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शाहजहांपुर में कलश-यात्रा से पावन हुई मुमुक्षु धरा

February 24, 2026

शाहजहांपुर में कलश-यात्रा से पावन हुई मुमुक्षु धरा

Posted on 24.02.2026 Tuesday, Time 07.22 PM, Shahjahanpur, Mumuksh Mahotsav

रामकथा के शुभारंभ का गूंजा जयघोष*

(संजीव गुप्त)

शाहजहांपुर, 24 फरवरी। संत शुकदेवानंद जी महाराज द्वारा रोपित तथा स्वामी चिन्मयानंद सरस्वती जी द्वारा पुष्पित-पल्लवित पुण्यभूमि मुमुक्षु आश्रम में संत विजय कौशल जी की श्री रामकथा का शुभारंभ भव्य और भावपूर्ण कलश-यात्रा के साथ हुआ।

मुमुक्ष महोत्सव शाहजहांपुर शोभा यात्रा

कथा आयोजन से पूर्व श्रद्धा और सौभाग्य की प्रतीक पीत-वस्त्र धारण किए हुए 51 महिलाओं ने कलश यात्रा प्रभारी डा. कविता भटनागर के नेतृत्व में श्री शंकर मुमुक्षु विद्यापीठ से एस.एस. कॉलेज मैदान में निर्मित कथा-पंडाल तक मंगल कलश-यात्रा निकाली। सिर पर पवित्र जल से भरे कलश, अधरों पर राम-नाम और चरणों में भक्ति की लय—यह यात्रा मानो जनमानस की आस्था का सजीव प्रतीक बन गई।

यात्रा के अग्रभाग में पुरोहितों द्वारा उच्चारित वैदिक मंत्रोच्चार से दिशाएं पवित्र हुईं, तो पीछे पीछे मुख्य कलश लेकर जब डा. कविता भटनागर और श्रद्धालु महिलाओं की कतार चली तो वातावरण को भक्ति-रस से सराबोर कर दिया। रास्ते में मुमुक्षु शिक्षा संकुल के अधिष्ठाता स्वामी चिन्मयानंद सरस्वती,एमएलसी जयपाल सिंह व्यस्त, सचिव प्रो अवनीश मिश्रा, प्राचार्य प्रो आर के आजाद आदि ने कलश यात्रा का पुष्प वर्षा कर स्वागत किया।शंखध्वनि, मंगल गान और एसएसएमवी के बच्चों की मधुर धुन के जयघोष के साथ कलश-यात्रा जब कथा-पंडाल पहुंची, तो सम्पूर्ण परिसर राममय हो उठा। रास्ते में छात्राओं ने कलश यात्रा पर पुष्प वर्षा की।

कलश-यात्रा के समापन के उपरांत विधिवत पूजन-अर्चन के साथ रामकथा का शुभारंभ हुआ। कलश यात्रा में डा. बरखा सक्सेना, डॉ. दीप्ति गंगवार ,डॉ. विनीता राठौर, डॉ.अन्जू लता अग्निहोत्री ,डॉ.पूजा बाजपेई  डॉ.शिवांगी शुक्ला , सीतू शुक्ला ,रश्मि राठौर ,ममता सिंह ,काजल  विभिन्न विद्यालय की शिक्षिकाओं का सहयोग रहा।

संतों ने बधाई मुमुक्ष महोत्सव की शोभा

Posted on 24.02.2026 Tuesday, Time 07.22 PM, Shahjahanpur, Mumuksh Mahotsav

(संजीव गुप्ता द्वारा )

शाहजहांपुर, 24 फरवरी. आध्यात्मिक माहौल में रंगे हुए परिसर की शोभा भारत के विभिन्न स्थानों से पधारे पूज्य संतों की उपस्थिति से कई गुना बढ़ गई। इस अवसर पर अमरकंटक से पधारे महामंडलेश्वर श्री हरिहरानंद जी महाराज, कनखल (हरिद्वार) से पधारे अनंत श्री स्वामी अभेदानंद सरस्वती जी महाराज, गढ़मुक्तेश्वर से पधारे अनंत श्री स्वामी सर्वेश्वरानंद सरस्वती जी महाराज एवं ऋषिकेश से पधारे स्वामी गंगेश्वरानंद जी महाराज भक्तों को अपना आशीष प्रदान करने के लिए उपस्थित रहे।

