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गोरखपुर में फिर मिला कुआनो नदी में शव, इलाके में सनसनी*

February 25, 2026

गोरखपुर में फिर मिला कुआनो नदी में शव, इलाके में सनसनी*

Santosh Kumar Singh
Gorakhpur
25/02/2026

*गोरखपुर।* गोरखपुर जनपद के बेलघाट थाना क्षेत्र अंतर्गत रसूलपुर माफी गांव के सामने कुआनो नदी में एक व्यक्ति का शव मिलने से क्षेत्र में दहशत और सनसनी का माहौल बन गया। लगातार नदी में शव मिलने की घटनाओं से ग्रामीणों में भय व्याप्त है।

जानकारी के अनुसार सुबह ग्रामीणों ने नदी में एक शव उतराता देखा और तत्काल पुलिस को सूचना दी। मौके पर पहुंची पुलिस ने शव को बाहर निकलवाकर जांच शुरू की। बाद में मृतक की पहचान अमरजीत पुत्र चुन्नीलाल, निवासी दुघरा गांव, थाना उरूवा क्षेत्र के रूप में हुई।

घटना की सूचना मिलते ही परिजनों में कोहराम मच गया। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। मौत के कारणों का अभी स्पष्ट पता नहीं चल सका है।

पुलिस का कहना है कि हर एंगल से जांच की जा रही है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही साफ हो पाएगा कि मामला हादसा है, आत्महत्या है या फिर किसी अन्य कारण से जुड़ा हुआ है।

घटना के बाद पूरे क्षेत्र में चर्चाओं का बाजार गर्म है।

ऑनलाइन ठगी का शिकार हुए युवक को मिली राहत, 29,882.40 रुपये वापस दिलाए*

Santosh Kumar Singh
GORAKHPUR
25/02/2026

गोरखपुर।थाना चिलुआताल पुलिस ने ऑनलाइन साइबर ठगी के शिकार एक पीड़ित को बड़ी राहत दिलाते हुए उसके खाते में ₹29,882.40 रुपये वापस कराए हैं। साइबर अपराधों पर प्रभावी अंकुश लगाने के अभियान के तहत की गई त्वरित कार्रवाई से यह सफलता मिली।
जानकारी के अनुसार, पीड़ित ने थाना चिलुआताल में प्रार्थना पत्र देकर बताया कि उसे एक साइबर अपराधी ने फोन कर झांसा दिया कि उसका भाई, जो विदेश में रहता है, गिरफ्तार कर लिया गया है और उसे छुड़ाने के लिए तत्काल ₹30,000 भेजने होंगे। भाई की सुरक्षा को लेकर चिंतित पीड़ित ने विश्वास कर बताए गए खाते में 30,000 रुपये ट्रांसफर कर दिए। बाद में उसे एहसास हुआ कि वह साइबर ठगी का शिकार हो गया है।
मामले की सूचना मिलते ही थाना चिलुआताल की साइबर टीम ने तत्परता दिखाते हुए राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराई और संबंधित खाते को होल्ड कराया। इसके बाद न्यायालय के आदेश पर पीड़ित के खाते में कुल ₹29,882.40 (उनतीस हजार आठ सौ बयासी रुपये चालीस पैसे) वापस करा दिए गए।
पुलिस की इस त्वरित कार्रवाई से पीड़ित ने राहत की सांस ली और पुलिस टीम का आभार व्यक्त किया।
पुलिस ने आमजन से अपील की है कि किसी भी अज्ञात कॉल, मैसेज या सोशल मीडिया संदेश पर बिना सत्यापन के पैसे ट्रांसफर न करें। किसी भी प्रकार की साइबर ठगी होने पर तुरंत 1930 हेल्पलाइन नंबर पर कॉल करें या राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराएं।

नौकरी दिलाने के नाम पर 5.45 लाख की ठगी, आरोपी गिरफ्तार*

Santosh kumar singh
Gorakhpur
25/02/2026

गोरखपुर।थाना झंगहा पुलिस ने नौकरी दिलाने के नाम पर लाखों रुपये की धोखाधड़ी करने वाले एक आरोपी को गिरफ्तार किया है। आरोपी पर वादी से 5,45,000 रुपये लेकर फर्जी नियुक्ति पत्र देने का आरोप है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, पीड़ित की तहरीर के आधार पर थाना झंगहा में मु0अ0सं0 511/2025 धारा 319(2), 318(4), 316(2), 338, 336(3), 340(2), 351(3) बीएनएस के तहत मुकदमा पंजीकृत किया गया था। आरोप है कि अभियुक्त ने नौकरी दिलाने का झांसा देकर वादी से 5 लाख 45 हजार रुपये वसूल किए और कूटरचित दस्तावेज तैयार कर फर्जी नियुक्ति पत्र थमा दिया।
मामले की जांच के दौरान पुलिस ने आरोपी चन्द्रशेखर राजभर पुत्र शिवराज राजभर निवासी शिवपुरा कौड़िपुरा, पोस्ट रामपुर रकबा, थाना चौरी चौरा, जनपद गोरखपुर को गिरफ्तार कर लिया।
पुलिस द्वारा आरोपी के विरुद्ध अग्रिम विधिक कार्यवाही की जा रही है।
पुलिस ने युवाओं से अपील की है कि नौकरी के नाम पर किसी भी व्यक्ति को बिना सत्यापन के धनराशि न दें और किसी भी प्रकार की धोखाधड़ी की सूचना तत्काल पुलिस को दें।

