है। नई पेंशन योजना से शिक्षकों का भविष्य असुरक्षित हो गया है, जिससे उनमें व्यापक असंतोष व्याप्त है। उन्होंने सरकार से शिक्षकों के हित में पुरानी पेंशन व्यवस्था पुनः लागू करने की मांग की।
इसके अलावा शिक्षकों ने स्थानांतरण एवं समायोजन के लिए प्रदेश स्तर पर एक समान एवं पारदर्शी नीति लागू किए जाने की भी मांग की। शिक्षकों का कहना था कि स्पष्ट नीति के अभाव में कई शिक्षकों को वर्षों तक असुविधाजनक स्थानों पर कार्य करना पड़ रहा है।
धरना-प्रदर्शन के दौरान शिक्षकों ने गैर-शैक्षणिक कार्यों से मुक्ति दिलाने की मांग भी प्रमुखता से उठाई। उन्होंने कहा कि बीएलओ ड्यूटी सहित अन्य प्रशासनिक कार्यों में शिक्षकों की लगातार तैनाती से शिक्षण कार्य प्रभावित होता है, जिससे छात्रों की पढ़ाई पर भी प्रतिकूल असर पड़ता है।
प्रदर्शनकारियों ने चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगों पर शीघ्र सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया तो प्रदेश स्तर पर व्यापक आंदोलन किया जाएगा।
कार्यक्रम के अंत में प्रतिनिधिमंडल ने जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपते हुए सरकार तक शिक्षकों की समस्याएं पहुंचाने की मांग की। इस दौरान संघ के पदाधिकारी एवं जनपद के विभिन्न विद्यालयों से आए बड़ी संख्या में शिक्षक उपस्थित रहे।

फर्जी दस्तावेजों के जरिए करोड़ों की ठगी करने वाली महिला गिरफ्तार*

Santosh Kumar Singh
Gorakhpur
26/02/2026

फूड कोर्ट खोलने के नाम पर 1.58 करोड़ रुपये गबन करने का आरोप*

गोरखपुर। कूटरचित दस्तावेजों के माध्यम से धोखाधड़ी कर करोड़ों रुपये की ठगी करने के मामले में रामगढ़ताल थाना पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए एक महिला अभियुक्ता को गिरफ्तार किया है। आरोपी पर फूड कोर्ट संचालित कराने के नाम पर निवेश दिलाने का झांसा देकर लाखों नहीं बल्कि करोड़ों रुपये हड़पने का आरोप है।
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक गोरखपुर द्वारा अपराध एवं आर्थिक धोखाधड़ी से जुड़े मामलों पर प्रभावी कार्रवाई के लिए चलाए जा रहे अभियान के तहत यह गिरफ्तारी की गई। पुलिस अधीक्षक नगर के मार्गदर्शन एवं क्षेत्राधिकारी कैण्ट के पर्यवेक्षण में रामगढ़ताल थाना पुलिस ने मुकदमा संख्या 0846/2025 से संबंधित अभियुक्ता को गिरफ्तार किया।
पुलिस के अनुसार गिरफ्तार अभियुक्ता की पहचान काजल निलेश कुमार दवे पुत्री निलेश कुमार दवे निवासी गणपति मंदिर रोड, थाना नन्दुरबार, जनपद नन्दुरबार (महाराष्ट्र) के रूप में हुई है।
मामले में प्राप्त तहरीर के अनुसार अभियुक्ता एवं उसके सहयोगियों द्वारा फूड कोर्ट शुरू कराने के नाम पर आवेदक को निवेश के लिए प्रेरित किया गया। इस दौरान विश्वास में लेकर फर्जी एवं कूटरचित दस्तावेज तैयार किए गए और योजनाबद्ध तरीके से धोखाधड़ी कर कुल 1 करोड़ 58 लाख 4 हजार 114 रुपये की धनराशि गबन कर ली गई।
पीड़ित को जब ठगी का एहसास हुआ तो उसने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई, जिसके आधार पर थाना रामगढ़ताल में भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की विभिन्न धाराओं 319(2), 318(4), 338, 336(3), 340(2) एवं 61(2) के तहत मुकदमा पंजीकृत किया गया।
पुलिस द्वारा विवेचना के दौरान साक्ष्य संकलित करते हुए अभियुक्ता की तलाश की जा रही थी। इसी क्रम में उसे गिरफ्तार कर लिया गया। पुलिस ने बताया कि मामले में अन्य संभावित आरोपियों की भूमिका की भी जांच की जा रही है तथा आर्थिक लेनदेन से जुड़े तथ्यों को खंगाला जा रहा है।
गिरफ्तार अभियुक्ता के विरुद्ध अग्रिम विधिक कार्रवाई की जा रही है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि आर्थिक अपराधों में संलिप्त किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा और पीड़ितों को न्याय दिलाने के लिए सख्त कार्रवाई जारी।