रामनाम की गूंज से गुंजायमान हुई नगरी*

श्रीरामकथा से पूर्व निकली भव्य मोटरसाइकिल यात्रा*

श्री राम कथा से पूर्व नगर में श्रद्धा, उत्साह और भक्ति के साथ रामकथा संदेशवाहन यात्रा निकाली गई। यह यात्रा शहर के खिरनी बाग मैदान से आरंभ हुई और सदर,बहादुरगंज,घंटाघर ,चौक,चारखंभा सहज मार्ग जंक्शन होती हुई मुमुक्षु आश्रम पहुंची ।यहां मुमुक्षु शिक्षा संकुल के मुख्य अधिष्ठाता स्वामी चिन्मयानंद सरस्वती, प्रबंध समिति के सचिव प्रो अवनीश मिश्रा व एस एस कालेज के प्राचार्य प्रो. आर के आजाद ने पूरी यात्रा में बाइक पर सवार होकर चले ददरौल विधायक अरविंद सिंह व अन्य यात्रियों का पुष्प वर्षा कर स्वागत किया। राम यात्रा जब शहर में चली तो पूरे नगर में धर्म-संस्कृति का संदेश प्रवाहित करती रही।

“जय श्री राम” के गगनभेदी उद्घोष के साथ नगर के युवा तथा मुमुक्षु शिक्षा संकुल के शिक्षक हाथों में भगवा ध्वज धारण किए हुए यात्रा में सहभागी बने। केसरिया पताकाएं धर्मध्वजा के रूप में लहराती रहीं और वातावरण राम मय होता चला गया।

यात्रा के अग्रिम पंक्ति में चल रहे डीजे वाहन से प्रसारित गीत “राम जी की सेना चली” ऐसा प्रतीत हो रहा था मानो भगवान श्रीराम की विजय यात्रा का शंखनाद हो रहा हो। संगीत की लय पर थिरकती मोटर साइकिलों पर सवार रामभक्त और रामनाम का घोष नगरवासियों को भक्ति रस में सराबोर करता रहा।

यह यात्रा न केवल रामकथा के शुभारंभ का निमंत्रण थी, बल्कि धर्म, संस्कृति और युवा चेतना के संगम का जीवंत उदाहरण भी बनी। मार्ग में श्रद्धालुओं ने पुष्पवर्षा कर यात्रा का स्वागत किया ।

रामकथा यात्रा में  प्रभारी डाॅ. आलोक कुमार सिंह ,सह प्रभारी डाॅ.प्रांजल शाही ,डाॅ. प्रमोद यादव , डा. कमलेश गौतम, डॉ जयशंकर ओझा, डॉ पवन गुप्ता, दुर्ग विजय, मृदुल पटेल, अमित कुमार, डा. गौरव सक्सेना,डा. रुपक श्रीवास्तव  नीलू कुमार ,अखिलेश कुमार, राजनन्दन सिंह राजपूत, डाॅ. अजय वर्मा, डाॅ.बृज निवास , राम औतार सिंह ,अभिजीत मिश्रा,डाॅ. संदीप दीक्षित आदि का विशेष सहयोग रहा।

पंचांग: 24 फरवरी, 2026 मंगलवार

Panchang 24 February 2026, Tuesday

होलिका दहन का शुभ मुहूर्त घोषित

सम्वत 2082 में चंद्र ग्रहण व होलिका दहन का निर्णय घोषित
Posted on 24.02.2026 Tuesday, Time 05.40 AM Hathras, Holika Dahan Muhurt, Chandra Grahan

