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एटा में संत निरंकारी मिशन के सैकड़ों अनुयायियों ने नहर पर श्रमदान कर गंदगी और घास-फूस हटाकर की सफाई

February 23, 2026

एटा में संत निरंकारी मिशन के सैकड़ों अनुयायियों ने नहर पर श्रमदान कर गंदगी और घास-फूस हटाकर की सफाई

 

एटा 23 फरवरी उप्रससे। शहर में आगरा रोड स्थित हजारा नहर पर संत निरंकारी मिशन द्वारा स्वच्छता अभियान चलाया गया। संत निरंकारी मिशन सेवादल के सैकड़ों महिला-पुरुष अनुयायियों ने श्रमदान कर नहर की सफाई की और लोगों को जल स्रोतों को स्वच्छ रखने का संदेश दिया।

मिशन द्वारा ‘प्रोजेक्ट अमृत’ के अंतर्गत हर वर्ष नदियों और नहरों की साफ-सफाई का अभियान चलाया जाता है। इसी क्रम में इस वर्ष भी हजारा नहर पर व्यापक सफाई कार्यक्रम आयोजित किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने भाग लिया।

हाथों में झाड़ू-फावड़ा लेकर सुबह से जुटे श्रद्धालु

प्रातःकाल से ही सेवादल के सदस्य हाथों में झाड़ू, फावड़ा और खुरपी लेकर सफाई कार्य में जुट गए। अनुयायियों ने नहर के दोनों पुलों के आसपास जमा कचरा, घास-फूस और गंदगी हटाकर पूरे क्षेत्र को साफ-सुथरा किया। अभियान के दौरान लोगों को जागरूक करते हुए बताया गया कि भारत में नदियां और नहरें आस्था से जुड़ी हैं, इसलिए इन्हें गंदा करना हमारी संस्कृति और पर्यावरण दोनों के लिए हानिकारक है। जल स्रोतों को स्वच्छ रखना समाज की सामूहिक जिम्मेदारी है।

स्थानीय लोगों से की स्वच्छता अपनाने की अपील

मिशन के सदस्यों ने एटा वासियों से अपने घर और आसपास साफ-सफाई बनाए रखने की अपील की। उन्होंने कहा कि गंदगी से बीमारियां फैलती हैं, जबकि स्वच्छ वातावरण से स्वस्थ जीवन संभव है। सेवादल पदाधिकारियों ने बताया कि यह अभियान केवल सफाई तक सीमित नहीं है, बल्कि समाज में पर्यावरण संरक्षण और स्वच्छता के प्रति स्थायी जागरूकता पैदा करना इसका उद्देश्य है। आने वाले समय में भी ऐसे कार्यक्रम निरंतर चलाए जाएंगे।

होली, रमजान और ईद को लेकर प्रशासन सतर्क

Santosh Kumar Singh
Gorakhpur
23/02/2026

  • पुलिस लाइन में डीएम व एसएसपी की सद्भावना समिति संग बैठक, सुरक्षा व व्यवस्थाओं पर दिए सख्त निर्देश*

