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योगी आदित्यनाथ ने शिवरात्रि पर किया रुद्राभिषेक

February 15, 2026

योगी आदित्यनाथ ने शिवरात्रि पर किया रुद्राभिषेक

संतोष कुमार सिंह
गोरखपुर, रविवार 15 फरवरी महाशिवरात्रि के अवसर पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने आज गोरखनाथ मंदिर में विधिवत पूजा-अर्चना के साथ रुद्राभिषेक किया और लोक कल्याण की कामना की। इससे पहले 14 फरवरी को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ शहर में स्थित दो प्रमुख शिवालयों मुक्तेश्वरनाथ और झारखंडी महादेव मंदिर में पूजा अर्चना किया।

February 12, 2026

Gorakhpur नवोदय विद्यालय के शिक्षक की मौत पर हंगामा जारी.. 

लगातार दो दिनों तक छात्र-छात्राओं ने भोजन न कर किया विरोध.. प्रिंसिपल पर है आरोप 
Posted on 12.02.2026 Time 06.39 PM, Thursday, Gorakhpur, Santosh Kumar Singh 
Navodaya Vidyalaya PP Ganj Gorakhpur

नवोदय विद्यालय भवन

गोरखपुर, 12 फरवरी 2026, पीपीगंज थाना क्षेत्र में स्थित पीएम श्री जवाहर नवोदय विद्यालय मैं टीचर की मौत का मामला अभी शांत नहीं हुआ है। मंगलवार और बुधवार को छात्र_ छात्राओं ने जमकर  हंगामा किया और भोजन करने से इनकार कर दिया। इसके साथ ही वह हाथों में नारे लिखी तख्तियां लेकर धरने पर बैठे रहे। अधिकारियों और शिक्षकों के काफी समझाने के बाद भी उनका आक्रोश शांत नहीं हुआ उनका कहना था कि हमें अपने टीचर के लिए न्याय चाहिए।
पीपीगंज थाना क्षेत्र में स्थित पीएम श्री जवाहर नवोदय विद्यालय के कंप्यूटर साइंस के शिक्षक अभय प्रताप सिंह की सड़क हादसे में मौत हो जाने के बाद, छात्र-छात्राओं में आक्रोश का माहौल है। उनका कहना है कि शिक्षक की मौत, प्रिंसिपल साहब के तानाशाही रवैये की वजह से हुई। मंगलवार और बुधवार को छात्र-छात्राओं ने हाथों में तख्तियां लेकर प्रदर्शन किया और भोजन करने से इनकार कर दिया। जैसे ही इसकी सूचना आला अधिकारियों को हुई तो  मौके पर एसडीम, प्रिंसिपल उप प्रिंसिपल, क्षेत्राधिकारी सहित एसएचओ पीपीगंज पहुंचे और छात्र-छात्राओं को काफी मशक्कत के बाद समझाया और उन्हें भोजन कराया। बता दें कि नवोदय विद्यालय में परीक्षायें चल रही हैं, बताया जा रहा है कि कुछ छात्रों ने उत्तर पुस्तिका को बगैर कुछ लिखे ही जमा कर दिया। मंगलवार और बुधवार के हंगामें के बाद गुरुवार को माहौल सामान्य देखा गया है।