एटा में चौराहे पर ढाई फीट के यूट्यूबर संग रील बनाने पर ट्रैफिक सब-इंस्पेक्टर निलंबित

ट्रैफिक सब-इंस्पेक्टर पर कार्रवाई

एटा 25 फरवरी उप्रससे। जनपद में एक वायरल रील ने ट्रैफिक विभाग में हलचल मचा दी। ड्यूटी पर तैनात ट्रैफिक सब-इंस्पेक्टर सुरेश बाबू के साथ एक यूट्यूबर द्वारा बनाई गई रील सोशल मीडिया पर वायरल होते ही वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक ने तत्काल प्रभाव से उन्हें निलंबित कर दिया। वीडियो में सोशल मीडिया पर लोकप्रिय यूट्यूबर ‘छोटा ऊदल’ टीएसआई के पैर छूते नजर आ रहा है, जबकि बैकग्राउंड में आल्हा ऊदल का गीत बज रहा है।

यह रील एटा शहर के पंडित दीनदयाल चौराहे पर बनाई गई बताई जा रही है। वीडियो में टीएसआई सुरेश बाबू ड्यूटी के दौरान खड़े दिख रहे हैं। तभी ‘छोटा ऊदल’ नाम से मशहूर यूट्यूबर उनके पास पहुंचता है और पैर छूने का अभिनय करता है। छोटा ऊदल अपने छोटे कद और हास्य शैली के कारण सोशल मीडिया पर काफी लोकप्रिय है। लेकिन ड्यूटी के दौरान इस तरह की रील बनना विभागीय अनुशासन पर सवाल खड़े कर गया।
रील के वायरल होते ही मामले ने तूल पकड़ लिया। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक श्याम नारायण सिंह ने इसे गंभीरता से लेते हुए टीएसआई सुरेश बाबू को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया।
पुलिस सूत्रों का कहना है कि ड्यूटी के दौरान सोशल मीडिया कंटेंट बनाना और अनुशासनहीनता बर्दाश्त नहीं की जाएगी। हालांकि वीडियो कब बनाया गया, इसकी स्पष्ट जानकारी सामने नहीं आई है।

घटना के बाद पुलिस महकमे में चर्चा है कि क्या ड्यूटी के दौरान इस तरह की रील बनाना आचार संहिता का उल्लंघन है? क्या संबंधित अधिकारी की जानकारी में वीडियो बनाया गया या यह अचानक की गई हरकत थी? फिलहाल विभागीय जांच की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई तय होगी। इस कार्रवाई को पुलिस विभाग का सख्त संदेश माना जा रहा है कि सोशल मीडिया की लोकप्रियता के लिए वर्दी की गरिमा से समझौता स्वीकार नहीं किया जाएगा। एटा में यह मामला चर्चा का विषय बना हुआ है। अब सबकी नजर जांच के नतीजों पर टिकी है।

मुमुक्षु महोत्सव के दूसरे दिन भी दिखा श्रद्धा, भक्ति एवं उल्लास का संगम

( संजीव गुप्त द्वारा )
*गुरुपूजन*
मुमुक्षु आश्रम में चल रहे मुमुक्षु महोत्सव के द्वितीय दिवस का शुभारंभ गुरु पूजन कार्यक्रम से हुआ। अमरकंटक से पधारे महामंडलेश्वर स्वामी हरिहरानंद जी महाराज के द्वारा स्वामी शुकदेवानंद की प्रतिमा के समक्ष गुरुपूजन किया गया। पूजन कराने वालों में आदेश पांडेय, ललित शुक्ला आदि रहे। इस अवसर पर अनंत श्री स्वामी अभेदानंद सरस्वती जी महाराज, अनंत श्री स्वामी सर्वेश्वरानंद सरस्वती जी महाराज एवं स्वामी गंगेश्वरानंद जी महाराज उपस्थित रहे। पूजन के उपरांत रुद्राष्टाध्यायी के पाठ के साथ रुद्र महायज्ञ प्रारंभ हुआ।

*श्रीरामकथा*

*’देखि सुदामा की दीन दसा, करुना करिके करुनानिधि रोये..”*
*श्रीकृष्ण व सुदामा के मिलन का प्रसंग सुन भक्त हुए भावुक*