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यूपी वेब न्यूज

हाथरस। विक्रम संवत 2082 के फाल्गुन मास में चंद्र ग्रहण और होलिका दहन को लेकर विशेष धार्मिक स्थिति बन रही है। शिव शक्ति आराधना ज्योतिष केन्द्र के ज्योतिषाचार्य पंडित खगेन्द्र शास्त्री के अनुसार 3 मार्च 2026 को फाल्गुन शुक्ल पूर्णिमा पर चंद्र ग्रहण दोपहर 2:14 बजे से शाम 6:50 बजे तक रहेगा। सूतक काल प्रातः 6:15 बजे से प्रभावी होगा।
ग्रहण के कारण पूर्णिमा प्रदोष काल में व्याप्त न रहने से होलिका दहन 2 मार्च 2026 को शास्त्रसम्मत माना गया है। भद्रा शाम 5:30 बजे से प्रारंभ होगी, इसलिए भद्रा पुच्छ में मध्यरात्रि 2:30 बजे दहन का मुहूर्त निर्धारित किया गया है। होलिका पूजन 2 मार्च को सुबह 10 बजे के बाद किया जा सकेगा।

February 20, 2026

रामचंद्र मिशन आश्रम में बसंत उत्सव के तीसरे चरण का आध्यात्मिक उद्घोष

शांति, श्रद्धा और साधना का संगम

देश विदेश के हजारों अभ्यासियों ने किया गुरुसत्ता को प्रणाम
( संजीव गुप्त द्वारा )
शाहजहांपुर। श्री राम चन्द्र मिशन के अध्यक्ष एवं हार्टफुलनेस मेडीटेशन के वैश्विक मार्गदर्शक कमलेश डी. पटेल ‘दाजी’ के सान्निध्य और मार्गदर्शन में राम चन्द्र मिशन आश्रम में आयोजित बसंत उत्सव–2026 के तीसरे चरण का आज शुभारंभ हुआ।
प्रातःकाल उत्सव का शुभारंभ सामूहिक ध्यान साधना से हुआ। देश–विदेश से पधारे हजारों अभ्यासियों ने एकात्म भाव से ध्यान कर मानव कल्याण और विश्व शांति की मंगल कामना की। आश्रम परिसर शांति, श्रद्धा और साधना से आलोकित हो उठा।
इस अवसर पर पूज्य दाजी ने अपने संदेश में कहा कि आध्यात्मिक मार्ग पर अहंकार सबसे सूक्ष्म अवरोध है,क्योंंकि वह स्वयंं को मार्ग के रूप मेंं ही प्रस्तुत कर देता है। जिस साधक ने वर्षोंं की साधना संंचित की हो शास्त्रोंं का अध्ययन किया हो समुदाय का सम्मान प्राप्त किया हो और जो समर्पप तथा विनम्रता पर धारा प्रवाह बोल सकता हो वही साधक अहंंकार की कुटिल चालोंं के प्रति सबसे अधिक असुरक्षित होता है। ये उपलब्धियाँँ अपने आप मेंं झूठू नहींं हैंं संकट तब उत्पन्न होता है जब इनका संंचय एक पहचान बन जाता है और पहचान चाहे वह कितनी ही आध्यात्मिक आवरण मेंं क्योंं न सुसज्जित हो अंंततः अहंंकार ही है।बसंत उत्सव के अंतर्गत आश्रम परिसर में श्रद्धा, साधना और शांति का दिव्य वातावरण रहा।इस दौरान दाजी ने लालाजी महाराज और बाबूजी महाराज की प्रतिमाओं को अभ्यासियों को वितरित किया।
सायंकालीन ध्यान सत्र में भी पूज्य दाजी ने साधकों को ध्यान कराया, जिससे वातावरण और अधिक आध्यात्मिक ऊर्जा से परिपूर्ण हो उठा।
आयोजन को सफल बनाने में कान्हा आश्रम प्रबंधक विनीत राणावत, सर्वेश चंद्रा, माधो गोपाल अग्रवाल, ए.के. गर्ग, माधो गोपाल अग्रवाल,श्री गोपाल अग्रवाल, सुयश सिन्हा, हर्षवर्धन अग्रवाल, ममता सिंह, राज गोपाल अग्रवाल, प्रमोद कुमार सिंह,शुभम सक्सेना, जोन प्रभारी सौमेंद्र त्यागी, माया सिंह, बबिता यादव,बेबी राज, कुमार अभय,देवतोष श्रीवास्तव,सहित अनेक साधकों का योगदान रहा।

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