दरअसल 7 फरवरी को बस्ती से स्कूल आते वक्त नवोदय विद्यालय के कंप्यूटर साइंस टीचर अभय प्रताप सिंह की सड़क हादसे में मौत हो गई। परिजनों सहित स्कूल के छात्रा_ छात्राओं और कुछ टीचरों का आरोप था कि उनकी मौत के पीछे की वजह स्कूल के प्रधानाचार्य संजीव कुमार सक्सेना है। जिनके तानाशाही रवैया की वजह से शिक्षक की मौत हुई है। मिली जानकारी के मुताबिक अभय सिंह 3 वर्ष पहले लखनऊ से स्थानांतरित होकर अपने होम डिस्ट्रिक्ट बस्ती के नजदीक पीपीगंज नवोदय विद्यालय में तैनात हुए थे और कक्षा 11 और 12 के छात्रों को कंप्यूटर साइंस पढ़ाते थे। मंगलवार और बुधवार को छात्रों ने लगातार विरोध प्रदर्शन किया। इस दौरान उन्होंने हाथों में तख्तियां ले रखी थीं, जिन पर लिखा था प्रिंसिपल तेरी तानाशाही ने ले ली एक जान, प्रिंसिपल के तानाशाही रवैए के कारण हमें पढ़ाने वाले शिक्षक चले गए, “प्रिंसिपल हत्यारा है, उसने हमारे अभय सर को मारा है”। इस दौरान कई छात्रों ने भोजन करने से भी इंकार कर दिया, मौके पर पहुंचे एसडीम, सीओ और एसएचओ ने उन्हें समझाने की कोशिश की लेकिन वह मानने को तैयार नहीं थे, उनका कहना था कि प्रिंसिपल के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए, इस दौरान जिलाधिकारी दीपक मीणा ने भी छात्रों से बात की तब जाकर कहीं छात्र आश्वस्त हुए और उन्होंने भोजन किया। गुरुवार को  दोपहर तक किसी भी प्रकार के हंगामें की सूचना नहीं है।
मृतक की पत्नी मंधूलिका सिंह ने विद्यालय समिति के आयुक्त को पत्र लिखकर आरोप लगाया गया है कि हमारे घर में मांगलिक कार्यक्रम था। इसके लिए मेरे पति ने तीन दिनों का अवकाश मांगा था ,लेकिन प्रिंसिपल इसके लिए तैयार नहीं थे, और उन्होंने बड़ी मुश्किल से दो दिनों का अवकाश स्वीकृत किया था। उनका कहना था कि स्कूल में परीक्षाएं चल रही हैं, मैं अवकाश नहीं दे सकता, 6 तारीख को उन्होंने फोन कर पति से कहा कि आप सुबह स्कूल पहुंच जाइए अन्यथा मैं आपकी नौकरी खा जाऊंगा, जबकि स्कूल में कुल 30 टीचर है। इसी दवाब में पति सुबह 5:00 बजे ही घर से निकल गए थे। प्रिंसिपल साहब  का रवैया शुरू से ही तानाशाही रहा है, वह कई बार पति को मेमो देकर दवाब बना चुके हैं। उन्होंने इस पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच करा कर दोषियों पर कड़ी कार्रवाई करने की मांग की है।
वहीं इस बारे में उप प्रधानाचार्य डॉक्टर बृजभूषण पांडे का कहना है कि विद्यालय का माहौल सामान्य हो रहा है। छात्र-छात्राओं के भोजन न करने का दावा निराधार है। प्रशासन ने पूरे प्रकरण की जांच कर उचित कार्रवाई का आश्वासन दिया है। वही इस बारे में स्कूल के प्रधानाचार्य संजीव कुमार सक्सेना ने बताया कि अभय सिंह ने ट्रांसफर ड्राइव भरा था, लेकिन किस जिले के लिए, उन्हें यह याद नहीं है। व्यवहार सुधार के लिए मेमो जारी किया गया था।

