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एटा में सवर्ण समाज ने यूजीसी कानून के विरोध में सड़क पर पैदल मार्च कर उपजिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपा

January 27, 2026

एटा में सवर्ण समाज ने यूजीसी कानून के विरोध में सड़क पर पैदल मार्च कर उपजिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपा

एटा 27 जनवरी उप्रससे। जनपद में सवर्ण समाज के सैकड़ों लोगों ने यूजीसी कानून के विरोध में प्रदर्शन करते हुए शहीद पार्क से कलेक्ट्रेट तक पैदल मार्च निकाला और उपजिलाधिकारी सतीश कुमार को राष्ट्रपति तथा प्रधानमंत्री के नाम एक लिखित ज्ञापन सौंपा। प्रदर्शनकारियों ने कानून वापस लेने की मांग की।

यूजीसी विरोध में रैली

यूजीसी के विरोध में दिया ज्ञापन

यह प्रदर्शन अखिल भारतीय क्षत्रिय महासभा के जिलाध्यक्ष गजेंद्र सिंह चौहान, मनोज पचौरी और करणी सेना के पदाधिकारियों के संयुक्त नेतृत्व में किया गया। सैकड़ों की संख्या में सवर्ण समाज के लोग शहीद पार्क से कलेक्ट्रेट तक पहुंचे, जहां उन्होंने सरकार विरोधी नारे लगाए। युवाओं ने हाथों में ‘यूजीसी एक्ट बायकॉट’ के पोस्टर थाम रखे थे। प्रदर्शनकारियों ने चेतावनी दी कि यदि कानून वापस नहीं लिया गया तो उग्र आंदोलन किया जाएगा।

अखिल भारतीय क्षत्रिय महासभा के जिलाध्यक्ष गजेंद्र सिंह चौहान ने कहा कि सरकार ने यह कानून बनाकर सवर्ण समाज के बच्चों को ‘स्वघोषित अपराधी’ बना दिया है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार सवर्ण समाज को कुचलने का काम कर रही है। चौहान ने मांग की कि इस कानून को वापस लिया जाए या इसमें संशोधन किया जाए। उन्होंने यह भी सुझाव दिया कि कानून संशोधन समिति में सवर्ण समाज के लोगों को शामिल किया जाए और सवर्ण अभ्यर्थियों के लिए अलग शैक्षणिक संस्थान बनाए जाएं।

January 20, 2026

एटा में चार हत्याओं का कातिल निकला दबा कारोबारी बेटा, 5 साल के मासूम ने दी 4 चिताओं को मुखाग्नि

Kotwali Etah

पुलिस की गिरफ्त में चार हत्याओं का आरोपित

एटा 20 जनवरी उप्रससे। कोतवाली नगर क्षेत्र में दवा कारोबारी बेटा ही अपने मां-बाप, पत्नी और बेटी का कातिल निकला है। पुलिस ने मंगलवार को 24 घंटे के भीतर हत्याकांड का खुलासा कर दिया।

 

अलीगढ़ रेंज के DIG प्रभाकर चौधरी ने बताया- कमल सिंह शाक्य ने ही पिता, मां, पत्नी और छोटी बेटी की बेरहमी से हत्या की थी। बेटी की शादी अगले महीने 11 फरवरी को तय थी। शादी चंडीगढ़ में अनुराग सक्सेना से होनी थी। शादी के लिए चार लाख का इंतजाम नहीं हो पा रहा था। पत्नी कमल सिंह को ताना मारती थी। इसी बात को लेकर सोमवार दोपहर कमल का पत्नी से झगड़ा हुआ था। गुस्से में उसने पहले पत्नी की हत्या की। बाद में माता-पिता और बड़ी बेटी को भी मार दिया। कमल खुद को भी खत्म करना चाहता था।

 

हत्याकांड का खुलासा करते हुए डीआईजी अलीगढ़ प्रभाकर चौधरी ने पुलिस लाइन में अहम 4 बातें बताईं-

1- कमल सिंह ने पिता डॉ. गंगा सिंह शाक्य, मां श्यामा देवी, पत्नी रत्ना देवी और बेटी ज्योति की ईंट से कुचल कर हत्या की थी।