गोरखपुर। आगामी होली, रमजान और ईद-उल-फितर के मद्देनजर गोरखपुर पुलिस लाइन सभागार में जिलाधिकारी दीपक मीणा और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. कौस्तुभ की अध्यक्षता में सद्भावना समिति, पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों की संयुक्त बैठक आयोजित की गई। बैठक का उद्देश्य त्योहारों को शांतिपूर्ण, सौहार्दपूर्ण और सुरक्षित वातावरण में सम्पन्न कराना रहा। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि 4 मार्च को होली है और उसी दिन रमजान का पंद्रहवां रोजा भी है, जबकि 13 मार्च को अलविदा की नमाज अदा की जाएगी। ऐसे में संवेदनशीलता, सतर्कता और समन्वय अत्यंत आवश्यक है।
जिलाधिकारी ने कहा कि सभी विभाग आपसी तालमेल के साथ कार्य करें और त्योहारों के दौरान किसी भी प्रकार की अव्यवस्था न होने दें। उन्होंने निर्देश दिया कि होलिका दहन स्थलों का पूर्व सत्यापन कर लिया जाए। विशेषकर जिन स्थानों पर मस्जिदों के सामने होलिका दहन होता है, वहां पर्याप्त पुलिस बल की तैनाती सुनिश्चित की जाए। उन्होंने कहा कि धार्मिक भावनाओं का सम्मान सर्वोपरि है और किसी भी प्रकार की अफवाह या उकसावे की स्थिति में तत्काल प्रभावी कार्रवाई की जाए।
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. कौस्तुभ ने होली के जुलूसों को लेकर विशेष रणनीति बनाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जिन जुलूसों में बड़ी संख्या में लोग शामिल होते हैं, वहां पर्याप्त फोर्स, ड्रोन निगरानी और सीसीटीवी मॉनिटरिंग की व्यवस्था की जाए। जिन जुलूसों में मुख्यमंत्री की सहभागिता रहती है, उन मार्गों का प्रशासनिक और पुलिस अधिकारियों द्वारा पूर्व निरीक्षण किया जाए। जुलूस समाप्त होने के बाद भी कम से कम दो घंटे तक संबंधित क्षेत्रों में पुलिस बल तैनात रहे, ताकि किसी भी प्रकार की हुड़दंग या अप्रिय घटना को रोका जा सके।
बैठक में शहर की आधारभूत सुविधाओं पर भी विस्तार से चर्चा हुई। विरासत गलियों में चल रहे निर्माण कार्यों को शीघ्र पूर्ण कराने के निर्देश दिए गए। सीओ कोतवाली कार्यालय के सामने सड़क पर निकले लोहे के रॉड को तत्काल दुरुस्त कराने के लिए संबंधित विभाग को आदेशित किया गया। जिलाधिकारी ने नगर निगम और लोक निर्माण विभाग को निर्देश दिया कि शहर के भीतर जहां-जहां सड़कें टूटी हुई हैं, वहां शीघ्र पिचिंग कार्य कराया जाए और सड़क चौड़ीकरण के कार्य में तेजी लाई जाए, ताकि त्योहारों के दौरान यातायात बाधित न हो।
बिजली विभाग को निर्देशित किया गया कि शहर में लटक रहे बिजली के तारों को तत्काल ठीक कराया जाए। खुले तार या झूलती केबलें दुर्घटना का कारण बन सकती हैं, इसलिए इस पर विशेष ध्यान देने को कहा गया। साथ ही पेयजल आपूर्ति, सफाई व्यवस्था और स्ट्रीट लाइट की स्थिति की भी समीक्षा की गई।
त्योहारी सीजन में मिलावटखोरी पर रोक लगाने के लिए खाद्य सुरक्षा विभाग को सघन जांच अभियान चलाने के निर्देश दिए गए। मिठाई, खोया, रंग और अअन्य खाद्य सामग्री की जांच नियमित रूप से की जाए। दोषी पाए जाने पर कड़ी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। ट्रैफिक पुलिस को निर्देश दिया गया कि प्रमुख बाजारों, चौराहों और जुलूस मार्गों पर यातायात व्यवस्था सुचारु रखी जाए। अस्थायी पार्किंग स्थल चिन्हित किए जाएं और अवैध पार्किंग पर सख्ती बरती जाए।
ध्वनि प्रदूषण को नियंत्रित करने के लिए डीजे और साउंड सिस्टम निर्धारित मानक के अनुरूप कम ध्वनि स्तर पर बजाने के निर्देश दिए गए। रात्रि में निर्धारित समय सीमा के बाद ध्वनि विस्तारक यंत्रों का प्रयोग न हो, यह सुनिश्चित किया जाए। अलविदा की नमाज के दिन मस्जिदों के आसपास विशेष सतर्कता रखने, यातायात डायवर्जन योजना लागू करने और पर्याप्त पुलिस बल तैनात करने को कहा गया।
बैठक में एसपी नार्थ ज्ञानेंद्र, एसपी सिटी अभिनव त्यागी, एसपी दक्षिणी दिनेश कुमार पुरी, एसपी मंदिर संतोष कुमार, अपर नगर आयुक्त दुर्गेश मिश्रा, सिटी मजिस्ट्रेट उत्कर्ष श्रीवास्तव, एसडीएम सदर दीपक गुप्ता, एसडीएम बांसगांव प्रदीप सिंह एसडीएम सहजनवा केशरी नन्दन तिवारी एसीएम प्रथम प्रशांत वर्मा एसीएम द्वितीय राजू कुमार सीओ कैंट योगेन्द सिंह ,सीओ कोतवाली ओंकार दत्त तिवारी सीओ गोरखनाथ रवि सिंह सीओ कैंपियरगंज अनुराग सिंह सीओ ट्रैफिक विवेक तिवारी विभिन्न विभागों के अधिकारी और सद्भावना समिति के सदस्य उपस्थित रहे। समिति के सदस्यों ने भी सुझाव दिए, जिन पर प्रशासन ने सकारात्मक आश्वासन दिया।
अंत में जिलाधिकारी और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक ने कहा कि गोरखपुर की पहचान आपसी भाईचारे और सामाजिक सौहार्द के लिए है। सभी नागरिक प्रशासन का सहयोग करें, अफवाहों पर ध्यान न दें और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तत्काल पुलिस को दें। उन्होंने स्पष्ट किया कि शांति व्यवस्था भंग करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। प्रशासन की प्राथमिकता है कि होली, रमजान और ईद के सभी पर्व शांति, सुरक्षा और आपसी सद्भाव के साथ संपन्न हों।