February 11, 2026

Gorakhpur डीजे को लेकर विवाद में युवक की मौत, गांव में पसरा मातम

UP Web News

यूपी वेब न्यूज

तीन नामजद समेत पांच पर मुकदमा, दो हिरासत में; फरार आरोपियों की तलाश तेज
Posted on 11.02.2026 Wednesday, Time 08.50 PM Wednesday, Gorakhpur News, Santosh Kumar Singh 
गोरखपुर, 11 फरवरी। सिकरीगंज थाना क्षेत्र के ग्राम हरिजनपुर में शादी समारोह के दौरान डीजे बजाने को लेकर शुरू हुआ विवाद खूनी झड़प में बदल गया। मारपीट में गंभीर रूप से घायल मुनीब चौहान की इलाज के दौरान मौत हो गई। घटना के बाद गांव में मातम के साथ तनाव का माहौल बना हुआ है। एहतियातन पुलिस बल तैनात कर शांति व्यवस्था कायम रखने की कोशिश की जा रही है।
मिली जानकारी के अनुसार 10 फरवरी की रात गांव में बालचंद के घर शादी समारोह चल रहा था। कार्यक्रम के दौरान डीजे बजाने और आवाज को लेकर कुछ लोगों के बीच कहासुनी शुरू हुई। प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि मामूली विवाद ने अचानक उग्र रूप ले लिया और दोनों पक्षों के बीच मारपीट होने लगी। इसी दौरान मुनीब चौहान को गंभीर चोटें आईं और वह मौके पर ही बेहोश हो गए।
परिजन और ग्रामीण आनन-फानन में उन्हें अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां डॉक्टरों ने हालत नाजुक देखते हुए इलाज शुरू किया। काफी प्रयास के बावजूद मुनीब की जान नहीं बचाई जा सकी। युवक की मौत की खबर मिलते ही परिवार में कोहराम मच गया। शादी की खुशियां पल भर में मातम में बदल गईं।
घटना की सूचना मिलते ही सिकरीगंज पुलिस मौके पर पहुंची और हालात का जायजा लिया। मृतक की बहन सरोज देवी की तहरीर पर पुलिस ने तीन नामजद समेत कुल पांच लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए दो आरोपियों को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है, जबकि अन्य की तलाश में संभावित ठिकानों पर दबिश दी जा रही है।
ग्रामीणों का कहना है कि डीजे को लेकर पहले भी गांव में कई बार विवाद हो चुका है, लेकिन इस बार मामला जानलेवा साबित हुआ। घटना के बाद से गांव में दहशत का माहौल है और लोग स्तब्ध हैं कि मामूली कहासुनी ने एक परिवार से उसका सहारा छीन लिया।
पुलिस अधीक्षक दक्षिणी गोरखपुर दिनेश कुमार ने बताया कि प्रकरण में सुसंगत धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। दो लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है और शेष आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए टीमें गठित कर दी गई हैं। उन्होंने कहा कि किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा और जल्द ही सभी को गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
एहतियात के तौर पर गांव में पुलिस की मौजूदगी बढ़ा दी गई है ताकि किसी तरह की अफवाह या तनाव की स्थिति न उत्पन्न हो। पुलिस अधिकारियों ने लोगों से शांति बनाए रखने और कानून व्यवस्था में सहयोग की अपील की है।
फिलहाल पूरे गांव की निगाहें पुलिस कार्रवाई पर टिकी हैं, वहीं परिजन आरोपियों की जल्द गिरफ्तारी और कड़ी सजा की मांग कर रहे हैं।

January 16, 2026

खेल कूद गतिविधियों को दिनचर्या का हिस्सा बनाएं: योगी आदित्यनाथ

लखनऊ , 16 जनवरी, 2026 मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ  ने कहा कि वर्तमान में खेल और उससे जुड़ी गतिविधियां हमारे जीवन का महत्वपूर्ण आयाम बन चुकी हैं। भारत की प्राचीन परम्परा ने खेलकूद की गतिविधियों को सदैव महत्व दिया है। खेलकूद की गतिविधियांं को केवल औपचारिकता न समझें, बल्कि अपनी दिनचर्या का हिस्सा बनाएं। यहां आयोजित पूर्वी क्षेत्र अन्तर विश्वविद्यालय बास्केटबॉल (महिला) प्रतियोगिता देश की बेटियों के उमंग और उत्साह के साथ जीवन के प्रत्येक क्षेत्र में बेहतरीन प्रदर्शन करने के लिए प्रेरित करेगी।