नगर निगम की 17वीं बोर्ड बैठक में 1878 करोड़ रुपये के बजट को मंजूरी*

Santosh Kumar Singh
Gorakhpur
26/02/2026

*पार्षद निधि एक करोड़ करने की मांग को लेकर हंगामा, बढ़ोतरी के आश्वासन पर शांत हुआ सदन*

गोरखपुर। गोरखपुर नगर निगम की 17वीं बोर्ड बैठक गुरुवार को महापौर डॉ. मंगलेश कुमार श्रीवास्तव की अध्यक्षता में आयोजित हुई, जिसमें नगर निगम के वर्षिक बजट सहित शहर के विकास से जुड़े कई महत्वपूर्ण प्रस्तावों पर चर्चा की गई। लंबी बहस और हंगामे के बीच सदन ने 1878 करोड़ रुपये की अनुमानित आय वाले बजट को मंजूरी प्रदान कर दी।
बैठक की शुरुआत से ही पार्षदों ने अपनी वरीयता निधि को बढ़ाकर एक करोड़ रुपये किए जाने की मांग को लेकर जोरदार विरोध प्रदर्शन किया। पार्षदों का कहना था कि वर्तमान निधि से वार्डों में विकास कार्यों को प्रभावी ढंग से पूरा करना संभव नहीं हो पा रहा है। काफी देर तक चली बहस और नारेबाजी के कारण सदन का माहौल गर्म बना रहा।
बैठक के दौरान देर से पहुंचे ग्रामीण विधायक विपिन सिंह की मौजूदगी में पार्षदों ने अपना मासिक भत्ता बढ़ाने की मांग भी उठाई। इसके साथ ही पार्षदों ने भवन निर्माण के नक्शे पास करने का अधिकार नगर निगम को दिए जाने की मांग रखते हुए कहा कि इससे आम जनता को राहत मिलेगी और अनावश्यक प्रशासनिक जटिलताएं कम होंगी।
सदन में विरासत गलियारा परियोजना में हो रही देरी का मुद्दा भी प्रमुखता से उठा। पार्षदों ने कहा कि निर्माण कार्य लंबित रहने से स्थानीय व्यापारियों को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है, इसलिए कार्य में तेजी लाई जाए।
वार्ड संख्या 72 के पार्षद देवेंद्र गौंड ने शायराना अंदाज में अपनी बात रखते हुए कहा, “जो तुमको हो पसंद वही बात करेंगे, तुम दिन को अगर रात कहो, रात कहेंगे,” जिस पर सदन में कुछ देर के लिए हल्का माहौल भी देखने को मिला।
बैठक में शहर की आधारभूत सुविधाओं को मजबूत करने, सड़कों की मरम्मत, स्ट्रीट लाइट व्यवस्था सुधारने, सफाई व्यवस्था को बेहतर बनाने तथा पेयजल आपूर्ति को सुचारू रखने जैसे मुद्दों पर विस्तार से चर्चा की गई।
नगर आयुक्त गौरव सिंह सोगरवाल ने पार्षदों की मांगों पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि पार्षद वरीयता निधि को 65 लाख रुपये तक बढ़ाने पर विचार किया जा रहा है। साथ ही उन्होंने प्रस्ताव रखा कि यदि गोरखपुर नगर निगम आगामी स्वच्छ सर्वेक्षण में देश में प्रथम स्थान प्राप्त करता है तो सभी पार्षदों को 50 लाख रुपये अतिरिक्त निधि प्रदान की जाएगी।
हालांकि इस प्रस्ताव से असंतुष्ट पार्षदों ने पुनः हंगामा शुरू कर दिया। इसके बाद नगर आयुक्त ने संशोधित प्रस्ताव देते हुए पार्षद निधि को 70 लाख रुपये किए जाने तथा स्वच्छ सर्वेक्षण में प्रथम स्थान प्राप्त होने पर 30 लाख रुपये अतिरिक्त देने की घोषणा की, जिसके बाद सदन का माहौल शांत हुआ।
बैठक में नगर आयुक्त गौरव सिंह सोगरवाल, अपर नगर आयुक्त दुर्गेश मिश्रा, ग्रामीण विधायक विपिन सिंह सहित नगर निगम के सभी विभागाध्यक्ष एवं पार्षद उपस्थित रहे। नगर निगम प्रशासन ने सभी जनप्रतिनिधियों से शहर के समग्र विकास के लिए सक्रिय सहयोग की अपील भी की।

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