2-बेटी ज्योति शाक्य का चंडीगढ़ में नौकरी करने वाले अनुराग सक्सेना से अफेयर था। वह इंटरकास्ट मैरिज करना चाहती थी।

3- कमल इंटरकास्ट मैरिज के लिए तैयार था। 11 फरवरी को शादी होनी थी। लेकिन कमल 4 लाख रुपए जुटा नहीं पा रहा था।

4- पत्नी रत्ना उसे 4 लाख रुपए जुटा न पाने के लिए ताना मारती थी। झगड़े में वह आपा खो बैठा और हत्याएं कर दीं।

 

 

CCTV फुटेज से खुला राज

 

कमल सिंह शाक्य सोमवार दोपहर खाना खाने घर आया था। CCTV फुटेज के अनुसार, दिन के 12.40 पर आरोपी कमल सिंह शाक्य घर में गया और 1.55 पर घर से बाहर निकला। इसी बीच आरोपी ने हत्या को अंजाम दिया। पहले पत्नी, फिर बेटी, फिर मां और आखिर में पिता को मारा। पिता को सबूत छिपाने के लिए मारा। परिवार के मुखिया गंगा सिंह पिछले दो वर्षों से कैंसर से जूझ रहे थे और उनका इलाज चल रहा था।

 

डीआईजी ने बताया- CCTV, CDR, मेडिकल रिपोर्ट और वैज्ञानिक साक्ष्य के आधार पर कमल सिंह की गिरफ्तारी हुई है। उन्होंने कहा कि इसमें 80 फीसदी साक्ष्य साइंटिफिक एवीडेंस के थे। हत्या के बाद आरोपी कमल सिंह ने घर में खून के छींटे धोए और मेडिकल स्टोर पर चला गया। आरोपी खुद को भी खत्म करना चाह रहा था, लेकिन तभी उसकी बड़ी बेटी लक्ष्मी का फोन आ गया और उसने उनको बुला लिया। आगे की जांच के लिए 4 सदस्यों की टीम गठित की गयी है। जिसमें सीओ सिटी शामिल हैं।

 

पुलिस सुरक्षा के बीच चारों शवों को अंतिम संस्कार के लिए ले जाया गया। जहां 5 साल के देवांश ने अंतिम संस्कार की रस्में पूरी कीं। मासूम देवांश ने अपने दादा-दादी, मां और बड़ी बहन के शवों को मुखाग्नि दी।

 

तीन डॉक्टरों के पैनल से पोस्टमॉर्टम, सिर-चेहरे कुचलकर हत्या की पुष्टि

 

तीन डॉक्टरों के पैनल ने चारों शवों का पोस्टमॉर्टम किया। इनमें डॉ. राजीव किशोर, डॉ. उत्सव जैन और डॉ. श्वेता राजपूत शामिल थे।

 

डॉक्टरों ने बताया कि हमलावरों ने पहले पत्नी रत्ना देवी की हत्या की। इसके बाद बेटी ज्योति को बेरहमी से मारा गया। जब बुजुर्ग मां श्यामा देवी बीच-बचाव के लिए आईं, तो उन पर भी सिलसिलेवार हमले किए गए और उन्हें भी मौत के घाट उतार दिया गया। तीनों महिलाओं के सिर और चेहरे पर गंभीर चोटों के निशान मिले।

 

 

कमल सिंह करता रहा पुलिस को गुमराह

 

आरोपी कमल सिंह चार हत्याएं करने के बाद पुलिस को गुमराह करता रहा। उसके चेहरे पर कोई शिकन नहीं थी। उसने बताया था- दोपहर एक बजे के आसपास मैं अपने मेडिकल स्टोर से खाना खाने घर आया था। दुकान पर बड़ी बेटी लक्ष्मी को बिठाकर आया था। उस समय घर पर सबकुछ ठीक था। सभी लोग घर पर थे। खाना खाने के बाद मैं मेडिकल स्टोर चला गया। वहां से मार्केट चला गया। मेरा बेटा स्कूल से लौटा तो कमरे में पंखा चल रहा था। उसने बरामदे में अपने शूज उतारे और कहने लगा कि ठंड में पंखा कौन चला रहा है। जब कोई जवाब नहीं मिला तो अंदर जाकर देखा। अंदर का मंजर देख उसकी चीख निकल पड़ी। उसने शोर मचाकर लोगों को बुलाया तब हत्याकांड का पता चला।