मुख्यमंत्री जी आज दीनदयाल उपाध्याय विश्वविद्यालय, गोरखपुर में पूर्वी क्षेत्र अन्तर विश्वविद्यालय बास्केटबॉल (महिला) प्रतियोगिता 2025-26 का उद्घाटन करने के पश्चात आयोजित कार्यक्रम में अपने विचार व्यक्त कर रहे थे। इस अवसर पर उन्होंने दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय एवं शहीद नन्द कुमार पटेल विश्वविद्यालय, रायगढ़ के बीच हुए मैच का अवलोकन तथा विश्वविद्यालय की खेल पत्रिका का विमोचन किया। मुख्यमंत्री ने गोरखपुर में पूर्वी क्षेत्र अन्तर विश्वविद्यालय बास्केटबॉल (महिला) प्रतियोगिता 2025-26 के आयोजन के लिए केन्द्रीय शिक्षा मंत्रालय के प्रति आभार प्रकट किया। ज्ञातव्य है कि पांच दिवसीय इस प्रतियोगिता में 14 राज्यों के 31 विश्वविद्यालयों की टीमें प्रतिभाग कर रही हैं।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी ने वर्ष 2014 के बाद देश में नई खेल संस्कृति विकसित की है। उन्होंने ‘खेलो इण्डिया‘ तथा ‘फिट इण्डिया मूवमेण्ट‘ के माध्यम से देशवासियों को स्वस्थ शरीर से सशक्त राष्ट्र के निर्माण की आधारशिला तैयार करने की प्रेरणा प्रदान की। सांसद खेलकूद प्रतियोगिताओं के माध्यम से गांव-गांव तक खेल भावना का प्रसार करने के लिए प्रोत्साहित किया। भारतीय ऋषि परम्परा उद्घोष करती है कि ‘शरीरमाद्यं खलु धर्मसाधनम्‘ अर्थात् जीवन के जितने भी साधन है, वह सभी स्वस्थ शरीर से ही सम्भव हैं। शरीर स्वस्थ तभी होगा, जब व्यक्ति नियम, संयम और अनुशासन का पालन करेगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि आज अनेक परिवारों ने खेलकूद को अपने जीवन का हिस्सा बनाया है। अभिभावक बच्चों को पढ़ाई-लिखाई के साथ-साथ खेल के लिए भी प्रोत्साहित करते हैं तथा उस प्रकार की सुविधाएं उपलब्ध कराते हैं। अभिभावकों की इस प्रतिबद्धता को देखते हुए प्रदेश सरकार बड़े पैमाने पर खेल सम्बन्धित इन्फ्रास्ट्रक्चर को आगे बढ़ा रही है। प्रत्येक ग्राम पंचायत में खेल का मैदान, ग्राम पंचायत व नगर निकाय में ओपन जिम, ब्लॉक स्तर पर मिनी स्टेडियम तथा जनपद स्तर पर स्टेडियम के निर्माण का कार्य युद्ध स्तर पर चल रहा है।
मुख्यमंत्री  ने कहा कि अब ओलम्पिक, कॉमनवेल्थ, एशियाड तथा वर्ल्ड चैम्पियनशिप में मेडल प्राप्त करने वाले खिलाड़ियों को भारत सरकार के साथ विभिन्न राज्य सरकारें भी पुरस्कृत करती हैं। राज्य सरकार द्वारा अन्तरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं-ओलम्पिक गेम्स, कॉमनवेल्थ गेम्स, विश्वकप, एशियन गेम्स एवं सैफ गेम्स में पदक विजेता खिलाड़ियों के प्रोत्साहन हेतु पुरस्कृत करने की व्यवस्था है। ओलम्पिक गेम्स (एकल वर्ग) में स्वर्ण पदक पर 06 करोड़ रुपये, रजत पदक पर 04 करोड़ रुपये तथा कांस्य पदक जीतने पर 02 करोड़ रुपये का पुरस्कार दिया जाता है। ओलम्पिक गेम्स (टीम गेम्स) में स्वर्ण पदक पर 03 करोड़ रुपये, रजत पदक पर 02 करोड़ रुपये तथा कांस्य पदक जीतने पर 01 करोड़ रुपये का पुरस्कार दिया जाता है।