*शिव पार्वती विवाह प्रसंग ने श्रोताओं का ध्यान खींचा*
दूसरे दिन श्री राम कथा का शुभारंभ हनुमान स्तुति एवं “श्री राम जय राम जय जय राम..” भजन के साथ हुआ। कथा व्यास श्री विजय कौशल जी महाराज ने कहा कि यदि जीवन में श्रद्धा है तो संत स्वयं चले आते हैं, उन्हें बुलाने की आवश्यकता नहीं पड़ती। शिव पार्वती प्रसंग को आगे बढ़ाते हुए कथाव्यास ने कहा कि नारद ने पार्वती की हस्तरेखाओं को देखकर कहा कि यदि वे गहन तप करें तो शिव उन्हें पति के रूप में प्राप्त होंगे। इस पर पार्वती की मां मैना चिंतित हो उठीं कि उनकी बेटी इतनी कम उम्र में तप कैसे करेगी। इस पर देवर्षि नारद ने कहा कि वरण एवं मरण व्यक्ति को स्वयं ही तय करने पड़ते हैं। उन्होंने मैना को समझाया कि पार्वती साक्षात जगदंबा है एवं शिव ही उनके पति होंगे। इसके बाद कथाव्यास ने शिव पार्वती विवाह का प्रसंग बड़े ही मनमोहक अंदाज में सुनाया। उन्होंने कहा कि पार्वती की कठोर तपस्या के उपरांत भगवान शिव ने उनका प्रेम स्वीकार किया।भगवान शिव की बारात में उनके अघोरी रूप, भस्म लेपन, गले में सांप और भूत-प्रेतों की टोली देखकर पार्वती की मां मैना और अन्य लोग डर से मूर्छित हो गए थे। बाद में माता पार्वती के अनुरोध पर शिवजी ने सुंदर रूप धारण किया। अंततः उनका विवाह विधि विधान से संपन्न हुआ।
इसके आगे कथाव्यास ने भगवान श्रीकृष्ण एवं सुदामा के मिलन का मार्मिक प्रसंग बड़े ही प्रभावशाली लहजे में श्रोताओं के समक्ष रखा। उन्होंने बताया कि जैसे ही श्रीकृष्ण को सुदामा के आगमन की सूचना मिली, वे तुरंत सिंहासन छोड़कर दौड़े चले आए। सुदामा की दीन हीन दशा देखकर कृष्ण की आंखों से आंसू गिरने लगे और उन आंसुओं से ही सुदामा के चरण धुल गए। सुदामा के पैरों में चुभे कांटों को कृष्ण ने अपने दांतों से खींचकर निकाला।
“हाय महादुख पायो सखा, तुम आए इतै न कितै दिन खोए।
देखि सुदामा की दीन दसा, करुना करिके करुनानिधि रोए।
पानी परात को हाथ छुयो नहि, नैनन के जल सों पग धोए।”
यह भजन सुनकर श्रोताओं की आंखों में आंसू उतर आए।

*पूजन, आरती एवं प्रसाद वितरण*
श्री संजीव बंसल एवं श्रीमती कल्पना बंसल दूसरे दिन कथा के मुख्य यजमान रहे। इसके अतिरिक्त कॉलेज के प्राचार्य प्रोफेसर आर के आजाद एवं श्रीमती रश्मि आजाद ने भी पूजन एवं आरती की। “हे राजा राम तेरी आरती उतारूँ..” की धुन से पूरा माहौल भक्तिमय हो गया। प्रसाद वितरण कॉलेज के क्रीड़ा सचिव प्रोफेसर अजीत सिंह चारग की ओर से हुआ।

*ये रहे उपस्थित*
कथा के दौरान मंच पर मुमुक्षु शिक्षा संकुल के मुख्य अधिष्ठाता स्वामी चिन्मयानंद सरस्वती, स्वामी हरिहरानंद, स्वामी सर्वेश्वरानंद एवं स्वामी गंगेश्वरानंद उपस्थित रहे। इसके अतिरिक्त शाहजहांपुर के नगर आयुक्त डॉ विपिन कुमार मिश्रा, एडवोकेट बृजेश पांडेय, डॉ के. के. शुक्ला, डॉ सत्य प्रकाश मिश्रा, श्री रामचंद्र सिंघल, श्री श्याम कटियार, श्री अशोक अग्रवाल मोती, प्रबंध समिति के सचिव प्रो अवनीश मिश्रा, प्रो प्रभात शुक्ला, प्रो मधुकर श्याम शुक्ला, प्रो आदित्य सिंह, डॉ आलोक सिंह, डॉ रामनिवास गुप्ता सहित श्रद्धालुओं की भारी भीड़ मौजूद रही।

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