नई दिल्ली, 29 जनवरी 2026, विवादित यूजीसी नियमों पर सर्वोच्च न्यायालय ने रोक लगा दी है। इस मामले पर अगली सुनवाई 12 मार्च को होगी।
नियमों के खिलाफ दायर रिट याचिका की सुनवाई मुख्य न्यायाधीश जस्टिस सूर्यकांत और जस्टिस जयमालया बागची ने की। अग्रिम निर्णय तक यूजीसी के 2012 में अधिसूचित नियम ही लागू रहेंगे। सर्वोच्च न्यायालय ने केंद्र सरकार और यूजीसी को नोटिस जारी किया है।
ज्ञातव्य है कि 13 जनवरी को विश्वविद्यालय अनुदान आयोग ने विनियम 2026 जारी किए थे। इनकी धारा 3 सी पर विवाद था। इस मामले को लेकर अधिवक्ता विनीत जिंदल ने याचिका दायर की थी।
UGC Rules stayed by Supreme court
जानकारी के अनुसार अजित पवार आज सुबह बारामती में एक मीटिंग के लिए गए थे। सुबह 8 बजकर 45 मिनट पर उनका प्राइवेट चार्टर विमान लैंडिंग करते समय दुर्घटना ग्रस्त हो गया। दुर्घटना में गंभीर रूप से घायल हुए अजित पवार, उनके पीएसओ, सहयोगी, दो क्रू मेंबर और एक अन्य को गंभीर रूप से घायल अवस्था में चिकित्सालय लाया गया, जहां चिकित्सकों ने सभी को मृत घोषित कर दिया।
#अजित पवार #Ajit Pawar #Planecresh
1881254_UGC-Promotion-of-Equity-in-HEIs-Regulations-2026(1)
नियम पढ़ने के लिए लिंक पर दो बार क्लिक करें
नई दिल्ली, 27 जनवरी 2016, विश्वविद्यालय अनुदान आयोग University Grants commission UGC ने 13 जनवरी को अधिसूचित नियमों को 14 जनवरी को जारी के दिया।
🖇️Read the UGC Regulations: ugc.gov.in/pdfnews/188125…

नगर मैजिस्ट्रेट बरेली अलंकार अग्निहोत्री पद से त्यागपत्र देने के बाद सरकारी आवास के बाहर पोस्टर प्रदर्शित करते हुए।
बरेली Bareilly, 26 जनवरी 2026, विश्विद्यालय अनुदान आयोग University Grants commission (UGC) Rules 2026 के नए नियम के विरोध में PCS Officer पीसीएस अधिकारी और यहां City Magistrate नगर मैजिस्ट्रेट के पद पर तैनात Alankar Agnihotri अलंकार अग्निहोत्री ने पद से त्यागपत्र दे दिया है।
राज्यपाल और मुख्य निर्वाचन अधिकारी को भेजे पत्र में श्री अग्निहोत्री ने यूजीसी नियमों को सवर्ण छात्रों, छात्राओं के लिए उत्पीड़नकारक बताया है। उन्होंने त्यागपत्र में केंद्र और राज्य की भाजपा सरकारों की आलोचना की है। इतना ही नहीं भारतीय जनता पार्टी को विदेशी जनता पार्टी कहा है, तथा एक वैकल्पिक राजनीतिक दल की बात कही है।
श्री अलंकार 2019 बैच के पीसीएस अधिकारी हैं। उन्होंने बीएचयू आईआईटी से बी टेक किया है। श्री अग्निहोत्री के इस्तीफे पर अभी तक शासन की ओर से कोई प्रतिक्रिया नहीं आई है।