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि एशियन गेम्स में स्वर्ण पदक पर 03 करोड़ रुपये, रजत पदक पर 1.50 करोड़ रुपये तथा कांस्य पदक जीतने पर 75 लाख रुपये का पुरस्कार दिया जाता है। कॉमनवेल्थ गेम्स में स्वर्ण पदक पर 1.50 करोड़ रुपये, रजत पदक पर 75 लाख रुपये तथा कांस्य पदक जीतने पर 50 लाख रुपये का पुरस्कार दिया जाता है। विश्वकप में स्वर्ण पदक पर 1.50 करोड़ रुपये, रजत पदक पर 75 लाख रुपये तथा कांस्य पदक जीतने पर 50 लाख रुपये का पुरस्कार दिया जाता है। सैफ गेम्स (एकल वर्ग) स्वर्ण पदक पर 06 लाख रुपये, रजत पदक पर 04 लाख रुपये तथा कांस्य पदक जीतने पर 02 लाख रुपये का पुरस्कार दिया जाता है।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि सैफ गेम्स (टीम गेम्स) में स्वर्ण पदक पर 02 लाख रुपये, रजत पदक पर 01 लाख रुपये तथा कांस्य पदक जीतने पर 50 हजार रुपये का पुरस्कार दिया जाता है। ओलम्पिक गेम्स में प्रदेश के खिलाड़ियों के प्रतिभाग किए जाने पर प्रोत्साहन स्वरूप 10-10 लाख रुपये तथा कॉमनवेल्थ गेम्स, एशियन गेम्स एवं विश्वकप में प्रतिभाग करने वाले प्रदेश के खिलाड़ियों को 05-05 लाख रुपये का पुरस्कार प्रदान कर सम्मानित किये जाने की व्यवस्था है।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि प्रदेश में अब तक ओलम्पिक, कॉमनवेल्थ, एशियाड तथा वर्ल्ड चैम्पियनशिप में मेडल प्राप्त करने वाले 500 से अधिक खिलाड़ियों को डिप्टी एस0पी0, नायब तहसीलदार, क्षेत्रीय क्रीड़ा अधिकारी आदि पदों पर नियुक्त किया गया है। आने वाले समय में जो युवा इन प्रतियोगिताओं में मेडल प्राप्त करेंगे, उन्हें भी इस कार्यवाही के साथ जोड़ा जाएगा। प्रदेश में गाँवों में खेल संस्कृति को बढ़ावा देने के उद्देश्य से 96,000 युवक एवं महिला मंगल दलों को स्पोर्ट्स किट उपलब्ध करायी गई है। किसी भी अन्तरराष्ट्रीय प्रतियोगिता में मेडल जीत कर लाने वाली टीम के साथ प्रधानमंत्री जी स्वयं इण्टरेक्शन करते हैं। जब कोई भारतीय टीम प्रतिभाग करने जाती है, तो उसे प्रधानमंत्री जी के माध्यम से हर प्रकार का प्रोत्साहन प्राप्त होता है।