एटा में 15 वर्ष पूर्ण कर चुके निजी वाहनों का संचालन प्रतिबंधित

एटा 23 फरवरी उप्रससे। सहायक संभागीय परिवहन अधिकारी सतेन्द्र कुमार ने बताया है कि जनपद एटा के टीटीजेड क्षेत्र (जलेसर, अवागढ़) में पंजीकृत ऐसे सभी निजी वाहन (दो पहिया/चार पहिया, गैर परिवहन वाहन), जिनकी पंजीकरण तिथि से 15 वर्ष की आयु पूर्ण हो चुकी है, उनका संचालन नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल के आदेश दिनांक 20 जुलाई 2016 तथा अध्यक्ष, टीटीजेड प्राधिकरण आगरा द्वारा पारित आदेश के अनुपालन में पूर्णतः प्रतिबंधित किया गया है। ऐसे समस्त वाहनों का पंजीयन मोटर वाहन अधिनियम, 1988 की धारा 53(1) के अंतर्गत निलंबित/निरस्त किए जाने के निर्देश दिए गए हैं।
उन्होंने बताया कि पूर्व में दिनांक 01 नवंबर 2007 से 25 जून 2010 तक पंजीकृत समस्त गैर परिवहन वाहन, जो जनपद एटा में पंजीकृत थे अथवा अन्य जनपद/राज्य से एनओसी लेकर आए थे और जिनकी आयु 25 जून 2010 तक 15 वर्ष पूर्ण हो चुकी थी, कुल संख्या 4533 का संचालन जनपद एटा में किसी भी स्थान अथवा टीटीजेड क्षेत्र में नहीं किया जा सकता। इस संबंध में कार्यालय आदेश के माध्यम से पंजीयन निलंबन/निरस्तीकरण की कार्यवाही की जा चुकी है।
उन्होंने आगे बताया कि वर्तमान में टीटीजेड क्षेत्रांतर्गत दिनांक 17 फरवरी 2011 से पूर्व पंजीकृत 5401 पेट्रोल वाहन एवं 17 फरवरी 2016 से पूर्व पंजीकृत 2162 डीजल वाहनों के स्वामी कार्यालय से एनओसी प्राप्त कर अन्य क्षेत्र अथवा अन्य जनपद में पंजीकरण कराएं। अन्यथा की स्थिति में उपयुक्त क्षेत्रांतर्गत पंजीकृत ऐसे समस्त वाहनों की आरसी निलंबित कर दी जाएगी।
यह भी स्पष्ट किया गया है कि यदि 15 वर्ष पुराने वाहन टीटीजेड क्षेत्र में संचालित पाए जाते हैं तो पुलिस/परिवहन विभाग द्वारा ऐसे वाहनों को निरुद्ध कर आरबीएसएफ केंद्रों के माध्यम से स्क्रैप कर दिया जाएगा।

एटा में बिजली ठीक करने गये लाइनमैन की करंट लगने से मौत

एटा 23 फरवरी उप्रससे। जनपद के मेडिकल कॉलेज में सोमवार सुबह एक लाइनमैन को मृत घोषित कर दिया गया। फिरोजाबाद जिले के नगला सामंती निवासी 26 वर्षीय सौरभ पुत्र नरेश बाबू को गंभीर हालत में परिवार के लोग मेडिकल कॉलेज के इमरजेंसी वार्ड लाए थे। डॉक्टरों ने जांच के बाद उसे मृत घोषित कर दिया।

सौरभ बिजली विभाग में लाइनमैन के पद पर कार्यरत था। सोमवार सुबह वह गांव बिरामपुर में बिजली लाइन पर काम कर रहा था, तभी उसे करंट लग गया। और वह नीचे गिर गया। घटना की सूचना मिलते ही परिजन और ग्रामीण मौके पर पहुंचे और सौरभ को निजी वाहन से एटा मेडिकल कॉलेज ले गए। मौत की खबर सुनकर मृतक के परिवार का रो-रो कर बुरा हाल है।
सूचना पर पहुंची कोतवाली नगर पुलिस ने मामले की जांच पड़ताल की। लेकिन परिजन बिना पोस्टमार्टम कराए ही लाइनमैन सौरभ के शव को घर ले गए।