 

एटा में चार नृशंस कत्ल करने वाला सीसीटीवी में दिखा एक करीबी शख्स

एटा 20 जनवरी उप्रससे। कोतवाली नगर क्षेत्र के गांव नगला प्रेमी में सोमवार दोपहर एक ही परिवार के चार लोगों की बेरहमी से हत्या कर दी गई। अपराधी का मकसद किसी तरह की चोरी या लूट करना नहीं था, हत्या करने के इरादे से ही वह आया था। वारदात के समय आसपास रहने वाले लोगों को भी भनक नहीं लगी।

एटा जिले में एक परिवार के चार लोगों की नृसंशता से कत्ल कर दिया गया। ईंट से चारों का चेहरा और सिर कुचला गया। मृतकों की पहचान करना भी मुश्किल हो रही थी। वारदात का खुलासा उस समय हुआ, जब स्कूल से मासूम घर पहुंचा तो उसने हर तरफ खून ही खून देखा।
एटा के सुनहरी नगर स्थित कलावती सरस्वती शिशु मंदिर स्कूल कक्षा पांच में पढ़ने वाले 12 वर्षीय देवांश ने घर के भीतर ऐसा भयावह नजारा देखा कि रूह कांप गई। स्कूल से छुट्टी के बाद वह हंसी-खुशी घर लौटा। दरवाजा खोलकर जैसे ही अंदर घुसा तो उसकी चीख निकल गई।
सोमवार की सुबह सामान्य दिनों की तरह ही स्कूल गया। वहां पढ़ाई पूरी करने के बाद दोपहर 2 बजे छुट्टी हुई और सीधे अपने घर पर आया। देवांश ने बताया कि गेट खोलकर अंदर पहुंचा बाबा नीचे कमरे में लेटे थे। अम्मा, दीदी, और मम्मी को आवाज लगाई तो कोई जवाब नहीं मिला। ऊपर कमरे का पंखा चलने की आवाज आ रही थी, जो घर्र-घर्र करता है। सोचा कि इतनी ठंड में पंखा कौन चला रहा है? देखने के लिए ऊपर चढ़ा तो वहां कमरे का नजारा देखकर चीख निकल गई।

देवांश ने बताया कि अम्मा और दीदी नीचे लेटी थीं और मम्मी बेड पर लेटी थीं, खून से लथपथ थीं। पूरे कमरे में खून फैला हुआ था। सभी को ईंट से मारा गया। बाबा के बारे में पूछे जाने पर देवांश कुछ नहीं बता सका, उसे पता नहीं था कि बाबा की भी हत्या की गई है। इसके बाद वह बदहवास हालत में बाहर आया और ठीक सामने रहने वाले जसवीर सिंह के घर में गया। जसवीर सिंह ने बताया कि वह जसराना गए थे। पत्नी अनीता को देवांश ने पूरा मामला बताया।
जसवीर ने बताया कि अनीता का फोन आने पर उन्होंने देवांश के पिता कमल सिंह को तीन बार फोन मिलाया लेकिन कॉल रिसीव नहीं हुई। इतनी बड़ी वारदात के बारे में सुनकर वहां से निकल पड़े। यहां पहुंचे तो भीड़, पुलिस और दुख भरा सन्नाटा मिला।

देवांश ने बताया कि बाबा बीमार रहते थे, दादी भी बुजुर्ग थीं। हम बच्चों का आना-जाना रहता था इसलिए मेन गेट का छोटा वाला हिस्सा हमेशा खुला रहता था। इसे बाहर से हम लोग कुंडी लगाकर चले जाते थे और वापस आने पर खुद कुंडी खोलकर घर में अंदर आ जाते थे।