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि देश के अहमदाबाद शहर में वर्ष 2030 में कॉमनवेल्थ गेम्स का आयोजन होगा। इस आयोजन के लिए प्रत्येक राज्य के महाविद्यालयों, विश्वविद्यालयों आदि की टीमों को स्वयं को अभी से तैयार करना होगा। जो आज से खेल में आगे बढ़ेगा, वह वर्ष 2030 के कॉमनवेल्थ गेम्स के लिए क्वालीफाई करेगा और मेडल जीतेगा। प्रधानमंत्री जी के नेतृत्व में यह प्रयास चल रहा है कि वर्ष 2036 का ओलम्पिक भारत में आयोजित हो और उसमें देश अधिकाधिक मेडल प्राप्त करे।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय ने विगत दिनों देश में आयोजित अनेक इण्टर यूनिवर्सिटी खेल प्रतियोगिताओं में प्रतिभाग कर मेडल प्राप्त किए हैं। सभी विश्वविद्यालय व महाविद्यालय कम से कम एक खेल को गोद लेकर अच्छे खिलाड़ियों को तराशने का काम करें। स्वस्थ प्रतिस्पर्धा आगे बढ़ाएं। स्वस्थ प्रतिस्पर्धाएं हमें जीवन के प्रति भी अनुशासित बनाएगी तथा खेल भावना को और अधिक सुदृढ़ करेंगी। यदि हमारा युवा खेलकूद की गतिविधियों में आगे बढ़ेगा तो नशे से दूर तथा विकृतियों से बचा रहेगा। तभी हम विकसित भारत/2047 के लक्ष्य की प्राप्ति कर पाएंगे। प्रदेश सरकार ने इस दिशा में प्रयास प्रारम्भ करते हुए मेरठ में स्पोर्ट्स यूनिवर्सिटी का निर्माण किया है। ‘वन डिस्ट्रिक्ट वन प्रोडक्ट‘ योजना के अन्तर्गत मेरठ में निर्मित खेल सामग्रियों की देश व दुनिया में मांग बढ़ी है।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि शिवावतार महायोगी गुरु गोरखनाथ जी की तपोस्थली गोरखपुर, देश की आध्यात्मिक, सांस्कृतिक और ऐतिहासिक पृष्ठभूमि वाला महानगर है। यह जनपद देश की अनेक महत्वपूर्ण घटनाओं का साक्षी रहा है। यहां स्थित गीता प्रेस विगत 100 वर्षों से भारत के वैदिक साहित्य को वैश्विक मानचित्र पर प्रस्तुत करने का कार्य कर रहा है।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि भारत के स्वतन्त्रता आन्दोलन को नई ऊँचाई तक पहुंचाने वाले महान क्रांतिकारी पंडित राम प्रसाद बिस्मिल तथा शहीद बंधू सिंह इस धरती से किसी न किसी रूप में जुड़े रहे हैं। आजादी के आन्दोलन में विदेशी हुकूमत की चूलों को हिलाने वाली चौरीचौरा घटना का सम्बन्ध इसी जनपद से है। गोरखपुर हिन्दी साहित्य के महान उपन्यासकार मुंशी प्रेमचंद की कर्मस्थली रही है। इस पावन धरा पर स्थित पं0 दीनदयाल उपाध्याय विश्वविद्यालय प्रदेश की उच्चतम शिक्षा का एक महत्वपूर्ण केन्द्र है।
इस अवसर पर विधायक श्री महेन्द्र पाल सिंह, श्री विपिन सिंह, श्री प्रदीप शुक्ला, श्री राजेश त्रिपाठी, श्री फतेह बहादुर सिंह, इं0 श्रवण कुमार निषाद, विधान परिषद सदस्य श्री धर्मेन्द्र सिंह, श्री ध्रुव कुमार त्रिपाठी, गोरखपुर के महापौर डॉ0 मंगलेश श्रीवास्तव, दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय की कुलपति श्रीमती पूनम टण्डन सहित अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे।