निरंकारी मिशन का सेवा और समर्पण से सशक्त जल संरक्षण का प्रेरक संकल्प

जल की रक्षा, सृष्टि की सुरक्षा

एटा 22 फरवरी उप्रससे। जल प्रकृति का अमूल्य उपहार है, जीवन की आधारशिला और मानव सभ्यता की जीवन रेखा जब यह जल स्वच्छ और संरक्षित रहता है, तो केवल पर्यावरण ही नहीं, समाज का सामूहिक स्वास्थ्य और संतुलन भी सुदृढ़ होता है। इसी विचार को साकार रूप देते हुए संत निरंकारी मिशन की ब्रांच एटा के निरंकारी श्रद्धालुओं ने संगत इंचार्ज सेवाराम एवं यूनिट नंबर 526 के सेवा दल अधिकारी प्रेमचंद के नेतृत्व में सैकड़ो सेवादारो ने आगरा रोड स्थित हजारा नहर पर स्वच्छ जल.स्वच्छ मन का संदेश को देते हुए सफाई अभियान का आयोजन किया। साथ ही प्राकृतिक जल स्रोतों, नदियों, तालाबों, झीलों और समुद्री तटों की निस्वार्थ भाव से स्वच्छता एवं संरक्षण का व्यापक अभियान आज जन-जन के लिए प्रेरणा का स्रोत बन रहा है। यह पहल केवल सफाई तक सीमित नहीं, बल्कि जागरूकता, जिम्मेदारी और सामूहिक सहभागिता का सशक्त संदेश है।

मीडिया प्रवक्ता अमित कुमार ने जानकारी देते हुए बतायाकि ‘स्वच्छ जल, स्वच्छ मन’ अभियान के चौथे चरण का भव्य एवं प्रेरणास्पद आयोजन सतगुरु माता सुदीक्षा एवं निरंकारी राजपिता रमित के मार्गदर्शन में भारतवर्ष के 25 राज्यों, केन्द्रशासित प्रदेश के 930 शहरों के 1600 से अधिक स्थानों पर सफलतापूर्वक सम्पन्न हुआ, जिसमें लगभग 12 लाख स्वयंसेवक सम्मिलित हुए। यह केवल एक पर्यावरणीय प्रयास नहीं, बल्कि अध्यात्म, सेवा और सामाजिक उत्तरदायित्व का अद्भुत समन्वय था, जो जन-जन के अंतर्मन को स्पर्श करते हुए जागरूकता एवं कर्तव्यबोध की भावना को और अधिक सुदृढ़ बनाता है। संत निरंकारी मिशन की सामाजिक शाखा संत निरंकारी चैरिटेबल फाउंडेशन के तत्वावधान में, बाबा हरदेव सिंह की अनेक शिक्षाओं से प्रेरणा लेते हुए इस ‘प्रोजेक्ट अमृत’ का आयोजन किया गया। यह परियोजना मानवता को प्रकृति के प्रति संवेदनशील बनाते हुए जल संरक्षण, स्वच्छता और पर्यावरण संतुलन के प्रति सामूहिक संकल्प का संदेश देती है।
इसी सेवा भावना को आगे बढ़ाते हुए मिशन द्वारा “संत निरंकारी हेल्थ सिटी” जैसी मानवीय सेवा परियोजनाओं को विकसित किया जा रहा है। यह पहल केवल स्वास्थ्य सुविधाओं का विस्तार नहीं, बल्कि करुणा और समर्पण का जीवंत उदाहरण है। जिस प्रकार ब्रह्मज्ञान आत्मा को शांति प्रदान करता है, उसी प्रकार यह स्वास्थ्य सेवा समाज के प्रत्येक वर्ग को शारीरिक राहत और सशक्त जीवन प्रदान करने का माध्यम बनेगी।

संत निरंकारी चैरिटेबल फाउंडेशन के सचिव ने विस्तृत जानकारी देते हुए बताया कि इस अभियान का शुभारम्भ सेवादल के प्रार्थना गीत से हुआ, जिससे संपूर्ण वातावरण आध्यात्मिक ऊर्जा से ओत-प्रोत हो उठा। इस अवसर पर देशभर में प्रसारित दिशा-निर्देशों का पूर्णतः पालन सुनिश्चित करते हुए सुरक्षा, अनुशासन एवं स्वच्छता को सर्वोच्च प्राथमिकता प्रदान की गई, जो आयोजन की सुव्यवस्थित एवं संस्कारित कार्यशैली को दर्शाता है। इसी अवसर पर खुले प्रांगण में सत्संग कार्यक्रम का भी आयोजन किया गया, जिसमें श्रद्धालुओं ने बड़ी संख्या में सहभागिता की। निःसंदेह, ‘स्वच्छ जल, स्वच्छ मन’ का यह संदेश केवल एक अभियान नहीं, बल्कि एक जीवन-दर्शन है, जो जल की धाराओं में निर्मलता स्थापित करने के साथ ही मन की गहराइयों में चेतना को आलोकित करता है। यही ऊर्जा आने वाली पीढ़ियों के लिए एक संतुलित, सुरक्षित और शाश्वत भविष्य की आधारशिला बनाती है।

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