चार लोगों की हत्या की सूचना गंगा सिंह की पौत्री नातिन लक्ष्मी को दी गई जो सुनहरी नगर गेट के सामने पिता कमल सिंह के मेडिकल स्टोर पर बैठी थी। लक्ष्मी ने बताया कि पिता कमल सिंह करीब 12.30 बजे मेडिकल स्टोर से खाना खाने के लिए घर गए थे। इसके बाद किसी कार्य से मंडी की ओर चले गए। मेडिकल स्टोर पर उस समय वह बैठी हुई थी। फोन पर सूचना मिलने के बाद पिता यहां पहुंचे।

एटा के गांव नगला प्रेमी में सोमवार दोपहर एक ही परिवार के चार लोगों की बेरहमी से हत्या कर दी गई। मृतकों में वृद्ध दंपती गंगा सिंह शाक्य (70) व श्यामा देवी (65), पुत्रवधू रत्ना देवी (48) और पौत्री ज्योति (22) शामिल हैं। हत्या के समय यही चारों लोग घर में मौजूद थे। हत्यारे ने घर में घुसने के बाद ईंट से सभी के सिर-चेहरे पर वार कर वारदात को अंजाम दिया। पुलिस जांच में जुटी है।

बेटा के स्कूल से लौटने पर हुआ हत्याकांड का खुलासा

कोतवाली नगर क्षेत्र में शिकोहाबाद रोड स्थित गांव नगला प्रेमी में हुए इस हत्याकांड का खुलासा तब हुआ जब गंगा सिंह शाक्य का 12 वर्षीय नाती देवांश स्कूल से घर लौटा। उसी ने सबसे पहले मृत परिजन को देखा। घर में भूमि तल पर गंगा सिंह और पहली मंजिल पर श्यामा देवी, मां रत्ना देवी और ज्योति को खून से लथपथ देख उसकी चीख निकल गई।

 

चार लोगों की हत्या से क्षेत्र में फैली सनसनी

वह भागकर घर के बाहर आया और लोगों को जानकारी दी। गांव में चार लोगों की हत्या की खबर से सनसनी फैल गई। मामले की सूचना गंगा सिंह की पौत्री नातिन लक्ष्मी को दी गई जो सुनहरी नगर गेट के सामने पिता कमल सिंह के मेडिकल स्टोर पर बैठी थी।
सूचना पाकर अपर पुलिस अधीक्षक श्वेताभ पांडेय भी मौके पर पहुंचे। मौके पर गंगा सिंह, रत्ना देवी और ज्योति मृत हालत में मिले जबकि श्यामा देवी को गंभीर हालत में मेडिकल कॉलेज की इमरजेंसी में भर्ती करवाया गया, जहां उपचार के दौरान उनकी भी मौत हो गई। घटना के बाद एडीजी आगरा अनुपम कुलश्रेष्ठ, डीआईजी अलीगढ़ प्रभाकर चौधरी, एसएसपी श्याम नारायण सिंह भी मौके पर पहुंच गए।

हत्या करने में किसी करीबी का हाथ होने की जतायी जा रही आशंका

वारदात के दौरान घर के किसी भी सामान से कोई छेड़छाड़ नहीं हुई। अपराधी का मकसद किसी तरह की चोरी या लूट करना नहीं था, हत्या करने के इरादे से ही वह आया था। वारदात के समय आसपास रहने वाले लोगों को भी भनक नहीं लगी।
ऐसे में आशंका जताई जा रही है कि घटना में किसी करीबी का हाथ हो सकता है। पुलिस जांच में भी जो तथ्य सामने आए हैं उसमें भी इस तरह के सबूत पाए गए हैं। पुलिस के अनुसार वह खुलासे के काफी करीब तक पहुंच गई है। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, सीसीटीवी में घर में सिर्फ दवा कारोबारी ही प्रवेश करता दिख रहा है। इसके अलावा कोई और नहीं आया।

वर्जन
अनुपम कुलश्रेष्ठ एडीजी आगरा ने बताया कि चार लोगों की हत्या के मामले में गहनता से छानबीन की जा रही है। फॉरेंसिक टीम और डॉग स्क्वॉड ने काफी साक्ष्य जुटा लिए हैं। आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज से जांच काफी सही तरीके से आगे बढ़ रही है। घटना से जुड़े कई महत्वपूर्ण तथ्य मिले हैं। जल्द ही मामले का खुलासा कर दिया जाएगा।