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January 15, 2026

Gorakhpur खिचड़ी महापर्व : गोरखनाथ मंदिर में उमड़ा आस्था का सैलाब

Khichdi Parv Makar Sankranti Gorakhpur

खिचड़ी पर्व पर गोरक्ष मंदिर गोरखपुर में उमड़ा आस्था का सैलाब

बाबा का खप्पर भरने को श्रद्धा की अंजुरी में आस्था की खिचड़ी लेकर उमड़े लाखों श्रद्धालु

सबसे पहले सीएम योगी ने महायोगी गोरखनाथ जी को चढ़ाई आस्था की पवित्र खिचड़ी

मकर संक्रांति पर श्रीनाथ जी का विधिविधान से पूजन कर गोरक्षपीठाधीश्वर ने की प्रदेशवासियों के सुखमय जीवन की कामना

सभी व्यवस्थाओं पर खुद नजर बनाए रहे मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ

गोरखपुर, 15 जनवरी 2016, मकर संक्रांति के पावन पर्व पर गोरक्षपीठाधीश्वर एवं मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गुरुवार ब्रह्म मुहूर्त में चार बजे शिवावतार महायोगी गुरु गोरखनाथ को नाथपंथ की विशिष्ट परंपरा के अनुसार आस्था की पवित्र खिचड़ी चढ़ाई और लोकमंगल की कामना की। सीएम योगी के बाद नाथ योगियों, साधु संतों ने भी बाबा गोरखनाथ को खिचड़ी चढ़ाकर पूजा अर्चना की। इसके साथ मंदिर के गर्भगृह कपाट को आमजन के लिए खोल दिया गया। खिचड़ी चढ़ाने के लिए मंदिर में आस्था का सैलाब नजर आया। गोरखनाथ मंदिर में लाखों की संख्या में श्रद्धालु महायोगी गोरखनाथ को खिचड़ी चढ़ाने के लिए पहुंचे। लोक मान्यता के अनुसार त्रेतायुग से बाबा गोरखनाथ का खप्पर भरने की परंपरा का अनुसरण करते हुए श्रद्धा की अंजुरी में आस्था की खिचड़ी लेकर श्रद्धालु नतमस्तक रहे। महायोगी गोरखनाथ को नेपाल राजपरिवार की तरफ से भेजी गई खिचड़ी भी श्रद्धापूर्वक अर्पित की गई। खिचड़ी चढ़ाने के बाद श्रद्धालुओं ने मंदिर परिसर में लगे विशाल मेले का भ्रमण कर आनंद उठाया। मनोरंजन के साथ जरूरी वस्तुओं की जमकर खरीदारी की।

मकर संक्रांति पर गुरुवार को भोर में गोरक्षपीठाधीश्वर योगी आदित्यनाथ ने नाथपंथ की परंपरा के अनुसार गोरखनाथ मंदिर के गर्भगृह में जमीन पर बैठ कर, सीटी बजाकर गुरु गोरखनाथ को प्रणाम कर आदेश लिया। फिर विधिविधान से पूजन कर गोरक्षपीठ की ओर से श्रीनाथ जी को खिचड़ी (चावल, दाल, तिल, सब्जी, हल्दी, नमक आदि) चढ़ाई। इसके बाद उन्होंने मुख्य मंदिर में स्थापित अन्य देव विग्रहों की पूजा की। फिर योगिराज बाबा गंभीरनाथ, अपने दादागुरु महंत दिग्विजयनाथ, गुरुदेव महंत अवेद्यनाथ, नौमीनाथ व अन्य नाथ योगियों की प्रतिमाओं समक्ष शीश नवाकर खिचड़ी भोग अर्पित किया। सीएम योगी द्वारा बाबा गोरखनाथ को खिचड़ी भोग अर्पित करने के बाद सुख समृद्धि की मंगलकामना लेकर उत्तर प्रदेश, बिहार, दिल्ली समेत अन्य राज्यों और पड़ोसी देश नेपाल से आए श्रद्धालुओं ने भी कतारबद्ध होकर महायोगी गोरखनाथ को श्रद्धा की खिचड़ी चढ़ाई।

*लगातार चलता रहा खिचड़ी चढ़ाने का सिलसिला*
महायोगी गोरखनाथ को खिचड़ी चढ़ाने का सिलसिला लगातार चलता रहा। पूरे दिन भक्तों की कतार नहीं टूटी। दोपहर बाद तक गोरखनाथ मंदिर आने वाले सभी रास्तों पर श्रद्धालुओं का रेला दिख रहा था। खिचड़ी चढ़ाने के बाद श्रद्धालुओं ने मंदिर परिसर में स्थित सभी देवी देवताओं के विग्रहों का पूजन कर ब्रह्मलीन महंत बाबा गंभीरनाथ, ब्रह्मलीन महंत दिग्विजयनाथ एवं ब्रह्मलीन महंत अवेद्यनाथ की समाधि पर माथा टेक आशीर्वाद भी लिया। पूरा दिन मंदिर परिसर गुरु गोरखनाथ की जय जयकार से गूंजता रहा। इस दौरान श्रद्धालुओं की सुरक्षा व सुविधा को लेकर मंदिर व जिला प्रशासन की ओर से समुचित प्रबंध किए गए। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ खुद सभी व्यवस्थाओं पर नजर बनाए हुए थे।