एटा में ट्यूबवेल पर काम करते समय युवक की हाईटेंशन लाइन से मौत

एटा 20 जनवरी उप्रससे। जिले के सकरौली थाना क्षेत्र के इसौली गांव में हाईटेंशन लाइन की चपेट में आने से एक युवक की मौत हो गई। युवक ट्यूबवेल पर लाइन ठीक करने के लिए खंभे पर चढ़ा था।

परिजनों ने मृतक साजिद पुत्र इस्लाम को तत्काल एटा स्थित वीरांगना अवंतीबाई मेडिकल कॉलेज पहुंचाया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।

पुलिस ने मृतक के शव को कब्जे में लेकर पंचनामा की प्रक्रिया पूरी की और पोस्टमार्टम के लिए जिला मुख्यालय भेजा। पुलिस मामले की जांच कर रही है।

मृतक की पत्नी साहिबा बानो ने बताया कि उनके पति को गांव के ही किसी व्यक्ति ने ट्यूबवेल की लाइट ठीक करने के लिए बुलाया था। खंभे पर चढ़ते ही वह हाईटेंशन लाइन की चपेट में आ गए और उनकी मौत हो गई।

January 19, 2026

Etah दिनदहाड़े एक ही परिवार के चार लोगों की हत्या के बाद फैली सनसनी, पुलिस जांच में जुटी

 

एटा 19 जनवरी उप्रससे। कोतवाली नगर क्षेत्र के अंतर्गत गांव नगला प्रेमी में दिनदहाड़े एक ही परिवार के चार लोगों की निर्मम हत्याकांड से सनसनी फ़ैल गई।
हत्याएं इतनी बेरहमी और खौफनाक तरीके से की गई थीं लाशों के आस-पास खून के चीथड़े फैले हुए थे।

गांव नगला प्रेमी में अज्ञात हमलावरों ने घर के अंदर घुसकर पूरे परिवार पर जानलेवा हमला किया और जो मिला उसको मौत के घाट उतार दिया।
इस खौफनाक हत्याकांड में बुजुर्ग गंगा सिंह, उनकी पत्नी श्यामा देवी, पुत्रवधू रत्ना देवी और नातिन ज्योति की मौत हो गई। लाशों को देखकर ऐसा प्रतीत हो रहा था जैसे अज्ञात हत्यारों ने धारदार हथियार के अलावा ईट-पत्थर से उनपर हमला किया गया हो, घटना के बाद से पूरे इलाके में दहशत और सनसनी का माहौल है, गांव में सन्नाटा पसरा हुआ है।
घटना के वक्त मृतक बुजुर्ग गंगा सिंह का नाती स्कूल गया हुआ था, जब वह स्कूल से लौटकर घर पहुंचा और दरवाजा खोला, तो उसने देखा कि भीषण ठंड के बावजूद घर के अंदर पंखा चल रहा था। उसे शक हुआ और वह कमरे के अंदर गया।
देवांश ने बताया कि कमरे के अंदर का मंजर रूह कंपा देने वाला था। दादा-दादी, मां और दीदी चारों फर्श पर खून से लथपथ पड़े थे और पूरे कमरे में चारों ओर खून फैला हुआ था।
यह दृश्य देखकर मासूम देवांश चीखता हुआ घर से बाहर भागा, जिसके बाद मोहल्ले वालों को घटना की जानकारी हुई। इसके बाद पड़ोसियों ने तत्काल घटना की सूचना पुलिस को दी। सूचना पर पहुंची पुलिस ने मौके पर देखा तो बुजुर्ग श्यामा देवी की सांसें चल रही थी पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए उनको मेडिकल कॉलेज पहुंचाया लेकिन उन्होंने भी वहां पहुंचने के बाद दम तोड़ दिया।
पुलिस द्वारा घर की घेराबंदी कर हर एंगल से जांच शुरू कर दी गई है, तमाम सीसीटीवी फुटेज को खंगाला जा रहा है।
हालांकि इस खौफनाक हत्याकांड को क्यों और किसने अंजाम दिया पुलिस जांच के बाद ही पता चल सकेगा?

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