*भोर में तीन बजे ही लग गई थी लंबी कतार
गोरखनाथ मंदिर का खिचड़ी मेला लोक श्रद्धाभाव के साथ सामाजिक समरसता का भी मेला है। हर वर्ग के लोग नंगे पांव कतारबद्ध होकर बारी बारी भगवान गोरखनाथ को आस्था की पवित्र खिचड़ी चढ़ा रहे थे। कोई मुठ्ठी भर श्रद्धा का चावल लेकर आ रहा था तो कोई झोली भर। पर, महायोगी के प्रति भाव सभी का एक समान था। न जाति का बंधन था, न धर्म का। बुधवार को भी लाखों श्रद्धालुओं ने खिचड़ी चढ़ाई थी। गुरुवार को यह संख्या और बढ़ गई। भोर में तीन बजे ही श्रद्धालुओं की लंबी कतार मंदिर परिसर से बाहर सड़क तक लग गई थी। अलग-अलग गेट और बैरिकेडिंग से श्रद्धालुओं की भीड़ को संभाला जा रहा था।

*मंदिर में हुआ खिचड़ी सहभोज का आयोजन*
मकर संक्रांति के पावन पर्व पर गुरुवार को गोरखनाथ मंदिर परिसर में श्रद्धा के साथ सभी श्रद्धालुओं को खिचड़ी का प्रसाद वितरित करने के लिए सहभोज का आयोजन किया गया। अमीर-गरीब, जाति, वर्ग का भेदभाव भुलाकर सबने खिचड़ी का प्रसाद ग्रहण किया। मंदिर परिसर में आमंत्रित अतिथियों के लिए भी सहभोज का आयोजन किया गया। इसमें बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधियों, प्रशासन एवं पुलिस के अधिकारियों, उद्यमियों, विभिन्न संगठनों के पदाधिकारियों एवं गण्यमान्य लोगों की सहभागिता रही।

*नेपाल में राजगुरु माने जाते हैं महायोगी गोरखनाथ : डॉ. प्रदीप राव*
नाथपंथ के अध्येता डॉ. प्रदीप कुमार राव बताते हैं कि महायोगी गुरु गोरखनाथ का नेपाल से भी गहरा संबंध है। मकर संक्रांति पर गुरु गोरखनाथ को गोरक्षपीठाधीश्वर द्वारा खिचड़ी चढ़ाए जाने के बाद नेपाल राजपरिवार की तरफ से आई खिचड़ी चढ़ाई जाती है। गुरु गोरखनाथ जी नेपाल के राजगुरु माने जाते हैं।

*त्रेतायुगीन मानी जाती है गोरखनाथ मंदिर में खिचड़ी चढ़ाने की परंपरा*
गोरखनाथ मंदिर में खिचड़ी चढ़ाने की परंपरा त्रेतायुगीन मानी जाती है। मान्यता है कि तत्समय आदियोगी गुरु गोरखनाथ एक बार हिमाचल प्रदेश के कांगड़ा जिले में स्थित मां ज्वाला देवी के दरबार में पहुंचे। मां ने उनके भोजन का प्रबंध किया। कई प्रकार के व्यंजन देख बाबा ने कहा कि वह तो योगी हैं और भिक्षा में प्राप्त चीजों को ही भोजन रूप में ग्रहण करते हैं। उन्होंने मां ज्वाला देवी से पानी गर्म करने का अनुरोध किया और स्वयं भिक्षाटन को निकल गए। भिक्षा मांगते हुए वह गोरखपुर आ पहुंचे और राप्ती और रोहिन के तट पर जंगलों में बसे इस स्थान पर धूनी रमाकर साधनालीन हो गए। उनका तेज देख लोग उनके खप्पर में अन्न (चावल, दाल आदि) दान करते रहे। इस दौरान मकर संक्रांति का पर्व आने पर यह परंपरा खिचड़ी पर्व के रूप में परिवर्तित हो गई। तब से बाबा गोरखनाथ को खिचड़ी चढ़ाने का क्रम हर मकर संक्रांति पर अहर्निश जारी है। कहा जाता है कि उधर मां ज्वाला देवी के दरबार में बाबा की खिचड़ी पकाने के लिए आज भी पानी उबल रहा है।

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